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तेजस्वी यादव का वादा: नई सरकार में 20 दिन के भीतर रोजगार कानून लागू करेंगे

 पटना बिहार विधानसभा चुनाव में विपक्षी गठबंधन के सारे दल तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री का चेहरा मान रहे हैं, हालांकि कांग्रेस की ओर से खुलकर सीधे शब्दों में यह बात अब तक नहीं कही गई है। इस बीच सीटों के बंटवारे को लेकर जिच भी सामने आ रही है और मुकेश सहनी को डिप्टी सीएम प्रस्तावित किए जाने पर कांग्रेस ने भी अपने लिए ऐसे पद की मांग अनौपचारिक रूप से रख दी है। लेकिन, इन बातों पर कोई जवाब देने की जगह तेजस्वी यादव ने राजद नेताओं के साथ बैठ मीडिया से बात की और बड़ा एलान कर दिया। उन्होंने एलान किया कि उनकी सरकार बनते ही 20 दिनों के अंदर कानून बनाकर हर घर में एक सरकारी नौकरी दी जाएगी। 'पिछले 17 महीनों के काम से मैं संतुष्ट नहीं' तेजस्वी यादव ने कहा, 'पिछले 17 महीनों के काम से मैं संतुष्ट नहीं हूं। बिहार की जनता अब बदलाव चाहती है। लोगों को सिर्फ सामाजिक नहीं, बल्कि आर्थिक न्याय भी मिलेगा। तेजस्वी यादव ने जो वादा किया है, उसे वो जरूर पूरा करेंगे। आज की सरकार तेजस्वी यादव की दिखाई राह की नकल कर रही है। पिछले 20 साल से लोग पक्के मकान का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन हम सरकार बनने के 20 दिनों के अंदर ही इसके लिए कानून बनाएंगे।' 'शुरू करेंगे सरकारी नौकरी देने की योजना' तेजस्वी यादव ने कहा, "हमारी सरकार बनने पर हर घर से एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी दी जाएगी। इससे लोगों की हर तरह की परेशानियां खत्म होंगी। सरकार बनने के बाद बिहार में उद्योग और कारोबार को बढ़ावा दिया जाएगा। हम खेती और डेयरी से जुड़े उद्योग भी शुरू करेंगे। बिहार के विकास और खुशहाली के मौके पर ‘जश्न-ए-बिहार’ मनाया जाएगा, जिसमें लोगों को सरकारी नौकरियां दी जाएंगी।” उन्होंने आगे कहा, “हम अधिनियम (कानून) बनाकर हर परिवार से एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की योजना शुरू करेंगे।” 'मेरा धर्म बिहारी होना है' तेजस्वी यादव ने कहा, “जैसे ही चुनाव आया, यह सरकार बेरोजगारी भत्ता देने लगी, यानी रोजगार देने की बात ही नहीं कर रही है। मेरा कर्म बिहार है और मेरा धर्म बिहारी होना है, इसे साबित करने के लिए हमें सिर्फ पांच साल का मौका चाहिए। हम बिहार को एक सच्ची, ईमानदार और परफेक्ट सरकार देंगे। अपनी नीयत, सेवा और जिम्मेदारी का सबूत हम 17 महीनों में दे चुके हैं। पांच लाख नौकरियां देकर हमें खुशी है, लेकिन मैं अभी संतुष्ट नहीं हूं।”

सिक्योरिटी व्यवस्था को देखते हुए IPS पूरन कुमार की पत्नी से मिलने पहुंचे CM सैनी

हरियाणा  हरियाणा के CM नायब सैनी सीनियर IPS अधिकारी वाई पूरन कुमार की IAS अफसर पत्नी अमनीत पी. कुमार से मिलने पहुंच गए हैं। वह बुधवार शाम को ही जापान दौरे से लौटे थे और अब चंडीगढ़ स्थित अपने आवास से निकलकर सेक्टर-24 में IG की पत्नी अमनीत कुमार से मिल रहे हैं।  इस दौरान करीब 1 घंटे तक CM सैनी ने अलग कमरे में IAS अमनीत पी. कुमार के साथ मीटिंग की। मीटिंग के दौरान IAS अमनीत ने CM सैनी को 2 पन्नों की शिकायत सौंपी। इसके जरिए IG के लिखे सुसाइड नोट में शामिल अधिकारियों को सस्पेंड करने, अरेस्ट करने और परिवार को सिक्योरिटी देने की मांग की।   उनके साथ मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर भी पहुंचे थे। IG पूरन कुमार ने अपने सुसाइड नोट में इन्हें आपबीती बताने की बात लिखी है। मुलाकात के दौरान CM सैनी IAS पत्नी को सांत्वना देने के साथ जांच को लेकर कुछ बड़ा फैसला भी ले सकते हैं। इसके अलावा आज कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी, कैबिनेट मंत्री कृष्ण पंवार और कांग्रेस सांसद वरूण मुलाना के भी पहुंचने की संभावना है। बता दें कि IPS अफसर वाई पूरन कुमार ने मंगलवार को चंडीगढ़ के सेक्टर 11 स्थित अपनी कोठी में सर्विस गन से सिर पर गोली मारकर सुसाइड कर लिया था। उनकी उनकी IAS अफसर पत्नी अमनीत पी. कुमार CM नायब सैनी के साथ जापान के ऑफिशियल दौरे पर थीं। वह आज दोपहर साढ़े 12 बजे उनकी फ्लाइट दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंड करेगी। इसके बाद वह दोपहर 2 बजे दिल्ली से फ्लाइट लेकर चंडीगढ़ पहुंचेंगी। इसके बाद अंतिम संस्कार होगा।  

भारतीय कुश्ती महासंघ ने एक बड़ा फैसला: रेसलर अमन सहरावत पर लगा 1 साल का प्रतिबंध

हरियाणा  भारतीय कुश्ती महासंघ ने एक बड़ा फैसला लेते हुए पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाले रेसलर अमन सहरावत पर बड़ी कार्रवाई की है। WFI ने अमन को एक साल के लिए निलंबित कर दिया है। इस बैन का एलान होने के साथ अमन अगले एक साल तक रेसिलंग से जुड़ी किसी भी गतिविधि में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। अमन ने पिछले साल पेरिस में हुए ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था। वह सबसे कम उम्र में ओलंपिक मेडल जीतने वाले भारतीय बने थे। अमन ने सिर्फ 21 साल 24 दिन की उम्र में ओलंपिक मेडल अपने नाम किया था। अमन सहरावत को एक साल के लिए कुश्ती से बैन करने का फैसला भारतीय कुश्ती महासंघ ने सीनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में उनके बिना खेले ही बाहर होने के बाद उठाया है। दरअसल, अमन को मेंस की फ्रीस्टाइल 57 किलोग्राम भार वर्ग में हिस्सा लेना था। वह इवेंट के एक दिन पहले निर्धारित वजन सीमा से 1.7 किलो अधिक वजन पाये जाने के कारण बिना खेले ही अयोग्य करार दे दिए गए। खबर के अनुसार, WFI ने अमन को बैन करने के साथ उन्हें एक पत्र भी भेजा है, जिसमें लिखा कि आपको कारण बताओ नोटिस की तिथि से एक वर्ष की अवधि के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुश्ती से जुड़ी सभी गतिविधियों से निलंबित किया जाता है। यह निर्णय अंतिम है। निलंबन की अवधि के दौरान आपको राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों स्तरों पर डब्ल्यूएफआई द्वारा आयोजित या स्वीकृत किसी भी गतिविधि में भाग लेने या उससे जुड़ने से प्रतिबंधित किया जाता है। गौरतलब हो कि रेसलिंग से एक साल के लिए बैन किए जाने वाले अमन सहरावत को भारतीय कुश्ती महासंघ ने 23 सितंबर 2025 को कारण बताओ नोटिस जारी कर उनसे स्पष्टीकरण मांगा था। अब महासंघ ने कहा है कि अमन के जवाब को अनुशासन समिति ने अंसतोषजनक पाया, जिसमें 29 सितंबर को दिए गए आपके जवाब की विधिवत समीक्षा की।  

कफ सिरप से बच्चों की मौत: सुप्रीम कोर्ट ने ली गंभीर नोटिस, कल जनहित याचिका पर सुनवाई

भोपाल  मध्य प्रदेश और राजस्थान में कफ सिरप पीने से बच्चों की मौत के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट सहमत हो गया। अदालत ने दवा सुरक्षा तंत्र में जांच और व्यवस्थागत सुधार की मांग वाली याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करने का फैसला किया है। मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई, न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुयान और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की पीठ ने अधिवक्ता और याचिकाकर्ता विशाल तिवारी की दलीलों पर विचार करते हुए कहा कि यह मामला गंभीर है और तत्काल सुनवाई योग्य है।  राष्ट्रीय स्तर पर जांच और सुधार की मांग याचिका में इन घटनाओं की अदालत की निगरानी में जांच और एक सेवानिवृत्त सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश की अध्यक्षता में राष्ट्रीय न्यायिक आयोग या विशेषज्ञ समिति के गठन का अनुरोध किया गया है। इसके अलावा, याचिका में कहा गया है कि जहरीली कफ सिरप से बच्चों की मौत से जुड़े सभी FIRs और जांचों को CBI को ट्रांसफर किया जाए, ताकि पूरे देश में जांच एक समान और निष्पक्ष रूप से की जा सके। राज्यों में जांच बिखरी याचिकाकर्ता ने कहा है कि अलग-अलग राज्यों में जांच होने से जवाबदेही बिखर जाती है, जिससे बार-बार ऐसी घटनाएं होती रहती हैं और खतरनाक दवाएं बाजार में पहुंच जाती हैं। इसलिए एक केंद्रीकृत जांच की जरूरत है जो पूरे सिस्टम में सुधार सुनिश्चित करे। बिक्री से पहले मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं हो परीक्षण याचिका में केंद्र सरकार को निर्देश देने की मांग की गई है कि वह यह पता लगाए कि दवा सुरक्षा और गुणवत्ता जांच प्रणाली में कौन सी चूक हुई, जिनकी वजह से निम्न गुणवत्ता वाली दवाएं बाजार में पहुंचीं। इसमें अदालत से यह भी आग्रह किया गया है कि आगे किसी भी बिक्री या निर्यात की अनुमति देने से पहले सभी संदिग्ध उत्पादों का एनएबीएल-मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं के माध्यम से विष विज्ञान परीक्षण अनिवार्य किया जाए।  

संगीत जगत में शोक की लहर: पंचतत्व में विलीन हुए राजवीर जवंदा

पंजाब  पंजाबी अभिनेता-गायक राजवीर जवंदा पंचतत्व में विलीन हो गए। राजवीर का अंतिम संस्कार लुधियाना जिले के उनके पैतृक गांव पोना में किया गया। गायक का शव मोहाली के सेक्टर 71 स्थित उनके निवास स्थान पर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया, जहां उनके प्रशंसक श्रद्धांजलि देने पहुंचे। आपको बता दें कि पंजाबी अभिनेता-गायक राजवीर जवंदा का एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने के 11 दिन बाद निधन हो गया। जवंदा का पार्थिव शरीर बुधवार को मोहाली के सेक्टर 71 स्थित उनके आवास पर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया था ताकि उनके प्रशंसक और साथी कलाकार उन्हें श्रद्धांजलि दे सकें। इसके बाद देर रात उनके पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गाँव पोना लाया गया, जहाँ अंतिम संस्कार की रस्में पूरी करने के बाद आज उनका अंतिम संस्कार किया गया। 

सीएम योगी के नेतृत्व में प्रदेश भर में बुनियाद सुविधाओं का हो रहा विस्तार, हर वर्ग का हो रहा उत्थान

आईजीआरएस रैंकिंग में लखीमपुर खीरी ने मारी बाजी, बलरामपुर ने हासिल किया दूसरा स्थान    सीएम योगी के नेतृत्व में प्रदेश भर में बुनियाद सुविधाओं का हो रहा विस्तार, हर वर्ग का हो रहा उत्थान   आईजीआरएस की सितंबर माह की रिपोर्ट में डीएम लखीमपुर खीरी ने पहला, बलरामपुर ने दूसरा और बरेली ने तीसरा स्थान प्राप्त किया खीरी डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल बोलीं, सीएम योगी के मार्गदर्शन में सुनवाई से समाधान तक की नीति पर किया जा रहा काम   लखनऊ योगी सरकार ने पिछले साढ़े आठ वर्षों में प्रदेश के सर्वांगीण विकास मेें नये कीर्तिमान स्थापित किये हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा प्रदेशवासियों के खुशहाल जीवन के लिए कई निर्णय लिये गये, जो पूरे देश में मॉडल बनकर उभरे। इन फैसलों को देश के कई अन्य राज्यों ने अपने यहां लागू भी किया, जो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व को दर्शाते हैं। इसी क्रम में सीएम योगी के सपनों काे साकार करने में एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) अपनी अहम भूमिका निभा रहा है। आईजीआरएस से जनसुनवाई, जन कल्याणकारी योजनाओं और राजस्व कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है, जिससे जिलों को बेहतर प्रशासनिक मानक स्थापित करने में मदद मिल रही है।आईजीआरएस की सितंबर माह की रिपोर्ट में प्रदेशभर में लखीमपुर खीरी ने पहला स्थान प्राप्त किया है जबकि बलरामपुर ने दूसरा और बरेली  ने तीसरा स्थान प्राप्त किया है।  खीरी ने रैंकिंग की रिपोर्ट में सर्वाधिक 134 अंक प्राप्त कर प्रदेश भर में हासिल किया पहला स्थान आईजीआरएस द्वारा प्रदेशभर के जिलों में 49 विभागों के 109 कार्यक्रमों की विभिन्न मानकों के आधार पर समीक्षा की जाती है। इसके बाद जिलों की रैंकिंग जारी की जाती है। आईजीआरएस की सितंबर माह की रिपोर्ट के अनुसार लखीमपुर खीरी ने मानक पूर्णांक 140 नंबर के सापेक्ष 134 अंक प्राप्त कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। जिलाधिकारी लखीमपुर खीरी दुर्गा शक्ति नागपाल ने बताया कि आईजीआरएस की रिपोर्ट उन जिलों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करती है, जिन्होंने प्रशासनिक दक्षता, विकास कार्यों और राजस्व प्रबंधन में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप लखीमपुर खीरी में विकास कार्यों समेत जनसुनवाई की शिकायतों का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है। यही वजह है कि लखीमपुर खीरी की सितंबर माह की जनसुनवाई निस्तारण दर 95.71 प्रतिशत है, जो पूरे प्रदेश में सर्वाधिक है।  जिले में सुनवाई से समाधान तक की नीति पर किया जा रहा काम लखीमपुर खीरी जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में रोजाना प्राथमिकता के आधार पर जनसुनवाई का आयोजन किया जाता है। साथ ही समस्या के समयबद्ध तरीके से गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए मॉनीटरिंग भी की जाती है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप जिले में सुनवाई से समाधान तक की नीति पर काम किया जा रहा है। इसी का नतीजा है कि लखीमपुर खीरी ने आईजीआरएस की सितंबर माह की रैंकिंग में पूरे प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। जनसुनवाई में आए हर शिकायतकर्ता की समस्या के निस्तारण के लिए प्रत्येक स्तर पर अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों की जवाबदेही तय की गई है। इससे न केवल शिकायतों की संख्या घटी बल्कि जनता का भरोसा भी प्रशासन पर और मजबूत हुआ है। बलरामपुर ने दूसरा, बरेली ने तीसरा स्थान प्राप्त किया, टॉप फाइव जिलों में अंबेडकरनगर, सोनभद्र ने बनायी जगह बलरामपुर जिलाधिकारी पवन अग्रवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जिले में विकास परियोजनाओं के गुणवत्तापूर्ण और तय समय सीमा में पूरा करने के लिए हर हफ्ते अधिकारियों के साथ बैठक कर समीक्षा की जाती है। साथ ही आम जनमानस की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जा रहा है। उनकी समस्या के निस्तारण के संतुष्टीपूर्ण फीडबैक पर ही आईजीआरएस की रिपोर्ट जारी की जाती है। ऐसे में आईजीआरएस की सितंबर माह की रिपोर्ट में बलरामपुर दूसरे स्थान पर है। उन्होंने बताया कि सीएम योगी की मंशा के अनुरूप आगे भी लगातार प्रयास रहेगा कि आम जनमानस की शिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता के अाधार पर किया जाए। बलरामपुर ने मानक पूर्णांक 140 नंबर के सापेक्ष 133 अंक प्राप्त किये हैं, जिसकी निस्तारण दर 95 प्रतिशत है। इसी तरह बरेली ने भी 133 अंक हासिल कर तीसरा, अंबेडकरनगर ने 132 अंक प्राप्त कर चौथा और सोनभद्र ने 131 अंक हासिल कर पांचवा स्थान प्राप्त किया है। वहीं टॉप टेन जिलों में हाथरस, श्रावस्ती, हमीरपुर, पीलीभीत और बस्ती ने जगह बनायी है।    

गाजा में रुकी गोलियों की गूंज, इजरायल और हमास के बीच शांति की नई शुरुआत

गाजा  दुनिया को खुशखबरी मिल गई है. इजरायल और हमास के बीच शांति समझौता हो गया है. 2 साल से चली आ रही जंग का अब अंत हो गया है. इजरायल और हमास ने डोनाल्ड ट्रंप के पीस डील को स्वीकार कर एक गाजा में नई सुबह की शुरुआत की है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता में इजरायल और हमास ने शांति समझौते के पहले चरण पर हस्ताक्षर कर दिए हैं. खुद डोनाल्ड ट्रंप ने यह खुशखबरी पूरी दुनिया को दी है. सालों से चले आ रहे गाजा युद्ध के बीच यह समझौता एक अहम मोड़ है, जो दोनों पक्षों के बीच विश्वास बहाली की दिशा में पहला कदम साबित हो सकता है. अब सवाल है कि इजरायल और हमास के बीच पहले चरण के समझौते में क्या-क्या होगा? दरअसल, अमेरिका ने ही हमास और इजरायल के बीच पीस डील का खाका तैयार किया है. इस समझौते के पहले चरण में मुख्य रूप से मानवीय पहलुओं पर फोकस किया गया है. इसमें बंधकों की रिहाई और इजरायली सेना के पीछे हटने जैसे प्रस्ताव शामिल हैं. आइए जानते हैं कि इस फर्स्ट फेज में क्या-क्या होने वाला है और इसका क्या प्रभाव पड़ेगा. पीस डील के फर्स्ट फेज में क्या-क्या? सबसे पहले समझौते के तहत सभी बंधकों को रिहा किया जाएगा. हमास के पास मौजूद इजरायली बंधकों को तत्काल मुक्त किया जाएगा. अनुमान है कि करीब 100 से अधिक बंधक इस प्रक्रिया में शामिल हैं, जिनमें महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी हैं. हालांकि, समाचार एजेंसी एपी ने दावा किया है कि हमास इस वीकेंड तक सभी 20 जीवित बंधकों को रिहा कर देगा. वहीं, इजरायल गाजा के अधिकांश हिस्से से वापस लौट जाएगा. बंधकों को सुरक्षित रूप से उनके परिवारों तक पहुंचाने के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी. इसमें मेडिकल चेकअप और मनोवैज्ञानिक सहायता भी शामिल होगी.     उधर इजरायल भी अपनी जेलों से फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा करेगा. हालांकि, अभी इसकी संख्या सार्वजनिक नहीं की गई है. अब चूंकि डील हो गई है, इसलिए यह रिहाई प्रक्रिया 72 घंटे के भीतर पूरी करनी होगी, जो शांति वार्ता की सफलता की पहली परीक्षा होगी.     दूसरा अहम पहलू इजरायली सेना का निर्धारित क्षेत्रों तक पीछे हटना है. समझौते के पहले चरण के मुताबिक, इजरायली फौज गाजा पट्टी के कुछ हिस्सों से हटेगी. खासकर उन क्षेत्रों से जहां हाल के महीनों में तीव्र संघर्ष देखा गया है. सेना के पीछे हटने की सीमा पूर्व-निर्धारित बफर जोन तक होगी, जो गाजा की सीमाओं पर स्थित हैं. इस प्रक्रिया में सेना की टुकड़ियां अपनी पोजीशन से पीछे हटेंगी, मगर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय शांति सेना की तैनाती की जा सकती है.     इतना ही नहीं, फर्स्ट फेज में गाजा में पानी, बिजली और चिकित्सा आपूर्ति जैसी बुनियादी सुविधाओं को बहाल करने पर जोर दिया जाएगा. ट्रंप ने वादा किया है कि सेना के पीछे हटाव के बाद गाजा में निर्माण कार्यों को अनुमति दी जाएगी, जो युद्ध से तबाह हुए इलाकों के पुनर्निर्माण में सहायक होगा.     इस फर्स्ट फेज का मकसद तत्काल संघर्ष विराम सुनिश्चित करना है. हमास और इजरायल ने अगले 30 दिनों के भीतर इस पहले चरण को पूरा करने का लक्ष्य रखा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का पूरा बयान     मुझे यह बताते हुए बहुत गर्व है कि इजरायल और हमास दोनों ने हमारे शांति समझौते के पहले चरण पर हस्ताक्षर कर दिए हैं. इसका मतलब है कि सारे बंधक बहुत जल्द रिहा किए जाएंगे और इजरायल अपनी फौजों को तय की गई सीमा तक पीछे हटा लेगा. यह एक मजबूत, स्थायी और लंबे समय तक रहने वाली शांति की दिशा में पहला कदम है. सभी पक्षों के साथ इंसाफ से बर्ताव किया जाएगा. यह अरब और मुस्लिम दुनिया, इजरायल, आस-पास के सभी देशों और अमेरिका के लिए एक ऐतिहासिक और खुशियों भरा दिन है. हम कतर, मिस्र और तुर्की के उन मध्यस्थों का शुक्रिया अदा करते हैं, जिन्होंने हमारे साथ मिलकर इस ऐतिहासिक और अनोखे समझौते को संभव बनाया. शांति दूत धन्य हैं.

अंता विधानसभा उपचुनाव में वरिष्ठ मतदाताओं को मिलेगी सुविधा, पोस्टल बैलेट से कर पाएंगे मतदान

जयपुर अंता विधानसभा उपचुनाव 2025 को लेकर वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों और आवश्यक सेवाओं में कार्यरत कर्मचारियों को डाक मतपत्र के माध्यम से मतदान की सुविधा दी जाएगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग ने जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 60(सी) के तहत यह प्रावधान अधिसूचित किया है। इस सुविधा के तहत 85 वर्ष से अधिक आयु के मतदाता और मानक दिव्यांगता वाले मतदाता फॉर्म 12D भरकर, मतदान की अधिसूचना जारी होने के पांच दिनों के भीतर, अपने बीएलओ (BLO) के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद विशेष मतदान दल घर जाकर उनका वोट दर्ज करेगा। इसके अलावा, स्वास्थ्य, अग्निशमन, विद्युत, परिवहन, एंबुलेंस, विमानन जैसी आवश्यक सेवाओं में कार्यरत कर्मचारी भी अपने विभागीय नोडल अधिकारी के माध्यम से डाक मतपत्र की सुविधा प्राप्त कर सकेंगे। मतदान दिवस पर कार्यरत मान्यता प्राप्त मीडिया प्रतिनिधि भी इस सुविधा के पात्र होंगे। सेवा मतदाताओं  को डाक मतपत्र ETPBS (इलेक्ट्रॉनिकली ट्रांसमिटेड पोस्टल बैलट सिस्टम) के माध्यम से भेजा जाएगा। उन्हें डाक खर्च वहन नहीं करना होगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने संबंधित रिटर्निंग अधिकारियों और जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे सभी राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों को इन प्रावधानों की जानकारी दें। अंता विधानसभा क्षेत्र में कुल 2,27,563 मतदाता पंजीकृत हैं, जिनमें से 1,013 मतदाता 85 वर्ष से अधिक आयु के, 1,170 दिव्यांग मतदाता और 39 सेवा मतदाता हैं। ये सभी डाक मतपत्र के माध्यम से मतदान करने के पात्र होंगे। त्रिकोणीय मुकाबले की जमीन तैयार अंता विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने अपने पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया का प्रत्याशी घोषित कर दिया है। बीजेपी ने अब तक अपने प्रत्याशी का ऐलान नहीं किया है। बीजेपी के पूर्व मंत्री प्रभुलाल सैनी यहां से प्रमोद जैन भाया को हराकर विधायक रह चुके हैं। इनके अलावा नरेश मीणा भी इस सीट पर अपना दांव आजमाना चाहते हैं। नरेश ने सोशल मीडिया के जरिए राहुल गांधी से इस सीट के लिए टिकट मांगा था। अब कांग्रेस अपना प्रत्याशी मैदान में उतार चुकी है तो नरेश मीणा निर्दलीय यहां से ताल ठोक सकते हैं। 

चांद की तलाश: करवा चौथ पर कौन से शहरों में पूरा होगा व्रत समय पर

हिंदू धर्म में करवा चौथ के त्योहार का विशेष महत्व होता है। इस वर्ष करवा चौथ का व्रत 10 अक्तूबर को रखा जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह व्रत सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु, सुख-समृद्धि, बेहतर जीवन, अच्छी सेहत और तरक्की के लिए रखा जाता है। करवा चौथ के दिन सुहागिन महिलाएं सूर्योदय से लेकर चंद्रोदय तक निर्जला व्रत रखती हैं। रात को जब चंद्रमा के दर्शन होते हैं तो चंद्रदेव की पूजा करके अर्घ्य अर्पित करते हुए अपने पति के हाथों से पानी पीकर व्रत तोड़ती हैं। चंद्रमा के निकलने से कुछ घंटे पहले शाम को करवा माता की पूजा शुरू होती है, जहां पर सभी सुहागिन महिलाएं 16 श्रृंगार के साथ एकत्रित होकर पूजा करते हैं। पूजा के दौरान करवा चौथ की कथा सुनती है। फिर चांद के निकलने पर छलनी से दर्शन करते हुए चंद्र देव की पूजा की जाती है।   करवा चौथ पर चंद्रोदय का समय 10 अक्तूबर 2025 को देशभर में करवा चौथ का व्रत मनाया जाएगा। वैदिक पंचांग के अनुसार, 10 अक्तूबर की रात को चंद्रोदय का समय रात 08 बजकर 13 मिनट पर होगा। चंद्रोदय का यह समय देश की राजधानी दिल्ली को मानक मानकर है। लेकिन अलग-अलग शहरों में चांद के निकलने के समय में कुछ बदलाव हो सकता है।  करवा चौथ 2025 शुभ तिथि सुहागिन महिलाओं के लिए करवा चौथ व्रत का विशेष महत्व होता है। इस पर्व का इंतजार महिलाओं को बेसब्री से होता है। वैदिक पंचांग के अनुसार हर वर्ष कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर करवा चौथ का त्योहार मनाया जाता है। इस बार करवा चौथ 10 अक्तूबर को है। पंचांग के अनुसार चतुर्थी तिथि 09 अक्तूबर को रात 10 बजकर 54 मिनट से आरंभ हो जाएगी जो 10 अक्तूबर को शाम 07 बजकर 38 मिनट पर समाप्त होगी।   करवा चौथ 2025 पूजा शुभ मुहूर्त 10 अक्तूबर को करवा चौथ पर पूजा के लिए शुभ मुहूर्त शाम 05 बजकर 57 मिनट से लेकर शाम 07 बजकर 07 मिनट तक रहेगा। इस तरह से पूजा के लिए कुल अवधि 01 घंटा 9 मिनट तक रहेगा। करवा चौथ 2025 चंद्रोदय समय करवा चौथ पर चांद के दर्शन करने के बाद ही व्रत पूरा माना जाता है। पंचांग के अनुसार करवा चौथ पर चांद के निकलने का समय दिल्ली शहर को मानक मानते हुए रात 08 बजकर 13 मिनट पर होगा। लेकिन अलग-अलग शहरों में चांद के निकलने के समय में कुछ बदलाव हो सकता है। आपके शहर में चंद्रोदय का समय दिल्ली                रात 08:13 नोएडा                रात 08:13 गुरुग्राम              रात 08:14 गाजियाबाद         रात 08:11 आपके शहर में चंद्रोदय का समय चंडीगढ़             रात 08:08 लुधियाना           रात 08:11 अमृतसर           रात 08:14 शिमला              रात 08:06 आपके शहर में चंद्रोदय का समय मेरठ                  रात 08:10 आगरा                रात 08:08 पटना                 रात 07:48 देहरादून             रात 08:04 आपके शहर में चंद्रोदय का समय जयपुर                 रात 08:22 मुंबई                   रात 08:55 बेंगलुरु                रात 08:48 रांची                   रात 07:52 आपके शहर में चंद्रोदय का समय भोपाल              रात 08:26 इंदौर                रात 08:33 ग्वालियर            रात 08:15 उज्जैन                रात 08:33 देश के इन शहरों में समय पर दिखेगा चांद     मुंबई                   कोलकाता        जम्मू                        देहरादून       शिमला                     जयपुर     लखनऊ                   कानपुर     इंदौर                       भोपाल     चेन्नई                     बेंगलुरु     देश के इन शहरों में चांद के निकलने पर हो सकती है देरी     दिल्ली               नोएडा                  चंडीगढ़                  पंजाब                     लुधियाना                पटना                       रांची                       प्रयागराज                  अहमदाबाद