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ग्राम सभाओं को सशक्त बनाने प्रतिबद्ध है राज्य सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

विशेष ग्राम सभाओं ने 4 हजार से ज्यादा विलेज एक्शन प्लान का अनुमोदन भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जनजातीय बहुल जिलों में ग्राम सभाओं को अपने गांव के विकास का रोडमैप तैयार करने सक्षम बनाया जा रहा है। राज्य सरकार ग्राम सभाओं को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश में जनजातीय बहुल गांवों में आदि सेवा पर्व पर दो अक्टूबर को हुई विशेष ग्राम सभाओं ने आपसी विचार-विर्मश कर 4 हजार से ज्यादा विलेज एक्शन प्लान का अनुमोदन किया। शेष ग्राम सभाएं जल्द ही विलेज एक्शन प्लान बनाने की प्रक्रियाएं पूरी करेंगी। विलेज एक्शन प्लान के लिए 30 जनजातीय बहुल जिलों के लिए अधिकारियों के कार्य दल बनाए गए थे। अधिकारियों की टीम गांव में पहुंची और ग्राम सभाओं में उपस्थित होकर आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत आदि सेवा पर्व के महत्व को समझाया। ग्राम सभाओं ने जनजाति ग्राम विजन 2030 के लिए ग्राम विशेष एक्शन प्लान का अनुमोदन किया। साथ में यह भी संकल्प लिया कि प्रत्येक गांव में एक आदि सेवा केंद्र स्थापित किया जाएगा। यह सेवा केंद्र एकल खिड़की नागरिक सेवा केंद्र की तरह काम करेगा। इसके माध्यम से स्थानीय लोग आदि सेवा समय, स्वैच्छिक सेवा के अंतर्गत सप्ताह में एक घंटा अपना योगदान करेंगे। सरकारी अधिकारियों को जनजातीय समुदाय की मूल भाषा, बोलियों और संस्कृति से भी जोड़ेंगे। उल्लेखनीय की जनजातीय कार्य मंत्रालय भारत सरकार द्वारा आदि कर्मयोगी अभियान प्रारंभ किया गया है। यह देश में जनजातीय समुदायों के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए ऐतिहासिक पहल है। इसका उद्देश्य जनजातीय क्षेत्र में ग्राम स्तर पर नेतृत्व क्षमता का विकास करना, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना और शासन-प्रशासन को और अधिक उत्तरदायी बनाना है। यह अभियान सेवा, संकल्प और समर्पण जैसे मूल्यों पर केन्द्रित है, जो जनजातीय समाज को आत्मनिर्भर, जागरूक और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अभियान के प्रथम चरण में 41 जिलों के 249 विकासखंडों में 14,040 जनजातीय बाहुल्य गांव चिन्हित किए गए हैं। अभियान का लक्ष्य 3 लाख आदि कर्मयोगियों को प्रशिक्षित करना है। इनमें ग्राम स्तर के युवा, महिलाएं, शिक्षक, आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, पंचायत सचिव और अन्य स्थानीय प्रतिनिधि शामिल है। अभियान में 18,150 क्लस्टर स्तर के मास्टर ट्रेनर, 41 अशासकीय संगठन, 1250 विकासखंड स्तरीय शासकीय संगठन, 56470 आदि सहयोगी, 2,03,292 आदि साथी, 22,528 आदि विद्यार्थी मिलाकर कुल 3 लाख 3 हजार 233 चेंज लीडर्स तैयार किया जा रहे हैं। प्रत्येक गांव के लिए विकास का एक दीर्घकालिक रोडमैप तैयार किया गया है। ट्राइबल विलेज विजन 2030 पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसमें स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभता, शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, शुद्ध पेयजल की उपयोगिता, पोषण संबंधी योजनाओं का क्रियान्वयन, महिला बाल विकास की योजनाओं का लाभ, आजीविका के साधनों का सृजन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का कवरेज सुनिश्चित करने जैसे विषय शामिल है। विलेज एक्शन प्लान के निर्माण में आदि कर्मयोगियों के साथ आदि साथियों, आदि सहयोगियों, आदि विद्यार्थियों, सिविल सोसाइटी ऑर्गेनाइजेशन, युवा नेतृत्व, ग्रामीण वयोवृद्ध कल्चरल आइकॉन को शामिल कर सामुदायिक सहभागिता सुनिश्चित की गई है। विशेष ग्राम सभाओ में विलेज एक्शन प्लान का अनुमोदन किया गया है। इस प्रकार अनुमोदित हुए एक्शन प्लान को जिला स्तर पर तीन श्रेणियां में बांटा जाएगा। पहला व्यक्तिगत या सेवाओं की मांग के आधार पर, दूसरा सामुदायिक परिसंपत्तियों और सेवाओं की मांग और तीसरा सेवाओं के वितरण की मांग के आधार पर होगा। इन सब बिंदुओं पर विचार कर राज्य का एक संपूर्ण दस्तावेज तैयार किया जाएगा। राज्य सरकार ने अपनी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए आदि सेवा केंद्र और आदि सेवा समय जैसी पहल शुरू की है। इसके माध्यम से गांव में ही शिकायतों का निवारण होगा। अभियान के अंतर्गत सेवाओं के बेहतर वितरण को विभिन्न विभागों जैसे स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, सामाजिक न्याय, वन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, जल जीवन मिशन, कृषि विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर करने पर विशेष बल दिया जा रहा है। क्या है गांव के एक्शन प्लान में गांव के एक्शन प्लान में गांव की आधारभूत जानकारी सामाजिक, आर्थिक संसाधन, गांव के सामाजिक मुद्दे, उपलब्ध बुनियादी सेवाएं दर्ज रहती हैं ताकि आगे नई योजनाएं बनाने में कठिनाई न आए। गांव की पहचान में विकासखंड का नाम, ग्राम पंचायत और गांव का नाम, गांव की भौगोलिक स्थिति, गांव में स्थित मंदिर, पूजा स्थल, अति गरीबों का विवरण, उपलब्ध सुविधाएं जैसे आंगनबाड़ी, प्राथमिक शाला, माध्यमिक शाला, विद्युत लाइन, सौर पैनल, स्ट्रीट लाइट, उज्ज्वला योजना से जुड़े परिवार, शौचालय, सामुदायिक भवन, ग्राम चौपाल, सड़के, आजीविका के विकल्प जैसे खेती पशुपालन, गैर कृषि, व्यापार सेवा या नौकरी, गांव की खेती के तरीके, सिंचाई की व्यवस्थाएं गांव की जल संसाधन और गांव के लोगों की अपेक्षाएं आदि आधारभूत जानकारी के साथ गांव के लोगों के विचार भी दर्ज रहते हैं, कि वे अपने गांव के विकास को कैसे देखना चाहते हैं।  

ड्रग्स रैकेट का अंधेरा: इंदौर में सीमा नाथ के भाइयों ने पैडलर को अगवा कर जमकर पीटा

इंदौर 1 करोड़ के ड्रग्स और 48 लाख रुपयों के साथ पकड़ी गई ड्रग्स माफिया सीमा नाथ के भाईयों ने एक पैडलर का अपहरण कर लिया। उसको पेड़ से बांधा और जमकर पिटाई की। आरोपितों ने ड्रग्स बेचने की धमकी दी और रुपये भी छीन लिए। डीसीपी ने व्यावसायिक विवाद बताया है। चारों आरोपितों को पकड़ लिया है। पेड़ पर बांध कर पीटा, रुपये छीने घटना द्वारकापुरी थाना अंतर्गत अहिरखेड़ी की है। श्रीराम नगर निवासी 34 वर्षीय कुणाल पुत्र गोपाल चौहान ने सीमा नाथ के भाई अर्जुन नाथ, चेतन नाथ, लक्की नाथ और समीर नाथ के खिलाफ रिपोर्ट लिखवाई है। कुणाल ने पुलिस को बताया कि वह गुरुवार को भंडारा में खाना खाने जा रहा था। आरोपितों ने रास्ते में पकड़ लिया और दोपहिया वाहन से श्मशान के समीप ले गए। एक पेड़ पर बांध कर पीटा और उससे 2 हजार रुपये छीन लिए। 1800 रुपये खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिए।   ड्रग्स के धंधे को लेकर हुआ अपहरण शनिवार को इस घटना की रिपोर्ट लिखी गई। सूत्रों के मुताबिक अपहरण ड्रग्स के धंधे को लेकर हुआ है। सीमा नाथ अहिरखेड़ी, प्रजापत नगर, द्वारकापुरी, ऋषि पैलेस, राजेंद्रनगर, कुंदननगर क्षेत्र में ड्रग्स (ब्राउन शुगर) की सप्लाई करती है। सीमा की गिरफ्तारी के बाद चेतन, लक्की और अर्जुन ड्रग्स का धंधा कर रहे है। तीनों ही आपराधिक प्रवृति के है। चेतन तो किराना कारोबारी की हत्या कर चुका है। आरोपितों ने कुणाल से कहा कि वह क्षेत्र में दूसरे की ड्रग्स बेचता है। उससे कहा कि इस क्षेत्र में उनसे ही ड्रग्स खरीदना पड़ेगी। पुलिस के अनुसार आरोपितों से पूछताछ चल रही है।

RJD में बढ़ी अंदरूनी कलह, लालू-राबड़ी आवास पर कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन

पटना बिहार चुनाव से पहले आरजेडी के सीटिंग विधायकों को विरोध का सामना करना पड़ रहा है। पहले मधेपुरा सदर विधायक प्रो. चंद्रशेखर को लोगों की नाराजगी झेलनी पड़ी। अब राजद के मखदुमपुर विधानसभा से विधायक सतीश कुमार के विरोध में तो लोग पटना स्थित लालू-राबड़ी आवास पहुंच गए, और प्रदर्शन किया। कार्यकर्ता विधायक को दोबारा टिकट नहीं देने की मांग कर रहे थे। इस बीच विधायक के खिलाफ नारेबाजी भी हुई। सैकड़ों की तादात में पहुंचे आरजेडी कार्यकर्ताओं ने पहले राबड़ी आवास के बाहर प्रदर्शन किया। और फिर अचानक घर के अंदर घुस गए। कार्यकर्ताओं की मांग है कि मखदुमपुर विधायक सतीश कुमार ने क्षेत्र में कोई विकास कार्य नहीं किया है। जनता की समस्याओं की अनदेखी की है, ऐसे में दोबारा उन्हें टिकट न दिया जाए। लालू-राबड़ी आवास पर अचानक हुए हंगामे से अफरा-तफरी मच गई। सुरक्षा कर्मियों ने लोगों को बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन काफी देर से हंगामा होता रहा। फिर काफी समझाने-बुझाने के बाद मामला शांत हुआ। हालांकि प्रदेश राजद प्रवक्ता चितरंजन गगन ने इस मामले पर कहा कि दस सर्कुलर के बाहर कोई हंगामा की सूचना नहीं है। संभव है कि किसी नेता के समर्थक टिकट की आस में अपनी बात कहने के लिए एकत्रित हुए हों। चुनावी गतिविधियां शुरू हो चुकी है। कुछ ही दिनों में टिकट वितरण का काम शुरू होगा। ऐसे में समर्थकों के आने-जाने का सिलसिला जारी रहेगा। ऐसा केवल राजद में ही नहीं बल्कि भाजपा सहित अन्य दलों के कार्यालयों के बाहर भी होता है। आपको बता दें बिहार चुनाव की तारीखों का ऐलान जल्द हो सकता है। चुनाव आयोग की टीम दो दिन के बिहार दौरे पर है। जिसके बाद दिल्ली जाते ही कभी भी तारीखों की घोषणा हो सकती है। इस बीच विधायकों के विरोध की खबरे भी सामने आने लगी है। मुजफ्फरपुर में सकटा से जेडीयू विधायक अशोक चौधरी के 'लापता' वाले पोस्टर लगे है। लोगों का कहना है कि विधायक क्षेत्र में आते ही नहीं है।  

प्रधानमंत्री मोदी ने बैतूल की आईटीआई प्रशिक्षार्थी कु. तावड़े को किया सम्मानित

भोपाल  प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने नई दिल्ली में कौशल एवं उद्यमशीलता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 4अक्टूबर को आयोजित कौशल दीक्षांत समारोह में मध्यप्रदेश की शासकीय आईटीआई, बैतूल की इलेक्ट्रीशियन ट्रेड की प्रशिक्षार्थी कुमारी त्रिशा तावड़े को आल इंडिया सेंट्रल ज़ोन टू ईयर ट्रेड में टॉप करने पर सम्मानित किया है। कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम टेटवाल ने शासकीय आईटीआई की छात्रा कु.त्रिशा को इस उपलब्धि पर बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। राज्यमंत्री श्री टेटवाल ने कहा कि यह सफलता प्रदेश में कौशल आधारित शिक्षा की गुणवत्ता, प्रशिक्षकों के समर्पण और युवा प्रतिभाओं की मेहनत का परिणाम है। उन्होंने बताया कि विभाग की प्राथमिकता है कि प्रशिक्षुओं को तकनीकी दक्षता के साथ जीवन कौशल, व्यक्तित्व विकास, भाषा और संचार कौशल प्रदान करना, महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना, उद्योग के अनुरूप प्रशिक्षण देना और विदेशों में रोजगार की संभावनाओं को साकार करना। मध्यप्रदेश के अन्य 09 प्रशिक्षार्थियों ने भी ऑल इंडिया ट्रेड टॉपर के रूप में प्रदेश का नाम रोशन किया जिसमें चंचल सेवारिक कम्प्यूटर ऑपरेटर एंड प्रोग्रामिंग असिस्टेंट, भोपाल, पूजा जाटव ड्रोन तकनीशियन, जबलपुर, श्याम महेश्वरी फैशन डिजाइन एंड टेक्नोलॉजी, उज्जैन, अमन गजभिये मेसन, बालाघाट, श्रुति विश्वकर्मा मैकेनिक, ट्रैक्टर, जबलपुर, अरविंद कुमरे मैकेनिक कम्प्यूटर हार्डवेयर, बैतूल, निकिता तायवड़े मैकेनिक कम्प्यूटर हार्डवेयर, बैतूल, अभिजीत सिंह सिसोदिया मिल्क एंड मिल्क प्रोडक्ट टेक्नीशियन, भोपाल और शिवम यादव स्टेनोग्राफर एंड सेक्रेटेरियल असिस्टेंट, खंडवा शामिल है। इन सभी प्रशिक्षार्थियों ने अपने कौशल, परिश्रम और संकल्प से प्रदेश को गौरवान्वित किया। प्रदेश के सभी 280 शासकीय आईटीआई में आज कौशल दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया तथा प्रधानमंत्री श्री मोदी के कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी किया गया। इस अवसर पर आईटीआई स्तर पर सभी ट्रेड्स के टॉपर प्रशिक्षार्थियों को सम्मानित किया गया। मध्यप्रदेश के बैतूल जिले की शासकीय एकलव्य महिला आईटीआई की छात्रा कु. त्रिशा तावड़े ने 1200 में से 1187 अंक प्राप्त कर सेंट्रल जोन में प्रथम स्थान हासिल किया और मध्यप्रदेश की एकमात्र प्रशिक्षणार्थी के रूप में राष्ट्रीय मेरिट सूची में नाम दर्ज कर जिले और प्रदेश का गौरव बढ़ाया। बैतूल के ग्राम भड़ूस की इस संघर्षशील छात्रा के पिता श्री अजय तावड़े बस ड्राइवर हैं और मां श्रीमती सुशीला तावड़े गृहणी हैं। बड़ी बहन कु. एकता तावड़े भी आईटीआई बैतूल की टॉपर रह चुकी हैं और वर्तमान में रेलवे में एप्रेंटिस के रूप में कार्यरत हैं। आईटीआई बैतूल के प्राचार्य ने बताया कि सत्र 2024-25 में मैकेनिक कंप्यूटर हार्डवेयर ट्रेड में छात्र अरविंद कुमरे ने पुरुष वर्ग और छात्रा कु. निकिता तायवड़े ने महिला वर्ग में राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुरूप छात्राओं की उन्नति और कौशल प्रशिक्षण के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। महिला आईटीआई बैतूल में कौशल विकास विभाग के तहत 'हुनर पहल' कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण एवं कौशल विकास के लिए कम्युनिकेशन स्किल, सॉफ्ट स्किल, इंग्लिश स्पीकिंग प्रशिक्षण सहित हार्टफुलनेस ध्यान, व्यक्तित्व विकास शिविर और हेल्थ क्लब गतिविधियों में योग व कराटे प्रशिक्षण दिया जा रहा है। आईटीआई बैतूल की छात्राओं को न केवल प्रदेश में बल्कि देश-विदेश में रोजगार पाने के अवसर मिल रहे हैं। पिछले वर्ष 85 से अधिक छात्राएं बेंगलुरु, हैदराबाद और भोपाल की कंपनियों में नौकरी के लिए चयनित हुईं, वहीं इस वर्ष 45 छात्राएं टाटा इलेक्ट्रॉनिक होसुर तमिलनाडु और 9 छात्राएं प्रतिभा सिंटेक्स पीतमपुर जा चुकी हैं।  

राज्यपाल ने प्रदान किए हिन्दीतर भाषी हिन्दी सेवी सम्मान

भोपाल  राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि भाषा एक संपूर्ण संस्कृति है। यह भावों की अभिव्यक्ति के साथ व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास में सहायक होती है। व्यक्ति को सरल, सहृदय और संवेदनशील बनाती है। राज्यपाल श्री पटेल मध्यप्रदेश राष्ट्रभाषा प्रचार समिति द्वारा आयोजित हिन्दीतर भाषी हिन्दी सेवी सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न श्रेणियों के लिए प्रचार समिति द्वारा स्थापित पुरस्कारों से लेखकों, प्रशासनिक अधिकारियों, हिन्दी सेवा साधकों और युवा साहित्यकारों को सम्मानित किया और बधाई दीं। समारोह का आयोजन हिन्दी भवन में किया गया। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हिन्दी की लोकप्रियता भारत के साथ संपूर्ण विश्व में बढ़ी है। मोदी जी जब विश्व मंचों पर हिंदी में अपनी बात रखते हैं तो सम्पूर्ण विश्व बड़े ध्यान से सुनता है। उन्होंने कहा कि गैर हिन्दी राज्यों और सरकारी नीतियों में भी विगत वर्षों से हिन्दी का प्रसार तेजी से हो रहा है। वर्ष 2023 में फिजी में विश्व हिन्दी सम्मेलन में दुनिया भर के 50 देशों का शामिल होना, प्रधानमंत्री जी के इन्हीं प्रयासों का सुखद प्रतिफल है। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं के अध्ययन-अध्यापन और प्रोत्साहन के लिए विशेष प्रावधान, प्रधानमंत्री जी के संकल्पों की सिद्धि की पहल है। प्रदेश सरकार ने भी हिन्दी विद्यार्थियों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने इंजीनियरिंग और चिकित्सा जैसे तकनीकी, वैज्ञानिक विषयों का हिन्दी में अध्ययन-अध्यापन की अनुकरणीय और सराहनीय पहल की है। हिन्दी प्रसार की भ्रामक शंकाओं और चिंताओं को दूर करने के प्रयासों का करें नेतृत्व राज्यपाल श्री पटेल ने कहा है कि विश्व मंच पर भारतीय भाषाओं का सम्मान और अधिक बढ़ाने के लिए हिन्दी और क्षेत्रीय भाषाओं में समन्वय की आवश्यकता है। आप सम्मानित और सभी गैर हिन्दी भाषियों से मेरा अनुरोध है कि हिन्दी और अहिन्दी भाषियों के संवाद सूत्र बनकर, हिन्दी के प्रसार की भ्रामक शंकाओं और चिंताओं को दूर करने के प्रयासों का नेतृत्व करें। उन्होंने कहा कि अहिन्दी भाषी स्वामी दयानंद, महात्मा गांधी और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने हिन्दी के सामर्थ्य के द्वारा हमारी सांस्कृतिक विविधता को एक सूत्र में पिरोने में सफलता प्राप्त की है। विभिन्न श्रेणियों में प्रदान किए गए हिन्दी सेवी सम्मान राज्यपाल श्री पटेल ने समारोह में हिन्दी सेवी सम्मान प्रदान किया। उन्होंने  विभिन्न  श्रेणियों में साहित्यकारों, प्रशासनिक अधिकारियों, हिन्दी सेवा साधकों और मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया। इसी प्रकार समिति द्वारा स्थापित विभिन्न पुरस्कार प्रदान किए गए । राज्यपाल श्री पटेल ने मां सरस्वती का पूजन और दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। राज्यपाल श्री पटेल का प्रचार समिति ने पुष्प-गुच्छ से स्वागत, शॉल और श्रीफल से अभिनंदन किया। स्वागत उद्बोधन प्रचार समिति के संपादक और मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त डॉ. मनोज श्रीवास्तव ने दिया। श्री रघुनंदन शर्मा ने अध्यक्षीय उद्बोधन दिया। आभार समिति की उपाध्यक्ष डॉ रंजना अरगढ़े ने व्यक्त किया। कार्यक्रम में श्री महेश सक्सेना, सम्मानित लेखक, साहित्यकार और उनके परिजन उपस्थित रहे। 

शीश महल में नया चेहरा: सरकारी अतिथि गृह और सार्वजनिक कैफेटेरिया जल्द खुलने वाला

नई दिल्ली दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का 6, फ्लैगस्टाफ रोड स्थित विवादास्पद सरकारी आवास, जिसे 'शीश महल' के नाम से जाना जाता है, अब एक नए स्वरूप में नजर आएगा। दिल्ली की भाजपा सरकार ने इस बंगले को एक राजकीय अतिथि गृह (स्टेट गेस्ट हाउस) में परिवर्तित करने का निर्णय लिया है। इस अतिथि गृह में आम जनता के लिए एक फूड आउटलेट (भोजनालय) भी खोला जाएगा। वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों ने शनिवार को इस योजना की जानकारी देते हुए बताया कि सिविल लाइंस स्थित इस बंगले को एक सार्वजनिक सुविधा केंद्र के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव लगभग अंतिम चरण में है। योजना के अनुसार, परिसर में एक कैफेटेरिया स्थापित किया जाएगा, जहाँ अन्य राज्यों के भवनों की तरह पारंपरिक व्यंजन परोसे जाएंगे और यह सुविधा आम लोगों के लिए उपलब्ध होगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "सरकार बंगला नंबर 6 को राजकीय अतिथि गृह में बदलने के निर्णय के करीब है। इसका उपयोग अन्य राज्यों के अतिथि गृहों की भांति ही किया जाएगा, जहाँ बैठकें आयोजित हो सकेंगी और प्रशिक्षण कार्यशालाओं के लिए आने वाले अधिकारी व मंत्री भुगतान के आधार पर ठहर सकेंगे।" इस प्रस्ताव के तहत परिसर में पार्किंग स्थल, प्रतीक्षा कक्ष और अन्य आवश्यक सुविधाओं का भी निर्माण किया जाएगा। हालांकि, इस योजना को अभी उच्च अधिकारियों से अंतिम मंजूरी मिलनी शेष है। फिलहाल, इस बंगले के रखरखाव के लिए लगभग 10 कर्मचारियों की एक टीम तैनात है, जो नियमित रूप से साफ-सफाई और विद्युत उपकरणों का संचालन सुनिश्चित करती है। गौरतलब है कि यह बंगला अपने नवीनीकरण में हुए कथित अत्यधिक खर्च और अनियमितताओं को लेकर भ्रष्टाचार के आरोपों के केंद्र में रहा है। भारतीय जनता पार्टी ने इसे एक बड़ा चुनावी मुद्दा बनाते हुए 'शीश महल' की संज्ञा दी थी। वर्ष 2022 में, दिल्ली सरकार के सतर्कता विभाग ने उपराज्यपाल वीके सक्सेना के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा बंगले के नवीनीकरण में हुई कथित अनियमितताओं और अत्यधिक लागत की जांच भी शुरू की थी। सरकार के इस नए कदम को उस विवादित अध्याय को समाप्त कर संपत्ति का सार्वजनिक उपयोग सुनिश्चित करने की एक पहल के रूप में देखा जा रहा है।  

राहुल का विदेशी मंचों पर भरोसा BJP के लिए सिरदर्द, ‘भारत-विरोधी संस्कारों’ का आरोप

नई दिल्ली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने शनिवार को कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी का भारत की धरती से अधिक भरोसा विदेशी मंचों पर जताना उनके ‘भारत-विरोधी संस्कारों’ को दर्शाता है। सचदेवा ने एक्स पोस्ट में राहुल गांधी के हालिया बयानों की आलोचना करते हुए लिखा कि लोकतंत्र पर भाषण देने से पहले उन्हें अपनी पार्टी का इतिहास देखना चाहिए। इमरजेंसी की याद आज भी भारत की आत्मा में जिंदा है। भारत को कमजोर बताने वाले आपके बयान हर देशवासी के आत्मसम्मान पर प्रहार हैं।  सचदेवा ने कहा कि भारत आज आत्मविश्वास के साथ विश्व मंच पर खड़ा है, लेकिन राहुल उस आत्मविश्वास को तोड़ने का काम कर रहे हैं। उन्होंने इसे राजनीतिक मतभेद से आगे बताते हुए कहा, “यह विरोध नहीं, वतन से वैर है; यह राजनीतिक मतभेद नहीं, बल्कि मानसिक दिवालियापन है।” भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सचदेवा ने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र में विरोध जरूरी है, लेकिन देश की बदनामी कतई स्वीकार्य नहीं। बार-बार भारत की धरती से ज्यादा भरोसा विदेशी मंचों पर जताना आपके भारत-विरोधी संस्कारों की निशानी है। आप अब अपमान के प्रतीक बन चुके हैं।  

ज्योतिरादित्य का ग्वालियर कमाल: बिना सांसद के ही चलाईं लंबी केंद्रीय बैठकें

ग्वालियर भाजपा का सबका साथ-सबका विकास के संकल्प के बीच ग्वालियर में गणित कुछ अलग है। ग्वालियर में 17 दिन बाद फिर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ग्वालियर सांसद भारत सिंह कुशवाह के बिना विकास कार्यों की समीक्षा तीन घंटे समीक्षा की। प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर और उद्यानिकी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह भी रहे। ग्वालियर में तोमर-सिंधिया गुटबाजी ग्वालियर-चंबल में अलग तेवरों के साथ पिछले माह से सक्रिय हुए सिंधिया अक्टूबर के पहले सप्ताह में फिर मैदान में दिखे। नेताओं की अलग-अलग बैठकों का सीधा कारण किसी से छिपा नहीं है कि ग्वालियर में तोमर-सिंधिया गुटबाजी। मंच साझा करने से लेकर बचने वाले दोनों नेता विकास कार्यों की बैठक में साथ नहीं दिखते। ग्वालियर में विकास कार्यों की बैठक के लिए प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट इंदौर से आकर यहां खुद की अध्यक्षता में बैठक लेते हैं, हकीकत में जिसे लीड केंद्रीय मंत्री ही करते हैं। प्रोटोकाल के कारण केंद्रीय मंत्री सीधे विकास कार्यों की बैठक नहीं ले सकते।   सिंधिया ने पांच बिंदुओं पर समीक्षा की सिंधिया ने बैठक के बाद सांसद के उपस्थित न होने के सवाल पर कहा कि वे व्यस्त होंगे, वे कहां हैं यह तो उनसे ही पूछा जा सकता है कि वे कहां हैं। सिंधिया ने पांच बिंदु सड़क, सीवर, पेयजल, एलिवेटेड रोड सहित पांच बिंदुओं पर समीक्षा की। ग्वालियर चंबल अंचल में पिछले एक साल दूर सिंधिया ने पिछले माह से अपनी सक्रियता दिखाई है। पिछले माह 15 सितंबर को सिंधिया ने ग्वालियर कलेक्ट्रेट में ही विकास कार्यों की लंबी चौड़ी बैठक ली थी। बैठक में ग्वालियर में संचालित सभी बड़े प्रोजेक्टों पर चर्चा की और बुनियादी सुविधाओं सीवर, सड़क, पेयजल, पार्किंग आदि पर चर्चा की। सिंधिया ने अफसरों को निर्देश बैठक के बाद सिंधिया ने यह भी स्वीकारा था कि ग्वालियर की सड़कें बदहाल हैं, जिन्हें सिंधिया ने अफसरों को अलग-अलग श्रेणी में बांटने के निर्देश दिए। शुक्रवार की बैठक में अधिकारी यह होमवर्क करके भी लाए और विधानसभावार सिंधिया को सड़कों की हालत दिखाई। सिंधिया बोले-जो दवाब बनवाए उसकी पर्ची खुलवाओ बैठक में सिंधिया ने विकास कार्यों को लेकर कहा कि जो भी ठोस कार्य योजना नेताओं के साथ बैठक बनाई जा रही है उसमें अमल के दौरान जो भी बाधा या दवाब बना रहा है उसके नाम की पर्ची खुलवाई जाए। सिंधिया का इशारा नेताओं को लेकर था। सांसद शिवपुरी में थे, मंत्री नारायण सिंह बोले-वे व्यस्त होंगे पिछली बैठक में भी सांसद भारत सिंह कुशवाह नहीं थे और शुक्रवार को भी वे नहीं दिखे। सांसद शिवुपरी में थे। मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने भी सांसद के बैठक में न होने पर कहा कि हो सकता है वे व्यस्त हों, इसलिए बैठक में नहीं आ सके हों।

बीमारियों और बुराइयों को जन्म देता है क्रोध

हममें से शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति हो जिसे क्रोध या गुस्सा कभी भी न आता हो। क्रोध एक प्रकार का संवेग या भावना है। जिस प्रकार व्यक्ति दुःख, सुख, घृणा आदि महसूस करता है, उसी प्रकार क्रोध भी महसूस करता है। प्रायः बहुत से लोगों को कहते सुना जा सकता है कि उन्हें गुस्सा बहुत आता है। वे किसी मामूली-सी बात पर भी बहुत अधिक गुस्सा हो जाते हैं और गुस्से के समय वे अपना संतुलन तक खो देते हैं। क्रोध में किसी भी व्यक्ति का अच्छा काम भी बिगड़ जाता है। क्रोध व्यक्ति को उसकी समस्याओं को सुलझाने की अपेक्षा और अधिक उलझा देता है। क्रोध की अवस्था में व्यक्ति अपने को किसी कान को कर पाने में सक्षम नहीं पाता। इससे वह अपने तथा समाज के लिए आलोचना का कारण बनता है। ऐसी स्थिति में व्यक्ति अपने संबंधों में कड़वाहट पैदा कर देता है। क्रोध एक अति शक्तिशाली सवेग या भावना है, जो व्यक्ति को शारीरिक रूप से भी नुकसान पहुंचा सकता है। जो व्यक्ति जल्दी गुस्सा हो जाते हैं उनमें विभिन्न प्रकार की शारीरिक परेशनियां जैसे सिरदर्द, चर्म रोग, अल्सर और दिल से संबंधित बीमारियों की संभावना बढ़ जाती है। क्रोध के समय व्यक्ति केवल छोटे-छोटे नुकसान ही नहीं, बल्कि काफी बड़ी मुसीबतों में पड़ सकता है। जैसे घर का सामान तोड़ देना, मारपीट करना, रास्ते में दुर्घटना हो जाना और कई बार तो क्रोध में व्यक्ति दूसरे की हत्या तक कर देता है। क्रोधित व्यक्ति दूसरे की भावनाओं को आहत कर आमतौर पर आपसी संबंधों में दरारें डालकर आपस की दूरियां बढ़ा देता है। वैवाहिक संबंधों में तो ऐसी दूरियां कुछ समय बाद खाई बनकर तलाक जैसे भयंकर परिणाम का रूप भी ले सकती हैं। स्वाभाविक क्रोध: सामान्यतया कुछ परिस्थितियों में किया गया क्रोध स्वाभाविक क्रोध होता है। यह क्रोध लगभग सभी व्यक्तियों में पाया जात है और यह क्रोध कभी-कभी लाभदायक भी होता है। उदाहरण के तौर पर बच्चे के स्कूल न जाने या चोरी करने पर मां को गुस्सा आना। पति के रोज देर से घर पहुंचने पर पत्नी को गुस्सा आना सवाभाविक क्रोध है। किसी कर्मचारी के सही काम न करने पर उसके अधिकारी को गुस्सा आना भी इसी श्रेणी में आता है। इस तरह का क्रोध जो किसी परिस्थितिवश किया जाता है, वह एक स्वाभाविक प्रक्रिया है और इस प्रकार के अस्थायी क्रोध से यह प्रयास किया जा सकता है कि भविष्य में इस तरह की बात न दोहरायी जाये। दूसरी तरफ इस तरह के स्वाभाविक क्रोध में व्यक्ति को अपनी स्थिति का पूरा ध्यान रहता है और क्रोध करने वाला व्यक्ति को अपनी स्थिति का पूरा ध्यान रहता है और क्रोध करने वाला व्यक्ति उसे नियंत्रण करने में सक्षम होता है। क्रोध कैसे शान्त करें? क्रोध शान्त करने के लिए व्यक्ति को उपचार के साथ-साथ स्वयं भी प्रयत्नशील होना पड़ता है। यदि क्रोध किसी शारीरिक अथवा मानसिक बीमारी के कारण है तो ऐसी स्थिति में व्यक्ति की संबंधित बीमारी का इलाज होने के साथ ही क्रोध की तीव्रता और उसके घटित होने की अवस्था में भी परिवर्तन आ जाता है। क्रोध करने वाले व्यक्ति को दूसरे की स्थिति के बारे में भी ध्यान रखना चाहिए। उदाहरण के तौर पर कोई व्यक्ति घर में खाना समय से न मिल पाने के कारण गुस्सा करता है, तो उसे यह भी ध्यान रखना चाहिए कि खाने में देर होने का कारण घर के कुछ आवश्यक कार्य हो सकते हैं अथवा खाना बनाने वाले व्यक्ति को कुछ स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां भी हो सकती हैं। व्यक्ति को अपनी जरूरतों और समस्याओं के बारे में घर के अन्य सदस्यों, मित्रों आदि के साथ खुलकर बात करनी चाहिए, ताकि समस्याओं का कोई सर्वमान्य हल निकल सके। इस प्रकार क्रोध को काफी हद तक रोका जा सकता है। यदि किसी व्यक्ति को किसी मित्र या घर के सदस्य से किसी बात के बारे में कोई भ्रम की स्थिति है तो ऐसी स्थिति में संबंधित व्यक्ति से मिलकर स्थिति को स्पष्ट करके क्रोध से बचा जा सकता है। अस्सी से नब्बे प्रतिशत लोगों का क्रोध प्रायः गलत ही होता है। अगर स्थिति की सही समीक्षा और संबंधित व्यक्तियों को अपने परिवार का सदस्य समझकर व्यवहार करें तो संभवतः क्रोध को शान्त किया जा सकता है और उसके दुष्परिणामों से बचा जा सकता है।  

राज्य स्तरीय शतरंज का संग्राम जशपुर में, खिलाड़ी दिखाएंगे अपनी रणनीति

रायपुर छत्तीसगढ़ में राज्य स्तरीय शतरंज प्रतियोगिता का आयोजन 11 अक्टूबर से 13 अक्टूबर 2025 तक जशपुर के कम्यूनिटी हॉल में किया जाएगा। यह प्रतियोगिता छत्तीसगढ़ के स्थापना की रजत जयंती महोत्सव के तहत जिला शतरंज संघ जशपुर द्वारा आयोजित की जा रही है। इस टूर्नामेंट में कुल मिलाकर 2 लाख 51 हजार रुपये से अधिक का नकद पुरस्कार और आकर्षक ट्रॉफी वितरण किया जाएगा। कार्यक्रम के आयोजक सदस्यों एफए हर्ष शर्मा और एसएनए अनिल शर्मा से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रतियोगिता का उद्घाटन समारोह 11 अक्टूबर को सुबह 9:30 बजे होगा और इसका समापन 13 अक्टूबर को शाम 4 बजे किया जाएगा। प्रतियोगिता में शामिल खिलाड़ियों को प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान के लिए क्रमशः 31 हजार, 21 हजार और 11 हजार रुपये के नकद पुरस्कार के साथ ट्रॉफी भी प्रदान की जाएगी। इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में खिलाड़ियों के लिए पांच प्रमुख वर्ग होंगे, जिनमें अंडर-09, अंडर-11, अंडर-13, अंडर-15 के साथ-साथ वरिष्ठ खिलाड़ी और दिव्यांग प्रतिभागी भी शामिल हैं। इसके अलावा, सर्वश्रेष्ठ महिला खिलाड़ी, सर्वश्रेष्ठ जशपुर निवासी खिलाड़ी और सर्वश्रेष्ठ सरगुजा डिवीजन खिलाड़ी के लिए भी विशेष पुरस्कार रखे गए हैं। प्रत्येक श्रेणी के विजेताओं को नकद पुरस्कार और ट्रॉफी दी जाएगी। प्रवेश शुल्क और पंजीकरण प्रक्रिया जशपुर जिले के प्रतिभागियों के लिए प्रवेश शुल्क मात्र 100 रुपये निर्धारित किया गया है, जबकि अन्य जिलों के खिलाड़ियों के लिए यह शुल्क 500 रुपये है। सभी प्रतिभागियों के लिए छत्तीसगढ़ राज्य चैस एसोसिएशन का वार्षिक पंजीकरण अनिवार्य है, जिसमें जशपुर के लिए 75 रुपये और अन्य जिलों के लिए 150 रुपये शुल्क लगेगा।पहले 50 पुरुष और 30 महिला खिलाड़ियों को नि:शुल्क डॉर्मेट्री आवास उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा, प्रतियोगिता स्थल पर स्वच्छ और पौष्टिक भोजन रियायती दरों पर मिलेगा। इच्छुक प्रतिभागी सशुल्क होटल में भी कम दामों पर ठहर सकते हैं। प्रतियोगिता में भाग लेने या अन्य जानकारी के लिए: 7828697878, 8770453053, 8770491200 मोबाइल नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है।