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शहरी निकायों के विकास की गति देने के लिए दो दिवसीय कार्यशाला कल से

भोपाल.  प्रदेश के शहरी निकायों के विकास की गति को तेज करना और उन्हें वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय 16 अप्रैल, गुरुवार को भौरी स्थित सुंदरलाल पटवा नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन मैनेजमेंट (SPNIUM) में दो दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का औपचारिक शुभारंभ करेंगे। इस कार्यशाला का प्राथमिक लक्ष्य नगरीय निकायों में राजस्व संवर्धन, शहरी सुधारों और सतत् वित्तीय प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं पर गंभीर विचार-विमर्श करना है। अपर मुख्य सचिव संजय दुबे कार्यशाला में विभागीय सुधारों पर अपना मार्गदर्शन  प्रदान करेंगे। नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त संकेत भोंडवे ने कार्यक्रम की रूपरेखा के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि 16 और 17 अप्रैल को आयोजित होने वाली कार्यशाला के दौरान मध्यप्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों से आए विषय विशेषज्ञ, अनुभवी अधिकारी और शहरी नियोजन के जानकार अपने नवाचारों और अनुभवों को साझा करेंगे। यह आयोजन प्रदेश के नगरीय निकायों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में एक प्रभावी मंच सिद्ध होगा। कार्यशाला के विभिन्न तकनीकी सत्रों में शहरी सुधार से जुड़े अत्यंत महत्वपूर्ण विषयों पर केंद्रित प्रस्तुतियां दी जाएंगी। इसमें मुख्य रूप से निकायों की खाली भूमि के आर्थिक उपयोग (लैंड मोनेटाइजेशन), शोधित जल (ट्रीटेड वाटर) के पुन: उपयोग की संभावनाओं, संपत्ति कर (प्रॉपर्टी टैक्स) संग्रहण में सुधार और लीज रेंट जैसे विषयों को शामिल किया गया है। साथ ही, कार्यप्रणाली में आधुनिकता और पारदर्शिता लाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी (IT) आधारित टूल्स, जैसे यूसीएफ, एईबीएएस और स्पैरो के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत जानकारी दी जाएगी, ताकि प्रशासनिक कार्यों को और अधिक सुगम और उत्तरदायी बनाया जा सके। कार्यशाला का प्रमुख आकर्षण विभिन्न नगर निकायों द्वारा सफलतापूर्वक अपनाई जा रही सर्वश्रेष्ठ कार्यप्रणालियों (Best Practices) का आदान-प्रदान होगा। इसके माध्यम से अन्य निकायों को सफल आर्थिक और प्रशासनिक मॉडलों को समझने और उन्हें अपने स्थानीय स्तर पर लागू करने में मदद मिलेगी। इससे न केवल निकायों की वित्तीय स्थिति सुदृढ़ होगी, बल्कि शहरी विकास की परियोजनाओं को भी नई ऊर्जा मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के संवाद से स्थानीय निकायों के राजस्व में वृद्धि के साथ-साथ नागरिक सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा। इस महत्वपूर्ण कार्यशाला में मध्यप्रदेश के उन सभी नगरीय निकायों के वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे जिनकी जनसंख्या एक लाख से अधिक है। इसके साथ ही, विभाग के नवनियुक्त मुख्य नगर पालिका अधिकारियों (CMOs) को भी इस आयोजन का हिस्सा बनाया गया है, ताकि वे अपने सेवा काल के शुरुआती दौर में ही शहरी प्रबंधन की आधुनिक बारीकियों और वित्तीय अनुशासन से परिचित हो सकें। यह कार्यशाला प्रदेश के शहरी नियोजन को एक नई ऊंचाई पर ले जाने और 'आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश' के संकल्प को पूरा करने की दिशा में एक सार्थक कदम साबित होगी।

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का दावा, सचिवालय को विधानसभा जैसा बनाने से प्रदेश पहुंचेगा नई ऊंचाई

भोपाल मध्य प्रदेश विधानसभा की कार्यवाही शुक्रवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गई। 22 विभागों की अनुदान मांगों पर चर्चा के बिना ही सरकार ने वर्ष 2026-27 का बजट पारित करने के लिए विनियोग विधेयक प्रस्तुत किया। कांग्रेस के सदस्यों ने चर्चा के अवसर न दिए जाने के विरोध में बहिर्गमन कर दिया। इस बीच 4,38,417 करोड़ का बजट पारित कर दिया गया। इस दौरान संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि जितना अच्छा विधानसभा सचिवालय है, यदि उतना अच्छा सरकार का सचिवालय भी हो जाए तो पता नहीं यह प्रदेश किस ऊंचाई तक पहुंच जाए। प्रदेश की विधानसभा की परंपरा बहुत उच्चकोटि की रही है, जिसकी चर्चा सारे देश में की जाती है। पूर्व के मंत्री रहे हैं, चाहे इधर बैठने वाले हों या उधर बैठने वाले हों, सबने हमेशा अपनी-अपनी विचारधारा के अनुसार काम किया है, पर विधान सभा की गरिमा को ठेस लगे ऐसा कोई काम नहीं किया। हमने आपस में एक दूसरे के खिलाफ सड़क पर कितनी भी लड़ाई लड़ी, सदन में भी हमने एक दूसरे के खिलाफ वार्तालाप किया हो, बहस की हो, पर जब हम बाहर निकलते हैं तो एक दूसरे के प्रति जो संबंध है, जो मित्रता है, इस पर मुझे गर्व है कि मैं मप्र की विधान सभा का सदस्य हूं। 25 विभागों की अनुदान मांगों पर चर्चा प्रस्तावित थी विधानसभा में शुक्रवार को 25 विभागों की अनुदान मांगों पर चर्चा प्रस्तावित थी। सदन की कार्यवाही शांति के साथ चल रही थी। संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक एवं धर्मस्व विभाग की अनुदान मांगों पर दो घंटे चर्चा हुई और प्रस्ताव पारित किए गए लेकिन इसके बाद मुखबंद का उपयोग करते हुए शेष 22 विभागों की अनुदान मांगों को एक साथ प्रस्तुत कर पारित कराया और उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने विनियोग विधेयक प्रस्तुत कर दिया। इसके पहले विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि निर्धारित समय सीमा में अनुदान मांगें स्वीकृत होना आवश्यक है और कार्य दिवस कम हैं इसलिए वर्ष 2026-2027 के आय-व्ययक में सम्मिलित अनुदानों की मांगों का प्रस्ताव एक साथ रखा जाएगा। हमें बार-बार औकात याद दिलाई गई सत्र की समाप्ति पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि हमने जब इंदौर में दूषित जल से 35 लोगों की मौत पर सवाल किया तो जवाबदेही के स्थान पर औकात याद दिलाई गई। स्वच्छ जल पर चर्चा के लिए अनुरोध किया तो सरकार ने विपक्ष के नेताओं को जनता से जुड़े मुद्दे पर सवाल करने पर औकात याद दिलाई। जब कैग की रिपोर्ट में सामने आए भ्रष्टाचार पर चर्चा की मांग की फिर औकात दिखाई। चाहे सदन के अंदर हो या बाहर, सरकार और उससे जुड़े लोग हर दिन प्रदेशवासियों को उसकी औकात याद दिला रहे हैं। सिंगरौली के धिरौली कोल परियोजना के विस्थापित आदिवासियों और नियम ताख पर रखकर अदाणी को जमीन देने का मुद्दा उठाया तो सरकार ने झूठ फैलाना शुरू कर दिया। कांग्रेस विधायक दल ने प्रदेश की जनता के हर मुद्दे पर मुखर होकर अपनी बात रखी और आगे भी रखते रहेंगे। अध्यक्ष बोले- सदन में मतभेदों के बावजूद मनभेद की स्थिति नहीं बनी विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि हमारी दलीय निष्ठाएं भिन्न हो सकती हैं, परंतु लक्ष्य सदैव जनहित ही रहता है। संसदीय लोकतंत्र में सहमति-असहमति, समर्थन-विरोध तथा दलीय प्रतिबद्धताएं स्वाभाविक हैं। मतभेद लोकतंत्र की एक शक्ति हैं, परंतु यह संतोष का विषय है कि मतभेदों के बावजूद मनभेद की स्थिति नहीं बनी। सत्र के दौरान अनेक विषयों पर गहन एवं कभी-कभी तीव्र बहस भी हुई, किंतु सभी कार्य लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप सफलतापूर्वक संपन्न हुए। वहीं, उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने भी कहा कि सत्र अत्यंत सार्थक, परिणामकारी एवं जन भावनाओं के अनुरूप रहा।

कैलाश विजयवर्गीय ने भागीरथपुरा मौतों पर उमंग सिंगार को याद दिलाई ‘औकात’

भोपाल. गुरुवार को मध्य प्रदेश विधानसभा में नगरीय विकास एवं संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बयान पर जोरदार हंगामा हुआ। अदाणी समूह और सरकार के बीच बिजली समझौतों को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार द्वारा उठाए गए सवालों के दौरान विवाद बढ़ गया। उद्योगपति अदाणी का नाम लिए जाने पर मंत्री विश्वास सारंग ने आपत्ति जताई और नाम कार्यवाही से हटाने की मांग की। इसी दौरान मंत्री विजयवर्गीय ने सबूत मांगे। सिंघार ने कहा कि उनके पास प्रमाण हैं और वे प्रस्तुत करेंगे। बहस तेज होने पर विजयवर्गीय ने नेता प्रतिपक्ष से “अपनी औकात में रहने” की टिप्पणी कर दी। इसके बाद विपक्ष ने तीखा विरोध शुरू कर दिया और सदन में हंगामा मच गया। सात बार स्थगित हुई कार्रवाई स्थिति बिगड़ने पर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने हस्तक्षेप किया और कहा कि सदन में बनी असहज स्थिति दुर्भाग्यपूर्ण है। हंगामे के चलते विधानसभा की कार्रवाई सात बार स्थगित करनी पड़ी। सत्ता पक्ष के सदस्य भी अध्यक्ष की दीर्घा के पास पहुंच गए, जिससे वातावरण और तनावपूर्ण हो गया। मुख्यमंत्री ने मांगी माफी हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने सदन में सभी की ओर से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि वे संसदीय मर्यादा बनाए रखने के पक्षधर हैं। इसके बाद कैलाश विजयवर्गीय ने भी अपनी टिप्पणी पर दुख जताते हुए कहा कि उनका 37 वर्ष का संसदीय अनुभव है और वे अपने व्यवहार से प्रसन्न नहीं हैं। उन्होंने भविष्य में नेता प्रतिपक्ष की गरिमा का ध्यान रखने की बात कही। आज विधानसभा में बजट सत्र के चौथे दिन नेता प्रतिपक्ष श्री @UmangSinghar जी एवं कांग्रेस पार्टी के सभी विधायकगण ने सरकार के झूठे और खोखले वादों और घोषणाओं के विरुद्ध विधानसभा परिसर में सांकेतिक प्रदर्शन किया। — Jitendra (Jitu) Patwari (@jitupatwari) February 19, 2026 भागीरथपुरा मौतों पर इस्तीफे की मांग इससे पहले कांग्रेस ने इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित जल से हुई मौतों को लेकर कैलाश विजयवर्गीय और लोक स्वास्थ्य विभाग देख रहे उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल से इस्तीफे की मांग की। विपक्ष ने आरोप लगाया कि यह मृत्यु नहीं बल्कि हत्या है और सिस्टम ने 35 लोगों की जान ली है। सरकार की ओर से इन आरोपों का खंडन किया गया। राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि जिम्मेदार पद पर बैठे लोगों का कर्तव्य राहत और बचाव कार्य करना है, न कि इस्तीफे की मांगों पर प्रतिक्रिया देना। विधानसभा अध्यक्ष ने आश्वासन दिया कि शुक्रवार को इस विषय पर चर्चा कराई जाएगी। जांच में मिले ई-कोलाई और कालरा बैक्टीरिया राजेंद्र शुक्ल ने सदन में स्वीकार किया कि भागीरथपुरा में 22 लोगों की मौत एक्यूट डायरिया से हुई। उन्होंने बताया कि कोलकाता स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट फार रिसर्च इन बैक्टीरिया इंफेक्शन, इंदौर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज और जिला लोक स्वास्थ्य प्रयोगशाला की जांच में मरीजों के नमूनों में खतरनाक ई-कोलाई और कालरा बैक्टीरिया पाए गए।

विजयवर्गीय का बयान: राजीव गांधी की विचारधारा को आगे ले जा रहे हैं, राहुल गैंग को आपत्ति क्यों?

भोपाल  मध्यप्रदेश में नगर पालिका और नगर परिषद के आगामी चुनावों में अब जनता सीधे अध्यक्ष का चुनाव करेगी। मंगलवार को विधानसभा में इसका संशोधन विधेयक पास हुआ, लेकिन उससे पहले सदन में हॉर्स ट्रेडिंग का मुद्दा हावी रहा। विपक्ष ने कहा कि यदि पारदर्शिता और प्रत्यक्ष चुनाव ही लक्ष्य है, तो फिर यह व्यवस्था केवल निकायों में क्यों? मंडियों, जिला एवं जनपद पंचायतों समेत हर स्तर पर प्रत्यक्ष चुनाव लागू किए जाएं। विपक्ष ने यह भी सवाल उठाया कि जब प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री तक अप्रत्यक्ष प्रणाली से चुने जाते हैं, तो केवल स्थानीय निकायों में बदलाव क्यों? कांग्रेस विधायक उमंग सिंघार ने कहा कि ‘सरकार निकायों के अध्यक्ष जनता से चुनवाना चाहती है, लेकिन मुख्यमंत्री पर्ची से चुना जाता है। यह कानून राजनीतिक ध्रुवीकरण बढ़ाएगा और छोटे लोग चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। यह टिकट बेचने का नया मॉडल हो जाएगा।’ संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी माना कि हॉर्स ट्रेडिंग कई स्तरों पर होती है, साथ ही कहा कि सरकार राजीव गांधी की पंचायती राज की सोच को आगे बढ़ा रही है, तब भी राहुल गैंग विरोध कर रही है। इस पर सिंघार ने कहा- विरोध नहीं, बिल में जरूरी बदलाव पर बात रखी है। 

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा — सरकार को मदरसों के शिक्षकों की पूरी जानकारी लेनी चाहिए

इंदौर  मध्य प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मदरसों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मदरसों से जुड़े केंद्रों में अवैध गतिविधियां सामने आ रही है। वे खंडवा जिले के मदरसे में 20 लाख रुपये के नकली नोट बरामद किए जाने के सवाल का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि अब बाहर के लोग आकर मदरसा में काम करने लगे है। उनकी गतिविधियां कई बार संदिग्ध रहती है। वे अवैध गतिविधियां भी कर रहे हैं। मदरसा में जो लोग पढ़ाते है। उन सब की जानकारी सरकार को हासिल करना चाहिए। सरकार को मदरसों की गतिविधियों पर भी ध्यान देना चाहिए। मैं मुख्यमंत्री से आग्रह करुंगा, ताकि प्रदेश के अन्य हिस्सों में मदरसे चल रहे है। उसे लेकर एक नीति बनना चाहिए। विजयवर्गीय ने अन्य सवालों के जवाब भी दिए।   विजयवर्गीय सोमवार को सिटी बस कार्यालय में शहरी विकास से जुड़ी बैठक में शमिल होने गए थे। वहां पर उन्होंने इस मुद्दे पर चर्चा की। आपको बता दें कि खंडवा के जुबेर उसके एक साथी को मालेगांव पुलिस ने नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया है। दोनों के पास दस लाख रुपये के नकली नोट मिले। पुलिस को पता चला कि जुबेर खंडवा के पैठियां गांव के मदरसे में रहता है। बाद में खंडवा पुलिस ने मदरसे पर छापा मारा तो वहां पर भी एक बैग में नकली नोट बरामद हुए। बैग में पांच-पांच सौ के नकली नोट बरामद हुए थे। मदरसे से बीस लाख के नकली नोट मिले।  

कैलाश विजयवर्गीय का स्वास्थ्य ठीक, थकान पर अस्पताल में भर्ती, नियमित जांच पूरी

इंदौर  मध्य प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को गुरुवार को बांबे अस्पताल में भर्ती कराया गया। वह गुरुवार सुबह नियमित जांच के लिए अस्पताल पहुंचे थे। डॉक्टरों ने उनकी प्राथमिक जांच के बाद उन्हें भर्ती होने की सलाह दी।देर शाम तक विजयवर्गीय की कई जांचें हुईं। डॉक्टरों का कहना है कि उन्हें थकान थी। जांच रिपोर्ट सामान्य है। उन्हें आराम की सलाह दी है। व्यस्त दिनचर्या के चलते हुए थकान बॉम्बे अस्पताल के उप निदेशक राहुल पाराशर ने बताया, ''मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को पिछले चार-पांच दिनों से व्यस्त दिनचर्या के कारण अत्यधिक थकान महसूस कर रहे थे, जिसके कारण उन्हें पर्याप्त आराम नहीं मिल पाया था. इसी के चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था. प्राथमिक जांच और परीक्षण किए गए हैं, अब उनकी हालत स्थिर है.'' उन्होंने कहा कि, ''विजयवर्गीय फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में एक वार्ड में आराम कर रहे हैं और उन्हें पूरी तरह आराम करने की सलाह दी गई है. उन्हें जल्द ही छुट्टी मिलने की उम्मीद है, हालांकि रात होते-होते विजयवर्गीय को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया.'' महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया थकान के कारण वे अस्पताल में भर्ती हुए थे. हालांकि अब उन्हें छुट्टी दे दी गई है वह घर पर आराम कर रहे हैं.'' उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा, मंत्री बिल्कुल ठीक हैं आप लोग निश्चिंत रहें और बॉम्बे हॉस्पिटल की तरफ ना जाएं. डॉक्टरों ने दी आराम करने की सलाह कैलाश विजयवर्गीय के नजदीकी सूत्रों ने जानकारी देते हुए बताया कि, मंत्री कई दिनों से लगातार दौरे कर रहे हैं, जिसके चलते उन्हें थकान हुई है. इसी बीच उनकी तबीयत खराब हो गई थी. अस्पताल से उन्हें छुट्टी मिल गई है. डॉक्टरों ने उन्हें आराम की सलाह दी है, अब वह घर पर ही आराम कर रहे हैं.   कैलाश विजयवर्गीय का सियासी करियर कैलाश विजयवर्गीय इंदौर-1 विधानसभा से विधायक हैं और मध्य प्रदेश में कैबिनेट मंत्री हैं. उनके पास नगरीय विकास एवं आवास विभाग है. उन्होंने इंदौर से अपने सियासी करियर की शुरुआत की थी. उन्होंने वर्ष 1975 में विद्यार्थी परिषद के माध्यम से छात्र पॉलिटिक्स में प्रवेश किया. 1983 में वह पहली बार नगर पालिक निगम इंदौर के पार्षद बने. 2000 में उन्हें इंदौर पालिक नगर निगम का महापौर बनाया गया था. इसके बाद से उनका राजनीतिक करियर चमकता गया. 1990 में पहली बार विधायक बने. कैलाश विजयवर्गीय अपने बयानों को लेकर अकसर चर्चाओं में रहते हैं.  

कैलाश विजयवर्गीय का संदेश: इंदौर में हुई घटना के बाद खिलाड़ियों को चाहिए कि किसी को बताकर ही बाहर निकलें

इंदौर  इंदौर में आईसीसी महिला क्रिकेट विश्व कप में भाग ले रहीं दो ऑस्ट्रेलियाई महिला क्रिकेटरों के साथ कथित छेड़छाड़ की घटना पर मध्य प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में भारी आक्रोश है, लेकिन इस पर नेताओं के बयानों ने विवाद खड़ा कर दिया है. प्रदेश के कद्दावर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इस घटना को शर्मनाक और देश के सम्मान से जुड़ा मामला बताते हुए खिलाड़ियों को एक बड़ी  सलाह दी है. विजयवर्गीय ने कहा, "खिलाड़ियों को यह ध्यान रखना चाहिए कि जब वे अपने घर से निकलें, तो उनकी सुरक्षा और स्थानीय प्रशासन को सूचित किया जाना चाहिए क्योंकि (भारत में) क्रिकेटरों का बहुत बड़ा क्रेज है." MLA रामेश्वर शर्मा का तीखा बयान BJP विधायक रामेश्वर शर्मा ने इस घटना को इंदौर की साफ-सुथरी छवि को बिगाड़ने की साजिश बताते हुए एक तीखा और विवादित बयान दिया है. शर्मा ने बताया कि आरोपी अकील को गिरफ्तार कर लिया गया है, और उसे 'चार जूते मारकर जेल में डाला है.' उन्होंने चेतावनी दी कि अकील को ऐसी सजा मिलेगी की एक नजीर बनेगी.  भोपाल की हुजूर सीट से विधायक ने कहा, "मैं कट्टरपंथी मुसलमानों को बता देना चाहता हूं कि देश की छवि बिगाड़ने में लगे क्यों हो." उन्होंने इंदौर में कोरोना के समय डॉक्टरों पर थूकने की घटना का भी हवाला दिया. विधायक शर्मा ने सख्त लहजे में कहा, "हिंदुस्तान में रहना है तो बाबा साहब के संविधान के तहत रहो. बहन-बेटी का अपमान करने वाले किसी अकील को हम बर्दाश्त नहीं करेंगे." बता दें कि यह घटना गुरुवार सुबह खजराना रोड इलाके में हुई, जब दोनों ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर अपने होटल से एक कैफे की ओर जा रही थीं. एक बाइक सवार व्यक्ति ने उनका पीछा किया, उनमें से एक को गलत तरीके से छुआ और भाग गया. पुलिस अधिकारी के अनुसार, अकील नाम के आरोपी को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया. 

सिंहस्थ 2028 की तैयारियां तेज़, मंत्री विजयवर्गीय ने अधिकारियों को दिए नियमित निरीक्षण के निर्देश

विजयवर्गीय का निर्देश: सिंहस्थ की तैयारियों में लापरवाही नहीं, अधिकारी करें नियमित निरीक्षण गुणवत्ता के साथ तय समय पर पूरे हों निर्माण कार्य-  मंत्री  विजयवर्गीय मंत्रालय में विभागवार सिंहस्थ कार्यों की हुई समीक्षा भोपाल  नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय ने विभागीय अधिकारियों को सिंहस्थ के निर्माण कार्यों का उज्जैन पहुँचकर निरीक्षण करने के निर्देश दिये हैं। मंत्री  विजयवर्गीय सोमवार को मंत्रालय में बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में ही पूरा किया जाये। बैठक में बताया गया कि करीब 11 हजार 909 करोड़ रुपये के विभिन्न विभागों के 132 कार्यों को मंत्रि-मण्डलीय समिति की अनुशंसा दी जा चुकी है। यह कार्य सिंहस्थ और विभिन्न विभागों की मद से किये जा रहे हैं। इन कार्यों के लिये करीब 673 करोड़ रुपये की राशि भी जारी की जा चुकी है। वर्ष 2028 में होने वाले सिंहस्थ कार्यों में संस्कृति और नगरीय विकास एवं आवास विभाग के पीपीपी मोड पर होने वाले कार्यों को भी मंजूरी दी गयी है। मंत्री  विजयवर्गीय ने कहा कि सिंहस्थ में आने वाले यात्रियों की सुविधा के लिये राज्य सरकार की ओर से संसाधनों की कमी नहीं होने दी जायेगी। उन्होंने आयोजन की बेहतर व्यवस्था के लिये विभिन्न विभागों के साथ लगातार बैठक करने के भी निर्देश दिये। बैठक में रेलवे द्वारा किये जा रहे कार्यों की समीक्षा की गयी। मंत्री  विजयवर्गीय ने कहा कि मेला क्षेत्र में ट्रेन से पहुँचने वाले यात्रियों की सुविधा के लिये रेलवे स्टेशन के पास ही पर्याप्त मात्रा में स्नान-गृह एवं सुलभ कॉम्पलेक्स की व्यवस्था हो। नगरीय विकास मंत्री  विजयवर्गीय ने कहा कि उज्जैन से जुड़े धार्मिक क्षेत्रों को जोड़ने वाली सड़कों के चौड़ीकरण कार्य को प्राथमिकता दी जाये। उन्होंने आकस्मिक सेवा, जिनमें अग्निशमन, स्वास्थ्य, पेयजल आदि की भी जानकारी प्राप्त की। मंत्री  विजयवर्गीय ने कहा कि निर्माण कार्यों के साथ मेला क्षेत्र की मेपिंग का कार्य भी किया जाये, जिससे आवागमन सुविधाजनक हो सकेगा। उन्होंने कान्ह नदी के डायवर्सन, सिंहस्थ में क्षिप्रा नदी में जल की निरंतर प्रवाह योजना, घाट निर्माण के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। मंत्री  विजयवर्गीय ने उज्जैन संभाग के बस स्टैण्ड के उन्नयन की योजना के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। अपर मुख्य सचिव  संजय दुबे ने बताया कि सिंहस्थ के दौरान रेलवे की बेहतर व्यवस्था के लिये आकलन कर जरूरी प्रस्ताव रेलवे मंत्रालय को भेजे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिन कार्यों को मंजूरी मिल गयी है, संबंधित एजेंसी को डीपीआर तैयार कर जल्द काम शुरू करने के लिये कहा गया है। निर्माण कार्य और व्यवस्था से जुड़े सभी काम दिसम्बर-2027 तक हर हाल में पूरे किये जायेंगे। नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त  संकेत भोंडवे ने बताया कि ऊर्जा विभाग के 329 करोड़ रुपये के कार्यों को मंजूरी दी जा चुकी है। इंदौर-उज्जैन मार्ग का 6 लेन में चौड़ीकरण का कार्य 1692 करोड़ रूपये और इंदौर-उज्जैन वैकल्पिक मार्ग 4 लेन लम्बाई 49 किलोमीटर के लिये 950 करोड़ रुपये की मंजूरी दी जा चुकी है। बैठक में संस्कृति, पर्यटन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास से जुड़े कार्यों की भी समीक्षा की गयी।  

आगामी त्यौहारों को देखते हुए मरम्मत कार्य को दें प्राथमिकता : मंत्री विजयवर्गीय

शहरी क्षेत्रों की सड़कों के निर्माण और मरम्मत कार्य में रखी जाये पारदर्शिता : मंत्री विजयवर्गीय आगामी त्यौहारों को देखते हुए मरम्मत कार्य को दें प्राथमिकता : मंत्री विजयवर्गीय मंत्री विजयवर्गीय ने समीक्षा बैठक में सड़कों की गुणवत्ता को लेकर दिये गये निर्देश भोपाल  नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि आगामी त्यौहारों के सीजन को देखते हुए सड़क मरम्मत से जुड़े कार्यों को विभाग प्राथमिकता दे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 413 नगरीय निकायों में सड़क पर बोर्ड के माध्यम से निर्माण एजेंसी और निविदा शर्तों के बारे में नागरिकों और जनप्रतिनिधियों को उससे जुड़ी आवश्यक जानकारी दी जाये। मंत्री विजयवर्गीय सोमवार को मंत्रालय में समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। मंत्री विजयवर्गीय ने बताया कि शहरी क्षेत्रों पर लगातार आबादी का दबाव बढ़ रहा है। इसका असर शहरी क्षेत्र की अधोसंरचना पर पड़ रहा है। उन्होंने इस बात को ध्यान में रखते हुए निर्माण कार्यों में गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के लिये कहा। बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में वर्तमान में 2 करोड़ 50 लाख से ज्यादा परिवार शहरी परिधि में निवास कर रहे हैं। शहरी क्षेत्र प्रदेश के सकल राज्य घरेलू उत्पाद में 35 प्रतिशत से अधिक योगदान दे रहे हैं। रियल एस्टेट क्षेत्र में 8 लाख 32 हजार से अधिक किफायती घर बनकर तैयार हो चुके हैं और 10 लाख मकान निर्माणाधीन हैं। प्रदेश में अक्टूबर 2019 से अब तक लगभग 51 हजार करोड़ रूपये के निवेश से शहरी कल्याण के कार्य चल रहे हैं। इस सब को देखते हुए शहरी क्षेत्रों में अधोसंरचना पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। सड़क निर्माण को लेकर दिये दिशा-निर्देश विभागीय मंत्री के निर्देश के बाद नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त संकेत भोंडवे ने सड़क निर्माण कार्य से जुड़े अमले को दिशा-निर्देश जारी किये हैं। निर्देश में कहा गया है कि सड़क निर्माण कार्य की निविदाएं केवल ई-निविदा के माध्यम से ही जारी की जायें। सड़क निर्माण की कार्ययोजना तैयार करते समय परियोजना प्रबंधन का भी प्रावधान किया जाये। इसी के साथ सड़क निर्माण कार्य की कार्ययोजना तैयार करते समय 3 वर्ष का मेंटनेंस प्रावधान आवश्यक रूप से रखा जाये। कांक्रीट सडक निर्माण के वक्त विभागीय अधिकारी आवश्यक प्रक्रिया का पालन कराया जाना सुनिश्चित करें। प्रत्येक कार्य को प्रारंभ करने से पूर्व एवं समाप्ति के बाद जियो टैग फोटो का संधारण अनिवार्य रूप से किया जाये। निविदा की शर्तों का डिजिटाइजेशन किया जाये। नागरिकों की सुविधा का रखें ध्यान नगरीय निकायों को दिये गये निर्देश के अनुसार सड़क निर्माण के बाद संकेतक अनिवार्य रूप से लगाये जायें। नगरीय निकायों को शहरी क्षेत्रों में सड़कों के आस-पास पौधरोपण पर भी विशेष ध्यान देने के लिये कहा गया है। सड़कों की सुरक्षा एवं स्पीड ब्रेकर निर्धारित मापदंड के अनुसार हो, यह सुनिश्चित किया जाये।