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सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस से पूछा- राइफल से खुद को गोली मारना कैसे संभव?

नई दिल्ली  सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले में सुनवाई के दौरान पुलिस से कड़ा सवाल पूछा। कोर्ट ने पूछा कि क्या कोई व्यक्ति राइफल से अपने सीने में गोली मार सकता है? शीर्ष अदालत ने मध्य प्रदेश से पुलिस से यह सवाल पूछा है। यह मामला मौत के मामले को सुसाइड की तरह पेश करने से जुड़ा हुआ है। अदालत ने यह भी पूछा कि क्या क्या सभी एंगल पर जांच हो चुकी है? क्या यह एंगल भी देखा जा चुका है कहीं यह मामला मर्डर का तो नहीं है? सुनवाई के वक्त बेंच ने क्या कहा जस्टिस मनोज मिश्रा और उज्जल भुयान की बेंच ने टिप्पणी करते हुए कहा कि हमारी समझ से यह जांच का विषय है कि क्या कोई व्यक्ति अपने सीने में राइफल से गोली मारने में सक्षम है? अभियोजन पक्ष के अनुसार, ऐसा प्रतीत हुआ कि मृतक ने राइफल से अपनी छाती में गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। इस पर, हाई कोर्ट ने भारतीय दंड संहिता की धारा 306 के तहत आरोपी-प्रतिवादी नंबर 2 को अग्रिम जमानत दे दी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट को इस बात पर संदेह था कि क्या कोई व्यक्ति राइफल से अपनी छाती में खुद को गोली मार सकता है। इसलिए उसने राज्य के हलफनामे, मृतक की ऑटोप्सी रिपोर्ट और जांच के दौरान एकत्र की गई सामग्री को तलब किया। अदालत ने कहा कि हलफनामे में राइफल की जब्ती और उसकी लंबाई के बारे में जानकारी का खुलासा होना चाहिए। यह है पूरा मामला यह मामला याचिकाकर्ता के 17 वर्षीय बेटे से संबंधित है। उसके बेटे ने भोपाल की एक अकादमी में शॉटगन शूटिंग प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में दाखिला लिया था। यहां पर प्रतिवादी नंबर दो ने बेटे के ऊपर 40 हजार रुपए चुराने का आरोप लगाया। आरोपों के अनुसार, प्रतिवादी नंबर 2 और अकादमी के अन्य छात्रों ने याचिकाकर्ता के बेटे को अपना अपराध स्वीकार करने की धमकी दी। उन्होंने उसका फोन छीन लिया और अपराध स्वीकार करने वाले संदेश भेजे, साथ ही उसकी पिटाई भी की। उनके इस व्यवहार से दुखी और असमर्थ होकर, याचिकाकर्ता के बेटे ने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। घटना से पहले मृतक ने क्या किया इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना से पहले, मृतक ने अपने एक दोस्त और अपनी बहन को बताया था कि वह आत्महत्या कर रहा है। उसने अपने दोस्त के पास एक सुसाइड नोट भी छोड़ा था, जिसमें उसने अकादमी के छात्रों (प्रतिवादी नंबर 2 सहित) को दोषी ठहराया था। लगभग एक महीने के बाद, भारतीय न्याय संहिता की धारा 107 के तहत एक एफआईआर दर्ज की गई थी। शुरुआत में, सत्र न्यायालय ने प्रतिवादी नंबर 2 की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया था। हालांकि बाद में हाई कोर्ट ने उसे यह राहत प्रदान कर दी। उम्र के संबंध में भी गलती याचिकाकर्ता के अनुसार, हाई कोर्ट ने न केवल उसके बेटे की आत्महत्या की घटना को मामूली बना दिया, बल्कि मृतक को दबाव न झेल पाने का दोषी ठहराया और आरोपी के कृत्यों का बचाव किया। यह दावा किया गया है कि हाई कोर्ट ने मृतक की उम्र 18 मानकर गलती की, जबकि घटना के समय वह 17 साल का था, और इस प्रकार, एक नाबालिग को आत्महत्या के लिए उकसाने का गंभीर अपराध लागू होता है। याचिकाकर्ता का यह भी तर्क है कि प्रतिवादी नंबर 2 एक प्रभावशाली परिवार से संबंधित है। उसकी हिरासत में पूछताछ आवश्यक है क्योंकि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद भी उसने जांच में सहयोग नहीं किया।  

धार का पीएम मित्रा पार्क बनेगा भारत का सबसे बड़ा टेक्सटाइल हब : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मध्यप्रदेश का नया विज़न – फार्म टू फैशन 3 सितम्बर को दिल्ली में पीएम मित्रा पार्क में निवेश पर "इंटरैक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीस्" भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश अब देश का सबसे बड़ा पीएम मित्रा (मेगा इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल रीजन एंड अपैरल) पार्क स्थापित करने जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की 5F रणनीति – "फार्म टू फाइबर टू फैक्ट्री टू फैशन टू फॉरेन'' को मूर्त रूप देने वाला यह पार्क न केवल प्रदेश बल्कि पूरे भारत के टेक्सटाइल सेक्टर की औद्योगिक तस्वीर बदलने वाला साबित होगा। इसी सिलसिले में 3 सितम्बर 2025 को नई दिल्ली के होटल आईटीसी मौर्य में “इंटरएक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज इन पीएम मित्रा पार्क” का आयोजन होगा। इसमें केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरीराज सिंह मुख्य वक्तव्य देंगे और भारत के वस्त्र उद्योग की वैश्विक भूमिका पर प्रकाश डालेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विशेष संबोधन देंगे और उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन मीटिंग कर निवेश प्रस्तावों पर चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि “पीएम मित्रा पार्क मध्यप्रदेश को ‘फार्म टू फैशन’ की पूरी वैल्यू चेन में अग्रणी बनाएगा। यह पार्क न केवल रोजगार और निवेश का केंद्र बनेगा, बल्कि ‘Made in MP – Wear Across the World’ के विज़न को भी साकार करेगा।” बड़ा निवेश अवसर धार जिले में प्रस्तावित यह पार्क 2,158 एकड़ विकसित औद्योगिक भूमि पर बसाया जा रहा है। राज्य और केंद्र सरकार की आकर्षक प्रोत्साहन नीतियों का लाभ निवेशकों को मिलेगा। भूमि प्रीमियम मात्र 1 रुपये प्रति वर्ग मीटर, डेवलपमेंट चार्ज 120 रुपये प्रति वर्ग फुट, बिजली 4.5 रुपये प्रति यूनिट और पानी 25 रुपये प्रति किलोलीटर की दरों पर उपलब्ध कराया जाएगा। अधोसंरचना और कनेक्टिविटी पार्क को वर्ल्ड क्लास इंडस्ट्रियल हब के रूप में तैयार किया जा रहा है। इसमें 2,063 करोड़ रुपये की लागत से कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है, जिसमें 60 और 45 मीटर चौड़ी सड़कें, सीवरेज और ड्रेनेज नेटवर्क, अंडरग्राउंड केबल, लॉजिस्टिक्स बे, पार्किंग, CETP, सोलर प्लांट, प्लग-एंड-प्ले यूनिट्स और सेंट्रलाइज्ड स्टीम बॉयलर शामिल हैं। पूरी यूटिलिटीज को CCTV, IoT और SCADA से मॉनिटर किया जाएगा। साथ ही 60 मीटर चौड़ा 6-लेन अप्रोच रोड, 220 केवी बिजली लाइन, और 20 एमएलडी जलापूर्ति का निर्माण तेजी से चल रहा है। पार्क राष्ट्रीय राजमार्ग (NH 47) से केवल 40 किमी, इंदौर हवाई अड्डे से 110 किमी और निकटतम रेलवे स्टेशन से 16 किमी की दूरी पर स्थित है। यह डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (रतलाम – 55 किमी) और ड्राई पोर्ट (पिथमपुर/तिही – 90 किमी) से भी जुड़ा रहेगा। सामाजिक और अनुसंधान सुविधाएँ पार्क में केवल औद्योगिक ही नहीं, बल्कि सामाजिक व सहयोगी अधोसंरचना भी विकसित की जा रही है। इसमें आवासीय टावर, कामकाजी महिलाओं के लिए आवास, अस्पताल, चाइल्ड केयर, रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर और टेस्टिंग लैब्स शामिल होंगे। इससे यह पार्क इंडस्ट्री-फ्रेंडली ही नहीं बल्कि वर्कर-फ्रेंडली भी बनेगा। वैश्विक निवेशकों का भरोसा कई अंतरराष्ट्रीय ब्रांड जैसे HanesBrands, PVH Corp, Puma और Mothercare पहले ही मध्यप्रदेश की संभावनाओं में रुचि जता चुके हैं। बायर सोर्सिंग लीडर्स (BSL) के साथ एमओयू से डिजाइन, लॉजिस्टिक्स और स्किल डेवेलपमेंट का एकीकृत नेटवर्क भी तैयार होगा। राष्ट्रीय दृष्टि से महत्व विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत में कई राज्य टेक्सटाइल पार्क विकसित कर रहे हैं, लेकिन मध्यप्रदेश का पीएम मित्रा पार्क अपने आकार, नीतिगत सहयोग और वैश्विक स्तर की अधोसंरचना के कारण सबसे बड़ा और सबसे प्रभावशाली होगा। यह राज्य के औद्योगिकीकरण की नई पहचान बनेगा और भारत की निर्यात क्षमता को भी नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा।  

GST सुधार से छोटे व्यवसाय होंगे मजबूत, अर्थव्यवस्था होगी और खुली – वित्त मंत्री

चेन्नई  केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कहा कि अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधार एक खुली और पारदर्शी अर्थव्यवस्था का निर्माण करेंगे, अनुपालन बोझ को कम करेंगे और छोटे व्यवसायों को फायदा पहुंचाएंगे। तमिलनाडु में सिटी यूनियन बैंक के 120वें स्थापना दिवस समारोह में बोलते हुए, वित्त मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगली पीढ़ी के सुधारों के लिए एक टास्क फोर्स के गठन की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य नियमों को सरल बनाना, अनुपालन लागत कम करना और स्टार्टअप्स तथा एमएसएमई के लिए एक अधिक सक्षम इकोसिस्टम का निर्माण करना है। वस्तु एंव सेवा कर की दरों को कम करने के लिए जीएसटी परिषद की बैठक 3-4 सितंबर को होनी है। वित्त मंत्री ने सभी बैंकों से अपील की कि वे विकास को गति प्रदान करें और विश्वास का निर्माण करें। साथ ही कहा कि बैंकों को अपने ढांचे में अच्छा प्रशासन सुनिश्चित करना चाहिए और प्रत्येक रुपए को राष्ट्र निर्माण में लगाना चाहिए। वित्त मंत्री सीतारमण ने आगे कहा कि अप्रैल-जून में हमारी वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रही है और हमारी सॉवरेन क्रेडिट रेटिंग 18 वर्षों में पहली बार अपग्रेड हुई है। पिछले 8 वर्षों में मुद्रास्फीति की दर में 1.15 प्रतिशत की गिरावट आई है। इस साल राजकोषीय घाटा 4.42 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। उन्होंने आगे कहा कि पीएम जन धन जैसी योजनाओं ने बड़े स्तर पर बदलाव लाया है और इसमें 56 करोड़ से ज्यादा बैंक खाते खोले गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से दिए भाषण में जीएसटी व्यवस्था में व्यापक बदलावों का संकेत देते हुए कहा था, "इस दिवाली, मैं आपके लिए दोहरी दिवाली मनाने जा रहा हूं। देशवासियों को एक बड़ा तोहफा मिलने वाला है, आम घरेलू वस्तुओं पर जीएसटी में भारी कटौती होगी।" प्रधानमंत्री मोदी ने जीएसटी दरों की समीक्षा की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया और इसे "समय की मांग" बताया। उन्होंने घोषणा की, "जीएसटी दरों में भारी कमी की जाएगी। आम लोगों के लिए कर कम किया जाएगा।" 

TMC मंच हादसे के बाद कोलकाता पुलिस की सख्ती, सेना का ट्रक रोका

कोलकाता  सेना द्वारा भारतीय जनता पार्टी (BJP) शासित राज्यों में बांग्लाभाषी प्रवासी श्रमिकों पर कथित अत्याचार के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस द्वारा बनाए गए मंच को गिरा दिए जाने के एक दिन बाद कोलकाता पुलिस ने मंगलवार को लापरवाही से वाहन चलाने के आरोप में सेना के एक ट्रक को रोक लिया। ट्रक चला रहे सैन्यकर्मी के खिलाफ खतरनाक तरीके से वाहन चलाने का मामला दर्ज किया गया। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह घटना पूर्वाह्न करीब 11 बजे राइटर्स बिल्डिंग के सामने हुई। उन्होंने कहा, 'वाहन इतनी तेज रफ्तार से चल रहा था कि मोड़ लेते समय एक बड़ा हादसा हो सकता था। कोलकाता पुलिस के आयुक्त मनोज वर्मा का वाहन ट्रक के पीछे चल रहा था।' कोलकाता पुलिस द्वारा जारी सीसीटीवी वीडियो में यातायात अधिकारियों द्वारा ट्रक को रोके जाने से लेकर तक की घटनाओं को दर्शाया गया है। वीडियो में सेना का वाहन बीबीडी बाग नॉर्थ रोड के बाएं किनारे पर राइटर्स बिल्डिंग ट्रैफिक सिग्नल पर धीमा होता हुआ दिखाई देता है, जहां से उसने अचानक दक्षिण की ओर दाहिनी ओर मुड़ने का प्रयास किया। वीडियो के अनुसार, ट्रक वर्मा की कार से टकराने से बाल-बाल बच गया और यह दुर्घटना से बचने के लिए सिग्नल पर दाहिनी ओर से तेजी से आगे निकल गया। वर्मा का वाहन सेना के ट्रक के पीछे चल रहा था। व्यस्त चौराहे पर यातायात का प्रबंधन कर रहे पुलिस अधिकारियों ने ट्रक को तेजी से जाते हुए देखा और उन्होंने नियमों का उल्लंघन करने के लिए उसे रोक दिया, क्योंकि चौराहे पर लगे यातायात संकेतों में वाहनों को सड़क के बाएं किनारे से दाहिनी ओर मुड़ने से मना किया गया था। सेना के अधिकारियों के अनुसार, ट्रक कोलकाता स्थित सेना के पूर्वी कमान मुख्यालय फोर्ट विलियम से बीबीडी बाग के पास ब्रेबोर्न रोड स्थित पासपोर्ट कार्यालय जा रहा था। अधिकारी ने बताया कि सेना के दो जवानों को ले जा रहे ट्रक को बाद में हेयर स्ट्रीट पुलिस थाने ले जाया गया। उन्होंने बताया कि चालक के खिलाफ खतरनाक तरीके से वाहन चलाने के लिए मोटर वाहन अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। फोर्ट विलियम के अधिकारी भी घटना के बारे में पुलिस से बात करने के लिए पुलिस थाने पहुंच गए हैं। सेना के अधिकारियों ने किसी भी गड़बड़ी से इनकार करते हुए कहा कि पुलिस ने वाहन को राइटर्स बिल्डिंग के पास मोड़ते समय रोका था। उन्होंने कहा कि यातायात के किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं किया गया है। मंगलवार को हुई इस घटना से के स्थल से कुछ ही दूरी पर सेना के अधिकारियों ने मध्य कोलकाता के मायो रोड पर गांधी प्रतिमा के पास बनाए गए तृणमूल कांग्रेस के मंच को सोमवार को इस आधार पर तोड़ना शुरू कर दिया था कि पार्टी ने कार्यक्रम की अनुमति की अवधि पार कर ली थी। मायो रोड रक्षा बलों के स्वामित्व और प्रशासन वाला क्षेत्र है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी घटनास्थल पर पहुंचीं और उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तृणमूल के खिलाफ ‘प्रतिशोध की राजनीति’ के अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए ‘भारतीय सेना का दुरुपयोग’ करने का आरोप लगाया था।  

मोदी के भावुक पलों में फूट पड़े आंसू, दिलीप जायसवाल और बिहार BJP अध्यक्ष भी रोए

पटना बिहार को जीविका बैंक की सौगात देने के बाद अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी काफी भावुक दिखे। पीएम अपनी दिवगंत मां पर की गई अभद्र टिप्पणी से आहत दिखे। जो बीते महीने इंडिया अलायंस की वोटर अधिकार यात्रा के मंच से की गई थी। पीएम मोदी आपत्तिजनक टिप्पणी का जवाब दे रहे थे। इस दौरान उन्होने कांग्रेस और आरजेडी पर निशाना साधा। वहीं इस कार्यक्रम को सुनने के दौरान बिहार बीजेपी के अध्यक्ष दिलीप जायसवाल भी रो पड़े। वो भी काफी भावुक हो गए, और आंखों से आंसू पोछते नजर आए। इस दौरान जायसवाल के अलावा कार्यक्रम में मौजूद अन्य लोग भी भावुक दिखे, महिलाएं भी अपने आंसू नहीं रोक पाई। आपको बता दें मंगलवार को वर्चुअली पीएम मोदी ने बिहार राज्य जीविका निधि साख सहकारी संघ लिमिटेड का वर्चुअल माध्यम से शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होने कहा कि मेरी मां को गाली दी गई, ये मेरी मां का अपमान नहीं है। ये देश की मां, बहन, बेटी का अपमान है। पीएम मोदी ने कहा- "मां हमारा संसार है। मां हमारा स्वाभिमान है। इस संस्कार संपन्न बिहार में कुछ दिन पहले जो हुआ, उसकी मैंने कल्पना भी नहीं की थी। बिहार में आरजेडी-कांग्रेस के मंच से मेरी मां को गालियां दी गईं। ये गालियां सिर्फ़ मेरी मां का अपमान नहीं हैं। ये देश की माताओं, बहनों और बेटियों का अपमान है। पीएम मोदी को मां की गाली देने के विरोध में 4 सितंबर को बिहार बंद बुलाया गया है। बीजेपी समेत एनडीए के सहयोगी दलों के नेता और महिलाएं सड़कों पर उतरेंगी। ये बंदी सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक रहेगी। इस दौरान बिहार भाजपा अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा कि राजद और कांग्रेस के द्वारा पीएम की मां पर आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल कराया गया है, इससे पूरा बिहार शर्मसार है।  

नगर विकास विभाग के नेतृत्व में किया गया लोगों को जागरूक

स्थानीय समस्याओं का समाधान करने और नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए नई पहल लखनऊ सीएम योगी के निर्देश पर नगर विकास विभाग के नेतृत्व में प्रदेश के विभिन्न नगर निगमों में स्वच्छता, नागरिक सुविधाओं और जन-जागरूकता के लिए 12 घंटे का विशेष अभियान चलाया गया। यह पहल स्वच्छ भारत मिशन और पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्यों के अनुरूप स्थानीय समस्याओं का समाधान करने और नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए शुरू की गई। यह अभियान न केवल लोगों की मूलभूत समस्याओं का समाधान करने में सफल रहा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्यों को भी मजबूत करता है। विभिन्न शहरों की मुख्य उपलब्धियां इस प्रकार हैं : लखनऊ : कर वसूली शिविर लखनऊ नगर निगम ने सभी आठ जोनों में 32 कर वसूली और शिकायत निवारण शिविर आयोजित किए। इन शिविरों में तत्काल कर संग्रह की व्यवस्था की गई और वॉर रूम से निगरानी की गई। अपर नगर आयुक्त और मुख्य कर निर्धारण अधिकारी के नेतृत्व में 1,365 शिकायतों का मौके पर समाधान किया गया और एक दिन में 2.30 करोड़ रुपये का कर संग्रह हुआ। गोरखपुर : प्लास्टिक मुक्त अभियान गोरखपुर नगर निगम ने वेंडिंग जोन और बाजार क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाकर दुकानदारों को कपड़े के थैले वितरित किए। इसके अलावा सिंगल यूज प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया। साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना भी लगाया गया। वाराणसी : कचरा पृथक्करण पहल वाराणसी में नगर निगम की टीम ने भरत मिलाप कॉलोनी और महेश नगर कॉलोनी के 86 घरों में कचरा पृथक्करण को बढ़ावा दिया। घर-घर जाकर जागरूकता अभियान चलाने के परिणामस्वरूप अब अधिकांश घरों में गीला और सूखा कचरा अलग-अलग डस्टबिन में डाला जा रहा है, जिसे नगर निगम की गाड़ियों से ले जाया जाता है। मथुरा-वृंदावन : सौंदर्यीकरण और स्वच्छता मथुरा-वृंदावन नगर निगम ने मछली फाटक के 15 साल पुराने कूड़ा ढलाव घर को पूरी तरह हटाकर उसका सौंदर्यीकरण किया गया, जिससे यह पूरी तरह स्वच्छ और आकर्षक बन गया। राधा अष्टमी के अवसर पर अहिल्या बाई पार्क और आसपास के क्षेत्रों में विशेष सफाई अभियान चलाया गया, जिसमें स्थानीय निवासियों को कचरा पृथक्करण और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित किया गया। गाजियाबाद: जलभराव समाधान गाजियाबाद नगर निगम ने भारी बारिश के दौरान मोहन नगर, शालीमार गार्डन और मोहन नगर बस स्टैंड में जलभराव की समस्या को हल करने के लिए जलकल, स्वास्थ्य और निर्माण विभागों की संयुक्त कार्रवाई की। 20 साल पुराने नालों और पाइपलाइनों की सफाई कर जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान किया गया, जिससे स्थानीय निवासियों ने संतुष्टि जताई। अयोध्या : कचरा संग्रहण में तेजी अयोध्या को भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड से 20 इलेक्ट्रॉनिक हॉपर टिपर प्राप्त हुए, जिससे स्वच्छ भारत मिशन के तहत डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण को गति मिलेगी। प्रत्येक वार्ड में एक टिपर उपलब्ध होगा, जिसे जीपीएस और रूट मैप के साथ संचालित किया जाएगा। शाहजहांपुर : गीले कचरे का निस्तारण शाहजहांपुर नगर निगम ने निगोही रोड पर वर्षों पुराने 150 टन गीले कचरे के ढेर को ट्रीटमेंट प्लांट भेजकर निस्तारित किया। इससे लंबे समय से चल रही एक पुरानी समस्या का समाधान हुआ। मुरादाबाद : कचरा निस्तारण मुरादाबाद नगर निगम ने विशेष अभियान के तहत 200 मीट्रिक टन कचरे का निस्तारण किया। यह क्षेत्र नगर निगम को हस्तांतरित नहीं होने के कारण लंबे समय से उपेक्षित था, जिससे यह एक बड़ा गार्बेज वल्नरेबल पॉइंट बन गया था। 250 सफाई कर्मियों और आधुनिक उपकरणों की मदद से इसे साफ किया गया और निवासियों को कचरा नगर निगम की गाड़ियों में देने के लिए प्रोत्साहित किया गया। बरेली : बेहतर जल आपूर्ति बरेली नगर निगम ने वार्ड-53, मोहल्ला रोहली टोला और आशीष रॉयल पार्क कॉलोनी में जल आपूर्ति की समस्याओं का समाधान किया। रोहली टोला में 1,100 मीटर नई पाइपलाइन बिछाकर 200 भवनों में शुद्ध पेयजल सुनिश्चित किया गया। आशीष रॉयल पार्क कॉलोनी में नलकूप की बोरिंग फेल होने के बाद 15 एचपी का नया नलकूप स्थापित किया गया, जिससे 260 परिवारों को शुद्ध पानी मिल रहा है। कानपुर : सिंगल यूज प्लास्टिक पर जागरूकता कानपुर नगर निगम ने सिंगल यूज प्लास्टिक के बहिष्कार और स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए तीन नए फुटबॉल ग्राउंड का उद्घाटन किया और फ्रेंडली फुटबॉल मैच आयोजित किए। प्रयागराज : बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सफाई प्रयागराज नगर निगम ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वच्छता और एंटी-लार्वा फॉगिंग अभियान चलाया। वार्ड समिति सदस्यों और नागरिक समाज के साथ मिलकर अपशिष्ट पृथक्करण पर जोर दिया गया। इससे मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम में मदद मिली। मेरठ : गौशाला निरीक्षण मेरठ नगर आयुक्त ने कान्हा गौशाला का निरीक्षण कर निराश्रित और अशक्त गौवंश की देखभाल, पोषण और स्वास्थ्य प्रबंधन की स्थिति का जायजा लिया। सामाजिक संस्थाओं और स्कूलों के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया। नगर आयुक्त ने कहा, गौ सेवा केवल धार्मिक कर्तव्य नहीं, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व भी है। फिरोजाबाद : जलभराव निवारण फिरोजाबाद नगर निगम ने दो दिन की बारिश के बाद जलभराव की 12 शिकायतों का त्वरित निस्तारण किया। नगर आयुक्त ने स्वयं कंट्रोल रूम और फील्ड में निगरानी की और नागरिकों के फीडबैक के आधार पर समस्याओं का समाधान किया। अलीगढ़ : जलभराव और खेल सुविधा अलीगढ़ नगर निगम ने बारिश से उत्पन्न जलभराव को कम करने के लिए निरंतर कार्य किया। सीएनडीएस परियोजनाओं की समीक्षा की गई और नारंगी लाल स्मार्ट सिटी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को अगले 2-3 सप्ताह में हस्तांतरित करने की तैयारी पूरी की गई, जिससे शहर को नई खेल सुविधा मिलेगी।

लोगों को आवाजाही में हो रही दिक्कत के चलते कलेक्टर द्वारा एक ही दिन के भीतर मरम्मत करने के दिए गए थे निर्देश

दंतेवाड़ा जिले में विगत सप्ताह अति वर्षा के कारण जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पुल-पुलियों जैसी आवागमन से जुड़ी अधोसंरचनाओं को भारी नुकसान पहुंचा था। इनमें अधिकतर पुल-पुलियों के ध्वस्त होने की घटनाएं दन्तेवाड़ा एवं गीदम विकासखण्ड के अन्तर्गत हुई। बारसूर नगर पंचायत क्षेत्र में भी पुल-पुलिया भी इससे प्रभावित हुए इनमें गणेष बहार नाला एवं मांडर नाला प्रमुख है। यातायात व्यवस्था को पुनः सुचारू संचालन के लिए कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत द्वारा इन क्षतिग्रस्त पुल-पुलियों का निरीक्षण और इसके वैकल्पिक मरम्मत के लिए लगातार इन क्षेत्रों का मॉनिटरिंग किया जाता रहा। इस संबंध में उन्होंने पीडब्ल्यूडी एवं पीएमजीएसवाय के विभाग प्रमुखों को तात्कालिक मरम्मत कार्य करने के लिए स्पष्ट रूप से निर्देश दिए गए थे ताकि सड़क संपर्क मे किसी भी स्थिति में लंबे समय तक बाधित न हो। इस क्रम में उनके द्वारा दिनांक 30 अगस्त को अपने दौरे में गणेश बहार नाले पुल को पुनर्स्थापित करने हेतु पीडब्ल्यूडी विभाग को 24 घंटे के अंदर कार्य पूर्ण करने कहा था।    फलस्वरूप 31 अगस्त तक विभाग द्वारा आवाजाही हेतु वैकल्पिक मरम्मत कार्य पूर्ण कर लिया गया। जिसका कलेक्टर द्वारा स्थल निरीक्षण कर विभागीय अधिकारियों को क्षतिग्रस्त पुल में पर्याप्त मात्रा में मिट्टी एवं बोल्डर डालकर मजबूती देने हेतु दिशा निर्देश दिए गए। ताकि भारी वाहन भी सुरक्षित रूप से गुजर सकें। इसके साथ ही कलेक्टर ने देर शाम तक बारसूर से नारायणपुर जोड़ने वाले मांडर नाले एवं ग्राम बालपेट के क्षतिग्रस्त पुल के निर्माण कार्य का जायजा लेते हुए इसके भी मरम्मती कार्य को तेजी से पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस दौरान पुलिस अधीक्षक श्री गौरव राय, जिला पंचायत सीईओ श्री जयंत नाहटा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री उदित पुष्कर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

पंजाब और जम्मू-कश्मीर को राहत: CM सैनी ने भेजे 5-5 करोड़ रुपये

चंडीगढ़  मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जम्मू-कश्मीर और पंजाब में बाढ़ से बिगड़े हालात को देखते हुए राहत कार्यों के लिए दोनों राज्यों को 5-5 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। सरकार ने इसे मानवीय दायित्व बताते हुए कहा कि ये इंसान का धर्म है कि ऐसे हालत में उनके साथ खड़े रहें। सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए सीए सैनी ने लिखा कि इस संकट की घड़ी में हरियाणा सरकार और प्रदेश की जनता प्रभावित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है। मुख्यमंत्री राहत कोष से पंजाब और जम्मू-कश्मीर के लिए 5-5 करोड़ रुपये की सहायता राशि भेजी गई है। यह मदद राहत और बचाव कार्यों में सहायक होगी और प्रभावित परिवारों तक त्वरित सहायता पहुँचाने में मदद करेगी।  हरियाणा सरकार का यह प्रयास है कि ज़रूरत पड़ने पर आगे भी हर संभव सहयोग किया जाए। हम सभी प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाते हैं कि हरियाणा उनकी सहायता के लिए हमेशा तत्पर रहेगा। इस कठिन समय में हम सब मिलकर इस आपदा का सामना करेंगे। हरियाणा, पंजाब और जम्मू-कश्मीर एकजुट होकर इस संकट को पार करेंगे। 

CM भगवंत मान की आंखों में आए आंसू, बाढ़ पीड़ितों को दिया हिम्मत का संदेश

फिरोजपुर पंजाब में बाढ़ ने तबाही मचा रखी है और लोग त्राहि-त्राहि कर रहे हैं। चारों तरफ हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। इसी बीच मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज फिरोजपुर के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। उन्होंने बाढ़ की मार झेल रहे सरहदी गांवों के लोगों से मुलाकात की और उनकी परेशानियां सुनीं। इतने गंभीर हालात देखकर और लोगों की बदहाली देखकर मुख्यमंत्री मान की आंखों में भी आंसू आ गए। बाढ़ पीड़ित एक महिला ने अपना दुख सुनाते हुए कहा कि सब कुछ बह जाएगा और हमारा कुछ भी नहीं बचेगा। इस पर मुख्यमंत्री भावुक होकर बोले कि सब कुछ ठीक हो जाएगा, यह प्राकृतिक आपदा है और सब कुछ मुझ पर छोड़ दो। बताने योग्य है कि मुख्यमंत्री मान न केवल बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहे हैं, बल्कि बाढ़ प्रबंधन पर भी व्यक्तिगत रूप से नजर रख रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को बाढ़ पीड़ितों की हर संभव मदद करने के सख्त निर्देश दिए हैं। आज मुख्यमंत्री की ओर से एक उच्च स्तरीय बैठक भी की जाएगी जिसमें पूरे राज्य में चल रहे राहत कार्यों की स्थिति का जायजा लिया जाएगा। बैठक में बाढ़ के खतरे से बचाव के लिए अन्य जरूरी कदम उठाने पर भी चर्चा होगी। 

संविदा कर्मियों व सचिवों को राहत, सैलरी में बढ़ोतरी; बिहार कैबिनेट ने 49 प्रस्तावों को दी मंजूरी

पटना  बिहार सरकार ने मंगलवार को प्रशासनिक, सामाजिक और आर्थिक क्षेत्रों के 49 प्रस्तावों को मंज़ूरी दे दी, जिससे संविदा कर्मियों और पंचायती राज कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली। यह निर्णय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में सचिवालय के केंद्रीय कक्ष में हुई राज्य कैबिनेट की एक महत्वपूर्ण बैठक में लिया गया।  ग्राम कचहरी सचिवों का वेतन हुआ 9,000  नीतीश कुमार सरकार ने ग्राम कचहरी सचिवों का वेतन 6,000 रुपए से बढ़ाकर 9,000 रुपए कर दिया है, जिसे पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करने के तौर पर देखा जा रहा है। तकनीकी सहायकों और लेखाकार-सह-आईटी सहायकों के अलावा, बिहार गृह रक्षा वाहिनी के सदस्यों के ड्यूटी भत्ते में भी वृद्धि की गई है। तकनीकी सहायकों को पहले 27,000 रुपए मिलते थे और अब उन्हें 40,000 रुपए प्रति माह मिलेंगे। लेखाकार-सह-आईटी सहायकों को पहले 20,000 रुपए मानदेय मिलता था, और कैबिनेट की मंज़ूरी के बाद अब उन्हें 30,000 रुपए प्रति माह मिलेंगे। हजारों संविदा कर्मचारियों को होगा सीधा लाभ नया मानदेय 1 जुलाई से लागू होगा, जिससे उन हजारों संविदा कर्मचारियों को सीधा लाभ होगा जो वर्षों से वेतन वृद्धि की मांग कर रहे थे। कैबिनेट ने युवाओं के लिए रोजगार सृजन पर ध्यान केंद्रित करते हुए कई विभागों में नई भर्तियों को भी मंजूरी दी। इनमें शिक्षा विभाग में शिक्षकों की नियुक्तियां और कला एवं संस्कृति विभाग में नई भर्तियां शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि इन दोनों प्रस्तावों का उद्देश्य बेरोज़गारी कम करना और राज्य भर में शिक्षा एवं सांस्कृतिक बुनियादी ढांचे को मज़बूत करना है। अन्य प्रस्तावों में विभिन्न विभागों के लिए योजनाओं को मंज़ूरी, बुनियादी ढांचे का विकास, शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए नई परियोजनाएं और सेवा शर्तों में संशोधन शामिल हैं।  राज्य सरकार द्वारा लिए गए इन फैसलों को जनहित की रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है। अगले कुछ दिनों में, संबंधित विभागों द्वारा इन प्रस्तावों को लागू करने की दिशा में अधिसूचनाएं जारी की जाएंगी। चुनावी साल में, नीतीश सरकार ने युवाओं, जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं और शिक्षा व अन्य क्षेत्रों से जुड़े कर्मचारियों के लिए कई फैसलों की घोषणा की है। कैबिनेट के ताजा फ़ैसलों को समाज के प्रमुख वर्गों, ख़ासकर ग्रामीण मज़दूरों, संविदा कर्मचारियों और नौकरी की तलाश में जुटे युवाओं को लुभाने की सरकार की व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।