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ध्यान भटकाने की कोशिश! तिलक वर्मा ने बताया पाकिस्तानी खिलाड़ियों के अजीब व्यवहार का सच

हैदराबाद एशिया कप 2025 में खिताबी मुकाबले के हीरो तिलक वर्मा ने खुलासा किया है कि फाइनल के दौरान पाकिस्तानी खिलाड़ी उनका ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे थे। भारत-पाकिस्तान मुकाबले के हाई-वोल्टेज माहौल पर तिलक ने वर्मा मंगलवार को पत्रकारों से कहा, “पाकिस्तान हमेशा खिलाड़ियों का ध्यान भटकाने की कोशिश करता है। जब मैं बल्लेबाजी कर रहा था, तब बहुत सी बातें हुईं, लेकिन मैं आपको कैमरे पर नहीं बता सकता। भारत-पाकिस्तान के बीच मुकाबलों में ऐसा होता है। हम खेल के बीच में बहुत कुछ कह देते हैं, लेकिन असली जवाब तब मिलता है, जब आप मैच जीतते हैं। मुझे यही करना था। मैंने यही किया।” इस खिलाड़ी ने बताया कि तनावपूर्ण लक्ष्य का पीछा करते हुए दबाव में शांत रहना पड़ा। बल्लेबाजी के दौरान उन्होंने खुद को याद दिलाया कि वह 140 करोड़ लोगों के लिए बल्लेबाजी कर रहे थे। तिलक वर्मा ने कहा, “मैं बहुत दबाव और घबराहट में था। मेरे दिमाग में बहुत कुछ चल रहा था। मेरे दिल और दिमाग में सिर्फ यही था कि मैं जो भी करूं, देश के लिए अपनी जान लगा दूं। अगर दबाव में आकर असफल हो जाऊं, तो यह सिर्फ मेरी नाकामी नहीं होगी, बल्कि 140 करोड़ लोगों को निराश करने जैसा होगा। ऐसा करने के लिए, मुझे शांत रहना था। बचपन से ही मैंने बुनियादी बातें सीखी हैं। यह आदत भी रही है कि शांत रहकर दिमाग में जो है, उसे पूरी तरह अमल में लाऊं।” फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम महज 20 रन तक अपने 3 विकेट गंवा चुकी थी। यहां से तिलक वर्मा ने संजू सैमसन और शिवम दुबे के साथ शानदार साझेदारियां करते हुए भारत को जीत दिलाई। तिलक को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ भी चुना गया। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने स्वीकारा है कि मुकाबले के दौरान स्थिति तनावपूर्ण थी। उन्होंने कहा, “पहले तीन विकेट गिरने पर काफी दबाव था। उसके बाद स्थिति और भी मुश्किल होती गई। उस समय मैं बल्लेबाजी कर रहा था। मुझ पर काफी दबाव था। अगर मैं एक और गलत शॉट खेलता, तो टीम हार सकती थी। इसलिए मैंने खुद से कहा, “मुझे शांत रहना है, बुनियादी बातों का पालन करना है और मैच के बीच में कोई जवाब नहीं देना है।” 22 वर्षीय बल्लेबाज ने शिवम दुबे के साथ पांचवें विकेट के लिए 60 रन की साझेदारी करते हुए भारत को जीत की दहलीज तक पहुंचाया था। उन्होंने इस मैच जिताऊ साझेदारी का जिक्र करते हुए कहा, “यह विकेट बल्लेबाजी के लिए इतना आसान नहीं था। जैसे ही मैच में टीम की वापसी हुई, हमने साझेदारी करते हुए मैच जीत लिया। यही टीम इंडिया की खूबी है।” पाकिस्तान के खिलाफ खिताबी मुकाबला जीतकर तिलक वर्मा सोमवार को हैदराबाद लौटे। शमशाबाद हवाई अड्डे पर फैंस ने उनका जोरदार स्वागत किया। इसके बाद तेलंगाना खेल प्राधिकरण के अध्यक्ष शिवसेना रेड्डी और प्रबंध निदेशक सोनी बाला देवी ने उन्हें सम्मानित किया।  

हत्या के आरोपी को जनकपुर पुलिस ने 24 घटे के अंदर किया गिरफ्तार

जनकपुर जनकपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत लाखनटोला में  दिनांक 29 सितंबर की सुबह रोड के किनारे युवक की लाश मिली थी। मृतक का नाम बृज कुमार यादव पिता जगजीवन यादव उम्र 39 वर्ष निवासी ग्राम पंचायत लाखनटोला के हरिजनपारा का था। जिसकी सूचना ग्रामीणों द्वारा जनकपुर पुलिस को दी गई।  इसके बाद जनकपुर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और मृतक के पिता जगजीवन यादव जाति अहीर ने पुलिस को सूचना दी की इनका लड़का बृज कुमार यादव को कोई अज्ञात व्यक्ति ने धारदार कल्हाड़ी से मारकर हत्या कर दिया है। जिसकी सूचना जनकपुर पुलिस द्वारा एसडीओपी भरतपुर और पुलिस अधीक्षक एमसी बी को दिया गया। उच्च अधिकारियों के निर्देश पर थाना प्रभारी जनकपुर एवं चौकी प्रभारी कवांरपुर कि पृथक पृथक टीम गठित कर विवेचन किए जाने एवं अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने का आदेश दिया गया। जहांपलिस द्वारा अपराध पंजीबद्ध धारा 194 बीएनएसएस तथा अपराध धारा 103(1) बीएस का कायम कर विवेचना में लिया गया। जांच में एफएसएल टीम एवं डॉग स्कॉर्ट मौके पर उपस्थित रही। परिजनों एवं आम ग्रामीणों से बातचीत कर साक्ष्य एकत्र किए गए एवं आरोपी का पता तलाश करने का हर संभव प्रयास किया गया जिस पर घटना के 24 घंटे के अंदर ही आंधी कत्ल की गुत्थी सुलझाने में थाना जनकपुर पुलिस कामयाब हो सकी। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार 28 सितंबर 2025 को बृज कुमार पुरुषोत्तम ननकू बंटी तीर्थ और राजेश सभी मुर्गा खाने और शराब पीने का कार्यक्रम तरतोरा बांध के किनारे बनाए थे जहां रात्रि 8:00 बजे खाना पीना खाकर सभी अपने-अपने घर की ओर चल दिए। जहां पुरुषोत्तम बैगा अपनी मोटरसाइकिल में बृज कुमार को बैठक घर की ओर चल दिया। तभी रास्ते में पुरुषोत्तम बैगा ने बृज कुमार से बोला कि तुम लोग मेरे बाप दादा की जमीन में जबरन कब्जा कर लिए हो इसी बात पर नाराज होकर बृज कुमार यादव ने पुरुषोत्तम बैगा को मां बहन की गाली देने लगा। इसी बात पर नाराज होकर पुरुषोत्तम बैगा अपने घर के पास पहुंचकर  बृज कुमार यादव को अपने घर जाने के लिए कहां । मगर बृज कुमार यादव घर ना जाकर लगातार गालियां देता रहा जिस पर पुरुषोत्तम बैगा अपने घर से टांगी लेकर आया और टांगी से तीन चार हमला बृज कुमार के ऊपर कर दिया। पुरुषोत्तम ने इतनी जोर से टांगी चलाया की टांगी का बेट टूटकर दूर फेका गया। इसके बाद पुरुषोत्तम ने बृज कुमार यादव के शव को घसीटकर रोड के दूसरी तरफ लगभग 30 मीटर दूर ले गया और अपनी मोटरसाइकिल को घर के अंदर परछी में खड़ा कर दिया। और घटना के समय पहने कपड़ा को घर के अंदर एक कमरे में छुपा दिया वही टांगी का टूटा हुआ बेट को दूसरे कमरे में छुपा कर जंगल की ओर चला गया। जहां जनकपुर पुलिस द्वारा गहन परिश्रम एवं लगातार दबिश देकर आरोपी पुरुषोत्तम बैगा को गिरफ्तार किया। घटना में उपयोग की गई टांगी का बेट , घटना के समय पहने आरोपी के कपड़े तथा आरोपीक मोटरसाइकिल को जप्त कर लिया गया है।

कांग्रेस अध्यक्ष बदलने की तैयारी: हरियाणा के बाद दो और राज्यों पर नजर

हरियाणा हरियाणा प्रदेश में अध्यक्ष बदलने के बाद कांग्रेस पार्टी अब दो और राज्यों, राजस्थान और गोवा में प्रदेश अध्यक्ष में बदलाव कर सकती है और इसमें अन्य पिछड़ा वर्ग समुदाय के नेतृत्व को अवसर मिल सकता है। पार्टी ने हाल ही में हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष पद की कमान वरिष्ठ नेता राव नरेंद्र सिंह को सौंपी है। इसके अलावा पार्टी ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा को हरियाणा कांग्रेस विधायक दल का नेता नियुक्त किया है। अब पार्टी राजस्थान और गोवा के नए प्रदेश अध्यक्ष पद पर नियुक्तियों पर गहराई से विचार कर रही है। राजस्थान में प्रदेश अध्यक्ष के लिए जिन नामों पर चर्चा हो रही है उसमें छत्तीसगढ़ के कांग्रेस पार्टी प्रभारी महासचिव सचिन पायलट, मध्य प्रदेश के प्रभारी हरीश चौधरी और अशोक गहलोत सरकार में मंत्री रह चुके और हिंडोली से पार्टी विधायक अशोक चांदना का नाम शामिल हैं। सूत्रों की मानें तो पायलट इस रेस में अभी सबसे आगे हैं। ओबीसी समुदाय से आने वाले पायलट पहले भी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक गोवा में गिरीश चोडणकर को पार्टी अपना नया प्रदेश अध्यक्ष बना सकती है। चोडणकर अभी पार्टी के तमिलनाडु और पुडुचेरी के प्रभारी हैं। ओबीसी समुदाय से आने वाले चोडणकर पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के काफी करीबी माने जाते हैं। उल्लेखनीय हैं कांग्रेस पार्टी अपने संगठन में लगातार बदलाव कर रही है। राज्यों के चुनाव को देखते हुए नए प्रयोग भी किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में संगठन सृजन अभियान भी चलाया जा रहा है, जिसमें प्रदेशों में नए जिला अध्यक्ष नियुक्त किए जा रहे हैं। हरियाणा में चुनाव के एक साल बाद नियुक्तियां हरियाणा में विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की हार के करीब एक साल बाद ये नियुक्तियां की गई हैं। पिछले साल अक्टूबर में हुए विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी 90-सदस्यीय विधानसभा में 48 सीट के साथ लगातार तीसरी बार सरकार बनाने में सफल रही तो कांग्रेस को 37 सीट मिलीं। कांग्रेस ने इन नियुक्तियों के माध्यम से जाट और ओबीसी गठजोड़ को भी लक्ष्य बनाया है। राव नरेंद्र सिंह ने उदय भान का स्थान लिया है। अहीर जाति से ताल्लुक रखने वाले राव नरेंद्र सिंह तीन बार विधायक और हुड्डा सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रह चुके हैं। विधायक दल का नेता होने के चलते हुड्डा राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष होंगे। पिछली विधानसभा में भी उन्होंने यह भूमिका निभाई थी। हरियाणा की राजनीति में दिग्गज जाट नेता की हैसियत रखने वाले हुड्डा दो बार मुख्यमंत्री, चार बार नेता प्रतिपक्ष, चार बार सांसद और छह बार विधायक रहे हैं। वह पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं। हरियाणा में करीब दो दशक बाद किसी गैर-दलित नेता को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। इससे पहले भजन लाल वैसे प्रदेश अध्यक्ष थे, जो गैर-दलित थे। उन्हें 2006 में इस भूमिका से मुक्त कर दिया गया था। भजन लाल के बाद फूलचंद मुलाना, अशोक तंवर, कुमारी सैलजा और उदय भान अध्यक्ष रहे, जो सभी दलित हैं।

सरकारी बंगले में बसा विवाद, हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार से पूछा सख्त सवाल

चंडीगढ़ पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ में सरकारी आवास में अपने 2 अधिकारियों के निर्धारित अवधि से अधिक समय तक रहने के मामले में हरियाणा सरकार से जवाब मांगा है। राज्य और केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन के रुख में विरोधाभास पाए जाने के बाद यह जवाब मांगा गया है। मार्च 2025 में केंद्र शासित प्रदेश की एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि वीरेंद्र सिंह शेरावत और नीरज कुमार नाम के 2 अधिकारी 6 माह की रियायती अवधि समाप्त होने के बाद भी सरकारी आवास में रह रहे हैं। हरियाणा सरकार ने दावा किया था कि किसी भी सरकारी आवास में इस तरह की कोई भी अवधि समाप्त होने से पहले नहीं रुकी है। अदालत ने कहा कि हरियाणा का रुख गलत प्रतीत होता है। चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस संजीव बेरी की खंडपीठ ने अतिरिक्त मुख्य सचिव एक अधिकारी से 14 अक्तूबर तक हलफनामा मांगते हुए कहा कि हरियाणा या उसके पदाधिकारियों के खिलाफ आगे बढ़ने से पहले हरियाणा को उपरोक्त विसंगति या गलत जानकारी बा स्पष्टीकरण देने का अवसर देना उचित होगा। न्यायालय ने चंडीगढ़ प्रशासन से यह भी पूछा कि हाईकोर्ट के कितने कर्मचारियों/अधिकारियों को सरकारी आवास आबंटित किया गया है और वे उसमें रह रहे हैं और कितने लोग इसका इंतजार कर रहे हैं। यह जानकारी हाईकोर्ट के कर्मचारियों को चंडीगढ़ में उचित सरकारी आवास नहीं मिलने के मुद्दे पर 2024 में शुरू की गई एक स्वप्रेरणा जनहित याचिका की पुनः सुनवाई दौरान मांगी गई थी।   इस वर्ष मार्च में न्यायालय ने कहा था कि जब चंडीगढ़ में न्यायिक अधिकारियों के लिए 45 मकान विशेष रूप से निर्धारित हैं तो फिर हाईकोर्ट के विशेष नियंत्रण में एक समान पूल न्यायालयों के कर्मचारियों को आबंटन के लिए क्यों नहीं उपलब्ध कराया जाए ?  

बाल विवाह मुक्त भारत अभियान में छत्तीसगढ़ ने रचा इतिहास

रायपुर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 27 अगस्त 2024 को शुरू किए गए “बाल विवाह मुक्त भारत” राष्ट्रीय अभियान के अंतर्गत छत्तीसगढ़ ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। राज्य का बालोद जिला पूरे देश का पहला जिला बन गया है, जिसे आधिकारिक रूप से बाल विवाह मुक्त घोषित किया जा सकता है। बालोद जिले की सभी 436 ग्राम पंचायतों और 09 नगरीय निकायों को विधिवत प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया है। बालोद बना राष्ट्रीय उदाहरण विगत दो वर्षों में बालोद जिले से बाल विवाह का एक भी मामला सामने नहीं आया। दस्तावेजों के सत्यापन और विधिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब जिले के सभी पंचायतों एवं नगरीय निकायों को बाल विवाह मुक्त का दर्जा मिल गया है। इस अभूतपूर्व उपलब्धि के साथ बालोद जिला पूरे देश के लिए एक आदर्श मॉडल बन गया है। बालोद जिला कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने कहा कि यह उपलब्धि प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और समुदाय की सामूहिक भागीदारी का परिणाम है। उन्होंने सभी पंचायतों और नगरीय निकायों को इस प्रयास में सक्रिय सहयोग देने के लिए धन्यवाद भी दिया। सूरजपुर की 75 ग्राम पंचायतें भी बाल विवाह मुक्त प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के 75वें जन्मदिवस के अवसर पर सूरजपुर जिले की 75 ग्राम पंचायतों को बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायत घोषित किया गया। विगत दो वर्षों में इन पंचायतों से भी बाल विवाह का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ। इसे राज्य सरकार ने सामाजिक सुधार की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है। बाल विवाह उन्मूलन केवल सरकारी अभियान नहीं, सामाजिक परिवर्तन का संकल्प – मुख्यमंत्री श्री साय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने बाल विवाह उन्मूलन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। हमारा लक्ष्य है कि चरणबद्ध तरीके से वर्ष 2028-29 तक पूरे राज्य को बाल विवाह मुक्त घोषित किया जाए। यह केवल एक सरकारी अभियान नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का संकल्प है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अन्य जिलों में भी पंचायतों और नगरीय निकायों को बाल विवाह मुक्त घोषित करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। जिन जिलों में पिछले दो वर्षों में बाल विवाह का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है, वहां शीघ्र ही प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे। समाज और सरकार की साझेदारी से संभव हुआ बाल विवाह उन्मूलन: महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने इस उपलब्धि को छत्तीसगढ़ ही नहीं, पूरे देश के लिए प्रेरणा बताया। उन्होंने कहा कि बालोद की यह उपलब्धि साबित करती है कि यदि समाज और सरकार मिलकर कार्य करें तो बाल विवाह जैसी कुप्रथा को जड़ से समाप्त किया जा सकता है। सूरजपुर की उपलब्धि भी इस दिशा में एक मजबूत कदम है। इस अभियान में यूनिसेफ का सहयोग भी महत्वपूर्ण रहा है। संगठन ने तकनीकी सहयोग, जागरूकता कार्यक्रम और निगरानी तंत्र को मजबूत करने में मदद की। छत्तीसगढ़ की इस पहल को राष्ट्रीय स्तर पर एक मील का पत्थर माना जा रहा है। “बाल विवाह मुक्त भारत अभियान” को गति देने में यह उपलब्धि अन्य राज्यों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि छत्तीसगढ़ की तर्ज पर सामुदायिक भागीदारी और शिक्षा को केंद्र में रखकर काम किया जाए तो देश से बाल विवाह जैसी कुप्रथा का पूर्ण उन्मूलन संभव है। राज्य सरकार अब चरणबद्ध तरीके से अन्य जिलों को भी बाल विवाह मुक्त बनाने की तैयारी कर रही है। 2028-29 तक पूरे छत्तीसगढ़ को बाल विवाह मुक्त बनाने का लक्ष्य न केवल राज्य, बल्कि देश को बाल विवाह मुक्त भारत के संकल्प के और निकट ले जाएगा।

अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस : रायपुर में 1 अक्टूबर को होगा राज्य स्तरीय आयोजन

रायपुर  सेवा पखवाड़ा 2025 के अंतर्गत अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस का राज्य स्तरीय आयोजन 1 अक्टूबर को प्रातः 11 बजे राजधानी रायपुर के जोरा स्थित कृषि महाविद्यालय परिसर के कृषि मंडपम में किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता समाज कल्याण तथा महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े करेंगी। इस कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ शासन के मंत्री श्री केदार कश्यप, श्री टंकराम वर्मा, श्री गुरु खुशवंत साहेब, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक श्री राजेश मूणत, श्री पुरंदर मिश्रा, श्री सुनील सोनी, श्री मोतीलाल साहू, श्री इन्द्र कुमार साहू, श्री अनुज शर्मा तथा महापौर श्रीमती मीनल चौबे सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे। राज्य स्तरीय आयोजन में वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, उनके कल्याण, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा तथा समाज में उनकी सक्रिय भूमिका को सशक्त करने हेतु विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, अनुभव साझा करने के सत्र, स्वास्थ्य जांच शिविर एवं प्रेरक वार्ता का भी आयोजन होगा। जिला प्रशासन एवं समाज कल्याण विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में वृद्धजन के योगदान को मान्यता देना, उन्हें सम्मानित करना और उनकी सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देना है। इस अवसर पर वरिष्ठ नागरिकों को जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा और उनके अधिकारों एवं कल्याण से संबंधित जागरूकता भी बढ़ाई जाएगी। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अतिथियों द्वारा वृद्धजन कल्याण से जुड़ी नवीनतम सरकारी योजनाओं एवं पहलों की जानकारी भी साझा की जाएगी, जिससे समाज के वरिष्ठ नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ मिल सके।

DAVV इंदौर में हड़कंप: Gen-Z प्रोटेस्ट के नाम पर फर्जी अकाउंट और तोड़फोड़ की कहानी

इंदौर इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय(DAVV) के आईईटी कैंपस में एंटी रैगिंग कमेटी की जांच रिपोर्ट ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, सीनियर छात्रों ने नेपाल में हुए आंदोलनों की तर्ज पर यहां Gen-Z स्टाइल में प्रोटेस्ट करने की तैयारी की थी। इसके लिए जूनियर छात्रों पर दवाब बनाकर उनसे फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनवाए गए और उन्हें विरोध से जुड़े पोस्ट व ट्वीट करने के निर्देश दिए गए। मामला सामने आने के बाद एंटी रैगिंग कमेटी ने जांच की और जूनियर छात्रों के बयानों में नेपाल जैसी तैयारी करने का जिक्र भी किया गया है। सीनियर छात्रों ने जूनियर्स की ली थी रैगिंग दरअसल करीब एक महीने पहले देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग कॉलेज के IET कैम्पस में सीनियर छात्रों ने जूनियर छात्र की रैगिंग की थी, जिसके आधार पर जांच में तीन सीनियर छात्रों को हॉस्टल से बेदखल करने के साथ एक सेमेस्टर से बाहर किया गया था। जानकारी में सामने आया है कि इन्हीं छात्रों ने इस साजिश को रचा था। छात्रों द्वारा सीसीटीवी कैमरों के साथ तोड़फोड़ करने का मामला भी सामने आया है। होटल में बनाई गई थी आंदोलन की प्लानिंग विश्वविद्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, 23 सितंबर को एक निजी होटल में बैठकर करके इस कथित आंदोलन की रणनीति बनाई गई थी। इतना ही नहीं, 26 सितंबर को कैंपस के सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए गए और DVR तक गायब कर दिए गए। समिति का मानना है कि यह कदम आंदोलन की गतिविधियों को छिपाने के लिए उठाया गया है। एंटी रैगिंग कमेटी ने छात्रों के बयान दर्ज कर पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार की और उसे प्रॉक्टोरियल कमेटी को भेजा है। रैगिंग और आंदोलन पर क्या बोले कुलगुरू? इस मामले में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के कुलगुरु राकेश सिंघल ने बताया, "कुछ सीनियर छात्रों पर पहले रैगिंग के मामले में जुर्माना और हॉस्टल से निष्कासन की कार्रवाई हो चुकी थी। इन्हीं छात्रों ने आक्रोश में आकर जूनियर छात्रों को धमकाते हुए आंदोलन की योजना बनाई।" नेपाल जैसे आंदोलन का जिक्र जरूर, लेकिन… सिंघल के अनुसार, “रिपोर्ट में नेपाल जैसे आंदोलन का जिक्र जरूर किया गया है, लेकिन इसकी गहन जांच अभी जरूरी है। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने पूरे मामले की शिकायत भंवरकुआं थाने में आवेदन देकर की है। हालांकि, अभी तक नामजद एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। पुलिस मामले की पड़ताल कर रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि दोषी छात्रों पर सख्त कार्रवाई होगी।” व्यक्तिगत आक्रोश को आंदोलन का रूप देने की कोशिश देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के कुल गुरु राकेश सिंघल ने बताया, "यह मामला न केवल कैंपस की अनुशासन व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि किस तरह सीनियर छात्रों ने व्यक्तिगत आक्रोश को आंदोलन का रूप देने की कोशिश की। फिलहाल विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस दोनों स्तर पर जांच जारी है और दोषियों पर जल्द निर्णय आने की संभावना है।"

उत्तर बस्तर कांकेर: दुर्गा विसर्जन के लिए कार्यपालिक दण्डाधिकारी नियुक्त, कानून व्यवस्था कड़ी

उतर बस्तर कांकेर कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी  निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने विजयादशमी दशहरा पर्व पर रावण दहन पश्चात मॉ दुर्गा प्रतिमा, ज्योत कलश और जंवारा विसर्जन के अवसर पर यथोचित कानून एवं लोक शांति सुरक्षा व्यवस्था बनाये रखने के लिए कार्यपालिक दण्डाधिकारियों की ड्यूटी लगाई है। जारी आदेशानुसार आदर्श नगर, शीतलापारा, शिवनगर, भण्डारीपारा, संजय नगर, रामनगर, आमापारा, बीटीआई मार्ग की दुर्गा प्रतिमाओं एवं मरादेव तालाब मार्ग की झांकी शोभायात्रा सहित नरहरदेव हाईस्कूल खेल मैदान एवं अलबेलापारा तालाब विसर्जन स्थल के लिए नायब तहसीलदार कांकेर  अभिषेक देवांगन की ड्यूटी लगाई गई है। इसी प्रकार सिंगारभाठ, बरदेभाठा, कोदाभाठ, लट्टीपारा, शांति नगर, एमजी वार्ड टिकरापारा, नया बस स्टैण्ड, मेलाभाठा के मॉ दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन हेतु निकलने वाले झांकियों के साथ व मेलाभाठा में रावण दहन स्थल हेतु तहसीलदार कांकेर  पुष्पराज पात्र की ड्यूटी लगाई गई है। अलबेलापारा तालाब में विसर्जित होने वाली समस्त दुर्गा प्रतिमाओं, शोभा यात्रा के साथ पुराना बस स्टैण्ड, मस्जिद चौक, राजापारा, सुभाष वार्ड, सिंधी धर्मशाला मार्ग, मांझापारा आदि मुख्य मार्ग सहित कोमलदेव अस्पताल से मस्जिद चौक तक के लिए तहसीलदार सरोना  मोहित कुमार साहू तथा अलबेलापारा तालाब में विसर्जित होने वाली समस्त दुर्गा प्रतिमाओं, शोभा यात्रा के साथ घड़ी चौक, अलबेलापारा, सेन चौक, माहुरबंदपारा, जवाहर वार्ड, अन्नपूर्णापारा, ऊपर-नीचे रोड आदि मुख्य मार्ग सहित अलबेलापारा तालाब मस्जिद चौक के पास से कलेक्टर बंगला घड़ी चौक तक के लिए नायब तहसीलदार कांकेर मती दुर्गावती कूजूर और घड़ी चौक से गोविन्दपुर एवं मुख्य मार्ग रावण दहन एवं समारोह स्थल नरहरदेव हाईस्कूल खेल मैदान तक नायब तहसीलदार सरोना  संजय राय की ड्यूटी लगाई गई है। अपर कलेक्टर एवं अनुविभागीय दण्डाधिकारी  अरूण कुमार वर्मा सम्पूर्ण कानून व्यवस्था के प्रभार पर रहेंगे।

प्रदेशभर के सभी प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, कम्पोजिट विद्यालय और केजीबीवी की बालिकाओं ने किया भ्रमण

स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों के ओपीडी, फार्मेसी, टीकाकरण कक्ष और पैथोलॉजी लैब्स जैसी स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली को करीब से देखा व्यक्तिगत स्वच्छता, पोषण, एनीमिया से बचाव और महामारी के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों पर भी मिली महत्वपूर्ण जानकारी सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का प्रत्यक्ष अनुभव बालिकाओं को सशक्त बनाएगा: मोनिका रानी लखनऊ उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग के महत्वाकांक्षी मिशन शक्ति 5.0 अभियान के तहत प्रदेशभर के सभी प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, कम्पोजिट विद्यालय और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) में बालिकाओं के लिए एक विशेष स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अनूठी पहल के तहत 1,21,103 छात्राओं ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला/सरकारी अस्पतालों का भ्रमण किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं से प्रत्यक्ष परिचय कराना और स्वास्थ्य प्रक्रियाओं की व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना था। स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों के विभिन्न विभागों जैसे ओपीडी, फार्मेसी, टीकाकरण कक्ष और पैथोलॉजी लैब का भ्रमण कर छात्राओं ने स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली को करीब से देखा।  बता दें कि इस पहल को गतिशील बनाने में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 20 सितंबर को शुभारम्भ किए गए मिशन शक्ति 5.0 ने केंद्रीय भूमिका निभाई। इसके बाद बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के नेतृत्व में यह अभियान लगातार सक्रिय और प्रभावशाली बनाते हुए बालिकाओं के स्वास्थ्य, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए कई गतिविधियों के माध्यम से उन्हें प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान कर रहा है। ऐसे मिला प्रत्यक्षा अनुभव बालिकाओं को पंजीकरण काउंटर पर जाकर अपना ओपीडी पर्चा बनवाने का अनुभव कराया गया। इस प्रक्रिया के माध्यम से उन्हें सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाने का पहला कदम सीखने को मिला। इसके साथ ही छात्राओं ने बारी-बारी से संबंधित विशेषज्ञ डॉक्टरों से मुलाकात की और अपने सामान्य स्वास्थ्य प्रश्नों पर परामर्श लिया। यह अनुभव उनकी स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने वाला तो रहा ही, संवाद कौशल और आत्मविश्वास को भी मजबूत करने वाला रहा।। रोग, जांच और स्वास्थ्य प्रक्रियाओं की मिली जानकारी कार्यक्रम में बालिकाओं को विभिन्न जाँचों जैसे रक्तचाप, हीमोग्लोबिन, रक्त शर्करा आदि की प्रक्रिया और महत्व के बारे में जानकारी दी गई। कई स्थानों पर छात्राओं को इन जाँचों के डेमो भी दिखाए गए। इसके अतिरिक्त, डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों ने व्यक्तिगत स्वच्छता, पोषण, एनीमिया से बचाव और महामारी के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों पर भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता की ओर भी अग्रसर हुईं बेटियां इस कार्यक्रम के माध्यम से बालिकाएँ न केवल शिक्षित हुईं, बल्कि स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता की ओर भी अग्रसर हुईं। छात्राओं ने सरकारी स्वास्थ्य प्रणाली में विश्वास बढ़ाया और समझा कि सही जानकारी और प्रत्यक्ष अनुभव से ही स्वास्थ्य सेवाओं का पूर्ण लाभ लिया जा सकता है। इतना ही नहीं, मिशन शक्ति का यह चरण बालिकाओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सशक्तिकरण समाज और राष्ट्र की मजबूत नींव का आधार बना। 

पीसीबी ने विदेशी टी20 लीगों के लिए खिलाड़ियों की एनओसी निलंबित की

इस्लामाबाद पीसीबी ने पाक के बाहर टी-20 लीग में भाग लेने के इच्छुक खिलाड़ियों के सभी अनापत्ति प्रमाणपत्र निलंबित कर दिए हैं। बोर्ड के मुख्य परिचालन अधिकारी सुमैर अहमद सैयद ने नोटिस भेजकर खिलाड़ियों और एजेंटों को इस फैसले की जानकारी दी। नोटिस में लिखा है, पीसीबी अध्यक्ष की स्वीकृति से, लीग और अन्य विदेशी टूर्नामेंटों में भाग लेने के लिए खिलाड़ियों के सभी अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) अगले आदेश तक स्थगित किए जाते हैं। बोर्ड के दृष्टिकोण से, इसका उद्देश्य खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और घरेलू प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करना है। प्रमुख घरेलू प्रथम श्रेणी प्रतियोगिता, कायदे-आजम ट्रॉफी भी अक्तूबर में शुरू होने वाली है, जो 22 सितंबर से स्थगित कर दी गई थी।