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भारत की टेक्नोलॉजी छलांग: पीएम मोदी ने अनवील की विक्रम 32-bit प्रो चिप

नई दिल्ली  भारतीय पीएम मोदी ने मंगलवार को पहले Made in India विक्रम 32-bit प्रो चिप को अनवील किया है। इसे Semicon India कॉन्फ्रेंस के दौरान राजधानी दिल्ली में शोकेस किया गया। इस दौरान पीएम के साथ सीएम रेखा गुप्ता, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव भी मौजूद थे। यह कदम भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और सेमीकंडक्टर उद्योग में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा। इस मौके पर उन्होंने यह भी बताया कि देश में सेमीकंडक्टर चिपसेट का कमर्शियल प्रोडक्शन इसी साल से शुरू हो जाएगा।   आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम भारत का यह पहला चिपसेट देश की तकनीकी प्रगति का एक महत्वपूर्ण प्रतीक है। इसका उद्देश्य विदेशी चिप्स पर भारत की निर्भरता को कम करना है। यह चिपसेट स्मार्टफोन, कंप्यूटर, ऑटोमोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों सहित विभिन्न क्षेत्रों में उपयोग किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस स्वदेशी चिपसेट के विकास से भारत ग्लोबल सप्लाई चेन में एक प्रमुख खिलाड़ी बन सकता है, जिससे देश में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और आर्थिक विकास को गति मिलेगी। सेमिकॉन इंडिया कॉन्फ्रेंस का महत्व चौथा सेमिकॉन इंडिया कॉन्फ्रेंस, जो कि तीन दिवसीय कार्यक्रम है, भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। इस दौरान देश-विदेश के उद्योग जगत के विशेषज्ञ नीति निर्माता और निवेशक एक साथ मिलकर सेमीकंडक्टर विनिर्माण को बढ़ावा देने के तरीकों पर चर्चा करेंगे। सरकार की 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' जैसी पहलों के साथ यह सम्मेलन भारत को सेमीकंडक्टर हब बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगा।

उज्जैन में नवीन रेलवे ओवर ब्रिज निर्माण के लिए 371 करोड़ 11 लाख स्वीकृत

जल जीवन मिशन की पुनरीक्षित योजनाओं में 2,813 करोड़ रूपये वृद्धि का अनुमोदन उज्जैन में नवीन रेलवे ओवर ब्रिज निर्माण के लिए 371 करोड़ 11 लाख स्वीकृत इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड (एक्सेस कंट्रोल) मार्ग के लिए 2,935 करोड़ 15 लाख स्वीकृत नर्मदापुरम-टिमरनी मार्ग के लिए 972 करोड़ 16 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा प्रदेश में 'जल जीवन मिशन" अंतर्गत पुनरीक्षित योजनाओं में प्रस्तावित लागत में वृद्धि राशि 2,813 करोड़ 21 लाख रूपये राज्य सरकार द्वारा वहन किए जाने का अनुमोदन किया, जो लगभग 13.55 प्रतिशत है। जल जीवन मिशन के अंतर्गत प्रदेश में अब तक 20 हजार 765 करोड़ रूपये लागत की 27 हजार 990 एकल ग्राम नल जल योजनाओं और 60 हजार 786 करोड़ रूपये लागत की 148 समूह जल प्रदाय योजनाओं की स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वीकृत 27 हजार 990 योजनाओं में से 15 हजार 947 ग्रामों की योजनाएं पूर्ण हो चुकी है और 12 हजार 43 योजनाओं के कार्य विभिन्न चरणों में प्रगतिरत हैं। अभी तक कुल 8 हजार 358 योजनाओं के पुनरीक्षण की आवश्यकता हुई है। पुनरीक्षण कार्यवाही के अंतर्गत 7 लाख ग्रामीण परिवारों को क्रियाशील घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध कराने के लिए समस्त परिक्षेत्र के जिलों की प्रस्तुत 8,358 पुनरीक्षित परियोजनाओं के विस्तृत परीक्षण के उपरान्त कुल पुनरीक्षित लागत 9026 करोड़ 97 लाख रूपये की स्वीकृति दिये जाने की अनुशंसा की गई। इन योजनाओं की मूल स्वीकृत लागत 6,213 करोड़ 76 लाख रूपये है। इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड (एक्सेस कंट्रोल) मार्ग निर्माण की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड (एक्सेस कंट्रोल) मार्ग, लंबाई 48.10 कि.मी. का 4 लेन मय पेव्हड शोल्डर एवं दोनों ओर दो लेन सर्विस रोड सहित, हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल (HAM) योजनांतर्गत निर्माण कार्य के लिए भू-अर्जन सहित कुल राशि 2 हजार 935 करोड़ 15 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गयी है। पूर्व में जारी लोक निर्माण विभाग को प्रदान की गई प्रशासकीय स्वीकृति को निरस्त करते हुए परियोजना को "हाईब्रिड एन्यूटी मॉडल" पर किए जाने की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदाय की गयी परियोजना के अंतर्गत 34 अंडर पास, 02 फ्लाई ओवर, 01 आर.ओ.बी., 07 मध्यम पुल एवं 02 वृहद जंक्शन का निर्माण सहित सभी जंक्शन का सुधार, सड़क सुरक्षा उपाय, रोड मार्किंग आदि कार्य किये जायेंगे। मार्ग के निर्माण एवं संधारण के लिए कंसेशन अवधि 17 वर्ष रहेगी। उज्जैन मे नवीन रेलवे ओवर ब्रिज की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा आगामी सिहंस्थ-2028 के मद्देनजर उज्जैन शहर में हरिफाटक रेलवे क्रासिंग पर 4 लेन और हरिफाटक चौराहे से नीलकंठ द्वार तक 980 मीटर लंबाई के नवीन रेलवे ओवर ब्रिज के निर्माण के लिए 371 करोड़ 11 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति सिहंस्थ मद अंतर्गत प्रदान की गई। नर्मदापुरम-टिमरनी मार्ग निर्माण की प्रशासकीय स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा नर्मदापुरम-टिमरनी मार्ग कुल लंबाई 72.18 किलोमीटर के दो लेन मय पेव्हड शोल्डर निर्माण के लिये "हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल (HAM)" योजनांतर्गत भू-अर्जन सहित राशि 972 करोड़ 16 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। परियोजना के अंतर्गत 2 अंडर पास, 4 बड़े पुल, 37 मध्यम पुल, 14 वृहद जंक्शन एवं 52 मध्यम निर्माण कार्य किये जायेंगे। इसके अतिरिक्त जंक्शन सुधार, सुरक्षा उपाय, रोड मार्किंग और रोड फर्नीचर का कार्य भी किया जायेगा। मार्ग निर्माण और संधारण की कंसेशन अवधि 17 वर्ष रहेगी।  

बेसेन्ट बोले: रूस मुद्दे पर भारतीयों का व्यवहार ठीक नहीं, लेकिन ट्रेड डिस्प्यूट सुलझेगा

न्यू यार्क  भारत और अमेरिका के बीच शुल्क को लेकर जारी तनातनी के बीच अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेन्ट ने कहा है कि अंततः ‘ये दो महान देश इस मुद्दे को सुलझा लेंगे।' उन्होंने यह भी कहा कि भारत के मूल्य रूस के बजाय ‘हमारे और चीन के अधिक करीब हैं।' फॉक्स न्यूज़ को दिए साक्षात्कार में बेसेन्ट ने शंघाई सहयोग संगठन (SCO) को ‘‘व्यापक तौर पर प्रदर्शनात्मक'' करार दिया। यह बयान तब आया जब चीन के तियानजिन शहर में रविवार और सोमवार को एससीओ का वार्षिक शिखर सम्मेलन आयोजित हुआ। बेसेन्ट ने सोमवार को कहा, ‘‘यह एक पुराना आयोजन है, जिसे शंघाई सहयोग संगठन कहा जाता है, और मुझे लगता है कि यह व्यापक रूप से एक प्रदर्शनात्मक आयोजन है।'' उन्होंने कहा, ‘‘आख़िरकार, भारत दुनिया का सबसे अधिक जनसंख्या वाला लोकतंत्र है। उनके मूल्य रूस के बजाय हमारे और चीन के अधिक करीब हैं।'' बेसेन्ट ने आगे कहा, ‘‘मुझे लगता है कि अंतत: ये दो महान देश (भारत और अमेरिका) इस मुद्दे को सुलझा लेंगे। लेकिन रूस से तेल खरीदने और फिर उसे पुनः बेचने के मामले में भारतीयों ने अच्छा व्यवहार नहीं किया है। इससे यूक्रेन में रूस के युद्ध प्रयास को वित्तीय समर्थन मिला है।'' भारत ने रूसी कच्चे तेल की अपनी खरीद का बचाव करते हुए कहा है कि उसकी ऊर्जा आवश्यकताएं राष्ट्रीय हितों और बाज़ार की स्थिति पर आधारित हैं। फॉक्स न्यूज़ के अनुसार, अमेरिका-भारत व्यापार वार्ताओं में धीमी प्रगति को भी व्हाइट हाउस द्वारा भारत पर शुल्क बढ़ाने के एक कारण के रूप में देखा जा रहा है।   बेसेन्ट की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब ट्रंप प्रशासन ने रूस से तेल खरीद के चलते भारत पर 50 प्रतिशत तक के शुल्क लगाए हैं। भारत ने इन शुल्कों को “अनुचित और अकारण” बताया है। उन्होंने यह प्रतिक्रिया प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान हुई द्विपक्षीय बैठकों से जुड़े सवालों पर दी। यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत-अमेरिका संबंध पिछले दो दशकों के सबसे निचले स्तर पर माने जा रहे हैं, जिसे ट्रंप प्रशासन की शुल्क नीति और नयी दिल्ली के प्रति उसके लगातार आलोचनात्मक रुख ने और गहरा किया है। बेसेन्ट ने यह भी कहा कि ट्रंप प्रशासन रूस पर प्रतिबंधों पर विचार कर रहा है और ‘‘सभी विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।'' उन्होंने कहा ‘‘मुझे लगता है कि सब कुछ सामने है। राष्ट्रपति पुतिन ने एंकोरेज में ऐतिहासिक बैठक के बाद, फोन कॉल के बाद, जब सोमवार को यूरोपीय नेता और राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की व्हाइट हाउस में थे—जो संकेत दिए थे, उसके विपरीत कार्य किया है। वास्तव में, उन्होंने अत्यंत निंदनीय तरीके से बमबारी अभियान को और तेज कर दिया है।'' उन्होंने आगे कहा, ‘‘मुझे लगता है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ, सभी विकल्प खुले हैं, और हम इस सप्ताह उनका बहुत गंभीरता से अध्ययन करेंगे।''    

भूकंप ने अफगानिस्तान को झकझोरा, अब तक 1400 से अधिक लोगों की मौत

कुनार पूर्वी अफ़ग़ानिस्तान का कुनार प्रांत रविवार आधी रात के बाद एक भयानक भूकंप से दहल उठा। भूकंप की तीव्रता 6.1 मापी गई और इसका केंद्र कुनार की राजधानी असदाबाद के पास लगभग 27 किलोमीटर गहराई में था। इस विनाशकारी प्राकृतिक आपदा ने अब तक 1,411 लोगों की जान ले ली है और 3,124 लोग घायल हुए हैं। तालिबान के प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने इस दुखद घटना की पुष्टि की और बताया कि अब तक कुनार में 5,412 घर पूरी तरह से नष्ट हो चुके हैं। सरकार की ओर से लगातार राहत और बचाव कार्य चलाया जा रहा है। विशेष रूप से प्रभावित इलाकों में हेलीकॉप्टर के ज़रिए घायलों को निकाला जा रहा है ताकि उन्हें तुरंत इलाज मिल सके। इससे पहले अफ़ग़ान रेड क्रिसेंट सोसाइटी ने मरने वालों की संख्या 1,124 बताई थी और कहा था कि करीब 3,251 लोग घायल हुए हैं। संस्था ने यह भी कहा था कि 8,000 से ज़्यादा घरों को नुकसान पहुंचा है और बहुत से लोग अब भी मलबे के नीचे दबे हुए हैं। यही कारण है कि राहत कार्य तेज़ी से चल रहे हैं और मौत का आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है। सबसे ज़्यादा नुक़सान कुनार में नार प्रांत इस भूकंप से सबसे ज़्यादा प्रभावित हुआ है। यहां के अस्पतालों में इतनी भीड़ है कि घायलों को ज़मीन पर लिटाकर इलाज किया जा रहा है। कई लोगों को सामूहिक रूप से दफनाया गया है क्योंकि परिवारों के पास न तो संसाधन हैं और न ही समय। स्थानीय लोगों ने बताया कि कई बच्चे जो अपने घरों से बेघर हो गए हैं वे खुले आसमान के नीचे रात बिता रहे हैं।नंगरहार, लघमन और नूरिस्तान जैसे पड़ोसी प्रांतों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए और वहां भी कुछ मौतें व घायल होने की सूचना मिली है। वहीं पंजशीर प्रांत में इस भूकंप से आर्थिक नुकसान हुआ है लेकिन किसी के मारे जाने की सूचना नहीं है। सीमा पार पाकिस्तान तक महसूस हुए झटके भूकंप के झटके अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल तक महसूस किए गए। इसके साथ ही पाकिस्तान के ख़ैबर पख़्तूनख़्वा प्रांत में भी कंपन दर्ज की गई। इसने साबित कर दिया कि भूकंप की तीव्रता कितनी अधिक थी और इसका प्रभाव कितना व्यापक रहा। राहत कार्यों में चुनौतियाँ दूरदराज़ के इलाकों में पहुंचना सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। तालिबान सरकार के पास संसाधनों की कमी है और जिन इलाकों में सड़कें नष्ट हो चुकी हैं वहां हेलीकॉप्टरों के माध्यम से घायलों को निकाला जा रहा है। स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय मानवीय संगठनों ने तुरंत सहायता पहुंचाने की बात कही है। राहत शिविर लगाए जा रहे हैं लेकिन अब भी हज़ारों लोग भोजन, पानी और दवाइयों की कमी से जूझ रहे हैं।   भूकंप के बाद की ज़िंदगी भूकंप के बाद जो लोग बचे हैं उनकी ज़िंदगी पूरी तरह बदल गई है। अपने प्रियजनों को खोने का दुख, घर उजड़ने की पीड़ा और भविष्य की अनिश्चितता ने लोगों को गहरे सदमे में डाल दिया है। बच्चों की पढ़ाई छूट गई है और महिलाएं व बुज़ुर्ग खुले में जीवन बिता रहे हैं।

एमसीबी : कलेक्टर ने दिए आदेश, जनदर्शन के आवेदनों का समय पर निराकरण जरूरी

एमसीबी कलेक्टर डी. राहुल वेंकट ने आज कलेक्ट्रेट कार्यालय में जनदर्शन के माध्यम से आम नागरिकों की समस्याओं को सुना। जिले के ग्रामीणजन और नागरिकों ने जनदर्शन में अपनी छोटी-बड़ी समस्याओं को सीधे कलेक्टर के समक्ष रखा। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को प्राप्त सभी आवेदनों को प्राथमिकता के साथ शीघ्रता से निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। जनदर्शन में आज कुल 16 आवेदन प्राप्त हुए। जनदर्शन में आवेदक किशोरी मिश्रा निवासी मनेन्द्रगढ़ कलेक्टर दर से वेतन भुगतान किये जाने के संबंध में, चिरौंजिया निवासी खोंगापानी दिये गये पैसा को वापस नहीं किये जाने के संबंध में, देवी प्रसाद निवासी मंगौरा भूमि के संबंध में, रिभान्शू निवासी हर्रा किसान आईडी दुरूस्त करने के संबंध में, समस्त ग्रामवासी केंवटी पृथक ग्राम सभा गठन के संबंध में, मनीष सिंह निवासी खोंगापानी पुनः गुणवत्तापूर्ण सी.सी.रोड निर्माण के संबंध में, उर्मिला जायसवाल निवासी मनेन्द्रगढ़ आंगनबाड़ी भवन निर्माण करवाये जाने के संबंध में, सुरजीत सिंह निवासी मनेन्द्रगढ़ सूचना के अधिकार के अधिनियम 2005 के साथ खिलवाड़ करने के संबंध में एवं निर्मित दुकानों के जांच में अनावश्यक देरी के संबंध में, रामकली निवासी चिरमिरी मुआवजा दिलाये जाने के संबंध में, रामदेव निवासी ठिहाई रिक्त कोटवार पद पर पदस्थापना के संबंध में, मुनौवर फारूक अंसारी निवासी मनेन्द्रगढ़ एसडीएम कार्यालय में पदस्थ शम्भू दयाल की शिकायत के संबंध में, हुकुमचन्द, इन्दर साय, कुंवार साय, लुन्दनराम निवासी पाराडोल भूमि के संबंध में, जग साय निवासी खैरबना पट्टा के भूमि में मेरा नाम दर्ज कराने के संबंध में, दीपक निवासी पसौरी प्रधानमंत्री आवास योजना में फर्जी सत्यापन किए जाने के संबंध में, शिकायत लेकर उपस्थित हुए थे। कलेक्टर ने प्राप्त सभी आवेदनों को पूरी गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों को उचित कार्यवाही करते हुए त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए।

अम्बिकापुर : रेस्टोरेंट की बिरयानी में निकला कॉकरोच मामला, खाद्य एवं औषधि विभाग ने की कार्यवाही

अम्बिकापुर होटल ग्रांड बसंत रेस्टोरेंट में परोसी गई बिरयानी की गुणवत्ता को लेकर उपभोक्ता द्वारा की गई शिकायत के बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने कार्रवाई की है। गुतुरमा, सीतापुर निवासी उपभोक्ता अमित गुप्ता ने 1 सितंबर को सोशल मीडिया (व्हाट्सअप और फेसबुक) पर एक वीडियो साझा कर आरोप लगाया कि रेस्टोरेंट में परोसी गई वेज बिरयानी में मरा हुआ कॉकरोच निकला। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिला खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने रेस्टोरेंट का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान तैयार वेज बिरयानी एवं वेज करी के नमूने विधिवत जप्त कर राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, रायपुर भेजे गए हैं। प्रयोगशाला रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 एवं नियम 2011 के तहत आगे की कार्यवाही की जाएगी। इसके अलावा, टीम ने पाया कि रसोईघर में कीट प्रबंधन, पानी परीक्षण, कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाण पत्र एवं व्यक्तिगत स्वच्छता संबंधी मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था। इस पर रेस्टोरेंट प्रबंधन को इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी किया गया है। नोटिस के जवाब और रिपोर्ट के आधार पर विभाग आगे की कानूनी कार्यवाही करेगा।

क्या इतिहास दोहराएगा खुद को? पंजाब की भयावह बाढ़ ने दिलाई 1988 की याद

पंजाब  पंजाब में हाल ही में आई बाढ़ ने 1988 की भयंकर बाढ़ की यादें फिर से ताजा कर दी हैं। उस वक्त सतलुज, व्यास और रावी नदियाँ बहुत ज्यादा बढ़ गई थीं, जिससे 500 से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा बैठे थे। आज भी बाढ़ से कई जिले बहुत प्रभावित हुए हैं। खासकर गुरदासपुर, पठानकोट, होशियारपुर, कपूरथला, तरनतारन, फिरोजपुर, फाजिल्का, जालंधर और रूपनगर जैसे जिले बाढ़ से सबसे ज्यादा परेशान हैं। यहाँ के लोग अपनी जिंदगी फिर से सही करने के लिए बड़ी मेहनत कर रहे हैं। बाढ़ की वजह सिर्फ इंसान नहीं पंजाब में बाढ़ सिर्फ बारिश और नदियों के बढ़ने की वजह से नहीं आती। इंसानों की कई गलतियों की वजह से भी बाढ़ बढ़ती है। जैसे नालों और नहरों की साफ-सफाई न होना, नदियों के रास्ते बंद हो जाना, कमजोर और टूटे हुए बांध, हरियाली की कमी, अवैध खनन और जंगलों की कटाई। साथ ही, नदी किनारे बिना अनुमति के घर और अन्य निर्माण भी बाढ़ की समस्या बढ़ाते हैं। इसके अलावा, जलवायु परिवर्तन की वजह से बारिश का तरीका बदल गया है और अब बारिश ज्यादा और अनियमित होती है, जिससे बाढ़ की स्थिति खराब हो रही है। नदियों में गाद जमा होने से पानी सही तरह से नहीं बह पाता क्योंकि सरकारें सालों से नदियों से गाद निकालने में कामयाब नहीं हो पाईं।  1988 की बाढ़ ने पंजाब को कर दिया था बर्बाद साल 1988 की बाढ़ पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के लिए बहुत बड़ी तबाही लेकर आई थी। इस बाढ़ में उत्तर भारत में 1,400 से ज्यादा लोग मारे गए, जिनमें से 383 सिर्फ पंजाब में थे। उस साल मार्च से लगातार बारिश हो रही थी, लेकिन सितंबर में सतलुज, रावी और व्यास नदियाँ बहुत ज्यादा बढ़ गई थीं। 11 मार्च को गुरदासपुर में रावी नदी अचानक उफान पर आई, जिससे 40 गाँव पानी में डूब गए। जुलाई में सतलुज और रावी नदियों के पानी ने कई जिलों को पूरी तरह डुबो दिया। सितंबर के आखिरी दिनों में भाखड़ा और पौंग बाँधों के दरवाज़े खोलने से बाढ़ और भी बढ़ गई। 1993 की बाढ़ से भी मची थी भारी तबाही साल 1988 के पांच साल बाद, 1993 में भी पंजाब में बड़ी बाढ़ आई। इस बार करीब 300 लोग मारे गए और 6,200 मवेशी पानी में डूब गए। अमृतसर, गुरदासपुर, लुधियाना, पटियाला, होशियारपुर और संगरूर जैसे इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। पंजाब रिमोट सेंसिंग सेंटर के अध्ययन से पता चला कि 1988 की बाढ़ नदियों के बहुत बढ़ जाने की वजह से आई थी, लेकिन 1993 की बाढ़ नहरों और तटबंधों में दरारें आने की वजह से ज्यादा नुकसान पहुंचाई। क्यों बढ़ती जा रही है तबाही? जानकारी से पता चलता है कि पंजाब में नदियों के किनारे बने तटबंध और बांध सही तरीके से रखरखाव नहीं होते। नहरों की सफाई भी ठीक से नहीं की जाती, जिससे पानी का बहाव ठीक से नहीं हो पाता। जल निकासी की व्यवस्था कमजोर है और प्राकृतिक जलमार्ग अवरुद्ध हो गए हैं। नहरों, रेलवे ट्रैक, सड़कों और खेती के कारण पानी का प्राकृतिक रास्ता बाधित हो गया है। साथ ही, बाढ़ वाले इलाकों में बिना अनुमति के बन रहे घर और कमजोर बांधों की वजह से बाढ़ को नियंत्रित करना मुश्किल हो गया है। साल 2023 की बाढ़ और जलवायु परिवर्तन का असर एक अध्ययन के मुताबिक साल 2023 की बाढ़ जलवायु परिवर्तन के कारण आई असामान्य और भारी बारिश की वजह से हुई थी। हिमाचल प्रदेश में 7 से 11 जुलाई 2023 तक सामान्य से 436% अधिक बारिश हुई जिससे ब्यास, घग्गर और सतलुज नदियाँ पंजाब के निचले इलाकों में घुस गईं। लगभग 2.21 लाख हेक्टेयर फसल क्षेत्र बाढ़ की चपेट में आ गया, जिसमें खासकर धान की फसल बुरी तरह प्रभावित हुई। सरकारें क्यों रही नाकाम? एक प्रोफेसर के अनुसार पंजाब में बाढ़ प्रबंधन के लिए मास्टर प्लान होने के बावजूद बाढ़ का प्रभाव कम करने में असफल रहे हैं। तटबंधों का कमजोर होना, नदियों के किनारे अवैध अतिक्रमण, और वित्तीय व राजनीतिक कमी ने स्थिति को खराब कर दिया है। साल 1988 से 2010 तक के आंकड़े बताते हैं कि सहायक नदियों की सफाई न होना, तटबंधों का टूटना, नहरों में कट लगाना और जल निकासी प्रणाली की कमी प्रमुख कारण रहे हैं।  

अंबिकापुर : कलेक्टर की साप्ताहिक बैठक, हड़ताल पर सख्ती और योजनाओं की प्रगति की समीक्षा

अम्बिकापुर कलेक्टर विलास भोसकर की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में साप्ताहिक समय-सीमा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा किए जा रहे हड़तालों पर गंभीरता से चर्चा हुई। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि शासन के आदेशानुसार हड़ताल अवधि का कार्यालय  में अनुपस्थित रहने वाले अधिकारी-कर्मचारियों का वेतन काटा जाएगा और नियमानुसार कठोर कार्रवाई भी की जाएगी। कलेक्टर ने पीजी पोर्टल, सीएम जनदर्शन एवं अटल मॉनिटरिंग पोर्टल में प्राप्त आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पीएम जनमन योजना के अंतर्गत बन रहे प्रधानमंत्री आवास, पीएम ग्राम सड़क एवं निर्माण कार्यों को समयसीमा में पूर्ण करने पर जोर दिया। साथ ही, एग्रीस्टैक पंजीयन और पीएम आवास में प्रगति लाने के भी निर्देश दिए। कलेक्टर ने फील्ड विजिट एवं सतत मॉनिटरिंग के माध्यम से शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन में गति लाने को निर्देशित किया। ,वहीं कलेक्टर ने आगामी छत्तीसगढ़ रजत जयंती कार्यक्रमों के अंतर्गत विभागवार गतिविधियों को निर्धारित तिथि अनुसार बेहतर ढंग से आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए। इसके अतिरिक्त, आदि कर्मयोगी अभियान के तहत अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करने और कार्य योजना को प्रभावशाली रूप से क्रियान्वित करने को निर्देशित किया। उन्होंने फसलों के डिजिटल क्रॉप सर्वे में प्रगति लाने और विभागीय लंबित प्रकरणों का शीघ्र व नियमानुसार निराकरण करने हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार अग्रवाल, अपर कलेक्टर सुनील नायक, राम सिंह ठाकुर, अमृत लाल ध्रुव, निगम कमिश्नर डी. एन. कश्यप, सर्व एसडीएम सहित सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

आसमान से गायब हुआ इंडोनेशियाई हेलीकॉप्टर, भारतीय नागरिक समेत 8 लोग थे सवार

इंडोनेशिया  इंडोनेशिया के बोर्नेओ द्वीप से एक भारतीय नागरिक समेत आठ यात्रियों को लेकर रवाना हुए लापता हेलीकॉप्टर की तलाश मंगलवार को भी जारी रही। इंडोनेशियाई  अंतरा के अनुसार सोमवार को एक पायलट, एक इंजीनियर और छह यात्रियों को लेकर रवाना हुआ एस्टिंडो एयर बीके 117 डी3 हेलीकॉप्टर का दक्षिण कालीमंतन प्रांत के मेन्टेवे में मंडिन दमार जलप्रपात के पास संपर्क टूट गया। खबर में कहा गया है कि हेलीकॉप्टर में भारतीय नागरिक संथा कुमार भी सवार थे। हेलीकॉप्टर में सवार अन्य लोगों की पहचान कैप्टन हरियांटो, इंग हेंड्रा, मार्क वेरेन, युडी फेब्रियन, एंडिस रिसा पासुलु, क्लाउडिन क्विटो और इबॉय इरफान रोसा के रूप में हुई है। खोज एवं बचाव एजेंसी के प्रमुख आई पुतु सुदयाना ने कहा कि सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए खोज अभियान में दो हेलीकॉप्टर भी तैनात किए गए हैं, क्योंकि एक ही क्षेत्र में एक साथ तैनाती से संयुक्त खोज एवं बचाव दल को खतरा हो सकता है।  

दो साल से नहीं खेल पाए थे इंटरनेशनल मैच, आसिफ अली ने कहा क्रिकेट को अलविदा

इस्लामाबाद  पाकिस्तान के बल्लेबाज आसिफ अली ने अचानक इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी है। उन्होंने टी20 एशिया कप 2025 में नजरअंदाज किए जाने के बाद यह निर्णय किया। 33 वर्षीय आसिफ ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए रिटायरमेंट के बारे में बताया। उन्होंने पिछले दो साल से पाकिस्तान टीम के लिए कोई मैच नहीं खेला था। वह आखिरी बार पाकिस्तान की जर्सी में अक्टूबर 2023 में मैदान पर उतरे थे। आसिफ ने पाकिस्तान के लिए 21 वनडे (382 रन) और 58 T20I मैच (577 रन) खेले, जिनमें मुख्य रूप से मध्यक्रम में फिनिशर की भूमिका निभाई। हालांकि, आसिफ ने पुष्टि की कि वह घरेलू क्रिकेट और दुनिया भर की फ्रेंचाइजी लीगों में खेलना जारी रखेंगे। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर लिखा, "आज मैं इंटरनेशनल क्रिकेट से रिटायरमेंट का ऐलान करता हूं। पाकिस्तान की जर्सी पहनना मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा सम्मान रहा है और क्रिकेट के मैदान पर अपने देश की सेवा करना मेरे लिए सबसे गौरव की बात रही। मैं अपार कृतज्ञता के साथ संन्यास ले रहा हूं। मैं दुनियाभर में घरेलू और लीग क्रिकेट खेलकर खेल के प्रति अपने जुनून को जारी रखूंगा।" उन्होंने अप्रैल 2018 में वेस्टइंडीज के खिलाफ इंटरनेशनल डेब्यू किया था। आसिफ के करियर में कई यादगार कैमियो रहे। पाकिस्तान को जब टी20 वर्ल्ड कप 2021 में अफगानिस्तान के खिलाफ 12 गेंदों पर 24 रनों की जरूरत थी तो आसिफ ने करीम जनत के आखिरी ओवर में चार छक्के जड़े। उन्होंने सिर्फ सात गेंदों पर 25 रन बनाकर एक ओवर बाकी रहते पाकिस्तान की जीत पक्की कर दी थी। यह पारी पाकिस्तान के सेमीफाइनल में पहुंचने में अहम साबित हुई। उन्होंने एक साल बाद एशिया कप में अहम कैमियो किया। उन्होंने तब भारत के खिलाफ अंतिम ओवर में 8 गेंदों पर 16 रन बनाकर पाकिस्तान को 182 रनों के लक्ष्य का पीछा करने में मदद की। पाकिस्तान को 5 विकेट से जीत मिली थी।