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मध्यप्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में खास पल, वैदिक घड़ी को लेकर सीएम का अभिनव प्रयास

मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा विक्रमादित्य वैदिक घड़ी स्थापित करने पर कैबिनेट के सदस्यों ने माना आभार मध्यप्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में खास पल, वैदिक घड़ी को लेकर सीएम का अभिनव प्रयास उज्जैन की धरोहर को मिला नया स्वरूप, कैबिनेट ने सीएम यादव के कदम की सराहना की भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा मुख्यमंत्री निवास में विक्रमादित्य वैदिक घड़ी स्थापित किए जाने पर मंत्रि-परिषद के सदस्यों ने शॉल और पुष्प-गुच्छ भेंट कर आभार व्यक्त किया। मंत्रियों ने कहा कि यह पहल भारतीय परंपरा, वैदिक गणना और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को नई पीढ़ी तक पहुंचाने वाली है, जो प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत करेगी। विक्रमादित्य वैदिक घड़ी भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक तकनीक का अद्भुत संगम है। यह घड़ी केवल समय बताने तक सीमित नहीं है, बल्कि सूर्योदय, सूर्यास्त, राहुकाल, अभिजीत मुहूर्त और चंद्रमा की स्थिति जैसी जानकारी भी उपलब्ध कराती है। इसमें वैदिक समय के साथ-साथ भारतीय मानक समय और ग्रीनविच मानक समय का तुलनात्मक अध्ययन भी संभव है। इस अनूठी घड़ी के साथ मोबाइल एप भी तैयार किया गया है, जो 189 से अधिक भाषाओं में उपलब्ध है और विश्वभर के 7000 से अधिक स्थानों के लिए समय व पंचांग की जानकारी देता है। मंत्रियों ने कहा कि उज्जैन की वैदिक और सांस्कृतिक परंपरा से प्रेरित यह घड़ी मुख्यमंत्री निवास में स्थापित होना गर्व की बात है। यह पहल प्रदेश की गौरवशाली धरोहर को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाने के साथ युवाओं को वैदिक विज्ञान और गणना प्रणाली से जोड़ने में सहायक सिद्ध होगी। इस अवसर पर परिवहन, स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास और धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी, कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल, पशुपालन एवं डेयरी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नारायण सिंह पवार सहित अन्य मंत्री शामिल थे।  

क्या है शी जिनपिंग का GGI फॉर्मूला, जिस पर भारत-रूस ने हामी भरी और अमेरिका चिंतित

 तियानजिन  चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने शंघाई सहयोग संगठन की मीटिंग को संबोधित करते हुए ग्लोबल गवर्नेंस इनिशिएटिव (GGI) का प्रस्ताव रखा है। उन्होंने कहा कि दुनिया में बहुपक्षीय व्यवस्था होनी चाहिए और किसी एक देश को ही सर्वशक्तिमान मानना गलत है। शी जिनपिंग ने एससीओ नेताओं को संबोधित करते हुए कहा यह बात कही, जिस पर रूस ने तत्काल सहमति जताई है। इसके अलावा भारत भी इस पर सहमत है क्योंकि लंबे समय से पीएम नरेंद्र मोदी भी यह कहते रहे हैं कि वैश्विक संबंध समानता के आधार पर तय होने चाहिए। शी जिनपिंग का यह फॉर्मूला सीधे तौर पर अमेरिका के लिए खुला चैलेंज है, जो इन दिनों तमाम देशों पर टैरिफ लगा रहा है। अमेरिका ने सबसे बड़ा टैरिफ तो भारत पर ही लगाया है। ऐसे में शी जिनपिंग का बयान अहम है। शी ने कहा, 'मैं आप लोगों के समक्ष Global Governance Initiative का प्रस्ताव रखना चाहता हूं। मैं सभी देशों के साथ काम करने के लिए तत्पर हूं। यह संबंध समानता के आधार पर होनी चाहिए और मानव सभ्यता के साझा भविष्य के निर्माण के लिए सहयोग की भावना पर आधारित हो।' उन्होंने कहा कि ग्लोबल साउथ के लिए यह जरूरी है। शी जिनपिंग ने कहा कि यह विजन वैश्विक सुरक्षा और आर्थिक व्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण है। शी जिनपिंग ने कहा, 'सबसे पहले हमें समानता के आधार पर बात करनी होगी। हमें यह मानना होगा कि क्षेत्रफल, क्षमता, संपदा से परे सभी देशों को एक समान माना जाए। सभी को ग्लोबल गवर्नेंस में निर्णय लेने का मौका मिले तो वहीं लाभार्थी के तौर पर भी सब बराबर हों। हमें वैश्विक संबंधों में अधिक लोकतांत्रिक व्यवस्था को प्रोत्साहित करना होगा। इसके अलावा विकासशील देशों को भी शामिल करना होगा।' उन्होंने कहा कि हम सभी अंतरराष्ट्रीय नियमों से बंधे हुए हैं, लेकिन इनका सही ढंग से और यूएन चार्टर के अनुसार पालन होना चाहिए। भारत पर अमेरिका के मोटे टैरिफ के बीच शी का प्रस्ताव शी जिनपिंग ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय नियमों को सभी पर एक समान तरीके से लागू करना चाहिए। इसमें कोई दोहरा मानदंड नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जैसे कुछ देश अपने ही ढंग से नियमों को चलाते हैं और उन्हें दूसरे देशों पर थोपने की कोशिश करते हैं। उन्होंने तीसरी और सबसे अहम बात करते हुए कहा कि हम सभी लोगों को बहुपक्षीय व्यवस्था की बात करनी चाहिए। हमें साथ मिलकर वैश्विक व्यवस्था की बात करनी होगी। शी जिनपिंग की यह थ्योरी भारत समेत कई देशों को सहमत करने वाली है, लेकिन अमेरिका को इससे निश्चित तौर पर चिंता होगी, जो चाहता है कि उसके टैरिफ के आगे सभी देश मनमाने समझौते करने को बाध्य हो जाएं। शी जिनपिंग के प्रस्ताप पर पुतिन बोले- हम तो राजी हैं रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की ओर से तो शी जिनपिंग के इस प्रस्ताव पर जवाब भी आ गया है। उन्होंने कहा कि हम शी जिनपिंग की इस बात से सहमत हैं कि एक समानता आधारित व्यवस्था होनी चाहिए। यह बात ऐसे समय में महत्वपूर्ण है, जब कुछ देश अपनी ही चीजें थोपने में जुटे हैं। चीन के इस प्रस्ताव का रूस समर्थन करता है। हम खुलकर साथ हैं। इस तरह भारत, चीन और रूस ने खुलकर अमेरिका का नाम तक नहीं लिया, लेकिन पूरी बात उसे लेकर ही कही गई।  

महासमुंद में 5 सितम्बर से लगेगा मोबाइल कैंप, श्रमिकों को मिलेगा योजनाओं का सीधा लाभ

महासमुंद  छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार एवं कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के मार्गदर्शन में जिले में संगठित और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के पंजीयन नवीनीकरण और योजनाओं के आवेदन एवं निराकरण के लिए मोबाइल कैंप का आयोजन किया जा रहा है। श्रम पदाधिकारी ने बताया कि इन कैंपों का आयोजन विकासखंडवार अलग अलग तिथियों पर किया जाएगा। पंजीयन के लिए आवश्यक दस्तावेज आधार कार्ड, बैंक पासबुक, मोबाइल नंबर एवं असंगठित कर्मकार के पंजीयन हेतु आधार कार्ड, बैंक पासबुक, मोबाइल नंबर एवं आय प्रमाण पत्र साथ लाएं। इस संबंध में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत, सरपंच एवं सचिव को निर्देशित किया गया है कि वे ग्राम पंचायतों में मुनादी कराएं, ताकि सभी श्रमिकों को इस कैंप की जानकारी दी जा सके। मोबाइल कैंप का आयोजन जिले में 5 सितम्बर से 15 अक्टूबर 2025 तक किया जाएगा। जिसमें सरायपाली विकासखण्ड में 05 सितंबर को ग्राम कनकेवा में, 12 सितंबर को राफेल, 19 सितंबर को कुसमीसरार, 26 सितंबर को बरिहापाली, 06 अक्टूबर को बैदपाली, 10 अक्टूबर को अर्जुन्दा एवं 15 अक्टूबर को रूढ़ा में शिविर का आयोजन किया जाएगा। इसी प्रकार पिथौरा विकासखण्ड अंतर्गत 8 सितंबर को धनोरा में, 15 सितंबर को बरेकेलखुर्द, 22 सितंबर को कसीबहरा, 29 सितंबर को पिलवापाली, 7 अक्टूबर को अरंड एवं 13 अक्टूबर को छिंदौली में, बसना विकासखण्ड अंतर्गत 9 सितंबर को आमापाली में, 16 सितंबर को खरोरा, 23 सितंबर को परसकोल, 30 सितंबर को भूकेल, 8 अक्टूबर को चिमरकेल, 13 अक्टूबर को कायतपाली एवं 15 अक्टूबर को बिटांगीपाली में कैंप का आयोजन किया जाएगा। इसी तरह बागबाहरा विकासखण्ड अंतर्गत 10 सितंबर को मोंगरापाली, 17 सितंबर को डोंगरगांव, 24 सितंबर को ख़ैरटखुर्द, 01 अक्टूबर को कलमीदादर, 9 अक्टूबर को तुपकबोरा, 14 अक्टूबर को गांजर में, महासमुंद विकासखण्ड अंतर्गत 11 सितंबर को उमरदा में, 18 सितंबर को सोरिद, 25 सितंबर को कौन्दकेरा, 3 अक्टूबर को जामली, 10 अक्टूबर को साराडीह एवं 14 अक्टूबर को बकमा में मोबाईल कैंप का आयोजन किया जाएगा।

आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल की सख्ती, महोबा के जिला आबकारी अधिकारी निलंबित

आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने जिला आबकारी अधिकारी, महोबा को किया निलंबित  आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल की सख्ती, महोबा के जिला आबकारी अधिकारी निलंबित अनियमितताओं पर बड़ी कार्रवाई, महोबा के आबकारी अधिकारी पर गिरी गाज मंत्री नितिन अग्रवाल का बड़ा कदम, जिला आबकारी अधिकारी तुरंत प्रभाव से सस्पेंड रिश्वत लिए जाने का था आरोप, सोशल मीडिया पर वीडियो हुआ था वायरल  राजेंद्र प्रसाद वर्मा को जांच पर प्रथमदृष्टया दोषी पाया गया, नियमानुसार कार्यवाही कर किया गया निलंबित  लखनऊ  भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सख्त कदम उठाते हुए आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने महोबा जनपद के जिला आबकारी अधिकारी राजेंद्र प्रसाद वर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। जनपद महोबा में तैनात राजेंद्र प्रसाद वर्मा, जिला आबकारी अधिकारी द्वारा रिश्वत लिए जाने से संबंधित वीडियो दिनांक 26/08/2025 को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसका संज्ञान लेते हुए आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल द्वारा जिलाधिकारी महोबा द्वारा जांच कराई गई। जांच में जिला आबकारी अधिकारी, महोबा प्रथमदृष्टया दोषी पाए गए। उक्त क्रम में आबकारी मंत्री ने राजेंद्र प्रसाद वर्मा के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही करते हुए निलंबित कर दिया है। आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्य कर रही है। योगी सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है। भ्रष्टाचारियों के लिए प्रदेश में कोई जगह नहीं है। जो भी भ्रष्टाचार करते हुए पाया जाएगा उसे सख्त से सख्त सजा दी जाएगी।

नशे के कारोबार में सरकारी अफसर की संलिप्तता! ड्रग इंस्पेक्टर पर गंभीर आरोप

ड्रग इंस्पेक्टर की मिलीभगत से नशीली दवाओं का अवैध व्यापार फल-फूल रहा  नशे के कारोबार में सरकारी अफसर की संलिप्तता! ड्रग इंस्पेक्टर पर गंभीर आरोप दवाओं की आड़ में नशे का काला कारोबार, इंस्पेक्टर की भूमिका पर उठे सवाल भोपाल राजधानी में दवा दुकानों पर अवैध तरीके से नशीली दवाओं की बिक्री लगातार बढ़ रही है। आरोप है कि यह सब ड्रग इंस्पेक्टरों और केमिस्ट संगठन के पदाधिकारियों की मिलीभगत से हो रहा है। सूत्रों के अनुसार, भोपाल जिले की करीब 80% मेडिकल दुकानें बिना फार्मासिस्ट के संचालित की जा रही हैं। नियमों के मुताबिक, प्रत्येक मेडिकल स्टोर पर लाइसेंसधारी फार्मासिस्ट का मौजूद होना अनिवार्य है, लेकिन ज़मीनी हकीकत इसके उलट है। बरखेड़ी जहाँगीराबाद में छापा 24 अगस्त को बरखेड़ी जांगीराबाद स्थित रवि साहू मेडिकल स्टोर पर छापा मारा गया। जांच में खुलासा हुआ कि यह दुकान कई सालों से बिना लाइसेंस के संचालित हो रही थी। जानकारी में सामने आया कि मात्र तीन महीने पहले इसका लाइसेंस जारी किया गया है, जबकि लंबे समय से यह दुकान विभाग की मिलीभगत से अवैध रूप से चल रही थी। फार्मासिस्ट ने भी स्वीकार किया कि उसका मेडिकल रजिस्ट्रेशन किराए पर दिया गया है। देर रात तक बिकती नशीली दवाइयाँ राजधानी की कई मेडिकल दुकानें देर रात 3 से 4 बजे तक खुली रहती हैं और वहां नशीली दवाइयों की खुलेआम बिक्री होती है। ड्रग इंस्पेक्टर पर गंभीर आरोप भोपाल में लंबे समय से पदस्थ ड्रग इंस्पेक्टर तबस्सुम पर गंभीर आरोप लगे हैं। कहा जा रहा है कि उनके क्षेत्र में न तो फार्मासिस्ट बैठते हैं और न ही नियमित निरीक्षण होता है। आरोप यह भी है कि वे मेडिकल संचालकों से सांठगांठ करके अवैध वसूली करती हैं। कार्रवाई की मांग मेडिकल कारोबारियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि इस पूरे मामले में उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए और भ्रष्ट अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जा

धमतरी में 25 साल की बड़ी उपलब्धि: 623 ग्राम और 3,265 बसाहटों में 100% पेयजल पहुंचा

 विशेष लेख : रजत जयंती वर्ष 2025 पर विशेष धमतरी छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के साथ ही लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने नागरिकों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने का संकल्प लिया था। विगत 25 वर्षों में जिले के जल संसाधन एवं पेयजल आपूर्ति विभाग ने उल्लेखनीय प्रगति की है। वर्ष 2001 की तुलना में 2025 तक ग्रामीण एवं नगरीय दोनों क्षेत्रों की पेयजल व्यवस्था में अभूतपूर्व सुधार हुआ है। प्रशासनिक स्तर पर जहाँ पहले केवल तीन इकाइयाँ कार्यरत थीं, वहीं आज चार इकाइयाँ संचालित हो रही हैं। इनमें एक संभागीय कार्यालय, एक उप-संभागीय कार्यालय, एक जिला स्तरीय एवं दो ब्लॉक स्तरीय पेयजल परीक्षण प्रयोगशालाएँ सम्मिलित हैं। ग्रामीण क्षेत्रों की उपलब्धियाँ धमतरी जिले के सभी 623 ग्राम एवं 3,265 बसाहटों में अब शत-प्रतिशत पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। वर्ष 2001 में केवल 2,769 ग्राम एवं बसाहटों तक ही पेयजल सुविधा पहुँच पाई थी, जबकि आज सभी 3,265 बसाहटें कवर हो चुकी हैं। विशेष उपलब्धि यह है कि जिले ने प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 40 लीटर पेयजल उपलब्ध कराने का मानक भी पूरा कर लिया है। वर्ष 2001 में यह सुविधा मात्र 2,622 बसाहटों तक सीमित थी, लेकिन आज सभी 3,265 बसाहटें इस मानक के अंतर्गत आ चुकी हैं। जिले में हैंडपंप स्थापना में भी बड़ी प्रगति हुई है। वर्ष 2001 में जहाँ केवल 3,451 हैंडपंप उपलब्ध थे, वहीं आज इनकी संख्या बढ़कर 10,168 हो गई है। हर घर नल कनेक्शन (FHTC) योजना के अंतर्गत अब तक 1,53,514 परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं। वर्ष 2001 में मात्र 27 ग्रामों में ही नल आधारित जल प्रदाय योजनाएँ स्वीकृत थीं। अब यह संख्या बढ़कर 623 ग्रामों तक पहुँच गई है, जिनमें से 418 ग्रामों में पाइप लाइन आधारित जल प्रदाय योजनाएँ पूरी तरह लागू हो चुकी हैं। इन सभी ग्रामों में ओवरहेड टैंक आधारित पेयजल आपूर्ति प्रणाली भी स्थापित की गई है। जल संकटग्रस्त एवं खारे पानी प्रभावित ग्रामों में पेयजल उपलब्ध कराने हेतु जल जीवन मिशन के अंतर्गत बहु-ग्राम योजनाएँ लागू की जा रही हैं। इस क्रम में धमतरी जिले में स्वीकृत दो बहु-ग्राम योजनाओं से नगरी के वनांचल क्षेत्र के 76 ग्रामों के निवासियों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध होगा। समूह जल प्रदाय योजना संकरा के अंतर्गत उपचारित पानी गाँवों में पहुँचाया जाएगा। इसके लिए 3.5 एमएलडी क्षमता का जल शोधन संयंत्र 80% तक पूर्ण हो चुका है। 180 केएल क्षमता का संपवेल निर्मित हो गया है तथा 330 केएल क्षमता का 28 स्टेज एमबीआर निर्माणाधीन है। पाइप लाइन बिछाने का कार्य भी प्रगति पर है। यह परियोजना नगरी वनांचल क्षेत्र को पेयजल संकट से मुक्त करने में एक मील का पत्थर सिद्ध होगी। नई तकनीकों को अपनाते हुए जिले में अब तक 182 सोलर डुअल पंप, 370 सौर आधारित मिनी जल प्रदाय योजनाएँ तथा 1,364 सिंगल फेज पावर पंप स्थापित किए गए हैं। पारदर्शिता एवं जल स्रोतों की निगरानी सुनिश्चित करने के लिए 1,477 जल स्रोतों का जियो-टैगिंग किया गया है। नगरीय क्षेत्रों की उपलब्धियाँ नगरीय क्षेत्रों में भी पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया है। धमतरी नगर निगम क्षेत्र में संपूर्ण पेयजल आपूर्ति व्यवस्था उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त जिले की सभी पाँच नगर परिषदों में नल आधारित जल प्रदाय योजनाएँ पूर्ण रूप से लागू हो चुकी हैं। पिछले 25 वर्षों में धमतरी जिले की पेयजल व्यवस्था में हुई प्रगति सुदृढ़ प्रशासन, समर्पित विभागीय अधिकारियों तथा सक्रिय जनभागीदारी का परिणाम है। वर्ष 2001 की सीमित सुविधाओं से लेकर आज की शत-प्रतिशत कवरेज तक, जिला न केवल हर घर तक पेयजल पहुँचा रहा है बल्कि आधुनिक तकनीकों और सौर ऊर्जा आधारित योजनाओं के माध्यम से सतत एवं सुरक्षित जल आपूर्ति की दिशा में भी अग्रसर है।   विशेष लेख : शशिरत्न पराशर, उप संचालक

नई ‘Creta King’ आई मार्केट में, बोल्ड डिजाइन और एडवांस फीचर्स के साथ

मुंबई  भारतीय ग्राहकों के बीच सबसे ज्यादा बिकने वाली एसयूवी हुंडई क्रेटा (Hyundai Creta) अब और भी प्रीमियम हो गई है। दरअसल, कंपनी ने इसके लाइनअप में तीन नए एडिशन Creta King, King Limited Edition और King Knight Edition जोड़े हैं। बता दें कि इनकी एक्स-शोरूम कीमत 17.88 लाख से लेकर 20.91 लाख रुपये तक जाती है। बता दें कि नई लॉन्च हुई एसयूवी की बुकिंग भी तुरंत शुरू कर दी गई है। खास बात ये है कि ये एडिशन Creta रेंज के टॉप-ऑफ-द-लाइन मॉडल्स होंगे। क्रेटा किंग में सबसे बड़ा हाइलाइट है नया मैट ब्लैक कलर ऑप्शन। इसके अलावा SUV में अब 18-इंच डायमंड-कट अलॉय व्हील्स, ड्राइवर सीट मेमोरी फंक्शन, 8-वे पावर्ड पैसेंजर सीट विद वॉक-इन फीचर, डुअल-जोन क्लाइमेट कंट्रोल, डैशकैम और वायरलेस Android Auto/Apple CarPlay सपोर्ट जैसे हाई-टेक फीचर्स मिलेंगे। SUV के अंदर फ्रंट-रो सीट बैक टेबल के साथ आईटी डिवाइस होल्डर और स्पेशल King Emblem भी दिया गया है। लॉन्‍च हुए नए वेरिएंट्स हुंडई की ओर से मिड साइज एसयूवी के तौर पर ऑफर की जाने वाली क्रेटा के नए लिमिटेड एडिशन को भारत में लॉन्‍च किया गया है। इन वेरिएंट्स को King और King Limited एडिशन के तौर पर ऑफर किया गया है। Creta King एडिशन की क्‍या है खासियत नए एडिशन में कई बेहतरीन फीचर्स को ऑफर किया गया है। इनमें वायरलेस एंड्रॉइड ऑटो, एप्पल कार प्ले, टच पैनल के साथ ड्यूल जोन क्‍लाइमेट कंट्रोल, आईटी डिवाइस होल्डर और रिट्रैक्टेबल कप होल्डर के साथ रिट्रेक्‍टेबल कप होल्‍डर, स्टोरेज के साथ स्लाइडिंग फ्रंट कंसोल आर्मरेस्ट, डैशकैम, पैसेंजर इलेक्‍ट्रिक सीट, मेमोरी फंक्‍शन के साथ ड्राइवर सीट, 18 इंच अलॉय व्‍हील्‍स और किंग लोगो को दिया गया है। इसके साथ ही इसमें ब्‍लैक मैट रंग को भी ऑफर किया गया है। कितना दमदार इंजन निर्माता की ओर से क्रेटा के लिमिटेड एडिशन को भी 1.5 लीटर की क्षमता के पेट्रोल और डीजल इंजन के साथ लॉन्‍च किया गया है। इसके 1.5 लीटर पेट्रोल इंजन के साथ छह स्‍पीड मैनुअल और आईवीटी ट्रांसमिशन का विकल्‍प दिया गया है। जबकि 1.5 लीटर डीजल इंजन के साथ छह स्‍पीड मैनुअल और छह स्‍पीड ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन दिया गया है। एसयूवी के 1.5 लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन के साथ सात स्‍पीड डीसीटी ट्रांसमिशन को दिया गया है। Knight Edition को भी मिला अपडेट निर्माता की ओर से नाइट एडिशन को भी अपडेट किया गया है। अब इस एडिशन में ड्यूल जोन ऑटो टेंपरेचर कंट्रोल, टच पैनल, वायरलैस एंड्राइड ऑटो, एपल कार प्‍ले, 18 इंच अलॉय व्‍हील्‍स, डैशकैम को भी दिया गया है। कितनी है कीमत हुंडई की ओर से क्रेटा के किंग वेरिएंट की एक्‍स शोरूम कीमत 17.88 लाख रुपये से शुरू की गई है। इसके टॉप वेरिएंट की एक्‍स शोरूम कीमत 20.61 लाख रुपये है। किंग लिमिटेड एडिशन की एक्‍स शोरूम कीमत 19.64 लाख रुपये से 20.91 लाख रुपये तक है। वहीं नाइट एडिशन की एक्‍स शोरूम कीमत 19.49 लाख और 20.77 लाख रुपये है। किनसे है मुकाबला हुंडई की क्रेटा को भारत में मिड साइज एसयूवी सेगमेंट में ऑफर किया जाता है। इस सेगमेंट में इसका सीधा मुकाबला Maruti Grand Vitara, Toyota Hyryder, MG Hector, Honda Elevate, Mahindra Scorpio, Tata Harrier, Kia Seltos जैसी एसयूवी के साथ होता है। अगर आप लग्जरी में और एक्सक्लूसिव फील चाहते हैं तो क्रेटा किंग लिमिटेड एडिशन आपके लिए है। इसमें सीट बेल्ट कवर, हेडरेस्ट कुशन्स, की-कवर और डोर क्लैडिंग पर स्पेशल ब्रांडिंग मिलती है। यह एडिशन 1.5L पेट्रोल IVT और 1.5L डीज़ल ऑटोमैटिक इंजन ऑप्शंस में आता है। बता दें कि इनमें कलर ऑप्शंस के तौर पर एबिस ब्लैक, एटलस व्हाइट और ब्लैक मैट मिलते हैं। क्रेटा किंग नाईट एडिशन उन लोगों के लिए है जिन्हें दमदार और डार्क थीम पसंद है। इसमें ऑल-ब्लैक एक्सटीरियर, 18-इंच ब्लैक अलॉय व्हील्स और स्पेशल Knight Badges दिए गए हैं। फीचर लिस्ट King जैसी ही है जिनमें पावर्ड सीट्स, डुअल-जोन क्लाइमेट कंट्रोल, डैशकैम और वायरलेस स्मार्टफोन कनेक्टिविटी शामिल हैं। पूरे क्रेटा लाइनअप में अपग्रेड हुंडई ने सिर्फ नए एडिशन ही नहीं बल्कि पूरे क्रेटा लाइनअप में भी अपडेट दिए हैं। अब हर मॉडल में डुअल-जोन ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल, वायरलेस Android Auto/Apple CarPlay, डैशकैम और 18-इंच अलॉय व्हील्स मिलेंगे। यहां तक कि Creta N Line भी इन फीचर्स से अपग्रेड हो गई है।

DPL की सफलता ने बढ़ाया नीतीश राणा का हौंसला, बोले- मैं बड़े मैच के लिए तैयार

नई दिल्ली  नीतीश राणा के लिए साल 2024 कुछ ख़ास नहीं रहा था। आईपीएल में कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के ख़िताबी जीत अभियान में पहले चोट और फिर टीम कॉम्बिनेशन के कारण उन्हें सिर्फ़ दो मैचों में खेलने का मौका मिला। इसके बाद जब घरेलू सीजन आया तो रणजी ट्रॉफी के शुरूआती चार मैचों की छह पारियों में सिर्फ़ एक अर्धशतक आने के कारण उन्हें उत्तर प्रदेश की रणजी टीम से बाहर कर दिया गया। इसके बाद वह सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के नौ मैच जरूर खेले, लेकिन उसमें भी उनका औसत सिर्फ़ 13.88 और स्ट्राइक रेट 114.43 का रहा। विजय हजारे ट्रॉफी में भी एक मैच के बाद उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया और जब रणजी ट्रॉफी का दूसरा चरण शुरू हुआ, तब भी वह टीम में नहीं थे। आईपीएल 2025 में राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हुए उनके नाम दो अर्धशतक जरूर थे, लेकिन 11 में से आधा दर्जन पारियों में वह दहाई के अंक को भी नहीं छू पाए थे। इसके बाद राणा ने पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए अपने घर लौटने का फ़ैसला किया और कहा कि 2025-26 का घरेलू सीजन वह दिल्ली की तरफ से खेलेंगे। अब राणा ने इस घर वापसी का जश्न दिल्ली प्रीमियर लीग (डीपीएल) सीजन-2 की ख़िताबी जीत से मनाया है, जहां वह वेस्ट दिल्ली राइडर्स टीम के कप्तान थे। उन्होंने तीन प्ले ऑफ मैचों में एक शतक और एक अर्धशतक के साथ तीन नाबाद मैच-जिताऊं पारियां (135*, 45*, 79*) खेलीं और बताया कि वह बड़े मैच के खिलाड़ी हैं। इस ख़िताबी जीत के बाद पत्रकारों से बात करते हुए राणा ने कहा, “बड़े मैच में बड़े खिलाड़ियों का चलना बहुत जरूरी होता है क्योंकि इन मैचों में दबाव बहुत ज्यादा होता है। बड़े खिलाडियों को दबाव से निपटना थोड़ा बेहतर आता है और मैं अपने आपको उसी श्रेणी में रखता हूं जो दबाव वाली परिस्थितियों में आसानी से मैच को निकाल सकते हैं।” डीपीएल में भी राणा की शुरूआत सही नहीं रही थी। पहले मैच में 15 गेंदों में 39 रनों की पारी खेलने के बाद वह लगातार असफल रहे और अगली छह पारियों में सिर्फ़ एक बार उनसे 20 से अधिक का स्कोर बना। आख़िरी लीग मैच में आठ गेंदों में 25 रन बनाकर उन्होंने फ़ॉर्म वापसी के संकेत जरूर दिए, लेकिन जब पहले क्वालिफ़ायर में टीम को सबसे अधिक जरूरत थी तो उन्होंने 55 गेंदों में आठ चौकों और 15 गगनचुंबी छक्कों की मदद से 134 रनों की पारी खेल वह अपनी टीम को ख़िताब के क़रीब लाए। राणा कहते हैं, "एक अनुभवी खिलाड़ी के रूप में आपको पता होता है कि आप अच्छी लय में हैं या नहीं। मुझे पता था कि मैं अच्छी बल्लेबाज़ी कर रहा हूं, बस रन बोर्ड पर नहीं आ रहे थे। लेकिन मैं अपने आपको लगातार बैक कर रहा था। मैं अपने फ़ॉर्म से बस एक बड़ी पारी दूर था और मुझे यह पता था कि यह जल्द ही आने वाला है। भाग्य से यह तभी आया, जब टीम को इसकी सबसे ज्यादा जरूरत थी। अब मैं कह सकता हूं कि देर आए, दुरूस्त आए और हम चैंपियन बने। हालांकि मैं फ़ॉर्म वापसी की कोशिश पहले मैच से कर रहा था।" पहले प्लेऑफ में राणा की शतकीय पारी के दौरान साउथ दिल्ली सुपरस्टार्ज़ के स्पिनर दिग्वेश राठी से नोकझोंक भी हुई, जो तुरंत ही सोशल मीडिया पर वायरल भी हो गई। हालांकि राणा इस पर कुछ अधिक बात नहीं करना चाहते। उन्होंने कहा, "यह बहुत अनुचित होगा कि अगर इस मामले पर मैं अपनी बात रखूं और राठी का पक्ष नहीं आए। अगर सिर्फ़ मेरी बात छपेगी तो इससे यही ही लगेगा कि मैं सही हूं और वह गलत। हां, मैं बस इतना कह सकता हूं कि उसने शुरूआत की और मुझे छेड़ा तो मैंने भी उसका जवाब दिया। मैं भी दिल्ली का पला बढ़ा हूं और मेरे अंदर भी गर्म खून है। कोई मुझे छेड़ेगा तो मैं चुप बैठने वालों में से नहीं हूं। मेरे मां-बाप ने भी मुझे यही सिखाया है कि अगर आप गलत नहीं हो तो अपनी आवाज उठाओ और मैं वही करता हूं और आगे भी करता रहूंगा। वह मुझे छेड़कर आउट करना चाहता था, तो मैंने भी उसे छेड़ा। वह इससे डिस्टर्ब हुआ और मैंने फिर छक्के मारकर उसको जवाब दिया।" आईपीएल 2017 से आईपीएल 2023 तक लगातार सात साल हर आईपीएल सीजन में कम से कम 300 रन बनाने वाले कुछ दुर्लभ खिलाड़ियों में से एक राणा 2021 के कोविड समय में भारतीय टीम में भी आ गए थे। उन्होंने श्रीलंका में एक वनडे और दो टी20 भी खेला। लेकिन इसके बाद उन्हें फिर कभी भारतीय टीम में मौका नहीं मिला। हालांकि इस दौरान वह लगातार घरेलू क्रिकेट और आईपीएल स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करते रहे और अपनी रणजी व आईपीएल टीमों के लिए कप्तानी भी की। राणा ने कहा कि यह अनुभव है, जो कि ऐसी मैच परिस्थितियों में उन्हें एक मजबूत क्रिकेटर बनाता है। उन्होंने कहा, "क्रिकेट, अनुभव का खेल है। जब आप अपने आपको रगड़ते हो, बुरे टाइम से गुजरते हो तो उस समय पर यह बहुत जरूरी हो जाता है कि आप उससे कितना सीखने की कोशिश कर रहे हो। मैंने भी यह सारी चीज़ें समय के साथ सीखी हैं। मेरा कई बार फ़ॉर्म खराब हुआ है, कई बार मैंने ख़ुद से लड़ाई लड़ी है, अपने आपको दंड भी दिया है। लेकिन मैं अपने आप पर बहुत भरोसा रखता हूं और और इसी ढंग से अपनी क्रिकेट खेलता हूं। इसमें कई बार मुझे सफलता भी मिलती है और कई बार मैं असफल भी हो जाता हूं। लेकिन यह सब तो इस खेल का हिस्सा है।"  

बाप ही बने सियासी दुश्मन: KCR ने बेटी कविता पर गिराई गाज, पार्टी से किया सस्पेंड

निज़ामाबाद तेलंगाना की राजनीति में एक बड़ा सियासी ड्रामा सामने आया है. पूर्व मुख्यमंत्री और बीआरएस प्रमुख के. चंद्रशेखर राव (KCR) ने अपनी बेटी और एमएलसी के. कविता को पार्टी से निलंबित कर दिया है. यह फैसला तब आया है जब कविता ने कुछ दिन पहले खुलेआम पार्टी नेताओं पर आरोप लगाए और खुद के खिलाफ साजिश रचने की बात कही. भारत राष्ट्र समिति (BRS) ने पार्टी की एमएलसी के. कविता के हालिया बयानों और कथित एंटी-पार्टी गतिविधियों को गंभीरता से लेते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. पार्टी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (KCR) ने यह कड़ा कदम उठाया. कविता, जो निज़ामाबाद स्थानीय निकाय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करती हैं, लंबे समय से पार्टी नेतृत्व से मतभेद रखती रही हैं. अमेरिका यात्रा से लौटने के बाद सोमवार को उन्होंने हैदराबाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सनसनीखेज आरोप लगाए. उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री हरिश राव और सांसद संतोष, पूर्व मुख्यमंत्री KCR की छवि खराब करने के जिम्मेदार हैं. साथ ही उन्होंने दावा किया कि मौजूदा मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी उन्हें समर्थन दे रहे हैं और उनके खिलाफ साजिश रच रहे हैं. कविता ने यह भी कहा कि अगर KCR पर केस दर्ज होता है तो पार्टी के अस्तित्व का कोई मतलब नहीं रह जाएगा. उन्होंने कलेश्वरम प्रोजेक्ट को लेकर CBI जांच पर भी चिंता जताई. यह पहला मौका नहीं है जब कविता ने पार्टी नेतृत्व की खुलकर आलोचना की हो. पिछली अमेरिका यात्रा के दौरान उन्होंने कहा था कि KCR उनके लिए 'भगवान' जैसे हैं, लेकिन उनके आसपास 'राक्षस' हैं. इस बार उन्होंने सीधे तौर पर हरिश राव और संतोष को निशाने पर लिया है. इसके अलावा, कविता ने बीआरएस की पिछड़ी वर्ग (BC) आरक्षण नीति पर असहमति जताई और कहा कि उनके खिलाफ लगातार साजिशें रची जा रही हैं. पार्टी नेतृत्व ने उनके इन बयानों और लगातार बढ़ते मतभेदों को देखते हुए उन्हें निलंबित करने का फैसला लिया.

मुंबई पर मराठाओं का दावा खारिज, जजों पर बरसे संजय राउत

मुंबई  मराठा आंदोलन को लेकर आए बंबई उच्च न्यायालय के आदेश को शिवसेना (UBT) ने चुनौती दी है। पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा है कि महाराष्ट्र को मुंबई हाईकोर्ट ने नहीं दी है। उच्च न्यायालय ने सोमवार को कहा कि कार्यकर्ता मनोज जरांगे के नेतृत्व में मराठा आरक्षण आंदोलन के कारण पूरा शहर ठहर गया है और यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण नहीं है तथा इसमें सभी शर्तों का उल्लंघन किया गया है। राउत ने कहा, 'मुंबई खाली नहीं हो सकती। मुंबई जो है वो महाराष्ट्र और मराठी लोगों को हाईकोर्ट ने नहीं दी है। यह मुंबई 106 जो शहीद हो गए मराठी हमारे और हजारों लोग आंदोलन में आए थे लाखों लोग, इसके बाद यह मुंबई महाराष्ट्र को और मराठी मानुस को मिली है। तो महाराष्ट्र की सरकार तय कर सकती है। हाईकोर्ट के कंधे पर बंदूक रखकर आप गोली मारोगे, तो महाराष्ट्र में बड़ा संघर्ष हो जाएगा। जिस हाईकोर्ट में न्यायाधीश के रूप में भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता बैठे हैं, उस न्यायालय से हम क्या अपेक्षा कर सकते हैं।' पैदल कोर्ट पहुंचे जज मराठा आरक्षण आंदोलनकारियों के कारण न केवल आम लोगों को, बल्कि उच्च न्यायालय के एक न्यायाधीश को भी असुविधा का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने दक्षिण मुंबई की सड़कों पर कब्जा कर लिया है और एक न्यायाधीश की कार को रोक दिया, जिसके कारण न्यायाधीश को उच्च न्यायालय भवन तक पहुंचने के लिए थोड़ी दूरी पैदल तय करनी पड़ी। न्यायमूर्ति रवींद्र घुगे और न्यायमूर्ति गौतम की पीठ ने कहा कि मुंबई शहर 'सचमुच पंगु हो गया है और उच्च न्यायालय वस्तुतः घेरेबंदी में है।' पीठ ने कहा कि हर सड़क विशेषकर आजाद मैदान, सीएसटी, मंत्रालय, फ्लोरा फाउंटेन, मरीन ड्राइव, पी'डेमेलो रोड का पूरा क्षेत्र प्रदर्शनकारियों से भरा पड़ा है जो सड़कों पर नाच रहे हैं, कबड्डी खेल रहे हैं, खाना बना रहे हैं, मुख्य सड़कों पर स्नान कर रहे हैं। क्या बोला हाईकोर्ट सोमवार को उच्च न्यायालय ने मुंबई में सामान्य स्थिति बहाल करने का आग्रह किया और जरांगे तथा उनके समर्थकों को हालात सुधारने तथा मंगलवार दोपहर तक सभी सड़कें खाली करने का अवसर दिया। जरांगे 29 अगस्त से दक्षिण मुंबई स्थित आजाद मैदान में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। वह मराठा समुदाय को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी के तहत 10 प्रतिशत आरक्षण दिये जाने की मांग कर रहे हैं। उनके समर्थकों ने दावा किया कि जरांगे ने सोमवार से पानी पीना बंद कर दिया है। न्यायमूर्ति रवींद्र घुगे और न्यायमूर्ति गौतम अंखड की पीठ ने विशेष सुनवाई में कहा कि प्रदर्शनकारी आंदोलन के लिए निर्धारित स्थान आजाद मैदान पर नहीं रुके हैं और उन्होंने दक्षिण मुंबई के कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों को अवरुद्ध कर दिया है। अदालत ने कहा, 'स्थिति गंभीर है और मुंबई शहर लगभग ठहर सा गया है।' अदालत ने कहा कि प्रदर्शनकारी छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस और चर्चगेट रेलवे स्टेशन, मरीन ड्राइव और उच्च न्यायालय भवन जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर जमा हो गए हैं। अदालत ने कहा कि आंदोलन शांतिपूर्ण नहीं है और जरांगे तथा अन्य प्रदर्शनकारियों ने दक्षिण मुंबई के आजाद मैदान में शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति देते समय प्राधिकारों द्वारा निर्धारित प्रत्येक शर्त का उल्लंघन किया है। पीठ ने कहा, 'हम जरांगे और उनके समर्थकों को हालात को तुरंत सुधारने और यह सुनिश्चित करने का अवसर दे रहे हैं कि मंगलवार दोपहर तक सड़कें खाली हो जाएं।' पीठ ने मामले की अगली सुनवाई मंगलवार के लिए निर्धारित करते हुए कहा कि अगर तब तक जरांगे की तबीयत बिगड़ती है, तो सरकार उन्हें चिकित्सा सहायता प्रदान करेगी।