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सीएम कुर्सी पर ‘किस्मत’ का खेल! डीके शिवकुमार बोले – भाग्य में होगा तो बनूंगा मुख्यमंत्री

बेंगलुरु  कांग्रेस के पूर्व सांसद डीके सुरेश का कहना है कि यदि उनके बड़े भाई डीके शिवकुमार के भाग्य में होगा, तभी वह मुख्यमंत्री बनेंगे। उन्होंने कहा कि डिप्टी सीएम शिवकुमार की संभावनाओं के बारे में पूछे जाने पर डीके शिवकुमार ने यह बात कही। कर्नाटक की राजनीति में फिलहाल नवंबर क्रांति की चर्चाएं जोरों पर हैं और कहा जा रहा है कि इस महीने मुख्यमंत्री बदल सकता है। सिद्धारमैया के बेटे ने भी पिछले दिनों कहा था कि उनके पिता का राजनीतिक करियर अब आखिरी पड़ाव है। उन्होंने इसके साथ ही सतीश जरकिहोली को सीएम बनाए जाने की सिफारिश भी कर दी थी। इससे कयास और तेज हैं कि नेतृत्व परिवर्तन हो सकता है। वहीं इस बारे में जब डीके सुरेश से पूछा गया तो वह भाग्यवादी हो गए। उन्होंने कहा कि यदि शिवकुमार के भाग्य में होगा तो वह मुख्यमंत्री बनेंगे। उन्होंने यह भी साफ किया कि हाईकमान का जो फैसला होगा, वही स्वीकार होगा। नवंबर में लीडरशिप चेंज होने के सवाल पर पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मुझे इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। हमारे लिए तो नवंबर का महीना कन्नड़ राज्योत्सव का है। इस महीने सभी कन्नाडिगा राज्य उत्सव मनाते हैं। मुझे इसके अलावा दूसरी किसी चीज की जानकारी नहीं है। आपको ऐसा कुछ जानना है तो फिर सीएम, प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय नेताओं से पूछना चाहिए। चर्चा है बिहार इलेक्शन के बाद कर्नाटक में बदलाव पर विचार हो सकता है। उन्होंने कहा कि यदि भाग्य होगा तो बदलाव होगा। यदि भाग्य में उपलब्धि नहीं होगी तो पद नहीं मिलेगा। इसके बारे में चिंता करने की जरूरत ही क्या है। मैं पहले ही कह चुका हूं कि मैं अपने भाई को सीएम के तौर पर देखना चाहता हूं। लेकिन भाग्य पर ही छोड़ना होगा और देखते हैं कि भविष्य में क्या होगा। उन्होंने कहा कि शिवकुमार फिलहाल डिप्टी सीएम हैं और प्रदेश अध्यक्ष भी हैं। उनका यह काम है कि पार्टी को कोई नुकसान ना हो। इसलिए मैं समझता हूं कि वह ऐसा कुछ भी नहीं करेंगे, जिससे कांग्रेस को नुकसान हो। नवंबर क्रांति क्या है, जिस पर कर्नाटक में जोरों पर है चर्चा कर्नाटक के राजनीतिक हलकों में इस साल के अंत में संभावित नेतृत्व परिवर्तन को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं। इसके तहत मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच कथित सत्ता हस्तांतरण के समझौते का हवाला दिया जा रहा है। यह पूछे जाने पर कि क्या शिवकुमार तथाकथित 'नवंबर क्रांति' से बेपरवाह हैं। सुरेश ने कहा, ‘वह पार्टी अध्यक्ष हैं और सभी के साथ समान व्यवहार करना उनका कर्तव्य है। उन्हें पार्टी के हितों और सम्मान की रक्षा करते हुए अपना आचरण करना चाहिए और वह ऐसा कर रहे हैं। वह पार्टी के फैसलों का पालन करेंगे।’ ढाई साल में सीएम बदलने के कयासों पर क्या कहा वहीं ढाई साल में लीडरशिप चेंज होने वाले दावों पर उन्होंने कहा कि यह ढाई साल की बात नहीं है। कांग्रेस को लोगों ने पांच साल का जनादेश दिया है। हमें लोगों के हितों की रक्षा करनी चाहिए और किए गए वादों को पूरा करना चाहिए। सरकार और पार्टी इसी दिशा में काम कर रही हैं। अटकलों के बीच सिद्धारमैया ने सोमवार को कहा कि वह कांग्रेस आलाकमान के फैसले के अधीन पूरे पांच साल के कार्यकाल के लिए पद पर बने रहेंगे। 2023 में खबरें थीं कि सीएम पद पर हुआ रोटेशन का फैसला मई 2023 में विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच शीर्ष पद के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा थी। अंतत: कांग्रेस आलाकमान ने शिवकुमार को उप-मुख्यमंत्री का पद संभालने के लिए मना लिया था। उस समय खबरों में दावा किया गया था कि रोटेशनल मुख्यमंत्री की व्यवस्था पर सहमति बन गई है, जिसके तहत शिवकुमार ढाई साल बाद पदभार संभालेंगे। हालांकि पार्टी ने कभी आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की।  

फोल्डेबल फोन पर भारी छूट! अब 47 हजार से कम में पाएं शानदार फीचर्स वाला स्मार्टफोन

नई दिल्ली दो डिस्प्ले वाले फोन चलाने का अपना ही अलग मजा है। इस प्रकार के ज्यादातर फोन फ्लिप फोन होते हैं। इनमें एक अंदर और एक पीछे की तरफ डिस्प्ले दिया जाता है। सैमसंग, टेक्नो और मोटोरोला जैसी कई कंपनियों के फ्लिप स्मार्टफोन आते हैं। अभी फ्लिप फोन खरीदने का परफेक्ट मौका है। Amazon पर Motorola के फ्लिप फोन भारी डिस्काउंट के साथ मिल रहे हैं। आप 40 हजार रुपये से कम में भी फ्लिप फोन खरीद सकते हैं। Motorola अपने प्रीमियम डिजाइन, दमदार परफॉर्मेंस और फ्यूचरिस्टिक फोल्डेबल डिस्प्ले के लिए जाना जाता है, और अब इतनी कम कीमत में इसे खरीदने का मौका शायद बार-बार नहीं मिलेगा। खास बात यह है कि इस ऑफर में बैंक ऑफर्स भी है और एक्सचेंज बोनस भी दिया जा रहा है। 47 हजार से कम में मिल रहा Motorola Razr 60 Motorola Razr 60 5G स्मार्टफोन अभी अमेजन पर 49,990 रुपये का मिल रहा है। इसके अलावा, इस पर 1500 रुपये का कूपन डिस्काउंट भी है। साथ ही, चुनिंदा बैंक के कार्ड पर 1500 रुपये तक का डिस्काउंट भी मिल रहा है। इसका मतलब है कि फोन को 46,990 रुपये में खरीद सकते हैं। अगर आप एक साथ इतने पैसे नहीं देना चाहते हैं, तो अमेजन से 2,424 रुपये देकर फोन को No Cost EMI पर घर ला सकते हैं। फीचर्स की बात करें तो इस फोन में Mediatek Dimensity 8000 प्रोसेसर, 50MP का मेन कैमरा और 13MP डुअल रियर कैमरा सेटअप दिया गया है। इसमें 120Hz रिफ्रेश रेट वाला pOLED डिस्प्ले मिलता है। फोन 30W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ आता है। हैंडसेट में 4500mAh की बैटरी मिलती है। लगभग 35 हजार में मिल रहा Motorola razr 50 5G मोटोरोला का यह फ्लिप फोन अमेजन पर 36,890 रुपये की कीमत में मिल रहा है। साथ ही, इस पर भी 1500 रुपये तक का डिस्काउंट है। इस तरह इसे लगभग 35000 रुपये में खरीदा जा सकता है। फोन को 1789 रुपये में भी घर ला सकते हैं। इस पर 35 हजार का एक्सचेंज ऑफर मिल रहा है। इस फोन में 3.6 इंच का OLED डिस्प्ले दिया गया है। फोन 90Hz रिफ्रेश रेट के साथ आता है। इसमें 50MP मेन और 13MP का दूसरे सेंसर से लैस है। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए फोन के फ्रंट में 32MP का कैमरा दिया गया है। यह हैंडसेट Android 15 पर रन करता है। ये दोनों फोन आपके लिए बजट रेंज में अच्छे ऑप्शन साबित हो सकते हैं।

8000 KM बॉर्डर पर जंग का खतरा! पाकिस्तान क्यों घबराया भारत से?

नई दिल्ली भारत को हमेशा दो मोर्चों के युद्ध में उलझाने की कोशिश पाकिस्तान करता रहा है। इसी नीति के तहत उसने पीओके का एक हिस्सा चीन को दिया था। पूर्व सीडीएस जनरल बिपिन रावत तो ढाई मोर्चे के युद्ध की बात अकसर करते थे- पहला चीन, दूसरा पाकिस्तान और तीसरा आंतरिक संघर्ष। लेकिन अब इससे भी बड़ी चुनौती पाकिस्तान के आगे खड़ी होती दिखती है और यह एक या दो नहीं बल्कि 4 मोर्चों पर है। जी हां, पाकिस्तान के सामने 4 मोर्चों पर जंग का संकट बना हुआ है। ये 4 मोर्चे कुल 8000 किलोमीटर लंबी सीमा पर हैं और पाकिस्तान की इनसे निपटने की तैयारी भी पर्याप्त नहीं दिखती है। पाकिस्तान के सामने यह संकट अफगानिस्तान से तनाव के चलते बढ़ा है। पाकिस्तान के डिफेंस मिनिस्टर ख्वाजा आसिफ ने तो इस डर को खुलेआम जाहिर भी किया, जब कहा कि अफगानिस्तान से जंग के दौरान भारत की ओर से हमला हो सकता है। दरअसल पाकिस्तान ने लंबे समय तक अफगानिस्तान में तालिबान को साधने की कोशिश की और भारत के लिए चिंताएं भी बढ़ाईं। लेकिन खैबर पख्तूनख्वा में तनाव और पाकिस्तान तालिबान के साथ तालिबान के रिश्तों ने हालात जटिल बना दिए हैं। अब अफगानिस्तान और पाकिस्तान खुद डूरंड लाइन पर लड़ रहे हैं। फिलहाल अफगानिस्तान के मामले में भारत का अपरहैंड है। कैसे इतनी लंबी सीमा बन सकती है पाकिस्तान के लिए सिरदर्द दरअसल भारत के साथ पाकिस्तान सबसे लंबी 3,323 किलोमीटर की सीमा साझा करता है। इसके अलावा अफगानिस्तान से उसका 2,430 किलोमीटर का बॉर्डर है। पाकिस्तान की चिंता यह है कि भारत के साथ लगती एलओसी और इंटरनेशनल बॉर्डर पर तो उसने हमेशा बड़े पैमाने पर सेना को तैनात रखा है, पश्चिमी मोर्चे यानी अफगानिस्तान की ओर से उसने कभी इस लिहाज से फोकस नहीं किया। अब जैसी स्थिति है, उसमें अफगानिस्तान भी उसके लिए एक चिंता है। भू-राजनीतिक विश्लेषक सुमित अहलावत मानते हैं कि यदि अफगानिस्तान और भारत के साथ जंग की स्थिति बनी तो पाकिस्तान 5,753 किलोमीटर लंबी सीमा पर व्यस्त होगा। ईरान से लगती सीमा पर ऐक्टिव हो सकते हैं बलूच विद्रोही इसके अलावा ईरान के साथ लगती 959 किलोमीटर लंबी सीमा भी उसे सुरक्षित करनी होगी। ऐसा इसलिए क्योंकि इस सीमा से बलूचिस्तान प्रांत लगता है, जहां पहले से ही विद्रोह के हालात हैं। फिर 1,046 किलोमीटर लंबी समुद्री सीमा भी कम चुनौती पूर्ण नहीं है। इस तरह करीब 8000 किलोमीटर की पाकिस्तान सीमा एक जंगी माहौल में तब्दील हो सकती है। उसके लिए राहत की बात 438 किलोमीटर की पीओके वाली वह सीमा ही है, जो चीन से लगती है। पाकिस्तान के जैसे आर्थिक हालात हैं, उस स्थिति में इस तरह की जंग लंबे समय तक लड़ पाना उसके बूते की बात भी नहीं है। यही कारण है कि अफगानिस्तान जैसे अपेक्षाकृत कमजोर और छोटी सेना वाले देश से भी पाकिस्तान किसी भी हाल में सिर्फ शांति ही चाहता है।  

आप ऐसे पा सकती हैं हेयर कलर से निजात

  अगर आप अपने बालों में अनचाहे रंग के हेयर कलर से परेशान हैं और उसे जल्दीह ही निकालना चाहती हैं तो परेशान न हों। एक्संपर्ट का कहना है कि बालों में हेयर कलर करवाने के तीन दिनों के भीतर ही उसे छुड़ा लें, नहीं तो कलर पूरी तरह से सेट हो जाएगा। बेकिंग सोडा से बालों को धोने पर कलर एक ही बार में निकल जाता है, लेकिन अगर ऐसा नहीं होता है तो बालों को कई बार बेकिंग सोडा और शैंपू से धोना चाहिये। इसके अलावा सिर धोते वक्तन गरम पानी का भी प्रयोग करना जरुरी है, लेकिन हां, इससे बाल थोड़े रूखे बन जाते हैं इसलिये कंडीशनर लगाना ना भूलें। अब आइये जानते हैं नीचे दिये गए इन पांच स्टेइप दृारा आप किस तरह से हेयर कलर निकाल सकती हैं…. सामग्री-एंटी डैंड्रफ शैंपू, बेकिंग सोडा, कंडीशनर आजमाइये इन स्टे्प्सै को स्टेइप 1- सबसे पहले अपने बालों को एंटी डैंड्रफ शैंपू से धोएं। ऐसा शैंपू चुनिये जिसका चभ् लेवल ज्याइदा हो, तभी यह कलर निकालने में सहायक होगा। स्टेइप 2- एक मात्रा में बेकिंग सोडा और शैंपू ले कर चम्म च की सहायता से कटोरे में मिलाएं। स्टेइप 3- इस मिश्रण को अपने बालों में अच्छीै प्रकार से लगाइये। स्टेइप 4- शैंपू और बेकिंग सोडा मिश्रण को सिर में लगभग 5 से 10 मिनट तक लगा रहने दें और उसके बाद सिर धो लें। स्टेइप 5- अपने बालों को आखिर में फिर से एंटी डैंड्रफ शैंपू से धोएं। और कुछ मिनट तक ऐसे ही रहने दें। आखिर में बालों में कंडीशनर लगा कर साफ पानी से बाल धो लें।  

जस्टिन बीबर का नया लुक वायरल! फैंस बोले – ‘लग रहे हो 22 के!’

लॉस एंजिल्स पॉप आइकन जस्टिन बीबर एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार उन्होंने अपने लुक से सभी का ध्यान खींचा है। वो सैन डिएगो में डिजॉन के कॉन्सर्ट में अपनी वाइफ हैली बीबर के साथ झूम रहे थे। उनके नए लुक से फैंस उनके दीवाने हो गए हैं। फैंस कह रहे हैं कि वो 22 साल के लग रहे हैं। उनका वीडियो वायरल हो रहा है। सोशल मीडिया पर जस्टिन बीबर के कई वीडियोज वायरल हो रहे हैं। उनके चेहरे पर दाढ़ी नहीं है। वो क्लीन शेव लुक में हैं। उनकी हेयर स्टाइल भी बदल गई है। फैंस ने मजाक में उनकी दाढ़ी को लेकर कहा कि 'वो मास्टरपीस को छिपा रही थी।' केंडल जेनर भी आईं नजर YUKON सिंगर ने वाइफ हैली बीबर के साथ डिजॉन का कॉन्सर्ट अटैंड किया। उनके साथ उनकी करीबी दोस्त केंडल जेनर भी नजर आईं। तीनों को अपर-लेवल बालकनी में गानों को इंजॉय करते हुए देखा गया। जस्टिन के लुक ने मचाई धूम जस्टिन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। ट्विटर पर ‘Justin Bieber beardless’ भी ट्रेंड होने लगा है। एक ने कॉमेंट किया, 'जस्टिन ने दाढ़ी बना ली है। वो 10 साल छोटे लग रहे हैं। हमेशा सुंदर।' दूसरे ने कहा, 'कुछ कलाकार अपने म्यूजिक के लिए भी वायरल नहीं हो पाते और यहां जस्टिन ने अपनी दाढ़ी मुंडवाकर इंटरनेट पर धूम मचा दी है। ये असली ताकत है।' फैंस को जस्टिन के बचपन की आई याद कुछ फैंस पुरानी यादों में खो गए और कहने लगे कि उनके नए लुक ने उन्हें उनके बचपन की याद दिला दी है। एक यूजर ने कहा, 'जिस तरह ये आदमी सिर्फ शेव करता है और तुरंत 23 साल का दिखने लगता है, ये वाकई शानदार है।' एक और ने लिखा, 'यंग बीबर लुक वापस आ गया है।' तीसरे ने कहा, 'फेस कार्ड इतना अजीब है कि वो 22 साल के दिखते हैं। आप इसे बना नहीं सकते।'

रिवॉल्वर की नोक पर भाजपा नेता से दुष्कर्म की कबूलनामे की साजिश, 8 आरोपी गिरफ्तार

रीवा विधानसभा क्षेत्र में मंगलवार को युवती सहित अन्य आरोपितों ने भाजपा नेता का अपहरण कर लिया और जंगल ले गए। यहां उसकी कनपटी पर रिवाल्वर रखकर दुष्कर्म की बात कबूल कराई। इसके बाद उन्हें ब्लैकमेल करने लगे। भाजपा नेता ने जब बुधवार को इसकी शिकायत की तो पुलिस ने युवती सहित आठ आरोपितों पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने युवती सहित तीन को हिरासत में लिया है। अलग-अलग वीडियो बनाए सेमरिया विधानसभा के भाजयुमो के पूर्व जिला मंत्री नेता दिवाकर द्विवेदी का कहना है कि आरोपित संदीप मिश्रा और प्रतीक सिंह जमीन दिखाने के नाम पर अपने साथ ले गए थे। इस दौरान रास्ते में तीन अन्य लोग मिले। जब वे जंगल के रास्ते पहुंचे तो रिवाल्वर दिखाकर उन्हें डराते-धमकाते हुए वीडियो बनाए गए। एक वीडियो में कार के भीतर दिवाकर द्विवेदी और युवती नजर आ रही है। युवती कपड़े उतारकर दुष्कर्म के आरोप लगा रही है। दूसरे वीडियो में जंगल के अंदर लड़की दुष्कर्म के आरोप लगा रही है, जबकि अन्य वीडियो में दिवाकर से कहा जा रहा है कि तुमने गलत काम क्यों किया। युवती को एक करोड़ रुपये दो। भाजपा नेता भी कह रहे हैं कि हमें जाने दो, हम पैसा दे देंगे। भाजपा नेता ने भी जारी किया वीडियो इस मामले का एक वीडियो इंटरनेट मीडिया में बहुप्रसारित हुआ है, जिसमें भाजपा नेता दुष्कर्म की बात कबूल रहे हैं। बुधवार को दिवाकर द्विवेदी ने सफाई देते हुए वीडियो जारी कर कहा कि उनसे फिरौती के तौर पर एक करोड़ रुपये मांगे गए थे। इस घटना को योजनाबद्ध तरीके से किसी वेबसीरीज की तरह अंजाम दिया गया है। सेमरिया पुलिस ने भाजपा नेता की शिकायत पर आठ आरोपितों के विरुद्ध अपहरण, ब्लैकमेलिंग और आर्म्स एक्ट सहित विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया है। मामले की बारीकी से की गई तो पता चला कि यह पूरा मामला अपहरण और ब्लैकमेलिंग का है। आरोपित फिरौती के लिए भाजपा नेता को जमीन दिखाने के नाम पर अपने साथ जंगल ले गए और रिवाल्वर अड़ाकर उनका तथाकथित वीडियो बनाया। पुलिस ने सभी आरोपितों पर मामला दर्ज कर लिया है- संदीप मिश्रा, एडिशनल एसपी, ग्रामीण। 

पेट अंदर करने के लिए रोज सेवन करें सौंफ

यदि आपका लगातार वजन बढ़ रहा है तो सावधान हो जाइए। कमर और पेट का ये बढ़ता साइज कई बीमारियों का कारण बन सकता है। यदि आप भी इस समस्या से जूझ रहे हैं तो हम आपको बताने जा रहे हैं कुछ ऐसे छोटे-छोटे नुस्खे, जिन्हें अपनाकर आप बिना ज्यादा मेहनत किए वजन को नियंत्रित कर सकते हैं। -पुदीने की ताजी हरी पत्तियों की चटनी बनाकर चपाती के साथ खाएं। पुदीने वाली चाय पीने से भी वजन नियंत्रण में रहता है। -रोज खाने से पहले गाजर खाएं। खाने से पहले गाजर खाने से भूख कम हो जाएगी। आधुनिक विज्ञान भी गाजर को मोटापा कम करने में कारगर मानता है। -आधा चम्मच सौंफ को एक कप खौलते पानी में डाल दें। 10 मिनट तक इसे ढककर रखें। ठंडा होने पर इस पानी को पिएं। ऐसा लगातार करते रहने से वजन कम होने लगता है।   -पपीता नियमित रूप से खाएं। यह हर सीजन में मिल जाता है। लंबे समय तक पपीता के सेवन से कमर की अतिरिक्त चर्बी कम होती है। -दही खाने से शरीर की फालतू चर्बी घट जाती है। छाछ का भी सेवन दिन में दो-तीन बार करें। -छोटी पीपल का बारीक चूर्ण पीसकर उसे कपड़े से छान लें। यह चूर्ण तीन ग्राम रोजाना सुबह के समय छाछ के साथ लेने से बाहर निकला हुआ पेट अंदर हो जाता है।   -ज्यादा कार्बोहाइड्रेट वाली वस्तुओं से परहेज करें। शक्कर, आलू और चावल में अधिक कार्बोहाइड्रेट होता है। ये चर्बी बढ़ाते हैं। -केवल गेहूं के आटे की रोटी की बजाय गेहूं, सोयाबीन और चने के मिश्रित आटे की रोटी ज्यादा फायदेमंद है। -सब्जियों और फलों में कैलोरी कम होती है, इसलिए इनका सेवन अधिक मात्रा में करें। केला और चीकू न खाएं। इनसे मोटापा बढ़ता है। -आंवले व हल्दी को बराबर मात्रा में पीसकर चूर्ण बना लें। इस चूर्ण को छाछ के साथ लें। कमर एकदम पतली हो जाएगी। -मोटापा कम नहीं हो रहा हो तो खाने में कटी हुई हरी मिर्च या काली मिर्च को शामिल करके बढ़ते वजन पर काबू पाया जा सकता है। एक रिसर्च में पाया गया कि वजन कम करने का सबसे बेहतरीन तरीका मिर्च खाना है। मिर्च में पाए जाने वाले तत्व कैप्साइसिन से भूख कम होती है। इससे ऊर्जा की खपत भी बढ़ जाती है, जिससे वजन कंट्रोल में रहता है। -लटजीरा या चिरचिटा के बीजों को एकत्र कर लें। किसी मिट्टी के बर्तन में हल्की आंच पर भूनकर पीस लें। एक-एक चम्मच दिन में दो बार फांकी लें, बहुत फायदा होगा। -दो बड़े चम्मच मूली के रस में शहद मिलाकर बराबर मात्रा में पानी के साथ पिएं। ऐसा करने से 1 माह के बाद मोटापा कम होने लगेगा। -मालती की जड़ को पीसकर शहद मिलाकर खाएं और छाछ पिएं। प्रसव के बाद होने वाले मोटापे में यह रामबाण की तरह काम करता हैै। -खाने के साथ टमाटर और प्याज का सलाद काली मिर्च व नमक डालकर खाएं। इनसे शरीर को विटामिन सी, विटामिन ए, विटामिन के, आयरन, पोटैशियम, लाइकोपीन और ल्यूटिन मिलेेगा। इन्हें खाने के बाद खाने से पेट जल्दी भर जाएगा और वजन नियंत्रित हो जाएगा। -रोज सुबह-सुबह एक गिलास ठंडे पानी में दो चम्मच शहद मिलाकर पिएं। इस घोल को पीने से शरीर से वसा की मात्रा कम होती है।  

आयुक्त का निर्देश: सफाई कार्य सिर्फ जिम्मेदारी नहीं, जनसेवा का मिशन है

गुड़गांव गुरुग्राम मंडल के आयुक्त आर.सी. बिढान ने कहा कि शहर की स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सफाई कार्यों को केवल औपचारिकता न समझते हुए इसे एक जनसेवा और जनस्वास्थ्य से जुड़ा मिशन मानकर करें। आयुक्त ने कहा कि प्रत्येक क्षेत्र में सफाई की निरंतर निगरानी, संसाधनों का समुचित उपयोग और जिम्मेदारीपूर्वक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी बताया कि शहर को स्वच्छ और आकर्षक बनाए रखने के लिए टीम वर्क और समन्वय अत्यंत आवश्यक है।  मंडलायुक्त ने स्थानीय लघु सचिवालय के सभागार में आयोजित बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर में सफाई व्यवस्था सुचारू रूप से बनाए रखने के लिए सभी स्तर पर जिम्मेदारी और सतर्कता से कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि प्रत्येक गार्बेज वर्नेबल प्वाइंट से प्रतिदिन सुबह समय पर कचरा उठाया जाए और कोई भी प्वाइंट बिना गार्बेज ट्रॉली के न रहे। सभी ट्रॉलियां दिन में कम से कम दो बार खाली की जाए तथा सेकेंडरी कचरा संग्रहण स्थलों से भी नियमित रूप से कचरा उठान हो। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि प्रत्येक गार्बेज ट्रॉली के पास कर्मचारी तैनात रहें ताकि आसपास कचरा न फैले और नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जा सके। बिढान ने कहा कि सफाई व्यवस्था की स्थिति ऐसी सुनिश्चित की जाए कि कोई भी, कहीं भी और कभी भी निरीक्षण करे, तो उसे गंदगी ना मिले। अगर निरीक्षण के दौरान कहीं पर गंदगी मिलती है, तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।  मंडलायुक्त ने निगम अधिकारियों कहा कि वे सभी वार्ड इंचार्ज एचसीएस अधिकारियों को अतिरिक्त टीम उपलब्ध करवाएं, ताकि वे अपने-अपने क्षेत्रों की सफाई करवा सकें। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि अगले तीन दिन में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से बेहतर होनी चाहिए। इसके तहत सभी सड़कें, गलियां, ग्रीन बैल्ट, जीवीपी व सेकेंडरी प्वाइंटों की सफाई सुनिश्चित हो, ताकि हमारा शहर स्वच्छ दिखाई दे। उन्होंने स्पष्ट किया कि कहीं पर भी कूड़ा, पॉलीथीन, सीएंडडी वेस्ट, इंडस्ट्रियल वेस्ट, मेडिकल वेस्ट आदि दिखाई नहीं देना चाहिए।   बैठक में निर्णय लिया गया कि अवैध रूप से कचरा व मलबा डंपिंग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई तेज की जाएगी। इसके तहत नगर निगम, आरटीए व पुलिस विभाग की संयुक्त टीम कार्रवाई करेगी। यह टीम अवैध कचरा व मलबा डंपिंग करने वाले वाहनों को जब्त करेगी तथा यह सुनिश्चित करेगी कि वाहन कोर्ट के माध्यम से सुपरदारी पर ही छोड़ा जाए। बैठक में उपायुक्त अजय कुमार, नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया, एएलसी कुशल कटारिया, जीएम रोडवेज भारत भूषण गोगिया, सीटीएम सपना यादव, हिपा की संयुक्त निदेशक ज्योति नागपाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।  

आकांक्षारहित हो प्रार्थना

  -आचार्य रजनीश ओशो- पहली बात, परिणाम की जब तक आकांक्षा है, तब तक प्रार्थना पूरी न होगी। या यूं कहो-परिणाम की जब तक आकांक्षा है, परिणाम न आएगा। प्रार्थना तो शुद्ध होनी चाहिए, परिणाम से मुक्त होनी चाहिए, फलाकांक्षा से शून्य होनी चाहिए। कम से कम प्रार्थना तो फलाकांक्षा से शून्य करो। कृष्ण तो कहते हैं कि दुकान भी फलाकांक्षा से शून्य होकर करो। युद्ध भी फलाकांक्षा से शून्य होकर लड़ो। तुम कम से कम इतना तो करो कि प्रार्थना फलाकांक्षा से मुक्त कर लो। उस पर तो पत्थर न रखो फलाकांक्षा के। फलाकांक्षा के पत्थर रख दोगे, प्रार्थना का पक्षी न उड़ पाएगा। तुमने शिला बांध दी पक्षी के गले में। अब तुम पूछते हो-प्रार्थनाएं परिणाम न लाएं तो क्या करें? प्रार्थनाएं जरूर परिणाम लाती हैं मगर तभी जब परिणाम की कोई आकांक्षा नहीं होती। यह विरोधाभास तुम्हें समझाना ही होगा। यह धर्म की अंतरंग घटना है। यह उसका राजों का राज है। जिसने मांगा, वह खाली रह गयाय और जिसने नहीं मांगा, वह भर गया। तुम्हारी तकलीफ समझता हूं, क्योंकि प्रार्थना हमें सिखाई ही गई है मांगने के लिए। जब मांगना होता है कुछ, तभी लोग प्रार्थना करते हैं, नहीं तो कौन प्रार्थना करता है? लोग दुख में याद करते हैं परमात्मा को, सुख में कौन याद करता है? मगर सुख में याद करने का मतलब यही होता है कि अब कोई आकांक्षा नहीं होगी। सुख तो है ही, अब मांगना क्या है? जब सुख में कोई प्रार्थना करता है तो प्रार्थना केवल धन्यवाद होती है। जब दुख में कोई प्रार्थना करता है तो प्रार्थना में भिखमंगापन होता है। सम्राट से मिलने चले हो भिखारी होकर, दरवाजों से ही लौटा दिए जाओगे। पहरेदार भीतर प्रवेश न होने देंगे। सम्राट से मिलने चले हो, सम्राट की तरह चलो। सम्राट की चाल क्या है? न कोई वासना है, न आकांक्षा हैय जीवन का आनंद है और आनंद के लिए धन्यवाद है। जो दिया है, वह इतना है। मांगना है क्या और? बिना मांगे इतना दिया है। एक गहन तज्ञता का भाव-वहीं प्रार्थना है। मगर तुम्हारी अड़चन मैं समझा। बहुतों की अड़चन यही है। प्रार्थना पूरी नहीं होती तो शक होने लगता है परमात्मा पर। मजा है कैसा। प्रार्थना पर शक नहीं होता-कि मेरी प्रार्थना में कोई गलती तो नहीं हो रही? परमात्मा पर शक होने लगता है। मेरे पास लोग आकर कहते हैं कि प्रार्थना तो पूरी होती ही नहीं है हमारी, जनम-जनम हो गए! तो परमात्मा है भी या नहीं? परमात्मा पर शक होता है। मजा देखना! अपने पर शक नहीं होता-कि मेरी प्रार्थना में कहीं कोई भूल तो नहीं? नाव ठीक नहीं चलती तो मेरी पतवारें गलत तो नहीं हैं? दूसरा किनारा है या नहीं, इस पर शक होने लगता है।  

यात्रियों के लिए जरूरी खबर: इंदौर-असारवा, वीरभूमि और अवंतिका एक्सप्रेस का समय बदला

इंदौर पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल ने ट्रेनों की औसत गति एवं समयपालनता में सुधार लाने के उद्देश्य से इंदौर स्टेशन से संचालित तीन ट्रेनों के आगमन एवं प्रस्थान समय में आंशिक परिवर्तन किए हैं। इंदौर-असारवा वीरभूमि एक्सप्रेस ट्रेन के इंदौर से जावरा के बीच के आगमन-प्रस्थान समय में संशोधन किया गया है। गुरुवार से यह ट्रेन इंदौर स्टेशन से शाम 05.55 की जगह 25 मिनट देरी से रोजाना शाम 06.20 बजे प्रस्थान करेगी। फिर यह देवास (06.46/06.48), उज्जैन (07.28/07.33), नागदा (08.23/08.28), खाचरोद (08.39/08.41), रतलाम (09.50/10.05) एवं जावरा (10.35/10.37) पर निर्धारित आगमन-प्रस्थान करेगी। जावरा से असारवा तक अन्य कोई बदलाव नहीं किया गया है।   अवंतिका एक्सप्रेस के टाइम में समायोजन अवंतिका एक्सप्रेस के समय में भी समायोजन हुआ है। मुंबई सेंट्रल-इंदौर अवंतिका एक्सप्रेस के इंदौर आगमन समय को बुधवार से 09.10 बजे के स्थान पर 09.05 बजे कर दिया गया तथा ट्रेन वहीं से बदलते हुए समय पर रवाना हुई। इंदौर-मुंबई सेंट्रल अवंतिका एक्सप्रेस गुरुवार से इंदौर स्टेशन से 05.40 बजे के स्थान पर 05.45 बजे प्रस्थान करेगी।