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मनोज जरांगे आंदोलन खत्म करने को तैयार, बोले- जीत हमारी हुई, लेकिन शर्त भी होगी पूरी

मुंबई  मुंबई में जारी मराठा आंदोलन पर जल्द ही विराम लगने वाला है। मराठा कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल ने राज्य सरकार के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। हालांकि, उन्होंने साफ कर दिया है कि एक बार GR यानी सरकारी प्रस्ताव जारी होने के बाद आजाद मैदान को खाली कर दिया जाएगा। खास बात है कि बंबई उच्च न्यायालय ने भी आंदोलन के लिए मुंबई की सड़कों को रोकने पर आपत्ति जताई थी। मंगलवार को ही महाराष्ट्र सरकार में मंत्री राधाकृष्ण विखे-पाटिल की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल ने जरांगे से मुलाकात की थी। उन्होंने सरकार के इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है कि मराठाओं को कुनबी प्रमाण पत्र देने के लिए हैदराबाद गजट लागू किया जाएगा, एक महीने के अंदर ही ऐसा ही फैसला सतारा रियासत को लेकर भी लिया जाएगा। साथ ही सितंबर के अंत तक मराठा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज केस वापस लिए जाएंगे। इसके अलावा प्रस्ताव में आंदोलन के दौरान मारे गए लोगों के परिजनों को आर्थिक मुआवजा देने की बात भी शामिल है। जरांगे 29 अगस्त से दक्षिण मुंबई के आजाद मैदान में भूख हड़ताल कर रहे हैं और ओबीसी समूह के तहत सरकारी नौकरियों और शिक्षा में मराठा समुदाय के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण की मांग कर रहे हैं। दरअसल, हैदराबाद गजट पर जरांगे इसलिए जोर दे रहे हैं, क्योंकि उनका मानना है कि साबित करता है कि मराठवाड़ा क्षेत्र में रह रहे मराठाओं को आधिकारिक तौर पर कुनबी माना गया था। महाराष्ट्र में कुनबी समुदाय को ओबीसी के तहत आरक्षण मिलता है। खास बात है कि मौजूदा मराठवाड़ा क्षेत्र पहले हैदराबाद राज्य का हिस्सा हुआ करता था। जरांगे ने समर्थकों से कहा, 'हम आपकी ताकत से जीत गए हैं। आज मैंने गरीब की ताकत को समझ लिया है।'  

मंत्री सारंग ने की राज्य सहकारी उपभोक्ता संघ की गतिविधियों की समीक्षा

भोपाल  सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने मंगलवार को मध्यप्रदेश राज्य सहकारी उपभोक्ता संघ की गतिविधियों की समीक्षा करते हुए कहा कि उपभोक्ता संघ को आर्थिक रूप से सशक्त और प्रासंगिक बनाने के लिये अभिनव कदम उठाने होंगे। संघ को पुनर्जीवित करने के लिये सीपीपीपी (को-ऑपरेटिव पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल को अपनाया जाए, जिससे संघ की व्यावसायिक गतिविधियों में आधुनिकता और प्रतिस्पर्धात्मकता आ सकेगी। मंत्री श्री सारंग ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि उपभोक्ता संघ को ग्लोबल मार्केट से जोड़ने की दिशा में ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए। इसके अंतर्गत बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स के साथ कार्य करने की संभावनाओं को तलाशा जाए। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता संघ द्वारा संचालित उपभोक्ता केंद्रों को बहुउद्देशीय बनाया जाए, क्योंकि ये केंद्र शहरों की प्रमुख लोकेशन्स पर स्थित हैं और बड़े ब्रांड्स को जोड़ने के लिये आकर्षण का केंद्र बन सकते हैं। बैठक में मंत्री श्री सारंग ने उपभोक्ता संघ की वर्तमान आर्थिक स्थिति, व्यवसाय, मानव संसाधन, और व्यवसाय वृद्धि की संभावनाओं की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिये कि उपभोक्ता संघ को ‘सहकारिताओं से सहकार’ के सिद्धांत पर कार्य करते हुए प्रदेश की अन्य सहकारी संस्थाओं के साथ व्यवसायिक गतिविधियों को जोड़ने की रूपरेखा तैयार करनी चाहिए। खाद्यान्न उपार्जन से संबंधित आवश्यक सामग्रियों के प्रदाय के लिए उपभोक्ता संघ को नोडल एजेंसी नियुक्त करने के विषय पर भी चर्चा हुई। सुझाव दिया गया कि पैक्स और विपणन समितियों द्वारा समर्थन मूल्य पर खरीदी के दौरान उपार्जन में उपयोग होने वाली सामग्रियां विभिन्न जिलों में उनकी मांग के अनुसार उपभोक्ता संघ उपलब्ध कराए। इससे संघ को प्राप्त होने वाला मार्जिन उसकी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करेगा और साथ ही उपार्जन करने वाली समितियों को पूरे प्रदेश में गुणवत्ता युक्त सामग्रियां न्यूनतम मूल्य पर उपलब्ध हो सकेंगी। मंत्री श्री सारंग ने विस्तृत कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिये। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि सहकारी उपभोक्ता संघ को पुनः सक्रिय और प्रगतिशील बनाने के लिये हर स्तर पर ठोस और दूरगामी कदम उठाए जाएं। बैठक में प्रमुख सचिव सहकारिता श्री डी.पी. आहूजा, आयुक्त सहकारिता श्री मनोज पुष्प, प्रबंध संचालक उपभोक्ता संघ श्री ऋतुराज रंजन, प्रबंध संचालक अपेक्स बैंक श्री मनोज गुप्ता सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई सिंहस्थ-2028 के लिए गठित मंत्रीमंडलीय समिति की बैठक

धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों की सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते हों सुनिश्चित भीड़ प्रबंधन, आवागमन, पार्किंग और पदयात्रियों की सुविधा का रखे विशेष ध्यान कचरा प्रबंधन के लिए अद्यतन तकनीक का हो उपयोग भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सिंहस्थ-2028 महापर्व के सुव्यवस्थित संचालन के लिए दीर्घकालीन कार्ययोजना का समय-सीमा में क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाये। संबंधित विभाग उनके कार्यक्षेत्र में जारी गतिविधियों की निरंतर समीक्षा कर यह सुनिश्चित करें कि सभी निर्माण कार्य दिसम्बर 2027 तक अनिवार्यत: पूर्ण हों। साथ ही भीड़ प्रबंधन तथा समस्त प्रमुख धार्मिक, सांस्कृतिक आयोजनों के लिए आवश्यक समन्वय भी इस अवधि तक सुनिश्चित कर लिया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रालय में सिंहस्थ-2028 के लिए गठित मंत्रीमंडलीय समिति की चतुर्थ बैठक में ये निर्देश दिए। बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह, परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती सम्पतिया उइके, खाद्य, नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत, ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर (स्वतंत्र प्रभार), सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य कुमार काश्यप, संस्कृति राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी, तकनीकी शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम टैटवाल, नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन सहित संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव एवं प्रमुख सचिव उपस्थित थे। निर्माण कार्यों और व्यवस्थाओं में स्थानीय निवासियों को बनाएं सहभागी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ संबंधी निर्माण कार्यों तथा नगर के भीतर के मार्गों के चौड़ीकरण कार्य व अन्य योजनाओं के क्रियान्वयन में स्थानीय निवासियों को सहभागी बनाया जाए और उनके अभिमत को भी महत्व दिया जाए। सिंहस्थ के दौरान पदयात्रियों की सुविधा और वाहनों की पार्किंग का विशेष ध्यान रखा जाए। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि इसके संबंध में सूचनाओं की सरल, सहज उपलब्धता सभी तक हो। सिंहस्थ अवधि में स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कचरा प्रबंधन के लिए अद्यतन तकनीक का उपयोग किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बेहतर प्रबंधन के लिए उज्जैन को सात जोन में विभाजित करते हुए पेयजल, स्वच्छता, आवागमन, कानून व्यवस्था, स्वास्थ्य, आवास आदि का प्रबंधन किया जाए। नगर निगम और विकास प्राधिकरण सहित अन्य संबंधित संस्थाओं की क्षमता विकास के लिए समय रहते आवश्यक कदम उठाए जाएं। उज्जैन सहित खण्डवा, मंदसौर और खरगोन में भी होंगे कार्य बैठक में कुल 2675 करोड़ रूपए लागत के 33 कार्य स्वीकृति के लिए प्रस्तुत किए गए। इनमें 25 कार्य उज्जैन, 3 खण्डवा, 2 मंदसौर और 3 खरगोन में होने हैं। इनमें नगरीयविकास एवं आवास विभाग के 21, लोक निर्माण के 6, रेलवे के 2 एवं पर्यटन, गृह, एमपीआरडीसी और जल संसाधन विभाग के एक-एक कार्य शामिल हैं। 12 किलोमीटर लंबे 6 लेन मार्ग से सभी घाटों को जोड़ा जाएगा मंत्री-मण्डलीय समिति की चतुर्थ बैठक में क्षिप्रा नदी के पश्चिमी भाग पर सिंहस्थ बायपास से मेला क्षेत्र को आने वाले सभी मार्गों को कनेक्ट करते हुए नदी के पास स्थित मंदिरों और सभी घाटों को जोड़ने वाले एमआर-22 को स्वीकृति प्रदान की गई। लगभग 194 करोड़ रूपए लागत से बनने वाले 12 किलोमीटर लंबे 6 लेन मार्ग से सभी घाटों को जोड़ा जाएगा और सिंहस्थ के दौरान इसका बस रैपिट ट्रांजिट के रूप में उपयोग किया जा सकेगा। इसी प्रकार सिंहस्थ बायपास से रामघाट तक पहुंचने के लिए बड़नगर रोड के विकल्प के रूप में कार्तिक मेला ग्राउण्ड से नईखेड़ी मार्ग को अनुमोदन प्रदान किया गया। लगभग 3 किलोमीटर लंबे 36.59 करोड़ रूपए लागत के इस फोरलेन मार्ग से सिंहस्थ बायपास से शंकराचार्य चौराहे तक के ट्रैफिक कंजेशन में कमी आएगी। इसी प्रकार इंदौर उज्जैन रोड से क्षिप्रा नदी के पश्चिम भाग को जोड़ने के लिए शनि मंदिर से जीवनखेड़ी रोड, इंदौर रोड से आने वाले श्रद्धालुओं को त्रिवेणी घाट और शनि मंदिर तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्ग के रूप में उपयोग किए जाने वाले शांतिधाम चौराहा से शनि मंदिर रोड और महाकाल मंदिर को रामघाट से सीधे जोड़ने व महाकाल आने वालों को चौड़ा मार्ग उपलब्ध कराने के लिए महाराज वाडा चौराहा से हरसिद्धि मंदिर चौराहा क्षिप्रा नदी तक के रोड को समिति ने अनुमोदन प्रदान किया। सुगम यातायात के लिए हो रही है पुख्ता व्यवस्था मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में नरसिंहघाट रोड से दत्त अखाड़ा जोन, भूखीमाता मंदिर और नदी के पश्चिमी भाग को जोड़ने में वैकल्पिक रोड के रूप में उपयोग होने वाले कर्कराज पार्किंग से भूखीमाता मार्ग, लालपुल से एमआर-22 तक की 1.5 किलोमीटर लंबे फोरलेन मार्ग, भृतहरीगुफा से ऋणमुक्तेश्वर के बीच सुगम यातायात प्रबंधन के लिए 2 लेन मार्ग, गढ़कालिका मंदिर से पीर मत्स्येंद्रनाथ समाधि तक 2 लेन मार्ग को स्वीकृति प्रदान की गई। इसी प्रकार सुगम यातायात की पुख्ता व्यवस्था के लिए जूना सोमवारिया से पिपली नाका, अंकपात चौराहा मार्ग तक फोरलेन मार्ग, पिपली नाका से गढ़कालिका मंदिर ओखलेश्वर शमशान तक 6 लेन और सर्विस लेन, भैरवगढ़ जेल चौराहा से पिपलीना का 6 लेन सर्विस लेन, महाकाल पार्किंग से चौबीस खंबा सड़क तक फोरलेन, हरसिद्धि पाल से रामघाट रोड चौड़ीकरण, नीलकंठ द्वार से महाकाल चौराहा तक सड़क चौड़ीकरण और मकाड़िया आम चौराहा से विराट नगर होते हुए कानीपुरा-तराना मार्ग तक सड़क निर्माण कार्य को स्वीकृति प्रदान की गई। पर्यटन विभाग को सौंपा जाएगा ग्रांड होटल परिसर बैठक में क्षिप्रा नदी पर 122 करोड़ रूपए लागत से लगभग 9 किलोमीटर लंबाई के घाटों के उन्नयन कार्य, छत्री चौक स्थित रीगल टॉकीज पर पार्किंग, प्लाजा व दुकानों के निर्माण कार्य को स्वीकृति प्रदान की गई। इसके साथ ही ग्रांड होटल परिसर को पर्यटन विभाग को हस्तांतरित करने के उद्देश्य से अधिकारियों और स्टाफ क्वार्टर निर्माण तथा शहर के प्रमुख मार्गों के सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित परिवारों के लिए पंवासा में भूखंड आवंटन के लिए अधोसंरचना विकास के उद्देश्य से आवश्यक अधोसंरचना सुविधाएं विकसित करने के लिए 10 करोड़ 34 लाख रूपए की स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में उज्जैन में रेलवे स्टेशन पर सुगम आवागमन के लिए पुल निर्माण, नईखेड़ी रेलवे स्टेशन, पंवासा फ्लैग स्टेशन, चिंतामन गणेश रेलवे स्टेशन कनेक्टिविटी के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। ओंकारेश्वर में वर्तमान झूला पुल के समांतर होगा नए पुल का निर्माण बैठक में ओंकारेश्वर … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा विक्रमादित्य वैदिक घड़ी स्थापित करने पर कैबिनेट के सदस्यों ने माना आभार

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा मुख्यमंत्री निवास में विक्रमादित्य वैदिक घड़ी स्थापित किए जाने पर मंत्रि-परिषद के सदस्यों ने शॉल और पुष्प-गुच्छ भेंट कर आभार व्यक्त किया। मंत्रियों ने कहा कि यह पहल भारतीय परंपरा, वैदिक गणना और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को नई पीढ़ी तक पहुंचाने वाली है, जो प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत करेगी। विक्रमादित्य वैदिक घड़ी भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक तकनीक का अद्भुत संगम है। यह घड़ी केवल समय बताने तक सीमित नहीं है, बल्कि सूर्योदय, सूर्यास्त, राहुकाल, अभिजीत मुहूर्त और चंद्रमा की स्थिति जैसी जानकारी भी उपलब्ध कराती है। इसमें वैदिक समय के साथ-साथ भारतीय मानक समय और ग्रीनविच मानक समय का तुलनात्मक अध्ययन भी संभव है। इस अनूठी घड़ी के साथ मोबाइल एप भी तैयार किया गया है, जो 189 से अधिक भाषाओं में उपलब्ध है और विश्वभर के 7000 से अधिक स्थानों के लिए समय व पंचांग की जानकारी देता है। मंत्रियों ने कहा कि उज्जैन की वैदिक और सांस्कृतिक परंपरा से प्रेरित यह घड़ी मुख्यमंत्री निवास में स्थापित होना गर्व की बात है। यह पहल प्रदेश की गौरवशाली धरोहर को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाने के साथ युवाओं को वैदिक विज्ञान और गणना प्रणाली से जोड़ने में सहायक सिद्ध होगी। इस अवसर पर परिवहन, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत, अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री नागर सिंह चौहान, ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास और धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम टेटवाल, पशुपालन एवं डेयरी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लखन पटेल, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री नारायण सिंह पवार सहित अन्य मंत्री शामिल थे।  

भाजपा के आरोप के बाद पवन खेड़ा पर कार्रवाई, EC के नोटिस पर कांग्रेस नेता का पलटवार

नई दिल्ली भारतीय जनता पार्टी ने मंगलवार को कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता पवन खेड़ा के पास दो मतदाता पहचान पत्र होने का आरोप लगाया, जिसके बाद दिल्ली निर्वाचन कार्यालय ने खेड़ा को नोटिस जारी करते हुए उनसे जवाब मांगा है। उन्हें यह नोटिस एक से ज्यादा निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची में अपना पंजीकरण कराने के लिए जारी किया गया है और उनसे छह दिन के अंदर जवाब देने के लिए कहा गया है। यह मामला तब चर्चा में आया जब भाजपा की आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने मंगलवार सुबह एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कांग्रेस प्रवक्ता पर निशाना साधा और उनके पास दो वोटर आईडी होने व उनका नाम दो लोकसभा क्षेत्रों में होने का आरोप लगाया। उधर इस मामले में खेड़ा की प्रतिक्रिया भी सामने आ गई है और उन्होंने इसके लिए चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराते हुए आयोग की प्रणाली पर सवाल उठाए हैं। इस बारे में जानकारी देते हुए भाजपा नेता अमित मालवीय ने मंगलवार सुबह सोशल मीडिया पर लिखा, 'राहुल गांधी ने जोर-जोर से वोट चोरी चिल्लाया। लेकिन जैसे वो यह बताना भूल गए थे कि उनकी मां सोनिया गांधी ने भारतीय नागरिक बनने से पहले ही भारत की मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करा लिया था, वैसे ही अब ये बात सामने आई है कि गांधी परिवार से अपनी नजदीकी दिखाने का कोई मौका नहीं छोड़ने वाले कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा के पास दो सक्रिय EPIC नंबर हैं (जंगपुरा और नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्रों में, जो क्रमशः पूर्वी दिल्ली और नई दिल्ली लोकसभा सीटों के अंतर्गत आते हैं)।' इसके आगे अपनी पोस्ट में अमित मालवीय ने चुनाव आयोग से इस बारे में जांच करने का अनुरोध करते हुए लिखा, 'अब चुनाव आयोग को यह जांच करनी है कि पवन खेड़ा के पास दो सक्रिय EPIC नंबर कैसे हैं और क्या उन्होंने कई बार मतदान किया, जो चुनावी कानूनों का स्पष्ट उल्लंघन है।' आगे उन्होंने लिखा, 'खेड़ा यह मानकर चल रहे हैं कि एक से ज्यादा वोट रखना अपराध नहीं है और बिहार में मतदाताओं को गुमराह करने, मतभेद पैदा करने और भारत की मज़बूत चुनावी प्रक्रिया को कमजोर करने के लिए दुर्भावनापूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं।' आगे मालवीय ने तंज कसते हुए लिखा, 'रिकॉर्ड के लिए बता रहा हूं, राहुल गांधी ने अभी तक बेंगलुरु के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र के बारे में लगाए गए फर्जी आरोपों की जांच की मांग के लिए शपथ पत्र पर औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं की है। यह तो बताने की जरूरत नहीं कि सुप्रीम कोर्ट महाराष्ट्र में गड़बड़ी के आरोपों वाले मामले को पहले ही खारिज कर चुका है।' भाजपा नेता ने आगे लिखा, 'सच तो साफ है: कांग्रेस पूरी तरह से वोट चोर है। इसलिए वे सबको एक ही ब्रश से कलंकित करना चाहते हैं। बहुत लंबे समय से, उन्होंने हमारी चुनावी व्यवस्था को विकृत किया है, अवैध घुसपैठियों और गैर-भारतीयों को वैध बनाकर जनादेश चुराया है, और अब उन्हें चिंता है कि चुनाव आयोग द्वारा शुरू की गई विशेष गहन समीक्षा (SIR) उन्हें और बेनकाब कर देगी। अब समय आ गया है कि भारत को यह एहसास हो कि राहुल गांधी हमारे लोकतंत्र के लिए खतरनाक हैं।' पवन खेड़ा ने आरोप को लेकर आयोग को ही घेरा उधर अपने ऊपर लगे आरोपों पर कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'कांग्रेस पार्टी भी तो यही बातें कर रही है, चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर हम यही सवाल तो उठा रहे हैं। यह सूची तमाम भाजपा नेताओं के साथ-साथ चुनाव आयोग के पास भी उपलब्ध है। कांग्रेस बार-बार सूची मांगती है, लेकिन उसे कभी नहीं मिलती। हमें बीजेपी से पता चलता है कि हमारे नाम कहां-कहां हैं। मैं चुनाव आयोग से जानना चाहता हूं कि मेरे नाम पर नई दिल्ली विधानसभा में किससे वोट करवा रहे हैं। मुझे सीसीटीवी फुटेज चाहिए वहां की, कि अबतक मेरा नाम वहां पर क्यों है। मैंने साल 2016 में उस इलाके को छोड़ दिया था, तब मैंने नाम कटवाने की जो भी प्रक्रिया थी, उसका पालन करते हुए आवेदन किया था, लेकिन मेरा नाम अभी भी वहां पर क्यों है? भारत के हर निर्वाचन क्षेत्र में ऐसे सैकड़ों-हजारों नाम हैं। इनका दुरुपयोग भी हो रहा है।' खेड़ा ने कहा कि सूची ठीक करना चुनाव आयोग का काम है और कई बार सूची ठीक करने की प्रक्रिया चलाई गई है इसके बावजूद उनका नाम नहीं हटाया जा रहा है तो इसमें उनका कोई दोष नहीं है। उन्होंने कहा कि यही आरोप कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगा रहे हैं कि मतदाता सूची में आयोग गड़बड़ी करता है। आयोग को बताना चाहिए कि वह जिस क्षेत्र में नौ साल से नहीं हैं उनके नाम पर वहां किससे मतदान कराया जा रहा है। आयोग के साथ मिलकर भाजपा इसी तरह के फर्जी मतदान करवा रही है और यही आरोप गांधी भी लगा रहे हैं।  

नागरिक आपूर्ति निगम के कर्मचारियों को भी मिलेगा चतुर्थ समयमान वेतनमान

राज्य शासन द्वारा घोषित ग्रह भाड़ा भत्ता भी मिलेगा खाद्य मंत्री श्री राजपूत की अध्यक्षता में संचालक मण्डल की बैठक में हुआ निर्णय भोपाल खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में नागरिक आपूर्ति निगम और भण्डार गृह निगम के संचालक मण्डल की बैठक में कर्मचारियों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये। अब नागरिक आपूर्ति निगम के कर्मचारियों को भी चतुर्थ समयमान वेतनमान मिलेगा। साथ ही गृह भाड़ा भत्ते भी राज्य शासन द्वारा घोषित दरों के अनुसार दिये जायेंगे। खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि कर्मचारियों के हितों का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। कर्मचारियों को भी विभाग के हित में बेहतर से बेहतर कार्य कर अपनी उपयोगिता सिद्ध करनी होगी। अनुग्रह राशि हुई दोगुनी से भी अधिक बैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि कॉर्पोरेशन के कर्मियों की सेवा में रहते हुए मृत्यु होने पर परिवार को अनुग्रह राशि दोगुनी से भी अधिक दी जायेगी। वर्तमान में 50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि दी जाती है। अब अधिकतम एक लाख 25 हजार रुपये तक अनुग्रह राशि दी जायेगी। निगम में सेवा पदोन्नति नियम-2025 का भी प्रावधान किया जायेगा। ऐप के माध्यम से होगी भण्डार गृहों की मॉनीटरिंग भण्डार गृह निगम की संचालक मण्डल की बैठक में निर्णय लिया गया कि भण्डार गृहों की मॉनीटरिंग के लिये ऐप बनाया जायेगा। इस ऐप के माध्यम से भण्डारित अनाज की मात्रा, उसकी क्वालिटी आदि का सत्यापन किया जा सकेगा। अधिकारी भण्डार गृह का निरीक्षण करने का फोटो ऐप में अपलोड करेंगे। जियो टेगिंग भी रहेगी। समय पर करायें भण्डार गृहों का मेंटिनेंस खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि धान का उपार्जन शुरू होने के पहले सभी भण्डार गृहों का मेंटीनेंस करवाना सुनिश्चित करें। शहरों के पास स्थित भण्डार गृहों को खाली होने की स्थिति में प्रायवेट कम्पनियों को किराये में देने की नीति बनायें। मंत्री श्री राजपूत ने रिक्त पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया को समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि दिव्यांगता प्रमाण-पत्रों का परीक्षण गंभीरता से होना चाहिये। बैठक में निर्णय लिया गया कि उपार्जन कार्य में सक्रिय योगदान के आधार पर निगम के अधिकारी और कर्मचारियों को एक माह का मूल वेतन प्रोत्साहन राशि के रूप में दिया जाये। श्री राजपूत ने थर्ड पार्टी इन्सपेक्शन की कार्यवाही समय पर नहीं करने पर संबंधित महाप्रबंधक को नोटिस देने के निर्देश दिये। खाद्य भवन के निर्माण में लायें तेजी मंत्री श्री राजपूत ने प्रमुख अभियंता को निर्देश दिये कि खाद्य भवन के निर्माण कार्य में तेजी लायें। समय-सीमा में निर्माण कार्य पूरा करायें। साथ ही गुणवत्ता की सतत मॉनीटरिंग करें। बैठक में अपर मुख्य सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण श्रीमती रश्मि अरुण शमी, एमडी श्री अनुराग वर्मा एवं संचालक मण्डल के सदस्य उपस्थित थे। 

रील्स से तंग पति ने उठाया खौफनाक कदम, पत्नी की हत्या कर खुद की भी लेने वाला था जान

नई दिल्ली दिल्ली के नजफगढ़ में सोशल मीडिया पर एक्टिव रहने से परेशान पति ने पत्नी की हत्या कर दी। बीवी की हत्या के बाद उसन खुद भी सुसाइड करने की कोशिश की। सोशल मीडिया के चलते दोनों के बीच लगातार झगड़े होते थे। पुलिस के अनुसार, पीड़िता अपने पति अमन (35), जो एक ई-रिक्शा चालक है और अपने दो बेटों के साथ पुरानी रोशनपुरा में एक किराए के मकान में रहती थी। एक अधिकारी ने बताया, "ये दंपति उत्तर प्रदेश के पीलीभीत के रहने वाले थे।" मंगलवार को, सुबह करीब 4.23 बजे नजफगढ़ पुलिस स्टेशन में हत्या की जानकारी देने के लिए एक पीसीआर कॉल आई, जिसके बाद पुलिस की एक टीम घटनास्थल पर भेजी गई, जहां महिला मृत पाई गई। अधिकारी ने कहा, "शुरुआती जांच से पता चला है कि अमन को अपनी पत्नी के रील्स बनाने और अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक्टिव रहने पर ऐतराज था। वह खुद को एक सोशल मीडिया आर्टिस्ट बताती थी, जिसके करीब 6,000 फॉलोअर्स थे।" अधिकारी ने आगे कहा कि इस मुद्दे पर दोनों के बीच अक्सर झगड़ा होता था। पुलिस ने बताया कि मंगलवार को उन दोनों के बीच बहस काफ़ी बढ़ गई, जिसके बाद अमन ने कथित तौर पर अपनी पत्नी का गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। उसके बाद, उसने फांसी लगाकर और जहर खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उसे बचा लिया और तुरंत आरटीआरएम अस्पताल ले गई। वहां हिरासत में उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने यह भी बताया कि पड़ोसियों और रिश्तेदारों के बयान दर्ज़ किए जा रहे हैं। इस बीच शव को पोस्टमार्टम के लिए सुरक्षित रखवा दिया गया है। अधिकारी ने आगे बताया कि हत्या सहित कानून की उचित धाराओं के तहत एक मामला दर्ज कर लिया गया है, और आगे की जांच जारी है।  

नई दिल्ली में 3 सितम्बर को इन्वेस्टमेन्ट अपॉर्च्यूनिटीज इन पीएम मित्रा पार्क का इंटरैक्टिव सेशन होगा

बदनावर धार में 2158 एकड़ से अधिक क्षेत्र में 2000 करोड़ रूपए की अनुमानित लागत से विकसित हो रहा है टेक्सटाइल हब भूमि आवंटन के लिए 11 सितम्बर तक कर सकेंगे आवेदन मध्यप्रदेश ट्रेवल मार्ट का 11 से 13 अक्टूबर की अवधि में भोपाल में होगा आयोजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले किया संबोधित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में वंदे मातरम के सामूहिक गान के साथ आरंभ हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा मन की बात कार्यक्रम की 125वीं कड़ी में प्रदेश की खेल उपलब्धियों का दो बार उल्लेख करने पर प्रधानमंत्री का आभार माना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि श्रीनगर की डल झील में हुए पहले खेलो इंडिया वॉटर स्पोर्ट्स फेस्टिवल में मध्यप्रदेश को सबसे ज्यादा मैडल जीतेने पर बधाई दी। साथ ही शहडोल जिले के फुटबॉल के क्रेज से जुड़े एक गांव का उल्लेख करते हुए जर्मनी के खिलाड़ी एवं फुटबॉल कोच श्री डिडमार बायर्स डार्फर द्वारा शहडोल के कुछ खिलाड़ियों को जर्मनी की एकेडमी में ट्रेनिंग की पेशकश देने के संबंध में बताया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने फुटबॉल प्रेमियों से कहा कि जब भी अवसर मिले, वे शहडोल जरूर जायें और वहां हो रहे स्पोर्टिंग रेवेल्यूशन को करीब से देखें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह हमारे लिये गर्व का विषय है कि प्रधानमंत्री श्री मोदी अपने इस महत्वूपर्ण कार्यक्रम में समय-समय पर मध्यप्रदेश से जुड़े विषयों का उल्लेख करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्वालियर में संपन्न टूरिज्म कॉन्क्लेव में 3200 करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनसे ग्वालियर, चंबल के साथ सागर संभाग में पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विषय विशेष पर निवेश प्रोत्साहन के लिए हो रही समिट का प्रदेश को लाभ मिल रहा है। इसी क्रम में 11 से 13 अक्टूबर की अवधि में भोपाल में मध्यप्रदेश ट्रेवल मार्ट आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 3 सितम्बर को नई दिल्ली में "इन्वेस्टमेन्ट अपॉर्च्यूनिटीज इन पीएम मित्रा पार्क का इंटरैक्टिव सेशन होगा। इसमें केन्द्रीय टैक्सटाइल मंत्री श्री गिरिराज सिंह भी शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बदनावर धार में 2158 एकड़ से अधिक क्षेत्र में 2000 करोड़ रूपए से अधिक की अनुमानित लागत से विकसित हो रहे टेक्सटाइल हब-पीएम मित्रा पार्क से पश्चिम मध्यप्रदेश में मेट्रोपॉलिटन एरिया विकास के स्वप्न को साकार करने में मदद मिलेगी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वस्त्र उद्योग पर केंद्रित पीएम मित्रा पार्क के विकास को विशेष महत्व दिया है। पार्क में भूमि आवंटन के लिए आवेदन 22 अगस्त से 11 सितम्बर 2025 तक खुले रहेंगे। मात्र 1 रूपये प्रति वर्ग मीटर-प्रीमियम तथा 120 रुपये प्रति वर्ग फ़ीट विकास शुल्क पर भूमि आवंटन किया जा रहा है, जो देश में समस्त पीएम मित्रा पार्कों में सबसे कम है। यह पार्क लगभग तीन लाख नौकरियों का सृजन करेगा, जिनमें एक लाख प्रत्यक्ष और दो लाख अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास में स्थापित विक्रमादित्य वैदिक घड़ी के अनावरण और उसके ऐप के संबंध में बताया कि वैदिक घड़ी भारतीय पंचांग और कालगणना को आधुनिक तकनीक से जोड़ती है। इसे 189 से अधिक भाषाओं में देखा जा सकेगा। साथ ही पंचांग तिथि, नक्षत्र योग आदि की जानकारी भी उपलब्ध रहेगी। भारतीय काल गणना पर आधारित यह विश्व की पहली घड़ी है। विक्रमादित्य वैदिक घड़ी के मोबाइल ऐप में व्रत एवं त्यौहारों की दुर्लभ जानकारियां समाहित की गई हैं। धार्मिक कार्यों, व्रत और साधना के लिए 30 अलग-अलग शुभ-अशुभ मुहूर्त की जानकारी एवं अलार्म की सुविधा भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन को कार्यकाल में एक वर्ष की वृद्धि पर मंत्रि-परिषद की ओर से बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुख्य सचिव श्री जैन का दीर्घ प्रशासनिक अनुभव, उनकी पहल और नवाचार प्रदेश की विकास यात्रा में निरंतर नए प्रतिमान स्थापित करते रहेंगे, ऐसी कामना है। मुख्य सचिव श्री जैन ने मंत्रि-परिषद का आभार माना।  

‘शहर चलो अभियान’ की तैयारी पूरी, 4 से 13 सितम्बर तक लगेंगे प्री-कैम्प

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार का प्रमुख ध्येय अंत्योदय की संकल्पना को सिद्धि की ओर ले जाते हुए अंतिम छोर के व्यक्ति को अधिक से अधिक राहत पहुंचाना है। 15 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक संचालित होने वाला शहर चलो अभियान इस उद्देश्य की प्राप्ति में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने अधिकारियों को अभियान के सफल संचालन के लिए प्रभावी कार्ययोजना के अंतर्गत कार्य करने के लिए निर्देशित किया, ताकि शहरी निकायों में बुनियादी नागरिक सुविधाएं सुदृढ़ हों और सेवाओं को नई गति मिले। शर्मा मंगलवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि अभियान से पूर्व 4 से 13 सितम्बर तक प्री-कैम्प आयोजित किए जाएं। इस दौरान अधिकारी शहरी निकायों के वार्डों में पहुंचें और पार्षदों से चर्चा कर समस्याओं का चिन्हीकरण करें। इससे आमजन को मुख्य कैम्प के दौरान सुगम और त्वरित राहत मिल सकेगी। जन उपयोगी कार्यों के त्वरित निस्तारण से आमजन को मिलेगी राहत मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी निकायों में सफाई व्यवस्था सुधार, नई स्ट्रीट लाइट्स लगाने, आवारा पशुओं को पकड़ने, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, सार्वजनिक स्थानों का रखरखाव और सौंदर्यकरण, सड़क मरम्मत जैसे जनोपयोगी कार्य इस अभियान में किए जाएंगे। उन्होंने पीएम स्वनिधि ऋण वितरण, पीएम सूर्यघर 150 यूनिट निःषुल्क बिजली योजना के आवेदन प्राप्त करने के साथ ही सामुदायिक भवन, आंगनवाड़ी एवं विद्यालय आदि के मरम्मत के कार्य विशेष रूप से संपादित करने के लिए भी निर्देशित किया। ग्रामीण क्षेत्रों के सुनियोजित विकास के लिए करें विशेष कार्य शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सुनियोजित विकास को गति देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, जिससे प्रदेश के सुदृढ़ बुनियादी ढांचे को गति मिल सके। उन्होंने भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप ग्रामीण क्षेत्रों के सुनियोजित विकास पर विशेष जोर देते हुए स्वच्छता, पेयजल, सड़क, सीवरेज जैसी आधारभूत सुविधाओं पर विशेष रूप से कार्य करने के लिए निर्देशित किया। बैठक में नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) झाबर सिंह खर्रा एवं नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन विभाग के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से भारत सरकार के अधिकारियों ने की भेंट

प्रदेश के दौरे पर दिल्ली से आया अवर सचिवों का दल भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मंगलवार को मंत्रालय में प्रधानमंत्री कार्यालय के अवर सचिव श्री विनोद बिहारी सिंह के नेतृत्व में अधिकारियों के 38 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य भेंट की। प्रतिनिधि मंडल में भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों में कार्यरत अवर सचिव शामिल थे। यह सभी अवर सचिव इस मिड कैरियर कोर्स के उपरान्त उप सचिव के पद पर पदोन्नत होंगे और अलग-अलग मंत्रालयों में उनकी पदस्थापना की जाएगी। प्रतिनिधि मंडल के सदस्यों ने तीन दिवसीय मध्यप्रदेश यात्रा में विश्व धरोहर स्मारक सांची (जिला रायसेन) और हिल स्टेशन पचमढ़ी (जिला नर्मदापुरम) का भ्रमण भी किया। भारत सरकार के अधिकारियों ने बताया कि वे मध्यप्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक विरासत से प्रभावित हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश के हृदय प्रदेश में सभी का स्वागत है। मध्यप्रदेश अनेक नवाचारों को अपनाते हुए विभिन्न क्षेत्रों में विकास के पैमानों पर कार्य कर रहा है। नागरिकों को स्वास्थ्य क्षेत्र में विभिन्न सुविधाएं दी जा रही हैं। आयुष्मान कार्डधारी और अन्य नागरिकों को आपातकाल में जीवन रक्षा के लिए एयर एम्बुलेंस सुविधा भी उपलब्ध करवाई जा रही है। इसी तरह मेडिकल कॉलेजों की स्थापना का कार्य निरंतर हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत सरकार के अधिकारियों को जानकारी दी कि पीपीपी मॉडल के आधार पर जिला अस्पतालों का मेडिकल कॉलेज के रूप में उन्नयन कर आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। इस मॉडल की विशेषताओं का उल्लेख करते हुए बताया कि मेडिकल कॉलेज के लिए मात्र एक रुपए में 25 एकड़ भूमि के आवंटन, चिकित्सक एवं पैरामेडिकल स्टाफ उपलब्ध करवाने और मेडिकल कॉलेज का प्रबंधन, प्राप्त शुल्क राशि से किए जाने की व्यवस्था की गई है। इस पहल का नागरिकों को व्यापक स्तर पर लाभ प्राप्त होगा। मध्यप्रदेश के स्मारकों और मंदिरों की संरचना पर केंद्रित हैं नई दिल्ली के महत्वपूर्ण भवन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि जहां राष्ट्रपति भवन का सेंट्रल डोम(मुख्य गुम्बद) सांची के स्तूप से प्रेरित है। वहीं पुरानी संसद भवन का आकल्पन मुरैना जिले के मितावली- पड़ावली स्थित 64 योगिनी मंदिर की तरह किया गया था। नए संसद भवन की डिजाइन भी प्रदेश के विदिशा स्थित विजयपुर मंदिर की संरचना से मिलती जुलती है। इस तरह राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में महत्वपूर्ण भवनों के निर्माण में मध्यप्रदेश के स्मारकों और मंदिरों के अनुरूप आकल्पन प्रदेश के लिए गर्व की बात है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव श्री नीरज मंडलोई ने कहा कि भारत सरकार के यह सभी अधिकारी जनकल्याण की दृष्टि से विभिन्न मंत्रालयों में महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं।