samacharsecretary.com

सोनपुर पुलिस ने पकड़ा गैंग, वैशाली में 10 अपराधियों पर कार्रवाई, चोरी का सामान मिला

वैशाली वैशाली जिले के सोनपुर थाना क्षेत्र में कुछ दिनों पहले अपराधियों ने यात्रियों को पिस्टल दिखाकर और मारपीट कर तीन लूट की घटनाओं को अंजाम दिया था। इसमें अपराधियों ने तीन मोटरसाइकिल, मोबाइल, नकदी और सोने का लॉकेट लूट लिया था। इस मामले में सोनपुर थाना में एफआईआर दर्ज की गई थी। विशेष टीम ने की थी छापेमारी इसी बीच, सोनपुर के भरपूरा इलाके में एक घर का ताला तोड़कर चोरों ने नकदी और सोना-चांदी के गहने भी चुरा लिए थे। लगातार हो रही इन घटनाओं को देखते हुए सारण के वरीय पुलिस अधीक्षक ने तुरंत कार्रवाई करने और लूटे गए सामान की बरामदगी का निर्देश दिया। निर्देश के बाद सोनपुर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई, जिसने छापेमारी शुरू की। 10 अपराधियों को गिरफ्तार किया पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुल 10 अपराधियों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से लूटे गए मोटरसाइकिल, मोबाइल, नकदी और आभूषणों के साथ-साथ गृहभेदन में चोरी किए गए रुपये और गहने भी बरामद किए गए हैं। इनमें से छह अपराधी हथियार के साथ नई वारदात की योजना बनाते हुए पकड़े गए। दो अपराधी चोरी की वारदात के दौरान रंगे हाथों गिरफ्तार हुए और दो लोग लूटे गए मोबाइल व मोटरसाइकिल को खरीदने और छुपाने के आरोप में पकड़े गए। पुलिस ने इस संबंध में सारण के ग्रामीण एसपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी। गिरफ्तार अपराधियों के नाम और पते बिट्टू कुमार, पिता-रामबाबू साह, साकिन-चौसिया, थाना-सोनपुर, जिला-सारण। बिहारी कुमार, पिता-साधू राय, साकिन-चौसिया, थाना – सोनपुर, जिला-सारण। रोहित कुमार, पिता-कल्पू पासवान, साकिन-बजरंग चौक, थाना-पहलेजा, जिला – सारण। धीरज कुमार उर्फ कलवा उर्फ काला, पिता -भगवान साह, साकिन-वर्मा चौक, भरपूरा, थाना-सोनपुर, जिला-सारण। रवि कुमार उर्फ मेटल, पिता-राजेश राम, साकिन-साहपुर, थाना-सोनपुर, जिला-सारण। अनोज कुमार, पिता-अशोक पासवान, साकिन-मानपुर, थाना-दिघवारा, जिला-सारण। विशाल कुमार, पिता-पडरु बैठा, साकिन- भरपूरा बाजार, थाना-सोनपुर, जिला-सारण। दरवेशु राय, पिता-स्व. महंथ राय, साकिन- पुनरडीह, थाना-डेरनी, जिला- सारण। विकास कुमार, पिता-रामबाबू साह, साकिन-चौसिया, थाना-सोनपुर, जिला-सारण। नीरज कुमार, पिता-रामबाबू साह, साकिन-चौसिया, थाना-सोनपुर, जिला-सारण।

अनुराग ठाकुर बोले भारत-पाकिस्तान मुकाबले की अहमियत, दी सीधी प्रतिक्रिया

नई दिल्ली  बीसीसीआई और भारत सरकार को वर्तमान में सूर्यकुमार यादव की अगुवाई वाली टीम को एशिया कप 2025 में पाकिस्तान के खिलाफ खेलने की अनुमति देने के अपने फैसले के लिए प्रशंसकों की काफी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। सभी आलोचनाओं के बीच पूर्व भारतीय खेल मंत्री और वर्तमान भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने एक स्पष्टीकरण जारी किया कि जब एसीसी या आईसीसी द्वारा आयोजित टूर्नामेंट की बात आती है तो ऐसी प्रतियोगिताएं अपरिहार्य हैं। एशियाई दिग्गज भारत और पाकिस्तान ने आखिरी बार 2012 13 में द्विपक्षीय श्रृंखला में एक-दूसरे का सामना किया था। तब से दोनों टीमें एशिया कप या वनडे और टी20 विश्व कप जैसी वैश्विक या महाद्वीपीय प्रतियोगिताओं में एक-दूसरे से भिड़ती रही हैं। अनुराग ठाकुर ने कहा, 'जब एसीसी या आईसीसी द्वारा बहुराष्ट्रीय टूर्नामेंट आयोजित किए जाते हैं, तो देशों के लिए उनमें भाग लेना एक मजबूरी और आवश्यकता बन जाती है। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं तो उन्हें टूर्नामेंट से बाहर कर दिया जाएगा, उन्हें मैच छोड़ना होगा और दूसरी टीम को अंक मिलेंगे। लेकिन भारत पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय टूर्नामेंट नहीं खेलता है। हमने वर्षो से यह निर्णय लिया है कि जब तक पाकिस्तान भारत पर आतंकवादी हमले बंद नहीं कर देता तब तक भारत पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय टूर्नामेंट नहीं खेलेगा।'   गौर है कि एशिया कप 2025 में टीम इंडिया का दूसरा मुकाबला पाकिस्तान से होगा। भारतीय टीम ने टूर्नामेंट के अपने पहले मैच में दुबई के दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में यूएई को एकतरफा मुकाबले में नौ विकेट से हरा दिया। भारत और पाकिस्तान के बीच एशिया कप 2025 का मुकाबला 14 सितंबर को होगा।  

अच्छा रिश्ता खो दिया – ट्रंप ने भारत को टैरिफ लगाने पर व्यक्त की चिंता

न्यूयार्क  अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि रूसी तेल खरीदने को लेकर भारत पर टैरिफ (शुल्क) लगाना आसान काम नहीं है और यह ‘‘भारत के साथ दरार पैदा करता है।'' ट्रंप ने शुक्रवार को ‘फॉक्स एंड फ्रेंड्स' को दिये साक्षात्कार में कहा, ‘‘देखिए, भारत उनका (रूसी तेल का) सबसे बड़ा ग्राहक है। मैंने भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया क्योंकि वे रूस से तेल खरीद रहे हैं। यह कोई आसान काम नहीं है। यह एक बड़ी बात है और इससे भारत के साथ दरार पैदा होती है।'' अमेरिकी राष्ट्रपति से पूछा गया था कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर शिकंजा कसने का क्या मतलब है, जिसके जवाब में ट्रंप ने यह कहा। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन मैं यह पहले ही कर चुका हूं। मैंने बहुत कुछ किया है।'' ट्रंप ने कहा, ‘‘और याद रखें कि यह हमारी समस्या से कहीं अधिक यूरोप की समस्या है।'' साक्षात्कार में, ट्रंप ने अपने इस दावे को भी दोहराया कि उन्होंने राष्ट्रपति के रूप में अपने दूसरे कार्यकाल में अब तक सात संघर्षों को सुलझाया है।   ट्रंप ने कहा, ‘‘मैंने सात संघर्ष सुलझाए हैं। मैंने कई संघर्ष सुलझाए, जिनमें पाकिस्तान और भारत भी शामिल हैं, साथ ही बड़े संघर्ष, जिनमें से कुछ अनसुलझे थे, जैसे कांगो और रवांडा। मैंने उन्हें सुलझाया। यह 31 सालों से चल रहा था, लाखों लोग मारे गए। मैंने ऐसे संघर्ष सुलझाए जो अनसुलझे थे।'' रूस से कच्चे तेल की खरीद का बचाव करते हुए, भारत यह कहता रहा है कि उसकी ऊर्जा खरीद राष्ट्रीय हित और बाजार की गतिशीलता से प्रेरित है।    

झारखंड दौरे पर केंद्रीय कोयला मंत्री, CM हेमंत के साथ बैठकर बनाई नई रणनीति

रांची झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री किशन रेड्डी ने मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में औपचारिक मुलाकात की। इस मौके पर राज्य सरकार के अधिकारियों तथा कोल मंत्रालय एवं कोल इंडिया की अनुषंगी इकाइयों के अधिकारियों के बीच हुई बैठक में कोयला और खनन क्षेत्र की बेहतरी को लेकर चर्चा हुई। इस दौरान राज्य में कोल माइंस से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों/ मुद्दों पर विचार- विमर्श हुआ। मुख्यमंत्री ने कोल माइंस के मुद्दे पर राज्य सरकार का पक्ष रखा, वहीं केंद्रीय कोयला मंत्री ने कोल खनन परियोजनाओं को लेकर आ रही समस्याओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के आपसी सहयोग से ही कोल माइंस से जुड़े समस्याओं का समाधान संभव है। उन्होंने कहा कि खनन क्षेत्र को क्षेत्र को आगे ले जाने के लिए मिलकर प्रयास करने की जरूरत है। मुख्यमंत्री और कोयला मंत्री की उपस्थिति में अधिकारियों के बीच हुई बैठक में खनिजों पर मिलने वाली रॉयल्टी, विस्थापितों का पुनर्वास, नौकरी और मुआवजा, खनन क्षेत्र और आसपास रहने वाले स्थानीय लोगों को रोजगार, खनन कार्य पूरा हो चुके जमीन की वापसी, खदानों में अवैध खनन की वजह से हो रहे हादसों पर नियंत्रण को लेकर सुरक्षा मानकों के पालन, कोल परियोजनाओं के ऑपरेशनल करने में आ रही अड़चनों का समाधान तथा डीएमएफटी और सीएसआर फंड के इस्तेमाल जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सकारात्मक चर्चा हुई। बैठक में मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव अविनाश कुमार, केंद्रीय खनन मंत्रालय में एडिशनल सेक्रेटरी संजय लोहिया, केंद्रीय कोयला मंत्रालय में एडिशनल सेक्रेटरी सनोज कुमार झा, राज्य सरकार में राजस्व विभाग के सचिव चंद्रशेखर, खान एवं भूतत्व विभाग के सचिव अरवा राजकमल, निदेशक खान एवं भूतत्व राहुल सिन्हा, कोल इंडिया के चेयरमैन पीएम प्रसाद, सीसीएल के सीएमडी निलेन्दु कुमार सिंह, बीसीसीएल के सीएमडी मनोज अग्रवाल, हिंदुस्तान कॉपर के सीएमडी संजीव कुमार सिंह, केंद्रीय कोयला मंत्री के पीएस पंकज जैन समेत कई अन्य अधिकारी मौजूद थे।  

एशिया कप फाइनल: भारतीय महिला हॉकी टीम vs चीन, खिताब की भिड़ंत तय

नई दिल्ली भारतीय महिला हॉकी टीम एशिया कप के फाइल में पहुंच गई। शनिवार को सुपर-4 चरण के आखिरी मैच में मेजबान चीन ने कोरिया को 1-0 से हराया। इसका फायदा भारत को मिला। सुपर-4 में भारत ने जापान के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ खेला था। भारत रविवार को फाइनल मुकाबले में चीन से भिड़ेगा और जीतने वाली टीम अगले साल बेल्जियम और नीदरलैंड में होने वाले विश्व कप के लिए क्वालीफाई कर जाएगी। गत चैंपियन जापान के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ के बाद भारत को कोरिया और चीन के बीच मैच के नतीजे का इंतजार करना पड़ा। कोरिया रह गया पीछे कोरिया को फाइनल में पहुंचने के लिए कम से कम दो गोल के अंतर से जीतना जरूरी था। हालांकि, चीन की जीत ने सुनिश्चित कर दिया कि 2022 संस्करण में तीसरे स्थान पर रहने वाला भारत फाइनल खेलेगा। चीन रहा पहले स्थान पर चीन तीन जीत के बाद 9 अंकों के साथ सुपर-4 प्वाइंट्स टेबल में टॉप पर रहा। जबकि भारत एक जीत, एक ड्रॉ और एक हार से चार अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहा। कोरिया ने केवल एक अंक (एक ड्रॉ और दो हार) हासिल किया और सबसे निचले स्थान पर रहा। जापान दो अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा। जापान के खिलाफ मैच में भारत ने सातवें मिनट में ब्यूटी डुंग डुंग के फील्ड गोल से बढ़त बना ली। हालांकि, जापान ने देर से वापसी की जब कोबायाकावा शिहो (58वें मिनट) ने हूटर बजने से दो मिनट पहले ही बराबरी का गोल दाग दिया। पूल चरण में भी रहा था ड्रॉ इस टूर्नामेंट में दोनों टीमों के बीच यह दूसरा ड्रॉ था। इससे पहले पूल चरण का मुकाबला भी 2-2 से बराबरी पर छूटा था। जापान के खिलाफ जीत भारत को सीधे मेजबान चीन के खिलाफ फाइनल में पहुंचा देती। इसलिए, भारत ने चीन और कोरिया के बीच सुपर 4 मैच के नतीजे का इंतजार किया।  

अर्थव्यवस्था को मिलेगा बड़ा समर्थन, कम महंगाई और ब्याज दरें बढ़ाएंगी घरेलू मांग

नई दिल्ली एक लेटेस्ट रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक चुनौतियों के बीच कम हेडलाइन मुद्रास्फीति और ब्याज दरें अर्थव्यवस्था में घरेलू मांग को महत्वपूर्ण समर्थन प्रदान करेंगी। रेटिंग एजेंसी क्रिसिल की रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 में अब हेडलाइन मुद्रास्फीति पहले के 3.5 से कम होकर 3.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है। इसके परिणामस्वरूप इस वित्त वर्ष के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) मुद्रास्फीति में 140 आधार अंकों (1.4 प्रतिशत) की गिरावट आएगी। रिपोर्ट में आगे कहा गया है, "इस तीव्र नरमी का अर्थ है कि इस वित्त वर्ष में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) मुद्रास्फीति में 140 आधार अंकों की गिरावट आएगी, जिससे मौद्रिक नीति में ढील की गुंजाइश बनेगी। हमारा मानना है कि आरबीआई इस वर्ष दरों में 25 आधार अंकों की अतिरिक्त कटौती करेगा।" आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, भारत का उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित मुद्रास्फीति अगस्त में मामूली रूप से बढ़कर 2.1 प्रतिशत हो गई, जो जुलाई में 1.6 प्रतिशत थी और आरबीआई के 2 प्रतिशत के लोअर टॉलरेंस बैंड को पार कर गई। रिपोर्ट में कहा गया है कि खाद्य मुद्रास्फीति बहुत निचले स्तर से ऊपर जाने लगी है, जिसमें सांख्यिकीय निम्न-आधार प्रभाव भी शामिल है। ग्रामीण क्षेत्र में सीएफपीआई आधारित खाद्य मुद्रास्फीति जुलाई, 2025 में -1.74 प्रतिशत की तुलना में अगस्त में -0.70 प्रतिशत (अनंतिम) दर्ज की गई है। हालांकि, रिपोर्ट में आगाह किया गया है कि अत्यधिक बारिश खरीफ फसलों के लिए जोखिम पैदा कर सकती है, जिसका संभावित रूप से खाद्य कीमतों पर असर पड़ सकता है। रेटिंग एजेंसी ने यह भी नोट किया कि गैर-खाद्य मुद्रास्फीति सौम्य बनी हुई है या आगे भी कम होने की उम्मीद है, जिसे तेल की कम कीमतों और जीएसटी दरों में कटौती के कारण कोर मुद्रास्फीति में नरमी का समर्थन प्राप्त है। केरोसिन, बिजली और जलाऊ लकड़ी की कम कीमतों के कारण ईंधन मुद्रास्फीति 2.7 प्रतिशत से घटकर 2.4 प्रतिशत हो गई। वैश्विक स्तर पर सोने की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण कोर मुद्रास्फीति 4.1 प्रतिशत से बढ़कर 4.2 प्रतिशत हो गई, जबकि स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्रों में मुद्रास्फीति में गिरावट आई।  

प्रियंका चोपड़ा ने फैशन वीक में जीता सबका दिल, फैंस बोले- ‘देसी गर्ल फॉरएवर’

प्रियंका चोपड़ा और उनके पति निक जोनस ने ना सिर्फ न्यूयॉर्क फैशन वीक इवेंट में हिस्सा लिया, बल्कि कपल गोल्स भी सेट किए। दोनों इवेंट में हर तरफ छा गए। प्रियंका ने यहां भी अपना 'देसीपन' नहीं छोड़ा। उन्होंने सभी से 'नमस्ते' कहकर अभिवादन किया। उनका ये अंदाज हमेशा की तरह इस बार फिर उनके फैंस को पसंद आया है। प्रियंका चोपड़ा और निक जोनस ने 10 सितंबर को न्यूयॉर्क फैशन वीक के दौरान राल्फ लॉरेन शो में तहलका मचा दिया। उन्होंने सबका ध्यान अपनी तरफ खींच लिया। दोनों ने भूरे रंग का कॉस्ट्यूम पहना, जिसमें वो खूब जंच रहे थे। इस वीडियो में प्रियंका अपने पति निक के साथ पोज दे रही हैं। फिर वो जाते-जाते पपाराजी को 'नमस्ते' कहती हैं। उनका ये अंदाज हर तरफ छा गया है। ये प्यारा सा वीडियो वायरल हो रहा है। प्रियंका का ड्रेसिंग स्टाइल भी खूब किया जा रहा है पसंद प्रियंका और निक की लव स्टोरी तो जगजाहिर है। दोनों की पहली मुलाकात साल 2017 में मेट गाला में हुई थी। प्रियंका को शुरूआत में लगा कि निक ने उन्हें 'फ्रेंड जोन' कर दिया है, खासकर इसलिए क्योंकि वो एक घंटा लेट पहुंची थीं। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। निक ने जल्द ही उन्हें डीएम (मैसेज) किया और फिर इनका रिश्ता प्यार में बदल गया। प्रियंका और निक की बेटी जुलाई 2018 में ग्रीस में जर्नी की। वहीं पर ही सगाई कर ली। कुछ महीने बाद इसी साल दिसंबर में इंडिया में शादी कर ली। इनकी एक प्यारी सी बेटी है, जिसका नाम मालती है, उसका जन्म सरोगेसी से हुआ है।

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री बोले – संतों का अपमान करने से बचें, यही असली आस्था की पहचान

गयाजी बोधगया पहुंचे बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि संतों के बारे में किसी को भी अपमानजनक टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। उन्होंने हाल ही में अभिनेत्री दिशा पाटनी के घर पर हुई फायरिंग को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा कि अगर किसी ने फायरिंग यह कहकर की है कि संतों का अपमान हुआ था, तो यह बिल्कुल गलत है। किसी भी संत के बारे में बोलना मूर्खता है। किसी की आस्था को ठेस नहीं पहुंचानी चाहिए। राजनीति से कोई लेना-देना नहीं-धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री उन्होंने आगे कहा कि हमारी अपनी आस्था है, आप मत सुनिए। आपकी अपनी आस्था है, आपको अच्छा नहीं लगता तो मत देखिए। जैसे पाकिस्तान हमें अच्छा नहीं लगता, तो हम वहां नहीं जाते। आपको अच्छा लगता है तो जाइए। किसी पर प्रतिक्रिया करना या शब्दों से प्रहार करना मूर्खता है। ऐसी चीजों से बचना चाहिए। धीरेंद्र शास्त्री ने स्पष्ट किया कि उनका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है, इसलिए वे राजनीतिक बयान नहीं देते। उन्होंने बताया कि वे हर साल पितृपक्ष में गया आते हैं और इस बार भी भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की प्रार्थना करेंगे। चार दिन करेंगे गयाजी में प्रवास, कराएंगे पिंडदान, कहेंगे कथा पितृपक्ष मेले के बीच बागेश्वर धाम सरकार पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री का शिष्यों ने स्वागत किया। उसके बाद पंडित धीरेन्द्र शास्त्री सड़क मार्ग से बोधगया प्रवास स्थल के लिए निकल गए। कल वे यहां अपने शिष्यों के साथ पितरों की आत्मशांति के लिए पिंडदान, तर्पण और त्रिपिंडी श्राद्ध कराएंगे। साथ ही एकादश भागवत कथा का आयोजन भी होगा। गयाजी तीर्थ के पुरोहित गजाधर लाल कटरियार ने इस यात्रा से जुड़ी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शास्त्री के पूर्वज भी गया आकर अपने पितरों का पिंडदान और तर्पण कर चुके हैं। उनके वर्षो पुराने बही-खाते में इसका उल्लेख और हस्ताक्षर मौजूद है। उन्होंने बताया कि वे 13 सितंबर से 16 सितंबर तक गया प्रवास करेंगे। इस दौरान अपने शिष्यों और भक्तों को एकादश भागवत कथा सुनाएंगे और श्राद्ध कार्य कराएंगे। हालांकि, इस दौरान उनका दिव्य दरबार आयोजित नहीं होगा। वहीं, कथा एवं श्राद्ध कार्य सम्पन्न कराएंगे। मालूम हो कि वर्ष 2024 में भी उन्होंने इसी स्थान पर अपने शिष्यों के साथ कथा कराई थी। 7 नवंबर से 16 नवंबर तक पदयात्रा निकाली जाएगी उन्होंने कहा कि 7 नवंबर से 16 नवंबर तक पदयात्रा निकाली जाएगी, जिसके लिए बिहार की जनता से आह्वान करेंगे। अगली बार बिहार में दिव्य दरबार भी लगाया जाएगा। फिलहाल दिल्ली से वृंदावन तक पदयात्रा चल रही है, उसके बाद बिहार में भी पदयात्रा होगी। उनका कहना है कि देशभर में जनजागृति फैलाना जरूरी है और बिहार उनका घर है। नेपाल हिंसा पर उन्होंने कहा कि भारत को सावधान रहने की आवश्यकता है। नेपाल में शांति स्थापित होनी चाहिए और पड़ोसी मुल्कों को समझने की ज़रूरत है।

भविष्य की वॉर मशीन भारत में: PM मोदी करेंगे दुनिया की सबसे बड़ी रक्षा डील का ऐलान

नई दिल्ली  भारतीय वायुसेना ने रक्षा मंत्रालय को 114 नए राफेल फाइटर जेट खरीदने का आधिकारिक प्रस्ताव भेजा है। यह कदम बताता है कि भारत का भरोसा अब भी फ्रांस के राफेल पर पूरी तरह कायम है। अगर यह डील फाइनल होती है तो यह दुनिया के सबसे बड़े रक्षा समझौतों  में से एक होगी।यह खरीद MRFA (मीडियम रोल फाइटर एयरक्राफ्ट) कार्यक्रम के तहत होगी और इसका अनुमानित मूल्य  2 लाख करोड़ रुपये से अधिक बताया जा रहा है।भारतीय वायुसेना ने 114 विमानों का प्रस्ताव (SoC-Statement of Case)  रक्षा मंत्रालय को भेज दिया है। अब इस पर रक्षा और वित्त मंत्रालय समेत अन्य विभाग विचार करेंगे। इसके बाद यह मामला जाएगा  रक्षा खरीद बोर्ड (DPB) और फिर  रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC)  के पास। मंजूरी मिलते ही औपचारिक डील पर हस्ताक्षर होंगे।   नया F4 वैरिएंट "सुपर राफेल"? फ्रांस की कंपनी  डसॉल्ट एविएशन ने राफेल का एडवांस वैरिएंट  F4  पेश किया है। इसे "सुपर राफेल" कहा जा रहा है क्योंकि:     इसमें बेहतर राडार, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम और नेटवर्क-सेंट्रिक वॉरफेयर क्षमता  है।     इसमें सैटेलाइट कम्युनिकेशन और नए हथियार सिस्टम जोड़े गए हैं।     यह पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट्स के काफी करीब है, हालांकि इसमें पूरी तरह से "स्टील्थ" तकनीक नहीं है।     F4 जेट्स से भारतीय वायुसेना को  6-7 नए स्क्वाड्रन  मिल सकते हैं।     अभी भारत के पास सिर्फ 2 स्क्वाड्रन राफेल के हैं। भारत के पास  मौजूदा राफेल (F3R वैरिएंट) की खासियत     भारत ने 2016 में फ्रांस से 36 राफेल F3R वैरिएंट खरीदने के लिए लगभग  59,000 करोड़ रुपए की डील की थी।     यह जेट 2020 से भारतीय वायुसेना में शामिल हैं।      भारत के लिए इसमें 13 विशेष बदलाव किए गए।      इसमें लगी SCALP क्रूज मिसाइल  250 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तक वार कर सकती है और इसमें 450 किलोग्राम का वारहेड होता है।      चीन के साथ 2020 के लद्दाख विवाद के समय राफेल को तैनात किया गया था।      पाकिस्तान पर ऑपरेशन सिंदूर  के दौरान आतंकवादी ठिकानों पर हमला करने के लिए भी राफेल का इस्तेमाल किया गया।      इन अनुभवों ने राफेल की ताकत और विश्वसनीयता को साबित कर दिया।       दुनिया में F4 की मांग संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने पहले ही फ्रांस से F4 वैरिएंट खरीदने की डील कर ली है। भारत भी अब उसी दिशा में कदम बढ़ा रहा है। यदि यह डील होती है तो भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल होगा जिनके पास राफेल का सबसे एडवांस वैरिएंट  होगा।भारत यह डील करता है तो वायुसेना की संख्या और ताकत दोनों बढ़ेगी। भारत के पास ऐसा फाइटर जेट होगा जो आने वाले दशकों तक दुश्मनों पर  स्पष्ट तकनीकी बढ़त बनाए रखेगा। चीन और पाकिस्तान दोनों के लिए यह एक  स्ट्रॉन्ग स्ट्रैटेजिक मैसेज  होगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव: विक्रमादित्य थे भारतीय न्याय व्यवस्था के महान पुरोधा

मुख्यमंत्री इंदौर में अखिल भारतीय बैठक में हुए शामिल  इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतीय न्याय व्यवस्था का इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है। सम्राट विक्रमादित्य भारतीय न्याय व्यवस्था के महान पुरोधा थे, जिनके निर्णयों की मिसाल आज भी दी जाती है। न्याय के क्षेत्र में उनकी पहचान विश्व स्तर पर अद्वितीय थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को इंदौर में विश्व हिंदू परिषद विधि प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित अखिल भारतीय बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत के अनेक कानूनों में समयानुकूल बदलाव किए गए हैं, जो समय की आवश्यकता भी थे। न्याय व्यवस्था में मन की पवित्रता और पंचों का निष्पक्ष निर्णय ही असली न्याय है। उन्होंने कहा कि हमें अपनी भारतीय संस्कृति और न्याय परंपरा पर गर्व है और न्यायालयों के निर्णयों का सबको समान रूप से पालन करना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश में कोलाहल नियंत्रण अधिनियम का कड़ाई से पालन कराया जा रहा है। साथ ही खुले में मांस विक्रय पर प्रतिबंध लगाया गया है और उसका भी सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कानून सबके लिए समान है और उसके साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लव जिहाद के विषय में स्पष्ट कहा कि यह धार्मिक स्वतंत्रता और व्यक्ति की गरिमा के विरुद्ध है। प्रदेश में लव जिहाद करने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा और उनके विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि न्याय और कानून व्यवस्था में किसी भी प्रकार का भेदभाव न हो। समाज के प्रत्येक वर्ग को समान न्याय मिले और जनता को यह विश्वास रहे कि मध्यप्रदेश में कानून सर्वोपरि है। कार्यक्रम को स्वामी जितेंद्रानंद जी महाराज ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर केंद्रीय विधि और न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल, परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक जी, संयुक्त महामंत्री डॉ. सुरेंद्र जैन, राष्ट्रीय संयोजक विधि प्रकोष्ठ डॉ. अभिषेक अत्रे एवं विधि प्रकोष्ठ के संरक्षक न्यायमूर्ति व्ही.एस. कोकजे विशेष रूप मौजूद थे।