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मलेशिया की सड़कों पर दिखा दिलजीत सिंह का देसी अंदाज, फैंस के साथ की खूब मस्ती

मुंबई,  सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ इन दिनों अपनी कला और काम के जरिए लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। हाल ही में उन्हें इम्तियाज अली की फिल्म ‘अमर सिंह चमकीला’ के लिए एमी अवॉर्ड्स में नॉमिनेशन मिला, जो उनके करियर के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। इसके साथ ही, उन्होंने अपना ‘औरा टूर’ भी शुरू कर दिया है, जिसकी शुरुआत उन्होंने मलेशिया के कुआलालंपुर से की है। यह टूर उनके संगीत प्रेमियों के लिए एक खास मौका है, जहां वे लाइव परफॉर्मेंस के जरिए अपने गानों से लोगों को जोड़ते हैं। इस टूर के पहले कॉन्सर्ट के बाद, दिलजीत ने अपने इंस्टाग्राम पर एक मजेदार ब्लॉग वीडियो भी पोस्ट किया, जिसमें वह कुआलालंपुर की सड़कों पर घूमते, फैंस से मिलते और स्थानीय संस्कृति का आनंद लेते हुए नजर आते हैं। वीडियो की शुरुआत में दिलजीत रात के समय में कुआलालंपुर की सड़कों पर घूमते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में वह पेट्रोनास ट्विन टावर्स के पास खड़े होकर फोटो क्लिक करवाते हैं और मस्ती करते हुए गाना गाते हैं, ‘ऊंची है बिल्डिंग, लिफ्ट तेरी बंद है।’ इसके बाद वह मजाक में कहते हैं, ‘भागो नहीं तो ट्विन टावर की बत्ती बंद हो जाएगी।’ वीडियो में उनका फनी स्टाइल फैंस को काफी हंसा रहा है। वीडियो में वह कई भारतीय फैंस से घिरे आते हैं, जो उनके साथ फोटो खिंचवाने के लिए काफी उत्सुक दिखते हैं। दिलजीत बड़े ही प्यार से सबके साथ सेल्फी लेते हैं और बातचीत करते हैं। एक महिला फैन दिलजीत को देख काफी सरप्राइज हो जाती है और बोलती है, ‘असली हो न?’ इस पर दिलजीत हंसते हुए जवाब देते हैं, ‘हां जी, असली ही है।’ वीडियो में वह कुआलालंपुर के एक खास आयोजन ‘ड्यूरियन फेस्ट’ में पहुंचे हैं, जिसे वे मजाक में ‘ड्यूरियन’ के बजाय ‘दूरियां’ कहते हैं। वह बताते हैं कि ड्यूरियन फल को परंपरा के अनुसार खाने के लिए ग्लव्स पहनना जरूरी होता है क्योंकि इसकी गंध बहुत तेज होती है। वह ग्लव्स पहनकर इस फल का स्वाद लेते हैं, लेकिन उन्हें यह बिलकुल भी पसंद नहीं आता। उनके साथ टीम के कुछ सदस्य भी इस फल को चखते हैं और उन्हें भी यह स्वाद कुछ खास अच्छा नहीं लगता। इस पर दिलजीत कहते हैं कि हर किसी का स्वाद अलग होता है और हो सकता है कि यह पहली बार चखने की वजह से हमें पसंद न आया हो। ड्यूरियन फल के अनुभव के बाद वे एक कंगारू के पोस्टर के साथ भी तस्वीर खिंचवाते हैं। आखिर में दिलजीत अपने अगले कॉन्सर्ट की जानकारी देते हुए बताते हैं कि उनका अगला स्टॉप हॉन्ग-कॉन्ग है, जहां वे फिर से फैंस के साथ मस्ती करने और अपने संगीत का जादू बिखेरने वाले हैं।  

दशहरा गिफ्ट: यूपी के लाखों छात्रों के खाते में पहुंचे ₹89.96 करोड़, सीएम योगी ने किया ट्रांसफर

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में राज्य सरकार ने 26 सितंबर, शुक्रवार को 3. 96 लाख से अधिक छात्रों को छात्रवृत्ति का तोहफा दिया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्टूडेंट्स से अपील की है कि वह इस छात्रवृत्ति का उपयोग अपनी पढ़ाई लिखाई के लिए करें. सीएम ने कहा कि हम लोगों ने 2025-26 में वंचित वर्गों को ₹2,825 करोड़ की छात्रवृत्ति अब तक वितरित की है. राजधानी लखनऊ में आयोजित वितरण कार्यक्रम में सीएम ने कहा कि पिछड़े वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए कम्प्यूटर प्रशिक्षण की व्यवस्था को भी ₹11 करोड़ से बढ़ाकर ₹35 करोड़ किया है सोशल मीडिया साइट एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने लिखा कि सतत विकास के लक्ष्य को प्राप्त करने में शिक्षा की एक बड़ी भूमिका है. आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यशस्वी नेतृत्व में बीते 11 वर्षों में वंचितों को स्कॉलरशिप और शुल्क प्रतिपूर्ति की व्यवस्था के साथ जोड़कर उत्तम और बेहतरीन शिक्षा के माध्यम से उनके विकास का मार्ग प्रशस्त हुआ है. शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर आज लखनऊ में छात्रवृत्ति वितरण समारोह के अंतर्गत 3 लाख 96 हजार से अधिक विद्यार्थियों को ₹89. 96 करोड़ की धनराशि का हस्तांतरण किया. सभी छात्र-छात्राओं को हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की मंगलमय शुभकामनाएं! सीएम ने छात्रवृत्ति वितरण कार्यक्रम में एक संबोधन के दौरान कहा कि हमें बंटना नहीं है, हम एकजुट रहकर बेहतर शिक्षा के लिए हर छात्र को स्कूल तक पहुँचाना है. याद रखना इन विभाजनकारी ताकतों ने देश को गुलाम बनाया था. अब नए भारत के लिए प्रधानमंत्री के नेतृत्व में जो काम चल रहा है. उस आत्मनिर्भर विकसित भारत के लिए जो अभियान चल रहा है उसके लिए ये फिर से बाधक बन रही हैं. सीएम ने कहा कि कुछ ताकतें समाज को बांटने का काम कर रही हैं. हमारा प्रयास होना चाहिए. हमको बंटना नही है. हमे एकजुट होकर बेहतर शिक्षा के लिए हर छात्र को स्कूल पहुंचाना है. हर वंचित को स्कूली शिक्षा के साथ जोड़ना है. आज सरकार हर कार्य कर रही है. समाज कल्याण विभाग द्वारा अनेक कार्य हो रहे हैं. पहले हजारों बच्चे इससे वंचित रह जाते थे – सीएम योगी सीएम ने दावा किया कि पहले स्कॉलरशिप में भेद भाव होता था. मार्च अप्रैल तक आती थी. अब यह सितंबर महीने में ही मिलने जा रही है. आज सीधे छात्रों के खाते में छात्रवृत्ति जाती है. पहले हजारों बच्चे इससे वंचित रह जाते थे. उन्होंने कहा कि यह वर्ष शताब्दी संकल्प वर्ष चल रहा है. शताब्दी वर्ष में हम 2047 के संकल्प अभियान को लेकर चल रहे हैं. विकसित भारत का विकसित उत्तरप्रदेश की नींव अभी से रखनी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार लगातार छात्रवृत्ति योजना में वृद्धि कर रही है. तकनीकी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से वेरिफिकेशन, डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरण हो रहा है. सरकार पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है. अल्पसंख्यक छात्रों को भी उच्च सुविधा दी जा रही है. सीएम ने कहा कि बाबा साहेब कहते थे कि जब तक हम अच्छी शिक्षा नही लेंगे. कोई सरकार कल्याण नही कर सकती. सरकार पर आश्रित नही रहकर सरकार की बेहतर सुविधाओ को उपयोग करते हुए आगे बढ़ना होगा. वो सभी महापुरुष जिन्होने अपनी प्रतिभा से समाज को दिशा दी वो किसी के मोहताज थे. उन्होंने अपने प्रतिभा से समाज का मार्गदर्शन किया.  

मध्यप्रदेश को रेलवे में बड़ी सौगात: 2500 करोड़ की लागत से तैयार हो रही तीसरी लाइन

भोपाल  मध्य प्रदेश में रेलवे ढांचे को मजबूती देने के लिए एक और बड़ा कदम उठाया गया है। इटारसी–आमला सेक्शन (Itarsi–Amla Third Line) पर तीसरी रेल लाइन का काम तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। करीब 130 किलोमीटर लंबे इस रूट पर मिट्टी का बेस तैयार होने के बाद अब अन्य निर्माण कार्य शुरू हो गए हैं। हालांकि जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में देरी की वजह से नर्मदापुरम और बैतूल जिले में यह प्रोजेक्ट लेट से शुरू हो पाया। किसानों की जमीन अधिग्रहित तीसरी रेल लाइन बिछाने के लिए बैतूल जिले के 3 तहसीलों के लगभग 40 गांव प्रभावित हुए हैं। यहां करीब 290 किसानों की 16 हेक्टेयर से ज्यादा जमीन अधिग्रहित की गई है। अधिकारियों का कहना है कि लाइन पूरी तरह तैयार होने के बाद इस रूट पर ट्रेन संचालन और सुगम हो जाएगा। घाट सेक्शन बना चुनौती यह पूरा रेल मार्ग घाट सेक्शन से होकर गुजरता है। ऐसे में अभी ट्रेनों के संचालन में कई दिक्कतें आती हैं। इसी कारण परियोजना में चार स्थानों पर सुरंग भी बनाई जाएगी, जिनकी कुल लंबाई 1.40 किलोमीटर होगी। प्रोजेक्ट का दायरा इटारसी से नागपुर तक 267 किलोमीटर लंबे सेक्शन पर तीसरी लाइन बिछाई जाएगी। इस पूरे ट्रैक पर 27 रेलवे स्टेशन और 361 पुल-पुलिया शामिल होंगे। पीपलढ़ाना और मरामझिरी इलाके में अंडरपास का निर्माण पहले ही किया जा चुका है। क्यों जरूरी है तीसरी लाइन? अभी नागपुर–इटारसी सेक्शन में केवल दो लाइनें हैं। इन पर एक साथ यात्री और मालगाड़ियां चलाई जाती हैं। कई बार यात्री ट्रेनों को प्राथमिकता देने के लिए मालगाड़ियों को घंटों तक रोकना पड़ता है। तीसरी लाइन के बाद दोनों तरह की ट्रेनों का संचालन बिना बाधा के हो सकेगा और यात्रियों को समय पर ट्रेनें मिलेंगी। लागत और प्रगति पूरे प्रोजेक्ट पर लगभग 2525 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। भोपाल–इटारसी सेक्शन पर तीसरी लाइन का काम लगभग पूरा हो चुका है। अब इटारसी–नागपुर सेक्शन पर समानांतर लाइन बिछाने का कार्य तेजी से चल रहा है। यह प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद न सिर्फ यात्रियों को समय की बचत होगी, बल्कि मालगाड़ियों की आवाजाही भी ज्यादा प्रभावी ढंग से हो पाएगी।

पवन कल्याण की ‘ओजी’ ने बॉक्स ऑफिस पर रचा इतिहास, ‘जॉली एलएलबी 3’ को टक्कर

मुंबई, इस साल की दो बड़ी फिल्मों ने दर्शकों का खासा ध्यान खींचा है, जो बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त टक्कर दे रही हैं। पहली साउथ सुपरस्टार पवन कल्याण की फिल्म ‘दे कॉल हिम ओजी’ और दूसरी कोर्टरूम ड्रामा ‘जॉली एलएलबी 3’ है। ‘ओजी’ जहां एक एक्शन-थ्रिलर फिल्म है, जिसने अपनी दमदार कहानी और पावरफुल अभिनय से दर्शकों का दिल जीता है। वहीं, ‘जॉली एलएलबी 3’ सामाजिक मुद्दों पर आधारित मनोरंजन का बेहतरीन पैकेज है। इस साल की सबसे बड़ी ओपनर बनने की दौड़ में दोनों ही फिल्मों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। सैकनिल्क के मुताबिक, ‘दे कॉल हिम ओजी’ ने रिलीज के पहले दिन से ही तहलका मचा दिया। पवन कल्याण के फैंस के बीच इस फिल्म का क्रेज काफी देखने को मिल रहा है। फिल्म ने पहले दिन ही बॉक्स ऑफिस पर लगभग 90 करोड़ रुपए का बिजनेस किया, जो कि इस साल की अब तक की सबसे बड़ी ओपनिंग मानी जा रही है। इसके साथ ही इस फिल्म ने रजनीकांत की ब्लॉकबस्टर ‘कुली’ के पहले दिन के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है। इस शानदार शुरुआत के चलते यह फिल्म लंबी अवधि तक बॉक्स ऑफिस पर अपना कब्जा जमा सकती है। दूसरी ओर ‘जॉली एलएलबी 3’ ने पहले सप्ताह के अंदर अपनी खास जगह बनाई है। इस फिल्म ने एक हफ्ते में भारत में लगभग 73.5 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन किया है। पहले दिन यानी शुक्रवार को ‘जॉली एलएलबी 3’ ने 12.5 करोड़ की ओपनिंग की, जो एक अच्छी शुरुआत है। इसके बाद शनिवार और रविवार को फिल्म ने जबरदस्त उछाल लिया। शनिवार को 20 करोड़ और रविवार को 21 करोड़ रुपए की कमाई दर्ज की गई। इस तरह फिल्म ने अपने पहले तीन दिनों में ही 53.5 करोड़ रुपए का कलेक्शन कर लिया था। चौथे दिन, यानी सोमवार से फिल्म की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ने लगी। सोमवार को फिल्म ने केवल 5.5 करोड़ का कलेक्शन किया, जबकि मंगलवार को 6.5 करोड़ रुपए की कमाई हुई। बुधवार को यानी छठे दिन फिल्म का ग्राफ गिरा और इसने महज 4.25 करोड़ रुपए का कारोबार किया। गुरुवार को फिल्म ने 3.50 करोड़ का कारोबार किया। शुरूआती दिनों में इसकी कमाई उतनी तेजी से नहीं बढ़ी जितनी कि ‘ओजी’ की हुई, लेकिन लगातार बढ़ती दर्शक संख्या ने इसे स्थिर प्रदर्शन देने में मदद की।  

विकसित यूपी@2047 संवाद शृंखला में ग्राम प्रधानों के अनुभवों ने दिखाई नये उत्तर प्रदेश की तस्वीर

लखनऊ,  उत्तर प्रदेश के गाँव अब सिर्फ बदलाव की उम्मीद नहीं कर रहे, बल्कि बदलाव की जीती-जागती मिसाल बन गए हैं। विकसित यूपी@2047 संवाद शृंखला में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हुए वर्चुअल संवाद में ग्राम प्रधानों ने बताया कि बीते आठ वर्षों में जिस विकास को उन्होंने देखा, वह कभी सिर्फ एक सपना था। आज वही सपना हकीकत बनकर गाँव-गाँव में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास भर रहा है। श्रावस्ती जिले के इकौना विकास खंड की ग्राम पंचायत टड़वा महंत के प्रधान शिवकुमार राजभर ने कहा कि मुख्यमंत्री जी के अभियान से पूरा गांव जुड़ गया है। उन्होंने उत्साहित होकर बताया कि मुख्यमंत्री जी अगले दिन उनके गांव आ रहे हैं और हर घर में उल्लास का माहौल है। इसी उत्साह की झलक कौशांबी जिले में भी दिखी। मंझनपुर विकास खंड की ग्राम पंचायत उखैया खास की प्रधान सीमा निर्मल ने बताया कि स्वयं सहायता समूहों ने महिलाओं की जिंदगी बदल दी है। उन्होंने कहा कि पंचायत की बैठकों का संचालन वह स्वयं करती हैं और बीसी सखी गांव-गांव जाकर महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही हैं। बरेली जिले की बिथरी चैनपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत भरतौल की प्रधान प्रवेश ने कहा कि उनके गांव में सबसे पहले मॉडल राशन की दुकान खोली गई थी। आज भरतौल मॉडल ग्राम के रूप में जाना जाता है और गांव की महिलाएं आत्मनिर्भरता की दिशा में लगातार काम कर रही हैं। इसके बाद अलीगढ़ जिले की गोंडा ब्लॉक की ग्राम पंचायत तलेसरा के प्रधान गजेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री को अपने गांव की ऐतिहासिक विरासत से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि उनके गांव से 13 स्वतंत्रता संग्राम सेनानी जुड़े हैं और उनकी स्मृति में स्टेडियम व अमृत सरोवर बने हैं। साथ ही ग्राम सचिवालय, बैंक्वेट हॉल और स्कूल में स्मार्ट क्लास जैसी आधुनिक सुविधाएं भी मौजूद हैं। अयोध्या जिले के सोहावल विकास खंड की ग्राम पंचायत सनाहा की प्रधान रीना पांडेय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा संचालित सभी योजनाएं उनके गांव में लागू हैं। उन्होंने विशेष रूप से कूड़ा निस्तारण व्यवस्था का उल्लेख किया, जिस पर मुख्यमंत्री ने इसे विकसित यूपी की ठोस नींव बताया। बाँदा जिले के बड़ोखर खुर्द ब्लॉक की ग्राम पंचायत दुरेड़ी के प्रधान देवीदयाल सिंह ने गर्व से बताया कि उनकी पंचायत को मुख्यमंत्री पंचायत पुरस्कार योजना के तहत 36 लाख रुपये का पुरस्कार मिला है। उन्होंने उत्साहपूर्वक विकसित यूपी के तीन आयाम 'अर्थ शक्ति, जीवन शक्ति और सृजन शक्ति' के बारे में भी मुख्यमंत्री को बताया। साथ ही उन्होंने कहा कि पंचायत के सभी आठ विद्यालयों में स्मार्ट क्लास चल रहे हैं। शाहजहाँपुर जिले की भवालखेड़ा ग्राम पंचायत के प्रधान जय प्रकाश ने कहा कि उनके गांव को दो बार मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार मिला है। उन्होंने गांव में स्वयं सहायता समूहों की उपलब्धियों की जानकारी दी और कहा कि इन समूहों ने गांव की अर्थव्यवस्था को मजबूती दी है। ग्राम प्रधान ने जोर देते हुए मुख्यमंत्री को बताया कि वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने उनके गांव के विकास में बड़ा योगदान किया है। रामपुर जिले के चमरौआ ब्लॉक की ग्राम पंचायत कोयला के प्रधान भूकन लाल ने बताया कि उनकी पंचायत की आबादी 7700 है और हर परिवार तक विकास पहुंचाने के लिए योजनाएं लागू की जा रही हैं। गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, इंटर कॉलेज, बैंक, डाकखाना और लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। उन्होंने कूड़ा संग्रहण और निस्तारण व्यवस्था की जानकारी भी मुख्यमंत्री को दी। इन सभी संवादों ने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश के गांव अब आत्मनिर्भरता, स्वच्छता, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण की नई कहानियां लिख रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्राम प्रधानों की सक्रियता और जागरूकता की सराहना करते हुए कहा कि यही प्रयास विकसित यूपी @2047 के लक्ष्य को पूरा करने की वास्तविक शक्ति हैं।

मिग-21 का गौरवपूर्ण अंत, एयर चीफ मार्शल अमरप्रीत सिंह ने भरी आखिरी उड़ान

    चंडीगढ़ भारतीय वायुसेना में शामिल पहले सुपरसोनिक फाइटर जेट मिग-21 का आज चंडीगढ़ एयरबेस पर भव्य विदाई समारोह आयोजित किया गया। इस जेट में आखिरी उड़ान एयर चीफ मार्शल अमरप्रीत सिंह ने भरी। अब यह ऐतिहासिक विमान आसमान के बजाय म्यूजियम में स्थायी रूप से रखा जाएगा। इस समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह मौजूद रहे। इस दौरान उन्होंने कहा कि मिग-21 विमान ने 62 वर्षों तक भारत और रूस के बीच गहरे सैन्य सहयोग को दर्शाया है। उन्होंने बताया कि यह जेट 1971 के युद्ध से लेकर कारगिल संघर्ष, बालाकोट एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर तक भारत की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा। मिग-21 की पहली लैंडिंग 1963 में चंडीगढ़ एयरफोर्स स्टेशन पर हुई थी और उसी वर्ष अम्बाला में इसकी पहली स्क्वॉड्रन भी बनी थी। इसका निकनेम 'पैंथर' या 'तेंदुआ' था।  25 अगस्त 2025 को बीकानेर से भरी थी आखिरी उड़ान  रूसी मूल के इस विमान ने 25 अगस्त को राजस्थान के बीकानेर स्थित वायुसैनिक अड्डे से अपनी आखिरी उड़ान भरी। छह दशकों तक भारतीय वायुसेना का अभिन्न हिस्सा रहे मिग-21 का ‘बाइसन संस्करण’ आधुनिक तकनीक से लैस था। मिग-21 के हादसों का काला इतिहास: ‘उड़ता ताबूत’ के नाम से विख्यात मिग-21 के आखिरी वर्षों में हुए 300 से अधिक हादसों में 170 से अधिक भारतीय पायलट और 40 नागरिक मारे गए। इसे ‘फ्लाइंग कॉफिन’ यानी ‘उड़ता ताबूत’ भी कहा गया। 1966 से 1984 के बीच बने 840 विमानों में से आधे से अधिक हादसों में खो गए। पिछले चार वर्षों में भी सात मिग-21 दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें कई पायलटों की जान गई। प्रमुख दुर्घटनाएं     5 जनवरी 2021, सूरतगढ़ (राजस्थान) – पायलट सुरक्षित     17 मार्च 2021, ग्वालियर (मध्य प्रदेश) – ग्रुप कैप्टन की मौत     20 मई 2021, मोगा (पंजाब) – पायलट की मृत्यु     25 अगस्त 2021, बाड़मेर (राजस्थान) – पायलट सुरक्षित     25 दिसंबर 2021, राजस्थान – पायलट की मृत्यु     28 जुलाई 2022, बाड़मेर (राजस्थान) – दो पायलटों की मौत     8 मई 2023, हनुमानगढ़ (राजस्थान) – पायलट सुरक्षित मिग-21 की विदाई भारतीय वायुसेना के एक युग के समापन का प्रतीक है और यह विमान हमेशा वीरता, साहस और देशभक्ति का प्रतीक बना रहेगा।

कैप्टेंसी टास्क में फूटा गौरव खन्ना का गुस्सा, बोले- आज के बाद कोई नहीं कहेगा कि मैं बैकफुट पर खेलता हूं

मुंबई, ‘बिग बॉस 19’ के ड्रामा ने सभी सीजन को पीछे छोड़ दिया है। इस बार का नया कैप्टेंसी टास्क कुछ ऐसा था, जिसने घरवालों के बीच तनातनी को और बढ़ा दिया। कैप्टन चुनने को लेकर हुई वोटिंग के दौरान घरवालों ने एक-दूसरे पर कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया और जमकर आरोप लगाए। हर किसी ने अपने विचार मजबूती से रखे। दर्शक अब बेताबी से यह जानने के लिए इंतजार कर रहे हैं कि आगे आने वाले एपिसोड में इस टास्क का असर घर में किस तरह का रंग लाएगा और कौन किसके खिलाफ खड़ा होगा। जियो हॉटस्टार द्वारा जारी प्रोमो में देखा जा सकता है कि घर के सदस्य एक नए और अनोखे कैप्टेंसी टास्क के लिए असेंबली रूम में एकत्रित हुए। बिग बॉस ने इस बार कुछ ऐसा किया कि सबके दिलों की धड़कनें तेज हो गईं। वीडियो में बिग बॉस घरवालों से फरहाना और गौरव खन्ना में से किसी एक को सूखे गुलाब की माला पहनाने के लिए कहते हैं, जिन्हें वह अगला कप्तान नहीं बनाना चाहते। यह टास्क जैसे ही शुरू हुआ, माहौल में तुरंत तनाव और बहस शुरू हो गई। इस टास्क की शुरुआत करते ही कुनिका सदानंद ने बिना किसी झिझक के फरहाना का नाम लिया। उन्होंने फरहाना को बदतमीज, बददिमाग और बेशर्म जैसे कड़वे शब्द कहे, जिससे कमरे में गहमागहमी बढ़ गई। वहीं, फिल्ममेकर जीशान कादरी ने गौरव खन्ना को कमजोर बताते हुए कहा कि उन्हें गौरव, फरहाना के आगे मजबूत नहीं लगते। इस तरह घर में पहले से ही चले आ रहे तनाव को एक नई हवा मिल गई। इनके अलावा, टास्क के दौरान प्रणित मोरे ने भी फरहाना को वोट देकर कहा कि उन्हें लगता है कि उनका बोलने का अंदाज हमेशा खराब ही रहता है। दूसरी ओर, फरहाना ने अपने ऊपर लगे आरोपों को लेकर सफाई दी, जिससे झगड़ा और गहराता चला गया। इसी बीच, बसीर ने गौरव को माला पहनाते हुए कहा कि आप कुछ करें, तो वह शायद अगली बार उन्हें वोट देंगे। प्रोमो के आखिर में बैकफुट पर खेलने के आरोपों पर गौरव खन्ना का गुस्सा फूट पड़ता है। वह चिल्लाते हुए कहते हैं, “बहुत-बहुत धन्यवाद, आज के बाद कोई नहीं कहेगा कि मैं बैकफुट पर खेलता हूं, क्योंकि मैं ऐसा ही हूं।”  

तन, मन, धन और सबसे ऊपर वन : उप मुख्यमंत्री देवड़ा

सेवा पखवाड़े के तहत शाहपुरा मण्डल में उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने किया पौधरोपण प्रत्येक व्यक्ति को अपनी मां के नाम से एक पेड़ जरूर लगाना चाहिए भोपाल उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा भोपाल के शाहपुरा मण्डल में सेवा पखवाड़े के तहत आयोजित एक पेड़ मां के नाम पौधरोपण में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि जिस पार्क में हम पौधरोपण कर रहे हैं, इस पार्क में हमें टेंट लगाने की कोई जरूरत महसूस नहीं हो रही हैं, क्योंकि इस परिसर के चारों ओर बड़े-बड़े वृक्ष लगे हैं। यदि यह वृक्ष नहीं होते तो यहां टेंट लगाना हमारी मजबूरी होती। वृक्षों की घनी छाया के नीचे हम बैठकर चर्चा कर रहे हैं, यह पौधरोपण की ताकत है। इसीलिए कहा गया है कि तन, मन, धन और सबसे ऊपर वन। उन्होंने आहवान किया कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी मां के नाम से एक पेड़ जरूर लगाना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर से 2 अक्टूरबर तक प्रदेश में सेवा पखवाड़ा का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने शाहपुरा मण्डल स्थित पार्क में पौधरोपण किया। पौधरोपण कर स्थानीय नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आहवान एक पेड़ मां के नाम पर पौधारोपण पर आज पूरा देश बड़े ही उत्साह के साथ पेड़ लगा रहा है। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि स्वदेशी अपनाने का जो अभियान चल रहा है, इसका लक्ष्य है कि एक दिन भारत विश्व गुरू बने। सेवा पखवाड़ा के तहत जितने भी अभियान चल रहे हैं उन सभी अभियानों को हम सभी को मिलकर सफल बनाना है। कार्यक्रम में स्थानीय नागरिक एवं अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।  

वंदे भारत एक्सप्रेस का हरियाणा को तोहफा, अब महेंद्रगढ़ स्टेशन पर भी रुकेगी ट्रेन

 महेंद्रगढ़   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान के बांसवाड़ा में आयोजित एक कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से हरी झंडी दिखाकर इस ट्रेन को बीकानेर से रवाना किया। यह वंदे भारत एक्सप्रेस बीकानेर से दिल्ली तक 448 किलोमीटर की दूरी मात्र 6 घंटे 15 मिनट में तय करेगी। वंदे भारत एक्सप्रेस हरियाणा के महेंद्रगढ़ रेलवे स्टेशन पर भी रुकेगी, जिससे हरियाणा के लोगों के लिए दिल्ली और राजस्थान जाना और भी आसान हो जाएगा। इसके अलावा, यह ट्रेन हरियाणा से राजस्थान के प्रमुख शहरों और पर्यटन स्थलों तक सीधी, तेज और आरामदायक यात्रा उपलब्ध कराएगी। महेंद्रगढ़ रेलवे स्टेशन पर वंदे भारत एक्सप्रेस का जोरदार स्वागत किया गया। इस अवसर पर, लोहारू से ट्रेन में सवार होकर आए महेंद्रगढ़-भिवानी लोकसभा क्षेत्र से सांसद चौधरी धर्मवीर सिंह ने स्टेशन पर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर दिल्ली के लिए रवाना किया। हरियाणा में महेंद्रगढ़ सहित कुल चार रेलवे स्टेशनों पर इस ट्रेन के ठहराव की मंजूरी दी गई है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस नई सुविधा से क्षेत्र में पर्यटन, व्यापार और शिक्षा के क्षेत्र में नई संभावनाएं खुलेंगी। खासकर दिल्ली और बीकानेर तक छात्रों और कारोबारियों की आवाजाही तेज और सुगम होगी। महेंद्रगढ़ स्थित हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय में कई राज्यों से छात्र अध्ययन करते हैं, जिन्हें अब यात्रा में बड़ी सुविधा मिलेगी। वंदे भारत एक्सप्रेस में कुल 608 सीटों की व्यवस्था वंदे भारत एक्सप्रेस पूरी तरह आधुनिक सुविधाओं से लैस है। सभी कोच वातानुकूलित हैं और इनमें इलेक्ट्रिक आउटलेट, रीडिंग लाइट, सीसीटीवी कैमरे, स्वचालित दरवाजे, बायो-वैक्यूम शौचालय, सेंसर आधारित पानी के नल और यात्री सूचना प्रणाली जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। ट्रेन में दो टीटी, दो क्रू मेंबर और एक गार्ड यात्रियों की सेवा के लिए तैनात रहेंगे। 608 सीटों में से 52 सीटें एग्जीक्यूटिव क्लास के लिए और बाकी चेयर कार कोच में 44 से 78 सीटें होंगी।

होम्बले फिल्म्स और ऋषभ शेट्टी की फिल्म कांताराः चैप्टर 1 का मुंबई में होगा प्री-रिलीज इवेंट!

मुंबई,  होम्बले फिल्म्स और ऋषभ शेट्टी की फिल्म कांताराः चैप्टर 1 का मुंबई में 29 सितंबर को प्री-रिलीज इवेंट हो सकता है। वर्ष 2022 में कांतारा की ज़बरदस्त सफलता के बाद दर्शक इसके प्रीक्वल का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे थे। ऐसे में, अब जब ट्रेलर आखिरकार रिलीज हो गया है।दर्शक इसमें रोंगटे खड़े कर देने वाले पल और दिल को छू जाने वाले विजुअल्स देख पा रहे हैं। ये ट्रेलर सिर्फ उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा है, बल्कि उसे पार करने में कामयाब रहा है। इतिहास रचते हुए, ट्रेलर ने सिर्फ़ 24 घंटे में 107 मिलियन से ज़्यादा व्यूज़ और 3.4 मिलियन से ज़्यादा लाइक्स हासिल किए हैं। ऐसे में फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच जोश अपने सबसे ऊँचे लेवल पर पहुंच चुका है और अब मेकर्स 29 सितंबर को मुंबई में फिल्म रिलीज से पहले एक इवेंट करने की तैयारी कर रहे हैं। एक करीबी सूत्र के अनुसार , "कांतारा: चैप्टर 1 के मेकर्स मुंबई में एक प्रमोशनल इवेंट करने की प्लानिंग बना रहे हैं, जिसमें ऋषभ शेट्टी, रुक्मिणी और होम्बाले फिल्म्स के प्रोड्यूसर शामिल होंगे।यह लगभग दो सालों में ऋषभ का नॉर्थ इंडिया में पहला मीडिया अपीयरेंस होगा, क्योंकि वह पिछले लंबे समय से पूरी तरह से कांतारा: चैप्टर 1 की शूटिंग में बिजी चल रहे थे। इसके साथ ही मेकर्स इस मीडिया इंटरैक्शन के साथ अपना पहला बड़ा नॉर्थ इंडिया प्रोग्राम करने जा रहे हैं।" कांताराः चैप्टर 1 होम्बले फिल्म्स की सबसे बड़ी और महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक है। यह फिल्म 02 अक्टूबर को दुनिया भर में कन्नड़, हिंदी, तेलुगु, मलयालम, तमिल, बंगाली और अंग्रेजी भाषाओं में रिलीज होगी।