samacharsecretary.com

1 नवम्बर 2025 राशिफल: मकर राशि वालों को मिलेगा भाग्य का साथ, बाकी राशियों पर कैसा रहेगा असर

मेष राशि- आज दिन की शुरुआत ऊर्जा से भरपूर रहेगी। कुछ पुराने काम आज पूरे होंगे और राहत मिलेगी। बस जल्दबाजी में काम न करें, वरना ग़लती हो सकती है। किसी करीबी से दिल की बात कहने का मौका मिलेगा। पैसे को लेकर राहत की खबर भी मिल सकती है। शाम को मन शांति चाहेगा, तो खुद को थोड़ा वक्त दें। वृषभ राशि- आज काम में फोकस बनाए रखना जरूरी है। छोटे-छोटे कदम भी बड़ी सफलता दिला सकते हैं। परिवार में माहौल खुशनुमा रहेगा, लेकिन रिश्तों में इगो न आने दें। अगर मन बेचैन है तो थोड़ी देर टहल आएं- सब ठीक लगेगा। धन के मामले स्थिर हैं, बस अनावश्यक खर्च से बचें। मिथुन राशि- आज दिमाग तेज चलेगा और शब्दों में जादू रहेगा। लोगों को समझाने या अपने पक्ष में करने का दिन है। किसी पुराने दोस्त से मुलाकात हो सकती है जो दिल को सुकून देगी। काम के दबाव से तनाव हो सकता है, लेकिन थोड़ी सी योजना सब संभाल लेगी। शाम हंसी-मजाक में बीतेगी। कर्क राशि- आज भावनाएं ज्यादा हावी रह सकती हैं। किसी बात को दिल पर न लें। ऑफिस या घर में छोटी बात पर बहस से बचें। अगर किसी पुराने रिश्ते से जुड़ी बात सामने आए तो धैर्य रखें। हर जवाब आज नहीं मिलता। शाम को परिवार के साथ समय बिताना मन को सुकून देगा। सिंह राशि- आत्मविश्वास आज आपका सबसे बड़ा हथियार रहेगा। जो ठान लोगे, वो करके दिखाओगे। काम में सफलता मिलेगी और तारीफ भी। दोस्तों से सहयोग मिलेगा। प्रेम जीवन में मिठास बढ़ेगी। बस ध्यान रखें- ओवरकॉन्फिडेंस नुकसान कर सकता है। शाम को किसी शुभ खबर की उम्मीद है। कन्या राशि- आज जिम्मेदारियां थोड़ी बढ़ेंगी, लेकिन आप संभाल लोगे। किसी प्रोजेक्ट या परिवार से जुड़ा बड़ा निर्णय ले सकते हैं। सहयोगियों से तालमेल बढ़ेगा। धन की स्थिति में सुधार होगा। शाम तक मन हल्का रहेगा। शरीर पर थकान हावी हो सकती है।आराम जरूर करें। तुला राशि- आज दिन व्यवस्थित काम करने का है। योजनाएं बनाएं और उसी पर टिके रहें। ऑफिस में मेहनत रंग लाएगी। घर में कोई छोटी खुशखबरी मिल सकती है। सेहत को लेकर लापरवाही न करें। पेट या पाचन पर ध्यान दें। किसी बुजुर्ग की सलाह आज काम आएगी। वृश्चिक राशि- आज रचनात्मकता और नई सोच के साथ कार्य करेंगे। किसी दोस्त या सहकर्मी से प्रेरणा मिलेगी। काम के लिए दिन अच्छा है, लेकिन आलस्य से बचना होगा। मन में भावनाएं गहरी रहेंगी। लेखन, संगीत या ध्यान में मन लग सकता है। प्रेम जीवन में कोई नई शुरुआत संभव है। धनु राशि- आज संतुलन बनाए रखना सबसे जरूरी है- चाहे काम में हो या रिश्तों में। किसी करीबी से मुलाकात मन को खुशी देगी। पैसों के लेन-देन में सावधानी जरूरी है। प्रेम जीवन में किसी छोटी बात पर नाराजगी हो सकती है, लेकिन प्यार से बात कर लोगे तो सब ठीक रहेगा। मकर राशि- आज अपने भीतर की ऊर्जा को सही दिशा दें। किसी महत्वपूर्ण निर्णय का समय है- दिमाग और दिल दोनों से सोचें। पैसों को लेकर कोई राहत मिल सकती है। स्वास्थ्य ठीक रहेगा, लेकिन मानसिक थकान महसूस होगी। ध्यान या शांत संगीत मदद करेगा। किसी दोस्त से बातचीत राहत देगी। कुंभ राशि- आज का दिन उम्मीदों भरा रहेगा। कोई पुराना काम जो अटका था, अब गति पकड़ सकता है। करियर में नए अवसर दिखेंगे। यात्रा के योग भी हैं। प्रेम संबंधों में उत्साह बढ़ेगा। परिवार का सहयोग मिलेगा। बस खर्च सोच-समझकर करें, वरना बजट गड़बड़ा सकता है। मीन राशि- आज दिल और दिमाग दोनों में थोड़ा खींचतान रहेगा। कोई पुरानी बात मन को परेशान कर सकती है, लेकिन शाम तक सब ठीक हो जाएगा। करियर में सुधार के संकेत हैं। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। किसी करीबी की सलाह अमूल्य साबित हो सकती है। आज शांति से काम लें। भाग्य का पूरा साथ मिलेगा।

पाकिस्तान के बलूचिस्तान में इंटरनेट ठप, सरकार ने 24 घंटे के ब्लैकआउट का दिया आदेश

क्वेटा  बलूचिस्तान की सरकार ने क्वेटा में 'असामान्य और गंभीर कानून-व्यवस्था की स्थिति' के कारण शुक्रवार को मोबाइल डेटा सर्विस को निलंबित कर दिया। स्थानीय मीडिया की ओर से साझा जानकारी के अनुसार यह निलंबन 24 घंटे के लिए किया गया है। पाकिस्तान के प्रमुख दैनिक 'डॉन' की रिपोर्ट के अनुसार गुरुवार को भेजे गए एक पत्र में, बलूचिस्तान सरकार ने पाकिस्तान के गृह मंत्रालय से मोबाइल डेटा सर्विस को निलंबित करने का आदेश दिया। बलूचिस्तान की सरकार ने अनुरोध किया कि संबंधित अधिकारियों को 31 अक्टूबर को क्वेटा में 3जी/4जी इंटरनेट सेवाओं को 24 घंटे के लिए निलंबित करने का निर्देश दिया जाए। पत्र में कहा गया है, "कानून-व्यवस्था की स्थिति और खतरे की आशंकाओं के कारण, क्वेटा जिले में 3जी और 4जी सेवाओं को बंद करना आवश्यक है।" इससे पहले बलूच सरकार ने अगस्त में 'सुरक्षा कारणों' का हवाला देते हुए मोबाइल डेटा सेवाओं को निलंबित किया था। हालांकि, बलूचिस्तान उच्च न्यायालय (बीएचसी) ने मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को तत्काल बहाल करने का आदेश दिया था। इसके ठीक दो महीने बाद फिर से बलूचिस्तान में 24 घंटे के लिए सेवा निलंबित की गई है। अगस्त में इंटरनेट सेवाओं के निलंबन के कारण बलूचिस्तान में शिक्षा, ऑनलाइन व्यवसाय और मीडिया रिपोर्टिंग में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। अधिकारियों ने कहा था कि यह निर्णय सुरक्षा एजेंसियों की सिफारिशों पर, खासकर पाकिस्तान में राष्ट्रीय दिवस समारोहों के आसपास बढ़ते तनाव को देखते हुए लिया गया था। द बलूचिस्तान पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, छात्रों, व्यवसायियों, पत्रकारों और मानवाधिकार संगठनों ने सरकार के इस फैसले की आलोचना की थी। ऑनलाइन कक्षाओं में जुड़े छात्रों ने कहा था कि वे डिस्कशन में शामिल नहीं हो पा रहे थे और न ही असाइनमेंट जमा कर पा रहे थे। ग्रामीण इलाकों में स्थिति ज्यादा गंभीर थी, जहां छात्रों के पास पहले से ही सीमित शैक्षिक संसाधन हैं। क्वेटा, तुर्बत, खुजदार और पंजगुर के फ्रीलांसरों और उद्यमियों ने बताया था कि इंटरनेट सेवाओं के निलंबन के कारण उनकी आजीविका ठप हो गई। एक व्यवसायी ने कहा, "हमारा पूरा काम इंटरनेट पर निर्भर करता है। इस बंद ने हमें वित्तीय संकट के कगार पर ला खड़ा किया है।"

शी जिनपिंग और दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति आमने-सामने, वैश्विक अर्थव्यवस्था पर हुई बड़ी चर्चा

ग्योंगजू दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने शुक्रवार को पहली बार चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। शी जिनपिंग एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (एपेक) शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए दक्षिण-पूर्वी शहर ग्योंगजू पहुंचे हैं। ली ने ग्योंगजू ह्वाबेक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र में शी के आगमन पर उनका स्वागत किया। जैसे ही चीनी राष्ट्रपति हॉल के प्रवेश द्वार पर ली जे म्युंग के पास पहुंचे, ली ने मुस्कुराते हुए उनका स्वागत किया, संक्षेप में "स्वागत" कहा और फोटो सत्र के लिए हाथ मिलाया। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ने शी को हॉल में ले जाते हुए कहा, "मुझे उम्मीद है कि यहां तक आना आपके लिए बहुत असुविधाजनक नहीं रहा होगा।" ली ने अन्य अतिथियों का भी स्वागत किया, जिनमें जापानी प्रधानमंत्री साने ताकाइची, अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेन्ट, रूस के उप प्रधानमंत्री एलेक्सी ओवरचुक और संयुक्त अरब अमीरात के अबू धाबी के युवराज खालिद बिन मोहम्मद अल नाहयान शामिल थे। योनहाप समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, नीली टाई और नेवी रंग का सूट पहने दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति सुबह 9:15 बजे हल्की मुस्कान के साथ एपीईसी नेताओं और प्रतिभागियों का स्वागत करने के लिए तैयार थे। शी जिनपिंग गुरुवार को तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर दक्षिण कोरिया पहुंचे थे। यह उनकी 11 साल में पहली दक्षिण कोरिया यात्रा है। दोनों नेताओं के बीच शनिवार को पहली शिखर वार्ता होगी। इससे पहले दिन, ली जे म्युंग ने मुक्त व्यापार व्यवस्था में बदलाव और बढ़ती वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बीच साझा चुनौतियों से निपटने के लिए एपीईसी की सदस्य अर्थव्यवस्थाओं से घनिष्ठ सहयोग की अपील की। इस बैठक में 21 सदस्य अर्थव्यवस्थाओं के नेता और कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। ली ने कहा, "हम सभी एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़े हैं, क्योंकि अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था तेजी से परिवर्तन के दौर से गुजर रही है।" "मुक्त व्यापार व्यवस्था में बड़े बदलाव हो रहे हैं और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता बढ़ रही है, जिससे व्यापार और निवेश की गति धीमी हो रही है।"

खुफिया रिपोर्ट में बड़ा खुलासा: पाकिस्तान तैयार कर रहा ISIS के 1,000 आतंकी, जम्मू-कश्मीर पर नजर

नई दिल्ली पाकिस्तान की सेना इस्लामिक स्टेट (आईएस) के आतंकवादियों को प्रशिक्षित कर रही है। आईएस आतंकियों को पाकिस्तानी सेना न केवल हथियार मुहैया करा रही है, बल्कि आतंकी संगठन के कमांडरों को स्पेशल ट्रेनिंग देने का काम भी कर रही है। पाकिस्तान का मकसद अपने पड़ोसियों के खिलाफ आईएसआई आतंकियों का इस्तेमाल करना है। इसके लिए पाकिस्तान ने चार शिविर स्थापित किए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान धीरे-धीरे इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रांत (आईएसकेपी) के कुछ आतंकवादियों को जम्मू-कश्मीर की ओर मोड़ सकता है। डूरंड रेखा को लेकर अफगान तालिबान के साथ तनाव बढ़ने के बाद से, पाकिस्तान और आईएसकेपी के आतंकवादियों के बीच बीते कुछ समय में नजदीकी बढ़ी है। यही कारण है कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में हवाई हमले भी किए हैं और तालिबान ने भी इसका कड़ा जवाब दिया। हाल के महीनों में, पाकिस्तान में खास तौर से आईएसकेपी के आतंकियों को प्रशिक्षण देने के लिए ट्रेनिंग कैंप की संख्या बढ़ाई है। खुफिया ब्यूरो के अधिकारियों का कहना है कि आईएसआई अफगान तालिबान पर हमले करने के इरादे से आईएसकेपी के 1,000 से ज्यादा आतंकवादियों को प्रशिक्षित करने की योजना बना रही है। वहीं भारतीय एजेंसियों का कहना है कि आतंकियों को अलग-अलग प्रकार के प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं। आतंकवादियों को जमीन पर लड़ने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है ताकि वे तालिबान लड़ाकों का सामना कर सकें। विशेषज्ञों का कहना है कि आत्मघाती हमलावरों के लिए भी प्रशिक्षण शिविर हैं। पाकिस्तानी सेना के कई वर्तमान और पूर्व अधिकारी, इस प्रशिक्षण प्रक्रिया में शामिल हैं। आईएसकेपी जब से अस्तित्व में आया है, तब से वह तालिबान के साथ संघर्षरत है। आईएसकेपी का मकसद अफगानिस्तान से तालिबान शासन को उखाड़ फेंककर शासन करने का है। विशेषज्ञों की मानें तो आईएसकेपी के कई सदस्यों को अफगानिस्तान से पाकिस्तान लाया जा रहा है और फिर उन्हें बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा के कबायली इलाकों में स्थित कैंपों में भेजा जा रहा है। अफगान सुरक्षा अधिकारियों ने मोहम्मद नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार किया। मोहम्मद की गिरफ्तारी से इस दावे की पुष्टि हो गई कि पाकिस्तान आईएसकेपी आतंकवादियों के लिए प्रशिक्षण का केंद्र बन गया है। हिरासत में लिए गए आतंकवादी ने सुरक्षा अधिकारियों को बताया कि उसने पाकिस्तान के क्वेटा में युद्ध प्रशिक्षण लिया था। जब वह फर्जी पहचान पत्र के साथ अफगानिस्तान में दाखिल हुआ था, तब उसका नाम मोहम्मद था। आईएसआई ने उसे अपने विचारों से प्रभावित करने के लिए काफी प्रयास किए थे। एक्सपर्ट्स का मानना है कि फिलहाल आईएसकेपी का पूरा फोकस अफगानिस्तान पर है। एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि भविष्य में इसका पूरे क्षेत्र पर असर पड़ सकता है। आईएसकेपी की नजर भारत पर भी है और आने वाले समय में अफगानिस्तान से बाहर भी अपने कार्यक्षेत्र का विस्तार कर सकता है। जब आईएसकेपी की स्थापना हुई थी, तब उसका फोकस तालिबान को हराना था, हालांकि उसने यह भी साफ कर दिया था कि वह एक खिलाफत स्थापित करने में रुचि रखता है जिसमें भारत भी शामिल हो। इस आतंकी समूह ने जम्मू-कश्मीर में तनाव पैदा करने में काफी रुचि दिखाई है। विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान धीरे-धीरे आईएसकेपी के कुछ आतंकवादियों को जम्मू-कश्मीर भेज सकता है। आईएसआई को लगता है कि जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के अलावा घाटी में एक और आतंकी समूह होने से उनकी लड़ाई और मजबूत हो जाएगी। जिस तरह से पाकिस्तानी सेना आतंकी संगठनों के साथ खुलकर प्रशिक्षण का काम कर रहा है, इससे भारतीय एजेंसियों के लिए एक और चिंता जरूर बढ़ गई है। अटकलें लगाई जा रही है कि आईएसकेपी सीमा से सटे इलाकों से भारतीय युवाओं को टारगेट करेगा और उनका ब्रेनवॉश करके उन्हें ट्रेनिंग के लिए पाकिस्तान भेजेगा। हाल ही में हुई गणना के अनुसार, केरल के कम से कम 21 लोग देश छोड़कर अफगानिस्तान में आईएसकेपी में शामिल हो गए हैं। उन्हें प्रशिक्षित किया जा रहा था ताकि बाद में उन्हें भारत वापस भेजकर आतंकी हमले किए जा सकें।

राजनाथ सिंह का सख्त रुख: भारत दक्षिण चीन सागर में स्वतंत्र नौवहन और कानून आधारित व्यवस्था का समर्थक

नई दिल्ली भारत ने आसियान देशों के रक्षा मंत्रियों की एक बैठक में काउंटर टेररिज्म का मुद्दा उठाया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मलेशिया में बोलते हुए कहा कि भारत आपदा राहत, आतंक-विरोधी गतिविधियों, और समुद्री सुरक्षा में योगदान देता है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भारत दक्षिण चीन सागर में मुक्त नेविगेशन व अंतरराष्ट्रीय कानून के पालन का समर्थन करता है। मलेशिया की अध्यक्षता में 31 अक्टूबर को एक अनौपचारिक बैठक हुई, जिसमें भारत और आसियान देशों के रक्षा मंत्रियों ने हिस्सा लिया। इस बैठक में भारत की ओर से यह स्पष्ट किया गया कि वह आपदा राहत, काउंटर टेररिज्म, और समुद्री सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। साथ ही कहा गया कि दक्षिण चीन सागर में मुक्त नेविगेशन तथा अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन महत्वपूर्ण है। इस तरह से भारत ने क्षेत्रीय सुरक्षा, समुद्री अधिस्वीकृति, एवं बहुपक्षीय रक्षा संवाद की दिशा में अपनी प्रतिबद्धता जताई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को आसियान-भारत रक्षा मंत्रियों की अनौपचारिक बैठक में हिस्सा लिया। बता दें कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह गुरुवार को मलेशिया पहुंचे, जहां वे आगामी दो दिनों तक विभिन्न देशों के रक्षा मंत्रियों से मुलाकात करेंगे। जहां राजनाथ सिंह रक्षा मंत्रियों के एक सम्मेलन का हिस्सा बने, वहीं वे कई देशों के रक्षा मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी कर रहे हैं। यह वार्ता मलेशिया में ही हो रही है। इसी क्रम में राजनाथ सिंह आसियान-प्लस सदस्य देशों के अपने समकक्ष से भी मुलाकात कर रहे हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को ही कुआलालंपुर, मलेशिया में मलेशिया के रक्षा मंत्री मोहम्मद खालिद नोरदिन के साथ द्विपक्षीय बैठक भी की। राजनाथ सिंह ने अमेरिकी रक्षा मंत्री पीटर हेगसेथ से भी मुलाकात की है। इस मुलाकात के दौरान 10 वर्षीय ‘फ्रेमवर्क फॉर द यूएस-इंडिया मेजर डिफेंस पार्टनरशिप’ पर हस्ताक्षर किए गए। दोनों देशों के बीच हुए इस करार को भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग में एक नया मील का पत्थर माना जा रहा है। इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि अमेरिकी रक्षा मंत्री पीटर हेगसेथ के साथ बैठक बेहद सार्थक रही। हमने 10 वर्षों के ‘फ्रेमवर्क फॉर द यूएस-इंडिया मेजर डिफेंस पार्टनरशिप’ पर हस्ताक्षर किए हैं। यह हमारे पहले से मजबूत रक्षा सहयोग में एक नए युग की शुरुआत करेगा। राजनाथ सिंह का कहना है कि यह फ्रेमवर्क भारत-अमेरिका रक्षा संबंधों के पूरे स्पेक्ट्रम को नीतिगत दिशा प्रदान करेगा। उन्होंने बताया कि यह हमारे बढ़ते रणनीतिक सामंजस्य का प्रतीक है और साझेदारी के नए दशक का शुभारंभ करेगा। उन्होंने यह भी बताया कि रक्षा सहयोग भारत-अमेरिका द्विपक्षीय संबंधों का प्रमुख स्तंभ बना रहेगा। उन्होंने कहा कि हमारी साझेदारी हिंद-प्रशांत क्षेत्र को स्वतंत्र, खुला और नियम-आधारित बनाए रखने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

नियम तोड़ने वाले दुकानदारों पर गिरी गाज, अमृतसर प्रशासन ने दिखाई सख्ती

अमृतसर शहर में सफाई व्यवस्था को बनाए रखने के लिए बड़ा एक्शन लिया जा रहा है। अमृतसर नगर निगम ने कूड़ा प्रबंधन और प्लास्टिक उपयोग नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त अभियान शुरू किया है। नॉवेल्टी चौक पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अचानक निरीक्षण किया और इस दौरान कई दुकानदारों को सिंगल यूज प्लास्टिक बैग इस्तेमाल करते हुए पकड़ा और उनके चालान काटे। जिन दुकानदारों पर कार्रवाई हुई, उनमें नॉवेल्टी स्वीट्स और हीरा पनीर जैसी मशहूर दुकानें भी शामिल हैं। दोनों को सरकारी आदेशों की अवहेलना करने पर कड़ी चेतावनी दी गई। नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी योगेश अरोड़ा ने बताया कि निगम बार-बार दुकानदारों को निर्देश दे रहा है कि वे कचरा सही तरीके से निपटाएं और सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल पूरी तरह बंद करें, क्योंकि यह पंजाब सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत पूर्ण रूप से प्रतिबंधित है। इसके बावजूद कई दुकानदार नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। अधिकारी अरोड़ा ने कहा कि यह अभियान इस संदेश के साथ चलाया गया है कि “शहर में गंदगी फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।” उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोबारा ऐसे उल्लंघन पाए गए तो भारी जुर्माना और यहां तक कि दुकान का लाइसेंस रद्द करने जैसी सख्त कार्रवाई की जाएगी। 

PM मोदी का सम्मान भाषण: आर्य समाज ने भारत को एकता और स्वाभिमान का मार्ग दिखाया

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को दिल्ली में आयोजित 'अंतरराष्ट्रीय आर्य महासम्मेलन- 2025' में भाग लिया। उन्होंने स्वामी दयानंद सरस्वती की 150वीं जयंती पर आर्य समाज के योगदान और उनके विचारों को नमन करते हुए कहा कि आर्य समाज ने पिछले डेढ़ सौ वर्षों से राष्ट्रभक्ति, भारतीय संस्कृति और सामाजिक सुधार के क्षेत्र में अद्भुत कार्य किए हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आज जब आर्य समाज की स्थापना के 150 वर्ष हो रहे हैं, तो समाज और देश स्वामी दयानंद सरस्वती जी के महान विचारों को इस विराट स्वरूप में नमन कर रहा है। उन्होंने कहा कि आर्य समाज अपनी स्थापना से लेकर आज तक एक प्रबल राष्ट्रभक्त संस्था रही है, जिसने सदैव भारतीयता की भावना को जीवित रखा है। आर्य समाज ने विदेशी विचारधाराओं, विभाजनकारी मानसिकता और सांस्कृतिक प्रदूषण के हर दुष्प्रयास को खुलकर चुनौती दी है। उन्होंने स्वामी दयानंद सरस्वती को एक 'युगद्रष्टा महापुरुष' बताते हुए कहा कि स्वामी दयानंद ने समाज में महिलाओं की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण माना। उन्होंने उस सोच को चुनौती दी, जिसने नारी को घर की चौखट तक सीमित कर रखा था। स्वामी दयानंद ने महिलाओं की शिक्षा को प्रोत्साहन देने के लिए आर्य समाज के विद्यालयों में बेटियों के लिए शिक्षा की शुरुआत की। जालंधर में आरंभ हुआ कन्या विद्यालय आगे चलकर कन्या महाविद्यालय बन गया और ऐसे ही संस्थानों में पढ़ी लाखों बेटियां आज राष्ट्र की नींव को मजबूत कर रही हैं। उन्होंने कहा कि आर्य समाज के जिन कार्यों का ऋण देश पर है, उनमें एक महान कार्य देश की गुरुकुल परंपरा को जीवित रखना भी है। एक समय गुरुकुलों की ताकत से ही भारत ज्ञान-विज्ञान के शिखर पर था। गुलामी के दौर में इस व्यवस्था पर जान-बूझकर प्रहार किए गए। इससे हमारे संस्कार नष्ट हुए, नई पीढ़ी कमजोर हुई। आर्य समाज ने आगे आकर ध्वस्त होती गुरुकुल परंपरा को बचाया। प्रधानमंत्री मोदी ने महिलाओं की प्रगति के उदाहरण देते हुए कहा कि आज भारत की बेटियां हर क्षेत्र में देश का नाम रोशन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि अभी दो दिन पहले ही हमारी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी ने राफेल फाइटर प्लेन में उड़ान भरी। इसमें उनकी साथी बनीं, स्क्वाड्रन लीडर शिवांगी सिंह। आज हमारी बेटियां फाइटर जेट उड़ा रही हैं और ड्रोन दीदी बनकर आधुनिक कृषि को भी बढ़ावा दे रही हैं। उन्होंने आगे कहा कि आज भारत सस्टेनेबल डेवलपमेंट के लिए एक अहम ग्लोबल एडवोकेट के तौर पर उभरा है। स्वामी विवेकानंद की वेदों की समझ को अपनाने की अपील की तरह ही, भारत अब इंटरनेशनल लेवल पर वैदिक सिद्धांतों और जीवनशैली को अपनाने की वकालत कर रहा है। इस विजन को आगे बढ़ाने के लिए, देश ने मिशन लाइफ लॉन्च किया है।

देशभर में फैला साइबर ठगी नेटवर्क ध्वस्त, बैंक अफसर भी निकला गिरोह का हिस्सा!

नई दिल्ली अपराध शाखा की साइबर सेल ने एक बड़े साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह देश में फैले नेटवर्क के जरिए नागरिकों से ठगी कर रहा था। इस गिरोह का संचालन दुबई में बैठे एक भारतीय हैंडलर टॉम के इशारे पर किया जा रहा था। साइबर सेल की कार्रवाई में आरबीएल बैंक के एक अधिकारी सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। ये आरोपी फर्जी कंपनियां बनाकर और जाली खातों के जरिए ठगी की रकम को इधर-उधर ट्रांसफर करने का काम कर रहे थे। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मंजीत सिंह (28), मनश्वी (23), मनीष मेहरा (33), सोमबीर (43) और अनुप (35) शामिल हैं।  अपराध शाखा की जांच ई-एफआईआर संख्या 60000097/2025 (4/2025) दिनांक 23 जून के तहत शुरू हुई थी, जिसमें नोएडा और गुरुग्राम से संचालित एक संगठित साइबर गिरोह की संलिप्तता सामने आई। तकनीकी निगरानी और डिजिटल फुटप्रिंट के आधार पर टीम ने 27 अक्टूबर को गुरुग्राम स्थित एक आवासीय परिसर में छापेमारी की। इस दौरान तीन आरोपी मंजीत, मनश्वी और सोमबीर को गिरफ्तार किया गया, जिनके पास से 10 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और कई चेकबुक बरामद की गईं। इसके बाद मिली जानकारी के आधार पर मनीष मेहरा और बैंक अधिकारी अनुप को भी गिरफ्तार किया गया। जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह में हर सदस्य की अलग-अलग भूमिका थी। मंजीत और मनश्वी फर्जी कंपनियां बनाकर कई चालू खाते खोलते थे। सोमबीर अकाउंटेंट की भूमिका में खर्च का लेखा-जोखा रखता और दुबई स्थित हैंडलर को रिपोर्ट भेजता था। मनीष मेहरा ओटीपी एक्सेस प्रदान करता और डेबिट-क्रेडिट लेनदेन को संचालित करता था, जबकि बैंक अधिकारी अनुप फर्जी खातों के खोलने में सहायता करता था और खाते फ्रीज होने या शिकायत दर्ज होने की जानकारी गिरोह को पहले ही लीक कर देता था। प्रत्येक आरोपी को एक फर्जी खाते के बदले 1.5 लाख रुपए कमीशन दिया जाता था। पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों ने तीन फर्जी कंपनियां बनाईं और आठ चालू खाते खोले थे। इन खातों में ठगी की रकम को जमा कर कई अन्य खातों में घुमाया गया और अंततः इसे यूएसडीटी क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर अंतरराष्ट्रीय ट्रांसफर के लिए उपयोग किया गया। आरोपियों के कब्जे से 18 मोबाइल फोन, 36 सिम कार्ड, 3 डेबिट/क्रेडिट कार्ड, कई बैंकों की चेकबुक और एक लैपटॉप बरामद हुआ। बरामद लैपटॉप से यूएसडीटी वॉलेट्स से जुड़े डेटा, 274 पीडीएफ बैंक स्टेटमेंट और टेलीग्राम ग्रुप्स के माध्यम से फंड ट्रांजैक्शन के साक्ष्य मिले। एनसीआरपी से बरामद चेकबुक की जांच में 12 राज्यों से जुड़ी 52 साइबर फ्रॉड शिकायतों का पता चला। इंस्पेक्टर संदीप सिंह के नेतृत्व में और एसीपी अनिल शर्मा के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की गई। टीम में एसआई राकेश मलिक, एएसआई संजय, एएसआई संदीप त्यागी, एचसी कपिल, एचसी अक्षय, एचसी विकास, एचसी भूपेंद्र, एचसी सचिन और एचसी मोहित तोमर शामिल थे। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई साइबर अपराध के संगठित नेटवर्क के खिलाफ एक बड़ी सफलता है। गिरोह के दो मुख्य सदस्य अभी फरार हैं, जो दुबई से ऑपरेट कर रहे हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है और आगे की जांच जारी है।

सुरक्षा के मद्देनज़र सिवनी हवाला कांड के 10 पुलिसकर्मी आरोपियों को केंद्रीय जेल नरसिंहपुर भेजा गया

नरसिंहपुर पड़ोसी जिले सिवनी के बहुचर्चित हवाला-डकैती कांड में आरोपी बनाए गए 10 पुलिसकर्मियों को सुरक्षा कारणों से शुक्रवार को केंद्रीय जेल नरसिंहपुर में स्थानांतरित कर दिया गया है। इन सभी आरोपियों को जेल विभाग के विशेष निर्देश पर एक पुलिस वाहन के माध्यम से सिवनी से नरसिंहपुर लाया गया। सभी आरोपित 13 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इन आरोपियों को नरसिंहपुर जेल में शिफ्ट करने का मुख्य कारण यह बताया जा रहा है कि यदि उन्हें सिवनी की स्थानीय जेल में रखा जाता, तो वहां पहले से बंद इसी मामले से जुड़े अन्य आरोपियों के साथ किसी तरह के विवाद या अप्रिय घटना की आशंका थी।  आरोपियों के आने की सूचना नरसिंहपुर जेल प्रशासन को पहले ही मिल चुकी थी, जिसके चलते जेल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को अत्यधिक कड़ा कर दिया गया था। दोपहर के समय पुलिस वाहन के नरसिंहपुर पहुँचने पर, सभी आरोपियों को औपचारिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद जेल में दाखिल किया गया। 10 पुलिसकर्मी किए गए शिफ्ट केंद्रीय जेल नरसिंहपुर में शिफ्ट किए गए 10 पुलिसकर्मियों में ये शामिल हैं: बंडोल थाना प्रभारी एसआई अर्पित भैरम लखनादौन एसडीओपी कार्यालय के प्रधान आरक्षक राजेश जंघेला, कार्यवाहक प्रधान आरक्षक रविन्द्र सिंह उइके, माखन सिंह इनवाती आरक्षक: जगदीश यादव, योगेन्द्र चौरसिया, रीतेश वर्मा (एसडीओपी के वाहन चालक), नीरज राजपूत एसएएफ आरक्षक: सुभाष सदाफल और केदार सिंह। वहीं, इस मामले की मुख्य आरोपी निलंबित एसडीओपी पूजा पांडेय को नरसिंहपुर न भेजकर रीवा जेल में स्थानांतरित किया गया है। दो करोड़ से अधिक की हवाला राशि लूटने का आरोप गौरतलब है कि घटना 8-9 अक्टूबर की रात की है। सिवनी जिले में यह सनसनीखेज हवाला-डकैती कांड सामने आया था। इस घटना में कुल 11 पुलिसकर्मियों को आरोपी बनाया गया है। इन पर आरोप है कि उन्होंने कटनी और सतना से नागपुर व जालना ले जाए जा रहे 2 करोड़ 96 लाख 50 हजार रुपये की भारी हवाला राशि को लूट लिया था। इस घटना ने पूरे प्रदेश में पुलिस महकमे में सनसनी फैला दी थी।

चुनाव से पहले बड़ा झटका: यूनुस की रणनीति फेल, विरोध की लहर तेज़

ढाका  बांग्लादेश में अगले साल होने वाले चुनाव को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है। बढ़ते राजनीतिक संकट के बीच चुनावी मौसम के आने से पहले नेशनल सिटिजन पार्टी (एनसीपी) ने बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) और कट्टरपंथी इस्लामी पार्टी जमात-ए-इस्लामी दोनों पर जुलाई चार्टर के कार्यान्वयन पर 'अप्रासंगिक बहस' में शामिल होने का आरोप लगाया। स्थानीय मीडिया के अनुसार, एनसीपी ने यह भी आरोप लगाया कि इसने प्रक्रिया को पटरी से उतार दिया और फरवरी 2026 के चुनाव पर अनिश्चितता पैदा कर दी है। बांग्लादेश के एक प्रमुख अखबार ने गुरुवार को ढाका में एक कार्यक्रम के दौरान एनसीपी के मुख्य समन्वयक नसीरुद्दीन पटवारी के हवाले से कहा, "जनमत संग्रह पहले होगा या बाद में, यह जमात-ए-इस्लामी और बीएनपी के बीच एक बेतुका विवाद है। हम (एनसीपी) इस बहस में शामिल नहीं होंगे।" एनसीपी की युवा शाखा 'जातियो जुबोशोक्ति' की एक अन्य संगोष्ठी को संबोधित करते हुए, पटवारी ने कहा, "हमें अभी भी जुलाई चार्टर की सिफारिशों का कोई समाधान नहीं मिला है, हमें प्रस्तावों का कोई समाधान नहीं मिला है, न ही हमें आदेश के संबंध में कोई समाधान मिला है।" उन्होंने जनमत संग्रह का मुद्दा बार-बार उठाने के लिए जमात की भी आलोचना की। एनसीपी नेता ने सवाल किया, "अगर आप जनमत संग्रह का सवाल या चुनाव से पहले तारीख तय करने की बात कर रहे हैं, तो क्या इसका उद्देश्य ज्यादा सीटें हासिल करना है, या कोई और वजह है?" एनसीपी नेता ने जोर देकर कहा कि अगर जनमत संग्रह होता है और उसका नतीजा 'हां' आता है, तो यह बांग्लादेश की जनता की जीत होगी, जमात की नहीं। उन्होंने आगे कहा, "इसलिए, हम जमात-ए-इस्लामी से यह दिखावा बंद करने का आह्वान करते हैं।" उन्होंने राष्ट्रीय संकट के समय जमात और बीएनपी पर मिलकर देश को अनिश्चितता की ओर धकेलने का आरोप लगाया। उन्होंने जोर दिया, "हम जमात से जनमत संग्रह को लेकर जनता में दहशत न फैलाने का आह्वान करते हैं। इसके बजाय, हमें इस बात पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए कि असहमति की प्रक्रिया के संबंध में हम कैसे समाधान निकाल सकते हैं, कैसे आदेश जारी किए जा सकते हैं।" इसके अलावा, एनसीपी नेता ने टिप्पणी की कि बांग्लादेश राष्ट्रीय सहमति आयोग के माध्यम से बीएनपी का असहमति पत्र वास्तव में एक धोखा था। जुलाई चार्टर पर बढ़ते राजनीतिक मतभेद के बीच, बीएनपी ने हाल ही में एनसीसी पर जुलाई चार्टर पर अपनी अंतिम सिफारिशों के जरिए लोगों और राजनीतिक दलों को 'धोखा' देने का आरोप लगाया। इसके साथ ही उन्होंने असहमति पत्रों को शामिल करके इसमें तत्काल सुधार की मांग की। दूसरी ओर, जमात ने मांग की कि जुलाई चार्टर में उल्लिखित संवैधानिक सुधारों पर जनमत संग्रह चुनाव से पहले कराया जाए, भले ही इसके लिए चुनाव स्थगित करना पड़े। जिन पार्टियों ने पहले शेख हसीना के नेतृत्व वाली अवामी लीग की लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए यूनुस के साथ सहयोग किया था, वे अब सुधार प्रस्तावों को लेकर आपस में भिड़ गई हैं।