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मुख्यमंत्री साय बोले: कार्टून सिर्फ हँसाते नहीं, समाज को भी आईना दिखाते हैं

मुख्यमंत्री साय कार्टून फेस्टिवल-2025 में हुए शामिल रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर के एक निजी होटल में कार्टून वॉच पत्रिका द्वारा आयोजित कार्टून फेस्टिवल-2025 में शामिल हुए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कार्टून केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज का दर्पण भी है, जो हास्य और व्यंग्य के माध्यम से गंभीर मुद्दों को सरलता से प्रस्तुत करता है। कार्टून मनोरंजन के साथ ही समाज को जागरूक करने और सोचने के लिए प्रेरित करने वाली कला है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने जम्मू-कश्मीर के प्रख्यात कार्टूनिस्ट मनोज चोपड़ा को कार्टून वॉच पत्रिका का लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड प्रदान किया। उन्होंने कार्टून फेस्टिवल में हिस्सा ले रहे कार्टूनिस्टों का उत्साहवर्धन करते हुए स्वयं भी कार्टून बनाया। कार्टून वॉच फेस्टिवल को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह गर्व की बात है कि कार्टून वॉच पत्रिका ने 29 वर्षों का सफल सफर तय कर लिया है और अब अपने 30वें वर्ष में प्रवेश कर रही है। मैं कार्टून वॉच की पूरी टीम को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ देता हूँ कि वे आगे भी कार्टून की इस विधा में उत्कृष्ट कार्य करते रहें। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यदि अगले वर्ष कार्टून वॉच फेस्टिवल बस्तर में आयोजित हो तो यह अत्यंत हर्ष का विषय होगा। बस्तर में अब शांति स्थापित हो रही है और जल्द ही यह क्षेत्र पूर्णतः नक्सलमुक्त होगा। नियद नेल्ला नार योजना (जिसका अर्थ है – आपका अच्छा गाँव) के माध्यम से सरकार की योजनाएँ बस्तर के लोगों तक पहुँच रही हैं। 300 से अधिक गाँवों में अब तक सड़क, बिजली, पानी और राशन कार्ड जैसी सभी मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। जहाँ पहले बंदूक की आवाज गूंजती थी, वहाँ अब स्कूल की घंटी बज रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर ओलंपिक में 1 लाख 65 हजार लोगों ने हिस्सा लिया। इसी तरह बस्तर की सांस्कृतिक पहचान का उत्सव बस्तर पंडुम आयोजित किया गया, जिसमें 47 हजार लोग शामिल हुए। यह इस बात का प्रमाण है कि बस्तर के लोग अब मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। कल ही मैं बस्तर में इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में शामिल हुआ। अब बस्तर में बड़े पैमाने पर निवेश के साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के रोडमैप के रूप में हमने विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है। छत्तीसगढ़ में सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डाटा सेंटर और टेक्सटाइल सहित अनेक क्षेत्रों में निवेश हो रहा है। हाल ही में जापान और कोरिया की यात्रा के दौरान भी हमने उद्योगों के साथ कई एमओयू किए हैं। छत्तीसगढ़ का भविष्य अत्यंत उज्ज्वल है। उन्होंने कहा कि कार्टून एक बेहद सशक्त माध्यम है। कार्टून वॉच की टीम सरकार की योजनाओं को भी कार्टून के जरिए आमजन तक पहुँचाए। कार्टून वॉच का यह प्रयास कार्टूनिस्टों को मंच प्रदान करता है, जो उनकी रचनात्मकता को और निखारने में सहायक है। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि कार्टून की विधा मीडिया और साहित्य का अद्भुत संगम है। यह विधा चुटीलेपन के साथ गागर में सागर भरने का सामर्थ्य रखती है। मैं स्वयं जब भी समाचार पत्र पढ़ता हूँ, कार्टून अवश्य देखता हूँ। त्रयम्बक शर्मा ने कार्टून की इस विधा को जीवंत बनाए रखने में उल्लेखनीय योगदान दिया है। विधायक अनुज शर्मा ने कहा कि कार्टून वॉच देश की एकमात्र कार्टून पत्रिका है। 30 वर्षों की यह यात्रा इसके संपादक त्रयम्बक शर्मा के जज़्बे को दर्शाती है। उनका यह सफर सभी कलाकारों के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने अपने कार्य से यह साबित किया है कि किसी भी क्षेत्र में पूरे समर्पण और निष्ठा से कार्य करने पर सफलता अवश्य प्राप्त की जा सकती है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़ स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी आलोक सिंह, हरिभूमि के प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी, कार्टून वॉच के संपादक त्रयम्बक शर्मा सहित अनेक कार्टूनिस्ट और साहित्य-कला जगत के गणमान्यजन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का संदेश: जनकल्याण और विकास के लिए न रुकें, न थकें

मुख्यमंत्री ने 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक मनाए जाने वाले सेवा पखवाड़ा के संबंध में कलेक्टर्स एवं कमिश्नर्स से वीसी के जरिए की चर्चा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जनता की सेवा ही हमारा धर्म है। यही हमारा लक्ष्य भी है। आने वाली 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश में सेवा पखवाड़ा मनाया जाएगा। इस दौरान नागरिकों की सेवा और सुविधा से जुड़े सभी कार्यों सहित स्वच्छता गतिविधियां भी आयोजित की जाएं। सेवा पखवाड़े को जनता को प्रदेश में सुशासन का भरपूर लाभ देने वाला पखवाड़ा बनाये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को मंदसौर जिले के गांधीसागर से सेवा पखवाड़ा की तैयारियों के संबंध में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश के सभी कलेक्टर्स एवं कमिश्नर्स से मुखातिब हो रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी मैदानी अधिकारियों से सेवा पखवाड़ा के क्रमबद्ध आयोजन के बारे में चर्चा की और इसकी रूपरेखा सहित तैयारियों की जानकारी भी ली। मुख्य सचिव अनुराग जैन एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी मंत्रालय से इस वीसी में सहभागिता की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर्स-कमिश्नर्स से कहा कि प्रदेश में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं को और भी सशक्त बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। मेडिकल कॉलेजेस के निर्माण कार्य अब विस्तारित स्वरूप में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं, जिससे प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में आमूल-चूल सुधार होगा। आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से युक्त हेल्थ बॉडीज प्रदेश के नागरिकों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने में मील का पत्थर साबित होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा‍ कि प्रदेश के बड़े गांवों, नगरीय निकायों एवं बड़े शहरों में सौंदर्यीकरण और हरियाली के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से "नमो पार्क, नमो वन, नमो उपवन" जैसे हरे-भरे उद्यानों का विकास किया जाए। ऐसे वन-उपवन न केवल पर्यावरण को स्वच्छ और हराभरा बनाएंगे, बल्कि हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए भी स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराएंगे। इसलिए उद्यानिकी गतिविधियों एवं उद्यान विकास को विशेष प्राथमिकता दी जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी जनजातीय बहुल अंचल के विकास एवं समृद्धि के लिए राज्य सरकार द्वारा केन्द्रीय एवं प्रादेशिक विकास योजनाओं का संचालन कर अनेक प्रकार के अधोसंरचना निर्माण कार्यों की सौगातें दी जा रही हैं। इन लक्षित क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आधारभूत सुविधाओं की सहज उपलब्धता से ही जनजातीय क्षेत्र का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सकेगा। इसके लिए कलेक्टर्स सेवा पखवाड़ा अवधि में जनजातीय अंचल में प्रचार-प्रसार एवं सभी नवाचारी गतिविधियां आयोजित करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की मेहनत का भरपूर लाभ दिलाना और उनकी फसल की चिंता हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बीते दिनों आई प्राकृतिक आपदा एवं कीट प्रकोप से किसानों की फसलों को हुई क्षति का पूरी संवेदनशीलता के साथ आंकलन किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि फसल क्षति का पारदर्शी तरीके से सम्पूर्ण सर्वे कार्य शीघ्र पूरा कर लें, इससे किसानों को समय पर समुचित मुआवज़ा एवं फसल बीमा योजना की क्षतिपूर्ति राशि का लाभ भी मिल सकेगा। उन्होंने कलेक्टर्स से कहा कि इस काम में तेजी लायें, जिससे सरकार पीड़ित किसानों को जल्द से जल्द राहत राशि दे सके।  

स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने पर दें विशेष जोर: वन मंत्री केदार कश्यप

रायपुर : वन मंत्री केदार कश्यप ने की वन विभाग के कार्यों की समीक्षा स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने पर दें विशेष जोर: वन मंत्री केदार कश्यप वन आधारित रोजगार सृजन एवं वनों के संरक्षण हेतु कार्ययोजना के अनुरूप करें पहल-  मंत्री कश्यप  रायपुर वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में आज जगदलपुर स्थित वन विद्यालय के सभाकक्ष में वन विभाग के विभिन्न कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में वृक्षारोपण, कूप कटाई, निर्माण कार्य, राजस्व संग्रहण, वनों के संरक्षण तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन प्रगति पर विस्तृत चर्चा हुई। साथ ही, ग्रामीणों की आय में वृद्धि के लिए विभाग द्वारा संचालित प्रयासों की गहन समीक्षा की गई। वन मंत्री कश्यप ने बैठक में कहा कि वनों के संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय ग्रामीणों विशेषकर युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने पर विशेष जोर दिया जाए। इस दिशा में कार्ययोजना के अनुरूप वृक्षारोपण, सयुंक्त वन प्रबंधन और समुदाय की सहभागिता से वनों की देखभाल और प्रबंधन के लिए व्यापक प्रयास किया जाए। साथ ही लाख पालन, वनोत्पाद पर आधारित प्रसंस्करण एवं ईको टूरिज्म के जरिए रोजगार सृजन को बढ़ावा दिया जाए। बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि वृक्षारोपण अभियान के तहत लाखों पौधे रोपे जा चुके हैं, जबकि कूप कटाई और निर्माण कार्यों में भी तेजी आई है। राजस्व संग्रहण में वृद्धि दर्ज की गई है और मालिक मकबूजा योजना के माध्यम से वनवासियों को उनके अधिकार सुनिश्चित किए जा रहे हैं। जन कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत लघु वनोपज संग्रहण और वैकल्पिक आजीविका स्रोतों पर फोकस किया गया, ताकि ग्रामीणों की आय दोगुनी हो सके। इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि वनोपज वनवासियों की आजीविका का आधार है। इको टूरिज्म और वनोपज प्रसंस्करण के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को रोजगार दें। बस्तर कई दशकों से माओवाद से पीड़ित रहा है, किंतु अब माओवाद के साए से बाहर आ रहा है। उन्होंने कहा कि बस्तर के विभिन्न पर्यटन स्थानों पर सुविधाएं प्रदान करते हुए स्थानीय युवाओं को रोजगार दें। पर्यटन स्थानों के विकास में स्थानीय परंपराओं का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि लघु वनोपज के प्रसंस्करण का लाभ स्थानीय युवाओं को मिले। नीलगिरी और अकेशिया के विदोहन के लिए आवश्यक नीति निर्माण हेतु तत्परता से कार्य करें। वन भूमि से अतिक्रमण हटाने के पश्चात तत्काल वृक्षारोपण करें। वनमंत्री कश्यप ने बैठक में वृक्षों की कटाई और अवैध परिवहन पर नजर रखने और कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। वन भूमि पर अतिक्रमण पर त्वरित कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि वनौषधि के संरक्षण के साथ ही वैद्यों के परंपरागत ज्ञान का उपयोग कर उनकी भूमि में वनौषधियों का रोपण करें तथा वन भूमि के तालाबों का उपयोग मछली पालन हेतु करें और स्थानीय युवाओं को रोजगार दें। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण के साथ ही पौधों की देखभाल और वृक्षों का संरक्षण हमारा दायित्व है। इस दायित्व का निर्वहन भली भांति करें। योजना बनाकर कार्य को पूर्ण करें। वन मंत्री कश्यप ने कहा कि बस्तर क्षेत्र में माओवाद के खात्मे के बाद विकास की नई लहर चल रही है और वन विभाग को इसमें अग्रणी भूमिका निभानी होगी। उन्होंने अधिकारियों को योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने के निर्देश दिए। वन मंत्री कश्यप ने बस्तर के नियद नेल्लानार योजना क्षेत्रों में वन विभाग की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में विशेष तौर पर ध्यान केंद्रित करने सहित नियमित रूप से मॉनिटरिंग किए जाने की बात कही। बैठक में प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ अनिल साहू, प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य प्राणी अरुण पाण्डे, प्रधान मुख्य वन संरक्षक ओपी यादव, मुख्य वन संरक्षक आरसी दुग्गा, मुख्य वन संरक्षक कांकेर दिलराज प्रभाकर, मुख्य वन संरक्षक वन्य प्राणी जगदलपुर सुस्टाइलो मंडावी, तीनों वन वृत्त के सभी वन मंडलाधिकारी एवं उप वन मंडलाधिकारी उपस्थित रहे।

समर्थ दिव्यांग केंद्र और नशामुक्ति केंद्र की व्यवस्थाओं का लिया जायजा: मंत्री श्रीमती राजवाड़े

रायपुर : मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने दिव्यांग बच्चों से की आत्मीय मुलाकात समर्थ दिव्यांग केंद्र और नशामुक्ति केंद्र की व्यवस्थाओं का लिया जायजा:  मंत्री श्रीमती राजवाड़े   मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने दिव्यांग बच्चों को चॉकलेट देकर उनका हौसला बढ़ाया शिक्षकों को बच्चों की शिक्षा और स्वच्छता पर ध्यान देने के दिए निर्देश रायपुर समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने अपने सरगुजा संभाग के दौरे के दौरान जशपुर पहुंचकर कई शासकीय संस्थाओं का निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने समर्थ दिव्यांग आवासीय प्रशिक्षण केन्द्र में दिव्यांग बच्चों के साथ समय बिताया और वहां उनके शिक्षण-प्रशिक्षण संबंधी व्यवस्थाओं का मुआयना किया। श्रीमती राजवाड़े ने समर्थ आवासीय दिव्यांग प्रशिक्षण केंद्र में बच्चों से उनकी दिनचर्या की जानकारी ली। बच्चों से आत्मीय संवाद के दौरान उन्होंने सभी को टॉफियां बांटी और मन लागकर पढ़ाई करने की सीख दी। निरीक्षण के दौरान एक नन्हे दिव्यांग बालक की ड्रेस को उन्होंने स्वयं ठीक किया और उसे स्वच्छता और नियमित पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित किया। मंत्री ने बच्चों की नोटबुक भी देखी और शिक्षकों को बच्चों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने नशामुक्ति केंद्र का निरीक्षण किया। यहां नशा छोड़ने के लिए उपचार ले रहे लोगों से बातचीत करते हुए उन्होंने परिवार के महत्व पर प्रकाश डाला और उन्हें नशा त्याग कर जिन्दगी की फिर से एक नई शुरुआत करने के लिए प्रोत्साहित किया। केंद्र में योग, खेल और काउंसिलिंग जैसी गतिविधियों की जानकारी मिलने पर मंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त की और संचालकों को नियमित काउंसिलिंग तथा अनुशासित दिनचर्या बनाए रखने के निर्देश दिए। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने दृष्टिबाधित बच्चों के विशेष विद्यालय का भी निरीक्षण किया। मंत्री श्रीमती राजवाड़े के विद्यालय आगमन पर दृष्टिबाधित बच्चों ने स्वागत गीत की शानदार प्रस्तुति दी। मंत्री ने बच्चों से आत्मीय बातचीत कर उनकी रुचियों और सपनों को जाना। उन्होंने शिक्षकों को निर्देशित किया कि बच्चों को उनकी रुचि अनुसार विषय और कला प्रशिक्षण दिया जाए। उन्होंने बच्चों के लिए नए ड्रेस एवं वस्त्र का वितरण सुनिश्चित करने के साथ ही स्वच्छता और भोजन व्यवस्था पर विशेष रूप से ध्यान देने के निर्देश दिए।  निरीक्षण के दौरान समाज कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती रोक्तिमा यादव, महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त संचालक श्रीमती अर्चना राणा सेठ, जिला कार्यक्रम अधिकारी अजय शर्मा, डिप्टी कलेक्टर समीर बड़ा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

स्कूल शिक्षा मंत्री यादव ने किया वृहद रोजगार मेला-2025 का उद्घाटन, युवाओं को मिले नए अवसर

आठ चयनित युवाओं को मौके पर ही सौंपे नियुक्ति पत्र रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्वशासी महाविद्यालय दुर्ग में आज वृहद रोजगार मेला-2025 का आयोजन किया गया। स्कूल शिक्षा, विधि एवं विधायी कार्य तथा ग्रामोद्योग मंत्री गजेन्द्र यादव ने इस वृहद रोजगार मेला-2025 का शुभारंभ किया। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने रोजगार मेले में उपस्थित छात्र-छात्राओं से सीधे संवाद किया और उनकी उत्सुकता की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह महाविद्यालय उनका पूर्व शिक्षा संस्थान रहा है और इस मंच पर आकर उनकी पुरानी स्मृतियां ताज़ा हो गईं। इस रोजगार मेले में 28 प्रतिष्ठित कंपनियों ने भाग लिया, जिनमें बड़ी संख्या में युवाओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस अवसर पर मंत्री यादव ने आठ चयनित युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंप कर उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी। अपने संबोधन में मंत्री यादव ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज एक सक्षम और ऊर्जावान राज्य बन चुका है। राज्य गठन के समय प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के प्रयासों से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की शुरुआत हुई, जिससे आज प्रत्येक गांव पक्की सड़कों से जुड़ चुका है। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह द्वारा विकसित पीडीएस प्रणाली को पूरे देश में सराहा गया और अपनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पूर्ववर्ती सरकार में राज्य के 702 स्कूल शिक्षक विहीन थे, लेकिन युक्तियुक्तकरण नीति के तहत 10,446 शिक्षकों को ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानांतरित कर शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया है। स्कूल शिक्षा मंत्री यादव ने नई शिक्षा नीति की सराहना करते हुए कहा कि अब विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ व्यावसायिक पाठ्यक्रम भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जो छात्र पारंपरिक पढ़ाई में रुचि नहीं रखते, उन्हें उनकी रुचि के अनुरूप इवेंट मैनेजमेंट, लोक-संस्कृति, गीत-संगीत, वादन आदि क्षेत्रों में प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अजय कुमार सिंह, शासकीय महाविद्यालयों के प्राध्यापकगण तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने जशपुर में सखी वन स्टॉप सेंटर, खुला आश्रय गृह, बाल संप्रेक्षण गृह का निरीक्षण

राजवाड़े ने कहा – बच्चों और महिलाओं की ज़रूरतें हों प्राथमिकता, सुविधाओं में न हो कमी रायपुर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने आज जशपुर जिले में महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न संस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने शासकीय बाल संप्रेक्षण गृह (बालक), बालिका गृह, खुला आश्रय गृह (बालिका), सखी वन स्टॉप सेंटर में काउंसिलिंग, शयन, भोजन, पेयजल, स्वच्छता, मनोरंजन, सीसीटीवी जैसी व्यवस्थाओं का अवलोकन किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जशपुर में सखी वन स्टॉप सेंटर, खुला आश्रय गृह, बाल संप्रेक्षण गृह का निरीक्षण महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि बच्चों और महिलाओं के संरक्षण में कोई कमी न रहे, यह राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। इन संस्था में बेहतर संचालन किया जाए। सभी जरूरी सुविधाएं मुहैया कराई जाए। उन्होंने शासकीय बाल संप्रेक्षण गृह (बालक) के बच्चों से मुलाकात कर उसे पढ़ाई में मन लगाकर अच्छा आचरण करने की समझाईश दी। उन्होंने अधिकारियों को नियमित परामर्श और मार्गदर्शन की व्यवस्था और मजबूत करने को कहा। बालिका गृह में उन्होंने निवासरत बच्चियों से उनकी दिनचर्या, शिक्षा, भोजन की गुणवत्ता और मीनू पर चर्चा की तथा नियमित सफाई सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।  महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने खुला आश्रय गृह (बालिका) में वसुंधरा विशेषीकृत दत्तक ग्रहण एजेंसी में छोटे बच्चों को देखकर उन्होंने उन्हें गोद में लेकर दुलारा और अधिकारियों से बच्चों की देखभाल की विस्तृत जानकारी ली। सखी वन स्टॉप सेंटर में महिलाओं से चर्चा कर उनकी समस्याओं को सुनी। उन्होंने नवा बिहान कक्ष एवं काउंसिलिंग सेवाओं का भी अवलोकन किया। इस अवसर पर समाज कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती रोक्तिमा यादव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

मंत्री टंकराम वर्मा ने प्रार्थना व किचन शेड का भूमिपूजन, 57 छात्राओं को साइकिल वितरित

रायपुर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने शुक्रवार को बलौदाबाजार विकासखंड के शासकीय उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय चांपा में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होकर छात्र-छात्राओं के बीच नई ऊर्जा का संचार किया। उन्होंने विद्यालय परिसर में प्रार्थना शेड एवं किचन शेड निर्माण के लिए भूमिपूजन किया तथा सरस्वती साइकिल योजना अंतर्गत 57 छात्राओं को साइकिल वितरित की। इसके साथ ही कक्षा 10वीं एवं 12वीं की मेरिट सूची में स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहन राशि के चेक भी प्रदान किए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री वर्मा ने कहा कि दृढ़ निश्चय और ईमानदार मेहनत से कोई भी लक्ष्य कठिन नहीं रहता। विद्यार्थियों को अभी से अपना लक्ष्य निर्धारित कर पूरी लगन से पढ़ाई करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र को सुदृढ़ बनाने के लिए सतत कार्य कर रही है। युक्तियुक्तकरण नीति के तहत शिक्षकविहीन व एकल शिक्षक संचालित शालाओं में शिक्षकों की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। मंत्री वर्मा ने कहा कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश में राष्ट्रीय महत्व के संस्थान स्थापित हुए हैं। इंजीनियरिंग व मेडिकल शिक्षा में भी बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए संसाधन और सुविधाएं दी जा रही हैं। उन्होंने विशेष रूप से बेटियों की शिक्षा पर बल देते हुए कहा कि शिक्षित महिला न केवल घर-परिवार को संवारती है बल्कि समाज और भविष्य को भी नई दिशा देती है। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, शिक्षक, ग्रामीण व बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे उपस्थित रहे।

बस्तर ओलंपिक को सफल बनाने कमर कस ली है: उप मुख्यमंत्री द्वय ने की तैयारियों की समीक्षा

बस्तर ओलंपिक को सफल बनाने कमर कस ली है: उप मुख्यमंत्री द्वय ने की तैयारियों की समीक्षा खेलों को बढ़ावा देने की दिशा में कदम: बस्तर ओलंपिक की समीक्षा में जुटे उप मुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा 40 हजार से अधिक खिलाड़ी लेंगे भाग, 11 खेलों में दिखाएंगे कौशल रायपुर उप मुख्यमंत्री द्वय अरुण साव और विजय शर्मा ने बस्तर ओलंपिक की तैयारियों की समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री साव के नवा रायपुर स्थित निवास कार्यालय में आज आयोजित बैठक में पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी बस्तर ओलंपिक का वृहद आयोजन करने इसकी रुपरेखा और व्यवस्थागत तैयारियों पर गहन चर्चा की गई। आगामी अक्टूबर-नवम्बर में होने वाले बस्तर ओलंपिक में तीन स्तरों विकासखंड, जिला और संभाग स्तर पर विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इनमें बस्तर संभाग के सातों जिलों और 32 विकासखंडों के 40 हजार से अधिक खिलाड़ी भाग लेंगे। खेल और युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार, संयुक्त सचिव सुखनाथ अहिरवार और संचालक श्रीमती तनूजा सलाम भी बैठक में शामिल हुईं। उप मुख्यमंत्रीद्वय अरुण साव और विजय शर्मा ने बस्तर ओलंपिक की तैयारियों की समीक्षा की उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने बैठक में कहा कि बस्तर ओलंपिक केवल खेलों का आयोजन नहीं है, बल्कि विकास और खेल का संगम है। यह संगठित रूप से बस्तर के युवाओं के सशक्तीकरण और उनमें नेतृत्व के विकास की पहल है। राज्य सरकार इन रचनात्मक पहलों से बस्तर में भयमुक्त वातावरण बनाकर युवाओं को खेल और उत्सव से जोड़ना चाहती है। उन्होंने बस्तर ओलंपिक के सफल आयोजन के लिए विभिन्न विभागों के साथ समन्वय कर पुख्ता कार्ययोजना तैयार करते हुए आयोजन के ध्येय वाक्य ‘करसाय ता बस्तर बरसाय ता बस्तर’ (खेलेगा बस्तर जीतेगा बस्तर) को धरातल पर उतारने के निर्देश दिए। साव ने यूथ आइकॉन घोषित किए गए पिछले वर्ष के विजेता खिलाड़िय़ों, बस्तर संभाग के सभी खेल अधिकारियों, पी.टी.आई., पंचायत सचिवों, ‘बिहान’ की महिलाओं और खेल संघों को सक्रियता से जोड़कर बस्तर ओलंपिक को जन-जन तक पहुंचाने को कहा। उप मुख्यमंत्रीद्वय अरुण साव और विजय शर्मा ने बस्तर ओलंपिक की तैयारियों की समीक्षा की उप मुख्यमंत्री तथा गृह मंत्री विजय शर्मा ने बैठक में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अधिकारियों से कहा कि बस्तर ओलंपिक को यादगार बनाने सभी विभाग अपनी-अपनी भूमिका और कार्यों के अनुरूप जिम्मेदारियों का वहन करें। बस्तर के ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ियों की भागीदारी उनका आत्मविश्वास बढ़ाएगी और सकारात्मक वातावरण तैयार करेगी। उन्होंने बस्तर ओलंपिक के आयोजन का व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए इसमें बस्तर के सभी गांवों के सभी बच्चों की भागीदारी सुनिश्चत करने को कहा। शर्मा ने आयोजन की तैयारियों को मूर्त रूप देने जल्दी ही इससे जुड़े विभागों, अधिकारियों और संस्थाओं की बस्तर में भी बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए जिससे की तैयारियों को और गति दी जा सके।  11 खेलों की स्पर्धाएं होंगी, नक्सल हिंसा के दिव्यांग और आत्मसमर्पित नक्सली भी दिखाएंगे अपना दमखम विकासखंड, जिला और संभाग स्तर पर करीब डेढ़ महीने तक चलने वाले बस्तर ओलंपिक में 11 खेलों को शामिल किया गया है। जूनियर वर्ग में बालक और बालिकाओं तथा सीनियर वर्ग में महिला और पुरूषों के लिए प्रतियोगिताएं होंगी। नक्सल हिंसा के दिव्यांगों तथा आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए भी संभाग स्तर पर पुरूषों और महिलाओं के लिए प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। बस्तर ओलंपिक के दौरान एथलेटिक्स, तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, हॉकी, वेटलिफ्टिंग, कराटे, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल और रस्साखींच में पूरे बस्तर के खिलाड़ी अपना खेल कौशल दिखाएंगे। 

विशेष पिछड़ी जनजातीय क्षेत्रों में योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें- मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े

रायपुर महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने आज जशपुर स्थित जिला पंचायत कार्यालय के सभाकक्ष में में महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों की संयुक्त बठैक लेकर दोनों विभागों की योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की गहन समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को आम जनता के हित में योजनाओं एवं कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।  मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि जशपुर मुख्यमंत्री जी का गृह जिला है। इसे आदर्श जिले के रूप में विकसित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि गर्भवती एवं शिशुवती माताओं और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण पोषण उपलब्ध कराया जाए तथा रेडी-टू-ईट और टीएचआर वितरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो। श्रीमती राजवाड़े ने आंगनबाड़ी केंद्रों की स्वच्छता पर विशेष बल देते हुए कहा कि बरसात के दिनों में विषैले जीव-जंतु का खतरा अधिक रहता है, इसलिए प्रत्येक केंद्र की नियमित सफाई की जानी चाहिए। उन्हांेने बच्चों और अभिभावकों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक करने की भी बात कही। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने विशेष पिछड़ी जनजातीय क्षेत्रों में शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जागरूकता के लिए बेहतर नीति बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन इलाकों में महिला और बच्चों को सुपोषित बनाना तथा कुपोषण को जड़ से समाप्त करना ही सरकार का लक्ष्य है। बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सुपरवाइजर बच्चों को पोषण के साथ-साथ औपचारिक शिक्षा का भी ज्ञान दें। समाज कल्याण विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने बुजुर्गों और दिव्यांगों तक सभी शासकीय योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने और नशा मुक्ति अभियान को व्यापक रूप से चलाने पर बल दिया। बैठक में जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत ,समाज कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती रोक्तिमा यादव, महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त संचालक श्रीमती अर्चना राणा सेठ, जिला कार्यक्रम अधिकारी अजय शर्मा, डिप्टी कलेक्टर समीर बड़ा सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने की वर्चुअल बैठक में सहभागिता, युवा और खेल मुद्दों पर हुई चर्चा

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने की वर्चुअल बैठक में सहभागिता, युवा और खेल मुद्दों पर हुई चर्चा अरुण साव ने केंद्रीय बैठक में रखे विचार, युवाओं और खेल क्षेत्र को लेकर जताई प्रतिबद्धता नवोदय एवं एकलव्य विद्यालयों में खेलों पर विशेष फोकस करने तथा प्रशिक्षकों की कोचिंग स्किल अपडेट करने का दिया सुझाव रायपुर उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव आज केन्द्रीय युवा कार्य एवं खेल  मंत्री मनसुख मंडाविया की अध्यक्षता में आयोजित वर्चुअल बैठक में शामिल हुए। बैठक में खेल एवं युवा विकास से संबंधित चुनौतियों व अवसरों पर विस्तार से चर्चा की गई। साव अपने प्रवास के दौरान मुंगेली कलेक्टोरेट से ऑनलाइन बैठक में शामिल हुए।  बैठक में युवाओं को खेलों से जोड़ने और देश में खेल संस्कृति विकसित करने के लिए 'खेलो इंडिया' योजना की तर्ज पर नई युवा कल्याण योजना शुरू करने पर चर्चा की गई। साथ ही हर राज्य में खेल विश्वविद्यालयों की स्थापना, खेल प्राधिकरण ऑफ इंडिया के क्षेत्रीय केंद्रों की संख्या में वृद्धि, खेल अधोसंरचनाओं के रखरखाव एवं मरम्मत के लिए विशेष बजट प्रावधान, एकीकृत डिजिटल स्पोर्ट्स प्लेटफॉर्म के विकास जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया। उप मुख्यमंत्री साव ने बैठक में केंद्र एवं राज्य सरकार के स्कूलों में खेलों के लिए बुनियादी ढांचे विकसित करने तथा आवश्यक स्टॉफ की भर्ती करने का सुझाव दिया। उन्होंने नवोदय एवं एकलव्य विद्यालयों में भी खेलों पर विशेष फोकस करते हुए प्रतिभावान खिलाड़ियों को आगे ले जाने की जरूरत बताई। उन्होंने राज्य के सभी स्कूलों और कॉलेजों में नियमित खेल गतिविधियां संचालित करने विशेष कार्ययोजना तैयार करने की भी बात कही।  साव ने बैठक में ‘‘साइ’’ (SAI) के रीजनल सेंटर्स में खेल प्रशिक्षकों की कोचिंग स्किल तथा उनके ज्ञान एवं कौशल के उन्नयन का भी सुझाव दिया। उन्होंने खेल कोटे से शासकीय सेवाओं में नियुक्त खिलाड़ियों को अन्य कार्यों में संलग्न न कर केवल खेल से जुड़ी जिम्मेदारियां देने पर जोर दिया ताकि उभरते खिलाड़ियों को उनके अनुभवों का लाभ मिल सके। साव ने कहा कि खेलों को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालयों की संख्या बढ़ाने तथा खेल अधोसंरचनाओं के विस्तार की जरूरत है। उन्होंने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने व्यवस्थित खेल नीति बनाने व खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर की मॉनिटरिंग के लिए कार्ययोजना बनाने का भी सुझाव दिया। उप मुख्यमंत्री साव के साथ मुंगेली की अतिरक्त कलेक्टर निष्ठा पाण्डेय तिवारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवनीत कौर छाबड़ा और एसडीएम अजय शतरंज भी वर्चुअल बैठक में मौजूद थे।