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इतिहास रचने की दहलीज पर अर्शदीप सिंह, T20I में भारतीय क्रिकेट का नया रिकॉर्ड!

नई दिल्ली एशिया कप 2025 में टीम इंडिया आज अपने अभियान का आगाज यूएई के खिलाफ करेगी। इस मैच में टीम इंडिया के स्टार तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह की नजरें इतिहास रचने पर होगी। अर्शदीप के सामने उस मुकाम को हासिल करने का मौका है जिसे आज तक कोई भारतीय हासिल नहीं कर पाया है। जी हां, यह रिकॉर्ड है टी20 इंटरनेशनल में 100 विकेट लेने का। अर्शदीप सिंह ने अभी तक खेले 63 मैचों में 18.30 के औसत और 8.29 की इकॉनमी के साथ सर्वाधिक 99 विकेट चटकाए हैं। वह विकेट के शतक से मात्र 1 कदम दूर है। अगर वह आज यूएई के खिलाफ एक विकेट चटकाते हैं तो वह टी20 इंटरनेशनल में 100 विकेट लेने वाले पहले भारतीय गेंदबाज बन जाएंगे। मौजूदा भारतीय स्क्वॉड में हार्दिक पांड्या एक और ऐसे खिलाड़ी हैं जिनके नाम 90 से अधिक विकेट दर्ज हैं। पांड्या ने अभी तक इस फॉर्मेट में 94 विकेट चटकाए हैं। वह अपने शतक से 6 कदम दूर हैं। उम्मीद है पांड्या भी इसी टूर्नामेंट में 100 विकेट पूरे कर लेंगे। भारत के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले टॉप-5 गेंदबाजों की लिस्ट में युजवेंद्र चहल, भुवनेश्वर कुमार और जसप्रीत बुमराह जैसे खिलाड़ी भी हैं। बुमराह ने इस फॉर्मेट में 89 विकेट चटकाए हैं। वहीं चहल और भुवी अब भारतीय टी20 सेटअप का हिस्सा नहीं हैं। भारत के लिए T20I में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज- अर्शदीप सिंह- 99 युजवेंद्र चहल- 96 हार्दिक पांड्या- 94 भुवनेश्वर कुमार- 90 जसप्रीत बुमराह- 89 एशिया कप के जरिए भारतीय टीम की नजरें आगामी टी20 वर्ल्ड कप 2026 की तैयारियों पर होगी। सबसे पहला टास्क सूर्यकुमार यादव और गौतम गंभीर के सामने प्लेइंग XI को चुनने का है। शुभमन गिल को टी20 टीम का उप-कप्तान बनाने के बाद प्लेइंग XI चुनने में थोड़ी दिक्कत आ सकती है। ऐसे में संजू सैमसन अपनी जगह खो सकते हैं। इसके अलावा अक्षर पटेल, कुलदीप यादव और वरुण चक्रवर्ती में से किन दो स्पिनर्स को मौका मिलेगा ये भी देखने वाली बात होगी।  

हजारीबाग में आगजनी की घटना पर पुलिस का शिकंजा, CCL कंपनी के 7 आरोपी हिरासत में

हजारीबाग झारखंड के हजारीबाग के चरही थाना क्षेत्र में 24 अगस्त को सीसीएल की आउटसोर्सिंग कंपनी अरविंद कोलियरिज लिमिटेड के व्यू प्वाइंट पर कुछ अपराधियों ने हमला किया था। लगभग 8 से 10 अपराधियों ने ट्रकों और वाहनों को आग लगाई, जिससे 3 हाइवा और 3 पिकअप वाहन पूरी तरह जल गए। इस हमले में कंपनी का एक कर्मचारी भी घायल हुआ और कंपनी को भारी नुकसान उठाना पड़ा। इस घटना की सूचना मिलने पर चरही पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज किया। पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन के निर्देश पर विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया, जिसे इस मामले की जांच सौंपी गई। पुलिस ने अपनी गुप्त सूचनाओं के आधार पर 9 सितंबर 2025 को छापेमारी की और हजारीबाग के विभिन्न गांवों से 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने 6 जिन्दा गोलियां, 7 टीपीसी के पर्चे, एक बोलेरो वाहन और छह मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पूछताछ में सभी आरोपियों ने इस हमले में शामिल होने की बात कबूल की है। जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया उनमें इमदाद रजा (21 वर्ष), सचिन कुमार रविदास (24 वर्ष), अफसर आलम (21 वर्ष), अजमत अंसारी (22 वर्ष), साहिल रजा (18 वर्ष), रामप्रवेश यादव (30 वर्ष), और सुनील कुमार दास (29 वर्ष) शामिल हैं। पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने बृहद और सतर्क अभियान चलाने का भी आश्वासन दिया है ताकि भविष्य में ऐसे अपराधों पर काबू पाया जा सके।  

गुमशुदा मोबाइल लौटाने पर मंडला पुलिस को गोवा में किया गया सम्मानित

 मंडला भारत सरकार के दूरसंचाल विभाग द्वारा गोवा में आयोजित वेस्ट जोन वार्षिक सुरक्षा सम्मेलन आयोजित किया गया था. जिसमें पश्चिम क्षेत्र के जो कई राज्य हैं हैं, जैसे मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़ शामिल हुए थे. इसमें जिसने सबसे अच्छी रिकवरी की थी, उसे सम्मानित किया गया है. मध्य प्रदेश के मंडला साइबर सेल को सम्मानित किया गया. यह क्षण आदिवासी जिला मंडला के लिए गौरव का क्षण है. मंडला पुलिस को सीईआईआर पोर्टल का इस्तेमाल कर 74 फीसदी मोबाइल रिकवरी के साथ वेस्ट जोन में पहला स्थान मिला है. मंडला पुलिस ने जब्त किए गुमशुदा मोबाइल दरअसल, मंडला पुलिस ने CEIR पोर्टल का उपयोग कर डेढ़ साल में 2031 मोबाइल जब्त किए हैं. जिसकी कीमत लगभग 3 करोड़ बताई जा रही है. उन मोबाइलों को तलाश कर पुलिस ने उनके मालिकों को सौंपे. वहीं साल 2024 में 1046 और 2025 में 985 मोबाइल पुलिस ने रिकवर किए हैं. बता दें इससे पहले मध्य प्रदेश डीजीपी द्वारा मंडला पुलिस को उनकी कार्यशैली को लेकर सम्मानित किया जा चुका है. मंडला पुलिस को 50 हजार रुपए के पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया था. मंडला पुलिस ने इस सफलता के लिए पंच स्तरीय कार्य प्रणाली लागू की गई थी. थाना स्तर पर मोबाइल फोन की शिकायतों व अन्य साइबर फ्रॉड को ऑनलाइन दर्ज करने साइबर डेस्क का गठन किया गया था. नेशनल साइबर रिपोर्टिंग हेल्पलाइन 1930, CEIR पोर्टल व लोकल साइबर हेल्पलाइन नंबर 7587644088 का प्रचार किया गया. सभी थानों में हेल्पलाइन नंबर, स्कूल व साप्ताहिक बाजार में प्रचार, चौराहों पर फ्लेक्स बैनर लगाकर सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार किया गया. शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया हुई आसान थाना पर प्राप्त होने वाली सभी शिकायतों को थाना स्तर पर ही तत्काल दर्ज की गई. वहीं लोकल स्तर पर जारी हेल्पलाइन नंबर से आमजन को मोबाइल के गुम जाने वाली शिकायत दर्ज करने में आसानी हुई. खरीद बिल या IMEI नंबर अनुपलब्ध होने पर भी शिकायत प्राप्त की गई. डिस्ट्रिक्ट, थाना व बीट स्तर पर मोबाइल फोन का डिस्ट्रीब्यूसन मोबाइल फोन पहले जिला स्तर पर ट्रेस कर लिए जाते थे. अब विकेन्द्रीकृत वितरण से सीधे मोबाइल फोन को पुलिस स्टेशन स्तर पर या माइक्रो बीट पुलिसकर्मियों द्वारा दूर गांवों में लोगों के घर जाकर सौंपा गया.  

49% बढ़ा हेलिकॉप्टर किराया! केदारनाथ धाम जाने का खर्च अब कितना?

उत्तराखंड  उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (UCADA) ने केदारनाथ धाम की हेलिकॉप्टर यात्रा का किराया 49 प्रतिशत बढ़ा दिया है. अगर नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) अंतिम अनुमति प्रदान कर देता है तो किराए की नई दरें 15 सितंबर से लागू कर दी जाएंगी. केदारनाथ धाम की हेलिकॉप्टर यात्रा के किराए में UCADA की ओर से की गई ये बढ़ोतरी श्रद्धालुओं के लिए बड़ा आर्थिक झटका है. केदारनाथ धाम यात्रा सीजन की पहली हेली सेवा 15 सितंबर से शुरू की जा सकती है. ऐसे में नागरिक उड्डयन महानिदेशालय से अंतिम अनुमति मिलने के बाद 10 सितंबर से आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर टिकटों की बुकिंग शुरू हो जाएगी. यात्रियों को अब केदारनाथ धाम की हेलिकॉप्टर यात्रा के लिए पहले से करीब चार से पांच हजार रुपए ज्यादा देने होंगे. सुरक्षा को लेकर कई सिफारिशें दी गईं हाल के वर्षों में बद्रीनाथ और गंगोत्री मार्ग पर हेलिकॉप्टर हादसे हुए. हादसों को देखते हुए डीजीसीए ने राज्य सरकार को निर्देश दिए थे कि सुरक्षा के सख्त इंतजाम किए जाएं. इसी क्रम में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया था. इस समीति की अध्यक्षता गृह सचिव शैलेश बगौली ने की थी. समिति की ओर से हेली सेवाओं की सुरक्षा को लेकर कई सिफारिशें दी गईं थीं. समिति की सिफारिशोंं के आधार पर ही नई व्यवस्था लागू की जा रही है. किराए की जो नई दरें तय की गई हैं, उसके अनुसार, जो श्रद्दालु गुप्तकाशी से केदारनाथ धाम की हेलिकॉप्टर यात्रा करेगा उसको 12,444 रुपए किराया देना होगा. फाटा से 8,900 रुपए किराया देना होगा. इसी तरह सिरसी से 8,500 रुपए का किराया लगेगा. इससे पहले गुप्तकाशी से लगभग 8,500 रुपए और फाटा और सिरसी से लगभग 6,500 रुपए हेलिकॉप्टर से केदारनाथ धाम तक का किराया था. क्यों लिया गया किराया बढ़ाने का फैसला? UCADA के सीईओ आशीष चौहान ने बताया कि आवश्यक हालातों को ध्यान में रखकर किराया बढ़ाने का ये फैसला लिया गया है. यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर इस बार हेलिकॉप्टर सेवाओं में तकनीकी सुधार हो रहे हैं. देहरादून के सहस्त्रधारा और सिरसी में दो कंट्रोल रूम बन रहे हैं. 22 ऑपरेटरों की टीम उड़ानों पर नजर रखेगी. चारों धामों में ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन बनाए जाएंगे. इससे सटीक और रियल टाइम मौसम का पता चल सकेगा. इसके अलावा पीटीजी कैमरे, एटीसी, वीएचएफ सेट और सिलोमीटर लगाए जाएंगे. आशीष चौहान ने बताया कि इन सभी उपायों के लिए अतिरिक्त लागत के कारण किराया बढ़ाया गया है.

सीएम फडणवीस ने उपराष्ट्रपति चुनाव पर किया पलटवार, विपक्ष हुआ फेल

मुंबई  उपराष्ट्रपति चुनाव के नतीजों पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल लगातार बड़बोलापन कर रहे थे और यह माहौल बनाने की कोशिश कर रहे थे कि एनडीए के वोट बंट जाएंगे। लेकिन नतीजों में इसका उल्टा हुआ। विपक्ष अपनी पार्टी के वोट भी नहीं संभाल पाया और बड़ी संख्या में उनके वोट एनडीए उम्मीदवार के पक्ष में चले गए। फडणवीस ने कहा कि एक तरह से विपक्ष ने खुद ही मुंह के बल गिरने का काम किया है। सीएम फडणवीस ने महाराष्ट्र के राज्यपाल और एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन की जीत पर खुशी जताई। उन्होंने उन्हें कर्मठ, सुलझा हुआ और प्रमाणिक व्यक्तित्व वाला नेता बताया। फडणवीस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने राधाकृष्णन जैसे योग्य व्यक्ति को इस पद के लिए नामित किया और एनडीए के सभी दलों ने एकजुट होकर उनका समर्थन किया। इसी वजह से वे बड़े अंतर से विजयी हुए। फडणवीस ने भरोसा जताया कि उपराष्ट्रपति के रूप में राधाकृष्णन इस पद की गरिमा को और बढ़ाएंगे। उपराष्ट्रपति चुनाव पर बोले सीएम फडणवीस मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से इस बात की सबसे ज्यादा खुशी है कि जब चुनाव परिणाम घोषित हुआ तो सीपी राधाकृष्णन का पता मुंबई, महाराष्ट्र का बताया गया। वे महाराष्ट्र की मतदाता सूची में दर्ज मतदाता हैं और अब देश के उपराष्ट्रपति बन गए हैं। फडणवीस ने कहा कि यह पूरे महाराष्ट्र के लिए गर्व का विषय है। गौरतलब है कि उपराष्ट्रपति चुनाव में एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन ने विपक्ष के उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी को 152 मतों के भारी अंतर से हराया। राधाकृष्णन को प्रथम वरीयता के 452 वोट मिले, जबकि रेड्डी को 300 वोट हासिल हुए। कुल 781 सदस्यों में से 767 (एक डाक मतपत्र समेत) ने मतदान किया था, जिसमें से 15 वोट अवैध घोषित किए गए। मंगलवार को सुबह 10 बजे से शुरू होकर शाम 5 बजे तक मतदान हुआ था। इस जीत ने एक बार फिर एनडीए की मजबूती और विपक्ष की कमजोरी को उजागर कर दिया।

जनता के भरोसे की नई पहल: गुजरात विधानसभा ने पारदर्शिता विधेयक-2025 पारित किया

अहमदाबाद    प्राधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन के मुताबिक विकसित भारत@2047 के लिए विकसित गुजरात के निर्माण के मिशन में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट तथा पॉलिसी ड्रिवन गवर्नेंस के चलते गुजरात आज जब विश्वभर के निवेशकों की पहली पसंद बना है, तब ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को वेग देकर अर्निंग वेल-लिविंग वेल की संकल्पना साकार करने का राज्य सरकार का ध्येय है. 15वीं गुजरात विधानसभा के सातवें सत्र के दूसरे दिन उद्योग मंत्री बलवंतसिंह राजपूत ने इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए सदन में गुजरात जनविश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक-2025 प्रस्तुत किया. सरलता एवं पारदर्शिता के लिए ठोस कदम मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व वाली राज्य सरकार के सरलता एवं पारदर्शिता की ओर एक और ठोस कदम के रूप में पारित हुआ यह जनविश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक-2025 राज्य में कानून के पालन को आसान बनाकर, डिजिटलाइज्ड कर तथा सुयोग्य ढंग से बदलाव लाकर व्यापार सरलता के साथ जीवन जीने की सरलता में भी वृद्धि करने वाला सिद्ध होगा. इतना ही नहीं; न्यायपालिका पर बोझ घटाने में भी यह विधेयक उपयुक्त बनेगा. मंत्री बलवंतसिंह राजपूत ने सदन में इस जनविश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक-2025 की पृष्ठभूमि रखते हुए कहा कि किसी भी देश में विकास के लिए स्थिर नीतियाँ तथा अच्छा व्यावसायिक माहौल बहुत ही महत्वपूर्ण है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार ने हमेशा कानूनों को आधुनिक, फ्लेक्सिबल, पीपल फ्रेंड्ली तथा विश्वास आधारित बनाया है. सरकार ने आम नागरिकों तथा उद्योगों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण माना है. तेज और अच्छे परिणाम का मार्गदर्शन इतना ही नहीं; टेक्नोलॉजी के उपयोग से त्वरित एवं अच्छे परिणाम प्राप्त किए जा सकने वाले क्षेत्रों में उनके मार्गदर्शन का भी सरकार ने स्वागत किया है. इसलिए केन्द्र सरकार ने 2023 में जनविश्वास अधिनियम लागू कर कम्प्लायंसेज घटाने का प्रयास किया है. इस दिशा में केन्द्र व राज्य स्तर पर 40 हजार से अधिक कम्प्लायंसेज निर्मूल किए गए. इससे ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को प्रोत्साहन मिला है. हाल ही में संसद में जनविश्वास विधेयक 2.0 प्रस्तुत हुआ है. राज्य सरकार ने केन्द्र सरकार के जनविश्वास विधेयक 2.0 का विस्तृत अध्ययन करने के बाद गुजरात जनविश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक-2025 तैयार किया है. मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल इन्क्रीमेंटल चेंज के लिए नहीं, बल्कि क्वाण्टम जंप के लक्ष्य के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा गुजरात के सुदृढ़ विकास की डाली गई नींव को अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं. मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ट्रस्ट बेस्ड गवर्नेंस तथा प्रो-पीपल गवर्नेंस के लिए हमेशा आग्रही रहे हैं. उसे साकार करते हुए राज्य सरकार के 6 विभागों के 11 कानूनों-नियमों के अंतर्गत लगभग 516 प्रावधानों को अपराधमुक्त डिक्रिमिनलाइज्ड करना इस विधेयक का उद्देश्य है. उद्योग मंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि इस विधेयक में कानूनों एवं नियमों में सुझाए गए सुधारों में छोटी (कम गंभीर) भूलों के लिए जहाँ तक संभव हो, कैद की सजा का प्रावधान हटा दिया गया है और फाइन यानी दंड के स्थान पर वित्तीय पैनल्टी के प्रावधान किए गए हैं. उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार के शहरी विकास विभाग, श्रम एवं कौशल विकास तथा रोजगार विभाग, नर्मदा, जल संसाधन, जलापूर्ति एवं कल्पसर विभाग, उद्योग एवं खान विभाग, कृषि, किसान कल्याण एवं सहकारिता विभाग और वित्त विभाग के 11 कानूनों-नियमों के अंतर्गत आने वाले 516 प्रावधानों को अपराधमुक्त करने से सजा के भय के स्थान पर प्रामाणिकता से कानूनों के पालन में मदद मिलेगी. उन्होंने अपराधमुक्त किए गए 516 प्रावधानों का विवरण देते हुए कहा कि एक प्रावधान में कैद की धारा है, जिसे हटाया जा रहा है. 17 प्रावधानों में कैद या फाइन को पैनल्टी में बदला जा रहा है तथा 498 प्रावधानों में फाइन को पैनल्टी में बदला जाएगा. सरकार और नागरिकों के बीच विश्वास को बढ़ावा इसके अलावा; 8 कानूनों के अंतर्गत उल्लंघन के समाधान की व्यवस्था के साथ अधिकारी द्वारा राशि स्वीकार किए जा सकने के प्रावधान किए गए हैं. उद्योग मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में प्रस्तुत हुए इस विधेयक का उद्देश्य नियमों में सुधारों से भी एक कदम आगे बढ़कर सरकार व नागरिकों के बीच विश्वास को अधिक मजबूत करने का प्रयास है. इस विधेयक का उद्देश्य फाइलिंग विलंब, लाइसेंस रिन्यूल में विलंब टालना, सुरक्षा उल्लंघन संबंधी छोटी भूलों के लिए अनपेक्षित व फौजदारी आरोंपों से मुक्ति देना, न्यायिक प्रणाली पर बोझ घटाकर पैनल्टी आधारित दंड व्यवस्था लाना है. इस विधेयक से विशेषकर स्टार्टअप्स तथा एमएसएमई अधिक सुदृढ़ होंगे और छोटी (कम गंभीर) भूलों के लिए फौजदारी कार्यवाही के अनावश्यक भय के बिना अपने उद्योग-व्यवसायों का और बेहतर ढंग से विकास कर राज्य में एमएसएमई इकोसिस्टम को सुदृढ़ बनाएंगे.  

क्रिकेट का विवाद: एक ही जूता सबके लिए ठीक नहीं – गावस्कर ने टेस्ट नियमों पर किया हमला

नई दिल्ली  दिग्गज पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने राष्ट्रीय टीम में चयन के लिए यो-यो के अलावा ब्रोन्को फिटनेस टेस्ट लाए जाने को लेकर BCCI को आगाह किया है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों के शरीर अलग-अलग होते हैं और उनके फिटनेस के टेस्ट के लिए इस पर भी विचार जरूरी है कि उनकी भूमिका क्या है। सबके पैर के लिए एक ही जूता नहीं हो सकता। स्पोर्ट्सस्टार के अपने कॉलम में गावस्कर ने लिखा है, 'इन टेस्ट का आइडिया ठीक है ताकि पता चले कि किसी खिलाड़ी को अपने शरीर को मजबूत बनाने की जरूरत है ताकि नेशनल टीम में उनके चयन को लेकर फैसला हो सके। हर व्यक्ति का शरीर अलग होता है इसलिए स्क्वाड में सबके लिए एक ही मापदंड रखना ठीक नहीं है। खिलाड़ी की विशेषज्ञता पर विचार करने की जरूरत है।' ‘खिलाड़ी की क्या भूमिका, इसे भी ध्यान में रखने की जरूरत’ उन्होंने अपनी बात को समझाते हुए लिखा है, 'उदाहरण के लिए, एक विकेटकीपर पूरे दिन लगातार चहल-पहल करता रहता है, उसका फिटनेस लेवल दूसरों से अलग होता है। तेज गेंदबाज स्पिनरों से अलग होंगे, हालांकि स्पिनर बहुत ज्यादा गेंद डालते हैं। बल्लेबाजों के लिए एक अलग तरह की फिटनेस की जरूरत होगी। आप देख सकते हैं कि 'वन साइज फिट्स ऑल' जैसी चीज नहीं होती। जब तक इस बात को ध्यान दिया जाता रहेगा और नए टेस्ट के पैमानों को लागू करने में सख्ती नहीं दिखाया जाता, तब तक तो यह ठीक है।' क्या है ब्रोन्को टेस्ट? ब्रोन्को टेस्ट परंपरागत तौर पर रग्बी में होता है। इसमें खिलाड़ी सबसे पहले 20 मीटर के शटल रन को पूरा करता है और उसके बाद 40 मीटर और 60 मीटर की दौड़ लगानी पड़ती है। इन तीनों दौड़ को मिलाकर एक सेट बनता है और खिलाड़ी को बिना रुके हुए ऐसे 5 टेस्ट पूरे करने होते हैं। एशिया कप के लिए यो-यो टेस्ट ही रखा गया था भारतीय टीम में चयन के लिए फिलहाल यो-यो टेस्ट को फिटनेस का मापदंड रखा गया है जो ब्रोन्को टेस्ट के जैसा ही है। हालांकि ब्रोन्को टेस्ट यो-यो के मुकाबले कठिन है। एशिया कप 2025 से पहले भारतीय स्क्वाड को यो-यो की ही कसौटी पर परखा गया था। धीरे-धीरे ब्रोन्को टेस्ट को भी किया जा सकता है लागू ब्रोन्को टेस्ट को लॉन्च करने का आइडिया भारतीय टीम के कंडिशनिंग कोच एड्रियन ले रॉक्स ने दिया है। फिलहाल इसे लागू नहीं किया गया है लेकिन आगे चलकर यो-यो टेस्ट के अलावा ब्रोन्को टेस्ट भी धीरे-धीरे लागू किया जा सकता है।  

गरीबी से करोड़ों के विवाद तक: जानें ग्वालियर के कुक रविंद्र सिंह की संघर्ष भरी कहानी

ग्वालियर  मध्य प्रदेश के ग्वालियर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां एक होटल में काम करने वाले कुक हेल्पर रविंद्र सिंह चौहान को आयकर विभाग ने 46 करोड़ रुपए का नोटिस भेज दिया. जबकि रविंद्र सिंह चौहान की सैलरी महज 8 से 10 हजार रुपए है. अचानक इतने बड़े नोटिस ने उनकी जिंदगी उलट-पुलट कर दी है. रविंद्र सिंह चौहान को समझ ही नहीं आया कि ये सब आखिर हुआ कैसे? दरअसल, भिंड के रहने वाले रविंद्र सिंह चौहान का कहना है कि वह सिर्फ खाना बनाने का काम करते हैं. उनके अकाउंट में कभी सालभर में तीन लाख रुपए का लेन-देन भी नहीं हुआ, लेकिन उनके नाम से 46 करोड़ रुपए का ट्रांजेक्शन दिखाया गया. रविंद्र सिंह चौहान ने भिंड स्थित पंजाब नेशनल बैंक से अपने खाते का पिछले पांच वर्षों का बैंक स्टेटमेंट निकलवाया. स्टेटमेंट में कुल लेन-देन तीन लाख रुपये से भी कम पाया गया, जो उन्हें काफी अजीब लगा. इस संदेह के चलते उन्होंने बैंक मैनेजर से मामले की गहराई से जांच कराने के लिए कहा. फर्जी खाता और करोड़ों का लेनदेन जांच के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ ये हुआ कि रविंद्र सिंह चौहान के नाम से दिल्ली के उत्तम नगर में एक और खाता मौजूद था और हैरान करने वाली बात ये थी कि उस खाते में अभी भी 12.5 लाख रुपये जमा हैं. जांच में सामने आया कि टोल कंपनी में काम करने के दौरान उनके सुपरवाइजर ने पीएफ के नाम पर उनके कागज लेकर फर्जी अकाउंट खुलवा दिया था. इसी खाते से करोड़ों का लेन-देन हुआ. हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया रविंद्र सिंह चौहान ने थाने और एजेंसियों से शिकायत की, लेकिन कोई मदद नहीं मिली. अब उन्होंने ग्वालियर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. इस मामले में यह भी सामने आया है कि रविंद्र के नाम पर भिंड और दिल्ली में दो खाते खुले हुए हैं, जिनमें से दिल्ली वाला खाता एक ट्रेडिंग कंपनी से जुड़ा हुआ है. अब देखना यह होगा कि हाईकोर्ट से उसे आयकर विभाग के इस भारी-भरकम नोटिस से राहत मिलती है या नहीं.  

धर्मांतरण बिल राजस्थान में लागू, सदन में कांग्रेस का हंगामा और नए प्रावधानों की पूरी जानकारी

जयपुर  राजस्थान में अब लालच, धोखे या डर दिखाकर धर्म परिवर्तन कराने वाली संस्थाओं पर सख्त कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है. सरकार ऐसा कानून लाने जा रही है, जिसमें पहली बार बुलडोजर एक्शन को कानूनी रूप दिया जाएगा. नए धर्मांतरण विरोधी बिल में प्रावधान है कि गलत तरीके से धर्म परिवर्तन कराने वाले संस्थानों की इमारतों को सील करने और तोड़ने की कार्रवाई होगी. राजस्थान विधानसभा में मंगलवार को प्रोहिबिशन ऑफ अनलॉफुल कन्वर्जन ऑफ रिलिजन बिल 2025 को दोबारा पेश किया गया है और इस पर बहस के बाद मंजूरी मिल सकती है. विपक्ष के हंगामे के बीच बिल पारित कर दिया गया.इस बिल में प्रावधान है कि नियम तोड़ने या अवैध कब्जे पर बने भवनों में ही बुलडोजर चलेगा. कार्रवाई से पहले प्रशासन और स्थानीय निकाय जांच करेंगे. बिल में यह भी साफ किया गया है कि अगर किसी जगह पर सामूहिक धर्म परिवर्तन होता है, तो उस संपत्ति को प्रशासन जब्त कर उसे तोड़ सकेगा. बिल में सख्त प्रावधान शामिल ‘राजस्थान विधिविरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध विधेयक 2025’ में कई सख्त प्रावधान शामिल किए गए हैं, नए बिल में सजा और जुर्माने की राशि को कई गुना बढ़ाया गया है. बिल में जबरन, धोखे या लालच के जरिए धर्मांतरण कराने पर 7 से 14 साल की कैद और 5 लाख रुपए तक का जुर्माना लगाने का प्रावधान है. वहीं नाबालिग, दिव्यांग, महिला, अनुसूचित जाति (SC) या जनजाति (ST) के लोगों का धर्मांतरण कराने पर 10 से 20 साल की सजा और 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा. सामूहिक धर्मांतरण के मामलों सजा इसके साथ ही सामूहिक धर्मांतरण के मामलों में 20 साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा और न्यूनतम 25 लाख रुपए का जुर्माना लगाया जा सकता है. वहीं विदेशी या अवैध संस्थानों से फंड लेकर धर्मांतरण कराने पर 10 से 20 साल की सजा और 20 लाख रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा. बार-बार धर्मांतरण के अपराध में शामिल होने वालों को आजीवन कारावास और 50 लाख रुपए तक का जुर्माना लगाया जाएगा. वहीं अगर शादी का मकसद सिर्फ धर्मांतरण है, तो ऐसी शादी को कानूनी रूप से अवैध घोषित किया जाएगा. ऐसी शादी को कोर्ट रद्द कर सकेगा. जब्त होंगी संपत्तियां इसके अलावा धर्मांतरण कराने वाली संस्थाओं के भवनों को सीज करने और नियमों के उल्लंघन या अतिक्रमण के मामले में तोड़ने का प्रावधान है. सामूहिक धर्मांतरण के लिए इस्तेमाल होने वाली संपत्ति को प्रशासन द्वारा जब्त किया जाएगा. बुलडोजर चलाने से पहले नोटिस दिया जाएगा और 72 घंटे में कार्रवाई होगी. मूल धर्म में लौटना धर्मांतरण की श्रेणी में नहीं आएगा इसके साथ ही इस बिल में स्पष्ट किया गया है कि ‘घर वापसी’, यानी किसी व्यक्ति का अपने मूल धर्म में लौटना, धर्मांतरण की श्रेणी में नहीं आएगा. यह प्रावधान उन लोगों को राहत देता है जो स्वेच्छा से अपने मूल धर्म में वापस लौटना चाहते हैं. मूल धर्म में लौटने को घर वापसी कहा गया है और इसे धर्म परिवर्तन की परिभाषा से बाहर रखा गया है. अगर कोई अपनी मर्जी से धर्म बदलना चाहता है, तो भी प्रशासन की मंजूरी जरूरी होगी. व्यक्ति को कम से कम 90 दिन पहले कलेक्टर या एडीएम को सूचना देनी होगी. धर्मगुरु को भी दो महीने पहले नोटिस देना होगा. सूचना सार्वजनिक की जाएगी और नोटिस बोर्ड पर चिपकाई जाएगी. इसके बाद 2 महीने तक आपत्तियां मंगाई जाएंगी. सुनवाई और आपत्तियों के निपटारे के बाद ही धर्म परिवर्तन मान्य होगा. कांग्रेस ने किया सदन में हंगामा इस बीच सदन में बिल के कई प्रावधानों पर विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने निरोध जताते हुए हंगामा किया. कांग्रेस विधायक शांति धारीवाल ने विधेयक को लेकर कहा कि यह गलत तरीके से और गलत मंशा से लाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि यह बिल न तार्किक रूप से सही है और न ही सामाजिक रूप से सही माना जा सकता. धारीवाल ने कहा कि इससे सांप्रदायिकता बढ़ेगी. यह बिल समाज को जोड़ने की बजाय बांटने का काम करेगा. बिल पर चर्चा के दौरान कांग्रेस ने बहस में हिस्सा नहीं लिया और नारेबाजी करते हुए सदन में हंगामा किया.  

ग्रांट की मांग, माछीवाड़ा में शुरू होंगे विकास के नए प्रोजेक्ट्स

समराला नगर कौंसिल माछीवाड़ा के प्रधान मोहित कुंदरा ने आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा से मिलकर ऐतिहासिक कस्बा माछीवाड़ा के सौंदर्यीकरण के लिए वित्तीय ग्रांट की मांग की। प्राप्त जानकारी के अनुसार मोहित कुंदरा ने मंत्री अमन अरोड़ा को बताया कि ऐतिहासिक माछीवाड़ा कस्बा श्री गुरु गोबिंद सिंह जी की चरण स्पर्श प्राप्त पावन धरती है। इसलिए इस ऐतिहासिक गुरुद्वारे के दर्शन के लिए देश और विदेश से बड़ी संख्या में सिख संगतें और अन्य श्रद्धालु आते-जाते रहते हैं।  ऐसे हालात में इस कस्बे के सौंदर्यीकरण की अत्यंत आवश्यकता है, ताकि संगतें यहां आकर प्रसन्नता महसूस कर सकें। उन्होंने कहा कि चरण कंवल चौक से गुरु घर तक जाने वाली सड़क जर्जर हालत में है और उसकी तुरंत मरम्मत की जरूरत है, जिस पर करीब 90 लाख रुपये की लागत का अनुमान है। इस मार्ग के सौंदर्यीकरण के लिए लाइटें लगाने का भी प्रस्ताव है। उन्होंने मंत्री से मांग की कि सरकार मुख्य सड़क और सजावटी गेट बनाने की मंज़ूरी दे। मंत्री अमन अरोड़ा ने नगर कौंसिल प्रधान मोहित कुंदरा को आश्वस्त किया कि विकास कार्यों के लिए सरकार फंडों की कोई कमी नहीं आने देगी।