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नोबेल पुरस्कार की दौड़ में कमजोर पड़े ट्रंप, आत्मविश्वास में भी दिखी कमी

नई दिल्ली अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नोबेल पुरस्कार जीतने की कोशिश में जुटे हुए हैं। हालांकि, जानकारों का कहना है कि इस साल ट्रंप की इच्छा पूरे होने के आसार कम हैं। खुद ट्रंप भी कह रहे हैं कि नोबेल कमेटी उनके बजाए किसी और को पुरस्कार देने की वजह खोज लेगी। अमेरिकी राष्ट्रपति दावा कर रहे हैं कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान समेत 7 युद्ध रुकवाए हैं। एएफपी से बातचीत में स्वीडन के प्रोफेसर पीटर वालेनस्टीन ने कहा, 'नहीं, ट्रंप इस साल नहीं जीतेंगे।' उन्होंने कहा, 'लेकिन शायद अगले साल? तब तक गाजा संकट समेत उनकी कई पहलों पर स्थिति साफ हो चुकी होगी।' कौन जीत सकता है पुरस्कार खबर है कि इस साल 338 लोग और संगठन नॉमिनेशन प्रक्रिया में हैं, लेकिन यह सूची गुप्त रखी जाती है। नॉमिनेट करने वालों में सांसद, सरकारी अधिकारी, पूर्व विजेता और कमेटी के सदस्य शामिल होते हैं। साल 2024 में यह पुरस्कार जापान के एटम बम पीड़ितों से जुड़े निहोन हिदान्यको को मिला था। साफ नहीं है कि 2025 की रेस में कौन-कौन है। माना जा रहा है कि सुडान के इमरजेंसी रिस्पॉन्स रूम, रूस के विपक्षी नेता एलेक्सी नवेलनी की विधवा यूलिया नवलनाया और चुनावी गतिविधियों पर नजर रखने वाले ऑफिस फॉर डेमोक्रेटिक इंस्टीट्यूशन्स एंड ह्यूमन राइट्स का नाम दौड़ में शामिल हो सकता है। इनके अलावा संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस, UNRWA के नाम पर मुहर लग सकती है। संभावनाएं जताई जा रही हैं कि इस बार नोबेल कमेटी अपने चुनाव से सभी को चौंका सकती है। भारतीय समयानुसार शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजकर 30 मिनट पर पुरस्कार की घोषणा की जा सकती है। खुद ट्रंप क्या बोले नोबेल से जुड़े सवाल पर पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा, 'मुझे कोई आइडिया नहीं है…। मार्को आपको बताएंगे कि हमने 7 युद्ध समाप्त किए हैं। हम 8वां समाप्त करने के करीब हैं। मुझे लगता है कि हम रूसी स्थिति को भी खत्म कर लेंगे…। मुझे नहीं लगता कि इतिहास में किसी ने कभी इतने युद्ध खत्म कराए होंगे। लेकिन वो शायद पुरस्कार मुझे नहीं देने की कोई वजह खोज लेंगे।'

मुख्यमंत्री साय बोले – बस्तर बदल रहा है — अब यहां विकास और विश्वास की बयार बह रही है

नारायणपुर में 16 माओवादी कैडरों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में की वापसी रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि बस्तर बदल रहा है — अब यहां बंदूक और बारूद का धुआं नहीं, बल्कि विकास और विश्वास की बयार बह रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की “आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025” और “पूना मारगेम : पुनर्वास से पुनर्जीवन” जैसे मानवीय अभियानों ने उन लोगों के दिलों में आशा का दीप जलाया है, जो कभी भटककर लाल आतंक के रास्ते पर चले गए थे। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि आज नारायणपुर जिले में 16 माओवादी कैडरों ने हिंसा का मार्ग त्यागकर मुख्यधारा में लौटने का साहसिक निर्णय लिया है। आत्मसमर्पण करने वाले इन कैडरों पर कुल ₹48 लाख का इनाम घोषित था। उन्होंने अब शांति, शिक्षा और सम्मानपूर्ण जीवन की नई राह चुनी है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि  राज्य सरकार की नीतियों पर जन-जन का विश्वास बढ़ा है और सुरक्षा बलों की दृढ़ता ने विकास और विश्वास का माहौल स्थापित किया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पिछले 20 महीनों में कुल 1,837 माओवादी हिंसा का मार्ग छोड़कर मुख्यधारा में शामिल हो चुके हैं। यह परिवर्तन इस बात का साक्षी है कि “डबल इंजन सरकार” की नीतियां न केवल शांति ला रही हैं, बल्कि बस्तर को एक नए युग की ओर अग्रसर कर रही हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल नक्सलवाद को समाप्त करना नहीं, बल्कि बस्तर के हर गांव तक विकास, शिक्षा और आत्मनिर्भरता की रोशनी पहुँचाना है।

खाली पेट अंजीर का पानी पीने के चमत्कारी फायदे, जानें कब और कैसे पिएं

औषधियों में अंजीर एक बेहद खास स्थान रखता है। यह न केवल स्वाद में मीठा होता है बल्कि इसमें औषधीय गुण भी भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। खासकर जब अंजीर को रातभर पानी में भिगोकर सेवन किया जाए, तो इसके स्वास्थ्य लाभ और भी बढ़ जाते हैं। अंजीर का पानी शरीर को अंदर से शुद्ध करता है, अंगों की कार्यक्षमता सुधारता है और कई रोगों से लड़ने की क्षमता को बढ़ाता है। आइए जानते हैं कि अंजीर का पानी किन अंगों के लिए फायदेमंद होता है और इसे सही तरीके से कैसे सेवन किया जाए डाइजेस्टिव सिस्टम को बनाए मजबूत अंजीर का पानी फाइबर से भरपूर होता है, जो डाइजेशन में सुधार करता है। यह कब्ज, गैस और अपच की समस्या को भी दूर करता है। इसके रेचक लेक्सेटिव (रेचक) गुण आंतों को साफ रखते हैं और पेट को हल्का महसूस कराते हैं। हार्ट हेल्थ के लिए उपयोगी अंजीर में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट और ओमेगा-3 फैटी एसिड दिल की सेहत को सुधारते हैं। यह बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करता है और गुड कोलेस्ट्रॉल (HDL) को बढ़ाता है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा घटता है। लिवर डिटॉक्स में मददगार अंजीर का पानी लिवर से टॉक्सिन को बाहर निकालने में मदद करता है। यह लिवर की कोशिकाओं को सक्रिय करता है, जिससे इसकी कार्यक्षमता बेहतर होती है और थकान, भारीपन जैसी समस्याएं कम होती हैं। किडनी के लिए फायदेमंद अंजीर के ड्यूरेटिक गुण किडनी की सफाई में मदद करते हैं। ये यूरीन के जरिए टॉक्सिन्स को बाहर निकालता है और किडनी इन्फेक्शन या स्टोन जैसी समस्याओं के जोखिम को कम करता है। हड्डियों को मजबूत बनाए अंजीर में कैल्शियम, फॉस्फोरस और मैग्नीशियम जैसे मिनरल्स होते हैं, जो हड्डियों की मजबूती बढ़ाते हैं। यह उम्र के साथ होने वाली हड्डियों की कमजोरी से बचाव भी करता है। अंजीर का पानी पीने का सही तरीका 2–3 सूखे अंजीर को रातभर एक साफ गिलास पानी में भिंगोकर रख दें।सुबह खाली पेट इन अंजीरों को चबाकर खाएं और ऊपर से पानी पी लें। लगातार 3–4 हफ्ते तक इसका सेवन करने से फायदा महसूस होने लगेगा। अंजीर का पानी एक आसान लेकिन पावरफुल घरेलू नुस्खा है जो शरीर के कई प्रमुख अंगों को फायदा पहुंचाता है। इस डेली रूटीन में शामिल कर आप अपनी लाइफ को हेल्दी बना सकते हैं।  

मध्यप्रदेश में दिन गर्म, रातें ठंडी: 12 जिलों से मानसून विदा, कुछ हिस्सों में हल्की बारिश संभव

भोपाल मध्यप्रदेश में दिन में तेज धूप खिलेगी और रात में गुलाबी ठंड का अहसास होने लगेगा। मौसम विभाग ने 2 से 3 दिन में पूरे प्रदेश से मानसून की विदाई के संकेत दिए हैं। पूर्वी हिस्से में 3 दिन तक बूंदाबांदी के आसार जरूर है।  मध्य प्रदेश से पूरी तरह से मानसून की विदाई के पहले ही गुलाबी ठंड का अकर दिखने लगा है. शरद पूर्णिमा के अगले दिन से ही प्रदेश के कई जिलों में हल्की ठंड ने दस्तक दे दी है. इस दौरान कई शहरों का न्यूनतम तापमान 20 डिग्री से नीचे लुढ़क गया है. मंगलवार बुधवार की दरमियानी रात इंदौर और राजगढ़ जिले का न्यूनतम तापमान 18 डिग्री से नीचे रिकॉर्ड किया गया. वहीं कुछ जगहों पर लोकल सिस्टम के चलते हल्की बूंदाबांदी भी देखी जा रही है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तर भारत में एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस पहुंच रहा है. ऐसे में हवा का रुख भी धीरे-धीरे बदल रहा है, जिसके कारण बादल छाने के बावजूद रात के तापमान में गिरावट हो रही है. सामान्यतः इन दिनों जब बादल छाते हैं तब रात के तापमान में गिरावट नहीं होती. वहीं अगले 48 घंटे के दौरान प्रदेश के कई जिलों से मानसून की विदाई हो सकती है. मौसम वैज्ञानिक दिव्या सुरेंद्रन के अनुसार, वर्तमान समय में दक्षिण पश्चिम मानसून अगले 2 दिनों के दौरान मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों से वापसी कर सकता है. वहीं बीते दिन एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन शक्ति आज सुबह एक निम्न दबाव के क्षेत्र में बदला है. साथ ही एक अन्य पश्चिमी विक्षोभ हरियाणा के इलाके में बना हुआ है. ऐसे में अगले 5 दिनों के दौरान प्रदेश के किसी भी हिस्से में तेज बारिश की संभावना नहीं बनी है. अगले 3 दिन धूप-छाव और बूंदाबांदी वाला मौसम मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि अगले 3 दिन धूप-छाव और बूंदाबांदी वाला मौसम रहेगा। पूर्वी हिस्से के जिलों में कहीं-कहीं बूंदाबांदी हो सकती है। वहीं, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर में दिन में तेज धूप खिली रहेगी। इधर, कई शहरों में रात का पारा 18 डिग्री तक पहुंच गया है। 8-9 सितंबर की बात करें तो धार, इंदौर, राजगढ़ में तापमान 17.6 से 17.7 डिग्री के बीच रहा। भोपाल में 19.6 डिग्री, उज्जैन में 19 डिग्री, ग्वालियर में 22.1 डिग्री और जबलपुर में 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तापlमान का ताजा हाल अधिकतम तापमान: सतना – 33.6°C (सबसे ज्यादा), खजुराहो (छतरपुर) – 33°C, नर्मदापुरम/मंडला – 32.8°C, उमरिया – 32.5°C, जबलपुर – 32.2°C, न्यूनतम तापमान: इंदौर/राजगढ़ – 17.6°C (सबसे कम), धार – 17.7°C, गिरवर (शाजपुर) – 18.6°C, सीहोर – 18.8°C, उज्जैन/खंडवा – 19°C कैसा रहा बड़े शहरों का पारा जबलपुर – 32.2°C ग्वालियर – 31.4°C उज्जैन – 31°C भोपाल – 30.7°C इंदौर – 30.5°C  

मायावती ने सपा-कांग्रेस को घेरा, कहा – सत्ता में रहते PDA की बात क्यों नहीं की गई?

लखनऊ चार बार उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री रहीं मायावती और उनकी अगुवाई वाली बहुजन समाज पार्टी (बसपा) एक्टिव मोड में आ गई है. बसपा संस्थापक कांशीराम के परिनिर्वाण दिवस पर मायावती की पार्टी आज लखनऊ में बड़ी रैली कर रही है. इस रैली को संबोधित करते हुए बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि इस स्थल पर मरम्मत का कार्य नहीं होने के कारण पिछले कुछ वर्षों से मान्यवर कांशीराम की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित नहीं कर पा रहे थे. मायावती ने योगी सरकार का आभार जताया और कहा कि यूपी की वर्तमान सरकार सपा जैसी नहीं है. योगी सरकार ने पूरा का पूरा पैसा इस स्थल के मरम्मत के कार्य पर खर्च किया. उन्होंने कहा कि सपा की सरकार में इन स्थलों की हालत जर्जर हो गई थी. मायावती ने कहा कि सपा सरकार ने एक पैसा भी इन स्थलों के रख-रखाव पर खर्च नहीं किया. मायावती ने कहा कि हमने सरकार में रहते ऐसा सिस्टम बनाया था कि इन स्थलों को देखने आने वाले लोगों से लिया गया टिकट का पैसा इनके रख-रखाव पर खर्च किया जाएगा. सपा की सरकार में टिकट का एक भी पैसा खर्च नहीं किया. उन्होंने कहा कि बीजेपी की सरकार आई, तब हमने मुख्यमंत्री को इसे लेकर पत्र लिखा. हमने आग्रह किया कि टिकट का पैसा जो भारी मात्रा में सरकार के पास इकट्ठा हो गया है, उससे इन स्थलों की मरम्मत कराई जाए. मायावती ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार ने इसे दिखवाया और मरम्मत कराई. उन्होंने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि जब ये सरकार में रहते हैं, तब इनको हमारे गुरु, संत और महापुरुष याद नहीं आते. आज जब ये विपक्ष में हैं, तब इनको पीडीए याद आ रहा है. मायावती ने पूछा कि सत्ता में रहते इनको पीडीए क्यों नहीं याद रहा. आज इनको हमारे गुरु, संत और महापुरुष याद आ रहे हैं. उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव से पूछना चाहती हूं कि हमने कासगंज जिला बनाकर उसका नाम मान्यवर कांशीराम के नाम से रखा था. सत्ता में आते ही सपा ने उसका नाम बदल दिया. बसपा प्रमुख ने कहा कि हमने सत्ता में रहते हुए महात्मा ज्योतिबा फुले, नारायणा गुरु समेत अपने संतों और गुरुओं को पूरा सम्मान दिया है. ये जातिवादी पार्टियों को रास नहीं आ रहा है. उन्होंने कहा कि सपा अब पीडीए के नाम पर बरगलाने का काम कर रही है. सपा के शासन में इन वर्गों का बहुत ज्यादा शोषण और उत्पीड़न हुआ है. बसपा प्रमुख ने बाबा साहब डॉक्टर भीमराव आंबेडकर को कोट करते हुए कहा कि वह कहते थे सत्ता एक ऐसी मास्टर चाबी है, जिसके माध्यम से इन वर्गों के लोग अपनी समस्याओं का समाधान कर सकते हैं, खुशहाली और स्वाभिमान का जीवन व्यतीत कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि बाबा साहब के सपने को पूरा करने के लिए मान्यवर कांशीराम ने अपना पूरा जीवन खपा दिया. यूपी में कई बार सरकार बनाकर, आसपास के राज्यों में भी विधायक-सांसद जिताकर बाबा साहब का कारवां आगे बढ़ाया है. मायावती ने कहा कि कांशीराम की दिली तमन्ना थी कि दलित और अन्य उपेक्षित वर्गों की आबादी बहुत अधिक है, इन वर्गों को एकजुट होकर अपनी पूर्ण बहुमत की सरकार बनानी होगी. तभी पूरे स्वाभिमान के साथ जिंदगी व्यतीत कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि दुख की बात ये है कि कांशीराम के जीते जी यह सपना साकार नहीं हो सका था. मायावती ने कहा कि उनके निधन के बाद उनकी एकमात्र उत्तराधिकारी ने इसे पूरा भी किया है और हमने 2007 में पहली बार अकेले ही पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई है. उन्होंने इससे पहले अपने संबोधन की शुरुआत में कहा कि आप सभी लोग अपना ही पिछला रिकॉर्ड तोड़ते हुए इतनी बड़ी संख्या में मान्यवर कांशीराम को श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे है. बसपा का दावा- जुटे पांच लाख कार्यकर्ता बसपा का दावा है कि रैली में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों के पांच लाख से अधिक कार्यकर्ता शामिल हो रहे हैं. इस रैली के लिए मायावती ने अलग योजना तैयार की है. मायावती करीब तीन घंटे तक मंच पर मौजूद रहेंगी और रैली को संबोधित भी करेंगी. मंच पर मायावती के साथ ही छह और लोग होंगे. कार्यक्रम के मुख्य मंच पर सात कुर्सियां लगाई गई हैं. मंच पर मायावती के साथ उनके भाई आनंद कुमार, भतीजे आकाश आनंद और वरिष्ठ नेता सतीशचंद्र मिश्र भी होंगे. कार्यक्रम की शुरुआत थोड़ी देर में होनी है. इस रैली को ऐतिहासिक बनाने के लिए पार्टी ने पूरी ताकत झोंक दी है. चारबाग रेलवे स्टेशन पर पार्टी ने पहली बार कार्यकर्ता सहायता शिविर लगाया है. इस शिविर में युवा नेता-कार्यकर्ता प्रदेश के अलग-अलग स्थानों से रैली में शामिल होने आ रहे लोगों की सहायता कर रहे हैं. गौरतलब है कि चार साल पहले यानी 2021 बसपा प्रमुख मायावती ने 9 अक्तूबर को ही कांशीराम स्मारक स्थल में रैली की थी. तब कुछ महीनों बाद विधानसभा चुनाव होने थे. साल 2022 के विधानसभा चुनाव में बसपा महज़ एक सीट पर ही जीत सकी थी. मायावती ने इस बार भी रैली के लिए वही मौका, वही तारीख और वही स्थान चुना है. बसपा की रणनीति अपनी राजनीतिक ताकत दिखाकर 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले खुद को मजबूत विकल्प के रूप में जनता के सामने पेश करने की है. खिसकती राजनीतिक जमीन बचाने की जद्दोजहद में जुटी बसपा और इसकी प्रमुख मायावती की कोशिश छिटके कोर वोटर को फिर से अपने पाले में लाने की है.

अगर अपनाए ये 5 खूबियां, तो कोई भी लक्ष्य दूर नहीं!

जीवन में हर व्यक्ति सफलता का स्वाद चखना चाहता है। लेकिन इसे हासिल करने का सही रास्ता बहुत कम ही लोगों को पता होता है। कई लोग अपने लक्ष्य के करीब पहुंचकर बीच में ही थककर हार मानकर अपना रास्ता बदलने की गलती कर बैठते हैं। जिसकी वजह से वो सफलता से और दूर हो जाते हैं। अगर आप भी अपने लक्ष्य को हासिल करके जल्द ही सफलता की सीढ़ी चढ़ना चाहते हैं तो ये 5 खूबियां अपने भीतर तुरंत उतार लें। अपना फैसला खुद लें अगर आप जीवन में सफलता का स्वाद चखना चाहते हैं तो अपने लिए फैसले दूसरों की मदद से नहीं बल्कि खुद के विवेक से लें। अपने जीवन में शामिल दोस्तों और रिश्तेदारों को अहमियत दें लेकिन अपना हर फैसला लेने के लिए उन पर निर्भर न रहें। अपनी जरूरतों को देखते हुए अपने फैसले खुद लेने का प्रयास करें। आत्मविश्वास की ना होने दें कमी सफल जीवन के लिए सबसे जरूरी चीज, व्यक्ति का खुद पर आत्मविश्वास का होना है। जो व्यक्ति के भीतर जीवन से मिले अनुभवों से पैदा होता है। याद रखें खुद में आत्मविश्वास पैदा करने के लिए आपके पास जीवन में एक मकसद का होना जरूरी होता है। जिसे पूरा करने के लिए आप पूरे विश्वास के साथ मेहनत करते हैं। हार्ड वर्क के साथ स्मार्ट वर्क भी जरूरी कई बार व्यक्ति दिन रात मेहनत तो करता है लेकिन अपना लक्ष्य हासिल नहीं कर पाता है। इसका सबसे बड़ा कारण होता है गलत दिशा में मेहनत करना। वहीं कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो किसी को करने के लिए कम समय लेते हैं और आगे बढ़ जाते हैं। अगर आपके साथ ऐसा हो रहा है तो आपको अपने काम करने के तरीके पर गौर करना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि कई बार सफलता हार्ड वर्क से नहीं बल्कि स्मार्ट वर्क से भी मिल जाया करती है। अपनी कमियों को भी स्वीकार करें सफल होने के लिए व्यक्ति को अपनी खूबियों के साथ अपनी कमियों की जानकारी भी पूरी होनी चाहिए। अगर आप जीवन में आगे बढ़कर नई उपलब्धियों को हासिल करना चाहते हैं, तो अपनी कमियों का पता करके न सिर्फ उन्हें स्वीकार करें बल्कि उन्हें सुधारने की दिशा में भी काम करें। समय की कीमत समझें जो व्यक्ति अपने जीवन में समय की कदर नहीं करता, उसे सफलता कभी नहीं मिलती है। जीवन में सफल होने के लिए व्यक्ति को समय का पाबंद होना जरूरी होता है।  

सीएम नायब सिंह सैनी ने दिवंगत IGP वाई पूरन कुमार को दी श्रद्धांजलि, परिवार से की मुलाकात

चंडीगढ़  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीरवार दोपहर सेक्टर 24, चंडीगढ़ स्थित दिवंगत इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (IGP) वाई पूरन कुमार के आधिकारिक आवास पर जाकर परिवार से शोक संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री लगभग 12:30 बजे पहुंचे और अधिकारी की पत्नी अमनीत पी. कुमार तथा अन्य परिवारजन से मिले। वरिष्ठ IPS अधिकारी वाई पूरन कुमार का मंगलवार दोपहर को आत्महत्या से निधन हो गया था, जिससे राज्य पुलिस समुदाय में गहरा सदमा फैल गया। पूरन कुमार की पत्नी आईएएस अमनीत पी. कुमार मुख्यमंत्री की जापान की आधिकारिक यात्रा में शामिल थीं। इस दुखद खबर के बाद वह अपनी यात्रा बीच में ही रोककर बुधवार दोपहर चंडीगढ़ लौट आईं थीं। मुख्यमंत्री के अलावा कई वरिष्ठ सरकारी अधिकारी और राजनीतिक नेता भी परिवार से मिलकर श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे। इसमें मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार, गृह सचिव सुमिता मिश्रा और हांसी विधायक विनोद भायाना शामिल थे। सेक्टर 24 स्थित आवास का माहौल शोकाकुल बना रहा, क्योंकि पुलिस और सिविल प्रशासन के अधिकारी एवं सहकर्मी पूरे दिन परिवार से मिलने और संवेदना व्यक्त करने आते रहे।

पंजाब पुलिस की बड़ी कार्रवाई, ISI से जुड़े खालिस्तानी नेटवर्क का पर्दाफाश

चंडीगढ़  पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की साजिशों को नाकाम करते हुए पंजाब पुलिस के काउंटर इंटेलिजेंस विंग, जालंधर ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) के आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए दो आतंकवादियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आतंकियों के नाम गुरजिंदर सिंह और दीवान सिंह बताए जा रहे हैं। यह आतंकी नेटवर्क ब्रिटेन (यूनाइटेड किंगडम) में बैठे हैंडलर निशान जौरियां और आदेश जमराई द्वारा चलाया जा रहा था। दोनों को बीकेआई सरगना हरविंदर सिंह रिंदा के निर्देश प्राप्त थे। रिंदा इस समय पाकिस्तान में आईएसआई के संरक्षण में छिपा हुआ है और भारत में हिंसा फैलाने की साजिशों को अंजाम दे रहा है।   ढाई किलो विस्फोटक और रिमोट बरामद पुलिस ने छापेमारी के दौरान ढाई किलो विस्फोटक पदार्थ (आरडीएक्स) और एक रिमोट नियंत्रक उपकरण बरामद किया है। शुरूआती जांच से पता चला है कि यह विस्फोटक एक विशिष्ट लक्ष्य पर आतंकी हमले के लिए तैयार किया गया था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इसका निशाना कौन था और इसके पीछे स्थानीय स्तर पर कितने लोग शामिल हैं। आतंक निरोधक कानून के तहत केस इस मामले में थाना एसएसओसी, अमृतसर में गैर-कानूनी गतिविधियां (निवारण) अधिनियम (यूएपीए) और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि पुलिस आईएसआई समर्थित अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क और संगठित अपराध गिरोहों को पूरी तरह समाप्त करने के मिशन पर कार्यरत है। राज्य में शांति, अमन और सौहार्द बनाए रखना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी कीमत पर आतंकवाद को दोबारा सिर नहीं उठाने दिया जाएगा।

BCCI पर बरसे अश्विन: बोले, रोहित-कोहली के रिटायरमेंट की जानकारी छिपाई गई!

नई दिल्ली  विराट कोहली और रोहित शर्मा क्या टीम इंडिया के 2027 वनडे वर्ल्ड कप के प्लान में हैं? शर्मा से वनडे की कप्तानी छिनने के बाद यह सवाल उठना स्वाभाविक है। मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए टीम का ऐलान करते वक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में जो संकेत दिए, उससे तो यही लग रहा कि रोहित और कोहली का अगले वनडे वर्ल्ड कप तक खेलना दूर की कौड़ी लग रहा। इस बीच अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके महान ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने रोहित, कोहली के मुद्दे पर बीसीसीआई को कठघरे में खड़ा किया है। उन्होंने पूछा है कि दोनों को टी20 वर्ल्ड कप के बाद ही क्यों नहीं बताया गया कि क्रिकेट में उनके भविष्य को लेकर बीसीसीआई क्या सोचता है। उसके ठीक बाद दोनों दिग्गजों ने टी20 इंटरनेशनल से संन्यास का ऐलान कर दिया था। अपने यूट्यूब चैनल पर अश्विन इस बात में गए ही नहीं कि कोहली और रोहित का भविष्य क्या हो सकता है या चयनसमिति ने शुभमन गिल को नया वनडे कप्तान बनाकर सही किया या गलत। पूर्व स्पिनर ने इस बात पर जोर दिया कि खिलाड़ियों से उनके करियर को लेकर बेहतर ढंग से संवाद की जरूरत है। उन्होंने पूछा कि टी20 वर्ल्ड कप के बाद जब दोनों ने टी20 इंटरनेशनल से संन्यास का ऐलान किया था तब चयनकर्ताओं ने 2027 के वनडे वर्ल्ड कप को लेकर अपने रोडमैप के बारे में उन दोनों को क्यों नहीं बताया। अश्विन ने कहा, 'एक तरफ सिलेक्शन की बात है, दूसरी तरफ कोहली और रोहित की बात है। ये एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। सिलेक्शन पर गौर करने के बाद यह साफ है कि चयनकर्ता आगे बढ़ रहे हैं। हालाकिं इस प्रक्रिया के दौरान उनके पास ये दो खिलाड़ी हैं जो अपने करियर के अंत के करीब हैं। मैं एक बात का जिक्र करना चाहूंगा कि ऐसे खिलाड़ियों को आप जिस तरह से हैंडल करते हैं, उसमें आपको सुधार की जरूरत है। पूर्व ऑफ स्पिनर ने आगे कहा, 'यह कहना बहुत आसान है कि अब उनकी उम्र हो गई है और उन्हें संन्यास ले लेना चाहिए। इसकी एक वजह ये हो सकती है कि हम आईपीएल में बहुत से युवा खिलाड़ियों को अच्छा प्रदर्शन करते हुए देखते हैं और हमें लगता है कि वे इन अनुभवी खिलाड़ियों की जगह ले सकते हैं। हालांकि इन सबके बीच हम एक चीज को अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं, वो है ठोस संवाद और नॉलेज ट्रांसफर। मेरी गुजारिश है कि भविष्य में इसे ठीक किया जाए।' इससे पहले एक और पूर्व क्रिकेटर मनोज तिवारी ने भी बीसीसीआई पर सवाल उठाए थे। उन्होंने रोहित शर्मा से इस तरह कप्तानी छीने जाने को इस दिग्गज का अपमान करार दिया था। तिवारी तो यहां तक कह दिए कि अगर वह रोहित की जगह होते तो खुद को इस अपमान से बचने और अपनी गरिमा बचाने के लिए ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद वनडे से भी संन्यास का ऐलान कर देते।  

भोपाल: PWD के पूर्व इंजीनियर जेपी मेहरा पर शिकंजा, लोकायुक्त ने मारा छापा

भोपाल  Bhopal में लोकायुक्त (Lokayukta ) की टीम ने गुरुवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई की। उन्होंने पीडब्ल्यूडी के पूर्व चीफ इंजीनियर जेपी मेहरा के घर पर छापा मारा। ये छापा भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के तहत मारा गया था, जिसमें कहा जा रहा है कि मेहरा ने विभागीय ठेकों और निर्माण कार्यों में गड़बड़ियां की थीं। छापे की वजह लोकायुक्त की टीम ने इस छापे को गोपनीय सूचना के आधार पर मारा। जानकारी के अनुसार, लोकायुक्त की टीम ने पुलिस बल के साथ जेपी मेहरा के भोपाल स्थित मणिपुरम आवास पर तलाशी शुरू की। जेपी मेहरा पर आरोप है कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान पीडब्ल्यूडी में विभागीय ठेकों और निर्माण कार्यों में गड़बड़ियां कीं। इन आरोपों की गंभीरता को देखते हुए लोकायुक्त ने जांच की प्रक्रिया शुरू की, और अब तक की कार्रवाई में कई संदिग्ध दस्तावेज प्राप्त हुए हैं, जो भ्रष्टाचार के मामलों को और ज्यादा मजबूत कर सकते हैं। बता दें मेहरा इसी साल रिटायर हुए हैं। छापे में मिली संपत्ति से जुड़ी जानकारी छापे (Lokayukta raid in MP) के दौरान अधिकारियों को बड़ी संख्या में दस्तावेज मिले, जिनमें केस और प्रॉपर्टी से संबंधित कागजात शामिल थे। जेपी मेहरा के घर लोकायुक्त का छापा में मुंबई में खरीदी गई संपत्तियों से जुड़ी जानकारी भी सामने आई है, जो जांच में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।लोकायुक्त की कार्रवाई जारी है, और इससे जुड़ी जानकारी जल्द ही सार्वजनिक हो सकती है। केस और प्रॉपर्टी से जुड़े दस्तावेज मिले जानकारी के अनुसार, छापे के दौरान लोकायुक्त की टीम को बड़ी संख्या में केस और प्रॉपर्टी से जुड़े दस्तावेज मिले हैं। इनमें मुंबई में खरीदी गई संपत्ति से जुड़े प्रमाण भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि यह छापा गोपनीय सूचना के आधार पर मारा गया है। मेहरा इसी साल फरवरी में रिटायर हुए थे। फिलहाल मणिपुरम स्थित उनके आवास में लोकायुक्त की कार्रवाई जारी है।