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ईयरबड्स में जमी मैल से घट रहा साउंड? जानें आसान सफाई के तरीके

लोग अक्सर ईयरबड्स का इस्तेमाल करते हुए नजर आते हैं। फिर चाहे मेट्रो में अपने पसंदीदा गाने सुन रहे हों या जिम में पसीना बहाते हुए मोटिवेशनल म्यूजिक का मजा ले रहे हों। लोगों के ईयरबड्स हर पल उनके साथ रहते हैं, घर में मूवी देखने से लेकर ऑफिस में जूम कॉल अटेंड करने तक लोग ईयरबड्स का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा कि ये छोटे-छोटे गैजेट्स कितनी जल्दी गंदे हो जाते हैं? पसीना, कान का मैल, धूल और तेल इनमें जमा हो जाता है, जो न सिर्फ इनकी आवाज को खराब कर सकता है, बल्कि आपके कानों के लिए भी नुकसानदेह हो सकता है। ऐसे में इनको साफ करने के बारे में आपको पता होना चाहिए। साउंड पोर्ट हो सकता है ब्लॉक कान का मैल यानी वैक्स ईयरबड्स को खराब कर सकता है। यह ईयरबड्स के साउंड पोर्ट को ब्लॉक कर सकता है, जिससे आवाज धीमी या खराब हो सकती है। साथ ही, मैल के कारण ईयरबड्स की ग्रिप कम हो सकती है, जिससे वे कान से निकल सकते हैं। इसके अलावा, ईयरबड्स मैल को कान के अंदर धकेल सकते हैं, जिससे रुकावट हो सकती है। इससे कान में दर्द, दबाव या सुनने की समस्या हो सकती है। मेश स्क्रीन से मैल हटाएं ईयरबड्स की मेश स्क्रीन का मतलब है ईयरबड्स का छोटा जालीदार हिस्सा, जहां से आवाज़ आती है। इस में अक्सर मैल जमा हो जाता है, जिससे आवाज धीमी या बफर हो सकती है। ईयरबड्स को इस तरह पकड़ें कि मेश नीचे की ओर हो। अब एक सॉफ्ट ब्रिसल टूथब्रश से हल्के से ब्रश करें, ताकि ढीली गंदगी निकल जाए। अगर गंदगी फंसी हुई हो, तो कॉटन स्वैब को थोड़े से रबिंग अल्कोहल में डुबोकर हल्के से मेश पर रगड़ें। ध्यान रखें कि ज्यादा जोर न लगाएं, वरना मैल अंदर धंस सकता है, या मेश भी हट सकता है। सिलिकॉन या फोम टिप्स को धोएं अगर आपके ईयरबड्स में वह सिलिकॉन या फोम टिप्स हैं, जो आसानी से हटाई जा सकती हैं, तो उन्हें धीरे से निकाल लें। एक छोटे बर्तन में गुनगुना पानी लें और उसमें एक बूंद हल्का डिशवॉशिंग साबुन मिलाएं। टिप्स को इस पानी में 15-20 मिनट के लिए भिगो दें। इसके बाद, अपनी उंगलियों या कॉटन स्वैब से गंदगी को हल्के से रगड़कर साफ करें। सिलिकॉन टिप्स को अच्छे से धोकर साफ तौलिये पर सूखने के लिए रख दें। फोम टिप्स को ज्यादा देर भिगोने से बचें, क्योंकि ये जल्दी पानी सोख लेते हैं। सूखने के बाद ही इन्हें वापस ईयरबड्स में लगाएं। ईयरबड्स की बाहरी बॉडी साफ करें ईयरबड्स की बाहरी बॉडी पर स्किन पर लगाया हुआ तेल चिपक सकता है। इसके अलावा, पसीना भी जमा हो सकता है। इसे साफ करने के लिए माइक्रोफाइबर कपड़े का इस्तेमाल करें। कपड़े या कॉटन स्वैब को हल्के से रबिंग अल्कोहल में भिगोकर बॉडी को पोंछ लें। इसका ध्यान जरूर रखें कि लिक्विड चीज ईयरबड्स के छोटे-छोटे छेदों में न चली जाए, क्योंकि इससे डिवाइस खराब हो सकता है। फैब्रिक पाउच को ऐसे धोएं अगर आपके ईयरबड्स के साथ फैब्रिक पाउच है, तो उसे भी साफ करना जरूरी है। गुनगुने पानी में थोड़ा साबुन मिलाएं और पाउच को कुछ मिनट के लिए भिगो दें। हल्के से रगड़कर गंदगी हटाएं, फिर अच्छे से धोकर छायादार या फिर किसी हवादार जगह पर सूखने दें। इसके बाद आप इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। चार्जिंग केस ऐसे चमका सकते हैं आपका चार्जिंग केस भी गंदा हो गया है तो उसे भी आप साफ कर सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले केस को सूखे माइक्रोफाइबर कपड़े से पोंछ लें। चार्जिंग पिन के लिए बनी मुश्किल जगहों के लिए कॉटन स्वैब का इस्तेमाल करें। अगर गंदगी ज्यादा हो, तो स्वैब को हल्के से रबिंग अल्कोहल में भिगोकर साफ करें। केस को पूरी तरह सूखने दें, फिर उसमें ईयरबड्स रखें।

चुकंदर का जादू: फेस पैक से दाग-धब्बे होंगे गायब

दुर्गा पूजा की तैयारियां कई दिनों पहले से ही शुरू हो जाती हैं। देवी की आराधना के साथ पंडाल हॉपिंग, सिंदूर खेला, मेला घूमना और सुंदर कपड़ों में तैयार होना दुर्गा पूजा की रौनक बढ़ा देते हैं। ऐसे में हर कोई चाहता है कि उनका चेहरा निखरा हुआ और ग्लोइंग लगे। हालांकि, प्रदूषण, स्ट्रेस, एक्ने आदि के कारण चेहरे की रौनक कम हो जाती है। लेकिन अब चिंता की कोई बात नहीं है। चेहरे का खोया निखार लौटाने में चुकंदर आपकी काफी मदद कर सकता है। जी हां, चुकंदर से बना फेस पैक  चेहरे के दाग-धब्बे कम करने के साथ-साथ ग्लो बढ़ाने में भी मदद करता है। आइए जानें घर पर कैसे बनाएं चुकंदर का फेस पैक। चुकंदर त्वचा के लिए क्यों है फायदेमंद? चुकंदर पोषक तत्वों का भंडार है। इसमें विटामिन-सी, विटामिन-बी6, आयरन, मैग्नीशियम, पोटैशियम और एंटी-ऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। ये सभी तत्व त्वचा को हेल्दी और ग्लोइंग बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।     नेचुरल ग्लो के लिए- चुकंदर में मौजूद विटामिन-सी कोलेजन प्रोडक्शन को बढ़ावा देता है, जो त्वचा को टाइट और ग्लोइंग बनाता है।     दाग-धब्बे हटाने में सहायक- इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-बैक्टीरियल गुण मुंहासे पैदा करने वाले बैक्टीरिया से लड़ते हैं और पुराने दागों को हल्का करने में मदद करते हैं।     त्वचा को डिटॉक्सीफाई करे- चुकंदर शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मदद करता है, जिससे त्वचा साफ और निखरी हुई दिखती है।     एंटी-एजिंग गुण- इसमें मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट्स झुर्रियों और फाइन लाइन्स को कम करके त्वचा को जवान बनाए रखते हैं। कैसे तैयार करें चुकंदर का इंस्टेंट ग्लो फेस पैक? सामग्री-     1 छोटा चुकंदर     1 चम्मच बेसन     1/2 चम्मच शहद     1/2 चम्मच दही (ड्राई स्किन के लिए) या नींबू का रस (ऑयली स्किन के लिए) बनाने और लगाने का तरीका-     सबसे पहले चुकंदर को छीलकर छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें।     इन टुकड़ों को मिक्सी में पीसकर एक स्मूद पेस्ट तैयार कर लें। अगर पेस्ट गाढ़ा है तो इसमें एक चम्मच गुलाबजल मिला सकते हैं।     अब एक बाउल में इस चुकंदर के पेस्ट में बेसन, शहद और दही (या नींबू का रस) डालकर अच्छी तरह मिलाएं ताकि एक चिकना पेस्ट बन जाए।     अब चेहरे को अच्छी तरह साफ करके इस पैक को अपनी त्वचा पर समान रूप से लगाएं। आंखों और होठों के आस-पास के हिस्से से बचें।     इसे 15-20 मिनट तक सूखने दें। जब पैक सूख जाए, तो गीले हाथों से हल्के हाथों से मसाज करते हुए स्क्रब की तरह हटा दें। इसके बाद ठंडे पानी से चेहरा धो लें।     हफ्ते में 2 बार इस पैक का इस्तेमाल कर सकते हैं।     अगर आपकी स्किन सेंसिटिव है, तो पैक लगाने से पहले कोहनी पर टेस्ट कर लें। चुकंदर का रंग कुछ समय के लिए त्वचा पर रह सकता है, इसलिए इसे रात में लगाना बेहतर हो सकता है।  

भारत में आया 100 इंच का 4K QLED स्मार्ट टीवी – एक ही स्क्रीन पर सिनेमा और गेमिंग का धमाकेदार कॉम्बो

नई दिल्ली 100 का इंच का QLED स्मार्ट टीवी लॉन्च हो गया है। Haier Appliances ने S90 Series QLED टीवी पेश किए हैं। टीवी HDR10+, Dolby Vision IQ और 1000 Nits पीक ब्राइटनेस को सपोर्ट करते हैं। घर में ही थिएटर का फील पाने की इच्छा रखने वालों के लिए ये स्मार्ट टीवी काफी सही हो सकता है। इसका स्क्रीन साइज आपके एक्सपीरियंस को और भी मजेदार बना देगा। ऑनलाइन स्ट्रीमिंग के साथ-साथ गेमिंग के लिए भी यह अच्छा है। स्मार्ट टीवी की कीमत और सभी स्पेसिफिकेशन जानने के लिए नीचे पढ़ें। स्मार्ट टीवी के सभी खास फीचर्स कंपनी के इस टीवी में 100 इंच का स्क्रीन मिलता है। इसका पिक्सल रेजलूशन 3840 x 2160, रिफ्रेश रेट 144Hz और पीक ब्राइटनेस 1000 nits है। इसमें कई गेमिंग फीचर्स मिलते हैं, जिसमें VRR, ALLM, Game Menu, AMD FreeSync Premium Pro शामिल हैं। बड़ी स्क्रीन वाला यह टीवी 55W के स्पीकर और Dolby Atmos सपोर्ट के साथ आता है। यह गूगल टीवी Android 14 पर रन करता है। इसमें 4GB RAM के साथ 64GB इंटरनल स्टोरेज दिया गया है। टीवी एआई स्मार्ट वॉइस के साथ आता है। इसमें dolby Vision, सपोर्ट, गेम, एमर्जी सेविंग जैसे कई मोड मिलते हैं। कनेक्टिविटी के लिए इसमें मिलते हैं कई फीचर्स स्मार्ट टीवी को गूगल टीवी रिमोट और वन टच बटन के जरिए कंट्रोल किया जा सकता है। इसके अलावा टीवी के अन्य फीचर्स में हाईस्मार्ट IoT हब, हाईकास्ट, क्रोमकास्ट बिल्ट-इन, ब्लूटूथ स्पीकर मोड शामिल है। केनेक्टिविटी के लिए इस स्मार्ट टीवी में 4 HDMI, 3 USB 2.0, Ethernet LAN, Wi-Fi 6, Bluetooth 5.2 मिलता है। गूगल टीवी पर चलने वाला S90 सीरीज में कई स्ट्रीमिंग ऐप्स मिलते हैं। इसमें लाइव टीवी और यूट्यूब शामिल है। यह HaiSmart इकोसिस्टम के जरिए एक स्मार्ट होम हब के रूप में भी काम करता है, जो कनेक्टेड डिवाइस को कंट्रोल कर सकता है। इसमें वायरलेस स्क्रीन प्रोजेक्शन के लिए HaiCast और स्क्रीन बंद होने पर भी ऑडियो के लिए ब्लूटूथ स्पीकर मोड शामिल हैं। कितनी है स्मार्ट टीवी की कीमत? Haier S90 Series 100 4K QLED स्मार्ट टीवी की कीमत 3,22,990 रुपये है। कंपनी इसके साथ 3 साल की वारंटी दे रही है।

नक्सली दंपत्ति का खुला रहस्य : राजधानी में आम लोगों के बीच बिताए दो महीने

रायपुर राजधानी में पुलिस और माओवादी विरोधी दस्ता को बड़ी सफलता मिली है. नक्सल संगठन से जुड़े फरार दंपत्ति को रायपुर से गिरफ्तार किया गया है. जानकारी के मुताबिक, दोनों बीते दो महीने से फर्जी पहचान पत्र के सहारे राजधानी में रह रहे थे. जानकारी के मुताबिक, आरोपियों की पहचान जग्गू और कमला के रूप में हुई है. मामले का खुलासा तब हुआ, जब वे रायपुर के मेकाहारा अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे. इस दौरान उनके आईडीकार्ड फर्जी निकले. फर्जी आईडी के उजागर होते ही एसआईए और नक्सल विरोधी दस्ते ने तत्काल कार्रवाई करते हुए नक्सल दंपत्ति को धर दबोचा. 2 महीने से किराये के मकान पर थे निवासरत दोनों चंगोराभाटा इलाके में किराए के मकान में रह रहे थे. स्थानीय किरायेदारों के मुताबिक, वे किसी से बातचीत नहीं करते थे और जब भी बाहर निकलते, तो चेहरा ढककर ही आते-जाते थे. पुलिस जांच में सामने आया है कि ये दंपत्ति नक्सल संगठन की गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रहा था और फरारी के दौरान फर्जी आधार कार्ड तक बनवा लिया था. फिलहाल, एसआईए की टीम आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है.

पवेलियन में राज्य की धरोहर, संस्कृति और लजीज जायकों की झलक, एआर फोटो बूथ बना युवाओं का पसंदीदा

यूपी पर्यटन पवेलियन में दिखी संस्कृति की झलक, बनारस के घाट और बुद्ध सर्किट ने खींचा ध्यान ग्रेटर नोएडा यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2025 में हॉल नंबर-7 का स्टॉल नंबर-12 दर्शकों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यहां आते ही आगंतुकों को ऐसा अनुभव मिलता है मानो वे किसी मेले में नहीं, बल्कि सीधे उत्तर प्रदेश की धरती पर पहुँच गए हों। कहीं बनारस के घाटों की झलक दिखती है तो कहीं काशी विश्वनाथ धाम और बुद्ध सर्किट की भव्यता नज़र आती है। यही नहीं, आधुनिक तकनीक से लैस एआर फोटो बूथ युवाओं की सेल्फी और तस्वीरों का नया केंद्र बन गया है। बनारस का माहौल, गंगा आरती का अनुभव स्टॉल के प्रवेश द्वार को बनारस की गंगा आरती से प्रेरित कर डिजाइन किया गया है। आगंतुक जैसे ही अंदर आते हैं, उन्हें दीप जलाए कलाकारों और गंगा घाट की नकल करते चबूतरों पर बैठे प्रस्तुति देते कलाकार दिखाई देते हैं। स्टॉल में लगाए गए इन बीआर अनुभव (Immersive VR) के जरिए आगंतुकों को ऐसा आभास होता है मानो वे गंगा की लहरों पर नाव में सवार होकर बनारस की यात्रा कर रहे हों। स्टॉल पर मौजूद दीपिका सिंह ने बताया, “गंगा आरती से प्रेरित यह माहौल हर आगंतुक को आध्यात्मिक शांति का अनुभव कराता है। हमारा प्रयास है कि लोग यूपी के पर्यटन स्थलों से भावनात्मक रूप से जुड़ें।” बुद्ध सर्किट द्वार पर युवाओं की भीड़ स्टॉल में बनाया गया बुद्ध सर्किट द्वार युवाओं का पसंदीदा सेल्फी प्वाइंट बन चुका है। गाजियाबाद से आए आगंतुक अमित ने कहा, “बुद्ध के उपदेश आज के समय में और भी ज़्यादा प्रासंगिक हैं। यह द्वार न केवल एक फोटो स्पॉट है बल्कि संदेश देता है कि शांति और करुणा हमारी जीवनशैली का हिस्सा होनी चाहिए।” स्टॉल में आने वाले छात्र और शोधार्थी भी इसे बेहद रोचक मान रहे हैं। उनका कहना है कि यह यूपी के बौद्ध पर्यटन सर्किट के महत्व को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का प्रभावी माध्यम है। धरोहर और जायकों का संगम स्टॉल केवल धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां यूपी की हस्तकला और लजीज जायकों का भी संगम दिखता है। सहारनपुर की लकड़ी की कारीगरी, कन्नौज का इत्र, मुरादाबाद का ब्रासवर्क, भदोही के कालीन, वाराणसी की बूटीदार सिल्क साड़ी, आगरा का पेठा, मथुरा का पेड़ा और बनारसी पान यहां आने वाले हर आगंतुक को आकर्षित कर रहे हैं। दीपिका सिंह ने बताया, “हमने कोशिश की है कि इस छोटे से हिस्से में पूरा यूपी समा जाए। कोई स्वाद लेना चाहे या स्मृति चिन्ह साथ ले जाना चाहे, यहां सब उपलब्ध है।” मंदिरों संग डिजिटल फोटो और तकनीकी नवाचार यूपी पर्यटन विभाग के इस स्टॉल की सबसे बड़ी विशेषता एआर फोटो बूथ है। यहां आगंतुक अपनी पसंद का मंदिर या पर्यटन स्थल चुनकर उसके साथ डिजिटल फोटो खिंचवा सकते हैं। फोटो खिंचने के तुरंत बाद आगंतुकों को एक क्यूआर कोड दिया जाता है, जिसे स्कैन कर वे अपनी तस्वीरें सीधे मोबाइल पर डाउनलोड कर सकते हैं। दिल्ली से आए युवा पर्यटक नेहा ने कहा, “यह अनुभव बिल्कुल नया है। मुझे ऐसा लगा जैसे मैं सचमुच मथुरा के मंदिर में खड़ी हूं। इसे देखकर मेरे दोस्तों ने भी स्टॉल पर आने की जिद की।” यूपी की पहचान और निवेश की संभावना इस स्टॉल के जरिए न केवल पर्यटन स्थलों को प्रमोट किया जा रहा है बल्कि ‘एक जिला, एक उत्पाद’ जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं को भी सामने लाया गया है। इस तरह की प्रस्तुति न केवल युवाओं और पर्यटकों को आकर्षित करती है, बल्कि राज्य में निवेश और पर्यटन को भी बढ़ावा देती है।  स्टॉल की खासियत ▪️बनारस की गंगा आरती से प्रेरित प्रवेश द्वार और घाट जैसा माहौल ▪️इन वीआर अनुभव से नाव में बैठकर बनारस का वर्चुअल भ्रमण सा अनुभव ▪️बुद्ध सर्किट गेट युवाओं का पसंदीदा सेल्फी प्वाइंट ▪️कन्नौज का इत्र, मुरादाबाद का ब्रासवर्क, भदोही के कालीन समेत यूपी की समृद्ध विरासत ▪️एआर फोटो बूथ से मंदिरों और धरोहरों के साथ डिजिटल फोटो और तुरंत डाउनलोड सुविधा

कनाडा की धरती से अजित डोभाल के नाम धमकी, इंतजार जारी

कनाडा कनाडा में गिरफ्तार हुआ खालिस्तानी आतंकवादी इंदरजीत सिंह गोसाल जेल से बाहर आ चुका है। खबर है कि बाहर आते ही उसने भारत को धमकी दी है। इसके अलावा SFJ यानी सिख्स फॉर जस्टिस के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू ने भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल को चेतावनी दी है। गोसाल और 2 अन्य को 19 सितंबर को हथियारों से जुड़े अपराध में गिरफ्तार किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, गोसाल जेल से बाहर आ गया है। जेल से बाहर आते ही उसने पन्नू को समर्थन देने की बात कही है। रिपोर्ट के अनुसार, गोसाल ने वीडियो में कहा, 'भारत, मैं बाहर आ गया हूं। गुरपतवंत सिंह पन्नू को समर्थन देने और 23 नवंबर 2025 को खालिस्तान रेफरेंडम आयोजित करने के लिए। दिल्ली बनेगा खालिस्तान।' रिपोर्ट के मुताबिक पन्नू ने कहा, 'अजित डोभाल, तुम क्यों कनाडा, अमेरिका या किसी यूरोपीय देश में नहीं जाते और गिरफ्तारी या प्रत्यर्पण की कोशिश करते। डोभाल, मैं तुम्हारा इंतजार कर रहा हूं।' भारतीय सैनिकों को भड़काया हाल ही में NIA यानी नेशनल इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो ने अमेरिका में रहने वाले पन्नू के खिलाफ एक नया मामला दर्ज किया है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इस साल स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रध्वज फहराने से रोकने के लिए इनाम की पेशकश करने और 'भारत के खिलाफ सिखों में असंतोष फैलाने' का आरोप शामिल है। FIR के अनुसार, पन्नू ने 10 अगस्त को पाकिस्तान के लाहौर प्रेस क्लब में मीट द प्रेस कार्यक्रम के दौरान ईनाम की घोषणा की थी। वॉशिंगटन से एक वीडियो संबोधन में पन्नू ने उन सिख सैनिकों को 11 करोड़ रुपये का इनाम देने की घोषणा की थी, जो मोदी को दिल्ली के लाल किले पर तिरंगा फहराने से रोकेंगे। FIR में यह भी कहा गया है कि इस कार्यक्रम में पन्नू ने एक नए खालिस्तान के मानचित्र का अनावरण किया और कहा कि पंजाब, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश खालिस्तान में शामिल होंगे। पन्नू ने दावा किया था कि SFJ ने भारत के खिलाफ लड़ने के लिए एक शहीद जत्था बनाया है।  

फर्जी शिकायत कर ब्लैकमेल करने वालों की खैर नहीं, सीएम हेल्पलाइन में बनेगी निगरानी फाइल

भोपाल  सीएम हेल्पलाइन में शिकायत करने वाले लोगों में फेक शिकायतर्ताओं की बढ़ रही तादाद को देखते हुए भोपाल कलेक्टर ने ऐसे झूठे और भ्रामक शिकायतकर्ताओं पर लगाम कसने के लिए एक्शन लिया है. एक पत्र जारी कर कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन पर आने वाले सभी फेक कॉलर्स के बारे में जानकारी मांगी है. भोपाल कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन पर आदतन झूठी शिकायत करने वाले और ब्लैकमेलिंग करने वाले लोगों पर लगाम कसने के लिए प्रदेश के सभी जिला कलेक्टर से ऐसे फेक कॉलर्स के बारे में जानकारी मांगी है और उनकी पहचान करके उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. अधिकारी अपनी टिप्पणी के साथ भेजेंगे जानकारी इसके लिए शासन ने एक फार्मेट भी जारी किया है, जिसमें शिकायतकर्ता का नाम, मोबाइल नंबर, अब तक की गई कुल शिकायतों की संख्या और उसके बारे में अधिकारियों की टिप्पणी दर्ज की जाएगी। यह जानकारी लेवल अधिकारियों की लॉगिन आईडी के जरिए पोर्टल पर दर्ज की जाएगी। गौरतलब है कि सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा बैठकों में बार-बार यह तथ्य सामने आया है कि कुछ लोग फर्जी शिकायतें कर अफसरों-कर्मचारियों को परेशान करते हैं। मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव पहले ही ऐसे मामलों में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दे चुके हैं। अब पहली बार सरकार ने बाकायदा आदेश जारी कर कलेक्टरों से रिपोर्ट तलब की है। सीएम हेल्पलाइन पर लगातार आ रहे हैं फेक कॉल रिपोर्ट के मुताबिक सीएम हेल्पलाइन पर लगातार फेक कॉल आ रहे हैं, जिससे जरूरतमंद की उचित समय में मदद मिलना मुश्किल हो जाता है, जबकि आदतन झूठी शिकायत दर्ज कराने और ब्लैकमेल करने बेवजह कॉल कर सरकारी साधनों का दुरुपयोग कर रहे हैं, जिससे परेशान होकर कलेक्टर ने यह आदेश जारी किया है. वहीं मुख्यमंत्री हेल्पलाइन कार्यालय से साफ कहा गया है कि अब ऐसे फर्जी और ब्लैकमेलिंग करने वाले शिकायतकर्ताओं पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. सभी जिलों के कलेक्टरों को कहा गया है कि वे अपने इलाके में ऐसे लोगों की पहचान करें, जो झूठी शिकायतें दर्ज करवा रहे हैं. हर जिले से ऐसे शिकायतकर्ताओं की लिस्ट तैयार कर सरकार को भेजनी होगी. ताकि उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सके. सरकार का कहना है कि ये कदम शिकायत प्रणाली को पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने के लिए जरूरी है.  झूठे व ब्लैकमेलर शिकायकर्ता पर होगी कार्रवाई  सीएम हेल्पलाइन कार्यालय ने सभी जिला कलेक्टर को जारी एक पत्र में कहा कि वो सीएम हेल्पलाइन पर आदतन झूठी शिकायत करने वाले और ब्लैकमेलिंग करने वालों की लिस्ट तैयार करें और जानकारी मुहैया कराएं. माना जा रहा है कि कलेक्टर ने उक्त पत्र फर्जी और ब्लैकमेलिंग वाली शिकायतों से परेशान होकर जारी किया है. फर्जी कॉलर्स के मोबाइल की मांगी गई जानकारी  जिलाधिकारियों से कहा गया है कि वो सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर दर्ज झूठी एवं आदतन शिकायतकर्ताओं की जानकारी नियमित रूप से उपलब्ध कराएं.निर्देश दिया गया है कि पोर्टल पर पंजीकृत झूठी/आदतन शिकायतकर्ताओं की सूची तैयार की जाए, जिसमें  नाम,मोबाइल नंबर,कुल शिकायतों की संख्या व संबंधित टिप्पणियाँ शामिल हों. शिकायतों की संख्या बढ़ी बीते कुछ महीनों से हेल्पलाइन में शिकायतों की संख्या तो बढ़ी है, लेकिन इनमें कई मामले फर्जी भी निकल रहे हैं. कुछ लोग अपनी निजी मांगों को पूरा करवाने के लिए अफसरों को धमकाते हैं. इससे न सिर्फ प्रशासनिक कामकाज में रुकावट आ रही है बल्कि असली शिकायतों पर ध्यान देना भी मुश्किल हो गया है. अब सरकार ने तय किया है कि ऐसी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा और दोषियों को किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा. इससे सिस्टम मजबूत होगा सरकार के नए निर्देशों के मुताबिक, कलेक्टरों को हर शिकायत की गहराई से जांच करनी होगी और यह भी देखना होगा कि शिकायत कितनी सही है. साथ ही हेल्पलाइन पर आने वाली हर शिकायत की गुणवत्ता पर नजर रखनी होगी. उम्मीद है कि इस कदम से जनता को भरोसा मिलेगा कि उनकी बात सही तरीके से सुनी जाएगी और झूठे शिकायतकर्ता अब कानून के शिकंजे में आएंगे. इससे सिस्टम और मजबूत होगा और असली जरूरतमंदों को जल्दी राहत मिल सकेगी.

प्रदेश में पाये जाने वाले थलीय एवं जलीय जीवों की विशिष्टताओं को करें एक्सप्लोर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मध्यप्रदेश की जैविक विविधताओं का हो वैश्विक प्रचार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश में पाये जाने वाले थलीय एवं जलीय जीवों की विशिष्टताओं को करें एक्सप्लोर अन्य राज्यों के वन्य जीव लाकर प्रदेश की जैव विविधता को करें और भी समृद्ध मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने म.प्र. राज्य वन्यप्राणी बोर्ड की 30वीं बैठक की अध्यक्षता कर दिए निर्देश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में पाई जाने वाली फ्लोरल एंड फौनल डायवर्सिटी (वानस्पतिक एवं जैविक विविधताओं) के बारे में प्रापर ब्रांडिंग की जाए। प्रदेश के समृद्ध वन क्षेत्रों एवं यहां के वनों में वन्य जीवों की सहज दृश्यता का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाये। इसके लिए भारतीय फिल्म डिवीजन, डिस्कवरी और अन्य चैनल्स के साथ मिलकर शॉट फिल्म्स, डाक्यूमेंटरी फिल्म, प्रमोशनल्स कैपसूल्स तैयार कर मध्यप्रदेश की वन विशिष्टताओं के बारे में पूरे विश्व को बतायें। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी अच्छाईयां दुनिया के सामने आनी ही चाहिए। दूसरे राज्यों को प्रदेश में उपलब्ध वन्य प्राणी अवश्य दें, परन्तु उनसे भी उनके यहां उपलब्ध वन्य प्राणी प्राप्त कर प्रदेश की वन विविधताओं को और अधिक समृद्ध करें। उन्होंने कहा कि आसाम से गेंडा या एक सींग वाला गेंडा प्राप्त करने के प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की नदियों में मगरमच्छ, कछुआ और घड़ियाल सहित डॉल्फिन जैसे जलीय जीव मुक्त करने के लिए तैयारी करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को मंत्रालय में मध्यप्रदेश राज्य वन्यप्राणी बोर्ड की 30वीं बैठक की अध्यक्षता कर संबोधित कर रहे थे। बैठक में वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री  दिलीप अहिरवार एवं बोर्ड के सदस्य डॉ. नारायण व्यास वर्चुअली शामिल हुए। मुख्य सचिव  अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव  नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव वन  अशोक बर्णवाल, प्रधान मुख्य वन संरक्षक  वी.एन. अम्बाडे, वन्य प्राणी बोर्ड के सदस्य  मोहन नागर,  रूपनारायण मांडवे,  महेन्द्र सिंह चौहान, डॉ. सुदेश बाघमारे, डॉ. रविचंद्रन सहित अन्य सदस्यगण भी उपस्थित थे। बैठक में तीन राज्यों उड़ीसा, राजस्थान और छत्तीसगढ़ को तीन जोड़े टाइगर देने पर गहन विचार विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिन राज्यों को टाइगर दिए जा रहे हैं, उनसे उस राज्य में पाए जाने वाले वन्य जीव भी प्राप्त किए जाएं। बैठक में बोर्ड के सदस्य डॉ. आलोक कुमार ने कहा कि प्रदेश में पन्ना एवं बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के परिक्षेत्र में एक और कन्जर्वेशन रिजर्व बनाया जा सकता है। इसी प्रकार कान्हा और बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के परिक्षेत्र में बालाघाट जिले के सोनेवानी फॉरेस्ट रेंज को समाहित करते हुए एक पृथक कन्जर्वेशन रिजर्व बनाने की प्रबल संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि यदि इस विषय पर गंभीरतापूर्वक निर्णय लिया जाता है, तो यह प्रदेश में वाइल्ड लाइफ कन्जर्वेशन की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम होगा। गजरक्षक ऐप तैयार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि राज्य में जंगली हाथियों के कारण हो रही दुर्घटनाओं एवं उनसे मानव दंद को रोकने के लिए समुचित उपाय किए जाएं। एडिशनल पीसीसीएफ  कृष्णमूर्ति ने बताया कि एआई बेस्ड गजरक्षक ऐप तैयार किया गया है, जो जंगली हथियों की गतिविधियों की सूचना देता है और हाथी से मानव बसाहट वाले क्षेत्र में नजदीक होने पर ग्रामीणों को मैसेज के जरिए सूचना का प्रसार किया जाता है। कॉलरिंग के जरिए भी यह कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि हाथी विचरण जिलों और वनमंडलों में हाथी मित्र दलों का गठन भी किया गया है। बोर्ड की विशेष उपलब्धियां बैठक में  कृष्णमूर्ति ने म.प्र. राज्य वन्य प्राणी बोर्ड की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि खरमोर अभयारण्य सरदारपुर का पुनर्गठन किया गया है। इससे क्षेत्र के 14 राजस्व गांवों के लोगों को उनकी भूमि क्रय-विक्रय की समस्या का स्थायी समाधान हो गया है। उन्होंने बताया कि भोपाल में 29 जुलाई को अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस मनाया गया। प्रदेश में 14 रेस्क्यू स्कवॉड एवं 16 डॉग स्कवॉड और गौर बारहसिंगा आदि के परिवहन के लिए 6 विशेष वन्यजीव परिवहन एवं 3 रेस्क्यू वाहन सहित डॉग स्कवॉड वाहन लोकार्पित किए गए हैं। जहांनगढ़ अभयारण्य का गठन किया गया। यह प्रदेश का 26वां अभयारण्य है। इस वर्ष भोपाल में हुए बाघ दिवस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बाघ राखी बांधकर बाघ रक्षाबंधन की शुरुआत की गई। प्रधानमंत्री  मोदी की भावना के अनुरूप 23 टाईगर रिजर्व में लोहे के स्क्रैप मटेरियल से एक विशालकाय बाघ प्रतिमा का निर्माण किया। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय चम्बल अभयारण्य में इस वर्ष अब तक नदिगांव में 86 घोंसले, बरौली में 32, बाबू सिंह घेर में 20, डांग वसई में 16, रैड़ी में 7 और भरा में 5 घौंसलों से बच्चे निकल चुके हैं। उन्होंने बताया कि स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स मध्यप्रदेश, टाइगर स्ट्राइक फोर्स, शिवपुरी एवं सामान्य वनमंडल, श्योपुर की संयुक्त कार्यवाही में श्योपुर जिले में वन्य प्राणी बाघ और तेन्दुए के अवैध शिकार एवं उसके अवयवों यानि हड्डियां/कंकाल का अवैध परिवहन एवं व्यापार करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह पर कार्यवाही करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। कई प्रस्तावों को मिली मंजूरी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में विभिन्न प्रस्तावों को मंजूरी दी। इसमें खण्डवा एवं बैतूल जिले में सतपुड़ा-मेलघाट कॉरीडोर में 17.148 हेक्टेयर वन भूमि एनएचएआई खण्डवा को उपयोग के लिए मंजूरी दी गई। सिंघोरी अभयारण्य के अंतर्गत ग्राम देहगांव-बम्होरी मार्ग के बेलगांव तक सी.सी. रोड निर्माण के लिए 0.85 हेक्टेयर अभयारण्य वन भूमि ईई आरईएस रायसेन को उपयोग के लिए दी गई। पदम डॉ. विष्णु धर वाकणकर टाइगर रिजर्व (रातापानी अभयारण्य) के बफर जोन की 1.575 हेक्टेयर भूमि ईई पीडब्ल्यूडी रायसेन को उपयोग के लिए दी गई। इसी प्रकार अन्य प्रस्तावों में भी वन भूमि क्षेत्र में निर्माण कार्यों एवं अन्य प्रकार के उपयोग की अनुमतियां दी गई।  

गौमुखासन: रीढ़ की हड्डी मजबूत करने के साथ पाएँ और भी कई फायदे

योग में कई आसन हैं जो शरीर, मन और आत्मा के संतुलन को बनाए रखने में मदद करते हैं, लेकिन गौमुखासन को विशेष रूप से प्रभावशाली माना जाता है। यह आसन शरीर को सशक्त बनाने के साथ-साथ मानसिक स्थिरता भी प्रदान करता है। “गौमुख” का अर्थ है “गाय का मुख”, क्योंकि इस आसन में शरीर की आकृति गाय के मुख जैसी प्रतीत होती है। तो आइए जानें इस प्रभावशाली आसन के कुछ प्रमुख लाभों के बारे में- कंधों की जकड़न दूर करता है यह आसन कंधों की जकड़न को खोलता है और उनके आसपास की मांसपेशियों को फ्लेक्सिबल बनाता है, जिससे अकड़न और दर्द में राहत मिलती है। रीढ़ की हड्डी मजबूत बनाता है गौमुखासन पीठ को सीधा रखने से रीढ़ मजबूत होती है और बॉडी पॉश्चर सुधरती है। सांस की क्षमता बढ़ाता है इसे करने से होने वाले छाती के फैलाव से फेफड़ों को ज्यादा ऑक्सीजन मिलती हैं, जिससे रेस्पिरेटरी कैपेसिटी बेहतर होती है। डायबिटीज के लिए लाभकारी यह आसन पैंक्रियाज को एक्टिव बनाता है, जिससे इंसुलिन का रिलीज संतुलित होता है। हिप्स और थाई को फ्लेक्सिबल बनाता है पैरों की विशेष स्थिति से जांघों और कूल्हों की मांसपेशियां स्ट्रेच होती हैं। गठिया और साइटिका में राहत यह आसन जोड़ों और नसों पर पॉजिटिव इफेक्ट डालता है, जिससे जोड़ों के दर्द और साइटिका में आराम मिलता है। स्ट्रेस और एंजाइटी को दूर करता है नियमित अभ्यास से मेंटल स्ट्रेस में कमी आती है और मन शांत रहता है। नर्वस सिस्टम को सुदृढ़ बनाता है यह आसन नाड़ियों को सक्रिय करता है, जिससे पूरा नर्वस सिस्टम ऐक्टिव रहता है। हॉर्मोनल संतुलन बनाए रखता है यह शरीर के एंडोक्राइन सिस्टम पर असर डालकर हॉर्मोनल संतुलन में सहायक होता है। यूरीन संबंधी समस्याओं में लाभकारी यूरिनरी ट्रैक को शक्ति देता है और इन्फेक्शन की संभावना कम करता है। ध्यान केंद्रित करने में मदद करता है इसका नियमित अभ्यास एकाग्रता बढ़ाता है, जिससे ध्यान साधना अधिक प्रभावी बनती है। गौमुखासन न केवल शारीरिक लचीलापन और मजबूती देता है, बल्कि मानसिक संतुलन और एनर्जी को भी बनाए रखता है। इसे डेली सही तरीके से करने पर शरीर और मन दोनों में अमेजिंग चेंजेस दिखाई देते हैं। शुरुआत में इसे किसी एक्सपर्ट की देखरेख में करें जिससे सही पोज और संतुलन प्राप्त किया जा सके।  

1984 दंगा पीड़ितों को सरकार का सहारा, CM सैनी ने 121 परिवारों को नौकरी देने की घोषणा की

चंडीगढ़  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी 1984 में हुए सिख विरोधी दंगों से प्रभावित सिख परिवारों का सम्मान करेंगे। इसे लेकर मुख्यमंत्री आवास के कैंप ऑफिस में एक कार्यक्रम भी रखा गया है। इन परिवारों के सदस्य सिख विरोधी दंगों में मारे गए थे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विधानसभा के मानसून सत्र में यह घोषणा करते हुए कहा था कि पीड़ित परिवार के सदस्यों को आपसी सहमति से तय करना होगा कि किस सदस्य को नौकरी दी जानी है। दंगों में हरियाणा को बहुत नुकसान हुआ नौकरी के लिए जिला उपायुक्त के माध्यम से हरियाणा सरकार के पास नाम भेजा जाएगा, ताकि राज्य सरकार संबंधित सदस्य को उसकी योग्यता के हिसाब से यथोचित नौकरी प्रदान कर सके।नायब सैनी ने इस प्रस्ताव के पारित होने के बाद कहा कि जब वे भी हरियाणा के दौरे पर निकले तो सिख विरोधी दंगों के पीड़ित परिवार के सदस्यों ने मिलकर अपनी व्यथा सुनाई। 1984 में सिख विरोधी दंगों में प्रदेश में लगभग 20 गुरुद्वारों, 221 मकानों, 154 दुकानों, 67 फैक्ट्रियों, तीन रेल डिब्बों और 85 वाहनों को जला दिया गया था। सरकार ने लिया पुनर्वास का जिम्मा हरियाणा में इन दंगों में 58 व्यक्ति घायल हुए थे और 121 लोगों की मृत्यु हुई थी। पीड़ित परिवारों की व्यथा सुनने के बाद हरियाणा सरकार ने ऐसे परिवारों के पुनर्वास का जिम्मा लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पीड़ित परिवारों को आपसी सहमति से परिवार के एक सदस्य का नाम तय करना होगा, जिसे उपायुक्त मुख्य सचिव के पास भिजवाएंगे। पंजाब चुनाव पर पड़ेगा असर नौकरियां देने के प्रारूप, नियम और शर्तों के बारे में जल्दी ही अधिसूचना जारी की जाएगी। बता दें कि, दिल्ली सरकार ने हाल ही में 125 पीड़ित परिवारों के सदस्यों को सरकारी नौकरियों के लिए लेटर जारी किए हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की इस घोषणा को निकटवर्ती राज्य पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।