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NZ बनाम AUS: मार्श का बल्ला बोला, ऑस्ट्रेलिया ने कीवी टीम को हराकर सीरीज जीती

नई दिल्ली NZ vs AUS: ऑस्ट्रेलिया के कप्तान मिचेल मार्श ने शानदार शतक जड़कर न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे टी20I मैच में अपनी टीम को 3 विकेट से जीत दिलाई और 2-0 से सीरीज अपने नाम की। मार्श ने 52 गेंदों में नाबाद 103 रन बनाए, जिसमें 8 चौके और 7 छक्के शामिल थे। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की पारी को संभाले रखा, जबकि दूसरे छोर से लगातार विकेट गिरते रहे। मिचेल मार्श का पहला T20I शतक दरअसल, न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी (NZ vs AUS) करते हुए 9 विकेट पर 156 रन बनाए। टीम की ओर से सबसे ज्यादा रन (48) टिम सिफर्ट ने बनाए। इसके बाद माइकल ब्रेसवेल (26) और जिम्मी नीशम (25) ने आखिर में तेज खेल दिखाकर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। कंगारू टीम की ओर से शॉन ऐबट ने तीन विकेट, जबकि जोश हेजलवुड, जेवियर बार्टलेट को दो-दो सफलता मिली। एडम जम्पा और मार्कस स्टोइनिस को एक-एक विकेट मिला। इसके जवाब में, ऑस्ट्रेलिया ने मिचेल मार्श की दमदार बल्लेबाजी की बदौलत लक्ष्य को 18 ओवर में ही हासिल कर लिया। उनके अलावा मिचेल ओवेन ने (14 रन) थोड़ा योगदान किया। न्यूजीलैंड की तरफ से जिमी नशीम ने 4 ओवर में 26 रन देकर 4 विकेट लिए। उनके अलावा जेकब डफी ने द विकेट और बेन सीयर्स ने एक विकेट लिया। ऑस्ट्रेलिया ने तीन मैचों की टी20आई सीरीज का पहला मैच 6 विकेट से जीता था। उस मैच में भी कप्तान मिचेल मार्श ने 85रन की मैच विनिंग पारी खेली थी। दूसरा मैच जो कि 3 अक्टूबर को होना था, लेकिन बारिश की वजह से मैच का कोई नतीजा नहीं निकला। तीसरे टी20आई मैच में ऑस्ट्रेलिया ने 12 गेंद बाकी रहते हुए 157 रन का लक्ष्य हासिल करते हुए टी20 सीरीज 2-0 से अपने नाम की।  

पारस को नहीं मिली अहमियत, चिराग के नाम पर महागठबंधन में बढ़ी हलचल

पटना राजनीति में कब हृदय परिर्वतन हो जाए यह कोई नहीं जानता। ताजा उदाहरण राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (रालोजपा) के अध्यक्ष एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस हैं जिनका अपने भतीजा चिराग पासवान के प्रति हृदय परिर्वतन हो गया है। यह सब अचानक नहीं हुआ है। दरअसल एनडीए से विदाई के बाद पारस महागठबंधन में शामिल होने की उम्मीद पाले थे, लेकिन लालू प्रसाद से मेल-मिलाप के बाद भी पारस को महागठबंधन में भाव नहीं मिल रहा। विधानसभा चुनाव सिर पर है। पारस अपने पुत्र यशराज पासवान को चुनावी महासमर में लांच करने की घोषणा कर चुके हैं। वे पुत्र को उसी सुरक्षित सीट अलौली विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाने की मंशा पाले हैं, जहां से वे सात बार चुनाव जीत चुके हैं। यह सीट अभी राजद के कब्जे में है। इस सीट को राजद कतई छोड़ने के मूड में नहीं है। उधर, एनडीए में अलौली सीट पर चिराग पासवान का दावा मजबूत माना जा रहा है। ऐसे में पारस भतीजा चिराग पासवान को खून का रिश्ता होने की दुहाई देते हुए गुणगान में जुट गए हैं। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि चिराग पासवान उनका भतीजा है। वो याेग्य हैं, मेहनती भी। अगर वे मुख्यमंत्री बनते हैं तो उन्हें सबसे ज्यादा खुशी होगी। वो मेरा परिवार के सदस्य हैं, मेरा भतीजा भी। चुनाव से पहले पारस के इस बदले सियासी राग ने चिराग पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) में भी हलचल मचा दी है। पार्टी के प्रवक्ता रंजन सिंह ने पारस के बयान का स्वागत किया और कहा कि हमारे नेता चिराग पासवान को सीएम बनाने संबंधी पशुपति पारस का बयान स्वागत योग्य है। वैसे कहने को तो पारस महागठबंधन के साथ हैं लेकिन अब तक उन्हें महागठबंधन में अधिकारिक इंट्री नहीं हुई है। वहीं भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रभाकर मिश्र ने कहा कि महागठबंधन में सीटें पाने के लिए पारस चिराग पासवान को लेकर बयान दे रहे हैं। पारस का बयान महागठबंधन के प्रति प्रेशर पालिटिक्स है।

पढ़ाई के लिए अमेरिका गया भारतीय छात्र बना हिंसा का शिकार, गोली लगने से मौत

नई दिल्ली अमेरिका के डलास में एक 27 वर्षीय भारतीय छात्र की कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई है। हैदराबाद निवासी चंद्रशेखर पोल कल रात एक गैस स्टेशन पर पार्ट-टाइम काम कर रहे थे, तभी एक अज्ञात बंदूकधारी ने उनकी हत्या कर दी। चंद्रशेखर टेक्सास में डेंटल सर्जरी में मास्टर डिग्री की पढ़ाई कर रहे थे। हैदराबाद से डेंटल सर्जरी में स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद, वह 2023 में उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका चले गए थे। नेताओं ने हैदराबाद में की परिवार से मुलाकात बीआरएस विधायक सुधीर रेड्डी और पूर्व मंत्री टी हरीश राव ने हैदराबाद में छात्र के घर जाकर उसके परिवार से मुलाकात की। उन्होंने इसे एक दुखद घटना बताते हुए सरकार से पोल के शव को अमेरिका से वापस लाने के लिए तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया। बीआरएस ने सरकार से की ये अपील हरीश राव ने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए एक ऑनलाइन पोस्ट में कहा, "माता-पिता जिस पीड़ा से गुजर रहे हैं, यह जानकर कि उनका बेटा, जिसके बारे में उन्हें विश्वास था कि वह ऊंचाइयों तक पहुंचेगा, अब नहीं रहा। यह देखना हृदय विदारक है।" उन्होंने आगे कहा, "हम, बीआरएस की ओर से राज्य सरकार से मांग करते हैं कि वह पहल करे और चंद्रशेखर के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द उनके गृहनगर लाने का प्रयास करे।"

मध्यप्रदेश एवं गुजरात के अधिकारियों के बीच हुई उच्चस्तरीय बैठक

सरदार सरोवर प्रोजेक्ट पर हुई चर्चा भोपाल  मध्यप्रदेश और गुजरात राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच शनिवार को उच्चस्तरीय बैठक सम्पन्न हुई, जिसमें सरदार सरोवर प्रोजेक्ट संबंधी महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा की गई। बैठक का उद्देश्य सरदार सरोवर प्रोजेक्ट से संबंधित मुद्दों का आपसी समन्वय से निराकरण करना था। बैठक की अध्यक्षता मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन तथा गुजरात के मुख्य सचिव श्री पंकज जोशी ने संयुक्त रूप से की। बैठक में नर्मदा घाटी विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, सचिव श्री जॉन किंग्सली, सी.एम.डी., एस.एस.एन.एन.एल श्री मुकेश पुरी तथा दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। पंप स्टोरेज प्रोजेक्ट को लेकर बनी सहमति बैठक में दोनों राज्यों के बीच सरदार सरोवर प्रोजेक्ट में गुजरात के गरुड़ेश्वर वियर के माध्यम से पंप स्टोरेज प्रोजेक्ट को लेकर सहमति बनी। मध्यप्रदेश सरकार इसमें सशर्त सम्मिलित होगी, इससे मध्यप्रदेश सरकार को उत्पन्न बिजली में 57% की भागीदारी मिलेगी। साथ ही सरदार सरोवर के डूब क्षेत्र में आने वाली शासकीय राजस्व, आबादी एवं वन भूमि की प्रतिपूर्ति राशि को लेकर सिद्धांत तय किये गए। बैठक में दोनों राज्यों की लेनदारी एवं देनदारी के मुद्दे पर विस्तृत चर्चा में यह तय किया गया कि दोनों राज्यों की वित्तीय टीम आपस में विचार कर अगले कुछ दिनों में वित्तीय समायोजन पर निराकरण करेगी। बैठक अत्यंत सकारात्मक एवं सौहार्द्रपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुई।  

वन्यजीव एवं पर्यावरण संरक्षण विषय पर हुई युवा संसद

वन्यजीव सप्ताह में विद्यार्थियों ने पक्षियों और वन्य जीवों के बारे में प्राप्त की जानकारी भोपाल वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में राज्य स्तरीय वन्यजीव सप्ताह-2025 के अंतर्गत शनिवार 4 अक्टूबर को चौथे दिन सुबह 6:00 बजे से दिव्यांग बच्चों के लिये पक्षी अवलोकन शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में आयाम इंक्लूजन स्कूल भोपाल के 57 छात्र/छात्राओं ने पक्षियों की विभिन्न प्रजातियों के दर्शन किये। इनमें मैगपाई रॉबिन, इंडियन रॉबिन, ग्रीन बी ईटर, ग्रे फ्रैंकोलिन, कॉमन किंग फिशर, वाइट ब्रेस्टेड किंगफिशर को देखकर बच्चे उत्साहित हो उठे। पक्षी अवलोकन शिविर में सम्मिलित बच्चों को वन्यप्राणियों के मॉडल दिखाये गये एवं उनके बारे में विषय विशेषज्ञों द्वारा जानकारी प्रदान की गई, जिसे जानकर बच्चे बहुत ही रोमांचित हुये। महाविद्यालयीन छात्र-छात्राओं के लिये सुबह 6:30 बजे से "वन विहार" विषय पर फोटोग्राफी प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें 40 बच्चों ने भाग लेकर वन विहार के वन्यजीवों की फोटोग्राफी की एवं तीन-तीन फोटोग्राफ्स, साफ्ट कॉपी के रूप में कार्यालय में जमा किये। रंगोली प्रतियोगिता वन एवं वन्यजीव विषय पर कक्षा 5 से 8 तक वर्ग के लिये आयोजित की गई। "पौराणिक कथाओं में वन्यजीव" विषय पर प्रतियोगिता कक्षा 9वीं के लिये सुबह 9:00 बजे से आयोजित की गई। इसमें 126 प्रतिभागियों ने भाग लेकर विभिन्न प्रकार के वन्यजीवों पर आधारित बहुत सुंदर रंगोली बनाई। विद्यालयीन एवं महाविद्यालयीन छात्र/छात्राओं के लिये "युवा संसद" प्रतियोगिता सुबह 11.00 बजे से आयोजित की गई। इसमें 4 ग्रुप में 53 प्रतिभागियों ने भाग लेकर "वन्यजीव एवं पर्यावरण संरक्षण" विषयों पर पक्ष एवं विपक्ष में अपने विचार व्यक्त किये। स्रोत व्यक्ति के रूप में डॉ. सुदेश वाघमारे, डॉ. संगीता राजगीर एवं मो. खालिक तथा अन्य अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर संचालक वन विहार राष्ट्रीय उद्यान श्री विजय कुमार भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन सहायक संचालक वन विहार डॉ. रूही हक ने किया। पक्षी अवलोकन शिविर के दौरान वन विहार भ्रमण पर आये विभिन्न विद्यालयों के लगभग 300 छात्र/छात्राओं ने भी पक्षियों एवं वन्यजीवों के सम्बंध में जानकारी प्राप्त कर ज्ञानवर्धन किया। 5 अक्टूबर के कार्यक्रम वन्य जीव सप्ताह में 5 अक्टूबर को सुबह 7:00 बजे से वन्यजीव संरक्षण के लिये 'रन फॉर वाईल्ड लाईफ" दौड़ होगी। इसका रिपोर्टिंग समय सुबह 6:00 बजे रहेगा। दौड़ वन विहार गेट क्र.-2 से डिपो चौराहा, पॉलीटेक्निक चौराहा, श्यामला हिल्स होते हुए बोट क्लब की ओर वन विहार के गेट क्र.-1 पर पूरी होगी। साथ ही सुबह 10:30 बजे से "वनों में पर्यटन वन्यजीवों के संरक्षण में सहायक है" विषय पर शिक्षक वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया जायेगा।  

सावधान! पंजाब सरकार ने इस दवाई के बिक्री पर लगाई रोक, कैमिस्टों के लिए नए नियम जारी

मानसा  जिाला मजिस्ट्रेट नवजोत कौर ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, मानसा जिले में 75 एम.जी. से अधिक मात्रा वाले प्रीगैबलिन कैप्सूल की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। उन्होंने कहा कि दवा देते समय, केमिस्ट पर्ची (प्रिस्क्रिप्शन पर्ची) पर अपनी मुहर लगाएगा और दवा देने की तारीख दर्ज करेगा। जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि सिविल सर्जन मानसा ने उनके संज्ञान में लाया है कि 300 मिलीग्राम मात्रा वाले प्रीगैबलिन कैप्सूल का आम लोगों द्वारा दुरुपयोग किया जा रहा है और कई लोग इसे नशीली दवा (जिसे सिग्नेचर भी कहा जाता है) के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने मानसा जिले में इसकी बिक्री पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सिविल सर्जन से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार, मरीज़ को उसकी स्थिति के आधार पर आमतौर पर प्रतिदिन 25-150 मिलीग्राम प्रीगैबलिन की खुराक दी जाती है। यह आदेश 30 नवंबर, 2025 तक लागू रहेगा। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैतूल की छात्रा सुश्री त्रिशा को दी बधाई

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैतूल जिले की बिटिया सुश्री त्रिशा को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उललेखनीय है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा नई दिल्ली में शासकीय एकलव्य महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) बैतूल की छात्रा कुमारी त्रिशा तावड़े को सेंट्रल जोन के अंतर्गत इलेक्ट्रीशियन ट्रेड की राष्ट्रीय मेरिट लिस्‍ट में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर सम्मानित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि त्रिशा की यह उपलब्धि सम्पूर्ण मध्यप्रदेश के लिए गौरव का क्षण है। उन्होंने कहा कि हमारे गांव-कस्बों में अपार प्रतिभा छिपी हुई है। बदलते दौर में जनजातीय क्षेत्र से आने वाले विद्यार्थी नए-नए प्रतिमान रच रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज से शुरू पीएम-सेतु योजना के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी का हार्दिक अभिनंदन है। प्रधानमंत्री की यह पहल देश के सभी आईटीआई को एक नई दिशा और नई ऊर्जा देगी।  

97 लाख की साइबर ठगी: इंदौर की रिटायर्ड टीचर ठग के जाल में फंसी 14 महीनों तक

इंदौर साइबर अपराधियों ने सेवानिवृत्त शिक्षिका से 96 लाख 83 हजार 595 रुपये की ठगी कर ली। वह 14 महीनों तक ठगों के संपर्क में रही और उनके इशारों पर खातों में राशि जमा करवाती रहीं। पुलिस ने शुक्रवार रात अज्ञात साइबर ठग के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ठग के सभी खाते फर्जी पाए गए हैं। सिम कार्ड भी दूसरों के नाम से मिले हैं। ठगी जूना रिसाला निवासी कुमारी पुष्पा ठाकुर के साथ हुई है। 67 वर्षीय पुष्पा सेवानिवृत्त सहायक प्राध्यापक हैं। शिकायत में बताया कि 16 दिसंबर 2023 को राजीव शर्मा नामक व्यक्ति का कॉल आया था। उसने खुद को बीमा कंपनी का अधिकारी बताया और पुष्पा को दो बीमा पॉलिसी की जानकारी दी। उसने कहा कि एक पॉलिसी चालू है और दूसरी सरेंडर नहीं हुई है। एक लाख रुपये की राशि एनईएफटी कर दें ताकि पॉलिसी की सरेंडर राशि खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी।   आरोपी ने महिला से दस्तावेज भी मंगवा लिए आरोपित ने बाकायदा ई-मेल आईडी भेजी और महिला से दस्तावेज भी मंगवा लिए। आरोपित ने सात फरवरी 2025 तक महिला से कुल 96 लाख 83 हजार 595 रुपये जमा करवा लिए। बीमा कंपनी से डेटा लीक, ठग ने पॉलिसी बताकर ठगा महिला ने पुलिस को बताया कि उसने एसबीआई लाइफ से बीमा पॉलिसी ली थी। तीन साल तक 25 हजार रुपये जमा करती थी। बीच में रुपये जमा करना बंद कर दिए। कंपनी के कर्मचारी ने पॉलिसी सरेंडर करने की सलाह दी और 72 हजार रुपये मिले। मार्च 2020 में महिला ने दस वर्ष के लिए दूसरी पॉलिसी ले ली। 16 दिसंबर 2023 को ठग का कॉल आया और कहा कि पॉलिसी सरेंडर नहीं हुई है। उसमें लाखों रुपये जमा हैं। शक है बीमा कंपनी से ही ग्राहकों के डेटा लीक हो रहा है। गिरोह ने 23 बार में 32 खातों में जमा करवा रुपये एडिशनल डीसीपी (अपराध) राजेश दंडोतिया के अनुसार, ठगी का शिकार हुई महिला ने आरोपितों में राजीव शर्मा, अमित शर्मा, आर. गोस्वामी, एसके अहलुवालिया, सुब्रत बास, गुरमीत सिंह चंद्रा के नाम बताए हैं। ठग इनके नाम से ही कॉल लगाते थे। आरोपितों ने 23 बार में 32 खातों में रुपये ट्रांसफर करवाए हैं। 15 लाख 46 हजार रुपये तो बैंक ऑफ बड़ौदा के खाते से ट्रांसफर किए गए हैं।

बिहार में युवाओं को खास लाभ: चुनाव से पहले हर माह ₹1000, छात्रवृत्ति भी बढ़ाई गई

नई दिल्ली कौशल दीक्षांत समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को देश के युवाओं के लिए योजनाओं-परियोजनाओं के अनावरण की झड़ी लगाई तो चुनावी राज्य बिहार के युवा खास तौर पर सरकार के प्यार में सराबोर होते दिखाई दिए। केंद्र-राज्य सरकार की तमाम योजनाओं का शुभारंभ करते हुए राज्य का अतीत याद दिलाते हुए राजद के शासनकाल को कुशासन बताया और नीतीश कुमार नेतृत्व वाली राजग सरकार की सराहना की। कांग्रेस पर पीएम मोदी का कटाक्ष जननायक कर्पूरी ठाकुर कौशल विश्वविद्यालय का वर्चुअल उद्घाटन करते हुए बिना किसी का नाम लिए विपक्ष पर कटाक्ष किया- ''जरा चोकन्ने रहिए, ये जननायक पद कर्पूरी ठाकुर से ही है। आजकल लोग ये जननायक की भी चोरी करने में लगे हैं और इसलिए बिहार के लोगों से मैं जागृत रहने का आग्रह करूंगा कि हमारे कर्पूरी ठाकुर साहब का ये जनता द्वारा दिया गया सम्मान कोई चोरी न कर जाए।'' पीएम के कटाक्ष को नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से जोड़ा जा रहा है, क्योंकि तमाम कांग्रेस नेताओं ने अब राहुल को जननायक की उपाधि दे दी है। पीएम मोदी ने कहा कि कुछ दिन पहले ही बिहार की बहनों के रोजगार और आत्मनिर्भरता से जुड़ा एक बहुत भव्य कार्यक्रम में मुझे शामिल होने का अवसर मिला था। आज बिहार के युवाओं के सशक्तीकरण का ये मेगा प्रोग्राम है। ये दिखाता है कि एनडीए सरकार बिहार के नौजवानों को, महिलाओं को कितनी प्राथमिकता दे रही है। बिहार के लोगों से पीएम मोदी ने कही ये बात आज बिहार के युवाओं के लिए भी इस मंच से अनेक योजनाएं और परियोजनाएं समर्पित हुई हैं। बिहार में नया कौशल विश्वविद्यालय, अन्य विश्वविद्यालयों में सुविधाओं का विस्तार, नौजवानों के लिए युवा आयोग, हजारों युवाओं को पक्की सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र, ये सब बिहार के युवाओं के बेहतर भविष्य की गारंटी है। उन्होंने दावा किया कि एनडीए की डबल इंजन सरकार लगातार बिहार की शिक्षा संस्थाओं को आधुनिक बनाने में जुटी है। 'आईटीआई पटना में भी इंफ्रास्टक्चर के विस्तार का काम शुरू' उन्होंने कहा कि आईटीआई पटना में इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार का काम भी शुरू हो चुका है। आज भी बिहार में कई बड़े शिक्षा संस्थानों के आधुनिकीकरण का काम आरंभ हुआ है। एनआइटी पटना के बिहटा कैंपस को भी अब होनहार विद्यार्थियों के लिए खोल दिया गया है। इसके अलावा पटना यूनिवर्सिटी, भूपेंद्र मंडल यूनिवर्सिटी, जयप्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा और नालंदा ओपन यूनिवर्सिटी, इन सभी संस्थानों में नए एकेडेमिक इंफ्रास्ट्रक्चर की नींव रखी गई है। पीएम ने कहा कि अच्छे संस्थानों के साथ-साथ नीतीश सरकार बिहार के नौजवानों की पढ़ाई का खर्च भी कम कर रही है। स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड से मिलने वाले एजुकेशन लोन को ब्याजमुक्त कर दिया गया है। ये बिहार सरकार का निर्णय है। इतना ही नहीं, विद्यार्थियों के लिए स्कालरशिप भी 1800 से बढ़ाकर के 3600 रुपये कर दी गई है। पीएम ने राज्य सरकार की मुख्यमंत्री निश्चय स्वयंसहायता भत्ता योजना का भी शुभारंभ किया, जिसमें पांच लाख स्नातकों को दो वर्ष तक प्रतिमाह एक हजार रुपये दिए जाएंगे। आत्मनिर्भर भारत की कार्यशाला हैं आइटीआइ पीएम मोदी ने कहा कि हमारी आइटीआइ इंडस्टि्रयल एजुकेशन के बेहतरीन संस्थान तो हैं ही, ये आत्मनिर्भर भारत की कार्यशाला हैं, इसलिए हमारा फोकस इनकी संख्या बढ़ाने के साथ ही इनको लगातार अपग्रेड करने पर भी है। इंडस्ट्री को आज कैसी स्किल चाहिए, 10 साल बाद किस प्रकार की स्किल लगेगी, इसके लिए आइटीआइ नेटवर्क को तैयार किया जा रहा है। आज 60 हजार करोड़ रुपये की पीएम सेतु योजना की शुरुआत की गई है। 1000 से ज्यादा आइटीआइ को इसके माध्यम से अपग्रेड किया जाएगा। 34 राज्यों के जवाहर नवोदय विद्यालयों और एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में 1200 स्किल लैब का वर्चुअल उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ज्ञान और कौशल का देश है। यही बौद्धिक शक्ति हमारी सबसे बड़ी ताकत है। कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, केंद्रीय मंत्री जुएल ओरांव और राजीव रंजन वर्चुअल माध्यम से जुड़े थे, जबकि कार्यक्रम की प्रस्तावना कौशल विकास मंत्री जयन्त चौधरी ने रखी। शिक्षा राज्य मंत्री सुकांता मजूमदार भी मंचासीन थे।  

मतांतरित लोगों की ‘घर वापसी’ का अभियान शुरू, आलीराजपुर की ग्राम सभाओं ने संभाली मोर्चा

छकतला मतांतरण जैसे संवेदनशील मुद्दे को लेकर पश्चिमी मध्य प्रदेश के आदिवासी बहुल इलाके आलीराजपुर में अब ग्राम सभाएं मोर्चा संभाल रही हैं। पेसा अधिनियम के तहत गठित ग्राम स्तरीय समितियां अब मतांतरण (धर्म परिवर्तन) के खिलाफ संगठित कदम उठा रही हैं। इन समितियों का उद्देश्य है जो आदिवासी मूल संस्कृति से भटके हैं, उन्हें समझाइश के माध्यम से पुनः घर वापसी कराना। दुधवी गांव में परिवार की वापसी बनी उदाहरण ऐसा ही एक ताजा उदाहरण सामने आया है ग्राम पंचायत करजवानी के ग्राम दुधवी से, जहां उकारिया पुत्र कदवा ने अपने पूरे परिवार के साथ सनातन धर्म में वापसी की है। इस निर्णय में गांव की ग्राम सभा का महत्वपूर्ण किरदार रहा। पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि यह सिर्फ एक परिवार नहीं, बल्कि सांस्कृतिक चेतना की वापसी का प्रतीक है।   मथवाड़ पंचायत में प्रस्ताव पर होगा फैसला ग्राम पंचायत मथवाड़ के ग्रामसभा अध्यक्ष दिलीप पटेल ने बताया कि रविवार को पंचायत की बैठक में प्रस्ताव लाया जाएगा, जिसमें गांव के मतांतरण कर चुके परिवारों को ससम्मान सनातन धर्म में लौटाने की प्रक्रिया को ग्राम सभा की मंजूरी दी जाएगी। यह प्रस्ताव पेसा अधिनियम के प्रविधानों के तहत पारित किया जाएगा। पूर्व सरपंचों की पहल, गांव-गांव जा रहे जनप्रतिनिधि ग्राम छकतला के पूर्व सरपंच उसान गरासिया ने जानकारी दी कि वे स्वयं मथवाड़, वाकानेर, करजवानी और आसपास के कई गांवों में जाकर ऐसे परिवारों से संवाद कर रहे हैं जो कभी अपनी मूल संस्कृति से दूर हो गए थे। उन्होंने बताया कि, जिन्होंने मतांतरण किया है, उनमें से अधिकतर अत्यंत गरीब और बीमार थे। कुछ को लालच देकर मत परिवर्तन कराया गया। लेकिन अब जब हम उन्हें समझा रहे हैं, तो लोग अपनी जड़ों की ओर लौटने को तैयार हो रहे हैं। जनपद स्तर पर भी सक्रियता, ग्राम सभा बनी अधिकारों की आवाज सोंडवा जनपद पंचायत अध्यक्ष रेवली उषानसिंह गरासिया ने बताया कि क्षेत्र की कई ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाएं आयोजित की जा रही हैं, जहां पेसा एक्ट के तहत ग्राम सभा को जो विशेष अधिकार प्राप्त हैं, उनका उपयोग करते हुए धर्म परिवर्तन रोकने और पुनः मूल संस्कृति में लौटने की दिशा में काम हो रहा है। उन्होंने कहा, हमारी परंपरा, रीति-रिवाज और आस्था हमारी पहचान है। पंचायतें अब यह सुनिश्चित कर रही हैं कि कोई भी परिवार लालच या भयवश अपनी संस्कृति से दूर न हो। पेसा अधिनियम बना आधार, 607 ग्राम सभाओं में सक्रिय समितियां जिले के पेसा जिला समन्वयक प्रवीण कुमार चौहान के अनुसार पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में जिले में उल्लेखनीय कार्य हुआ है। अब तक 607 ग्राम सभाओं में पेसा समितियों का गठन किया जा चुका है। ये समितियां न सिर्फ ग्रामों में अधिकारों की जानकारी फैला रही हैं, बल्कि सांस्कृतिक सुरक्षा को लेकर भी सजग हैं। चौहान ने बताया कि मध्यप्रदेश पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) नियम 2022 और ग्राम सभा गठन नियम 1998 के तहत ग्राम सभाओं को जो अधिकार दिए गए हैं, उनका उपयोग अब वास्तविक धरातल पर दिखने लगा है। कई ग्राम सभाओं ने तो अब विधिवत प्रस्ताव पारित कर ‘घर वापसी’ के अभियान को समर्थन दिया है। जमीनी स्तर पर जनभागीदारी, सामाजिक समरसता की ओर कदम पेसा अधिनियम के तहत गठित समितियां न केवल धार्मिक, बल्कि सामाजिक चेतना का केंद्र बन रही हैं। ग्राम स्तरीय मोबिलाइज़र और ब्लाक समन्वयक जहां लोगों को उनके संवैधानिक अधिकारों की जानकारी दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ग्राम सभाएं अब सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा के लिए भी सक्रिय हो चुकी हैं।