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कांग्रेस की नसीहत: तानाशाह न बनें, सर्वपल्ली राधाकृष्णन के आदर्शों पर चलें नए उपराष्ट्रपति

नई दिल्ली  मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने बुधवार (10 सितंबर) को नवनिर्वाचित उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन को शुभकामनाएं दीं और देश के पहले उपराष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन की याद दिलाकर उन्हें कर्तव्य निभाने और तानाशाह नहीं बनने की नसीहत दी है। कांग्रेस ने सर्वपल्ली राधाकृष्णन द्वारा 1952 में राज्यसभा में कहे गए उन शब्दों को याद किया कि अगर कोई लोकतंत्र विपक्षी दलों के समूह को सरकार की नीतियों के खिलाफ निष्पक्ष और स्वतंत्र आलोचना करने की इजाजत नहीं देता है तो वह तानाशाही में तब्दील हो जाता है। विपक्षी दल ने जोर देकर कहा कि सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने जो उपदेश दिया था, उसका अक्षरशः पालन किया था। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “नवनिर्वाचित उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन, जो राज्यसभा के सभापति भी होंगे, उन्हें शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए कांग्रेस भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के प्रथम सभापति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के प्रेरक शब्दों को स्मरण करती है।” जयराम रमेश क्या लिखा? रमेश ने याद दिलाया कि सर्वपल्ली राधृष्णन ने राज्यसभा के सभापति के रूप में कहा था कि वह सदन में हर दल के हैं और उनका प्रयास संसदीय लोकतंत्र की सर्वोच्च परंपराओं को बनाए रखना और प्रत्येक दल के प्रति पूरी निष्पक्षता के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने आगे लिखा, “16 मई, 1952 को राज्यसभा के उद्घाटन के अवसर पर डॉ. राधाकृष्णन ने कहा था, मैं किसी एक दल का नहीं हूं, और इसका अर्थ यह है कि मैं इस सदन के हर दल का हूं। मेरा प्रयास संसदीय लोकतंत्र की सर्वोच्च परंपराओं को बनाए रखना होगा और प्रत्येक दल के प्रति पूर्ण निष्पक्षता और समानता के साथ कार्य करना होगा -किसी के प्रति द्वेष नहीं, और सभी के प्रति सद्भावना रखते हुए…यदि कोई लोकतंत्र विपक्षी समूहों को सरकार की नीतियों की निष्पक्ष, स्वतंत्र और स्पष्ट आलोचना करने की अनुमति नहीं देता है, तो वह तानाशाही में बदल सकता है…।” पूर्व उपराष्ट्रपति धनखड़ संग तल्ख थे रिश्ते रमेश ने कहा, "डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने अपने जीवन में इन बातों को अक्षरशः और भावना, दोनों ही अर्थों में पूरी तरह आत्मसात किया।" उपराष्ट्रपति चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद, कांग्रेस ने मंगलवार को कहा था कि उपराष्ट्रपति चुनाव में भाजपा की "अंकगणितीय" जीत सत्तारूढ़ दल की "नैतिक और राजनीतिक हार" है। कांग्रेस ने ज़ोर देकर कहा था कि विपक्ष ने चुनाव में एकजुट होकर "बेहद सम्मानजनक" प्रदर्शन किया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी राधाकृष्णन को चुनाव में जीत हासिल करने पर शुभकामनाएँ दीं, साथ ही रेड्डी के संयुक्त विपक्ष के संयुक्त उम्मीदवार होने और उनके जोशीले व सैद्धांतिक संघर्ष के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया। गौरतलब है कि पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के साथ विपक्षी दल के रिश्ते बहुत अच्छे नहीं थे। कांग्रेस उनके खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव तक के दांव चल चुकी थी।  

खूनी खेल के बीच पाकिस्तान में बवाल: बलूचिस्तान में बंद, सड़कें सूनी

क्वेटा भारत के पड़ोसी देश नेपाल में जेन Z के आंदोलन के कारण सोमवार से ही हिंसा का दौर जारी है। अब तक कई दर्जन लोग पुलिस फायरिंग में मारे जा चुके हैं तो वहीं उपद्रवियों ने संसद भवन, सुप्रीम कोर्ट, पीएम और राष्ट्रपति के निजी आवासों को आग के हवाले कर दिया है। पूर्व पीएम की पत्नी घर में आग लगने से जिंदा जल गईं तो वहीं वित्त मंत्री को सड़कों पर दौड़ाकर मारा गया है। इस बीच एक और पड़ोसी देश पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में भी आज बंद का आयोजन है। बलूचिस्तान के कई राजनीतिक दलों ने आज शटडाउन का ऐलान किया है, जिसका काफी असर दिख रहा है। बड़े शहर सूने दिख रहे हैं और बाजार बंद हैं। बलूचिस्तान पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार झोब से ग्वादर तक बड़े हाइवेज और शहर बंद पड़े हैं। यह गुस्सा इसलिए भड़का है क्योंकि पुलिस और एवं अन्य सुरक्षा बलों ने बड़े पैमाने पर रेड मारी हैं। इस दौरान कई राजनीतिक दलों के नेताओं को गिरफ्तार किया गया है। इससे गुस्सा भड़क गया है। फिलहाल बलूचिस्तान में पाकिस्तानी प्रशासन ऐक्टिव है और करीब 100 लोगों को हिरासत में लिया गया है। इन लोगों को सारियाब, एयरपोर्ट रोड, बाईपास समेत क्वेटा के कई इलाकों से हिरासत में लिया गया। पुलिस ने जिन लोगों को अरेस्ट किया है, उनमें बलूचिस्तान नेशनल पार्टी, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ, अवामी नेशनल पार्टी, नेशनल पार्टी, जमात-ए-इस्लामी समेत कई दलों के नेता शामिल हैं। क्वेटा के अलावा भी कई शहरों से नेताओं को गिरफ्तार किया गया है। जैसे सुराब से बलूचिस्तान नेशनलिस्ट पार्टी के जिला अध्यक्ष और तीन अन्य नेता अरेस्ट हुए हैं। मास्तंग से भी बीएनपी के जिलाध्यक्ष और नेशनल पार्टी के 14 लोगों को पकड़ा गया है। इसके अलावा लोरालाई से सुरक्षा बलों ने 7 नेताओं को पकड़ा है। दुकी में पीटीआई के जिला महासचिव समेत 15 लोग हिरासत में लिए गए हैं। इसके अलावा जियारत, कलात, चमन समेत कई अन्य इलाकों से भी गिरफ्तारियां होने की खबरें हैं। अवामी नेशनल पार्टी का आरोप है कि पुलिस ने सैकड़ों लोगों को अरेस्ट किया है, जिनमें कई सीनियर नेता शामिल हैं। इसी के विरोध में हड़ताल का आयोजन है। अवामी नेशनल पार्टी का कहना है कि बलूचिस्तान के इतिहास में पहली बार इतना सफल शटडाउन हुआ है। आंदोलन में उतरने नेताओं का कहना है कि बंद का सफल आयोजन बताता है कि सरकार की पाबंदियों के जनता कितना खिलाफ है। बलोच यकजेती कमेटी का कहना है कि सरकार का ऐक्शन लोकतंत्र और मानवाधिकार पर हमला है। इस समूह का कहना है कि सरकार लोगों को आतंकवाद से बचाने में फेल रही है। उलटे लोगों पर ही अत्याचार किए जा रहे हैं। अब सवाल यह है कि क्या बलूचिस्तान के लोगों को एक तरफ आतंकवाद और दूसरी तरफ स्टेट टेररिज्म का सामना करना होगा।  

आजम खान की जमानत पर हाईकोर्ट का फैसला, डूंगरपुर केस में कोर्ट ने जताई सहानुभूति

प्रयागराज इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने समाजवादी पार्टी (सपा) नेता आजम खान को कथित डूंगरपुर मामले में बुधवार को जमानत दे दी। इस मामले में एक रिहायशी कॉलोनी को कथित तौर पर बलपूर्वक खाली कराया गया था। रामपुर की एमपी-एमएलए (सांसद-विधायक) अदालत ने आजम खान को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई थी। न्यायमूर्ति समीर जैन ने आजम खान द्वारा दायर जमानत याचिका पर यह आदेश पारित किया। इससे पूर्व, 12 अगस्त को अदालत ने आजम खान और बरकत अली नाम के एक ठेकेदार की जमानत याचिका पर निर्णय सुरक्षित रख लिया था। बरकत अली ने भी उच्च न्यायालय में एक आपराधिक अपील दायर की है। कथित डूंगरपुर मामले में अबरार नाम के एक व्यक्ति ने आजम खान, पुलिस से क्षेत्राधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए आले हसन खान और ठेकेदार बरकत अली के खिलाफ अगस्त, 2019 में रामपुर के गंज पुलिस थाने में एक मामला दर्ज कराया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि आजम खान, आले हसन खान और बरकत अली ने दिसंबर, 2016 में उसकी पिटाई की थी और उनके घर में तोड़फोड़ करते हुए उसे जान से मारने की धमकी दी थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि इसके साथ ही इन तीनों ने उसका घर भी ध्वस्त करा दिया था। इस मामले में रामपुर की एमपी..एमएलए विशेष अदालत ने 30 मई, 2024 को आजम खान को 10 वर्ष और बरकत अली को सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई थी। डूंगरपुर बस्ती में रह रहे लोगों ने कॉलोनी खाली कराने का आरोप लगाते हुए 12 मामले दर्ज कराये थे। ये मामले गंज थाने में लूट, चोरी और मारपीट सहित विभिन्न धाराओं में दर्ज कराये गए थे।

CM साय का ऐलान: प्रधानमंत्री मोदी छत्तीसगढ़ दौरे पर, स्थापना दिवस कार्यक्रम में लेंगे भाग

रायपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 अक्टूबर को दो दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ आएंगे। इस बारे में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जानकारी दी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ इस समय अपने रजत जयंती वर्ष में है। देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने ही छत्तीसगढ़ राज्य का गठन किया था, इसलिए इस वर्ष को सरकार ने अटल निर्माण वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। बता दें कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज मध्यक्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक में हिस्सा लेने के लिए कोरबा रवाना हुए है। इस दौरान स्टेट हैंगर में उन्होंने पत्रकारों से चर्चा के दौरान कहा कि इस साल छत्तीसगढ़ राज्य अपनी स्थापना के 25 साल पूरे करने जा रहा है। 1 नवंबर को होने वाला राज्योत्सव इस बार रजत जयंती के रूप में मनाया जाएगा और इसे यादगार बनाने के लिए सरकार ने विशेष तैयारियां की हैं। PM मोदी 31 अक्टूबर को 2 दिन के दौरे पर आएंगे छत्तीसगढ़ CM साय ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 अक्टूबर को दो दिन के दौरे पर छत्तीसगढ़ आएंगे। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ का गठन पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने किया था, इसलिए इस साल को अटल निर्माण वर्ष घोषित किया गया है। यह उत्सव अगले 25 हफ्तों तक अलग-अलग कार्यक्रमों के जरिए मनाया जाएगा। प्रधानमंत्री को इसमें शामिल होने का निमंत्रण दिया गया है और इसके लिए पत्र भी भेजा गया है। नवा रायपुर में नए विधानसभा भवन का उद्घाटन करेंगे PM मोदी नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ विधानसभा की नई इमारत लगभग बनकर तैयार है। संभावना है कि 1 नवंबर को राज्य की रजत जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका उद्घाटन करेंगे। इस कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की मौजूदगी भी हो सकती है। उद्घाटन के बाद विधानसभा का नया सत्र इसी भवन से शुरू होने की तैयारी है। इसके लिए प्रशासन और पीडब्ल्यूडी विभाग लगातार काम में जुटे हुए हैं।

CM भगवंत मान का ऐतिहासिक फैसला: खेत मालिकों के लिए रेत नीति में हरी झंडी, बाढ़ पीड़ितों को राहत

पंजाब  मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में मंत्रिमंडल ने ऐतिहासिक फैसले लिया. सीएम मान ने जिसका खेत, उसकी रेत की जन-हितैषी नीति को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत एक विशेष अवसर प्रदान करते हुए किसानों को भयंकर बाढ़ के कारण खेतों में जमा रेत और मिट्टी निकालने के साथ-साथ, यदि वे चाहें, तो इसे बेचने की छूट दी जाएगी. यह फैसला आज सुबह मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उनके सरकारी आवास पर हुई मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान लिया गया. मुख्यमंत्री ने इस बैठक में मोहाली के फोर्टिस अस्पताल से वर्चुअल रूप से भाग लिया, जहां वे इलाज के लिए भर्ती हैं. जानकारी के मुताबिक बाढ़ के कारण पानी की मार झेल रहे खेतों में रेत और मिट्टी जमा हो चुकी है. इन खेतों के किसानों को बड़ी राहत देने के लिए यह फैसला लिया गया है. किसानों को अपने खेतों में जमा रेत और मिट्टी निकालने की अनुमति दी जाएगी. यदि वे चाहें तो इसे बेच भी सकेंगे.   प्रभावित किसानों/काश्तकारों/किसान समूहों को लाभ कृषि योग्य जमीन से मिट्टी/रेत/नदियों के माध्यम से जमा सामग्री निकालने का यह एकमुश्त अवसर माना जाएगा, लेकिन इसे खनन सामग्री नहीं माना जाएगा. संबंधित जिले का डिप्टी कमिश्नर जिले में प्रभावित गांवों की सूची घोषित करेगा, जहां बाढ़ के कारण रेत या गाद जमा होने से प्रभावित किसानों/काश्तकारों/किसान समूहों द्वारा मिट्टी/रेत/नदियों के माध्यम से जमा सामग्री को निकालने और ढोने का कार्य किया जा सकेगा. हाल ही में आई बाढ़ के प्रभाव को कम करने के लिए सभी जिला खनन अधिकारियों के साथ-साथ जिला और उप-मंडल स्तर की निगरानी कमेटियां प्रभावित खेतों से मिट्टी/रेत/नदियों के माध्यम से जमा सामग्री को बिना जमीन की मूल सतह के साथ छेड़छाड़ किए हटाने और ढोने में सहयोग करेंगी. फसलों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए मंत्रिमंडल ने फैसला किया कि पंजाब सरकार प्रति एकड़ 20,000 रुपए का मुआवजा देगी, जो न केवल पंजाब में बल्कि पूरे देश में अब तक का सबसे अधिक मुआवजा है. गंभीर संकट में फंसे किसानों को उबारने के लिए राज्य सरकार ने यह महत्वपूर्ण फैसला लिया है ताकि किसानों को अत्यंत आवश्यक राहत दी जा सके. पंजाब टाउन इम्प्रूवमेंट एक्ट, 1922 में संशोधन मंत्रिमंडल ने राज्य की शहरी स्थानीय इकाइयों को म्यूनिसिपल डेवलपमेंट फंड के माध्यम से इम्प्रूवमेंट ट्रस्टों के फंडों का उपयोग करने में सक्षम बनाने के लिए पंजाब टाउन इम्प्रूवमेंट एक्ट, 1922 में संशोधन को मंजूरी दे दी. राज्य सरकार द्वारा शहरी बुनियादी ढांचे के कार्यों के लिए म्यूनिसिपल डेवलपमेंट फंड की स्थापना की गई थी, जिसके लिए प्रत्येक वर्ष प्रांतीय बजट से धन प्राप्त होता है. शहरी निकाय इकाइयों द्वारा शहरी बुनियादी ढांचे के कार्यों के लिए इम्प्रूवमेंट ट्रस्टों को अपनी संपत्तियों के निपटान से प्राप्त फंडों का उपयोग करने में सक्षम बनाने के लिए इस एक्ट में धारा 69बी जोड़ी गई है, जिसके तहत जमीन, इमारतों या अन्य चल-अचल संपत्तियों के निपटान से ट्रस्ट को मिलने वाले धन का हिस्सा, जैसा कि निर्धारित हो, म्यूनिसिपल डेवलपमेंट फंड में स्थानांतरित किया जाएगा.

श्रेयस तलपड़े का संदेश: इमरजेंसी की कहानी हर पीढ़ी तक पहुंचनी चाहिए

  मुंबई,  बॉलीवुड अभिनेता श्रेयस तलपड़े का कहना है कि इमरजेंसी की कहानी हर पीढ़ी तक पहुंचनी चाहिए जिससे लोगों को इतिहास से सीख मिल सके। श्रेयस तलपड़े ने कंगना रनौत निर्मित-निर्देशित फिल्म इमरजेंसी में अटल बिहारी वाजपेयी का किरदार निभाया है। इमरजेंसी का वर्ल्ड टेलीविज़न प्रीमियर 12 सितंबर को ज़ी सिनेमा पर हो रहा है। श्रेयस तलपड़े ने कहा, मेरा मानना है कि इमरजेंसी की कहानी हर पीढ़ी को जाननी चाहिए। यह सिर्फ अतीत का कोई वाकया नहीं है। जिन्होंने इसे झेला, उनके लिए यह अब भी एक जीती-जागती याद है, लेकिन नई पीढ़ी इसके बारे में लगभग कुछ नहीं जानती। इस फ़िल्म के ज़रिए उन्हें असलियत देखने का मौका मिलेगा – उस दौर की मुश्किलें समझने का और यह भी सीखने का कि ऐसी गलती दोबारा कभी नहीं होनी चाहिए। यही इतिहास से मिलने वाली सबसे बड़ी सीख है। श्रेयस तलपड़े ने कहा, अटल जी का किरदार निभाना मेरे लिए बहुत बड़ी ज़िम्मेदारी थी, क्योंकि वे ऐसे नेता हैं जिन्हें हर कोई बेहद सम्मान देता है। ज़्यादातर लोग उन्हें सिर्फ 90 के दशक और 2000 के दशक के प्रधानमंत्री के तौर पर याद करते हैं, लेकिन उनके शुरुआती दिनों और इमरजेंसी के दौरान उनकी भूमिका के बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। कंगना ने इस दौर पर गहरी रिसर्च की थी और उन्होंने मेरे साथ अटल जी के भाषण, उनका बोलने का अंदाज, यहां तक कि उनकी छोटी-छोटी बारीकियां भी साझा कीं। उस मार्गदर्शन की वजह से मैं अटल जी का वो रूप सामने ला पाया जो लोगों ने पहले कभी नहीं देखा होगा।  

टीकमगढ़ परीक्षण संभाग को एम.पी. ट्रांसको की सर्वोत्तम दक्षता ट्रॉफी

भोपाल  मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) के टीकमगढ़ परीक्षण संभाग ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। इस उपलब्धि के लिए टीकमगढ़ को राज्य स्तरीय सर्वोत्तम दक्षता ट्रॉफी से सम्मानित किया गया। जबलपुर मुख्यालय में आयोजित समारोह में एम.पी. ट्रांसको के प्रबंध संचालक श्री सुनील तिवारी ने यह ट्रॉफी टीकमगढ़ टीम को प्रदान की। टीकमगढ़ की ओर से कार्यपालन अभियंता श्री आर.पी. कान्यकुब्ज, सहायक अभियंता श्री जी.पी. राय और श्रीमती चंदा यादव ने यह सम्मान ग्रहण किया। प्रबंध  संचालक श्री सुनील तिवारी ने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद टीकमगढ़ की टीम की यह उपलब्धि सभी के लिए प्रेरणा है।

राजधानी के भाठागांव इलाके में जेसीबी चला, अवैध प्लॉटिंग को तोड़कर जमीन कराई मुक्त

रायपुर नगर निगम जोन-6 के तहत भाठागांव इलाके में मंगलवार को करीब पांच एकड़ क्षेत्र में की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर कार्रवाई की है. कार्रवाई दो जगहों पर की गई है, एक जगह पर करीब चार एकड़ और दूसरी जगह पर लगभग एक एकड़ में अवैध प्लाटिंग की जा रही थी. अवैध प्लाटिंग की सूचना मिलने पर जोन-6 कमिश्नर हितेंद्र यादव ने नगर निवेश विभाग के अमले के साथ मौके पर पहुंचे. जांच के दौरान प्लाट में मुरुम की रोड मिली. इसके अलावा कुछ लोगों ने प्लॉटिंग पर मार्किंग कर ली थी. निगम अमले ने तत्काल मौके पर जेसीबी की मदद से रोड को तोड़ दिया. जोन कमिश्नर ने बताया कि अवैध प्लॉटिंग करने वाले के बारे में जानकारी के लिए तहसीलदार को पत्र लिखा गया है. जानकारी मिलते ही संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी. अवैध प्लॉटिंग के लिए भाठागांव सबसे उपयुक्त मिली जानकारी के अनुसार, अवैध प्लॉटिंग करने वालों के लिए भाठागांव इलाका सबसे उपयुक्त है. यहां पर नजदीक ही इंटर स्टेट बस टर्मिनल है, और यह इलाका रिंग रोड से लगा हुआ है. इन दो सुविधाओं के लिए भाठागांव का पूरा क्षेत्र लोगों के लिए घर बनाने और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए उपयुक्त माना जा रहा है. यही वजह है कि यहां सबसे ज्यादा अवैध प्लॉटिंग हो रही है. निगम ने पुलिस में भेजे 329 प्रकरण नगर निगम ने अब तक अलग-अलग थाने को अवैध प्लाटिंग पर एफआईआर के लिए 329 प्रकरण बनकर भेजे हैं. इनमें से अब तक महज 20 पर एफआईआर दर्ज हुई है. शेष प्रकरणों में पुलिस ने अब तक अपराध ही. दर्ज नहीं किया है. पुलिस का कहना है कि सभी प्रकरणों में दस्तावेजों की जांच की जा रही है. उन्होंने नगर निगम से कुछ अतिरिक्त दस्तावेजों की मांग की है.

टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में ‘होमबाउंड’ के प्रीमियर को लेकर उत्साहित हैं विशाल जेठवा

मुंबई, अभिनेता विशाल जेठवा टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (टीआईएफ़एफ़) में अपनी फिल्म 'होमबाउंड' के प्रीमियर को लेकर उत्साहित हैं। कान्स फिल्म फेस्टिवल में दर्शकों का दिल जीतने के बाद नीरज घायवान की फिल्म होमबाउंड अब अपना अगला बड़ा कदम बढ़ा रही है। इस फिल्म का प्रदर्शन टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (में किया जायेगा। इस फिल्म में मुख्य भूमिका निभा रहे युवा अभिनेता विशाल जेठवा की परफॉर्मेंस और फिल्म की कहानी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खूब सराहना मिल रही है। पहले भी अपनी बहुमुखी एक्टिंग से दर्शकों को प्रभावित कर चुके विशाल जेठवा, होमबाउंड के ज़रिए मिल रहे इस वैश्विक ध्यान का खूब आनंद ले रहे हैं। विशाल जेठवा ने कहा, “होमबाउंड के लिए मिल रहा यह प्यार मेरे लिए अद्भुत अनुभव है। कान्स में हमें जो अपार सराहना और प्रतिक्रिया मिली, उसके लिए मैं दिल से आभारी हूँ। अब टोरंटो की ओर बढ़ना मेरे लिए एक सपना जैसा है। मैं इस ग्लोबल सफर का हर पल एंजॉय कर रहा हूँ और उम्मीद करता हूं कि टीआईएफ़एफ़ के दर्शक भी हमारी फिल्म को उतना ही अपनाएँगे। यह सफर मेरे लिए बेहद सीख देने वाला और प्रेरणादायक रहा है और मैं बेसब्री से इंतज़ार कर रहा हूँ कि और लोग होमबाउंड की दुनिया को महसूस करें।  

ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में बोले गोरक्षपीठाधीश्वर

योग्य गुरु मिले तो कोई भी मनुष्य अयोग्य नहीं : सीएम योगी युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज की 56वीं तथा राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की 11वीं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में श्रद्धाजंलि समारोह ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में बोले गोरक्षपीठाधीश्वर समाज और राष्ट्र को दिशा दिखाई गोरक्षपीठ के ब्रह्मलीन महंतद्वय ने : मुख्यमंत्री गोरखपुर  गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मनुष्य ईश्वर की सर्वश्रेष्ठ कृति है। अगर कोई मनुष्य अयोग्य है तो मानकर चलिए उसे योग्य योजक नहीं मिला। योग्य गुरु मिलने पर मनुष्य अयोग्य हो ही नहीं सकता। इस परिप्रेक्ष्य में युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज और राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की सर्वस्वीकार्य प्रतिष्ठा सुयोग्य योजक की रही है।   सीएम योगी को युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज की 56वीं तथा राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की 11वीं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में आयोजित साप्ताहिक श्रद्धाजंलि समारोह के अंतर्गत बुधवार (आश्विन कृष्ण तृतीया) को महंत दिग्विजयनाथ की पुण्यतिथि पर अपनी भावाभिव्यक्ति कर रहे थे। ‘अमन्त्रमक्षरं नास्ति, नास्ति मूलमनौषधम्, अयोग्यः पुरुषो नास्ति योजकस्तत्र दुर्लभः’ का उद्धरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसा कोई अक्षर नहीं है जिसमें मंत्र बनने का सामर्थ्य न हो और ऐसी कोई वनस्पति नहीं है जिसमें औषधीय गुण न हो। ऐसे ही कोई व्यक्ति अयोग्य नहीं होता, जरूरत होती है व्यक्ति की योग्यता को पहचान कर उसे सही दिशा देने वाले गुरु की। गोरक्षपीठ के ब्रह्मलीन महंतद्वय ने सदैव योजक की भूमिका का निर्वहन कर समाज और राष्ट्र को दिशा दिखाई। पूर्ववर्ती दोनों पीठाधीश्वरों युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज और राष्ट्र संत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज का पूरा जीवन देश और धर्म के लिए समर्पित था। साधु अकेला, समाज उसका परिवार, सनातन ही उसकी जाति मुख्यमंत्री ने कहा कि साधु अकेला होता है। समाज उसका परिवार, राष्ट्र उसका कुटुंब होता है और उसकी जाति सिर्फ सनातन होती है। उन्होंने कहा कि संतों के संकल्प में पवित्रता, दृढ़ता होती है, संकल्प में उसकी साधना के अंश होते हैं। और, जब सच्चा संत कोई संकल्प लेता है तो उसके परिणाम अवश्य आते हैं। ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ और ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ ऐसे ही संकल्पों वाले संत थे। अयोध्या के श्रीराम मंदिर निर्माण के उनके संकल्प और संकल्प के प्रति किए गए संघर्ष का परिणाम आज पूरी दुनिया के सामने है।  हिंदुआ सूर्य महाराणा प्रताप की परंपरा से गोरखपुर आए महंत दिग्विजयनाथ मुख्यमंत्री ने ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज की पुण्य स्मृति को नमन करते हुए कहा कि महंतका जन्म इतिहास प्रसिद्ध मेवाड़ की उस कुल परंपरा में हुआ था जिसने विदेशी आक्रांताओं के सामने कभी समर्पण नहीं किया। वह हिंदुआ सूर्य महाराणा प्रताप की परंपरा से गोरखपुर आए। उनका जीवन सिर्फ आध्यात्मिक उन्नयन तक सीमित नहीं रहा बल्कि उन्होंने धर्म के अभ्युदय के साथ समाज और राष्ट्र के हित में सांसारिक उत्कर्ष को भी शिक्षा और सेवा के माध्यम से आमजन के लिए महत्व दिया। यही कार्य महंत अवेद्यनाथ जी ने भी किया। सीएम योगी ने कहा कि सच्चा साधु धर्म के अभ्युदय और निः श्रेयस, दोनों को साथ लेकर चलता है।  गोरखनाथ मंदिर के वर्तमान स्वरूप के शिल्पी और शैक्षिक क्रांति के पुरोधा थे महंत दिग्विजयनाथ मुख्यमंत्री ने कहा कि महंत दिग्विजयनाथ जी गोरखनाथ मंदिर के वर्तमान स्वरूप के शिल्पी थे। उन्होंने इसे सनातन परंपरा के वैभवशाली मंदिर के रूप में स्थापित किया। इसके साथ ही उनकी ख्याति पूर्वी उत्तर प्रदेश में शैक्षिक क्रांति के पुरोधा के रूप में भी है। 1932 में उन्होंने महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की स्थापना के साथ ही गोरखपुर में विश्वविद्यालय स्थापित करने का संकल्प लिया था। देश की आजादी के बाद जब गोरखपुर में विश्वविद्यालय स्थापित करने की बात आगे बढ़ी तो बहुत से लोग पीछे हट गए। तब महंत दिग्विजयनाथ जी ने अपने दो डिग्री कॉलेज दान में देकर विश्वविद्यालय की स्थापना सुनिश्चित कराई। उन्होंने बालिका शिक्षा के केंद्र को भी स्थापित करने का संकल्प बालिका विद्यालय बनवाकर पूरा किया।  गुलामी के प्रतीकों को हटाने का लिया था संकल्प सीएम योगी ने कहा कि ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी ने गुलामी के प्रतीकों का हटाने का संकल्प लिया था। अयोध्या में गुलामी की निशानी ढांचे को हटाकर भव्य श्रीराम मंदिर बनाना उनका और ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी का संकल्प और सपना था। आज दोनों आचार्यों का यह संकल्प गुलामी के निशान को हटाकर पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि आज ऐसा कौन भारतीय होगा जिसे अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर देखकर गर्व न होता हो। कोई ऐसा होगा तो उसके भारतीय होने पर ही संदेह होगा। विकसित भारत केवल राजनीतिक संकल्प नहीं, भारत और भारतीयता का मंत्र अपने संबोधन में सीएम योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए विकसित भारत के उद्घोष का भी उल्लेख किया। कहा कि विकसित भारत केवल राजनीतिक संकल्प नहीं है बल्कि यह भारत और भारतीयता का मंत्र है। वसुधैव कुटुम्बकम की दृष्टि से कभी भारत ने दुनिया को अपनी ताकत का एहसास कराया था। कोई आपस में लड़े न, यह भारत की परंपरा है। ऐसा फिर से हो, इसके लिए विकसित और आत्मनिर्भर भारत की आवश्यकता है। इसलिए, हर भारतीय को विकसित भारत के संकल्प से जुड़ना होगा।  जब संकल्प अंतःकरण से होता है तो वह अवश्य पूरा होता है।  परंपराएं हमारी विरासत, सीख लेने की जरूरत मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरक्षपीठ में पूज्य आचार्यों की स्मृति में साप्ताहिक आयोजन पीठ की परंपरा का हिस्सा है। मंदिर के अलावा आज महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की सभी संस्थाओं में भी पूज्य आचर्यद्वय के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए आयोजन हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि परंपराएं हमारी विरासत होती हैं। वर्तमान और भावी पीढ़ी को इनके जरिये प्रेरणा और सीख लेने की जरूरत होती है। विरासत के संदर्भ में उन्होंने अखंड भारत में दुनिया के पहले विश्वविद्यालय, प्रभु श्रीराम के भाई भरत के पुत्र तक्ष के नाम पर स्थापित तक्षशिला विश्वविद्यालय का उल्लेख भी किया। बताया कि पाणिनि का व्याकरण इसी तक्षशिला विश्वविद्यालय से आगे बढ़ा। महर्षि सुश्रुत और चरक जैसे आयुर्वेद के जनक इसी विश्वविद्यालय से निकले। आयुर्वेद, व्याकरण, अर्थशास्त्र, राजनीतिशास्त्र, कृषि सहित अनेक क्षेत्रों के लिए यही प्राचीनतम विश्वविद्यालय रहा।  महंत दिग्विजय नाथ और महंत अवेद्यनाथ न होते तो राम मंदिर बनता ही नहीं : डॉ. रामविलास … Read more