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घर जाने की टेंशन खत्म! दिवाली स्पेशल ट्रेनों में मिलेगी तुरंत सीट

आगरा ताजनगरी आगरा से कई लोग दिवाली और छठ को लेकर अपने-अपने गांव-शहर की ओर कूच करने के लिए तैयार हैं। ऐसे में ट्रेनों में अत्यधिक भीड़ के कारण लंबी वेटिंग लिस्ट चल रही है। यात्रियों को वेटिंग की वजह से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिसके चलते आगरा रेल मंडल ने 10 और स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू किया है। लगातार बढ़ती भीड़ को देखते हुए बीते दिनों आगरा से करीब 38 स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू किया गया था। अब जिले से कुल 48 स्पेशल ट्रेनें संचालित हो रही हैं। ट्रेनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यात्रियों ने राहत की सांस ली है।  किया जा रहा ये काम आगरा रेल मंडल की जनसंपर्क अधिकारी प्रशस्ति श्रीवास्तव ने बताया कि जरूरत पड़ने पर रेलवे ट्रेनों की संख्या को बढ़ा सकता है। अधिकतर वेटिंग बिहार, कोलकाता, बनारस और मुंबई जाने वाली ट्रेनों में देखने को मिल रही है। भीड़ और वेटिंग की लगातार निगरानी की जा रही है।  इन ट्रेनों में ज्यादा मारामारी प्रशस्ति श्रीवास्तव ने आगे बताया कि आगामी त्योहारों को देखते हुए अत्यधिक भीड़ और वेटिंग कोटा-पटना एक्सप्रेस, मरुधार एक्सप्रेस और अन्य इस रूट की ट्रेनों में थोड़ी ज्यादा चल रही है। इन्हीं समस्याओं से निपटने के लिए स्पेशल ट्रेनों को शुरू किया गया है। 

अब वंदे भारत में सफर होगा इंटरनेशनल लेवल का — नई टेक्नोलॉजी से लैस होगी ट्रेन

नई दिल्ली स्वदेशी तकनीक के माध्यम से भारत रेलवे के क्षेत्र में निर्माता से निर्यातक बन चुका है। अब वैश्विक स्तर पर भारत में निर्मित रेल इंजन और कोच की मांग अब अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और कई अन्य देशों से आ रही है। रेलवे अब वंदे भारत का अगला संस्करण लाने की तैयारी में है। रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को भारत मंडपम में आयोजित 16वें अंतरराष्ट्रीय रेल उपकरण प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। यह विश्व की दूसरी सबसे बड़ा रेलवे प्रदर्शनी है। 'फ्यूचर-रेडी रेलवे' थीम पर आधारित यह प्रदर्शनी 17 अक्टूबर तक भारत मंडपम में चलेगी, जिसमें 15 से भी अधिक देशों के 450 से अधिक कंपनियां आधुनिक रेल, मेट्रो उत्पाद, नवाचार एवं समाधान प्रदर्शित कर रही हैं। 7 हजार KM लंबा यात्री कॉरिडोर विकसित करने की तैयारी रेलमंत्री ने कहा कि विकसित भारत विजन के तहत वर्ष 2047 तक लगभग सात हजार किमी लंबे समर्पित यात्री कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। ये कॉरिडोर अधिकतम 350 किमी प्रतिघंटा और परिचालन गति 320 किमी प्रतिघंटा तक के लिए डिजाइन किए जाएंगे। ये पूरी तरह स्वदेशी सिग्नलिंग सिस्टम और आधुनिक आपरेशन कंट्रोल सेंटर से सुसज्जित होंगे।   जल्द ही आएगा वंदे भारत ट्रेनों का चौथा संस्करण वैष्णव ने वंदे भारत ट्रेन को देश की बड़ी सफलता करार दिया और कहा कि यह तकनीकी मानकों पर विश्व की सर्वश्रेष्ठ ट्रेनों की बराबरी करती है। भारत में अभी वंदे भारत-3 ट्रेनें चल रही हैं, जो अपने पिछले संस्करणों से काफी उन्नत है। यह जीरो से सौ किमी प्रतिघंटा की रफ्तार सिर्फ 52 सेकंड में पकड़ लेती है, जो जापान और यूरोप की कई ट्रेनों से अधिक है। उन्होंने कहा कि अगले 18 महीनों में वंदे भारत-4 लाने का लक्ष्य है, जो प्रदर्शन और यात्री सुविधा के हर पहलू में वैश्विक मानक स्थापित करेगी। नए संस्करण में बेहतर टॉयलेट्स, आरामदायक सीटें और उच्च गुणवत्ता वाले कोच होंगे, ताकि यह ट्रेन दुनिया की सर्वश्रेष्ठ यात्री ट्रेन के रूप में पहचानी जाए। अमृत भारत ट्रेनों पर क्या बोलें अश्विनी वैष्णव? इसी तरह अभी अमृत भारत-2 का परिचालन हो रहा, जबकि संस्करण-3 पुश-पुल तकनीक पर आधारित है, जो लंबी दूरी की यात्रा के लिए उपयुक्त होगी। उन्होंने कहा कि अमृत भारत-4 में अगली पीढ़ी के ट्रेनसेट और लोकोमोटिव शामिल होंगे, जिनका डिजाइन और निर्माण अगले 36 महीनों में पूरा कर लिया जाएगा। वैष्णव ने बताया कि पिछले 11 वर्षों में 35,000 किमी नई लाइनें बिछाई गईं और 46,000 किमी रेलमार्गों का विद्युतीकरण पूरा हो चुका है। देश में अभी 156 वंदे भारत, 30 अमृत भारत और चार नमो भारत चल रही हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 में रिकार्ड सात हजार से अधिक कोच, लगभग 42,000 वैगन और 1,681 लोकोमोटिव का निर्माण किया गया। देश का पहला 9,000 हार्सपावर का इलेक्टि्रक लोकोमोटिव शुरू किया गया। इसी तरह 12 हजार एचपी इंजन पहले से ही चल रहे हैं। भारतीय रेल अमेरिका को पीछे छोड़कर अब दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी माल ढुलाई नेटवर्क बन चुकी है। बुलेट ट्रेन परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का 99 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। नवाचार पर विशेष ध्यान है। इसके लिए चालू वर्ष में एक लाख 16 हजार करोड़ का बजट आवंटित किया गया है, जिसमें स्वदेशी सुरक्षा प्रणाली 'कवच' भी शामिल है।  

MP में 10वीं-12वीं परीक्षा होगी सुपरवाइज्ड, CCTV से होगी पूरी निगरानी

भोपाल मप्र माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की 10वीं व 12वीं की वार्षिक परीक्षा सात फरवरी से शुरू होना है। नकल रोकने की कोशिशों में इस बार माशिमं नई शुरुआत करने जा रहा है। पहली बार बोर्ड परीक्षा सीसीटीवी की निगरानी में होगी। इसके लिए माशिमं चुने हुए 200 केंद्रों पर प्रत्येक कक्ष में कैमरे लगवाएगा। अधिकारियों ने बताया कि अभी तक उन स्कूलों को प्राथमिकता से परीक्षा केंद्र बनाया जाता रहा है, जहां सीसीटीवी कैमरे की व्यवस्था हो। लेकिन प्रदेश में ऐसे स्कूलों की संख्या बेहद कम है। ऐसे में मंडल ने खुद सीसीटीवी कैमरे लगाने की तैयारी की है। यह कैमरे किराए के होंगे, जिन्हें परीक्षा से पहले लगाया जाएगा और परीक्षा खत्म होने के बाद हटा लिया जाएगा।   इसके लिए निविदा प्रक्रिया जल्दी ही शुरू होगी। इसके बाद ही स्पष्ट होगा कि 200 स्कूलों में कैमरा लगवाने पर कितना खर्च आता है। संवदेनशील और अतिसंवेदनशील केंद्रों पर सीसीटीवी अनिवार्य रूप से लगाए जाएंगे। जिन स्कूलों में कैमरे चालू हालत में नहीं होंगे, वहां इन्हें चालू करवाया जाएगा। इस बार वीडियो रिकार्डिंग की व्यवस्था भी की जाएगी। माशिमं के भोपाल स्थित मुख्यालय में एक कंट्रोल रूम बनेगा, जहां सभी केंद्रों के सीसीटीवी फुटेज लाइव दिखेंगे। यानी कंट्रोल रूम में बैठे अधिकारी कैमरों के जरिए प्रत्येक परीक्षा कक्ष को उसी समय देख पाएंगे। फिलहाल इस साल यह व्यवस्था प्रायोगिक तौर पर होगी। प्रयोग सफल रहा, तो अगले वर्ष से सभी केंद्र सीसीटीवी निगरानी के दायरे में होंगे। बोर्ड परीक्षा में हर साल करीब चार हजार केंद्र बनाए जाते हैं। इस साल यहां 18 लाख परीक्षार्थी बैठने वाले हैं। परीक्षा केंद्रों की चयन प्रक्रिया शुरू इस बीच परीक्षा केंद्र तय करने की प्रक्रिया शुरू हो गई। मंडल ने सभी कलेक्टरों को केंद्र चिह्नित करने को निर्देशित किया गया है। कहा गया है कि उन स्कूलों को प्राथमिकता के आधार पर केंद्र बनाया जाए, जहां शौचालय, फर्नीचर, बिजली, पानी, कंप्यूटर, प्रिंटर जैसी सुविधा हो।

रीवा-सतना में एयरफोर्स सर्वे, जल्द बन सकता है नया रडार स्टेशन

सतना पिछले कुछ दिनों से सतना और मैहर के आसमान में उड़ते फाइटर प्लेन लोगों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं। तेज गर्जना और धुएं की लकीरों के साथ उड़ान भरते इन विमानों को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की अटकलें और अफवाहें फैल रही थीं। लेकिन अब स्पष्ट हो गया है कि यह कोई रहस्यमयी गतिविधि नहीं, बल्कि भारतीय वायुसेना का रणनीतिक अभ्यास है। जानकारी के अनुसार, ग्वालियर एयरबेस से उड़ान भरने वाले एयरफोर्स के फाइटर जेट्स इन दिनों विंध्य क्षेत्र में नियमित रिहर्सल और निगरानी अभ्यास कर रहे हैं। सतना, मैहर और रीवा के आसमान को वायुसेना ने अपने रणनीतिक प्रशिक्षण के लिए उपयुक्त माना है।   विभिन्न मौसम परिस्थितियों में, दिन और रात दोनों समय, ये उड़ानें लगातार जारी हैं। इस गतिविधि को लेकर स्थानीय प्रशासन को पूर्व सूचना दी गई है। विशेष रूप से रीवा जिला प्रशासन को भारतीय वायुसेना ने आधिकारिक तौर पर सूचित किया था कि विंध्य क्षेत्र में कुछ समय के लिए एयर सर्विलांस और फ्लाइट रिहर्सल किए जाएंगे। सूत्रों के अनुसार, वायुसेना इस क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, ऊंचाई और मौसमीय परिस्थितियों का बारीकी से अध्ययन कर रही है। माना जा रहा है कि यहां एक नया एयर सर्विलांस रडार स्टेशन या ट्रैकिंग यूनिट स्थापित करने की योजना पर विचार चल रहा है। इस दिशा में वायुसेना अधिकारियों ने रीवा और सतना के कुछ हिस्सों का सर्वे भी पूरा कर लिया है। विंध्य का आसमान इन दिनों देश की सुरक्षा तैयारियों का साक्षी बन गया है और संभव है कि आने वाले दिनों में यह क्षेत्र भारतीय वायुसेना की निगरानी क्षमताओं का एक नया केंद्र बन जाए। 

समग्र आईडी बंद हो गई? सिर्फ आधार से मिनटों में फिर से चालू करें!

इंदौर समग्र आईडी प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के लिए शुरू की गई महत्वपूर्ण पहचान प्रणाली है। इसके तहत प्रदेश के सभी परिवारों और सदस्यों का एकीकृत डेटा बेस बनाया गया है। सरकारी योजनाओं, छात्रवृत्ति, पेंशन, सार्वजनिक वितरण प्रणाली और अन्य सहायता के लिए यह जरूरी है। शहरी क्षेत्र में रहने वाले जोनल कार्यालय और ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले ग्राम पंचायत में समग्र आईडी बनवा सकते हैं। ई-केवाइसी नहीं होने पर बंद हो चुकी या डिलीट हो चुकी समग्र आईडी को आधार वेरिफिकेशन से दोबारा एक्टिव कराया जा सकता है। समग्र में नाम, जन्म तारीख की जानकारी आधार से अपडेट होती है, इसलिए आधार से समग्र का ई-केवाइसी कराना जरूरी है।   यह बात अतुल दुबे, जिला ई-गवर्नेंस प्रबंधक इंदौर ने मंगलवार को हेलो नईदुनिया कार्यक्रम में पाठकों के सवालों के जवाब देते हुए कही। दुबे ने बताया कि पता बदलने पर पुराने वार्ड या ग्राम से अपने समग्र की रिक्वेस्ट नए स्थान के वार्ड या ग्राम में देनी होती है और संबंधित स्थान पर उनकी आईडी को एक्टिव कर दिया जाता है। स्थान बदलने पर नया समग्र नहीं बनता है, पुराने समग्र को स्थानांतरित कराना पड़ता है। समग्र बनवाने के दौरान जाति का प्रमाण नहीं देने पर सामान्य जाति दर्ज की जाती है। बाद में आवेदक अपना जाति प्रमाण पत्र देकर जाति दर्ज करवा सकते हैं। जाति व्यक्तिगत दर्ज होती है और इसके लिए हर सदस्य का जाति प्रमाण पत्र देना अनिवार्य है। परिवार के मुखिया के जाति प्रमाण के आधार पर पूरे परिवार की जाति दर्ज नहीं होती है।  

यूपी वालों के लिए खुशखबरी! अब इस शहर में भी शुरू होगी मेट्रो सेवा

वाराणसी  यूपी के वाराणसी में लालबहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से कैंट रेलवे स्टेशन तक मेट्रो रेल सेवा शुरू होगी। इसके लिए विमानपत्तन प्राधिकरण की ओर से रेलवे मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा गया है। इस सेवा को शुरू करने का उद्देश्य विमान से उतरने के बाद यात्री मेट्रो से शहर तक पहुंच जाएं। इससे यात्रियों को सुविधा होने के साथ किराये में बचत होगी। बाबतपुर एयरपोर्ट से प्रतिदिन लगभग 80 विमानों का संचालन होता है। इन उड़ानों से 10,000 से 12,000 यात्रियों का आवागमन होता है। इस समय हवाई अड्डे के विस्तारीकरण का काम तेजी के साथ चल रहा है। इसमें मल्टी लेवल पार्किंग, आठ एयरोब्रिज के साथ पांच हजार यात्री क्षमता वाला नया टर्मिनल भवन, रनवे के नीचे अत्याधुनिक सुविधा और सुरक्षा युक्त टनल निर्माण शामिल है। इससे यहां घरेलू और अंतरराष्ट्रीय विमानों की संख्या बढ़ जाएगी। यात्री संख्या भी बढ़ेगी। एयरपोर्ट विस्तारीकरण में काशी की ऐतिहासिकता और पौराणिकता की छाप भी होगी ताकि यात्रियों को बाबा विश्वनाथ की नगरी में होने का अहसास हो। एयरपोर्ट से कैंट स्टेशन की दूरी करीब 22 किलोमीटर है। यहां से यात्री टैक्सी, ऑटो और ई-बस से गंतत्व को जाते हैं। इस दूरी को तय करने में खासकर टैक्सी और ऑटो चालक अच्छा-खासा किराया यात्रियों से वसूल लेते हैं। इसको देखते हुए मेट्रो सेवा कारगर साबित होगी। यात्रियों की सुविधा के लिए भेजा प्रस्ताव: निदेशक एयरपोर्ट निदेशक पुनीत गुप्ता ने बताया कि विस्तारीकरण के बाद विमानों के बढ़ने से यात्रियों का आवागमन भी बढ़ेगा। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखकर हवाई अड्डे से बाबतपुर रेलवे स्टेशन होकर शहर तक मेट्रो सेवा शुरू करने का प्रस्ताव भेजा गया है। इस बारे में रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि मेट्रो सेवा के लिए फिजिबिलिटी सर्वे के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।