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छत्तीसगढ़ सरकार की बड़ी पहल, रायपुर की दो सिंचाई योजनाओं के लिए 8.48 करोड़ मंजूर

रायपुर छत्तीसगढ़ शासन जल संसाधन विभाग द्वारा बेमेतरा जिले की दो सिंचाई योजनाओं के कार्यों में 8 करोड 48 लाख 10 हजार रुपये स्वीकृत किये गये है। स्वीकृत कार्यो में विकासखण्ड-बेरला की बांरगांव नाला व्यपवर्तन शीर्ष एवं नहर के जीर्णोद्धार और लाईनिंग कार्य के लिए 4 करोड़ 23 लाख 84 हजार स्वीकृत किये गये है। योजना के कार्यों को पूर्ण होने पर रूपांकित सिंचाई क्षमता 200 हेक्टेयर विरूद्ध 200 हेक्टेयर की हो रही कमी की पूर्ति सहित पूर्ण रूपांकित क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। बेरला-विकासखण्ड में ही बेरला के हस्दा नाला में उफरा(उभरा) स्टाप डेम कम रपटा निर्माण कार्य हेतु 4 करोड़ 24 लाख 26 हजार रुपयें स्वीकृत किये गये है। योजना से निस्तारी भू-जल संवर्धन, पेयजल आवा-गमन एवं किसानों द्वारा स्वयं के साधन से 46 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा प्रस्तावित है।  जल संसाधन विभाग मंत्रालय महानदी भवन से सिंचाई योजनाओं के कार्यों को पूर्ण कराने मुख्य अभियंता महानदी गोदावरी कछार जल संसाधन विभाग रायपुर को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।

कवर्धा में दुर्गा पंडाल को लेकर विवाद, गृहमंत्री शर्मा बोले – परंपरा के अनुसार ही होगी स्थापना

कवर्धा छत्तीसगढ़ के कवर्धा में बीते दिन दुर्गा माता पंडाल को लेकर दो समुदाय के बीच जमकर विवाद हुआ. इस मामले में गृह मंत्री विजय शर्मा मीडिया से बातचीत में कहा कि प्रशासन ने दोनों पक्षों से बैठकर बातचीत की है. कुछ लोगों द्वारा व्यवस्था तोड़कर पंडाल को हटाने की कोशिश की गई थी, लेकिन शासन ने निर्णय लिया है कि माता वही विराजेंगी, जहां पहले विराजती थीं. यह स्थल पिछले कई वर्षों से माता के पूजन का केंद्र रहा है. जानिए क्या है पूरा विवाद दरअसल, कामठी गांव के जब शिव मंदिर परिसर में दुर्गा माता की मूर्ति स्थापना को लेकर हिंदू समाज और गोंडवाना समाज के बीच कई बार विवाद खड़ा हो चुका है. इस साल भी पंडाल लगाने को लेकर दोनों समुदायों के बीच हिंसक झड़प हो गई. गोंडवाना पार्टी के समर्थकों ने पंडाल उखाड़कर फेंक दिया और मंदिर की बाउंड्रीवाल पर ताला जड़ दिया, जिसके बाद दुर्गा समिति के लोग विरोध में जुटे, और पुलिस के साथ झूमाझटकी हो गई, जिसमें कई लोग घायल हो गए. विवाद की जड़ प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कलेक्टर, एसपी और अन्य अधिकारियों की अगुवाई में भारी पुलिस बल तैनात किया. कलेक्टर गोपाल वर्मा ने आश्वासन दिया कि परंपरा के अनुसार दुर्गा स्थापना की जाएगी, जबकि एसपी धर्मेंद्र छवई ने हिंदू समाज को यह भरोसा दिलाया कि किसी को इस धार्मिक आयोजन को रोकने नहीं दिया जाएगा. यह विवाद पहले भी हुआ था, क्योंकि गोंडवाना पार्टी समर्थक इसे अपनी जमीन मानते हैं, जबकि हिंदू समाज का कहना है कि सालों से यहां धार्मिक आयोजन होते आ रहे हैं. नक्सलियों के पत्र पर गृहमंत्री विजय शर्मा का बयान गृह मंत्री विजय शर्मा ने नक्सलियों के द्वारा भेजे गए पत्र पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, “मायावादियों द्वारा भेजे गए पत्र के बाद एक और पत्र आया. उनकी पुरानी परंपरा से हम वाकिफ हैं. नक्सलियों से अपील है कि सिविलियन किलिंग बंद करें.” विजय शर्मा ने यह भी कहा कि जहां-जहां आईडी बिछाए गए हैं, वहां से नक्सली उठाए जाएं या फिर किसी नजदीकी कैंप में सूचना भेजें. “जनता, जानवर और जवानों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए आईडी खत्म होनी चाहिए,” उन्होंने कहा. डिप्टी सीएम ने यह भी कहा कि अगर नक्सली ऐसा कदम उठाते हैं, तो उनकी विश्वसनीयता बढ़ेगी. नए GST रिफॉर्म पर गृहमंत्री विजय शर्मा का बयान उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने जीएसटी के नए रिफॉर्म पर बात की. उन्होंने बताया कि अब 5 और 18 प्रतिशत के टैक्स स्लैब लागू हो गए हैं, जिससे देश में एक बड़ा परिवर्तन आया है. जीएसटी के जरिए टैक्स पेयर की संख्या में वृद्धि हुई है. पहले जहां 65 लाख टैक्स पेयर थे, अब उनकी संख्या 1 करोड़ 50 लाख हो गई है. उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण अंचल में दुकानदारों से संवाद कर जीएसटी के बारे में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा. प्रधानमंत्री के द्वारा स्वदेशी अपनाने की अपील की गई है और इसके तहत 22 से 27 सितंबर तक अभियान चलाया जाएगा. डायल 112 वाहन चालकों को 2 महीने से वेतन नहीं मिला डायल 112 के वाहन चालकों को पिछले दो महीनों से वेतन नहीं मिला है. इस मुद्दे पर गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि प्लेसमेंट एजेंसी ने चालकों को वेतन नहीं दिया है. उन्होंने संबंधित विभाग को आदेश दिया है कि वे कंपनी से बातचीत कर इस समस्या का समाधान करें.

2 अक्टूबर तक मांस, मछली और अंडे की दुकानों पर प्रतिबंध, उमरिया से मैहर तक लागू आदेश

उमरिया  नवरात्रि की आज से शुरुआत हो गई है। नवरात्रि के पहले दिन से दो अक्टूबर तक मध्य प्रदेश के कई शहरों में मांस-मछली की बिक्री पर प्रतिबंध रहेगा। उमरिया में जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक में 22 सितंबर से दो अक्टूबर तक मांस-मछली की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया है। वहीं, इस पर अंडा कारोबारियों ने एतराज जताया है। इसके साथ ही मैहर में भी बिक्री पर प्रतिबंध है। शहरी विकास अभिकरण के निर्देशानुसार नगर पालिका परिषद उमरिया क्षेत्राअंतर्गत समस्त अंडा, मांस, मछली, मटन विक्रेता 22 सितंबर 2025 नवदुर्गा स्थापना से लेकर विसर्जन दिनांक 2 अक्टूबर 2025 तक अंडा, मांस, मछली, मटन का विक्रय नहीं होगा। इसके साथ ही प्रतिष्ठानों को भी बंद रखा जाएगा। नवरात्रि की वजह से किया गया प्रतिबंधित विश्व हिन्दू परिषद के पूर्व जिला मंत्री ने कहा कि मैं पूर्ण रूप से सनातनी हूं। यह प्रस्ताव बिल्कुल स्वागत योग्य है। नौ दिनों तक भक्तिमय वातावरण बना रहता है, इस बीच यत्र-तत्र मांस मछली की दुकान लगी रहती हैं जो की पीड़ादायक होती है। त्यौहार और उपवास के समय में जहां ऐसी स्थिति देखने को मिलती है, वहां मन व्यथित हो जाता है। एक घृणा का भाव मन में उभरता और मन दुखी होता है, जिस तरह शांति समिति की बैठक में जो यह प्रस्ताव दिया गया है, स्वागत योग्य है। शांति समिति की बैठक के बाद फैसला उमरिया कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन ने बताया कि आगामी दुर्गा पूजा और दशहरे को लेकर शांति समिति की बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें जिले के गणमान्य लोग उपस्थित रहे। उनके द्वारा यह सुझाव दिया गया कि नवरात्रि के दौरान अंडे, मांस और मछली के विक्रय पर प्रतिबंध लगाया जाए। उनके सुझाव को प्रस्ताव में लिया गया है और उस पर परीक्षण कार्यवाही की जाएगी। वहीं, खुले रहने पर क्या कार्रवाई होगी, इस पर कहा कि निरीक्षण करवाएंगे। अंडा व्यापारियों ने जताया विरोध वहीं, इस मामले मे थोक अंडा व्यापारी अनिल कुमार ने विरोध जताते हुए कहा कि हमारे धंधे पर प्रभाव तो बहुत पड़ेगा। मुझे अंडे का काम करते हुए 38 वर्ष हो गए आज तक कभी प्रतिबंध नहीं लगा। मांस पर होता था, यह पहली बार हो रहा है। हमारे साथ कई लोगों का परिवार जुड़ा है। अब 9-10 दिन दुकान बंद रहेगी तो उनका परिवार कैसे चलेगा, वह लोग भी परेशान हैं। हम भी परेशान हैं कि हमारे पास जो माल पड़ा हुआ है, वह सब खराब होगा, जिला प्रशासन की तरफ से हम लोगों से किसी प्रकार की सहमति नहीं ली गई है। न ही अभी तक कोई यह कहने आया कि आप लोग अपनी दुकान बंद रखिएगा, इतना ही नहीं कोई भी यह पूछने वाला नहीं है कि आपके पास कितना माल रखा हुआ है कितना खराब होगा। गौरतलब है जिला प्रशासन और शांति समिति के इस निर्णय से अंडा, मांस, मछली कारोबारियों में काफी रोष देखने को मिल रहा है कि यह एकतरफा निर्णय ले लिया गया है, यदि ऐसा ही करना है तो शराब की दुकानों पर भी प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।

नगर निगम की कार्रवाई : अव्यवस्था फैलाने पर तीन प्रतिष्ठान बंद

रायपुर नगर निगम की टीम ने कचरा फैलाने पर शराब दुकान के अहाते और दो कबाड़ी दुकान को सील किया है. रायपुर नगर निगम आयुक्त विश्वदीप के निर्देश पर जोन 1 के जोन कमिश्नर डा. दिव्या चंद्रवंशी के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई. कार्यपालन अभियंता डीके पैकरा, जोन स्वास्थ्य अधिकारी खेमलाल देवांगन की उपस्थिति में नगर निगम स्वास्थ्य विभाग की टीम ने यतियतनलाल वार्ड क्रमांक 4 के अंतर्गत भनपुरी मुख्य मार्ग में शराब दुकान के अहाते की स्वच्छता व्यवस्था का औचक निरीक्षण किया. इस दौरान प्राप्त जनशिकायत सही पाई गई. सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग और कचरा फैलाया जाना पाया गया. इस पर जोन कमिश्नर के निर्देश पर जोन स्वास्थ्य अधिकारी ने भनपुरी मुख्य मार्ग पर शराब दुकान के अहाते को तत्काल सीलबंद करने की कार्रवाई की. इसी प्रकार नगर निगम जोन 1 अंतर्गत वीर शिवाजी वार्ड क्रमांक 16 क्षेत्र अंतर्गत संतोषी नगर खमतराई में दो कबाड़ी दुकानों में कचरा फैलाया जाना पाया. इस संबंध में प्राप्त जनशिकायत निरीक्षण में सही पाए जाने पर जोन 1 जोन कमिश्नर के निर्देश पर संबंधित दो कबाड़ी दुकानों को भी तत्काल सीलबंद करने की कार्रवाई की गई और प्राप्त जनशिकायतों का त्वरित निदान किया गया.

बनारस में निवेश की बड़ी पहल, एमपी सरकार रुद्राक्ष सेंटर में कराएगी इन्वेस्टर्स मीट

भोपाल  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नवंबर में वाराणसी में इन्वेस्टर्स मीट कराने का निर्णय लिया है। यह कार्यक्रम वाराणसी के रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में होगा। इस सिलसिले में रामनगर इंडिस्ट्रयल एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल रीवा में सीएम मोहन यादव से मिला है। मुख्यमंत्री ने उद्यमियों के साथ अलग-अलग वार्ता कर निवेश के बारे में जानकारी ली। उन्होंने सभी सुविधाओं के अतिरिक्त अन्य कोई भी आवश्यकता के लिए जिला कलेक्टर, औद्योगिक विकास आयुक्त मध्य प्रदेश एवं मुख्यमंत्री कार्यालय से सीधे संपर्क में रहने की बात कही। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने हनुमाना के पास स्थित औद्योगिक क्षेत्र को देखा।  इस दौरान मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निदेशक रीवा संभाग यूके तिवारी व पूरी टीम उपस्थित रही। प्रतिनिधिमंडल में एसोसिएशन के अध्यक्ष डीएस मिश्रा, महामंत्री राकेश जायसवाल, उपाध्यक्ष सुरेश पटेल, उपाध्यक्ष अरविंद अग्रवाल, उपाध्यक्ष संजय गुप्ता, प्रतिष्ठित उद्यमी प्रमोद चौरसिया, अंजनी अग्रवाल, पियूष अग्रवाल आदि शामिल थे। अयोध्या में राम मुस्कुराते हैं, तो मथुरा में कृष्ण क्यों नहीं? – मोहन यादव का सवाल भगवान राम अपने बाल रूप मे अयोध्या में विराज चुके हैं तो वहीं मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि को लेकर गाहे-बगाहे स्वर उठते रहते हैं। हिंदुओं का मत है कि भगवान राम की तरह मथुरा में भी भगवान कृष्ण का भव्य मंदिर बने,पर अभी यह मामला कोर्ट में है। इस बीच मथुरा पहुंचे मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने नया बयान दिया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि जब अयोध्या में भगवान राम मुस्कुरा रहे हैं, तो मथुरा में भगवान कृष्ण के मुस्कुराने में क्या गलत है। मुख्यमंत्री वृंदावन में थे। वह अपने कैबिनेट मंत्री राकेश शर्मा द्वारा 'ऑपरेशन सिंदूर' की सफलता का जश्न मनाने और शहीदों को सम्मानित करने के लिए केशव धाम में आयोजित भागवत कथा के समापन समारोह में शामिल हुए थे। इस अवसर पर यादव ने कहा, "हमने अयोध्या में रामलला को मुस्कुराते हुए देखा है… जब रामलला मुस्कुरा रहे हैं, तो कृष्ण कन्हैया भी मुस्कुराएं तो इसमें क्या गलत है?" उन्होंने आगे कहा, "यह भी खुशी का एक कारण होना चाहिए। आवाज तो चारों दिशाओं से आ रही है।" किसी का नाम लिए बिना मोहन यादव ने कहा, "जो बहरे हैं, वे अपने कान ठीक कर लें, जिनकी आंखों में दिक्कत है, वे साफ-साफ देख लें। हम ज्यादा दूर नहीं हैं।" यह ध्यान देने योग्य है कि मथुरा में शाही ईदगाह मस्जिद-श्री कृष्ण जन्मभूमि मामले की सुनवाई इलाहाबाद हाईकोर्ट में चल रही है। हिंदू पक्ष शाही ईदगाह मस्जिद को हटाने और जमीन वापस लेने की माँग कर रहा है, जबकि मुस्लिम पक्ष 1968 के समझौते और 1991 के पूजा स्थल अधिनियम (Places of Worship Act) का हवाला देते हुए मस्जिद की कानूनी वैधता का दावा कर रहा है। मोहन यादव ने इस मामले का सीधा जिक्र नहीं किया, लेकिन उनके बयानों को इस संदर्भ में देखा जा सकता है।

प्रियदर्शन ने हेरा फेरी 3 के विवाद पर तोड़ी चुप्पी, दिया बड़ा बयान

  मुंबई बॉलीवुड की पॉपुलर कॉमेडी फ्रेंचाइजी हेरा फेरी का जल्द ही तीसरा पार्ट फिल्म ‘हेरा फेरी 3’ आने वाले हैं. कुछ समय पहले इस फिल्म को लेकर काफी विवाद हुआ था, जिसकी मुख्य वजह परेश रावल थे. दरअसल, उन्होंने अचानक फिल्म छोड़ने का मन बना लिया था, लेकिन बाद में मेकर्स के समझाने के बाद सब ठीक हो गया था. वहीं, अब पहली बार फिल्म निर्माता प्रियदर्शन ने इस मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ी है. मुझे और परेश को कभी कोई समस्या नहीं हुई बता दें कि फिल्म निर्माता प्रियदर्शन  ने अपने एक इंटरव्यू में बातचीत करते हुए कहा- ‘मुझे और परेश को कभी कोई समस्या नहीं हुई. जहां तक मुझे पता है, अक्षय और परेश को भी कभी कोई दिक्कत नहीं हुई. कुछ और लोग थे, जो परेश पर दबाव बना रहे थे. परेश रावल एक ऐसे इंसान हैं, जैसे आप जानते हैं कि जो लोग डरते हैं कि मैं बीमार हूं और इसे लेकर बहुत ज्यादा परेशान हो जाते हैं. हालांकि समस्या कोई और है. इसलिए वो डरते हैं, लेकिन हमारे रिश्ते पर इसका कोई असर नहीं हुआ.’ आगे बात करते हुए प्रियदर्शन  ने कहा- ‘अक्षय ने मुझसे कहा, ‘प्रिंस सर, अगर ऐसा होता है, तो होने दो. वरना, रहने देते हैं.’ बस इतना ही. कुछ लोगों ने इसमें मुश्किलें खड़ी की हैं. उनके बारे में बात करना बेकार है, इसलिए मैं बात नहीं कर रहा. उम्मीद करते हैं कि जिंदगी में अच्छा ही हो. ये फिल्म निर्माण है, इस दुनिया में आपके दुश्मन, दोस्त, प्रशंसक, आलोचक, बहुत कुछ होता है. मैं 40 साल कैसे गुजार पाया, मुझे आज भी नहीं पता.’ प्रियदर्शन का वर्कफ्रंट वर्कफ्रंट की बात करें, तो प्रियदर्शन ने साल 1980 में अपने करियर की शुरुआत एक स्क्रीप्ट राइटर के रूप में किया था. इसके बाद उन्होंने निर्देशन में हाथ आजमाया. उन्होंने 1984 में एक निर्देशक के रूप में अपने करियर की शुरुआत किया था. इस दौरान वह तमलि, मलयालम और तेलुगु भाषा में फिल्मों का निर्देशन करते रहे. इसके बाद प्रियदर्शन  ने साल 1992 में फिल्म मुस्कुराहट से बॉलीवुड में डेब्यू किया. बॉलीवुड में डेब्यू के बाद उन्हों ने हेरा फेरी, हंगामा, हलचल, गरम मसाला, भागम भाग, मालामाल वीकली, ढोल, भूलभुलैया जैसी फिल्मों के जरिए दर्शकों को खूब गुदगुदाया है. बेहतरीन काम के लिए भारत सरकार ने उन्हें साल 2012 में पद्मश्री से सम्मानित किया था.

भीषण एक्सीडेंट में गई 3 छात्रों की जान, ग्रेटर नोएडा में बुलेट और टैंकर की टक्कर

ग्रेटर नोएडा  दिल्ली से सटे यूपी के ग्रेटर नोएडा में रविवार शाम बीटा-2 थाना क्षेत्र के चुहड़पुर अंडरपास के पास दर्दनाक सड़क हादसा हो गया. पानी के टैंकर की टक्कर से बुलेट मोटरसाइकिल सवार गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय (जीबीयू) के तीन छात्रों की मौत हो गई. खाना खाने निकले थे तीन दोस्त जानकारी के मुताबिक, हादसा रविवार शाम करीब पांच बजे हुआ जब बीटेक (कंप्यूटर साइंस) के छात्र सागर, कुश उपाध्याय और बरेली सेटेलाइट कॉलोनी के समर्थ पुंडीर बुलेट मोटरसाइकिल से जीबीयू से निंबस सोसाइटी खाना खाने के लिए जा रहे थे. तीनों ने हेलमेट नहीं पहन रखा था. जैसे ही वो चुहड़पुर अंडरपास के पास पहुंचे, सड़क किनारे पेड़ों को पानी देते हुए धीरे-धीरे चल रहे पानी के टैंकर में उनकी मोटरसाइकिल जा टकराई. टक्कर इतनी भीषण थी कि तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए. राहगीरों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी और घायलों को नजदीकी जिम्स अस्पताल में भर्ती कराया. तीसरे ने भी अस्पताल में तोड़ा दम अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने सागर और कुश उपाध्याय को मृत घोषित कर दिया. समर्थ पुंडीर की बुआ ग्रेटर नोएडा में ही रहती हैं. उनके अनुरोध पर समर्थ को फोर्टिस अस्पताल ले जाया गया लेकिन उपचार के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया. पुलिस ने तीनों के शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हादसे की गहनता से जांच की जा रही है और पानी के टैंकर के चालक और घटना से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा रही है. फिलहाल इस दर्दनाक हादसे से छात्रों के परिजनों और विश्वविद्यालय में शोक का माहौल है.

कहीं कम ना आ जाए संख्या – जाति सर्वे पर हर वर्ग में टेंशन, CM सिद्धारमैया ने बताई हकीकत

बेंगलुरु कर्नाटक में आज से जाति जनगणना की शुरुआत हो रही है। 15 दिनों तक यह सर्वे चलेगा और फिर जल्दी ही रिपोर्ट भी जारी किए जाने की तैयारी है। सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली सरकार के इस फैसले का उनकी कैबिनेट के ही कुछ सदस्यों समेत बड़े पैमाने पर लोग विरोध कर रहे हैं। लेकिन अल्पसंख्यक, दलित और ओबीसी वर्ग की राजनीति करने वाले सिद्धारमैया का कहना है कि वह राहुल गांधी की लाइन पर चल रहे हैं, जिनका कहना है कि जातिगत जनगणना से सही आंकड़े आएंगे और फिर उसके आधार पर योजनाएं बनाने से सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व देने में मदद मिलेगी। राज्य के प्रभावशाली लिंगायत, वोक्कालिगा, कुर्बा, मुस्लिम, जैन और ब्राह्मण समुदाय के लोगों की मीटिंग हुई है। इन बैठकों में शीर्ष नेताओं ने समाज से अपील की है कि वे 15 दिनों तक चलने वाली जातिगत जनगणना में अपनी उपजाति ना बताएं। सिर्फ जाति का ही जिक्र करें ताकि उपजाति बताने से संख्या कम ना नजर आए। एक बार पहले भी सूबे में सर्वे में हुआ था, जिसे लिंगायत और वोक्कालिगा समुदाय की ओर से खारिज किया गया था। केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने इस सर्वे को स्थगित करने की मांग की है या फिर इसे तीन महीने में कराने की मांग की है ताकि कोई खामी न रह जाए। वोक्कालिगा समाज के एक मठ के स्वामी निर्मलानंद ने कहा कि हमें संदेह है कि यह सर्वे सही से होगा। उन्होंने कहा कि हमारे राज्य की आबादी 7 करोड़ हैं और महज 15 दिन में ही सर्वे करने की बात कही जा रही है। इससे पहले तेलंगाना में 65 दिन तक सर्वे चला था, जबकि वहां की आबादी हमारे यहां के मुकाबले आधी यानी करीब 3.5 करोड़ ही है। शुक्रवार को वीरशैव-लिंगायत समाज की हुबली में मीटिंग हुई थी। इस बैठक में प्रस्ताव रखा गया कि खुद को लिंगायत ही लिखें। उसमें कोई उपजाति ना बताएं। इसके अलावा मुस्लिम, जैन, ब्राह्मण समाज के लोगों की भी मीटिंग हुई। इन बैठकों में प्रस्ताव दिया गया कि अपनी जाति ही लिखें, उपजाति का जिक्र ना करें। जैसे कहा गया कि ब्राह्मण समुदाय के लोग अपनी जाति में ब्राह्मण ही लिखें। कोई उपनाम आदि ना लिखें। इसी तरह जैन समुदाय के लोगों का भी कहना है कि जैन ही लिखा जाए। इसके अलावा मुसलमानों की मीटिंग में कहा गया कि अपना धर्म इस्लाम ही लिखें और जाति के स्थान पर मुस्लिम लिखा जाए। वोक्कालिगा समाज में भी काफी सक्रियता दिख रही है। वहीं डीके शिवकुमार ने इस पर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया है।

घर आया नया मेहमान, तृप्ति डिमरी ने फैंस संग शेयर की खुशी

मुंबई एक्ट्रेस तृप्ति डिमरी ने कुछ समय पहले ही अपने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर कर फैंस को एक खुशखबरी दिया है. उन्होंने अपने परिवार में एक नए सदस्य का स्वागत किया है. जिसकी फोटो भी अपने पोस्ट में एक्ट्रेस ने शेयर किया है. बता दें कि तृप्ति डिमरी  ने अपने इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए पोस्ट में लीची नाम के नए मेहमान दिख रहा है. एक्ट्रेस ने अपने परिवार में एक पेट डॉग लीची का स्वागत किया है. इस पोस्ट के साथ एक्ट्रेस ने कैप्शन में लिखा- “हमारा परिवार और बड़ा हो गया है. घर में आपका स्वागत है लीची.” वर्कफ्रंट की बात करें, तृप्ति डिमरी को आखिरी बार सिद्धांत चतुर्वेदी के साथ फिल्म ‘धड़क 2’ में देखा गया था. इसके अलावा उनके आगामी प्रोजेक्ट्स की बात करे, तो वह विशाल भारद्वाज की रोमांटिक थ्रिलर ‘ओ’ रोमियो’ में नजर आएंगी. यह फिल्म 14 फरवरी, 2026 को रिलीज होगी. इस फिल्म में नाना पाटेकर, रणदीप हुड्डा, अविनाश तिवारी और दिशा पटानी भी हैं. इसका निर्माण नाडियाडवाला ग्रैंडसन एंटरटेनमेंट ने किया है.

उपवास के दौरान कैसे रहें एनर्जेटिक: नवरात्रि डाइट टिप्स

शारदीय नवरात्र का त्योहार पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाता है। नौ दिनों तक चलने वाले इस पर्व में देवी के नौ रूपों की आराधना होती है। भक्तजन इस दौरान पूजा-पाठ करते हैं और उपवास भी करते हैं। कुछ पूरे नौ दिनों का उपवास करते हैं, कुछ नवरात्र के पहले और आखिरी दिन उपवास करते हैं, तो कुछ नौ दिनों तक दिन में सिर्फ एक ही बार अन्न खाते हैं। आध्यात्मिक और शारीरिक शुद्धि के लिए व्रत रखना जरूरी माना जाता है, लेकिन लंबे समय तक उपवास रखने से शरीर में कमजोरी, थकान और चक्कर आने की समस्या हो सकती है। ऐसे में जरूरी है कि आपकी डाइट (Navratri Diet Tips) ऐसा हो जो आपको भरपूर एनर्जी दे और आपके तन-मन को फिट रखे। आइए जानते हैं कुछ जरूरी डाइट टिप्स जिन्हें अपनाकर आप व्रत के दौरान भी खुद को एनर्जेटिक बनाए रख सकते हैं। हाइड्रेशन है सबसे जरूरी व्रत के दौरान शरीर को हाइड्रेटेड रखना बेहद जरूरी है। इसलिए दिन में कम से कम 3-4 लीटर पानी जरूर पिएं। इसके अलावा नारियल पानी, नींबू पानी, छाछ, दही और ताजे फलों के जूस भी पीते रहें। ये न केवल आपके शरीर में पानी की कमी को पूरा करेंगे, बल्कि इलेक्ट्रोलाइट्स का बैलेंस भी बनाए रखेंगे, जिससे कमजोरी महसूस नहीं होगी। छोटे-छोटे अंतराल में कुछ न कुछ खाएं अगर आप पूरे दिन में सिर्फ एक बार ही भोजन करते हैं, तो इससे ब्लड शुगर लेवल गिर सकता है और कमजोरी आ सकती है। इससे बचने के लिए कोशिश करें कि हर 2-3 घंटे में कुछ हल्का-फुल्का जरूर लें। आप फल, मेवे, साबुदाना के चिप्स या एक गिलास दूध ले सकते हैं। इससे शरीर को लगातार एनर्जी मिलती रहेगी। पोषक तत्वों से भरपूर डाइट लें व्रत में केवल फलाहार पर निर्भर रहने वाले लोगों के लिए जरूरी है कि वे अपनी डाइट में पोषक तत्वों को शामिल करें। ड्राई फ्रूट्स जैसे बादाम, अखरोट, काजू; सीड्स जैसे कद्दू के बीज; और फल जैसे केला, सेब, नाशपाती खाएं। इनमें मौजूद नेचुरल शुगर, विटामिन और मिनरल्स शरीर को एनर्जी देंगे। सही समय पर सेंधा नमक खाएं अगर आप दिन में एक बार सेंधा नमक वाला खाना खाते हैं, तो उसे सुबह के समय लेना ज्यादा फायदेमंद होगा। दिन के समय शरीर को ज्यादा एनर्जी और सोडियम की जरूरत होती है। सेंधा नमक शारीरिक और मानसिक संतुलन बनाए रखने में मदद करता है। व्रत खोलते समय रखें सावधानी नौ दिन के व्रत के बाद पेट थोड़ा सेंसिटिव हो जाता है। ऐसे में व्रत खोलते समय हल्का और आसानी से पचने वाला खाना खाना चाहिए। तली-भुनी या भारी चीजों से परहेज करें। व्रत खोलने के लिए सबसे पहले नारियल पानी, छाछ या फलों का जूस लें। कुछ देर बाद हल्का खाना जैसे फल, दही, या सब्जियों का सूप ले सकते हैं। नवमी के प्रसाद में संयम बरतें नवमी के दिन बनने वाले स्वादिष्ट प्रसाद जैसे पूरी, चना, हलवा आदि देखकर अक्सर लोग ज्यादा खा लेते हैं, जिससे पेट खराब हो सकता है। इन चीजों को सीमित मात्रा में ही खाएं, खासकर अगर आपने नौ दिनों का उपवास रखा है। साथ ही, प्रसाद लेने के बाद हल्का खाना करें और अगले दिन ही सामान्य खाना-पीना शुरू करें।