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हिंदी मनोरंजन पर लगेगा प्रतिबंध? इस राज्य में चर्चा में नया कानून

तमिलनाडु दक्षिण भारतीय राज्य तमिलनाडु में भाषा विवाद गहराने के आसार हैं। खबर है कि मुख्यमंत्री एम के स्टालिन की अगुवाई वाली सरकार विधानसभा में हिंदी भाषा के खिलाफ विधेयक पेश करने वाली है। फिलहाल, इसे लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। इससे पहले भी DMK यानी सत्तारूढ़ दल द्रविड़ मुन्नेत्र कझगम केंद्र सरकार पर राज्य पर हिंदी भाषा थोपने के आरोप लगाती रही है। सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि तमिलनाडु सरकार राज्य में हिंदी भाषा लागू करने के खिलाफ बिल पेश करने वाली है। इस संबंध में कानून के जानकारों की बैठक बुलाई गई थी। सूत्र बताते हैं कि इस बिल में तमिलनाडु में हिंदी भाषा में होर्डिंग, बोर्ड, फिल्में और गानों पर रोक लगाने की बात कही गई है। अधिकारियों का कहना है कि यह संविधान के नियमों के तहत किया जाएगा। रिपोर्ट के अनुसार, डीएमके के वरिष्ठ नेता टीकेएस एलनगोवन ने कहा, 'हम संविधान के खिलाफ कुछ भी नहीं करना चाहते हैं। हम इसका पालन करेंगे। हम हिंदी को थोपने के खिलाफ हैं।' इधर, भारतीय जनता पार्टी नेता विनोज सेल्वम ने इस फैसले को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि भाषा को राजनीतिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि तिरुपरणकुंदरम, करूर जांच और आर्मस्ट्रॉन्ग मुद्दों पर कोर्ट में झटका झेलने के बाद डीएमके विवादित फॉक्सकॉन निवेश मुद्दे पर पर ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। मार्च में भी एमके स्टालिन सरकार ने राज्य के बजट में रुपये के चिह्न को बदलने का फैसला किया था। सरकार के इस फैसले को लेकर जमकर विवाद हुआ था। तब डीएमके ने कहा था कि यह तमिल भाषा के प्रचार के लिए किया गया था।  

नीतीश से उपेंद्र तक, सबको साधने की रणनीति, पटना में अमित शाह संभालेंगे कमान

नई दिल्ली बिहार विधानसभा चुनाव में दो गठबंधन आमने-सामने हैं और दोनों की ही अपनी समस्याएं हैं। एनडीए ने सीट बंटवारा तो कर लिया है, लेकिन उससे उपजी नाराजगी को थामने की चुनौती है। वहीं महागठबंधन में अब तक सीट बंटवारा ही अंतिम रूप नहीं ले सका और फिर कैंडिडेट्स को लेकर खींचतान तो बाकी ही है। इस बीच एनडीए क्राइसिस मैनेजमेंट में भी बढ़त लेने की कोशिश में है। होम मिनिस्टर अमित शाह खुद बिहार पर फोकस बढ़ा रहे हैं और अगले कुछ दिनों तक वह पटना में ही कैंप करेंगे। अलग-अलग दिनों में वह विधानसभा चुनाव होने तक पटना में समय देंगे। इसके तहत उनका पहला दौरा गुरुवार से ही शुरू हो रहा है। वह 16 से 18 अक्तूबर तक पटना में कैंप करेंगे। इस दौरान वह जेडीयू, जीतन राम मांझी, चिराग पासवान और उपेंद्र कुशवाहा के खेमे से डील करेंगे। दरअसल चर्चाएं हैं कि गठबंधन के साथियों में कुछ मतभेद हैं। नीतीश कुमार की नाराजगी की चर्चाएं हैं तो वहीं उपेंद्र कुशवाहा तो शेरो शायरी से बहुत कुछ कह ही रहे हैं। ऐसे में अमित शाह का पटना में कैंप करना मायने रखता है। वह अपने प्रवास के दौरान संगठन की बैठकों में रहेंगे। सहयोगी दलों के नेताओं से मिलेंगे और कुछ रैलियों को भी संबोधित करेंगे। कुछ प्रत्याशियों के नामांकन में भी रहेंगे होम मिनिस्टर अमित शाह अमित शाह का शेड्यूल अब तक फाइनल नहीं है, लेकिन खबर है कि कुछ प्रत्याशियों के नामांकन में भी वह शामिल हो सकते हैं। इसके बाद वह दीवाली ब्रेक पर लौटेंगे और 22 अक्तूबर से अगले 4 दिनों के लिए फिर से पटना में कैंप करेंगे। 25 अक्तूबर को उनका फिर से दिल्ली लौटने का प्लान है और उसके बाद 28 को छठ महापर्व के समापन के बाद बिहार वापसी करेंगे। भाजपा के चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान, सह-प्रभारी सीआर पाटिल और यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य भी बिहार में ही रहेंगे। चर्चाएं हैं कि अमित शाह खुद हर चीज की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। प्रचार की कमान वह खुद अपने हाथ में ले चुके हैं और दूसरे राज्यों के नेताओं को भी जिम्मेदारी मिली है। कई राज्यों के सीएम और डिप्टी सीएम उतारेगी भाजपा भाजपा की प्रचार शैली अन्य दलों के मुकाबले काफी आक्रामक रहती है। इसी के तहत कई राज्यों के मुख्यमंत्री, डिप्टी सीएम, मंत्री समेत तमाम नेता बिहार पहुंचेंगे। फिलहाल पार्टी का पूरा फोकस इस बात पर है कि गठबंधन में एक राय रहे और सब मिलकर चुनाव लड़ेंगे। जनता के बीच किसी भी तरह से ऐसा संदेश ना जाए कि गठबंधन में ऑल इज वेल नहीं है।

नेगेटिव एनर्जी से बचना है? अपनाएं ये फेंगशुई उपाय, घर में आएगी खुशहाली

घर की सजावट आदि के लिए हम कई तरह की चीजें रखते हैं। फेंगशुई में माना गया है कि कुछ विशेष वस्तुओं को घर में रखने से आपके घर से नकारात्मक ऊर्जा दूर हो सकती है, साथ ही सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ता है। चलिए जानते हैं कि वह चीजों कौन-सी हैं। लगाएं ये तस्वीरें फेंगशुई के मुताबिक आपको अपने घर में सूर्योदय, पहाड़, झरने और घोड़ों की तस्वीर लगाने से विशेष लाभ मिल सकता है। इससे व्यक्ति के लिए समृद्धि और सफलता की संभावनाएं और भी बढ़ जाती हैं। फेंगशुई के अनुसार, घर की दक्षिण-पश्चिम दिशा में परिवार की मुस्कुराती हुई तस्वीरें लगाने से रिश्तों में मजबूती आती है। रख सकते हैं ये पौधे फेंगशुई में माना गया है कि घर में बांस का पौधा रखने से समृद्धि में इजाफा होता है। इसे आप उस स्थान पर रखें जहां घर के सदस्य एक साथ बैठते हों। इसके साथ फेंगशुई के अनुसार, घर की दक्षिण-पूर्व दिशा में मनी प्लांट का पौधा लगाना भी काफी शुभ माना गया है। इससे आर्थिक स्थिरता बनी रहती है। पैसों की समस्या से मिलेगी राहत फेंगशुई में कछुए को धन और समृद्धि का प्रतीक के रूप में देखा जाता है। ऐसे में आप फेंगशुई के मुताबिक कछुए की मूर्ति को घर की उत्तर दिशा में रख सकते हैं। इससे धन संबंधी समस्याओं में राहत देखने को मिल सकती है। इसके साथ ही घर में फव्वारा या एक्वेरियम रखने पर भी आपको बेहतर परिणाम मिल सकते हैं। इसे रखने के लिए घर की उत्तर या ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) को सबसे उत्तम माना गया है। नेगेटिवि एनर्जी रहेगी दूर फेंगशुई में माना गया है कि विंड चाइम सिर्फ घर की सुंदरता बढ़ाने का काम नहीं करता, बल्कि पॉजिटिव एनर्जी को भी बढ़ाता देता है। इससे नेगेटिवि एनर्जी का प्रभाव कम होता है और पॉजिटिव एनर्जी बढ़ती है। ऐसे में आपको अपने मुख्य द्वार या खिड़कियों पर विंड चाइम जरूर लगाना चाहिए।  

मानसून हुआ विदा, अंबिकापुर में मौसम ने दिखाई ठंड की पहली झलक

अंबिकापुर छत्तीसगढ़ में बारिश का सिलसिला लगभग थम गया है. दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई का दौर जारी है. सूरज ढलने के बाद हल्की ठंडक महसूस होने लगी है. मौसम आज शुष्क रहने की संभावना है. इस दौरान तापमान में हल्की गिरावट हो सकती है. प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान सबसे ज्यादा तापमान 32.5 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में रिकॉर्ड किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 18.4 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में दर्ज हुआ. कहां कितनी हुई बारिश मौसम विभाग से मिली जानकारी मुताबिक, कोंटा और बड़े बचेली में 6 सेमी, कुआकोंडा में 4 सेमी, कटेकल्याण में 3 सेमी, दरभा में 2 सेमी तथा तोंगपाल में 1 सेमी वर्षा रिकॉर्ड की गई है. रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम ? राजधानी रायपुर में आज आकाश आंशिक रूप से मेघमय रहने की संभावना है. अधिकतम तापमान लगभग 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है.

18 व 19 अक्टूबर को होगा ड्रोन व लेजर शो

जय श्रीराम, धनुषधारी श्री राम, संजीवनी पर्वत उठाए हनुमान, रामसेतु, श्रीराम जन्मभूमि मंदिर जैसी मनमोहक आकृतियां होंगी शामिल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रतिवर्ष नई ऊंचाई छू रहा दीपोत्सव लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या में होने वाले दीपोत्सव-2025 में आस्था, संस्कृति और आधुनिक तकनीक का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। राम की पैड़ी सहित 56 घाटों पर जलने वाले 26 लाख दीपों की आभा जहां भक्ति-उल्लास का प्रतीक बनेगी, वहीं कोरियोग्राफ्ड म्यूजिकल ड्रोन शो और 3-डी होलोग्राफिक म्यूजिकल लेजर शो श्रद्धालुओं को अनूठा अनुभव देंगे। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने ड्रोन शो और लेजर शो की प्रस्तुतियों को दो दिन (18 व 19 अक्टूबर) कराने का निर्णय लिया है।   पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि स्वदेश निर्मित 1,100 ड्रोन आसमान में रामायण के विभिन्न प्रसंगों की झलकियां प्रस्तुत करेंगे। आकाश में अद्भुत कलाकृतियां उभरकर दिव्य दृश्य प्रस्तुत करेंगी। वहीं, 3-डी होलोग्राफिक म्यूजिकल लेजर शो दर्शकों के सामने वास्तविक प्रतीत होने वाली छवियों के माध्यम से अनुभव को यादगार बनाएंगी। 18 को भी आयोजित होगा एक अतिरिक्त ड्रोन शो उन्होंने बताया कि पर्यटन एवं संस्कृति विभाग सदैव आस्था, संस्कृति और नवाचार के समन्वय को प्राथमिकता देता आया है। पिछले वर्ष आयोजित दीपोत्सव में पहली बार 500 ड्रोन के माध्यम से भव्य शो किया गया था।  दीपोत्सव-2025 को और अधिक आकर्षक एवं भव्य बनाने के उद्देश्य से 1,100 ड्रोन के जरिए अद्भुत ड्रोन शो प्रस्तुत करने की योजना बनाई गई है। पर्यटन विभाग ने दीपोत्सव से पहले 18 अक्टूबर को भी एक अतिरिक्त ड्रोन शो आयोजित करने का निर्णय लिया है।  शो में 'त्रेता युग से नव अयोध्या' की प्रतीकात्मक झांकी भी दिखेगी संगीत और रोशनी से सजे लेज़र शो में प्रभु श्रीराम के जीवन और आदर्शों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से चित्रित किया जाएगा। 1,100 स्वदेशी ड्रोन रामायण के विभिन्न प्रसंगों को आकाश में प्रस्तुत करेगा, जिनमें जय श्रीराम, धनुषधारी श्री राम, संजीवनी पर्वत उठाए हनुमान, रामसेतु, श्रीराम जन्मभूमि मंदिर जैसी कई मनमोहक आकृतियां शामिल होंगी। शो का समापन ‘त्रेता युग से नव अयोध्या’ की प्रतीकात्मक झांकी के साथ होगा, जो शहर के आध्यात्मिक अतीत और आधुनिक वर्तमान को जोड़ता है।

नयी रेलवे भर्तियों में देरी, रिटायर कर्मचारी अब इन 5 पदों पर ध्यान दें

जबलपुर  रेलवे से रिटायर हुए कर्मचारियों को दूसरी पारी का मौका मिलेगा। नई भर्तियों में हो रही देरी के कारण अब पुराने कर्मचारियों को री-इंगेजमेंट के तहत फिर से सेवा का अवसर मिलेगा। इसके लिए अधिकतम 65 साल की आयु सीमा निर्धारित की गई है। ऑपरेटिंग और कमर्शियल विभाग से इस प्रक्रिया की शुरुआत की जा रही है। इसके लिए इन विभागों से सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों से आवेदन मांगे गए हैं। 31 अक्टूबर 2025 तक सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को लिखित में अपना आवेदन देना होगा। आवेदन के साथ शपथ पत्र भी देना होगा कि सेवा अवधि के दौरान उनका रिकॉर्ड संतोषजनक रहा है। अगले चरण में एकाउंट व इंजीनियरिंग री-एंगेजमेंट के अगले चरण में एकांउट विभाग, इंजीनियरिंग जैसे विभागों को भी शामिल करने की तैयारी है। तर्क दिया जा रहा है कि इससे रिटायर्ड कर्मचारियों के अनुभव का फायदा रेलवे को मिलेगा। नए कर्मचारियों की भर्ती पर आने वाला खर्च और समय दोनों की बचत होगी।   बूढ़े कंधों को लेकर उठ रहे सवाल प्वाइंटसमेन जैसे पद रेलवे की सेफ्टी कैटेगरी में आते हैं, जहां त्वरित निर्णय और शारीरिक फुर्ती की जरूरत होती है। ऐसे में 60 से 65 वर्ष की उम्र के रिटायर कर्मचारियों को इन पदों पर दोबारा तैनात करने से सुरक्षा पर असर पडऩे की आशंका जताई जा रही है। रेलवे के कई अधिकारी भी मानते हैं कि 60 वर्ष के कर्मचारी पर इस तरह की जिम्मेदारी डालना जोखिमभरा हो सकता है। वहीं दूसरी और नए युवाओं के लिए भी रोजगार के अवसर कम होंगे। इन पदों पर की जा रही भर्ती कामर्शियल सुप्रीटेंडेंट, डिप्टी स्टेशन मास्टर (डीएसएम), चीफ कमर्शियल कम टिकट सुपरवाइजर, सीनियर कार्मशियल कम टिकट क्लर्क एवं प्वाइंटसमेन। विभाग ने ऐसे कर्मचारियों से आवेदन मांगे हैं जो रिटायरमेंट के बाद फिर से काम करना चाहते हैं। ऐसे कर्मचारियों को अक्टूबर तक आवेदन भरकर देना होगा जिसके बाद विभाग निर्णय लेगा।- डॉ. मधुर वर्मा, सीनियर डीसीएम रेलवे

खुशखबरी: धनतेरस से पहले किसानों के खाते में आएंगे फसल मुआवजे के पैसे

राजगढ़  मध्य प्रदेश के किसानों के लिए धनतेरस का त्योहार इस बार खास खुशियां लाने वाला है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अगुवाई वाली राज्य सरकार धनतेरस यानी 29 अक्टूबर 2025 को प्रदेश के किसानों के बैंक खातों में करोड़ों रुपये की सौगात देंगे। राजगढ़ जिले के ब्यावर में होने वाले इस मेगा इवेंट में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव खुद उपस्थित होंगे और मंच से सिंगल क्लिक पर संबंधित किसानों के खातों में राशि ट्रांसफर करेंगे। इसका लाभ प्रदेश के लाखों किसानों को होगा। मध्य प्रदेश सरकार ने धनतेरस के मौके पर किसानों को राहत राशि बांटने का फैसला लिया है। सीएम मोहन यादव सिंगल क्लिक पर फसल मुआवजे की राशि किसानों के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर करेंगे। ये इवेंट राजगढ़ जिले के ब्यावर में आयोजित होने जा रहा है, जो पूरे प्रदेश के लिए खास होगा। कार्यक्रम ब्यावर के दशहरा मैदान में होगा, जहां से किसानों को फसल मुआवजे की राशि वितरित की जाएगी। त्योहारी सीजन में होंगी खुशियां डबल यह राशि उन किसानों को ट्रांसफर की जाएगी, जिनकी फसलें प्राकृतिक आपदाओं या दूसरी वजहों से खराब हुईं हैं। इस पहल से किसानों को अपनी फसल के नुकसान की भरपाई करने में मदद मिलेगी। ये पहल किसानों को दिवाली से पहले आर्थिक सहायता प्रदान करेगी। इससे उनकी त्योहारी खुशियां डबल हो जाएंगी। किसानों को लंबे समय से प्रतीक्षित ये राशि सीधे उनके बैंक खातों में डाली जाएगी।   आपको बता दें कि, इस साल के मानसूनी सीजन में प्रदेश के कई इलाकों में भारी बारिश का प्रभाव रहा है। 16 जून, 2025 को मॉनसून आने के बाद प्रदेश में औसत से 120 फीसदी अदिक बारिश हुई, जिससे किसानों को खासा नुकसान का सामना करना पड़ा है।

16KM की दूरी अब झट से तय! केदारनाथ रोपवे ने बदली तीर्थयात्रा की तस्वीर

हिमाचल प्रदेश  केदारनाथ धाम की यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं की समस्या को ध्यान में रखते हुए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. इस मार्ग पर पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं को जल्द राहत मिलने वाली है. दरअसल इस पर मार्ग पर यात्रा आसान होने जा रही है. 9 घंटे की पैदल यात्रा आने वाले समय में महज 40 मिनट में पूरी हो जाएगी. यात्रा के दौरान श्रद्धालु कठिन चढ़ाई चढ़ने से बच सकेंगे. केदारनाथ रोपवे प्रोजेक्ट को लेकर टेंडर प्रक्रिया और सर्वे का काम लगभग पूरा हो गया है. रोपवे शुरू होने के बाद श्रद्धालुओं को बाबा के धाम तक पहुंचाने के लिए कोई दिक्कत नहीं होगी. उत्तराखंड के चारों धामों में से एक केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं को जल्द ही रोपवे की सुविधा मिलने वाली है. केंद्र सरकार ने इस योजना के लिए 4000 करोड़ से अधिक लागत वाली इस परियोजना को लेकर टेंडर प्रक्रिया को पूरा कर लिया है. सरकार ने इस परियोजना का निर्माण कार्य अदानी ग्रुप को सौंपा है. कंपनी द्वारा अगले 5 सालों में इस रोपवे का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. इसके साथ ही कंपनी के द्वारा 29 वर्षों तक इस परियोजना का संचालन और रख-रखाव किया जाएगा. राष्ट्रीय राजमार्ग रसद प्रबंधन लिमिटेड के देखरेख में इस रोपवे प्रोजेक्ट का काम किया जाएगा. 16 किलोमीटर की चढ़ाई सिर्फ 40 मिनट में केदारनाथ धाम में बनने जा रहे इस रोपवे की लंबाई 12.9 किलोमीटर होगी. यह परियोजना के अंतर्गत सोनप्रयाग से केदारनाथ धाम तक रोपवे बनाई जाएगी. दरअसल, केदारनाथ धाम की पैदल चढ़ाई लगभग 16 किलोमीटर की है जिसे चढ़ने में 8 से 9 घंटे का समय लगता है. लेकिन रोपवे तैयार होने के बाद यह दूरी को पूरा करने के लिए केवल 35 से 40 मिनट का समय लगेगा. रोपवे परियोजना को अधिक सुविधा जनक और आरामदायक बनाने के लिए इसमें आधुनिक मोनोकेबिल डीटेचेबल गोंडोला तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा. जो तारों के सहारे रोपवे को संचालित करने में मदद करेगा. चार धाम यात्रा के दौरान केदारनाथ केदारनाथ में सबसे ज्यादा श्रद्धालु आते हैं. श्रद्धालुओं को मिलेगी सुविधा पिछले कुछ समय से केदारनाथ धाम में तीर्थ यात्रियों की संख्या 15 से 20 लाख तक पहुंच जाती है. हालांकि मानसून सीजन में बारिश और भूस्खलन के कारण यात्रा अक्सर बाधित रहती है. इस दौरान बेहद कम संख्या में श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शनों के लिए पहुंच पाते हैं. मानसून सीजन के दौरान इस पवित्र यात्रा को बंद कर दिया जाता है. केवल पैदल या खच्चरों से ही श्रद्धालु धाम तक पहुंच सकते हैं. ऐसे में केदारनाथ धाम के लिए रोपवे बन जाने से यात्रा आरामदायक और सुरक्षित होने की उम्मीद वहीं यात्रियों की संख्या में भी इजाफा होगा. उसके साथ ही धाम में दर्शन करने के लिए जाने वाले लोगों को सुविधा मिलने के साथ ही उनका समय भी बचेगा.  

प्रदूषण का ‘बम’ फूटा दिल्ली में! दिवाली से पहले ही लागू हुआ GRAP-1 अलर्ट

नई दिल्ली  दिवाली आने से पहले ही दिल्ली में वायु गुणवत्ता की स्थिति खराब श्रेणी में पहुंच गई है.  सुबह 6 बजे आनंद विहार की एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) सबसे ज्यादा दर्ज किया है. वहीं, सबसे कम AQI श्री ऑरोबिंदो मार्ग का रिकॉर्ड किया गया है. आज दिन भर मौसम साफ बना रहेगा. बढ़ते AQI के कारण दिल्ली में GRAP-1 नियम लागू कर दिया गया है. जिसके चलते कई कामों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. दिल्ली-NCR में AQI खतरनाक स्तर की तरफ बढ़ रहा है. हवा की गुणवत्ता बिगड़ने के कारण दिल्ली में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के स्टेज-1 को लागू कर दिया है. मंगलवार को दिल्ली का ओवरऑल AQI 211 दर्ज किए जाने के बाद इसे लागू किया गया है. वहीं, बुधवार सुबह 6 बजे ओवरऑल AQI 204 रिकॉर्ड किया गया, जो कि खराब श्रेणी में आता है. खराब श्रेणी में पहुंचा AQI दिल्ली के 18 इलाकों में AQI खराब श्रेणी में पहुंच गया है. अलीपुर में 211, शादीपुर में 235, सिरी फोर्ट में 223, आरके पुरम में 209, मथुरा रोड़ में 298, आईजीआई एयरपोर्ट में 238, द्वारका सेक्टर 8 में 273, पपड़गंज में 230, अशोक विहार में 215, जहांगीरपुरी में 257, रोहिणी में 223, विवेक विहार में 226, नरेला में 209, ओखला फेस-2 में 225, बवाना में 251, मुंडका में 220, चांदनी चौक में 256 और बुराड़ी क्रॉसिंग में 201 AQI दर्ज किया गया है. इन इलाकों स्थिति खराब श्रेणी दर्ज की गई है. आनंद विहार की स्थिति हुई गंभीर वहीं, दिल्ली के 2 इलाकों में AQI बहुत खराब श्रेणी में पहुंच गया है. आनंद विहार का AQI सबसे ज्यादा 351, जबकि वजीरपुर का AQI 303 दर्ज किया गया है. प्रदूषण की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए दिल्ली के लोगों ने एक बार फिर मास्क का इस्तेमाल शुरू कर दिया. आने वाले दिनों में वायु गुणवत्ता की स्थिति और भी भयावह हो सकती है. GRAP-1 लागू होने के बाद दिल्ली में कई चीजों पर प्रतिबंध लग गया है. GRAP-1 लागू होने से इन नियमों को मानना होगा.     कंस्ट्रक्शन साइट पर धूल उड़ने से रोकने के उपाय होने चाहिए. यानी स्मोक गन होना चाहिए.     500 SQM से ऊपर भी नई कंस्ट्रक्शन साइट को अनुमति नहीं दी जाएगी.     सड़को की मशीन से सफाई की जाएगी.     खुले में कूड़ा जलाने पर प्रतिबंध लगेगा.     गाड़ियों में PUC मेंडेटरी को सख्ती से लागू किया जायेगा.     सड़क पर जाम ना लगे इसके लिए अधिक से अधिक ट्रैफिक पुलिस की तैनाती की जाएगी.     स्मोक गन का ज्यादा के ज्यादा इस्तेमाल किया जाएगा. कैसा रहेगा वेदर? दिल्ली का मौसम आज दिनभर साफ बना रहेगा. इस दौरान अधिकतम तापमान 33, जबकि न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है. 2 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. वहीं, हवा में 85 प्रतिशत ह्यूमिडिटी रहने की संभावना है. आने वाले 3 से 4 दिनों तक लगभग यहीं स्थिति बनी रहेगी.  

प्रदोष काल के बाद लक्ष्मी पूजन शुभ, जानिए इस बार कब और कैसे मनाई जाएगी दीपावली

इस वर्ष दो अमावस्या तिथियों के कारण दीपावली की तारीख को लेकर क्षेत्र में असमंजस बना हुआ था। सीहोर के विद्वान ब्राह्मणों ने शास्त्रानुसार स्पष्ट किया है कि 20 अक्तूबर सोमवार को ही दीपावली का पर्व मनाया जाएगा। पंडित जी ने बताया कि शास्त्रों के अनुसार वही तिथि श्रेष्ठ मानी जाती है, जिसमें प्रदोष काल में अमावस्या व्याप्त हो। प्रदोष काल में ही लक्ष्मी पूजन श्रेष्ठ धर्मशास्त्रों में प्रदोष काल अर्थात सूर्यास्त के पश्चात का समय को लक्ष्मी पूजन के लिए सर्वश्रेष्ठ बताया गया है। 20 अक्तूबर को यह काल अमावस्या तिथि के अंतर्गत आ रहा है, जिससे इस दिन का पूजन शुभ और फलदायी माना गया है। दो दिन पूजन में दोष नहीं, पर पर्व एक दिन ही पंडित शर्मा ने बताया कि यदि कोई साधक 21 अक्तूबर को भी पूजन करता है तो इसमें कोई दोष नहीं, क्योंकि लक्ष्मी पूजन एक विशेष आराधना है। किंतु पर्व का उत्सव एक ही दिन 20 अक्तूबर को शास्त्रसम्मत माना गया है। तिथि गणना के अनुसार 20 को प्रदोष में अमावस्या ज्योतिष गणना के अनुसार 20 अक्तूबर को अमावस्या दोपहर 3:44 बजे से प्रारंभ होकर 21 अक्तूबर सायं 4:50 तक रहेगी। मंगलवार को सूर्यास्त 5:54 पर होने से उस दिन सूर्यास्त के पूर्व ही अमावस्या समाप्त हो जाएगी। इसलिए 20 अक्तूबर की रात्रि को ही प्रदोष व्यापिनी अमावस्या का पूर्ण प्रभाव रहेगा। नक्तव्रत पारण का विधान भी 20 को ही संभव नक्तव्रत पारण जो लक्ष्मी पूजन का एक आवश्यक भाग है, ये केवल 20 अक्तूबर को ही संभव है। इसी कारण मुख्य दीपोत्सव का आयोजन इसी दिन किया जाएगा। पंडितों के अनुसार इस रात्रि में लक्ष्मी-गणेश पूजन कर दीपदान करने से समृद्धि की प्राप्ति होती है।पंडित गणेश शर्मा के अनुसार  “नक्तव्रत पारण”  दो शब्दों से मिलकर बना है। नक्त अर्थात रात्रि व्रत अर्थात उपवास या संयम का नियम। इसका अर्थ है, दिन भर उपवास रखकर रात्रि में पारण यानि भोजन ग्रहण करना। इस व्रत में व्यक्ति पूरे दिन जल, फल या एकदम निराहार रहकर रात्रि में, जब शुभ मुहूर्त आता है या पूजा सम्पन्न होती है, तब भोजन करता है। दीपावली की रात लक्ष्मी माता का आगमन माना गया है। इस दिन लक्ष्मी पूजन  के पहले अनेक श्रद्धालु नक्तव्रत का संकल्प लेते हैं। इसका उद्देश्य होता है शुद्ध तन-मन से देवी लक्ष्मी की आराधना करना, और पूजा के पश्चात् ही अन्न ग्रहण करना। 23 अक्तूबर को भाई दूज का पर्व दीपावली के पांच दिवसीय उत्सव का समापन 23 अक्तूबर को भाई दूज के साथ होगा। बहनें अपने भाइयों के दीर्घायु होने की कामना करते हुए तिलक करेंगी और प्रेमपूर्वक भोजन कराएंगी।