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छत्तीसगढ़ बन रहा है टेक्नोलॉजी और इनोवेशन का नया पावर सेंटर – मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज नया रायपुर स्थित मेफेयर होटल में आयोजित ‘छत्तीसगढ़ टेक स्टार्ट’ कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ‘टेक स्टार्ट’ का यह आयोजन राज्य में नवाचार और तकनीकी उद्यमिता को नई दिशा देने वाला एक महत्वपूर्ण प्रयास है। इस अवसर पर उन्होंने ‘आइडियाथॉन 2025’ के विजेताओं को सम्मानित किया और छत्तीसगढ़ शासन के साथ पार्टनरशिप एक्सचेंज करने वाली इकाइयों को एग्रीमेंट पत्र सौंपे। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित तकनीकी क्षेत्र के विशेषज्ञों, उद्यमियों एवं प्रबुद्धजनों को रजत जयंती वर्ष की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारे विजनरी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने सदैव बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया है। उनके ‘विकसित भारत’ के संकल्प से प्रेरणा लेते हुए राज्य सरकार ने वर्ष 2047 तक ‘विकसित छत्तीसगढ़’ का लक्ष्य तय किया है, जिसके लिए विजन डॉक्यूमेंट भी तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में आज भारत में लाखों स्टार्टअप कार्यरत हैं, जिनमें से अनेक यूनिकॉर्न बन चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार भी युवाओं की उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के लिए पूर्ण समर्पण के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवा कठिन परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने की अद्भुत क्षमता रखते हैं। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश की बेटी आकांक्षा सत्यवंशी भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फिजियोथैरेपिस्ट हैं, वहीं स्क्वाड्रन लीडर गौरव पटेल नया रायपुर एयरो शो में फाइटर प्लेन उड़ाकर राज्य का गौरव बढ़ा रहे हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस और सिंगल विंडो सिस्टम को सशक्त करते हुए 350 से अधिक सुधार किए हैं, जिससे छत्तीसगढ़ निवेश के लिए देश के सबसे आकर्षक राज्यों में शामिल हो गया है। औद्योगिक विकास के साथ-साथ आईटी और आईटीईएस सेक्टर में भी राज्य तीव्र गति से प्रगति कर रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल ही में आयोजित ‘आइडियाथॉन 2025’ में प्रदेशभर से 1800 से अधिक स्टार्टअप आइडिया प्राप्त हुए, जिनमें दूरस्थ अंचलों के युवाओं की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इन नवाचारों को मंच, मार्गदर्शन और वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि रायपुर को आईटी और तकनीकी सेवाओं का केंद्र बनाने की दिशा में कार्य तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। एआई डेटा सेंटर पार्क और सेमीकंडक्टर प्लांट जैसी परियोजनाएं भी साकार हो रही हैं। श्री साय ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि अब तक राज्य सरकार को साढ़े सात लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। उन्होंने राज्य में तीव्र आर्थिक गतिविधियों और युवाओं के लिए रोजगार सृजन के बढ़ते अवसरों पर भी विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने उद्यमियों से कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार आपके साथ चट्टान की तरह खड़ी है। अपनी मेहनत और प्रतिभा को वैश्विक स्तर पर ले जाने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि आप सभी की सफलता ही छत्तीसगढ़ का गौरव बनेगी। मुख्य सचिव श्री विकास शील ने कहा कि नई औद्योगिक नीति 2024 का उद्देश्य उद्यमिता को बढ़ावा देना और विजन 2047 के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण करना है। उन्होंने बताया कि इस नीति में नवाचार, निवेश, रोजगार और स्टार्टअप के अवसरों को बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। उन्होंने ई-वेस्ट मैनेजमेंट, राइजिंग सेक्टर और स्किल डेवलपमेंट जैसे उभरते क्षेत्रों में कार्य करने की आवश्यकता बताई तथा उद्यमियों से अपने सुझाव साझा करने का आग्रह किया मुख्य सचिव ने कहा कि सरकार युवाओं और उद्यमियों के साथ मिलकर छत्तीसगढ़ को तकनीकी और औद्योगिक विकास का हब बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि उद्यमियों और शासन के मध्य संवाद केवल विशेष अवसरों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि निरंतर होना चाहिए ताकि विचारों का आदान-प्रदान सतत रूप से होता रहे। मुख्यमंत्री ने ‘आइडियाथॉन 2025’ के विजेताओं को किया सम्मानित मुख्यमंत्री श्री साय ने टेक स्टार्ट कार्यक्रम के दौरान हाल ही में आयोजित ‘आइडियाथॉन 2025’ के विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया। उन्होंने युवाओं द्वारा प्रस्तुत नवाचारी सृजन की प्रशंसा करते हुए कहा कि जब युवा नवाचार से जुड़ते हैं, तो यह अत्यंत सुखद होता है और तकनीकी भविष्य को मजबूती प्रदान करता है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने एनआईटी रायपुर, रुंगटा बिजनेस इनक्यूबेटर और आईजीकेवीआर को इनक्यूबेटर के रूप में उत्कृष्ट कार्य हेतु सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने आइडियाथॉन 2025 में दिव्यांगजनों के लिए स्मार्ट बैंड के आइडिया के लिए आदर्श वर्मा को प्रथम पुरस्कार, सड़क किनारे पौधों की सुरक्षा हेतु ‘अटल कवच ट्री गार्ड’ के लिए जागृति और नरेंद्र शर्मा को द्वितीय पुरस्कार तथा स्मार्ट सुरक्षा हेलमेट के आइडिया के लिए अथर्व दुबे को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया। उन्होंने निपुण वर्मा और अनुष्का सोनकर को भी उनके नवाचारी विचारों के लिए सम्मानित किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने एग्रोफेब सस्टेनेबल स्टार्टअप के लिए करण चंद्राकर, वर्टेक्स सुइट के लिए सजल मल्होत्रा और लैरक एआई के लिए अमित पटेल को सम्मानित किया। राज्य सरकार के साथ ‘पार्टनरशिप एक्सचेंज’ हेतु समझौता पत्र सौंपे मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में माइटी स्टार्टअप हब, नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन, वाधवानी फाउंडेशन, नैस्कॉम फाउंडेशन, स्टार्टअप मिडिल ईस्ट, कार्व स्टार्टअप लैब और छत्तीसगढ़ शासन के मध्य पार्टनरशिप एक्सचेंज के लिए समझौता पत्र भी वितरित किए। एआई आधारित नवाचारों का अवलोकन – युवाओं का उत्साहवर्धन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने एआई (Artificial Intelligence) आधारित नवाचार स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने स्टार्टअप टीमों द्वारा विकसित मॉडलों, तकनीकों और अनुप्रयोगों की बारीकी से जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने युवा नवाचारकर्ताओं द्वारा तैयार किए गए समाधान, सॉफ्टवेयर, ऐप्लिकेशन और तकनीकी मॉडलों को देखकर उनकी उद्यमशीलता एवं शोध-क्षमता की सराहना की। निरीक्षण के दौरान उपस्थित युवा उद्यमियों ने अपने प्रोजेक्ट्स की उपयोगिता, बाज़ार संभावनाओं और भविष्य की योजनाओं की जानकारी मुख्यमंत्री को दी। मुख्यमंत्री ने सभी युवाओं को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे निरंतर नई तकनीक के साथ वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अपनी पहचान बनाएँ। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, निवेश आयुक्त श्रीमती ऋतु सैन, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, डीजी एसटीपीआई श्री अरविंद कुमार, उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, संचालक उद्योग श्री प्रभात मलिक, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग की उप सचिव सुश्री रेना … Read more

विशेष आर्टिकल: उत्तर प्रदेश में योगी सरकार द्वारा डेयरी क्षेत्र का क्रांतिकारी विकास

किसानों की आय दोगुनी से ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती तक लखनऊ  उत्तर प्रदेश, जो भारत का सबसे बड़ा दूध उत्पादक राज्य है, ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में डेयरी क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास देखा है। 2017 से पहले दूध उत्पादन 29 मिलियन टन था, लेकिन 2025 तक यह 38.78 मिलियन टन (दैनिक 1,062 लाख लीटर) पहुंच गया – देश के कुल उत्पादन का 16%। योगी सरकार ने UP Dairy Policy 2022, NDDB-PCDF MoU, 9 नए ग्रीनफील्ड डेयरी प्लांट, 4,922 नई सहकारी दूध समितियां, महिला SHG सशक्तिकरण और गौ-आधारित नवाचार जैसे कार्यों से डेयरी को ग्रामीण रोजगार और आय वृद्धि का प्रमुख स्रोत बनाया। बजट 2025-26 में ₹2,000 करोड़ स्ट्रे कैटल प्रबंधन के लिए आवंटित, Amul-Parag सहयोग और गोबर-गौमूत्र से पेंट जैसे उत्पादों ने डेयरी को पर्यावरण-अनुकूल अर्थव्यवस्था का हिस्सा बनाया। ये प्रयास PM मोदी के 'डेयरी फॉर न्यूट्रिशन एंड लाइवलीहुड' विजन को साकार कर रहे हैं, जहां 1 करोड़+ ग्रामीण नौकरियां (विजन 2047) का लक्ष्य है। योगी सरकार के प्रमुख विकास कार्य: डेयरी क्षेत्र में क्रांति योगी सरकार ने डेयरी को तकनीकी, वित्तीय और संस्थागत मजबूती प्रदान की: 1.    UP Dairy Policy 2022:  o    नए डेयरी यूनिट्स के लिए 10% कैपिटल ग्रांट, मशीनरी पर 25% सब्सिडी। o    दूध प्रसंस्करण क्षमता में 25% वृद्धि। o    बुलंदशहर को 'नॉर्थ इंडिया का डेयरी कैपिटल' घोषित। 2.    NDDB-PCDF MoU (जून 2025):  o    कानपुर प्लांट (₹160 करोड़, 4 लाख लीटर/दिन क्षमता) का उद्घाटन। o    गोरखपुर और कन्नौज प्लांट्स का संचालन – पारदर्शी डिजिटल भुगतान, उच्च गुणवत्ता फीड। o    9 ग्रीनफील्ड प्लांट्स कुल मिलाकर। 3.    सहकारी समितियों का विस्तार:  o    4,922 नई दूध समितियां स्थापित, कुल 8,600+। o    21,000+ समितियों का कौशल प्रशिक्षण। o    1.6 लाख पशुओं का बीमा (2024-25)। 4.    महिला सशक्तिकरण और SHG:  o    41,000+ महिलाएं SHG के माध्यम जुड़ीं। o    बालिनी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी (झांसी) मॉडल – 1.35 लाख लीटर/दिन। o    डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर से बिचौलियों का अंत। 5.    गौ-आधारित नवाचार और स्ट्रे कैटल प्रबंधन:  o    गोबर से पेंट – सरकारी भवनों पर उपयोग। o    बजट 2025-26 में ₹2,000 करोड़ स्ट्रे कैटल के लिए। o    Amul-Parag सहयोग से निर्यात केंद्र। 6.    आंकड़ों में विकास:  पैरामीटर    2017 से पहले    2025 तक    वृद्धि दूध उत्पादन (मिलियन टन)    29.05    38.78    33%+ सहकारी समितियां    ~4,000    8,600+    2 गुना+ डेयरी प्लांट्स    110    119+    10%+ मार्केट साइज (₹ अरब)    स्थिर    1,837 (2024)    14% CAGR   प्रेरक उदाहरण: डेयरी से जीवन परिवर्तन 1.    बालिनी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी (झांसी, बुंदेलखंड):  o    2019 से पहले: 795 गांवों में महिलाएं बिचौलियों से पीड़ित। o    सरकारी सहायता: राष्ट्रीय आजीविका मिशन + UP ग्रामीण आजीविका मिशन, CM योगी द्वारा उद्घाटन। o    अब: 41,000+ महिलाएं, 1.35 लाख लीटर दूध/दिन, ₹150 करोड़ टर्नओवर, ₹13 करोड़ शुद्ध लाभ। o    प्रभाव: "योगी जी ने हमें घर से बाजार तक पहुंचाया। अब हम स्वतंत्र हैं।" 2.    बनास डेयरी लाभार्थी (वाराणसी-पूरवांचल):  o    पहले: 1 लाख किसान निम्न मूल्य पर दूध बेचते। o    सहायता: गिर गाय वितरण, ₹105 करोड़ बोनस (2025, PM मोदी द्वारा हस्तांतरण)। o    अब: आय दोगुनी, पलायन रुका, स्वास्थ्य-शिक्षा में सुधार। 3.    कानपुर डेयरी किसान (रामू यादव):  o    पहले: 5 भैंसें, ₹5,000 मासिक आय। o    सहायता: NDDB MoU से तत्काल भुगतान, प्रशिक्षण। o    अब: 20 पशु, ₹50,000 मासिक, गोबर पेंट से अतिरिक्त कमाई।   योगी आदित्यनाथ के प्रेरक भाषण: डेयरी पर दृष्टि CM योगी ने डेयरी को 'ग्रामीण आत्मनिर्भरता का आधार' बताया: •    NDDB MoU उद्घाटन (25 जून 2025, कानपुर):  "डेयरी क्षेत्र से किसानों की आय दोगुनी हो रही है। NDDB जैसे संस्थानों से पारदर्शिता और लाभ सुनिश्चित। महिलाओं के लिए यह सशक्तिकरण का माध्यम है। UP का दूध अब वैश्विक बाजार में छाएगा।" •    विश्व डेयरी समिट 2022 (ग्रेटर नोएडा):  "उत्तर प्रदेश 319 लाख मीट्रिक टन दूध उत्पादक है – 16% राष्ट्रीय योगदान। 9 नए प्लांट्स से किसानों को नई ऊंचाई मिलेगी। डेयरी पोषण और रोजगार का स्रोत है।" •    बजट समीक्षा सत्र 2025:  "गौ-रक्षा सांस्कृतिक नहीं, आर्थिक क्रांति है। ₹2,000 करोड़ से स्ट्रे कैटल को संसाधन बनाएंगे। ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।" •    बालिनी कंपनी उद्घाटन (2019):  "महिला SHG से ₹150 करोड़ टर्नओवर – UP का मॉडल, देश के लिए प्रेरणा। डेयरी महिलाओं की स्वतंत्रता का प्रतीक है।" •    X पर योगी जी:  #DairyRevolutionUP – "एक लीटर दूध, एक परिवार की खुशहाली!"   निष्कर्ष: डेयरी – UP का समृद्धि सूत्र योगी सरकार ने UP Dairy Policy 2022, NDDB सहयोग, महिला SHG और नवाचार से डेयरी क्षेत्र को उपेक्षा से उत्थान तक पहुंचाया। 38.78 मिलियन टन उत्पादन से ग्रामीण जीवन बदला, पलायन रुका और आय दोगुनी हुई। PM मोदी के विकसित भारत-2047 में UP डेयरी हब बनेगा! जय किसान! जय उत्तर प्रदेश! (स्रोत: UP सरकार डेयरी विभाग, NDDB रिपोर्ट्स, बजट 2025-26, योगी जी के भाषण एवं आधिकारिक डेटा)

जगदलपुर: माओवाद छोड़ नई शुरुआत, वर्दी की जगह होटल की यूनिफॉर्म पहन नई जिंदगी

30 आत्मसमर्पित माओवादी सदस्यों को दिया जा रहा अतिथि सत्कार का प्रशिक्षण  जगदलपुर छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के माओवादियों ने जब आत्मसमर्पण किया, तब मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की संवेदनशील सरकार ने भी इन आत्मसमर्पित माओवादियों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए सकारात्मक कदम उठाए। जगदलपुर के निकट आड़ावाल में लाइवलीहुड कॉलेज में इन 30 आत्मसमर्पित माओवादियों को पुनर्वास कार्ययोजना के अंतर्गत मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत गेस्ट सर्विस एसोसिएट का व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह पहल न केवल इन पूर्व माओवादी सदस्यों को आत्मनिर्भर बना रही है, बल्कि बस्तर के पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का प्रयास भी कर रही है। प्रशिक्षण का सफर-बंदूक से ग्राहक सेवा तक ये 30 आत्म समर्पित माओवादी जो कभी घने जंगलों में हिंसा के रास्ते पर थे, आज लाइवलीहुड कॉलेज के कैंपस में ग्राहक संवाद, होटल मैनेजमेंट और सॉफ्ट स्किल्स सीख रहे हैं। करीब 3 महीने के इस कोर्स में उन्हें होटल इंडस्ट्री की बारीकियां सिखाई जा रही हैं, ताकि वे बस्तर के होमस्टे, रिसॉर्ट्स और टूरिस्ट स्पॉट्स में आत्मविश्वास से काम कर सकें। एक पूर्व माओवादी रामू (परिवर्तित नाम) ने भावुक होकर कहा कि बस्तर के जंगल में हिंसा की जिंदगी ने सिर्फ दर्द दिया, अब लाइवलीहुड कॉलेज में सीखकर लगता है, असली आजादी यहीं है। अब स्वयं मेहनत कर घर-परिवार को खुशहाल बनाएंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की दूरदृष्टि मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अमल से अब तक हजारों युवा सशक्त हो चुके हैं। बीजापुर जैसे संवेदनशील इलाकों में यह पुनर्वास का सुनहरा मॉडल साबित हो रहा है। नक्सल मुक्त बस्तर की दिशा में यह कदम मील का पत्थर है, जहां हिंसा की जगह विकास और रोजगार की कहानी लिखी जा रही है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बिलासपुर के पास हुई ट्रेन दुर्घटना पर गहरा दु:ख व्यक्त किया

मुख्यमंत्री ने बिलासपुर कलेक्टर से बात कर दुर्घटना की ली जानकारी: प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहयोग प्रदान करने दिए निर्देश रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बिलासपुर जिले के पास हुई ट्रेन दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने इसे अत्यंत दुखद घटना बताया और कहा कि इस दुर्घटना में प्रभावित परिवारों के प्रति राज्य सरकार पूरी संवेदना के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने दूरभाष पर बिलासपुर जिला कलेक्टर से बात कर घटना की विस्तृत जानकारी लेते हुए प्रभावितों की  सहायता के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित की जाए तथा प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाए।  मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जानकारी दी कि  रेलवे प्रशासन और जिला प्रशासन की टीमें तत्काल मौके पर पहुंच गई हैं और राहत-बचाव कार्यों में जुटी हैं। घायलों के उपचार के लिए सभी आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं और संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पूरी तत्परता और संवेदनशीलता के साथ स्थिति पर नजर रखे हुए है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले यात्रियों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है और उनके परिजनों को इस दुखद समय में धैर्य प्रदान करने के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।

उच्च गुणवत्ता वाली मोबाइल व इंटरनेट कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के मुख्य सचिव ने दिए निर्देश

जयपुर मुख्य सचिव श्री सुधांश पंत की अध्यक्षता में राष्ट्रीय ब्रॉडबैंड अभियान की राज्य स्तरीय ब्रॉडबैंड समिति की 15वीं बैठक मंगलवार को सचिवालय में हुई। मुख्य सचिव ने बैठक में राज्य स्तर पर टेलीकम्युनिकेशन परियोजनाओं में समयबद्धता और दक्षता सुनिश्चित करने के लिए टेलीकम्युनिकेशंस राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) नियम, कॉल बिफोर यू डिग (सीबीयूडी) मोबाइल ऐप, पीएम गतिशक्ति एनएमपी पोर्टल, बीएसएनएल 4जी सेचुरेशन प्रोजेक्ट सहित अन्य संबंधित विषयों की प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को  विभागीय स्तर पर भूमि आवंटन एवं वन विभाग की मंजूरी के लंबित प्रकरणों सहित अन्य आवश्यक कार्य आपसी समन्वय से पूर्ण करना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जिससे राज्य के दूरदराज क्षेत्रों में उच्च गुणवत्ता वाली मोबाइल सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित हो और ग्रामीण इलाकों में भी तेज और विश्वसनीय इंटरनेट सेवा उपलब्ध हो सके। मुख्य सचिव ने कहा कि ʻकॉल बिफोर यू डिगʼ मोबाइल ऐप खुदाई कार्यों के दौरान भूमिगत अवसंरचना को क्षति से बचाने के साथ-साथ संचार सेवाओं में व्यवधान को रोकने में सहायक है। इससे प्रदेश में स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर प्रबंधन को बढ़ावा मिलेगा।  ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने के दौरान हुए गड्ढे सही से भरें, आमजन को असुविधा न हो मुख्य सचिव ने कहा कि ऑप्टिकल फाइबर केबल (ओएफसी) बिछाने के दौरान जिन स्थानों पर गड्ढे खोदे गए हैं, उन्हें कार्य पूर्ण होने के बाद सही तरीके से भरना सुनिश्चित किया जाए ताकि आमजन को किसी भी प्रकार की असुविधा या दुर्घटना का सामना न करना पड़े। संबंधित अधिकारी कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें और सड़कों तथा मार्गों को पूर्ववत स्थिति में बहाल करें। आमजन से संबंधित सुविधा पोर्टल- राजस्थान में मोबाइल रिकवरी प्रतिशत राष्ट्रीय औसत से अधिक  बैठक में संचार साथी पोर्टल (http://www.sancharsaathi.gov.in) की समीक्षा के दौरान बताया गया कि यह पोर्टल आमजन के लिए बहुत सुविधाजनक है। राज्य में गुम या चोरी हुए कुल मोबाइल हैंडसेट्स में से लगभग 69% मोबाइल फोन सफलतापूर्वक ट्रेस किए जा चुके हैं। साथ ही, सीईआईआर (सेंट्रल इक्विपमेंट आईडेंटी रजिस्टर) सेवा के माध्यम से देशभर में मोबाइल रिकवरी का औसत प्रतिशत 26.50% है जबकि राजस्थान में यह प्रतिशत 43.45% है।  उल्लेखनीय है कि संचार साथी पोर्टल नागरिकों को अनेक डिजिटल सुविधाएँ प्रदान करता है जिसमें टेफकॉप सेवा के माध्यम से उपयोगकर्ता उनके नाम पर कुल जारी मोबाइल कनेक्शन की जानकारी तथा बिना अनुमति अतिरिक्त सिम कार्ड जारी होने की स्थिति में रिपोर्ट कर आसानी से उसे बंद करवा सकते हैं। इसके साथ ही, नो योअर मोबाइल (केवाईएम) सुविधा, फर्जी मोबाइल और सिम कार्ड की रोकथाम, जन-जागरूकता और शिकायत निवारण आदि महत्वपूर्ण सेवाएँ भी उपलब्ध हैं।  बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव, सार्वजनिक निर्माण विभाग श्री प्रवीण गुप्ता, प्रमुख शासन सचिव, ऊर्जा विभाग, श्री अजिताभ शर्मा, प्रमुख शासन सचिव, उद्योग श्री आलोक गुप्ता प्रमुख शासन सचिव, राजस्व श्री दिनेश कुमार, प्रमुख शासन सचिव, नगरीय विकास, डॉ. देबाशीष पृष्टी, शासन सचिव, डीओआईटीडॉ. रवि कुमार सुरपुर, डीडीजी (रूरल), दूरसंचार विभाग, केन्द्र सरकार श्री आनंद कटोच सहित संबंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।   

जिले में दवा दुकानों पर गाज! औषधि विभाग ने 20 मेडिकल स्टोर किए बंद, 30 को नोटिस थमाया

सिरसा हरियाणा औषधि विभाग ने सोमवार को सिरसा जिले में अवैध दवाइयों की बिक्री पर बड़ी कार्रवाई की। विभाग की 7 टीमों ने एक साथ 50 मेडिकल स्टोरों पर छापेमारी की, जिसमें रिकॉर्ड की जांच के दौरान कई गड़बड़ियां सामने आईं। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर 20 मेडिकल स्टोरों को तत्काल सील कर दिया गया, जबकि 30 संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। इस अभियान का नेतृत्व पंचकूला से आए अधिकारी सुनील दहिया ने किया। टीमों ने सिरसा सहित इसमाइली, कालांगाली, ओवां, रोड़ी और बड़ागुड़ा क्षेत्रों में जांच की। बताया जा रहा है कि हाल के दिनों में नशे के मामलों में वृद्धि को देखते हुए यह सख्त कदम उठाया गया है। प्रशासन का कहना है कि जिले में दवाइयों के दुरुपयोग और नशे की आपूर्ति पर अब कड़ी निगरानी रखी जाएगी। 

आत्मनिर्भर भारत की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

छत्तीसगढ़ से कोस्टा रिका को 12 मीट्रिक टन फोर्टिफाइड राइस कर्नेल का निर्यात रायपुर छत्तीसगढ़ के लिए यह अत्यंत गौरवपूर्ण क्षण है कि प्रदेश से 12 मीट्रिक टन फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (Fortified Rice Kernel – FRK) का निर्यात कोस्टा रिका को किया गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस उपलब्धि पर कहा कि  छत्तीसगढ़ की पहचान न सिर्फ वैश्विक मंच पर सुदृढ़ हो रही है, बल्कि पोषण, गुणवत्ता और समृद्धि के क्षेत्र में राज्य की साख को नई ऊँचाई भी प्राप्त हो रही  है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह उपलब्धि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में कुपोषण के खिलाफ छेड़ी गई उस मुहिम का विस्तार है, जो अब वैश्विक स्तर पर प्रभाव दिखा रही है।  मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह हमारे किसानों, मिल संचालकों और निर्यातकों के लिए वैश्विक बाजार में नए अवसर और मूल्यवर्धित कृषि निर्यात को बढ़ावा देने वाला सराहनीय कदम है। साथ ही यह आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (FRK) में आयरन, फोलिक एसिड और विटामिन-बी12 जैसे आवश्यक पोषक तत्वों का समावेश किया जाता है। यह प्रयास न केवल खाद्य सुरक्षा को सुदृढ़ करता है, बल्कि समाज के पोषण स्तर को भी बेहतर बनाता है। अब छत्तीसगढ़ के उत्पाद वैश्विक बाजार में ‘पोषण के प्रतीक’ के रूप में उभर रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि को “आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़” की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि यह निर्यात छत्तीसगढ़ के किसानों, मिल संचालकों और उद्योगों की मेहनत, गुणवत्ता और समर्पण का परिणाम है। आज हमारा छत्तीसगढ़ केवल भारत का अन्नदाता नहीं, बल्कि पोषण, नवाचार और गुणवत्ता का वैश्विक ब्रांड बन रहा है। यह गर्व का क्षण है, जो हमारे प्रदेश को वैश्विक व्यापार और पोषण मिशन – दोनों में अग्रणी बनाता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह सफलता न केवल आर्थिक समृद्धि की दिशा में राज्य को आगे बढ़ाएगी, बल्कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के ‘कुपोषण मुक्त भारत’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विज़न को नई ऊर्जा प्रदान करेगी। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट करके जानकारी दी है कि छत्तीसगढ़ से 12 मीट्रिक टन फोर्टिफाइड राइस कर्नेल की पहली खेप कोस्टा रिका के लिए निर्यात की गई है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के कुपोषण के खिलाफ अभियान को आगे बढ़ाते हुए यह वैश्विक स्तर पर किया गया प्रयास न केवल हमारे विदेशी व्यापार को सशक्त करता है, बल्कि हमारे पोषण मिशन को भी नई ऊर्जा प्रदान करता है।यह पहल हमारे किसानों, मिल संचालकों और निर्यातकों को नए बाजार, बेहतर मूल्य प्राप्ति और मूल्यवर्धित कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के अवसर प्रदान करती है।

कच्चापाल की महिलाओं ने रच दी आत्मनिर्भरता की मिसाल, जैविक बासमती से बदली तकदीर

रायपुर : अबूझमाड़ के जंगलों से निकला सुशासन का उजाला कच्चापाल की महिलाओं ने रच दी आत्मनिर्भरता की मिसाल, जैविक बासमती से बदली तकदीर रायपुर कभी नक्सल हिंसा और भय के साये में जीवन जीने वाले नारायणपुर जिले के ओरछा विकासखण्ड के अबूझमाड़ क्षेत्र के ग्राम कच्चापाल में अब सुशासन और आत्मनिर्भरता की किरणें पहुँच चुकी हैं। यह वही इलाका है जहाँ कभी बम धमाकों की गूँज और बंदूकों की आवाज़ें विकास के रास्ते में सबसे बड़ी बाधा थीं। सड़क, बिजली, पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित यह गांव अब नियद नेल्ला नार योजना के तहत विकास की मुख्यधारा से जुड़ चुका है। राज्योत्सव के भव्य मंच पर इस परिवर्तन की गूंज सुनाई दी जब कच्चापाल के आश्रित ग्राम ईरकभट्टी की दो महिलाएँ – मांगती गोटा और रेनी पोटाई – अपने हाथों से उगाई गई जैविक बासमती चावल लेकर राजधानी पहुँचीं। ये महिलाएँ राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के लालकुंवर स्व-सहायता समूह से जुड़ी हैं। कभी शहर का नाम तक न जानने वाली ये महिलाएँ आज अपने गाँव की पहचान बन चुकी हैं। एरिया कोऑर्डिनेटर मती सोधरा धुर्वे बताती हैं कि पहले इस क्षेत्र में लाल आतंक के कारण कोई सरकारी योजना पहुँच ही नहीं पाती थी। ग्रामीणों के पास बाजार की जानकारी नहीं थी, और बिचौलिए उनके उत्पादों को औने-पौने दामों पर खरीदकर मुनाफा कमा लेते थे। लेकिन सशस्त्र बलों के कैम्प लगने और शासन की सक्रिय पहल से जब ‘नियद नेल्ला नार’ योजना के तहत बिहान समूहों का गठन हुआ, तो हालात बदलने लगे। महिलाओं में बचत की आदत और आत्मनिर्भरता का भाव बढ़ा। मांगती गोटा बताती हैं, “हम हमेशा से बिना रासायनिक खाद के जैविक तरीके से बासमती चावल उगाते रहे हैं। पहले बिचौलिए हमसे 15–20 रुपये किलो में चावल ले जाते थे। लेकिन बिहान योजना से जुड़ने और प्रशिक्षण मिलने के बाद हमें असली कीमत का पता चला। आज राज्योत्सव में हमारे चावल की कीमत 120 रुपये किलो मिल रही है। लोग इसे शुद्ध और जैविक जानकर बहुत उत्साह से खरीद रहे हैं।” रेनी पोटाई बताती हैं कि उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा भी हमारे गाँव आये थे तो हमारी समूह की महिलाओं को प्रोत्साहित किया था। “इस बार हमने सिर्फ चावल नहीं, बल्कि बाँस की टोकनी और झाड़ू भी तैयार किए हैं। हमारे समूह ने इस साल 40 क्विंटल जैविक बासमती चावल का उत्पादन किया है,” उन्होंने मुस्कराते हुए बताया। आज कच्चापाल और उसके आसपास के ग्रामों में महिलाओं की मेहनत और शासन की योजनाओं का फल साफ दिखाई दे रहा है। नक्सल प्रभावित इलाका अब आत्मनिर्भरता, रोजगार और शांति का प्रतीक बन चुका है। कभी अंधेरे में डूबे इन ग्रामों में अब सुशासन का सवेरा सचमुच उतर आया है — और यह कहानी है उस परिवर्तन की, जो भय से विश्वास और गरीबी से समृद्धि तक का सफर तय कर रही है।कच्चापाल की महिलाओं के साहस, स्वावलंबन और नवछत्तीसगढ़ की नई सुबह की यह सच्ची कहानी अन्य महिलाओं को आगे बढ़ने और आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दे रही है।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर औषधि प्रशासन की ताबड़तोड़ छापेमारी में लाखों की अवैध दवाएं जब्त, अब तक 16 एफआईआर, 6 गिरफ्तार

प्रदेशभर में अब तक 25 मेडिकल स्टोर्स पर कोडीनयुक्त सिरप एवं नॉरकोटिक औषधियों की बिक्री पर रोक लगाई गई लखनऊ, कानपुर, रायबरेली, सीतापुर, मुजफ्फरनगर, प्रयागराज, वाराणसी और कौशांबी समेत कई जिलों में रिकॉर्ड प्रस्तुत न करने पर विक्रय प्रतिबंधित नेपाल सीमा सहित हरियाणा, दिल्ली, पंजाब से सटे जिलों में संदिग्ध मेडिकल स्टोर्स की सघन जांच जारी खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन का अभियान प्रदेशभर में जारी, उत्तर प्रदेश को पूरी तरह नशामुक्त बनाने का लिया संकल्प लखनऊ  नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ योगी सरकार ने बड़ी मुहिम छेड़ दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश, ने राज्य में कोडीनयुक्त कफ सिरप और नॉरकोटिक्स श्रेणी की औषधियों के अवैध भंडारण, क्रय-विक्रय और वितरण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए व्यापक कार्रवाई शुरू कर दी है। इस विशेष अभियान में अब तक प्रदेशभर में लाखों की अवैध नॉरकोटिक और कोडीनयुक्त औषधियां जब्त की गई हैं, 16 एफआईआर दर्ज की गई हैं और 6 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। संदिग्ध मेडिकल स्टोर की सघन जांच जारी आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, डॉ रोशन जैकब ने बताया की मुख्यमंत्री जी के निर्देशानुसार पूरे।प्रदेश में अब तक 115 प्रतिष्ठानों पर निरीक्षण/छापेमारी की गई, लाखों की औषधियां सीज की गईं, 115 नमूने जांच हेतु भेजे गए, 16 एफआईआर दर्ज कर 6 गिरफ्तारियां की गई हैं। जांच में संदिग्ध पाए गए अभिलेखों की अग्रिम विवेचना तक 25 मेडिकल स्टोर्स पर कोडीनयुक्त सिरप एवं नॉरकोटिक औषधियों की बिक्री पर रोक लगाई गई है। प्रदेश भर में कोडीन युक्त / नॉरकोटिक्स/साईकोट्रॉपिक श्रेणी औषधियों की अवैध आवाजाही की जांच हेतु संदिग्ध मेडिकल स्टोर की सघन जांच, विशेष अभियान के रूप में जारी है। उन्होंने बताया कि अवैध रूप से नकली एवं नशे के रूप में दुरूपयोग होने वाली औषधि के भंडारण, क्रय-विक्रय अथवा आवाजाही से संबंधित सूचना विभाग द्वारा जारी व्हाट्सप्प नंबर 8756128434 पर दी जा सकती है।  NDPS एक्ट के तहत अवैध नॉरकोटिक दवाओं पर बड़ी कार्रवाई अवैध नॉरकोटिक औषधियों की बिक्री और भंडारण के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने कई जिलों में छापेमारी की है और एनडीपीएस एक्ट में सख्त कार्रवाई की। लखनऊ में 11 अक्टूबर को एक अवैध गोदाम से ₹3 लाख की Phensypik T Syrup जब्त की गई और दीपक मानवानी को गिरफ्तार किया गया। बहराइच में 13 अक्टूबर को Royal Pharma और Mamta Medical Agency से ₹30 हजार की अवैध दवाएं जब्त कर दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। लखीमपुर खीरी में 14 अक्टूबर को Piyush Medical Agency के मालिक के घर से ₹68 लाख की Tramadol Capsules बरामद कर सरोज कुमार मिश्रा को गिरफ्तार किया गया। वहीं, 4 नवंबर को लखीमपुर खीरी में ही New Roy Medical Agency से ₹2 लाख की कोडीन युक्त 1200 बोतलें पकड़ी गईं और एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया। साथ ही, लखनऊ में इन दवाओं की मार्केटिंग करने वाली कंपनियों ARPIK और IDHIKA Lifesciences Pvt. Ltd. के डिपो पर भी छापे मारकर रिकॉर्ड जब्त किए गए हैं। पूरे प्रदेश में जांच जारी है। BNS के तहत अवैध बिलिंग पर कार्रवाई औषधि प्रशासन विभाग ने कोडीनयुक्त Phensypik T Syrup और अन्य NRx श्रेणी की दवाओं की अवैध बिलिंग और भंडारण में गड़बड़ियों पर सख्त कार्रवाई की है। जांच में M/s IDHIKA Lifesciences Pvt. Ltd. के विक्रय बिलों में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं, जिसके आधार पर कई जनपदों में एफआईआर दर्ज की गई है। सीतापुर में Naimish Medical Store के संचालक शिवम कुमार पर BNS की धारा 318(1), 335 के तहत केस दर्ज किया गया। रायबरेली में Ajay Pharma के मालिक पर धारा 318(2), 336(3), 340(2) के तहत कार्रवाई हुई। लखनऊ के Shri Shyam Pharma और सुल्तानपुर के Vinod Pharma पर भी अवैध खरीद-बिक्री के मामले में मुकदमे दर्ज किए गए। उन्नाव में Ambika Healthcare पर एक लाख से ज्यादा कोडीनयुक्त सिरप के बिल न दिखाने पर केस दर्ज हुआ, जबकि कानपुर नगर में Maa Durga Pharma पर 40,000 से ज्यादा सिरप के बिल न प्रस्तुत करने पर मुकदमा हुआ। बांदा जिले में DMC Company पर और कानपुर नगर में Sisodiya Medicine House, A.S. Healthcare, R.S. Healthcare व Balaji Medical Store पर भी एफआईआर दर्ज की गई। इसके अलावा जालौन में Ultra Fine Chemical पर भी इसी तरह की कार्रवाई की गई है। 25 मेडिकल स्टोर्स पर कोडीन और नशीली दवाओं की बिक्री पर रोक औषधि एवं प्रसाधन अधिनियम, 1940 की धारा 22(1)(d) के तहत सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच में पाया गया कि कई मेडिकल स्टोर्स ने कोडीन युक्त सिरप और नशीली (NRx) दवाओं की खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड नहीं दिखाए। इस आधार पर लखनऊ, कानपुर नगर, रायबरेली, सीतापुर, मुजफ्फरनगर, प्रयागराज, वाराणसी और कौशांबी जिलों के 25 मेडिकल स्टोर्स पर इन दवाओं की बिक्री पर अगले आदेश तक रोक लगा दी गई है। इसके अलावा, नेपाल सीमा और हरियाणा, दिल्ली, पंजाब से जुड़े जिलों में नशीली दवाओं की अवैध आवाजाही पर रोक लगाने के लिए संदिग्ध मेडिकल स्टोर्स की सघन जांच विशेष अभियान के रूप में जारी है।

SC आयोग की सख्ती! कांग्रेस नेता राजा वड़िंग को नोटिस जारी, मांगा जवाब

पंजाब  पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के खिलाफ दायर शिकायत पर संज्ञान लिया है। यह शिकायत पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. सरदार बूटा सिंह के संबंध में की गई कथित टिप्पणी को लेकर दर्ज की गई थी। आयोग द्वारा 4 नवंबर 2025 को जारी नोटिस में बताया गया है कि शिकायतकर्ता जसविंदर सिंह द्वारा लगाए गए आरोपों की प्रारंभिक जांच पूरी कर ली गई है। इसके साथ ही आयोग ने मामले से जुड़े एसडीएम स्तर के अधिकारियों की रिपोर्ट को भी गंभीरता से लिया है। आयोग के अध्यक्ष जसवीर सिंह गिल ने कहा कि प्राथमिक जांच में यह पाया गया है कि सांसद वड़िंग द्वारा की गई टिप्पणी अनुसूचित जाति समुदाय के प्रति असंवेदनशील प्रतीत होती है। इस पर आयोग ने वड़िंग को नोटिस जारी करते हुए 6 नवंबर 2025 को सुबह 10 बजे तक अपना लिखित जवाब देने का निर्देश दिया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय में जवाब नहीं दिया गया तो आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी।