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दो नए सुरक्षा कैंप की स्थापना, ग्रामीण विकास और सुरक्षा दोनों को बढ़ावा देंगे सुकमा के नए कैंप

सुकमा सरकार ने मार्च 2026 तक नक्लसवाद खत्म करने का लक्ष्य रखा है. नक्सल उन्मूलन अभियान में तेजी लाने और ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ दिलाने बस्तर में नए सुरक्षा कैंप खोले जा रहे हैं. सुकमा जिले के अति नक्सल प्रभावित क्षेत्र ग्राम “पालागुड़ा एवं गुंडराजगुडेम’ ’में भी पुलिस प्रशासन ने दो नए सुरक्षा कैंप स्थापित किया है. छत्तीसगढ़़ शासन के ‘‘नियद नेल्ला नार’’ योजना से क्षेत्र के ग्रामीणों को लाभान्वित करने उद्देश्य से यह कैंप खोला गया है. बता दें कि 2024 से अब तक सुकमा जिले में सुरक्षा बलों ने कुल 18 नए कैंपों की स्थापना की है. भारी मानसून के दौरान एवं कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद सुरक्षा बलों ने सभी चुनौतियों का डटकर सामना करते हुए माओवादियों के कोर जोन क्षेत्र में लगातार एक साथ दोनों ग्रामों में कैंप स्थापित किया है. इससे सिलेगर – एल्मागुंडा एक्सिस सीधा कनेक्ट होगा. सुरक्षा कैंप की स्थापना से क्षेत्र में सुरक्षा वातावरण सुदृढ़ होगा. ग्रामीणों को विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं से सीधे लाभान्वित होने का अवसर प्राप्त होगा. यह कदम माओवादियों के विरुद्ध एक बड़ी रणनीतिक सफलता है. नए सुरक्षा कैम्पों की स्थापना होने से नक्सल उन्मूलन में तेजी आई है, जिसके फलस्वरूप वर्ष 2024 से अब तक नक्सल विचारधारा को त्यागकर 518 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है. वहीं सुरक्षा बलों ने विभिन्न अभियानों में 64 माओवादियों को मार गिराए हैं व 451 माओवादियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है. जिला सुकमा के सुदूर अंचल क्षेत्रों में नक्सल उन्मूलन अभियान एवं विकासात्मक कार्यो में तेजी लाने सुन्दरराज पी. पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज, कमलोचन कश्यप पुलिस उप महानिरीक्षक रेंज दंतेवाड़ा, आनंद सिंह राजपुरोहित उप महानिरीक्षक (परि.) सीआरपीएफ रेंज सुकमा के मार्गदर्शन एवं किरण चव्हाण पुलिस अधीक्षक जिला सुकमा, राकेश चंद्र शुक्ला कमांडेंट 150 वाहिनी सीआरपीएफ, कमलेश कुमार कमांडेंट 02 वाहिनी सीआरपीएफ, अमित चौधरी कमांडेंट 201 कोबरा, पवन कुमार सिंह कमांडेंट 203 कोबरा, रोहित शाह अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुकमा के निर्देशन एवं पर्यवेक्षण में छत्तीसगढ़ शासन से संचालित ‘‘नियद नेल्ला नार’’ योजना के तहत दो सुरक्षा कैंप स्थापित किया गया हैं. नए कैम्प स्थापित होने से क्षेत्र में माओवादियों के अंतरजिला गतिविधियों पर अंकुश लगेगा व नक्सल विरोधी अभियान संचालन में तेजी आएगी. आपपास क्षेत्रों में निवासरत ग्रामीणों को विकासात्मक कार्य एवं मूलभूत सुविधायें जैसे सड़क, पुल/पुलिया निर्माण, बिजली, पानी, स्वास्थ्य सुविधा, पीडीएस दुकाने, अच्छी शिक्षा, मोबाईल कनेक्टिविटी का विस्तार आदि की सुविधाएं मिल पाएगी. नवीन सुरक्षा कैम्प स्थापित होने से क्षेत्र के आम-जन उत्साहित है. बता दें कि वर्ष 2024 से अब तक जिला सुकमा में ‘‘नियद नेल्ला नार’’ योजना अंतर्गत कुल 18 नवीन सुरक्षा कैम्प टेकलगुड़ेम, पुवर्ती, मुकराजकोण्डा, दुलेड़, पुलनपाड़, लखापाल, तुमालपाड़, रायगुडे़म, गोलाकोण्डा, गोमगुड़ा, मेटागुड़ेम , उसकावाया नुलकातोंग, तुमालभट्टी वीरागंगलेर, मैता ,पालागुड़ा, गुंडाराजगुंडेम में स्थापित की गई है.

ग्वालियर में DM का पार्षद पतियों पर सख्त रुख, नवरात्र के पहले दिन फूटा गुस्सा

ग्वालियर   नवरात्रि के पावन पर्व पर जहां पूरे देश में महिलाशक्ति की पूजा-अर्चना हो रही है, वहीं ग्वालियर में ऐसी घटना घटी जिसने प्रशासनिक हलके में हलचल मचा दी. कलेक्टर रूचिका सिंह चौहान ने शहर की समस्याओं पर चर्चा के लिए पार्षदों की बैठक बुलाई थी, लेकिन चार महिला पार्षदों की जगह उनके पति पहुंच गए. इससे खफा कलेक्टर ने पार्षद पतियों को खरी-खोटी सुनाई और कुर्सी से उठाकर पीछे बिठा दिया. साफ शब्दों में कहा, “अब महिलाएं सबल हैं, पत्नियों को ही काम करने दीजिए.” बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई थी, जहां शहर की जल आपूर्ति, स्वच्छता, सड़क मरम्मत और अन्य मुद्दों पर विचार-विमर्श होना था. कलेक्टर ने महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा, नवरात्रि का समय महिलाओं की शक्ति का प्रतीक है. यदि चुनी हुई महिला प्रतिनिधि अपनी जिम्मेदारी निभाने के बजाय पतियों पर छोड़ देंगी, तो लोकतंत्र का मजाक बनेगा. एक पार्षद पति ने सफाई दी कि पत्नी व्यस्त थीं, लेकिन कलेक्टर चेतावनी दी भविष्य में ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. कलेक्टर का प्रेरणादायक कदम यह घटना ग्वालियर में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी पर बहस छेड़ने वाली है. स्थानीय पार्षदों का कहना है कि ग्रामीण स्तर पर भी सरपंच पतियों का दखल आम है, लेकिन शहरी क्षेत्रों में इसे रोकना जरूरी है. कलेक्टर चौहान ने बैठक के अंत में सभी महिला पार्षदों को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया. इस कदम की सोशल मीडिया पर तारीफ हो रही है, जहां यूजर्स इसे महिलाओं के लिए प्रेरणादायक बता रहे हैं.

नवरात्र के पहले दिन बिहार में बरसेंगे बादल, जानें कहाँ-कहाँ होगी बारिश

पटना आज शारदीय नवरात्र का पहला दिन है। मौसम विभाग ने पटना समेत बिहार के सभी जिलों में एक या दो स्थानों पर बारिश के आसार जताए हैं। हालांकि, इस दौरान किसी भी तरह की चेतावनी जारी नहीं की गई है। मौसम विभाग सोमवार को पटना, नालंदा, जहानाबाद, गया, नवादा, शेखपुरा, लखीसराय, जमुई, बेगूसराय, खगड़िया, भागलपुर, बांका, मुंगेर, सुपौल, अररिया, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, मधेपुरा, सहरसा में बारिश की संभावना है। कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के आसार मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, राज्य में 27 सितंबर तक दिनों तक कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की स्थिति बनने लगी है, जिससे प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम परिवर्तनशील रहेगा। मौसम वैज्ञानिक के अनुसार, मानसून की ट्रफ रेखा वर्तमान में हिमालय की तराई की ओर खिसक रही है। उत्तर बिहार और आसपास के क्षेत्रों में नमी युक्त पुरवा हवाएं चल रही हैं, जिससे वर्षा की स्थितियां बनी हुई हैं। बंगाल की खाड़ी से नमी लगातार प्रदेश में प्रवेश कर रही है, जिससे बादल बन रहे हैं। जानिए, कहां कैसा रहेगा मौसम मौसम विभाग ने कहा 25 से 27 सितम्बर के बीच कई जिलों में कुछ स्थानों पर मध्यम वर्षा, विशेषकर उत्तर-पूर्व और दक्षिणी बिहार में बारिश के असार हैं। वहीं 24, 25, 26, 27 सितम्बर को दक्षिण-मध्य, पूर्वी, उत्तर-पूर्वी और दक्षिणी बिहार के हिस्सों में गरज-चमक और तेज हवाएं (30-40 किमी/घंटा) चल सकती हैं। 25, 26 और 27 सितम्बर को अररिया, पूर्णिया, किशनगंज, कटिहार, भागलपुर, जमुई और बांका में कहीं-कहीं भारी वर्षा की संभावना है। मौसम विभाग ने कहा कि अगले दो से तीन दिनों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस तक गिरावट हो सकती है। वहीं अधिकतम तापमान 30-36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 24-28 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है।

मध्यप्रदेश में मुआवजे की प्रक्रिया होगी आसान, क्रेडस डैशबोर्ड से मिलेगी बेहतर सुविधा

भोपाल   सड़क दुर्घटनाओं के पीडि़तों को मुआवजे में होने वाली परेशानियों को दूर करने के लिए मप्र का 'क्लेमेन्ट रीइम्बर्समेंट एंड डिपॉजिट सिस्टम (क्रेडस) डैशबोर्ड लॉन्च कर दिया गया। यह देश का पहला डैशबोर्ड है। सुप्रीम कोर्ट के न्यायधीश व कार्यकारी अध्यक्ष, राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) जस्टिस सूर्यकांत ने सुप्रीम कोर्ट में इस पोर्टल का शुभारंभ किया। इसे मप्र न्यायपालिका के लिए विकसित किया है। अन्य राज्यों के लिए मॉडल बनेगा मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण के लिए बना यह डैशबोर्ड अन्य राज्यों के लिए मॉडल बनेगा। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, पोर्टल न्याय को तेज व नागरिकों के लिए सुलभ बनाने की दिशा में सार्थक कदम है। स्वत: संज्ञान याचिका में सुप्रीम कोर्ट ने दिए थे निर्देश यह पहल सुप्रीम कोर्ट के स्वत: संज्ञान याचिका के आदेश 22 अप्रैल 25 के अनुपालन में एमपीहाईकोर्ट ने की। इसमें मोटर वाहन अधिनियम, 1988, कर्मचारी क्षतिपूर्ति अधिनियम, 1923 के तहत मुआवजा राशि व विवरण अपलोड किए जाएंगे। पोर्टल पर मिलेगी ऐसी सुविधाएं -बीमा कंपनियों या जिम्मेदार पक्षों से ऑनलाइन मुआवजा जमा। – दावा करने वालों के बैंक खातों में सीधे धनराशि हस्तांतरण। – डैशबोर्ड पर वास्तविक समय में राशि-प्रकरण की स्थिति की जानकारी।

सीएम आवास पर मां दुर्गा की आराधना, मुख्यमंत्री ने पौधरोपण कर समृद्धि की कामना की

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को शारदीय नवरात्र स्थापना के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास स्थित मां राज राजेश्वरी मंदिर में सपत्नीक विधिवत पूजा-अर्चना की। उन्होंने मां दुर्गा से प्रदेशवासियों के स्वस्थ, सुखी एवं समृद्ध जीवन की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री निवास के अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे। पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री शर्मा ने मुख्यमंत्री निवास परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत आम का पौधा रोपित किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण मानव जीवन को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पेड़ लगाने से प्रदूषण में कमी आती है और जैव विविधता को बढ़ावा मिलता है। इसलिए हर व्यक्ति को पौधारोपण के लिए आगे आना चाहिए। शर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में सेवा पखवाड़े के दौरान इस अभियान को विशेष रूप से संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री से प्रेरणा लेकर प्रदेश सरकार ने हरियालो राजस्थान मिशन शुरू किया है, जिसके अंतर्गत अगले पांच वर्षों में 50 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। गत वर्ष इस अभियान में साढ़े सात करोड़ पौधे लगाए गए थे, वहीं इस वर्ष अब तक लगभग साढ़े 11 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश को हरा-भरा और खुशहाल बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। सेवा पखवाड़े के अंतर्गत प्रदेशभर में ग्रामीण सेवा शिविर और शहरी सेवा शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जहां आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। साथ ही अंतिम छोर तक बैठे व्यक्ति को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने का कार्य भी किया जा रहा है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्वच्छता, नशामुक्ति और वृक्षारोपण जैसे सामाजिक अभियानों में जनसहभागिता की अपील भी की। उन्होंने कहा कि यदि आमजन सक्रिय भागीदारी निभाएंगे तो राजस्थान को हरित, स्वच्छ और समृद्ध प्रदेश बनाने का लक्ष्य शीघ्र ही साकार होगा।

नौ सिरों वाली माता: आस्था का अनोखा स्वरूप

अजमेर देशभर में शारदीय नवरात्रि की शुरुआत के साथ ही देवी मंदिरों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। देशभर में स्थित माता के असंख्य धामों में हर जगह भक्त शक्ति की आराधना कर रहे हैं। इसी बीच अजमेर की नाग पहाड़ी के बीच स्थित नोसर माता मंदिर अपनी अनूठी विशेषता के कारण चर्चा में है। यहां मां दुर्गा एक शरीर में नौ मुखों के साथ विराजमान हैं। सदियों पुराने इस मंदिर को लोग नवदुर्गा धाम भी कहते हैं और मान्यता है कि यहां मां स्वयं ब्रह्मा के आह्वान पर प्रकट हुई थीं। पद्म पुराण में मिलता है उल्लेख पद्म पुराण में इस मंदिर का विस्तार से उल्लेख है। कहा जाता है कि सृष्टि यज्ञ की नकारात्मक शक्तियों से रक्षा के लिए जगतपिता ब्रह्मा ने नवदुर्गा का आह्वान किया। तब देवी अपने नौ स्वरूपों के साथ पुष्कर की नाग पहाड़ी पर विराजमान हुईं। आज भी इस मंदिर को ब्रह्मा की नगरी पुष्कर की रक्षा करने वाली देवी का धाम माना जाता है। नवदुर्गा का अनूठा स्वरूप मंदिर के गर्भगृह में देवी की प्रतिमा एक शरीर पर नौ सिरों के साथ विद्यमान है। यह दृश्य किसी और मंदिर में नहीं देखने को मिलता। वर्तमान पीठाधीश्वर रामाकृष्ण देव के अनुसार माता का यह स्वरूप विश्व में अद्वितीय है। खास बात यह है कि प्रतिमा पाषाण की नहीं बल्कि मिट्टी की बनी हुई है और सदियां गुजरने के बावजूद अक्षुण्ण है। वनवास काल में पांडवों की आराधना द्वापर युग से भी इस मंदिर का जुड़ाव है। मान्यता है कि वनवास काल में पांडवों ने कुछ समय तक यहीं नव शक्तियों की आराधना की थी। इसके बाद उन्होंने नाग पहाड़ी की तलहटी में पंचकुंड का निर्माण कराया, जो आज भी पांच पांडवों के कुंड के नाम से विख्यात है। चौहान राजाओं की आस्था इतिहास गवाह है कि सम्राट पृथ्वीराज चौहान ने मोहम्मद गौरी से युद्ध से पहले यहीं माता की आराधना की थी। राजकवि चंदबरदाई के साथ माता के दरबार में विजयश्री की प्रार्थना की गई थी। माना जाता है कि चौहान वंश के अन्य शासक भी यहां नियमित रूप से आराधना करने आते थे। औरंगजेब ने की थी मंदिर गिराने की कोशिश मुगल काल में औरंगजेब ने मंदिर को ध्वस्त करने की कोशिश की थी। सेना ने मंदिर का कुछ हिस्सा तोड़ भी दिया, लेकिन देवी की नौ सिरों वाली प्रतिमा को कोई नुकसान नहीं पहुंचा सका। यह चमत्कार आज भी लोगों की आस्था को और मजबूत करता है। बाद में मराठा शासनकाल में मंदिर का पुनर्निर्माण हुआ। 131 साल पहले हुआ जीर्णोद्धार करीब 131 वर्ष पूर्व संत बुधकरण महाराज ने मंदिर का जीर्णोद्धार करवाया। कहते हैं कि उस समय पानी की कमी के कारण काम कठिन था। तब माता ने उन्हें स्वप्न में दर्शन देकर बताया कि मंदिर के नीचे एक विशाल पत्थर है, जिसे हटाने पर जल का स्रोत मिलेगा। जब पत्थर हटाया गया तो वहां एक कुंड प्रकट हुआ, जिसका जल आज तक कभी सूखा नहीं। नोसर माता कई जातियों की कुलदेवी हैं। माहेश्वरी समाज के कई गोत्र, गुर्जर, कुम्हार, तेली, धोबी, ब्राह्मण और मीणा जातियों के अनगिनत परिवार इस धाम को अपनी कुलदेवी मानते हैं। देश के कोने-कोने से श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। नवरात्रि में लगता है आस्था का मेला शारदीय नवरात्रि के दौरान यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। खासकर अष्टमी और नवमी पर विशेष आयोजन, हवन, भंडारा और देवी जागरण का आयोजन होता है। मान्यता है कि माता के दरबार में सच्चे मन से की गई हर प्रार्थना पूरी होती है। आस्था और इतिहास का अद्भुत संगम नोसर माता मंदिर सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि आस्था, इतिहास और अद्भुत चमत्कार का जीवंत प्रमाण है। नौ सिरों वाली देवी की प्रतिमा विश्वभर में दुर्लभ है और अजमेर की यह धरोहर हिंदू धर्म की शक्ति उपासना का अनूठा प्रतीक मानी जाती है। यहां आने वाले हर श्रद्धालु का विश्वास है कि माता उनके जीवन से संकट हर लेती हैं और सुख-समृद्धि प्रदान करती हैं।  

आज से VIP रोड पर नया ट्रैफिक नियम, उल्लंघन पर कटेगा ₹5000 का चालान

रायपुर  छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आज से ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के साथ-साथ सड़क हादसों को रोकने के लिए प्रशासन ने नई पहल शुरू की है। नवरात्र के पहले दिन से वीआईपी चौक से एयरपोर्ट तक की सड़क को आज से वन वे कर दिया गया है। करीब 9 किलोमीटर लंबी सेंट्रल रोड के वन-वे होने से लोगों को जाम से राहत मिलेगी इसके साथ ही हादसों पर भी रोक लगेगी। जानकारी के अनुसार, अब इस मार्ग से केवल एयरपोर्ट और नवा रायपुर की तरफ जाने जा सकेंगे। वहीं, इस रोड से शहर की तरफ वापस लौटने की अनुमति नहीं होगी। जिन लोगों को एयरपोर्ट से वीआईपी चौक वापस आना है उन लोगों को सर्विस रोड का उपयोग करना होगा। यह नया ट्रैफिक नियम सोमवार से लागू हो गया है। ट्रैफिक पुलिस ने कहा कि लोगों को मुश्किल नहीं हो इसलिए नई व्यवस्था की जानकारी देने के लिए कुछ दिन तक समझाइश दी जाएगी उसके बाद कार्रवाई होगी। जिला सडक़ सुरक्षा समिति की बैठक में हुआ निर्णय 10 सितंबर को जिला सडक़ सुरक्षा समिति की बैठक में वीआईपी रोड को वनवे घोषित करने तथा अन्य वाहनों के आवागमन को प्रतिबंधित करने का निर्णय लिया गया था। इसके बाद  नगर निगम, परिवहन व यातायात पुलिस की टीम ने वीआईपी रोड का निरीक्षण किया। एयरपोर्ट तक जल्दी पहुंचने के लिए इसका उपयोग लोग करेंगे। शहर की ओर के लिए सर्विस रोड माना एयरपोर्ट, ग्राम फुंडहर, टेमरी व माना पीटीएस की ओर से शहर आने वाले लोग सर्विस रोड का उपयोग कर आवागमन कर सकेंगे। श्रीराम मंदिर टर्निंग से विमानतल के अलावा अन्य गंतव्य को जाने वाले सर्विस रोड से चलेंगे। सीसीटीवी से निगरानी माना विमानतल प्रवेश मार्ग, माना पीटीएस चौक, ग्राम टेमरी ,ग्राम फुंडहर चौक, मौलश्री विहार से मध्य मार्ग में प्रवेश को रोकने के लिए इन स्थानों पर मध्य मार्ग में रांग वे डिटेक्शन कैमरे लगाए गए हैं। इसके जरिए ई-चालान की कार्रवाई की जाएगी। वीआईपी रोड के मध्य मार्ग को वन-वे दर्शाने और वापस आने वालों को मध्य मार्ग में प्रवेश न करने की जानकारी देते हुए आवश्यक स्थानों पर संकेतक बोर्ड लगाए जाएंगे। वन-वे का उल्लंघन करने पर मोटरयान अधिनियम की धाराओं में कार्रवाई की जाएगी। 2500 रु. जुर्माना लगेगा। तीन मार्ग हैं वीआईपी रोड में माना विमानतल जाने वाले वीआईपी मार्ग में श्रीराम मंदिर के सामने से नवा रायपुर और विमानतल प्रवेश मार्ग तक 3 मार्ग हैं। एक मध्य मार्ग और दोनों ओर एक-एक सर्विस रोड है। माना विमानतल जाने वालों के लिए मध्य मार्ग तथा रोड के दोनों ओर होटल, मैरिज पैलेस व अन्य संस्थानों में आवागमन करने वालों के लिए सर्विस रोड दिया गया है। माना विमानतल, होटल, मैरिज पैलेस व अन्य संस्थानों, गांवों से शहर की ओर आने-जाने वाले मध्य मार्ग का ही उपयोग करते हैं, जिससे मध्य मार्ग में ट्रैफिक दबाव बढ़ गया है। ओवरटेक और रफ्तार के चलते सडक़ दुर्घटनाएं बढ़ी हैं। 7 साल पहले वन-वे के कॉन्सेप्ट पर बना था एयरपोर्ट रोड वीआईपी तिराहा से माना एयरपोर्ट तक सड़क पहले सिंगल लेन थी। एक ही सड़क पर वाहन दोनों ओर से आते-जाते थे। रमन सरकार ने इस सड़क को चौड़ा करने का फैसला किया, लेकिन शर्त थी कि सड़क किनारे लगे पेड़ों को नहीं काटा जाएगा। तब बिना पेड़ काटे चौड़ीकरण की योजना बनाई गई। इसमें तीन सड़कें बनीं। बीच में 10 मीटर चौड़ी मुख्य सड़क और दोनों ओर 7-7 मीटर की सर्विस रोड। प्लानिंग के समय ही तय किया गया था कि सेंट्रल रोड को वन-वे रखा जाएगा, ताकि लोग जल्दी एयरपोर्ट पहुंच सकें। सर्विस रोड पर पार्किंग बैन किया गया और कारोबारियों को ड्रेनेज पार अपनी पार्किंग बनाने की शर्त रखी गई। फुंडहर, टेकरी चौक, पीटीएस चौक पर अंडरपास बनाने का प्रस्ताव था, जो अब तक पूरा नहीं हुआ। डिवाइडर को कहीं भी खुला नहीं रखने का भी निर्णय लिया गया था। 16 लोगों की हो चुकी है मौत, 59 घायल वर्तमान में वीआईपी रोड के बीच वाले हिस्से में ही दोनों ओर से वाहनों का आना-जाना होता था। वाहनों की रफ्तार अधिक होती थी। इसके चलते सडक़ दुर्घटनाओं की संख्या तेजी से बढ़ी है। पिछले 20 माह में इस मार्ग पर 55 सडक़ हादसे हो चुके हैं। माना और तेलीबांधा थाने में दर्ज मामलों के अनुसार इन सडक़ हादसों में 16 लोगों की मौत हो चुकी है। 59 लोग घायल भी हो चुके हैं। पुलिस की अपील एसएसपी डॉक्टर लाल ने वीआईपी मार्ग का उपयोग करने वाले नागरिकों से अपील की है कि वे माना एयरपोर्ट जाने के लिए ही बीच सडक़ का उपयोग करें। शहर की ओर वापसी के लिए सर्विस रोड का इस्तेमाल करें। बीच वाले सडक़ से शहर की ओर आने पर पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। कृपया सर्विस रोड से ही वापसी करें। जुर्माने का भी प्रावधान ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, समझाश देने के बाद भी अगर कोई गाड़ी चालक नियमों को अनदेखा करता है तो उसके ऊपर जुर्माना लगाया जाएगा। यदि कोई वाहन चालक मुख्य सड़क से शहर की तरफ आता है तो उसे 2,000 से लेकर 5,000 रुपये तक का जुर्माना देना होगा। लगाए गए हैं साइन बोर्ड नए नियम के बारे में जानकारी देते हुए ट्रैफिक पुलिस ने बताया कि वीआईपी रोड पर एयरपोर्ट और नवा रायपुर की तरफ जाने के लिए साइन बोर्ड लगा दिए गए हैं जिससे लोगों को परेशानी नहीं हो। लोगों से अपील की गई है कि शहर की तरफ लौटते समय मेन रोड की जगह सर्विस रोड का उपयोग करें। लोगों को इसके बारे में जानकारी देने के लिए निर्धारित स्थानों पर अतिरिक्त ट्रैफिक स्टाफ तैनात करने की योजना भी बनाई गई है। पार्किंग को किया गया बैन सर्विस रोड पर पार्किंग बैन किया गया है। बता दें कि हाल ही में इस सड़क पर कई हादसे हुए थे। भारी ट्रैफिक के कारण लोग रॉग साइड में भी गाड़ी चलाते हुए पकड़े गए थे। जिस कारण से लंबा जाम लगता था। अब लोगों की सुरक्षा और जाम से निजात दिलाने के लिए यह फैसला किया गया है।

जैकलीन को SC से बड़ा झटका, याचिका नहीं हुई मंज़ूर

  नई दिल्ली बॉलीवुड एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडिस की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका पर विचार करने से साफ इनकार कर दिया जिसमें उन्होंने 200 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग केस में दर्ज प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट यानी ईसीआईआर को रद्द करने की मांग की थी। यह मामला कथित ठग सुकैश चंद्रशेखर से जुड़ा है, जो पहले ही कई धोखाधड़ी के मामलों में जेल में बंद है। सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी जस्टिस दिपांकर दत्ता और जस्टिस ऑगस्टिन जॉर्ज मसीह की बेंच ने जैकलीन फर्नांडिस की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी की दलीलें सुनने के बाद कहा कि 'हम इस स्तर पर हस्तक्षेप नहीं करेंगे।' इसके साथ ही अदालत ने साफ कर दिया कि 3 जुलाई को दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा दिए गए आदेश को ही बरकरार रखा जाएगा। इसमें जैकलीन की ईसीआईआर रद्द करने की याचिका को खारिज कर दिया गया था। मामला क्या है? यह पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब दिल्ली पुलिस ने सुकैश चंद्रशेखर के खिलाफ मामला दर्ज किया। उन पर आरोप है कि उन्होंने फार्मा कंपनी रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटर्स शिविंदर सिंह और मलविंदर सिंह की पत्नियों से 200 करोड़ रुपये की ठगी की। इसी आधार पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की और एक ईसीआईआर दर्ज किया। जांच में जैकलीन फर्नांडिस का नाम भी सामने आया। ईडी का आरोप है कि सुकैश ने जैकलीन फर्नांडिस को महंगे तोहफे दिए और उनके संपर्क में रहे। इसी कारण एक्ट्रेस को इस केस में आरोपी बनाया गया। जैकलीन कई बार ईडी के दफ्तर में पूछताछ के लिए पेश भी हो चुकी हैं। याचिका क्यों दाखिल की गई थी? जैकलीन की ओर से दाखिल याचिका में यह दलील दी गई थी कि ईडी द्वारा दर्ज किया गया ईसीआईआर कानूनन टिकाऊ नहीं है और इसमें उन्हें बेवजह फंसाया गया है। उनका कहना था कि उनके खिलाफ दर्ज मामला कमजोर है और इसे खारिज किया जाना चाहिए। हालांकि, दिल्ली हाईकोर्ट ने जुलाई में उनकी याचिका को ठुकरा दिया था। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। अब आगे का रास्ता क्या? सुप्रीम कोर्ट से राहत न मिलने के बाद जैकलीन फर्नांडिस की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। अब उन्हें ट्रायल का सामना करना होगा और ईडी द्वारा जुटाए गए सबूतों के आधार पर उनके खिलाफ कार्रवाई आगे बढ़ेगी। हालांकि, कानूनी जानकारों का कहना है कि अभी भी जैकलीन फर्नांडिस के पास आगे अपील और जमानत जैसे विकल्प खुले हैं।

वंदे भारत एक्सप्रेस में बदलाव, यात्रियों की मांग पर रेलवे ने फिर लिया बड़ा फैसला

बिलासपुर बिलासपुर-नागपुर वंदे भारत एक्सप्रेस (Bilaspur-Nagpur Vande Bharata Express) समेत सभी वंदे भारत ट्रेन में अब यात्रियों को फिर से रेलनीर का एक लीटर बाटल पानी मिलेगा। अभी आधा लीटर रेलनीर देने का प्राविधान था। इसमें संशोधन करते हुए नई व्यवस्था लागू की जा रही है। हालांकि शुरुआत में एक लीटर ही रेलनीर दिया जा रहा था। जिसे बाद में कम कर आधा लीटर किया गया। पानी की बर्बादी रोकने के लिए ऐसा किया गया था। वंदे भारत ट्रेन में सुविधाएं वंदे भारत ट्रेन कितनी खास है, यह किसी को बताने की आवश्यकता नहीं है। यात्रियों के सफर से लेकर उनकी सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाता है। ट्रेन में नाश्ता व भोजन दोनों का प्राविधान है। इसके लिए टिकट बनाते समय जानकारी भरनी होती है। यदि कोई नाश्ता या भोजन नहीं चाहता तो उन्हें नहीं दिया जाता। लेकिन, दो ऐसी सुविधाएं हैं, जो अनिवार्य है। इनमें अखबार और दूसरा पानी बाटल है। यह सुविधा टिकट में ही जुड़ी रहती है। पानी की हो रही थी बर्बादी हालांकि कुछ महीने पहले यह देखा गया कि यात्री इस बाटल के पानी को खाली नहीं कर पाते थे और पानी की बर्बादी हो रही थी। लेकिन अब यात्रियों के बीच से दोबारा पानी की डिमांड बढ़ी है। जिसे देखते हुए एक लीटर पानी देने का निर्देश रेलवे बोर्ड ने दिया है। इसके साथ ही खाली बाटल को नियमानुसार नष्ट करने के लिए भी कहा है, ताकि प्लाष्टिक की वजह से पर्यावरण को किसी तरह नुकसान न हो।

रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं के लिए अवसर, 23-24 सितंबर को करें पंजीयन

जगदलपुर राज्य शासन ने प्रदेश के बेरोजगार युवाओं के लिए एक बेहद खास पहल की है। इसके तहत बेरोजगारों के लिए 9 और 10 अक्टूबर को राजधानी रायपुर में राज्य स्तरीय रोजगार मेले का आयोजन किया जा रहा है। इस मेले में राज्य में काम कर रहीं 114 कंपनियां युवाओं को 8 से 10 हजार जॉब देगीं। इस रोजगार मेले के लिए रोजगार विभाग की वेबसाइट पर पंजीयन जारी हैं। इस बीच औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था बस्तर में रोजगार पंजीयन शिविर का आयोजन 23 एवं 24 सितंबर 2025 को प्रातः 10 बजे सायं 05 बजे तक किया जाएगा, जो भी आईटीआई उत्तीर्ण प्रशिक्षणार्थी पंजीयन नहीं करवाएं हैं। इस संस्था के प्राचार्य श्री एके मंडले द्वारा उक्त रोजगार मेला में शामिल होने के इच्छुक अभ्यर्थियों को अपना शैक्षणिक दस्तावेज, आधार कार्ड के साथ उक्त नियत तिथि पर उपस्थित होकर अपना पंजीयन करवाने का आग्रह किया गया है।