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अलवर में बम धमकी का अलर्ट, मिनी सचिवालय को उड़ाने की दी गई चेतावनी

अलवर अलवर शहर के मिनी सचिवालय को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिली है। यह धमकी भरा मेल इस बार तमिलनाडु से भेजा गया है। मेल में साफ लिखा गया है कि दोपहर तक मिनी सचिवालय को खाली कर दिया जाए, वरना गंभीर नतीजे भुगतने होंगे। धमकी मिलते ही प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह अलर्ट हो गए और सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल कड़ा कर दिया गया।   सचिवालय परिसर में मचा हड़कंप धमकी की सूचना मिलते ही सचिवालय परिसर में अफरातफरी मच गई। आनन-फानन में कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। परिसर में प्रवेश करने वाले हर व्यक्ति की गहन जांच की जा रही है। साथ ही आसपास के इलाके को भी सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है।   बम निरोधक दस्ते और पुलिस ने संभाला मोर्चा धमकी को गंभीरता से लेते हुए बम निरोधक दस्ते को मौके पर बुलाया गया। पुलिस की टीमें तलाशी अभियान चला रही हैं और हर कोने की बारीकी से जांच कर रही हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थिति में लापरवाही नहीं बरती जाएगी।   पहले भी मिल चुकी हैं धमकियां गौरतलब है कि यह तीसरी बार है जब अलवर मिनी सचिवालय को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। इससे पहले भी दो बार इसी तरह के मेल आ चुके हैं, जिनके चलते सचिवालय को खाली कराना पड़ा था। लगातार मिल रही धमकियों ने प्रशासन की चिंता और बढ़ा दी है। साइबर सेल कर रही जांच पुलिस की साइबर सेल इस मेल की जांच में जुट गई है। मेल भेजने वाले का लोकेशन तमिलनाडु से जुड़ा पाया गया है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि धमकी वास्तविक है या फिर अफवाह फैलाने की साजिश। अधिकारी मान रहे हैं कि इस तरह की बार-बार की धमकियां किसी बड़ी योजना का हिस्सा भी हो सकती हैं।   दहशत में शहरवासी, प्रशासन की अपील लगातार धमकियों ने शहरवासियों में दहशत का माहौल बना दिया है। लोग सचिवालय और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और सुरक्षा एजेंसियों के साथ सहयोग करें। एडीएम सिटी बीना महावर ने बताया कि जैसे ही धमकी भरे मेल की सूचना मिली, तुरंत सुरक्षा बलों को सक्रिय किया गया और सचिवालय को खाली कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।

CM नीतीश का तोहफा: बिहार में महिलाओं के लिए 80 पिंक बस सेवा की शुरुआत

पटना,  बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य की महिलाओं को एक बड़ा तोहफा दिया है। उन्होंने महिलाओं के लिए विशेष रूप से चलाई जाने वाली 80 पिंक बसों को हरी झंडी दिखाई। इन बसों में ड्राइवर और कंडक्टर भी महिलाएं होंगी, जिससे महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। यह कार्यक्रम सोमवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सरकारी आवास पर आयोजित किया गया, जहां उन्होंने 1,065 बसों में ई-टिकट सुविधा का भी उद्घाटन किया। इस पहल से बिहार के विभिन्न जिलों में महिलाओं के लिए यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने का प्रयास किया गया है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ”आज बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की 1,065 बसों में ई-टिकटिंग सुविधा लागू करने का शुभारंभ किया तथा द्वितीय चरण में नई 80 पिंक बसों का लोकार्पण भी किया। इन बसों में केवल महिलाएं ही यात्रा कर सकती हैं। इन पिंक बसों के परिचालन से महिलाओं का सफर ज्यादा सुरक्षित और आरामदायक होगा और उन्हें आवागमन में काफी सहूलियत होगी। साथ ही ई-टिकटिंग की व्यवस्था से राज्य के लोगों को विभिन्न जगहों पर यात्रा करने में सुगमता होगी।” बिहार में विशेष तौर पर महिलाओं के लिए पिंक बस चलाई जा रही है। इस बस में सभी तरह की सुविधाएं रहती हैं। बस में कंडक्टर के साथ-साथ कोशिश यह होती है कि इस बस का ड्राइवर भी महिला ही रहे, जिससे सुरक्षा बनी रहे। पिंक बस की कंडक्टर सविता कुमारी ने कहा, “यह सरकार की अच्छी पहल है, इससे महिलाओं को काफी फायदा मिलेगा। बस में महिलाओं के लिए सुरक्षा का विशेष प्रबंध किया गया है। बस में मेडिकल सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है।” कंडक्टर पिंकी कुमारी ने बताया कि महिलाओं की सुरक्षा को देखते हुए बस में तीन कैमरे लगाए गए हैं। दूरदराज जाने वाली महिलाओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। अगर बस में गर्भवती महिला सफर करती है तो उनके लिए अलग से सीट है, साथ ही कंडक्टर भी उनका विशेष ध्यान देंगी। उन्होंने आगे बताया कि महिलाओं से सफर के दौरान फीडबैक भी लिया जाएगा, जिससे सुविधाओं में सुधार लाने में मदद मिलेगी। सभी बसें राज्य के विभिन्न जिलों में चलेंगी, जिन्हें कंट्रोल रूम से मॉनिटर किया जाएगा।  

साय कैबिनेट की पहली बैठक से पहले सियासी घमासान, PCC चीफ बोले- मीटिंग में बस खाते हैं चाय-बिस्किट

रायपुर पीसीसी चीफ दीपक बैज ने आगामी कैबिनेट मीटिंग समेत कई मुद्दों पर सरकार पर निशाना साधा है. बैज ने कहा कि सरकार 2 सालों से सो रही है. अब तक कोई निर्णय नहीं हुआ. किसानों के लिए DAP-यूरिया तो मिला नहीं, युवाओं के लिए रोजगार भी नहीं मिला. कर्मचारी सड़कों पर हैं. स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह बदहाल है. क्या इन सब विषय पर बात होगी.? बैज ने कहा कि ये सब कैबिनेट मीटिंग में बैठकर केवल चाय और बिस्किट खाते हैं. कांग्रेस कल बिलासपुर में “वोट चोर गद्दी छोड़” कार्यक्रम आयोजित करने जा रही है. पीसीसी चीफ दीपक बैज इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बिलासपुर दौरे पर रहेंगे. कार्यक्रम की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में कांग्रेस प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट समेत तीनों सह प्रभारी भी शामिल होंगे. उन्होंने कहा कि पूरे देश में भारतीय लोकतंत्र को बचाने के लिए कांग्रेस लड़ाई लड़ रही है. बीते दिन एक वीडियो सामने आया जिसमें मंत्री केदार कश्यप के बंगले के एक कर्मचारी ने मंत्री पर मारपीट करने का आरोप लगाया और न्याय की मांग की. वीडियो वायरल होते ही प्रदेश की सियासत गर्म हो गई. इस मामले को लेकर आज कांग्रेस मंत्री केदार कश्यप के बंगले का घेराव करने जा रही है. मंत्री को कर्मचारी से माफी मांगनी चाहिए : PCC चीफ इस मामले को लेकर पीसीसी चीफ ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री इसे कांग्रेस का षडयंत्र बता रहे हैं. लेकिन क्या कांग्रेस ने मां की गाली देने बोला था ? मंत्री को कर्मचारी से माफी मांगनी चाहिए. यहां 2 कानून है : पीसीसी चीफ उन्होंने आगे कहा कि सरकार मंत्री के ऊपर कार्यवाही नही करेगी. इसलिए माफी मांग लेना चाहिए. घटना के एक घण्टे पहले और बाद का सीसीटीवी वीडियो जारी करना चाहिए. क्या मुख्यमंत्री उस कर्मचारी से बात की ? दोनों पक्षों को सुनना चाहिए. किसी भी छोटे कर्मचारियों की इतनी हिम्मत नही होती कि ऐसी हरकत करे, यहां दो कानून हैं- बड़े अधिकारी के लिए कुछ और गरीब के लिए कुछ और है. धर्मांतरण सरकार की प्री प्लानिंग : पीसीसी चीफ प्रदेश में धर्मांतरण के बढ़ते मामलों को लेकर PCC चीफ बैज ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि यह सरकार की बड़ी विफलता है. पहले कांग्रेस के ऊपर आरोप लगा रही थी. आज बीजेपी की सरकार में कितनी घटनाएं घट रही.?  मुद्दों का ध्रुवीकरण और राजनीति कर रही सरकार. धर्मांतरण सरकार की प्री प्लानिंग थी.

SC ने सुनाया बड़ा आदेश, दुर्घटना के शिकार बच्चों और दिव्यांगों को मिले कुशल श्रमिक के बराबर मुआवजे

इंदौर सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश के एक दुर्घटना क्लेम मामले में सुनवाई करते हुए एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने कहा है कि दुर्घटना में बच्चे की मृत्यु या उसके स्थायी रूप से दिव्यांग होने पर क्षतिपूर्ति की गणना उसे कुशल श्रमिक मानते हुए की जाएगी। राज्य में दुर्घटना के समय कुशल श्रमिक का जो न्यूनतम वेतन होगा, उसे ही बच्चे की आय माना जाएगा। दावेदार व्यक्ति को न्यायाधिकरण के समक्ष न्यूनतम वेतन के संबंध में दस्तावेज पेश करने होंगे।  सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश के एक दुर्घटना क्लेम मामले में सुनवाई करते हुए महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है, जिसका असर देशभर में होगा। सर्वोच्च अदालत ने कहा है कि दुर्घटना में बच्चे की मृत्यु या स्थायी रूप से दिव्यांग होने पर क्षतिपूर्ति की गणना अब बच्चे को कुशल श्रमिक मानते हुए की जाएगी। राज्य में दुर्घटना के समय कुशल श्रमिक का जो न्यूनतम वेतन होगा, उसे ही बच्चे की आय माना जाएगा। दावेदार व्यक्ति को न्यायाधिकरण के समक्ष न्यूनतम वेतन के संबंध में दस्तावेज पेश करने होंगे, अगर वह ऐसा नहीं कर पाता है तो इन दस्तावेजों को पेश करने की जिम्मेदारी बीमा कंपनी की होगी। फैसले की प्रति सभी मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरणों को भेजी जाए, ताकि निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित हो सके। बता दें, अब तक दुर्घटना में बच्चे की मृत्यु या स्थायी दिव्यांग होने की स्थिति में क्षतिपूर्ति की गणना नोशन इंकम (काल्पनिक आय, वर्तमान में 30 हजार रुपये प्रतिवर्ष) के हिसाब से की जाती है, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। अब राज्य में कुशल श्रमिक के न्यूनतम वेतन के हिसाब से क्षतिपूर्ति मिलेगी। वर्तमान में मप्र में कुशल श्रमिक का न्यूनतम वेतन 14,844 मासिक, यानी 495 रुपये प्रतिदिन निर्धारित है। साल 2012 में हुई थी दुर्घटना, ऐसे सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा मामला 14 अक्टूबर 2012 को इंदौर निवासी आठ वर्षीय हितेश पटेल पिता के साथ सड़क पर खड़ा था, तभी गुजर रहे वाहन ने टक्कर मार दी। दुर्घटना में हितेश को गंभीर चोट आई। यह कहते हुए कि उसे स्थायी दिव्यांगता आई है, मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (जिला न्यायालय) के समक्ष दस लाख रुपये का क्षतिपूर्ति दावा प्रस्तुत किया गया। जिला न्यायालय ने यह मानते हुए कि हितेश को 30 प्रतिशत दिव्यांगता आई है, उसे तीन लाख 90 हजार रुपये क्षतिपूर्ति देने के आदेश बीमा कंपनी को दिए। इस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी गई। हाई कोर्ट ने यह मानते हुए कि चूंकि हितेश की आयु सिर्फ आठ वर्ष है, क्षतिपूर्ति की राशि को बढ़ाकर आठ लाख 65 हजार रुपये कर दिया। इस फैसले से असंतुष्ट होकर सुप्रीम कोर्ट में अपील हुई। इसे स्वीकारते हुए कोर्ट ने क्षतिपूर्ति की राशि 35 लाख 90 हजार रुपये कर दी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश में क्या? बता दें कि अब तक दुर्घटना में बच्चे की मृत्यु या उसके स्थायी दिव्यांग होने की स्थिति में क्षतिपूर्ति की गणना नोशन इनकम (काल्पनिक आय, वर्तमान में 30 हजार रुपये प्रतिवर्ष) के हिसाब से की जाती है। अब राज्य में कुशल श्रमिक के न्यूनतम वेतन के हिसाब से क्षतिपूर्ति मिलेगी। वर्तमान में मध्य प्रदेश में कुशल श्रमिक का न्यूनतम वेतन 14844 मासिक यानी 495 रुपये प्रतिदिन निर्धारित है।     कुशल श्रमिक के न्यूनतम वेतन को ही मानें बच्चे की आय     कोर्ट ने फैसले की प्रति सभी मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरणों को भेजने का दिया निर्देश ऐसे सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला? 14 अक्टूबर 2012 को इंदौर निवासी आठ वर्षीय हितेश पटेल पिता के साथ सड़क पर खड़ा था, तभी एक वाहन ने उसे टक्कर मार दी। हितेश को गंभीर चोट आई। यह कहते हुए कि उसे स्थायी दिव्यांगता आई है, मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण के समक्ष 10 लाख रुपये का क्षतिपूर्ति दावा प्रस्तुत किया गया। न्यायालय ने यह मानते हुए कि हितेश को 30 प्रतिशत दिव्यांगता आई है, उसे तीन लाख 90 हजार रुपये क्षतिपूर्ति देने का आदेश बीमा कंपनी को दिया। इस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी गई। हाई कोर्ट ने यह मानते हुए कि चूंकि हितेश की आयु सिर्फ आठ वर्ष है, क्षतिपूर्ति की राशि को बढ़ाकर आठ लाख 65 हजार रुपये कर दिया। ऐतिहासिक फैसला, देशभर में लागू होगा     सुप्रीम कोर्ट का फैसला ऐतिहासिक है। पहली बार बच्चों की मृत्यु या स्थायी दिव्यांग होने पर उन्हें कुशल श्रमिक मानते हुए कुशल श्रमिक के न्यूनतम वेतन के हिसाब से क्षतिपूर्ति के लिए हकदार माना है। फैसले का असर पूरे देश में चल रहे क्लेम प्रकरणों पर पड़ेगा। -राजेश खंडेलवाल, दुर्घटना क्लेम प्रकरण के वकील  

संचालन के लिए हो रही है विशेष पहल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

माता-पिता, गुरुजनों के योगदान के प्रति हमेशा रहें कृतज्ञ : राज्यपाल पटेल दीक्षांत, शैक्षणिक यात्रा की पूर्णता के साथ, समाज और राष्ट्र की सेवा यात्रा का शुभारंभ अवसर विश्वविद्यालयों में कृषि संकाय, फैशन डिजाइनिंग जैसे रोजगारपरक कोर्स संचालन के लिए हो रही है विशेष पहल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव दीक्षांत समारोह सिर्फ डिग्री प्राप्त करने का उत्सव नहीं, विद्यार्थियों की मेहनत, अनुशासन और गुरुजनों के मार्गदर्शन का है प्रतिफल राज्यपाल पटेल एवं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों को उपाधि और स्वर्ण पदक प्रदान किए राज्यपाल पटेल ने बरकतउल्ला विश्वविद्यालय को ग्लोबल वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में प्रदेश के एकमात्र विश्वविद्यालय के रूप में स्थान प्राप्त करने पर दी बधाई राज्यपाल पटेल एवं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्वलित कर दीक्षांत समारोह का किया शुभारंभ बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के 78 हजार विद्यार्थियों को मिली पीएचडी, स्नातकोत्तर सहित अन्य उपाधि कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में हुआ बरकतउल्ला विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह भोपाल राज्यपाल एवं कुलाधिपति मंगुभाई पटेल ने कहा कि विद्यार्थी अपने माता-पिता और गुरूजनों के योगदान के प्रति हमेशा कृतज्ञ रहें। सफलता के बाद भी उनका हमेशा सम्मान करें। दीक्षांत शपथ का प्रतिदिन मनन करें और जीवन भर उसका अनुसरण भी करें। राज्यपाल पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नए, डिजिटल और "विकसित भारत" के सपने को साकार करने में विश्वविद्यालयों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। दीक्षांत, वह अवसर है जब शैक्षणिक यात्रा की पूर्णता के साथ, समाज और राष्ट्र की सेवा यात्रा का शुभारंभ होता है। यह केवल डिग्री प्राप्त करने का उत्सव नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के वर्षों की मेहनत, अनुशासन और गुरुजनों के सफल मार्गदर्शन का प्रतिफल है। राज्यपाल पटेल सोमवार को बरकतउल्ला विश्वविद्यालय, भोपाल के दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में दीप प्रज्ज्वलन और मां सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्प अर्पण कर समारोह का शुभारंभ किया। विश्वविद्यालयीन स्मारिका और पुस्तक का लोकार्पण भी किया। राज्यपाल व कुलाधिपति पटेल तथा मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अगुवाई में बरकतउल्ला विश्वविद्यालय की शोभा यात्रा ने मंत्रोच्चार के बीच सभागार में प्रवेश किया। राज्यपाल पटेल का विश्वविद्यालय के कुलगुरु सुरेश कुमार जैन ने पौधा, अंग वस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया। कुलगुरु जैन ने दीक्षित विद्यार्थियों को दीक्षांत उपदेश दिया और दीक्षांत शपथ दिलाई। डिग्री और स्वर्ण पदक प्राप्त कर खिले विद्यार्थियों के चेहरे राज्यपाल पटेल ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से युवाओं के लिए उनके कौशल, रुचि और क्षमता के अनुसार शिक्षा के प्रत्येक स्तर पर अनेक अवसर विद्यमान है। आज देश में कृषि, खाद्य, फिजिकल एजुकेशन, साइबर सिक्योरिटी, फोरेंसिक साइंस, ड्रोन तकनीक और विधि आदि विषयों में कैरियर की संभावनाएं तेजी से बढ़ी है। राज्यपाल पटेल ने युवाओं से अपने ज्ञान और कौशल से समाज और राष्ट्र उत्थान के लिए आगे आने का आह्वान किया है। राज्यपाल पटेल ने समारोह में विद्यार्थियों को डिग्री और स्वर्ण पदक प्रदान किए। दीक्षित विद्यार्थियों और स्वर्ण पदक प्राप्तकर्ताओं को बधाई दी। उन्होंने विश्वविद्यालय को शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के बेहतर प्रयासों के लिए नैक से "ए" ग्रेड प्राप्त करने और ग्लोबल वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिग में प्रदेश के एक मात्र विश्वविद्यालय के रूप में स्थान बनाने के लिए शुभकामनाएं दी। दीक्षांत समारोह अब भारतीय परंपरा के अनुरूप आयोजित किए जा रहे हैं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में भारतीय अपनी क्षमता से विश्व में पहचान बना रहे हैं। अतीत की गलतियों को सुधारते हुए दीक्षांत समारोह अब भारतीय परंपरा के अनुरूप आयोजित किए जा रहे हैं। प्रदेश में सबसे पहले वर्ष 2020 में शिक्षा नीति लागू की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सभी भाषाओं के अध्ययन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सभी राज्यों में बोली जाने वाली भाषाएं हमारी राष्ट्रभाषा हैं। मध्यप्रदेश सरकार ने राष्ट्रभाषा हिंदी में मेडिकल की पढ़ाई कराने की पहल की है, जिसे काफी सराहना मिल रही है। शिक्षा को केवल नौकरियों से न जोड़ा जाए, यह समाज में ज्ञान के सतत प्रसार का माध्यम है। राज्य में कुलपति को कुलगुरु की नई संज्ञा मिली है, जिसे जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय दिल्ली ने भी अपनाया है। प्रदेश के विश्वविद्यालयों में नवाचारों के साथ कृषि संकाय और फैशन डिजाइनिंग जैसे रोजगारपरक पाठ्यक्रम की पढ़ाई कराई जा रही है। नए मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों में विश्वविद्यालयों की बड़ी भूमिका मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के माध्यम से आज 54 हजार से अधिक विद्यार्थियों को स्नातक, 23 हजार विद्यार्थियों को स्नातकोत्तर, 190 विद्यार्थियों को पीएचडी, 21 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल, इस प्रकार कुल 78 हजार विद्यार्थियों के सपने साकार हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी विद्यार्थियों एवं प्राध्यापकों को बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में प्राइवेट कॉलेज और शासकीय विश्वविद्यालयों को मेडिकल कॉलेज और अस्पताल खोलने के लिए सरकार पूर्ण सहयोग प्रदान कर रही है। देवी अहिल्याबाई विश्वविद्यालय इंदौर के सहयोग से जनजातीय बहुल झाबुआ जिले में मेडिकल कॉलेज खुलने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश में सुशासन की नई बयार आई है। देश के युवा, किसान, गरीब सभी वर्गों के कल्याण के साथ सरकार आगे बढ़ रही है। प्रधानमंत्री मोदी देश के स्वाभिमान और समाज के सभी वर्गों के हितरक्षक हैं। 21वीं सदी भारत की होगी और भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा। प्रदेश के विश्वविद्यालयों में डिजिटल वैल्यूएशन होगा शुरू : मंत्री परमार तकनीकी एवं उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि आज विद्यार्थियों ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। हमें जीवनभर समाज और परिवार का ऋण उतारने के लिए कार्य करना चाहिए। देश में भारतीय परंपरा के अनुसार दीक्षांत समारोह आयोजित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के उच्च शिक्षा मंत्री रहते हुए सबसे पहले प्रदेश में शिक्षा नीति लागू की गई। राज्य सरकार सभी विश्वविद्यालयों में डिजिटल मूल्यांकन शुरू करेगी। विद्यार्थियों को ऑनलाइन कॉपी उपलब्ध कराएंगे। शिक्षा नीति के क्रियान्वयन के साथ प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में 1 या 2 भाषाओं की पढ़ाई शुरू करेंगे। मध्यप्रदेश हृदय प्रदेश है। यहां भाषाओं को जोड़ने का कार्य शुरू होगा। विद्यार्थी अपनी ऊर्जा राष्ट्र और समाज के कल्याण में लगाएं कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार जैन ने विद्यार्थियों को शपथ दिलाते … Read more

बॉलीवुड एक्ट्रेस पर मेलबर्न में भारी जुर्माना, 1.25 लाख रुपए चुकाने पड़े

मेलबर्न भारत के कई हिस्सों में शादी या किसी भी त्योहार में महिलाएं बालों में गजरा लगाती हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि फूलों से बना ये गजरा लगाने पर आपको 1.25 लाख रूपए का भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है. जी हां, हाल ही में मलयालम एक्ट्रेस नव्या नायर ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में मलयाली समुदाय द्वारा आयोजित ओणम समारोह में हिस्सा लेने के लिए गई थीं, लेकिन वहां पहुंचते ही उनके साथ ऐसी घटना हुई, जिसकी उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी. गजरे के कारण एक्ट्रेस ने चुकाई मोटी रकम बता दें कि मेलबर्न अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर मलयालम एक्ट्रेस नव्या नायर को उनके हैंडबैग में रखे गए चमेली के फूलों की वजह से रोक लिया गया. 15 सेंटीमीटर लंबी एक छोटी सी चमेली की माला ले जाने के कारण एक्ट्रेस को 1980 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (लगभग ₹1.25 लाख) का भारी जुर्माना भरना पड़ा है. ओणम समारोह के मंच से खुद एक्ट्रेस ने इस घटना का खुलासा किया है. मंच पर एक्ट्रेस ने बताया कि यह माला उनके पिता ने उनके लिए कोच्चि एयरपोर्ट से खरीदी थी. एक्ट्रेस नव्या नायर ने माला को दो टुकड़ों में बांट दिया था. जिसका एक टुकड़ा कोच्चि से सिंगापुर की फ्लाइट में पहन लिया, लेकिन सिंगापुर पहुंचते-पहुंचते वह मुरझा गया था. माला का दूसरा टुकड़ा एक्ट्रेस ने एक प्लास्टिक कैरी बैग में रखकर अपने हैंडबैग में रख लिया, ताकि वह सिंगापुर एयरपोर्ट पर फिर से पहन सकें. लेकिन नव्या नायर को मालूम नहीं था कि फूलों को इस तरह ऑस्ट्रेलिया ले जाना कानून के खिलाफ है. मेलबर्न अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर अधिकारियों ने जब उनके बैग की तलाशी ली तो चमेली के फूल देखकर उन्हें रोक लिया और तुरंत जुर्माना लगाया दिया. नव्या ने ओणम समारोह के मंच से अपनी बात रखते हुए कहा, ‘मुझे पता है कि मुझसे गलती हुई, लेकिन यह जानबूझकर नहीं किया गया था. मैं बस अपने पिता के कहने पर वह माला ले जा रही थी. उन्होंने मुझे 28 दिनों के अंदर जुर्माना भरने को कहा है.’ बता दें कि ऑस्ट्रेलिया का बायो-सिक्योरिटी कानून इस मामले में बेहद सख्त है. ऑस्ट्रेलियाई सीमा बल की वेबसाइट के मुताबिक, ‘पौधे, फूल और बीज’ जैसे जैविक पदार्थ बिना सरकारी परमिट के देश में लाना मना है. ऐसा इसलिए क्योंकि ये पदार्थ कीटों, बीमारियों और जैविक असंतुलन का कारण बन सकते हैं. खासतौर पर उन फूलों और बीजों पर मिट्टी, पत्ते, फलियां या तनों के अवशेष पाए जाने पर इन्हें खतरे की श्रेणी में रखा जाता है.

बिजली बकाया ₹7,000 करोड़ से अधिक, हरियाणा सरकार ने डिफॉल्टरों के लिए वन टाइम सेटलमेंट योजना लागू की

चंडीगढ़  हरियाणा की बिजली वितरण कंपनियां गंभीर वित्तीय संकट से गुजर रही हैं। उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVN) और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) पर उपभोक्ताओं का बकाया जून 2025 तक बढ़कर 7,695.62 करोड़ रुपए हो गया है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, न केवल ग्रामीण और शहरी घरेलू उपभोक्ता बल्कि औद्योगिक इकाइयां और सरकारी विभाग भी बिल चुकाने में पीछे हैं। बिजली निगम सरकारी तंत्र से ही बिलों की वसूली नहीं कर पा रहे हैं, जिससे उनकी वित्तीय स्थिति और कमजोर हुई है। 22 लाख से अधिक उपभोक्ता बने डिफाल्टर हरियाणा में 22 लाख 21 हजार 315 उपभोक्ता समय पर बिजली बिलों का भुगतान नहीं कर पाए हैं और अब डिफाल्टर बन चुके हैं। इसमें बड़ी संख्या ऐसे उपभोक्ताओं की भी शामिल है, जिनकी बिजली आपूर्ति अभी भी चालू है, जबकि कई उपभोक्ताओं के कनेक्शन पहले ही काट दिए गए हैं। सबसे अधिक बकाया ग्रामीण घरेलू उपभोक्ताओं पर ग्रामीण घरेलू उपभोक्ता के सबसे अधिक बकाया लगभग 4,400 करोड़ रुपए। शहरी घरेलू उपभोक्ता के करीब 834 करोड़ रुपए। कृषि क्षेत्र के किसानों पर 194 करोड़ रुपए कर बकाया। गैर-घरेलू (वाणिज्यिक प्रतिष्ठान) के लगभग 770 करोड़ रुपए। औद्योगिक इकाइयां के 1,063 करोड़ रुपए से अधिक का बिजली बिल बकाया है। सरकारी विभाग के स्वयं सरकारी कार्यालयों पर ही 389 करोड़ रुपए का बकाया। अन्य श्रेणी के लगभग 43 करोड़ रुपए बकाया है। बकाया नहीं देने पर क्या होगा? बिजली का बिल नहीं भरने पर पहले जुर्माना और ब्याज लगता है, फिर बिजली कनेक्शन काटा जा सकता है। कनेक्शन कटने पर आपको दोबारा जोड़ने के लिए शुल्क देना पड़ता है, और बकाया बिल का भुगतान न करने पर यह बढ़ता जाता है, जिससे लाखों रुपए तक का भुगतान भी करना पड़ सकता है। हरियाणा में लागू वन टाइम सेटलमेंट स्कीम हरियाणा में बिजली पेंडिंग बिल डिफाल्टरों को ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने बड़ी राहत दे चुके हैं। विज ने पेंडिंग बिल के भुगतान को लेकर ऊर्जा विभाग की ओर से वन टाइम सेटलमेंट स्कीम लागू कर चुके हैं। वन टाइम बिल का भुगतान करने में 10% की छूट मिल रही। साथ ही 100% सरचार्ज में भी छूट भी विभाग दे रहा है। स्कीम के तहत किश्तों में बिल देने पर 100% सरचार्ज माफ होगा। घरेलू उपभोक्ताओं के अलावा इंडस्ट्री और दूसरे उपभोक्ताओं को भी राहत दी गई है। ये दोनों उपभोक्ता यदि पेंडिंग बिल भरेंगे तो उन्हें भी 50% सरचार्ज माफ की सुविधा मिलेगी। स्कीम पूरी होने में दो महीने बचे अनिल विज ने चंडीगढ़ में सिविल सचिवालय में चार महीने पहले इस स्कीम को लागू करने का ऐलान दिया था। उन्होंने कहा था सूबे में यह योजना 6 महीने तक लागू रहेगी। ऊर्जा मंत्री बिजली बिल बकाएदारों से अपील कर चुके हैं कि वह अधिक से अधिक संख्या में इस योजना का लाभ उठाएं। अपना बकाया बिल जमाकर वह इस योजना का लाभ उठा सकेंगे। इस योजना का अच्छा रिस्पांस मिलने पर इसकी अवधि को विभाग बढ़ाने पर विचार कर सकता है।

सीमा सुरक्षा में बड़ी सफलता, घुसपैठिया ने अवनीत कौर से मिलने की वजह बताई

ऑक्ट्रोई सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने जम्मू के आरएस पुरा सेक्टर में अंतर्राष्ट्रीय सीमा के पास एक पाकिस्तानी घुसपैठिए को गिरफ्तार किया है. अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि आरएस पुरा सेक्टर में अंतर्राष्ट्रीय सीमा (आईबी) पर एक पाकिस्तानी घुसपैठिए को गिरफ्तार किया गया. घुसपैठिए की पहचान पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के सरगोधा निवासी सिराज खान के रूप में हुई है. BSF की शुरुआती जांच और पूछताछ में पता चला है कि सिराज खान पंजाबी एक्ट्रेस अवनीत कौर से मिलने आया था. हालांकि अभी भी BSF सहित दूसरी एजेंसियां उससे पूछताछ कर रही हैं. सिराज को  रात 9.20 बजे ऑक्ट्रोई चौकी पर तैनात सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों ने देखा. जिसके बाद उसे सीमा बाड़ के पास से गिरफ्तार कर लिया गया. अधिकारी ने बताया कि सिराज के पास से कुछ पाकिस्तानी करेंसी नोट बरामद हुए हैं. फिलहाल भारतीय सीमा में घुसपैठ करने की उसकी कोशिश के पीछे के असली मकसद का पता लगाने के लिए पूछताछ की जा रही है. पाकिस्तान के सरगोधा का रहने वाला है आरोपी  घुसपैठिए की गिरफ्तारी के संबंध में बीएसएफ की तरफ से एक प्रेस रिलीज भी जारी की गई है. जिसमें कहा गया है कि 7 सितंबर 2025 को लगभग 21:10 बजे बीएसएफ के जवानों ने एक संदिग्ध गतिविधि देखी. जिसमें एक पाकिस्तानी नागरिक अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर जम्मू के सुचेतगढ़ तहसील में सीमा बाड़ की ओर आक्रामक रूप से बढ़ रहा था. सतर्क जवानों ने उसे चेतावनी दी, लेकिन उसने कोई ध्यान नहीं दिया. ऐसे में खतरा भांपकर बीएसएफ के जवानों ने उस पर गोलीबारी की. फिर उसे बीएसएफ की हिरासत में ले लिया गया. बाद में पूछताछ के दौरान उसने अपनी पहचान सिराज खान, पुत्र जाहिद खान, गांव 27 चक, तहसील भलवाल, जिला सरगोधा, पंजाब, पाकिस्तान के रूप में बताई. साथ ही उसने यह भी बताया है कि वह पंजाबी एक्ट्रेस अवनीत कौर से मिलने आया था.

मोक्षित कॉरपोरेशन पर DGGI की बड़ी कार्रवाई, 162 करोड़ का GST घोटाला, करोड़ों का नोटिस जारी

रायपुर डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (DGGI), रायपुर जोनल यूनिट ने मेसर्स मोक्षित कारपोरेशन और उससे जुड़ी 85 फर्मों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 162.22 करोड़ रुपये के कर योग्य मूल्य पर 28.46 करोड़ रुपये के अनुचित इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का नोटिस जारी किया है. फरवरी 2024 से शुरू हुई जांच में पता चला कि मोक्षित कारपोरेशन ने फर्जी इनवॉइस के जरिए बड़े पैमाने पर GST अपवंचन किया. जांच के दौरान विभागीय टीमों ने छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में कई फर्मों के ठिकानों पर तलाशी और निरीक्षण किया. इस दौरान खुलासा हुआ कि फर्म के पार्टनर शशांक चोपड़ा ने अपने रिश्तेदारों के नाम पर दर्जनों फर्जी फर्में स्थापित की थीं, जिनके जरिए अनुचित ITC का दुरुपयोग और मनी लॉन्ड्रिंग की गतिविधियां संचालित की गईं. इन गतिविधियों के लिए 200 से अधिक बैंक खातों का उपयोग किया गया. जांच के बाद मोक्षित कारपोरेशन पर 28.46 करोड़ रुपये की कर मांग की गई है, साथ ही संबद्ध 85 फर्मों को दंड नोटिस जारी किए गए हैं. यह कार्रवाई बड़े पैमाने पर चल रहे GST फर्जीवाड़े को उजागर करने और भविष्य में ऐसी गतिविधियों पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. गौरतलब है कि DGGI ने फरवरी 2024 में जांच शुरू की थी, जिसके बाद ACB-EOW ने भी शशांक चोपड़ा को गिरफ्तार किया. प्रवर्तन निदेशालय (ED), रायपुर ने भी इस मामले में कार्रवाई की है.

60 लाख का गांजा बरामद, अंतरराज्यीय गिरोह के तीन तस्कर गिरफ्तार

दुर्ग नशे के विरूद्ध दुर्ग पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय गांजा तस्कर गिरोह का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों से 3 क्विंटल 88 किग्रा गांजा जिसकी कीमत लगभग 60 लाख रुपए और नगदी रकम 95 हजार, कंटेनर में भरा अन्य सामान कंटेनर सहित कुल 1 करोड़ 53 लाख रुपए का सामान जब्त किया गया है. पूरा मामला कुम्हारी थाना क्षेत्र का है. दुर्ग जिले में नशे के विरूद्ध लगातार कार्रवाई करने एसपी विजय अग्रवाल के निर्देश पर नशे के कारोबार करने वालों के संबंध में नशे के कारोबारियों के विरूद्ध विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में 7 सितंबर को मुखबीर से सूचना प्राप्त हुई कि कंटेनर वाहन क्रमांक NL01-AH-9524 में अवैध रूप से गांजा भरकर नेशनल हाईवे से रायपुर से दुर्ग की ओर आ रहा है. सूचना पर पुलिस की टीम ने टोल प्लाजा कुम्हारी में नाकेबंदी की. मुखबीर के बताए अनुसार रायपुर से दुर्ग की ओर कंटेनर गाड़ी NL01-AH-9524 आते दिखा, वाहन को रोककर पूछताछ पर वाहन चालक ने अपना नाम उमेश यादव पिता शोभित यादव उम्र 46 साल निवासी जय नगर जिला मधुबनी बिहार का बताया. आगे पूछताछ में बताया कि वह कंटेनर में आमतल्ला कोलकाता पश्चिम बंगाल से सामान लेकर गुजरात के लिए निकला था. रास्ते में ग्राम बारकोड़, देवघर, उड़िसा में परिचित का राहुल मिला, जिसने 13 बोरी गांजा को नागपुर में शाहिद के पास छोड़ने को बोला और प्रत्येक बोरी का 5000 रुपए देने की बात हुई तब उक्त गांजा को कंटेनर लॉक होने से कंटेनर का नट निकालकर गेट खोलकर गांजा भरकर नागपुर लेकर जाना स्वीकार किया। इसके पूर्व भी एक खेप गांजा शाहीद के पास नागपुर छोड़ना बताया. मामले में आवश्यक कार्रवाई के लिए कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में उनके आदेशानुसार कंटेनर का नट निकालकर गेट खोला गया. कंटेनर की तलाशी करने पर कंटेनर के पीछे हिस्से में 13 नग प्लास्टिक बोरी रखा हुआ मिलने पर कंटेनर से नीचे उतारकर बोरियां खोलकर देखा गया, जिसके अंदर पॉलिथिन में गांजा भरा हुआ था. 13 बोरियों में 388 पैकेट एक-एक किलोग्राम के कुल वजनी 3 क्विंटल 88 किग्रा गांजा जिसकी कीमत लगभग 60 लाख रुपए और नगदी रकम 95 हजार, कंटेनर में भरा अन्य सामान कंटेनर सहित कुल कीमत 1 करोड़ 53 लाख रुपए का माशरूका जब्त किया गया. आरोपी की निशानदेही पर थाना कुम्हारी एवं एसीसीयू की संयुक्त टीम नागपुर जाकर ट्रेप लगाकर मादक पदार्थ गांजा खरीदी करने पहुंचे अन्य आरोपी मुस्ताक अहमद एवं फयाज अंसारी को गिरफ्तार किया. मामले की अग्रिम कार्रवाई अपराध दर्ज कर थाना कुम्हारी से की जा रही है.