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नवरात्रि आज से शुरू, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रदेशवासियों को दी बधाई

रांची आज यानी सोमवार से नवरात्रि की शुरुआत हो गई है। इस बार शारदीय नवरात्रि 22 सितंबर से लेकर 1 अक्टूबर तक रहने वाली है। वहीं, सीएम हेमंत ने झारखंड वासियों को नवरात्रि की बधाई दी है। सीएम हेमंत ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, "सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके। शरण्ये त्र्यम्बके गौरी नारायणि नमोऽस्तु ते॥ शारदीय नवरात्रि के शुभ अवसर पर सभी को अनेक-अनेक बधाई, शुभकामनाएं और जोहार। शक्ति, श्रद्धा और साधना का यह पावन पर्व सभी के जीवन को हर्ष और उल्लास से भर दे। मां सभी को उत्तम स्वास्थ्य, सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करें, यही कामना करता हूं। जय मां! हर वर्ष शारदीय नवरात्रि का पर्व आश्विन मास की प्रतिपदा तिथि से शुरू होता है। राजस्थान से लेकर उत्तर भारत के राज्यों में मंदिरों से लेकर घर- घर में घटस्थापना की जाती है। इसके लिए  नवरात्र के पहले दिन कलश स्थापना का सबसे ज्यादा महत्व होता है और इस दिन शुभ मुहूर्त में कलश स्थापित कर मां दुर्गा के नौ रूपों पूजा किया जाता है। ज्योतिषियों के अनुसार, आज यानी 22 सितंबर को प्रतिपदा तिथि पूरे दिन रहेगी। प्रतिपदा तिथि की शुरुआत आज रात 1 बजकर 23 मिनट पर हो चुकी है और यह तिथि कल यानी 23 सितंबर को देर रात 2 बजकर 55 मिनट तक रहेगी। घटस्थापना के लिए दूसरा महत्वपूर्ण मुहूर्त अभिजीत मुहूर्त रहेगा, जो सुबह 11 बजकर 49 मिनट से शुरू होकर दोपहर 12 बजकर 38 मिनट तक चलेगा। इस शुभ मुहूर्त में की गई पूजा और स्थापना बेहद फलदायी मानी जाती है।

कोयला घोटाला: सौम्या चौरसिया के निज सचिव की गिरफ्तारी, EOW ने स्पेशल कोर्ट में पेश किया

रायपुर छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोयला घोटाला मामले में EOW ने कार्रवाई तेज कर दी है. रविवार को कई जगहों पर छापेमारी के बाद सोमवार को पूर्व IAS सौम्या चौरसिया के निज सचिव रहे जयचंद कोसले को गिरफ्तार कर ACB/EOW की विशेष कोर्ट में पेश किया है. जयचंद कोसले पर आरोप है कि उन्होंने सौम्या चौरसिया का निज सचिव रहते हुए कोल घोटाले से 50 लाख रुपए कमाया है. EOW आय कोर्ट से जयचंद को 14 दिन के पुलिस रिमांड में लेने का प्रयास कर रही है. प्रदेश में कुल 10 ठिकानों पर रेड बता दें, आर्थिक अपराध विंग (EOW) ने ‘शराब घोटाला’ और ‘कोयला घोटाला’ मामलों में  रविवार की सुबह राजधानी रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग में कुल 10 ठिकानों पर छापेमारी की. राजधानी रायपुर में शराब कारोबारी अवधेश यादव और उनके सहयोगियों के छत्तीसगढ़ स्थित 3 ठिकानों पर छापेमार कार्रवाई की. इसके अलावा सौम्या चौरसिया के निजी सहायक रहे जयचंद कोसले के सभी ठिकानों पर भी दबिश कार्रवाई पूरी कर ली गई है. दोनों घोटालों से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज, मोबाइल फोन, नगदी और तकनीकी उपकरण जब्त किए गए जिनकी जांच फिलहाल जारी है. साथ ही यह कार्रवाई सुबह से रात लगभग 11ः30 बजे तक चली. रेड कार्रवाई के दूसरे दिन आज जयचंद को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया है. क्या है कोयला घोटाला मामला ? ED की जांच में सामने आया कि कुछ लोगों ने राज्य के वरिष्ठ राजनेताओं और नौकरशाहों से मिलीभगत के बाद ऑनलाइन मिलने वाले परमिट को ऑफलाइन कर कोयला ट्रांसपोर्ट करने वालों से अवैध वसूली की. जुलाई 2020 से जून 2022 के बीच कोयले के हर टन पर 25 रुपये की अवैध लेवी वसूली गई. 15 जुलाई 2020 को इसके लिए आदेश जारी किया गया था. खनिज विभाग के तत्कालीन संचालक IAS समीर बिश्रोई ने आदेश जारी किया था. यह परमिट कोल परिवहन में कोल व्यापारियों को दिया जाता है. पूरे मामले का मास्टरमाइंड किंगपिन कोल व्यापारी सूर्यकांत तिवारी को माना गया. इसमें जो व्यापारी पैसे देता उसे ही खनिज विभाग से पीट और परिवहन पास जारी होता था, यह रकम 25 रुपये प्रति टन के हिसाब से सूर्यकांत के कर्मचारियों के पास जमा होती थी. इस तरह से स्कैम कर कुल 570 करोड़ रुपये की वसूली की गई. कहां खर्च की अवैध कमाई जांच में सामने आया है कि इस घोटाले की राशि को सरकारी अधिकारियों और राजनेताओं को रिश्वत देने में खर्च किया गया. साथ ही चुनावी खर्चों के लिए भी इस अवैध राशि का इस्‍तेमाल किया गया. आरोपियों ने इससे कई चल-अचल संपतियों को खरीदा. क्या है छत्तीसगढ़ का शराब घोटाला मामला? ईडी के मुताबिक, छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के शासनकाल के दौरान साल 2019 से 2022 तक लाइसेंसी शराब दुकानों पर डुप्लिकेट होलोग्राम लगाकर बड़ी मात्रा में अवैध शराब बेची जाती थी, जिसके चलते छत्तीसगढ़ के राजस्व विभाग को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ था. उस दौरान शराब को स्कैनिंग से बचाने के लिए नकली होलोग्राम भी लगाया जाता था, ताकि वह किसी की पकड़ में न आ सके. इस होलोग्राम को बनाने के लिए घोटाले में संलिप्त लोगों ने उत्तर प्रदेश के नोएडा में होलोग्राफी का काम करने वाली PHSE (प्रिज्म होलोग्राफी सिक्योरिटी फ़िल्म्स प्राइवेट लिमिटेड) कंपनी को टेंडर दिया था. ईडी ने अपनी जांच के बाद यह बताया है कि यह कंपनी होलोग्राम बनाने के लिए पात्र नहीं थी, फिर भी नियमों में संशोधन करके यह टेंडर उसी कंपनी को दे दिया गया था. ईडी के टेंडर दिलाने के एवज में कंपनी के मालिक से भारी कमीशन लिया गया था. यह जानकारी सामने आने के बाद जब कंपनी के मालिक विधु गुप्ता को ईडी ने गिरफ्तार किया तो उसने कांग्रेस सरकार में CSMCL में एमडी अरुणपति त्रिपाठी, बिजनेसमैन अनवर ढेबर और अनिल टुटेजा का नाम लिया. ED ने जब इन तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया, तो मामले में और भी खुलासे होने लगे. इसके बाद साल 2024 के अंत में कांग्रेस विधायक और पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा का नाम सामने आया. सूत्रों के मुताबिक ED की जांच में पता चला है कि कवासी लखमा को शराब घोटाले से पीओसी से हर महीने कमिशन मिलाता था.

छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में मुठभेड़, सुरक्षाबलों ने दो नक्सलियों को ढेर किया

नारायणपुर छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र में आज सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में अब तक दो माओवादियों के शव बरामद किए गए हैं। साथ ही AK-47 समेत भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री जब्त की गई है। छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमावर्ती क्षेत्र के अबूझमाड़ में मुठभेड़ हुई। सुबह से शुरू जारी है। माओवादियों की मौजूदगी की सूचना पर सुरक्षाबलों ने सर्च अभियान शुरू किया था। अभियान के दौरान माओवादियों के साथ रुक-रुक कर मुठभेड़ जारी है। सुरक्षाबलों और पुलिस को अब तक घटना स्थल से दो पुरुष माओवादियों के शव के साथ हथियार बरामद हुए हैं। माओवादियों से एक एके-47 राइफल, अन्य हथियार, भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री, माओवादी साहित्य, प्रचार-प्रसार सामग्री और दैनिक उपयोग की वस्तुएं जब्त की है। मारे गए माओवादियों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। सर्च अभियान अभी भी जारी है। अभियान पूर्ण होने पर विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।

CGPSC परीक्षा घोटाला: रिटायर्ड IAS सहित पांचों आरोपी CBI कोर्ट में हुए पेश

रायपुर CGPSC घोटाला मामले में गिरफ्तार पांच आरोपियों को आज सीबीआई की विशेष कोर्ट में पेश किया गया है. पांचों आरोपी पूर्व परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक, पीएससी के सचिव रहे पूर्व आईएएस जीवनलाल ध्रुव, सुमीत ध्रुव, निशा कोसले और दीपा आदिल को सीबीईओ ने गिरफ्तार किया. कोर्ट ने तीन दिन की रिमांड पर सभी को सीबीआई रिमांड पर सौंपा था. आज रिमांड पूरी होने पर फिर से सभी को कोर्ट में पेश किया गया है. इससे पहले 7 लोगों की हो चुकी है गिरफ्तारी सीजीपीएससी घोटाले में सीबीआई ने आज लोक सेवा आयोग की परीक्षा नियंत्रक रही आरती वासनिक, पीएससी के सचिव रहे पूर्व आईएएस जीवनलाल ध्रुव और उनके बेटे सुमित ध्रुव समेत निशा कोसले, दीपा आदिल को गिरफ्तार किया था. इससे पहले 7 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. सीबीआई ने 18 नवंबर को तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी और बजरंग पावर एंड इस्पात के तत्कालीन निदेशक श्रवण कुमार गोयल को गिरफ्तार किया था. इसके बाद 10 जनवरी को पांच और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें नितेश सोनवानी (तत्कालीन अध्यक्ष के भतीजे, डिप्टी कलेक्टर के रूप में चयनित) और ललित गणवीर (तत्कालीन डिप्टी परीक्षा नियंत्रक, सीजीपीएससी) शामिल हैं. इसके अतिरिक्त, 12 जनवरी को शशांक गोयल और भूमिका कटियार (दोनों डिप्टी कलेक्टर पद के लिए चयनित) और साहिल सोनवानी (डिप्टी एसपी पद के लिए चयनित) को गिरफ्तार किया गया. वर्तमान में सभी आरोपी जेल में बंद हैं. जानें क्या है सीजीपीएससी घोटोला सीजीपीएससी घोटाला छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की भर्ती प्रक्रिया में 2020 से 2022 के बीच हुई अनियमितताओं से जुड़ा मामला है. आरोप है कि इस दौरान आयोजित परीक्षाओं और साक्षात्कारों में योग्य अभ्यर्थियों की उपेक्षा कर, प्रभावशाली राजनेताओं और वरिष्ठ अधिकारियों के करीबियों को डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी तथा अन्य उच्च पदों पर चयनित किया गया. इस घोटाले ने प्रदेश की भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े किए. छत्तीसगढ़ सरकार के अनुरोध पर इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपी गई. जांच एजेंसी ने छापेमारी कर कई आपत्तिजनक दस्तावेज़ बरामद किए और पूर्व अध्यक्ष तमन सिंह सोनवानी, तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक ललित गणवीर सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया. वर्तमान में यह मामला न्यायिक प्रक्रिया में है.

शारदीय नवरात्रि में अपनाएं ये 9 विशेष भेंटें, जीवन में मिलेगी सकारात्मक ऊर्जा, शांति और समृद्धि

हिंदू धर्म में नवरात्रि का पर्व साल में दो बार बेहद धूमधाम से मनाया जाता है. इस बार शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 22 सितंबर 2025 से हो रही है. नवरात्रि का मतलब सिर्फ व्रत रखना या पूजा करना नहीं है, बल्कि यह माता दुर्गा की साधना, भक्ति और आत्मशक्ति को जगाने का पावन समय माना जाता है. इन नौ दिनों में मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है और हर दिन का अपना महत्व होता है. मान्यता है कि अगर इन दिनों माता को उनके प्रिय रंगों और वस्तुओं से प्रसन्न किया जाए तो जीवन से दुख-दर्द दूर हो जाते हैं और खुशियां घर आ जाती हैं. आइए जानते हैं नवरात्रि 2025 में कौन से खास उपाय करने चाहिए. नवरात्रि के 9 दिनों में मां को अर्पित करें ये खास वस्तुएं 1. पहला दिन – मां शैलपुत्री नवरात्रि की शुरुआत मां शैलपुत्री की पूजा से होती है. इस दिन पीले रंग के वस्त्र, फूल और मिठाई चढ़ाना बेहद शुभ माना जाता है. यह रंग ऊर्जा और नई शुरुआत का प्रतीक है. ऐसा करने से जीवन में नए अवसर खुलते हैं और धन-समृद्धि का मार्ग बनता है. 2. दूसरा दिन – मां ब्रह्मचारिणी मां ब्रह्मचारिणी साधना और संयम की देवी मानी जाती हैं. इन्हें हरे रंग की चीजें बेहद प्रिय हैं. इस दिन हरे वस्त्र, पत्तियां और श्रृंगार सामग्री अर्पित करने से आत्मबल बढ़ता है और जीवन में शांति आती है. 3. तीसरा दिन – मां चंद्रघंटा तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा में पीले और हरे रंग का संयोजन अर्पित करना शुभ माना जाता है. यह संयोजन साहस, संतुलन और आत्मविश्वास को मजबूत करता है. 4. चौथा दिन – मां कुष्मांडा मां कुष्मांडा को नारंगी रंग बेहद प्रिय है. इस दिन नारंगी वस्त्र, फल और मिठाई चढ़ाने से आत्मविश्वास बढ़ता है और रुके हुए काम बनने लगते हैं. 5. पांचवां दिन – मां स्कंदमाता मां स्कंदमाता की पूजा में सफेद रंग की चीजें अर्पित करनी चाहिए. यह रंग शांति और पवित्रता का प्रतीक है. माना जाता है कि इससे घर में खुशहाली और मानसिक सुकून बना रहता है. 6. छठा दिन – मां कात्यायनी छठे दिन मां कात्यायनी को लाल रंग की वस्तुएं जैसे वस्त्र, पुष्प और फल अर्पित करें. लाल रंग विजय और शक्ति का प्रतीक है. इस उपाय से शत्रु बाधा दूर होती है और आत्मविश्वास बढ़ता है. 7. सातवां दिन – मां कालरात्रि मां कालरात्रि की पूजा में नीले रंग की वस्तुएं अर्पित करना शुभ माना जाता है. यह रंग नकारात्मक शक्तियों को दूर करता है और भय से मुक्ति दिलाता है. 8. आठवां दिन – मां महागौरी आठवें दिन मां महागौरी को गुलाबी रंग की वस्तुएं अर्पित करें. गुलाबी रंग प्रेम, करुणा और सकारात्मकता का प्रतीक है. इससे रिश्तों में मिठास बढ़ती है और घर का माहौल सुखद रहता है. 9. नौवां दिन – मां सिद्धिदात्री नवरात्रि के अंतिम दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा में बैंगनी रंग की वस्तुएं चढ़ानी चाहिए. यह रंग आध्यात्मिक उन्नति और गूढ़ ज्ञान का प्रतीक है. ऐसा करने से साधक को सफलता और उन्नति का वरदान मिलता है.

जंगल के पास हाथी ने ग्रामीण को सूंड से उठाकर पटका, मौके पर जान गई

कोरबा खेत में काम कर घर लौट रहे ग्रामीण का सामना लोनर हाथी से हो गया. वह भागकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचता, इससे पहले दंतैल ने सूंड से पकड़कर ग्रामीण को जमीन पर पटक दिया. जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. घटना कटघोरा वनमंडल के पसान वन परिक्षेत्र अंतर्गत तनेरा ग्राम के गोरिल्ला डांड़ की है. जानकरी के मुताबिक, धन सिंह गोंड़ 45 वर्ष परिवार सहित निवास करता था. धनसिंह रविवार दोपहर करीब 2.30 बजे खेत के समीप जंगल से जलाऊ लकड़ी लेकर घर लौट रहा था. इसी दौरान उसका सामना लोनर हाथी से हो गया. धन सिंह दंतैल से अपनी जान बचाकर भाग रहा था. वह सुरक्षित स्थान पर पहुंचने की कोशिश कर रहा था, लेकिन इससे पहले ही दंतैल ने उसे सूंड से पकड़कर जमीन पर पटक दिया. इससे उसकी मौत हो गई. पसान रेंजर मनीष सिंह ने बताया कि हमला करने वाले हाथी को जंगल की ओर खदेड़ा गया है. ग्रामीणों से घटनाक्रम की जानकारी ली गई. आगे की कार्यवाही करते हुए ग्रामीणों को हाथी से दूर रहने की समझाइश दी गई है. वन विभाग की ओर से नियमों के मुताबिक, पीड़ित परिवार को 25 हजार रुपए की तत्काल सहायता राशि दी गई है. वहीं हाथी के दहशत में गुजर-बसर कर रहे ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि प्रशासन ने जल्द कदम नहीं उठाए तो वे गांव छोड़ने के लिए मजबूर होंगे.

बाबा बागेश्वर का नवरात्रि संदेश: इस बार लेना होगा बड़ा प्रण

छतरपुर  नवरात्र के पावन अवसर पर बाबा बागेश्वर ने भक्तों को एक खास संदेश दिया. बाबा ने कहा कि इस नवरात्र में हम सबको यह प्रण लेना चाहिए कि भारत में हो रहे लव जिहाद को रोकें. उनका कहना था कि सनातन धर्म की बेटियां सुरक्षित रहें, हमारी परंपराओं पर कोई आंच न आए, यही हमारी जिम्मेदारी है. बाबा बागेश्वर का संकल्प भक्तों की भीड़ बाबा के आसपास उमड़ पड़ी और उन्होंने ध्यानपूर्वक सुना. बाबा बागेश्वर ने भावुक होकर कहा, “हमारे देश की बेटियां हमारी सांस्कृतिक विरासत हैं. उन्हें बचाना हम सबका कर्तव्य है. जब तक हम जागरूक नहीं होंगे, विदेशी ताकतें हमारी परंपराओं में सेंध लगाती रहेंगी.” इस मौके पर पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री भी उपस्थित थे. उन्होंने जोर देते हुए कहा कि “हे भगवती, इस नवरात्र में हम सब यह वचन ले रहे हैं कि लव जिहाद जैसी घटनाओं को हम पूरी ताकत से रोकेंगे. हमारा जीवन चाहे जैसा भी हो, वह सनातन धर्म की सेवा में समर्पित रहेगा.” धीरेंद्र शास्त्री बोले- हिंदू हज नहीं जाते, तो मुस्लिमों को गरबा में नहीं आना चाहिए गरबा पंडालों में मुस्लिमों की एंट्री को लेकर मध्य प्रदेश की सियासत में बवाल मचा हुआ है. छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भी बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि जिस तरीके से सनातन हिंदू विचारधारा के लोग हज यात्रा में नहीं जाते हैं, तो मुस्लिमों को भी गरबा में नहीं आना चाहिए.  धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने आयोजिकों को सलाह दी है कि गरबा समारोह के मुख्य दरवाजे पर छिड़कने के लिए गोमूत्र रखना चाहिए. यह बात बागेश्वर महाराज धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपने गृह जिले छतरपुर जिले के लवकुश नगर स्थित धार्मिक स्थल बंबरबेनी माता के दर्शन करने के दौरान कही.  मध्य प्रदेश के बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा है कि गैर-हिंदुओं का भी नवरात्रि उत्सव और 'गरबा' नृत्य कार्यक्रमों में भाग लेने का स्वागत है, बशर्ते वे फिर से सनातन धर्म अपनाएं और माथे पर तिलक लगाने और आरती करने जैसे नियमों का पालन करें.   विधायक शर्मा ने कहा कि अगर मुसलमान या ईसाई फिर से देवी की पूजा करना चाहते हैं, तो उन्हें एक चम्मच गंगाजल पीने और तुलसी का पत्ता खाने पर हिंदू धर्म में स्वीकार किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि अगर कुछ लोगों को लगता है कि उनके माता-पिता ने हिंदू धर्म के अलावा किसी अन्य धर्म को अपनाकर गलती की है और वे फिर से हिंदू बनना चाहते हैं, तो वे अभी ऐसा कर सकते हैं क्योंकि "सभी का DNA हिंदू है". हालांकि, भोपाल के हुजूर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले शर्मा ने पत्रकारों से बात करते हुए चेतावनी दी कि अगर कोई गरबा स्थलों पर (प्रवेश पाने के लिए) छल करने की कोशिश करता पाया गया, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे. देवी दुर्गा और उनके विभिन्न रूपों की पूजा को समर्पित नवरात्रि उत्सव 22 सितंबर से शुरू हो चुका है. इस उत्सव के दौरान गुजरात का एक जीवंत नृत्य गरबा खेला जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में प्रतिभागी शामिल होते हैं. विश्व हिंदू परिषद  सहित कई हिंदूवादी संगठन ऐसे आयोजनों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश का विरोध करते रहे हैं ताकि 'लव जिहाद' के प्रयासों को रोका जा सके. बेटियों की सुरक्षा के लिए जागरूकता भक्तों ने बाबा के शब्दों को अपने दिल में जगह दी और कई लोगों ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया. उन्होंने कहा कि वे अपने आसपास के लोगों को जागरूक करेंगे और हर संभव प्रयास करेंगे कि बेटियां सुरक्षित रहें और सनातन धर्म की परंपराएं मजबूती से बनी रहें. बाबा बागेश्वर ने कहा कि नवरात्र सिर्फ मां भगवती की पूजा का पर्व नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा समय है जब हम अपने जीवन में अच्छे संस्कार, सुरक्षा और धर्म की रक्षा के लिए संकल्प लें. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने बच्चों को सही शिक्षा दें, समाज में जागरूकता फैलाएं और इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाने में सक्रिय भूमिका निभाएं. इस अवसर पर भक्तों ने मिलकर माता की आराधना की, मंत्र पढ़े और संकल्प लिया कि वे अपने कर्तव्यों को निभाने में पीछे नहीं हटेंगे. नवरात्र का यह पर्व अब केवल उत्सव का नहीं, बल्कि जागरूकता और सुरक्षा का संदेश देने वाला पर्व बन गया है.

देश का पहला कॉस्मेटिक लेजर इंस्टिट्यूट जयपुर में, लेजर तकनीक की नई क्रांति

जयपुर  राजधानी जयपुर स्थित प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल सवाई मानसिंह अस्पताल में लोगों को बेहतरीन चिकित्सा सुविधाएं देने के लिए लगातार नए नवाचार किए जा रहे रहें हैं. इसको लेकर अस्पताल के अलग-अलग विभागों में बीमारियों के लिए इंस्टीट्यूट और सेंटर शुरू किए जा रहे हैं. हाल ही में सवाई मानसिंह अस्पताल में जेनेटिक टेस्टिंग लैब और टॉक्सिकोलॉजी लैब की शुरुआत की गई थी.अब इस अस्पताल में खूबसूरत दिखने की चाह रखने वालों और चर्म रोग से जूझ रहे मरीजों के लिए देश का पहला सरकारी कॉस्मेटिक लेजर इंस्टीट्यूट ऑफ डर्मेटोलॉजी की शुरुआत होने वाली है. कॉस्मेटिक लेजर इंस्टीट्यूट ऑफ डर्मेटोलॉजी की शुरूआत होने के बाद चर्म रोग से संबंधित बिमारियों के मरीजों को इसका सबसे ज्यादा फायदा लाभ मिलेगा. सवाई मानसिंह अस्पताल के चरक भवन में 7 करोड़ रुपए की लागत से इंस्टीट्यूट ऑफ डर्मेटोलॉजी तैयार हो गया है, जो 3 महीने में शुरू हो जाएगा. इंस्टीट्यूट में झड़ते  बालों को दोबारा उगाने, चेहरे पर मस्से हटाने, अनचाहे बालों को खत्म करने, बालों की ग्रोथ बढ़ाने, घाव भरने, सफेद दाग, जन्म से बने दाग-धब्बों, टेंटू और पिगमेंटेशन जैसी सभी प्रकार की परेशानियों का इलाज एक्साइमर तकनीक से होगा. इन खास मशीनों से होगा चर्म रोग का इलाज  सवाई मानसिंह अस्पताल में तैयार हो रहे इंस्टीट्यूट ऑफ डर्मेटोलॉजी में इलाज के लिए खासतौर पर लेजर और कॉस्मेटिक प्रोसिजर से जुड़े सभी लोगों का इलाज आधुनिक मशीनों से बेहतर तरीके से होगा. जिसमें चमड़ी पर रोगों की गहराई से जांच के लिए डर्मास्कोप, बाल झड़ने का कारण, मोटाई और स्कैल्प की जांच के लिए ट्राइकोस्कोप, स्कीन से अनचाहे बाल हटाने लिए डायोड लेजर, चेहरे के खड्डे भरने और मस्से हटाने के लिए फ्रेक्शनल कार्बन डाइ ऑक्साइड, सफेद दागों का इलाज, फोटोथेरेपी, टेटू और बर्थमार्क जैसे चिन्हों को हटाने के लिए एनडी-याग लेजर से इलाज की सुविधा लोगों को यहां मिलेगी. चिकित्सा अधिकारियों के मुताबिक इंस्टीट्यूट ऑफ डर्मेटोलॉजी संस्थान सरकारी स्तर पर देश का पहला और विदेश स्तर पर लंदन के बाद दूसरा इंस्टीट्यूट होगा. इंस्टीट्यूट में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने की योजना है, जहां इलाज के साथ डॉक्टरों को ट्रेनिंग दी जाएगी. सवाई मानसिंह अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सकों के अनुसार, अस्पताल के चर्म रोग विभाग में हर साल करीब चार लाख मरीज इलाज के लिए आते हैं. बढ़ते मरीजों की संख्या को देखते हुए अस्पताल में इंस्टीट्यूट ऑफ डर्मेटोलॉजी शुरू की जा रही है.  इसके बाद लाखों लोगों को हर साल इसका फायदा मिलेगा. इंस्टीट्यूट शुरू होने के बाद लोगों को ख़ासतौर पर सफेद दाग के लिए एक्साइमर से आसान इलाज के साथ रिसर्च सुविधा, रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए बेहतरीन दवाईयां उपलब्ध होगी. इंस्टीट्यूट शुरू होने के बाद निजी कॉस्मेटिक सेंटर्स पर महंगा इलाज से राहत मिलेगी और पैसे की बचत भी होगी. इंस्टीट्यूट में लोगों के लिए सस्ता और गुणवत्तापूर्ण इलाज की सुविधा मिलेगी. अभी फिलहाल चरक भवन के इंस्टीट्यूट ऑफ डर्मेटोलॉजी में फर्नीचर इंस्टालेशन और अन्य तमाम कार्य चल रहे हैं, जो जल्द ही पूरे हो जाएंगे.

हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: तिरुनेलवेली में 1100 एकड़ जमीन अब वक्फ प्रॉपर्टी नहीं

तिरुनेलवेली तमिलनाडु के तिरुनेलवेली में एक मस्‍जि‍द गांव की 1,100 एकड़ जमीन पर दावा ठोक रही थी. कह रही थी क‍ि यह वक्‍फ प्रॉपर्टी है और इसे सिर्फ मुस्‍ल‍िम धर्म के कार्यों में इस्‍तेमाल क‍िया जाना चाह‍िए. मामला हाईकोर्ट पहुंचा तो मद्रास हाईकोर्ट ने एक झटके में खार‍िज कर द‍िया. साफ कहा क‍ि वक्‍फ प्रॉपर्टी सिर्फ 2.34 एकड़ जमीन है, जो 1712 में मदुराई सामस्थानम के तत्कालीन शासक ने दान की थी. कांस्य पत्रक पर इसके सबूत हैं, लेकिन बाकी जमीन बिल्‍कुल मस्‍ज‍िद की नहीं है. इस मामले में मस्जिद ने दावा किया था कि यह विशाल क्षेत्र वक्फ संपत्ति में आता है और इसका उपयोग धार्मिक और सामाजिक उद्देश्यों के लिए होना चाहिए. मस्जिद की ओर से यह तर्क दिया गया था कि पूरे 1,100 एकड़ क्षेत्र पर उनके धार्मिक अधिकार हैं. इसके विपरीत, जमीन पर अधिकार रखने वाले अन्य पक्षों ने इसे विवादित बताया और अदालत में चुनौती दी. मद्रास हाईकोर्ट ने मामले की गहन सुनवाई के बाद इतिहास और दस्तावेजों को आधार मानते हुए निर्णय दिया. अदालत ने कहा कि जब इतिहास कांस्य पत्रों में बोलता है, तो झूठे दावे स्वतः ही पिघल जाते हैं. 1712 का कांस्य पत्रक स्पष्ट रूप से दिखाता है कि केवल 2.34 एकड़ जमीन का ही मस्जिद को अधिकार है और बाकी भूमि किसी अन्य पक्ष की है या सार्वजनिक उपयोग के लिए सुरक्षित रखी गई थी. मस्‍ज‍िद के ल‍िए झटका अदालत ने इस फैसले में यह भी दिखाया कि वक्फ संपत्ति की वास्तविकता और इसके कानूनी दावे को इतिहास और प्रमाण पत्रों के आधार पर ही तय किया जाना चाहिए. इस प्रकार, बड़े दावे और आरोपों के बावजूद न्यायालय ने ऐतिहासिक दस्तावेजों को सर्वोच्च माना. मस्जिद के लिए यह फैसला एक झटका है, क्योंकि उसका दावा जमीन के बड़े हिस्से पर था. अब मस्जिद केवल उसी जमीन का उपयोग कर सकती है, जो 1712 में दिये गए मण्यम के तहत प्रमाणित है. अदालत के फैसले से यह भी संदेश गया कि धार्मिक संस्थाओं द्वारा किए गए वक्फ दावे कानूनी और ऐतिहासिक दस्तावेजों के आधार पर ही मान्य होंगे. प्रमाणों के आगे नहीं ट‍िक पाया विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला वक्फ संपत्ति और ऐतिहासिक दस्तावेजों के महत्व को उजागर करता है. यह दिखाता है कि लंबे समय से किए जा रहे दावे भी कानूनी प्रक्रिया और प्रमाणों के सामने टिक नहीं पाते. इस फैसले के बाद तिरुनेलवेली जिले में भूमि विवादों पर भी प्रभाव पड़ सकता है. अन्य वक्फ संस्थाओं और धार्मिक संगठनों को यह संकेत मिलेगा कि उनके दावे के लिए ऐतिहासिक प्रमाण और कानूनी दस्तावेज अनिवार्य हैं. झूठे दावे सच नहीं हो जाते मद्रास हाईकोर्ट का यह फैसला वक्फ संपत्ति के मामलों में इतिहास और दस्तावेजों की अहमियत को रेखांकित करता है और भविष्य में ऐसे मामलों में न्यायालय के दृष्टिकोण का मार्गदर्शन कर सकता है. अदालत ने कहा कि झूठे दावे और अतिशयोक्ति की कोई जगह नहीं है, और प्रमाणों के आधार पर ही निर्णय लिया जाएगा। यह निर्णय धार्मिक संस्थाओं के लिए एक चेतावनी भी है कि वे अपने दावों में ईमानदारी और सटीकता दिखाएं.

अब ट्रांसपोर्ट से जुड़ी सेवाएं बिना लाइन के: 51 फेसलेस सुविधाएं, प्रदूषण जांच के लिए 600 केंद्र उपलब्ध

भोपाल  परिवहन विभाग में नागरिकों को ऑनलाईन सुविधा देने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। विभाग द्वारा वर्तमान में 51 प्रकार की फेसलेस सुविधा प्रदान की जा रही है। इस तरह की सुविधा देने वाला मध्यप्रदेश देश में दूसरा राज्य है। नागरिकों द्वारा ऑनलाइन सुविधा लेने के लिये अपलोड किये गये दस्तावेजों में कमी होने पर विभाग द्वारा आवेदक को एसएमएस के माध्यम से सूचित भी किया जा रहा है। इस सुविधा से नागरिक किसी प्रकार की कमी होने पर दस्तावेज को पुन: अपलोड कर पा रहे है। विभाग ने जिलेवार परिवहन कार्यों की समीक्षा के लिये एमआईएस कंसोल का उपयोग शुरू किया है। प्रदेश में चलने वाले वाहनों से होने वाले प्रदूषण नियंत्रण के लिये उन्नत पीयूसीसी 2.0 प्रणाली शुरू की है। इस समय प्रदेश में 600 से ज्यादा प्रमाणिक परीक्षण केन्द्र संचालित किये जा रहे है। सभी केन्द्रों को वाहन पोर्टल के पीयूसीसी संस्करण 2.0 के साथ एकीकृत किया गया है। इस सुविधा से नागरिकों को पीयूसी प्रमाण पत्र रियल टाईम पर सिस्टम द्वारा जारी किया जा रहा है। प्रदेश में वाहन परमिट समस्या समाधान के लिये क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण का पुनर्गठन कर संभागीय आयुक्तों को परमिट जारी करने का अधिकार दिया गया है। प्रदेश में 2700 से अधिक स्थाई परमिट होने से अस्थाई परमिट पर निर्भरता कम हुई है। इस व्यवस्था से आरटीओ एवं प्रवर्तन के काम में कमी आई है। पारदर्शिता के उपाय परिवहन विभाग ने अपनी कार्यप्रणाली में ट्रांसपेरेंसी लाने के लिये डिजिटल पेमेंट की सुविधा भी उपलब्ध कराई है। प्रवर्तन के दौरान पीओएस मशीन के माध्यम से पारदर्शी चालान जारी कर समय पर राजस्व लेखा संधारित किया जा रहा है। प्रवर्तन कर्मचारियों की निगरानी के लिये विभाग द्वारा एप विकसित किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाएं सुलभ तरीके से नागरिकों को उपलब्ध करवाने के लिये एमपी ऑनलाइन को अधिकृत किया गया है।