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अक्षय कुमार की दो टूक: ईमानदारी से कमाया, इसलिए टैक्स देना गर्व की बात

मुंबई  अक्षय कुमार इंडस्ट्री के उन एक्टर्स में से एक हैं जो एक साल में कई सारी फिल्में करने के लिए मशहूर हैं. जिसमें से उनकी कई फिल्में सुपरहिट, तो कुछ फिल्में फ्लॉप भी होती हैं. अक्षय इंडस्ट्री के सबसे ज्यादा कमाई करने और टैक्स भरने वाले एक्टर्स में से भी हैं. ऐसे में कई बार एक्टर के ऊपर पैसों की सोच रखने का भी आरोप लगता है. अक्षय पर लगा पैसों की सोच रखने का आरोप, क्या बोले एक्टर? हाल ही में अक्षय ने खुद अपनी कमाई पर बात करते हुए उन लोगों पर पलटवार किया है जो उनके ऊपर पैसों की सोच रखने का आरोप लगाते हैं. एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में एक्टर ने कहा, 'अगर पैसे कमाए हैं तो लूटकर नहीं कमाए. मैंने काम करके कमाए हैं. 8 साल से मैं सबसे ज्यादा टैक्स भरने वाला इंसान हूं. तो मैं सिर्फ पैसों की सोच रखने वाला नहीं हो सकता. पैसा जिंदगी का सबसे अहम हिस्सा है, आपको ये सोचने की जरूरत है.' 'पैसा कमाता हूं, टैक्स देता हूं और उन पैसों से काफी सेवा भी करता हूं. ये मेरा धर्म है. बाकी चाहे कुछ भी कहे, मैं कुछ विश्वास नहीं करता. अगर आपको रिबन काटने से पैसे मिलते हैं तो क्या दिक्कत है? वो पैसे देने को तैयार है? जबतक आप किसी से चोरी नहीं कर रहे, जबतक आप किसी को लूट नहीं रहे हो, जबतक आप मेहनत कर रहे हैं, तबतक कोई दिक्कत नहीं है. मुझे नहीं फर्क पड़ता अगर कोई मुझे पैसों की सोच रखने वाला इंसान कहे.' 'जॉली एलएलबी 3' दिखा रही कमाल, क्या हैं अक्षय के आने वाले प्रोजेक्ट्स? अक्षय इन दिनों अपनी लेटेस्ट रिलीज फिल्म 'जॉली एलएलबी 3' को लेकर भी सुर्खियों में बने हुए हैं. उनकी और अरशद वारसी की फिल्म ने रिलीज के बाद पहले वीकेंड करीब 50 करोड़ की कमाई कर डाली है. फिल्म को हर तरफ से पॉजिटिव रिस्पॉन्स मिल रहा है. ऐसे में अगर 'जॉली एलएलबी 3' इसी रफ्तार से आगे बढ़ती रही, तो ये पहले हफ्ते में ही 100 करोड़ का आंकड़ा छू लेगी. हालांकि अभी ये कहना जल्दबाजी होगी. बता दें कि 'जॉली एलएलबी 3' में अक्षय-अरशद के अलावा सौरभ शुक्ला, अमृता राव, हुमा कुरैशी, गजराज राव, राम कपूर और सीमा बिस्वास जैसे एक्टर्स भी फिल्म का हिस्सा हैं. उनकी फिल्म सुभाष कपूर ने डायरेक्ट की है. ये 19 सितंबर के दिन थिएटर्स में रिलीज हुई थी.

हजार साल पुरानी परंपरा: इस मंदिर में नवरात्र के दौरान महिलाओं का प्रवेश निषेध

नालंदा शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व देशभर में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है। जगह-जगह माता रानी के जयकारे गूंज रहे हैं और भक्तगण पूजा-अर्चना में लीन हैं। लेकिन नालंदा जिले के प्रसिद्ध मां आशापुरी मंदिर में आज भी एक अनूठी और सदियों पुरानी परंपरा का पालन किया जा रहा है। नवरात्रि के नौ दिनों तक महिलाओं का मंदिर में प्रवेश वर्जित रहता है। गिरियक प्रखंड के घोसरावां गांव स्थित इस मंदिर में नवरात्रि के दौरान महिलाओं को मंदिर परिसर में भी प्रवेश की अनुमति नहीं होती। यही नहीं, पुरुष श्रद्धालुओं के लिए भी इन नौ दिनों में गर्भगृह के दर्शन वर्जित रहते हैं। मंदिर के पुजारी जनार्दन उपाध्याय के मुताबिक, यह परंपरा पूर्वजों के समय से चली आ रही है। तांत्रिक अनुष्ठानों के कारण होता है ऐसा पुजारियों का कहना है कि नवरात्रि में होने वाली साधनाएं तंत्र-मंत्र पर आधारित होती हैं, जिनके प्रभाव से नकारात्मक शक्तियां सक्रिय हो जाती हैं। ऐसी मान्यता है कि इस दौरान यदि महिलाएं उपस्थित हों तो उन पर इन शक्तियों का असर हो सकता है और पूजन विधि में विघ्न उत्पन्न हो सकता है। नवरात्रि के अंतिम दिन विशेष हवन के आयोजन के बाद ही मंदिर को आम श्रद्धालुओं के लिए खोला जाता है। तब जाकर महिलाओं और पुरुषों को गर्भगृह के दर्शन का अवसर मिलता है। इस हवन का उद्देश्य मंदिर की ऊर्जा को शुद्ध करना होता है। नौवीं शताब्दी से चली आ रही परंपरा स्थानीय लोगों का कहना है कि दशकों से यह परंपरा चली आ रही है। यहां शारदीय नवरात्र में महिलाओं को प्रवेश नहीं करने दिया जाता है। जानकार बतातें हैं कि आशापूरी मंदिर में महिलाओं का नवरात्र में प्रवेश पर रोक पहली बार नौवीं शताब्दी में लगाई गई थी। उस समय यह क्षेत्र विश्व के प्रमुख बौद्ध साधना केंद्रों में से एक था। बौद्ध भिक्षु और तांत्रिक साधक यहां आकर गहन साधना किया करते थे। नवरात्रि के दौरान तांत्रिक अनुष्ठान की परंपरा तब से ही बनी हुई है। माना जाता है कि मां आशापुरी के दरबार में सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद पूरी होती है, इसी कारण इस मंदिर को 'आशापुरी' कहा जाता है। बिहार ही नहीं, बंगाल, झारखंड और ओडिशा से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं। नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विशेष पूजा का विधान बता दें कि आदिशक्ति की उपासना का पावन पर्व नवरात्रि आज यानी 22  सितंबर से आरंभ हो गया है। नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विशेष पूजा का विधान है। नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना के साथ ही मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। मां दुर्गा की साधना भक्तों को शक्ति और आत्मबल प्रदान करती हैं। मां शैलपुत्री की आराधना करने से सांसारिक सुख और मोक्ष दोनों की प्राप्ति होती है। जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और साधक उन्नति के मार्ग पर आगे बढ़ता है।  

जीएसटी सुधार लागू, ओपी चौधरी ने कहा- PM मोदी के नेतृत्व में ही संभव

रायपुर पूरे देश में आज से गुड्स एन्ड सर्विस टैक्स (GST) रिफॉर्म लागू हो गया है. दिवाली पर्व से पहले उपभोक्ताओं को मिली सौगात से बाजार गुलजार हो गया है. जीएसटी रिफॉर्म को लेकर छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बड़ा बयान दिया है. वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि आज से GST की नई दरें लागू होगी. कई समान सस्ते होंगे. GST 2.O रिफार्म के माध्यम से पीएम मोदी और निर्मला सीता रमन ने देश के 140 करोड़ जनता को एक ऐतिहासिक उपहार दिया है. 12 लाख तक की इनकम टैक्स छूट के बाद सरकार ने अब इससे भी बड़ा तोहफ़ा सभी वर्गों के लोगों को दिया है. रोज़मर्रा की जरूरत की चीज़ें जैसे तेल, शैम्पू, साबुन, टूथब्रश, इसके साथ ही एसी, फ्रिज, टीवी और किसानों के लिए ट्रैक्टर और कृषि यंत्र पर दाम घटा दिए गए हैं. इस ऐतिहासिक फैसले से आम जनता की बचत बढ़ेगी और उनकी क्रय शक्ति (पर्चेसिंग पावर) मजबूत होगी. अर्थव्यवस्था को भी नई रफ्तार मिलेगी. ऐसा सिर्फ PM नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हो सकता है. साथ ही, उन्होंने व्यापारियों से अपील की कि जिन श्रेणियों में कीमतें कम की गई हैं, उसका पूरा लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाए. प्रदेशवासियों को नवरात्री पर्व की दी बधाई वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि शक्ति की भक्ति का पर्व नवरात्री की आज से शुरुआत होने जा रही है. यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते, रमन्ते तत्र देवताः, जहां नारियों की पूजा होती है, वहां देवता वास करते हैं, ऐसा भाव हमारी संस्कृति में रहा है. इस अवसर पर में सभी मातृ शक्ति को प्रणाम है. मातृ शक्ति के प्रति हमारी सरकार समर्पित है. जिसका एक उदाहरण हमारी महत्वकांशी योजना महतारी वंदन योजना है. इस योजना के लाभान्वित हो रही माताएं सारंगढ़ जिले के दानसरा गांव में श्री राम मंदिर का निर्माण कर रही है. योजना का पैसा आज प्रदेश की 70 लाख महतरियों को मिलने से मातृ शक्ति को नया आत्मविश्वास और ऊर्जा मिली है. उन्होंने आगे कहा कि जिन माताओं-बहनों को महतारी वंदन योजना का लाभ मिल रहा है, उन्हें ग्रामीण बैंक के माध्यम से मातृ शक्ति ऋण योजना के तहत बिना मॉर्गेज के केवल एक प्रतिशत मासिक ब्याज दर पर 25,000 रुपए तक का लोन उपलब्ध कराया जा रहा है. इस राशि का उपयोग वह सिलाई मशीन खरीदने, छोटा व्यवसाय शुरू करने या किराना दुकान चलाने के लिए कर सकती हैं.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव: मध्यप्रदेश ने नवकरणीय ऊर्जा में राष्ट्रीय स्तर पर नया मानक स्थापित किया

मुरैना सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना रिकार्ड न्यूनतम 2 रूपए 70 पैसे प्रति यूनिट टैरिफ पर प्रदान कर रही है नवकरणीय ऊर्जा विश्व के स्वच्छ ऊर्जा भविष्य का मार्गदर्शक बनेगा भारत और मध्यप्रदेश 5 हजार मेगावाट तक पहुंच चुकी है प्रदेश की सौर ऊर्जा क्षमता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा सम्मेलन को वर्चुअली किया संबोधित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आगामी अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा सम्मेलन मध्यप्रदेश में करने का दिया भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मुझे गर्व है कि मुरैना सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना के शुभारंभ के साथ ही नवकरणीय ऊर्जा में मध्यप्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर नया मानक स्थापित किया है। यह भारत की पहली परियोजना है, जो रिकार्ड न्यूनतम 2 रूपए 70 पैसे प्रति यूनिट टैरिफ पर स्थिर और डिस्पैचेबल नवकरणीय ऊर्जा प्रदान कर रही है। मध्यप्रदेश में ऊर्जा के विभिन्न स्त्रोतों की स्थापित क्षमता तेजी से बढ़ रही है। वर्ष 2025 तक सौर क्षमता लगभग 5 हजार मेगावाट पर पहुंच चुकी है, जिसे वर्ष 2035 बढ़ाकर 33 हजार मेगावाट करने का लक्ष्य रखा गया है। राज्य सरकार द्वारा इंडस्ट्रियल प्रमोशन पालिसी, रिन्यूएबल एनर्जी पालिसी 2025 और पम्प हाइड्रो पालिसी 2025 के अंतर्गत औद्योगिक निवेश के लिए कई आकर्षक प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को नई दिल्ली के होटल ताज में आयोजित सीआईआई अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा सम्मेलन को मुख्यमंत्री निवास से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में केन्द्रीय नवकरणीय ऊर्जा मंत्री  प्रहलाद जोशी, मालदीव के पर्यावरण एवं पर्यटन राज्यमंत्री  मुवियाथ मोहम्मद, सीआईआई और ई.वाय इंडिया के पदाधिकारी एवं उद्योग जगत के प्रतिनिधि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अगला अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा सम्मेलन मध्यप्रदेश में आयोजित करने के लिए सभी को आमंत्रित किया। प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में हम नेट जीरो के लक्ष्य की ओर बढ़ रहे हैं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश अब केवल भारत का दिल नहीं, बल्कि निर्माण गतिविधियों का केन्द्र भी बन रहा है। यह समय हमारे लिए निर्णायक है, वैश्विक परिस्थितियाँ बदल रही हैं और प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत आत्मविश्वास से आगे बढ़ रहा है। 'मेक इन इंडिया' और 'विकसित भारत' के संकल्प को साकार करते हुए एक ऐसे भारत की नींव रखी जा रही है जो सुरक्षित, सक्षम और विश्व को मार्गदर्शन प्रदान करने की सामर्थ्य रखता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में हम सभी नेट जीरो के लक्ष्य की ओर दृढ़ संकल्पित होकर कदम बढ़ा रहे हैं। आने वाले वर्षों में भारत और मध्यप्रदेश विश्व के स्वच्छ ऊर्जा भविष्य का मार्गदर्शक बनेगा। भारतीय अर्थव्यवस्था अब दुनिया की आशा और भरोसे का केंद्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह हमारे लिए गर्व का विषय है कि आज भारत को वैश्विक स्तर पर नज़र अंदाज़ नहीं किया जा सकता। हमारी मातृभूमि भारत अब केवल एक उभरती अर्थव्यवस्था नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया की आशा और भरोसे का केंद्र बन चुकी है। भारत आज ऊर्जा और नवकरणीय ऊर्जा, टेक्सटाइल, आईटी, कृषि, फार्मा, रक्षा और अंतरिक्ष हर क्षेत्र में अपनी छाप छोड़ रहा है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने ऊर्जा क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है एवं भारत को स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकी में वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित किया है। भारत ने 2070 तक नेट-ज़ीरो और 2030 तक 500 गीगावाट नॉन-फॉसिल फ्यूल क्षमता का लक्ष्य रखा है। देश 251.5 गीगावाट नॉन-फॉसिल ऊर्जा क्षमता को पार कर चुका है और सौर मॉड्यूल निर्माण क्षमता में 100 गीगावाट की ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। मध्यप्रदेश ऊर्जा क्षेत्र में देश के प्रमुख राज्यों में से एक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्रीन हाइड्रोजन मिशन', 'पीएम-कुसुम योजना, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना और स्मार्ट ग्रिड जैसी पहलों के माध्यम से भारत ने ऊर्जा क्षेत्र को आत्मनिर्भर, स्वच्छ और सतत् दिशा प्रदान की है। परिवारों को मुफ्त बिजली का लाभ मिला है। मध्यप्रदेश ऊर्जा क्षेत्र में अपनी अनूठी उपस्थिति के साथ देश के प्रमुख राज्यों में से एक बन चुका है। यहाँ देश का सबसे बड़ा 'सौर पार्क' रीवा में स्थापित है, जो दिल्ली मेट्रो जैसे महत्वपूर्ण उपक्रमों को ऊर्जा प्रदान करता हैं। साथ ही सांची शहर को देश का पहला सोलर सिटी बनाया गया है और ओमकारेश्वर में भारत का सबसे बड़ा फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट कार्यरत है। नीमच में भारत का सबसे बड़ा पंप हाइड्रो पॉवर स्टोरेज प्रोजेक्ट विकसित किया गया है, जो ऊर्जा संग्रहण क्षमता के क्षेत्र में प्रदेश को अग्रणी बनाता है।  

डोमिसाइल प्रक्रिया तेज करने हरियाणा के दो विभाग अलर्ट, छुट्टियां कैंसिल, 25 को लाडो लक्ष्मी ऐप लॉन्च

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार की लाडो लक्ष्मी योजना को लेकर बड़े स्तर पर तैयारी चल रही है। सरकार ने योजना की शुरुआत सफल तरीके से हो, इसे लेकर दो विभागों की छुट्टियां तक कैंसिल कर दी गई हैं। आगामी 25 सितंबर को हरियाणा सरकार की ओर से दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना हरियाणा राज्य में महिलाओं के लिए शुरू की जा रही है। इस दिन मुख्यमंत्री योजना के पात्र महिलाओं से आवेदन करवाने के लिए एक एप लॉन्च करेंगे। उन्होंने एक लाख से कम आय वाले परिवार की महिलाओं को योजना के लिए जरूरी कागजात को पूरे करने की अपील की। उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य वित्तीय स्वतंत्रता को मजबूत करके और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करके महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देना है जिससे उनकी समग्र भलाई और सामाजिक भागीदारी को बढ़ावा मिले और महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकें। दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के अंतर्गत प्रत्येक पात्र महिला को 2100 प्रति माह लाभ दिया जाएगा। यह लाभ बैंकों के माध्यम से डीबीटी के तहत वितरित किया जाएगा। सरकार की ओर से ऑर्डर से दिया गया है कि 25 सितंबर को 'दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना' के शुभारंभ की तैयारियों के तहत नागरिक संसाधन सूचना विभाग (CRID), समाज कल्याण और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी 22 और 23 सितंबर को पब्लिक हॉलिडे पर भी काम करेंगे। इसके अलावा रेवेन्यू डिपार्टमेंट के अधिकारियों को भी अलग से निर्देश जारी किए गए हैं। साथ ही हिदायत दी गई है कि योजना को लेकर किसी भी प्रकार की ढिलाई अधिकारी न बरतें। बता दें कि लाडो लक्ष्मी योजना का ट्रायल पूरा हो गया है। यह ट्रायल पूरे प्रदेश में सफल रहा और कहीं से कोई शिकायत नहीं आई। इसके बाद अब 25 सितंबर को पंचकूला में राज्यस्तरीय कार्यक्रम होगा, जिसमें मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी इस योजना का ऐप लॉन्च करेंगे। उन्होंने बताया कि इस योजना के परियोजन के लिए प्रत्येक पात्र लाभार्थी के नाम पर एक चालू बैंक खाता होना चाहिए। इस योजना के तहत पात्र व्यक्ति महिला होगी और जिसकी आयु 23 वर्ष से 60 वर्ष के मध्य होनी चाहिए व ऐसे परिवार से संबंधित हो जिसकी सत्यापित वार्षिक आय एक लाख रुपये से अधिक न हो, जो महिला किसी अन्य राज्य से हरियाणा में विवाहित है जिसका पति हरियाणा का निवासी है और आवेदन के समय पिछले 15 वर्षों या उससे अधिक समय से हरियाणा राज्य में रह रहा है यह महिला इस योजना की पात्र है। उन्होंने कहा कि यदि कोई महिला सामाजिक न्याय अधिकारिता एवं अनुसूचित जातियां, पिछड़ा वर्ग कल्याण और अंत्योदय सेवा विभाग से किसी अन्य प्रकार की सहायता प्राप्त कर रही है जैसा कि वृद्धावस्था सम्मान भत्ता, विधवा और निराश्रित महिला को वित्तीय सहायता दिव्यांग वित्तीय सहायता, लाडली सामाजिक सुरक्षा, कश्मीरी प्रवासी परिवारों को वित्तीय सहायता, हरियाणा बौना भत्ता, एसिड अटैक वित्तीय सहायता, अविवाहित वित्तीय सहायता का लाभ प्राप्त करने के बाद दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना का लाभ प्राप्त नहीं कर सकती।  यहां जानिए सरकार क्या-क्या कदम उठा रही…. जिस दिन अप्लाई हो उसी दिन बने निवास प्रमाण पत्र हरियाणा सरकार की ओर से दो विभागों की छुट्टियां कैंसिल करने के साथ ही रेवेन्यू विभाग की ओर से अलग से निर्देश जारी किए गए हैं। विभागीय अधिकारियों को कहा गया है कि सभी ऑनलाइन निवास प्रमाण पत्र आवेदनों का उसी दिन निपटारा किया जाए, जिस दिन वे प्राप्त हों। यह कार्य 24 सितंबर तक, छुट्टियों के दिनों सहित, निर्बाध रूप से जारी रहेगा। सरकार 25 सितंबर को एक राज्यव्यापी कार्यक्रम के माध्यम से दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना का शुभारंभ करने जा रही है। इन अधिकारियों की लगी ड्यूटी सरकार की ओर से योजना की सफल तरीके से लॉन्चिंग के लिए सीनियर अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। ये अधिकारी लगातार जिला स्तर पर अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग कर रहे हैं। तैयारियों के संबंध में, अतिरिक्त मुख्य सचिव (सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता) जी अनुपमा और अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) सुधीर राजपाल जिला अधिकारियों (DC) के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से योजना की तैयारियों की समीक्षा की और कुछ आवश्यक निर्देश जारी कर रहे हैं। DBT के जरिए बैंक खातों में ट्रांसफर होंगे 2100 रुपए इस योजना के तहत पात्र महिला लाभार्थियों को 2,100 रुपए प्रति माह की आर्थिक सहायता मिलेगी। यह राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) सिस्टम के जरिए से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। परीक्षण के तौर पर, समाज कल्याण विभाग के सभी कर्मचारी वर्तमान में इस योजना के तहत लाभार्थियों का पंजीकरण करने के लिए मैदान में उतर रहे हैं। फ्री में होगा रजिस्ट्रेशन इस योजना की रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी तरह निःशुल्क है। पात्र महिलाओं को इसके रजिस्ट्रेशन के लिए एक भी पैसा किसी को नहीं देना है। यदि कोई पैसा लेता है तो उसके खिलाफ संबंधित थाने में महिला शिकायत दर्ज करा सकती है। पात्र होने के लिए, महिला की आयु कम से कम 23 वर्ष होनी चाहिए और उसकी सत्यापित पारिवारिक आय एक लाख रुपए वार्षिक से अधिक नहीं होनी चाहिए। वह या उसका पति (यदि हरियाणा में विवाहित है) पिछले 15 वर्षों से राज्य का निवासी होना चाहिए।

बगावत खत्म! गुरुग्राम के 7 पार्षद BJP में शामिल, जिलाध्यक्ष को किया दरकिनार

गुरुग्राम  गुरुग्राम में पूर्व डिप्टी मेयर परमिंद्र कटारिया समेत सात पार्षदों को BJP जॉइन करा राव इंद्रजीत ने विरोधियों को पटकनी दी है। गुरुग्राम में नगर निगम चुनाव में भाजपा से बागी होकर जीतने वाले 7 पार्षदों ने फिर से बीजेपी का दामन थाम लिया है। इनमें से पांच पार्षद केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के कट्‌टर समर्थक माने जाते हैं। चंडीगढ़ में कबीर कुटीर में आयोजित एक कार्यक्रम में हुई वापसी।  इस घटना ने गुरुग्राम नगर निगम की सियासत में नए समीकरण बनाए हैं और राव इंद्रजीत की स्थिति को और मजबूत किया है। वापसी करने वाले पार्षदों में वार्ड 35 से परमिंद्र कटारिया, प्रदीप परम, वार्ड 10 से महावीर यादव, दिनेश दहिया, अवनीश राघव, पार्षद प्रतिनिधि प्रशांत भारद्वाज और गगनदीप किरोड़ के नाम शामिल हैं। इनमें से भाजपा ने परमिंद्र कटारिया, महावीर यादव, दिनेश दहिया, अवनीश राघव और गगनदीप किरोड़ को पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते छह साल के लिए निष्कासित कर रखा था। निष्कासन को दरकिनार कर अब इन्हें वापस पार्टी में शामिल कर लिया गया है। जिलाध्यक्ष को खबर नहीं चौंकाने वाली बात ये है कि जिला अध्यक्ष सर्वप्रिय त्यागी को कानोंकान खबर नहीं चली और रविवार शाम को चंडीगढ़ में ज्वाइन करने के बाद सोमवार सुबह उन्हें इस बारे में पता चला। उन्होंने स्वीकार किया कि मुझे नहीं पता कि कब पार्टी ज्वाइन करने चंडीगढ़ पहुंचे। इस बारे में उनसे कोई चर्चा भी नहीं हुई। यह जिलाध्यक्ष के लिए भी एक बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है। छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित थे परमिंद्र कटारिया पहले डिप्टी मेयर रह चुके हैं, उनकी ज्वाइनिंग को लेकर चर्चा ज्यादा हैं। कटारिया को राव इंद्रजीत भाजपा से टिकट नहीं दिला पाए थे, जिसके चलते उन्होंने बागी होकर निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। निगम चुनाव के वक्त कटारिया को पार्टी ने छह साल के लिए निष्कासित भी कर दिया था। अब राव इंद्रजीत की बढ़ती राजनीतिक ताकत को देखते हुए इन पार्षदों को गुपचुप तरीके से फिर भाजपा की सदस्यता ग्रहण करवाई गई है। सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पद पर कब्जे की रणनीति भाजपा के राजनीतिक सूत्रों के अनुसार यह वापसी गुरुग्राम नगर निगम में सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के पदों पर कब्जा करने की रणनीति का हिस्सा है। इन पदों के लिए लॉबिंग जोरों पर है, और राव इंद्रजीत के खेमे की यह रणनीति उनके प्रभाव को और बढ़ाने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है। अब राव नरबीर खेमा सक्रिय हुआ वहीं सात पार्षदों की भाजपा में ज्वाइनिंग के बाद कैबिनेट मंत्री राव नरबीर खेमा भी सक्रिय हो गया है। इस बीच राव इंद्रजीत की बढ़ती ताकत को देखकर राव नरबीर सिंह का खेमा भी सक्रिय हो गया है। आज एक गुप्त बैठक बुलाई गई है, जिसमें नरबीर खेमा भी अपनी रणनीति तैयार करेगा। ताकि नगर निगम में अपनी स्थिति को मजबूत किया जा सके। यह राजनीतिक उलटफेर गुरुग्राम की सियासत में दोनों खेमों के बीच एक नया टकराव पैदा कर सकता है। कभी पार्टी से दूर नहीं गए: कटारिया इस बारे में जब पूर्व डिप्टी मेयर और निर्दलीय पार्षद परमिंदर कटारिया से बात की गई तो उन्होंने कहा कि वे 32 साल से भाजपा से जुड़े हैं और 80 फीसदी कार्यकर्ताओं में सबसे ज्यादा एक्सपीरियंस हैं। मैंने कभी पार्टी के खिलाफ कुछ नहीं किया। जब मैंने अपने वार्ड के लोगों की भावनाओं का सम्मान किया तो उन्होंने मुझे पूरे हरियाणा में सबसे ज्यादा वोटों से जिताया। उन्होंने कहा कि वे पहले भी पार्टी के साथ थे और आज भी पूरे दिल से पार्टी से जुड़े हुए हैं। वे भाजपा से दूर नहीं गए। यहां से वे 4464 वोटों से जीते हैं, जो कि पूरे प्रदेश में पार्षदों में सबसे ज्यादा अंतर है। जिले में 58 कार्यकर्ता हुए थे निष्कासित नगर निगम गुरुग्राम-वार्ड एक से साहब राम (लीलू सरपंच), इंद्रजीत यादव, वार्ड-2 से रिम्पल यादव, पूर्व मेयर विमल यादव, वार्ड-3 से राकेश यादव, राहुल यादव, वार्ड-7 से संदीप मेहलावत, नवीन दहिया व दिनेश दहिया हैं। वार्ड-8 से दीपक कटारिया, पूर्व पार्षद लखपत कटारिया व पूर्व पार्षद संजय प्रधान, वार्ड-9 से अवनीश राघव खांडसा जिला सचिव, वार्ड-10 से महावीर यादव, वार्ड-11 से अजय नंबरदार, वार्ड-12 से गगनदीप किल्होड़ व रूचि किल्होड़ है। वार्ड-13 से श्रेयस जैन व अश्विनी शर्मा, वार्ड-14 से प्रमोद यादव व सचिन तंवर, वार्ड-15 राकेश यादव फाजिलपुर, प्रवीण लता व नीरज यादव (मंडल उपाध्यक्ष) शामिल हैं। जबकि, वार्ड-17 से प्रेम गैराठी, वार्ड-19 बीनू चाहर महिला मोर्चा, वार्ड-20 से मंगल सिंह ग्वाल पहाड़ी, वार्ड-21 से पूर्व मंडल महामंत्री अशोक डबास, अशोक पहलवान, मीनाक्षी व रिंकू हैं। वार्ड-23 से पूर्व पार्षद रमा रानी राठी, कुनाल यादव, दीपक यादव व पंकज यादव। वार्ड-24 से सज्जन यादव, बरखा शर्मा व दीपक शर्मा। वार्ड-28 से महेश कुमार, वार्ड-32 से पूर्व मंडल अध्यक्ष धर्मेन्द्र बजाज व ज्योत्स्ना बजाज, वार्ड-34 से पूर्व पार्षद योगेन्द्र सारवान, वार्ड-35 से पूर्व डिप्टी मेयर परमिन्द्र कटारिया और वार्ड-36 से भगत कटारिया का नाम शामिल है। मानेसर नगर निगम- वार्ड एक से राघव सैनी, वार्ड-दो से स्नेहलता व नरेन्द्र चौहान, वार्ड-6 से अजित यादव मंडल सचिव व जयपाल यादव जिला कार्यकारिणी, वार्ड-7 से अजित प्रजापति, विक्रम प्रजापति व जसबीर धनकड़, वार्ड-12 से प्रवीण यादव मानेसर आपदा प्रबंधक प्रदेश कार्यकारिणी, वार्ड-15 से हरी सिंह नखडोला एससी मोर्चा पूर्व अध्यक्ष व पिंकी नखडोला, वार्ड-16 प्रवीण नौरंगपुर उपाध्यक्ष मानेसर मंडल और वार्ड-17 दयाराम चेयरमैन एसी मोर्चा जिला उपाध्यक्ष है। पटौदी- जिला कार्यकारिणी सदस्य सुनील दोचानिया का नाम भी निष्कासित कार्यकर्ताओं की सूची में शामिल था।

राष्ट्रीय मंच पर मिला पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को सम्मान

प्रतिष्ठित स्कॉच अवॉर्ड से सम्मानित हुए पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण आयुक्त  सुमन भोपाल  मध्यप्रदेश के पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा किए जा रहे नवाचार एवं उत्कृष्ट कार्यों के अनुक्रम में विभाग को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है। विभाग के द्वारा वक़्फ़ संपत्तियों के सफलतापूर्वक डिजिटलीकरण और अन्य उत्कृष्ट कार्यों के लिए आयुक्त  सौरभ कुमार सुमन को प्रतिष्ठित स्कॉच अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। वक्फ बोर्ड में सुशासन की पहल करने वाला मध्यप्रदेश प्रथम राज्य है। मध्यप्रदेश ने वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन, सत्यापन एवं निगरानी के लिए MP-WAMSI पोर्टल विकसित कर वक्फ संपत्तियों का सफलतापूर्वक डिजिटलीकरण किया है। इस पहल की सराहना भारत सरकार के अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के साथ परामर्शदाता संस्था आईआईटी दिल्ली ने भी की है। केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय द्वारा वक्फ (संशोधन अधिनियम) 2025 के क्रियान्वयन के लिये नियमों की रूपरेखा तैयार करने वाली समिति में आयुक्त, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण आयुक्त  सुमन को सदस्य के रूप में नामित किया है। क्या है WAMSI पोर्टल, जिसके लिए मिला सम्मान WAMSI यानी वक़्फ़ एसेट मैनेजमेंट सिस्टम ऑफ़ इंडिया। वक्फ संपत्तियों के वित्तीय एवं कानूनी डाटा के डिजिटलीकरण के लिये राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) द्वारा विकसित और प्रबंधित एक ऑनलाइन प्रणाली है। इसके माध्यम से वक्फ संपत्तियों से जुड़ी वित्तीय और कानूनी जानकारियों को डिजिटल प्रारूप में एकत्र और सुरक्षित रखा जाता है। यह वक्फ बोर्ड की संपत्तियों के पंजीकरण, GIS मैपिंग तथा लीज़ ट्रैकिंग में सहायक है। इससे वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित होती है।  

शादी का वादा और सहमति से संबंध पर FIR नहीं टिकेगी, हाई कोर्ट ने युवक पर केस किया रद्द

 चडीगढ़  पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अहम आदेश में यह स्पष्ट कर दिया कि दो वयस्कों के बीच सहमति से बने शारीरिक संबंध को केवल इस कारण दुष्कर्म नहीं कहा जा सकता कि अंततः विवाह नहीं हो पाया। अदालत ने हरियाणा के एक युवक के खिलाफ दर्ज दुष्कर्म के मामले में एफआईआर रद्द कर दी। जस्टिस कीर्ति सिंह की एकलपीठ ने स्पष्ट किया कि यदि किसी महिला की सहमति विवाह के झूठे वादे पर ली गई थी यह साबित करना है तो यह दिखाना आवश्यक है कि आरोपी की शुरू से ही शादी करने की कोई मंशा नहीं थी और उसने केवल शारीरिक इच्छाओं की पूर्ति के लिए झूठा वादा किया। मामले में शिकायतकर्ता महिला और युवक की सगाई हो चुकी थी। दोनों लंबे समय तक रिश्ते में रहे और रोका समारोह भी संपन्न हुआ था। यहां तक कि नवंबर 2024 की शादी की तारीख भी तय कर दी गई थी। लेकिन बाद में दोनों परिवारों में मतभेद उभर आए और विवाह नहीं हो सका। इसके बाद युवती ने युवक पर दुष्कर्म का मामला दर्ज करा दिया।  हाईकोर्ट ने कहा कि रिकॉर्ड से स्पष्ट है कि दोनों ही शिक्षित और परिपक्व वयस्क थे और शुरू से ही संबंध सहमति से बने थे। यह भी सामने आया कि विवाह न होने का कारण केवल दोनों परिवारों के बीच उत्पन्न मतभेद थे। अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए दोहराया कि केवल विवाह का वादा पूरा न होने से दुष्कर्म का मामला नहीं बनता, जब तक यह साबित न हो कि आरोपी की नीयत शुरू से ही धोखाधड़ी करने की थी।  कोर्ट ने टिप्पणी की कि यह मामला इस बात का उदाहरण है जब एक सहमति आधारित संबंध, अपेक्षा अनुसार विवाह में परिणत न होने पर आपसी रंजिश का शिकार बन गया और उसे आपराधिक रंग दे दिया गया। ऐसा दुरुपयोग न्यायालयों द्वारा बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। इस आधार पर अदालत ने आरोपी के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द कर दी। 

रंजीत की पार्थिव देह को देखने उमड़ा जनसैलाब, लोगों ने नम आंखों से दी विदाई

जगदलपुर बस्तर जिले के बालेंगा के उपयगुड़ा में रहने वाले रंजीत कश्यप तीन दिन पहले मणिपुर में उग्रवादियों के साथ हुए हमले में बलिदान हो गए थे। सोमवार की सुबह जवान का पार्थिव देह जैसे ही गांव पहुंची, हर किसी के आखों से आंसू आ गए, बड़े, बच्चे से लेकर बुजुर्ग की आंखें नम हो गई। रंजीत के साथ गुजारे समय के साथ ही उसके साथ बैठकर की गई बातों को याद कर भावुक हो जा रहे थे। गांव में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा, इस दौरान बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल के साथ ही वन मंत्री केदार कश्यप भी जवान के घर पहुंचे, जहां रंजीत को नम आंखों से विदाई दी गई। बता दें कि जब से रंजीत के घर में इस बात का पता चला कि उग्रवादियों के साथ हुए हमले में रंजीत कश्यप शहीद हो गए। घर के साथ ही पूरे गांव में मातम छा गया। तीन दिन से परिवार से लेकर दोस्त आदि रंजीत के पार्थिव देह को देखने के लिए दिन-रात मौजूद रहे। सोमवार को जैसे ही जवान का पार्थिव देह जगदलपुर एयरपोर्ट से गृहग्राम बालेंगा पहुंचा। लोगों के द्वारा उसके अंतिम दर्शन करने के लिए जमा हो गए। परिवार के साथ ही पूरे गांव में सब की आंखे नम थी, वहीं जवान रंजीत की तीन बेटियां भी इस बात को समझ नहीं पा रही थी कि आखिर घर में क्या चल रहा है। रंजीत की पत्नी एक बार अपने पति के देह को देखती तो एक बार अपने बच्चो को निहारती, उसे समझ ही नहीं पा रहा है कि अब इन 3 मासूम बच्चियों को कैसे समझाएगी की उनके पिता अब इस दुनिया में दोबारा नहीं आ पाएंगे। वहीं पिता अपने बेटे के शव को देखने के बाद इस चिता में डूब गए कि आखिर उनका एकलौता बेटे के जाने के बाद इन बुजुर्ग का सहारा कौन बनेगा, वहीं मां को अब भी विश्वास नहीं हो रहा है कि जिस रंजीत को पिछले रविवार को हंसी खुशी के साथ ड्यूटी जाने के लिए विदा किया था, वही रंजीत चार दिन के बाद तिरंगे में लिपट कर अपने घर आएगा। जहां रंजीत के आने से परिवार के साथ ही दोस्तों में हंसी ठिठोली देखा जाता था। वहीं रंजीत पूरे गांव को रुलाकर चला गया।

हरियाणा मंत्री अनिल विज का बयान – राहुल गांधी को मानसिक उपचार की जरूरत है

अंबाला हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने अंबाला में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर एक बार फिर हमला बोला है। उन्होंने कहा राहुल गांधी नकारात्मकता से ग्रसित हैं उनको किसी मनोवैज्ञानिक से अपना इलाज करवाना चाहिए। आज पूरा विश्व भारत से मिलाना चाहता है हाथ: विज मंत्री अनिल विज ने कहा आज पूरा विश्व भारत से हाथ मिलाना चाहता है। साल 2011 में हमारी अर्थव्यवस्था 11वें स्थान पर थी लेकिन आज हमारी अर्थव्यवस्था तीसरे स्थान पर पहुंच गई है। पीएम नरेंद्र मोदी ने देश को आत्मविश्वास दिया है। आज भारतीयों की सारे विश्व में कदर होती है।  राहुल गांधी ने मोदी को बताया था कमजोर प्रधानमंत्री  अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के एच-1बी वीजा शुल्क बढ़ाने के फैसले को लेकर राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर निशाना साधा था उन्होंने X पर पोस्ट कर लिखा भारत के पास कमजोर प्रधानमंत्री है। राहुल गांधी ने अपना 2017 का पोस्ट भी शेयर किया, उस वक्त भी उन्होंने मोदी पर आरोप लगाया था कि पीएम ने एच-1बी वीजा पर अमेरिका से बात नहीं की थी। इसी को लेकर मंत्री अनिल विज ने राहुल गांधी पर निशाना साधा है।  एच-1बी वीजा की अमेरिका ने बढ़ाई फीस  बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बीते शुक्रवार को एच-1बी वीजा को लेकर बड़ा आदेश जारी किया। ट्रंप ने  H1-B वीजा की सालाना फीस को लेकर एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए। इस नए आदेश के मुताबिक, एच-1बी वीजा की फीस को एक लाख डॉलर (करीब 88 लाख रुपये) कर दिया गया है। ट्रंप के इस फैसले को अमेरिका में काम करने वाले भारतीय पेशेवरों पर बड़ा असर पड़ सकता है। बता दें कि एच-1बी वीजा पर बड़ी संख्या में भारतीय अमेरिका में कार्यरत हैं।