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जनसुराज बनाम महागठबंधन: प्रशांत किशोर की पार्टी को मिलेगी कितनी सीटें, देखें सर्वे रिपोर्ट

पटना बिहार में विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार अभियान चरम पर पहुंच चुका है। एनडीए और महागठबंधन की ओर से अपनी-अपनी जीत के दावे किए जा रहे हैं। इस बीच आए एक और सर्वे में बिहार में एक बार फिर नीतीश सरकार का अनुमान जाहिर किया गया है। आईएएनएस और मैटराइज की ओर से किए गए ओपिनियन पोल में एनडीए को 153 से 164 सीटें मिलने का अनुमान जाहिर किया गया है। वहीं, सर्वे ने प्रशांत किशोर की जनसुराज के प्रदर्शन को भी भांपने की कोशिश की है। ओपिनियन पोल के मुताबिक जनसुराज इस चुनाव में खाता तो खोल सकती है, लेकिन सीटों की संख्या प्रशांत किशोर के दावों से काफी कम रह सकती हैं। सर्वे में जनसुराज को एक से 3 सीटें ही मिलने का अनुमान जाहिर किया गया है। पार्टी को 4 फीसदी वोट मिलने का अनुमान जाहिर किया गया है। प्रशांत किशोर की पार्टी बिहार की 243 में से 238 सीटों पर लड़ रही है। पार्टी उम्मीदवारों के लिए प्रचार में व्यस्तता की वजह से खुद प्रशांत किशोर किसी सीट से नहीं लड़ रहे हैं। ओवैसी की एआईएमआईएम का क्या हाल महागठबंधन में शामिल होने में विफल रही असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम को महज एक फीसदी वोट शेयर मिलने का अनुमान जाहिर किया गया है। ओवैसी की पार्टी के खाते में एक से दो सीटें जा सकती हैं। अन्य को 8 फीसदी वोट शेयर और 0-4 सीटें मिलने की भविष्यवाणी की गई है। एनडीए को 153-164 सीटें मिलने का अनुमान भारतीय जनता पार्टी- 83-87 सीटें जनता दल यूनाइटेड- 61-65 सीटें हिन्दुस्तान आवाम मोर्चा- 4-5 सीटें लोक जनशक्ति पार्टी- 4-5 सीटें राष्ट्रीय लोक मोर्चा- 1-2 सीटें महागठबंधन के लिए क्या अनुमान राष्ट्रीय जनता दल- 62-66 सीटें कांग्रेस- 7-9 सीटें सीपीआई (ML)- 6-8 सीटें सीपीआई- 0-1 सीट सीपीआई- (एम)- 0-1 सीट विकासशील इंसान पार्टी- 1-2 सीटें

हरमनप्रीत कौर का बड़ा संदेश: सपने देखना कभी मत छोड़ो, किस्मत कब पलट जाए कोई नहीं जानता

नई दिल्ली बचपन में अपने पिता का बड़ा बल्ला थामकर क्रिकेट का ककहरा सीखने वाली हरमनप्रीत कौर ने सपने देखना कभी नहीं छोड़ा और भारत को पहला महिला विश्व कप खिताब दिलाने के बाद वह खुद को आभारी मानती हैं। नवी मुंबई में रविवार को खेले गए महिला वनडे विश्व कप के फाइनल में भारत को 52 रन से जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाली भारतीय कप्तान हरमनप्रीत ने युवाओं को सलाह दी, ‘‘सपने देखना कभी बंद मत करो। आप कभी नहीं जानते कि आपका भाग्य आपको कहां ले जाएगा।’’ हरमनप्रीत ने भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) द्वारा जारी किए गए वीडियो में कहा, ‘‘जब से मैंने बचपन में अपनी पसंद-नापसंद का अंदाज़ा लगाना शुरू किया है, तब से मेरे हाथ में हमेशा बल्ला रहता है। मुझे आज भी याद है कि हम अपने पिताजी के किट बैग से एक बल्ला लेकर खेला करते थे। वह बल्ला बहुत बड़ा था।’’ उन्होंने कहा, ‘‘एक दिन मेरे पिताजी ने मेरे लिए अपना एक पुराना बल्ला काटकर छोटा कर दिया। हम उससे खेला करते थे। जब भी हम टीवी पर मैच देखते थे, भारत को खेलते हुए देखते थे या विश्व कप देखते थे, तो मैं सोचती थी कि मुझे भी ऐसे ही मौके की ज़रूरत है। उस समय मुझे महिला क्रिकेट के बारे में पता भी नहीं था।’’ बचपन से शुरू हुआ यह सफर विश्व कप ट्रॉफी उठाने तक पहुंचा, लेकिन इस बीच उन्हें कठिन संघर्ष और दिल तोड़ने वाली हार का सामना भी करना पड़ा। हरमनप्रीत ने कहा, ‘‘मैं सपना देख रही थी कि मैं यह नीली जर्सी कब पहनूंगी। यह मेरे लिए बहुत मायने रखता है। एक युवा लड़की जो महिला क्रिकेट के बारे में नहीं जानती थी, लेकिन फिर भी एक दिन अपने देश में बदलाव लाने का सपना देख रही थी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इससे हमें सीख मिलती है कि आपको सपने देखना कभी नहीं छोड़ना चाहिए। आप कभी नहीं जानते कि आपका भाग्य आपको कहां ले जाएगा। आप कभी नहीं सोचते, यह कब होगा, यह कैसे होगा। आप केवल यही सोचते हैं, यह होगा। मुझे विश्वास था कि ऐसा हो सकता है और आखिर में वैसा ही हुआ।’’ इस 36 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा कि बचपन का सपना पूरा होने के बाद वह राहत और खुशी महसूस कर रही हैं। हरमनप्रीत ने कहा,‘‘व्यक्तिगत रूप से मेरे लिए यह बहुत भावुक क्षण है क्योंकि बचपन से ही यह मेरा सपना था। जब से मैंने खेलना शुरू किया तो एक दिन विश्व कप जीतना मेरा सपना था। अगर मुझे अपनी टीम का नेतृत्व करने का मौका मिलता है तो मैं यह मौका नहीं गंवाना चाहती।‘‘ उन्होंने कहा, ‘‘ मैंने ये सारी बातें अपने दिल की गहराइयों से कहीं। और भगवान ने एक-एक करके सब कुछ सुन लिया। यह जादू जैसा है। मुझे समझ नहीं आ रहा कि अचानक सब कुछ कैसे ठीक हो गया। अब हम विश्व चैंपियन हैं। मैं बहुत निश्चिंत महसूस कर रही हूं। मैं ईश्वर की आभारी हूं जिन्होंने हमें यह पल दिया जिसका हम वर्षों से सपना देख रहे थे।’’ हरमनप्रीत ने उस भव्य स्वागत को याद किया जब 2017 महिला विश्व कप फाइनल में इंग्लैंड से हारने के बाद भारतीय टीम लंदन से स्वदेश लौटी थी। मिताली राज की अगुवाई वाली उस टीम में हरमनप्रीत, स्मृति मंधाना और दीप्ति शर्मा जैसी मौजूदा टीम की सीनियर खिलाड़ी शामिल थीं। उन्होंने कहा, ‘‘ हम 2017 के फाइनल में करीबी अंतर से हार गए थे। हमारा दिल टूट गया था लेकिन जब हम स्वदेश लौटे तो भारत में प्रशंसकों ने जिस तरह से हमारा स्वागत किया उससे पता चलता है कि न केवल हम, बल्कि पूरा देश महिला क्रिकेट में कुछ खास करने का इंतजार कर रहा था। विश्व चैंपियन बनना अकेले संभव नहीं था। यह सभी के आशीर्वाद और प्रार्थनाओं से संभव हुआ।’’   

राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने गोविंद गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय एकात्मता विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी का किया उद्घाटन

जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन एवं अवलोकन किया   जयपुर राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री हरिभाऊ बागडे ने मंगलवार को गोविंद गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय, बांसवाड़ा में “राष्ट्रीय एकात्मता : विविधता में एक चेतना” विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का उद्घाटन किया। उन्होंने संगोष्ठी के अंतर्गत जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन एवं अवलोकन किया। राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने अपने उद्बोधन में कहा कि  राष्ट्र अनेक भाषा, संस्कृति, मतों, परंपराओं से मिलकर बनता है। राष्ट्र की एक सीमा होती है। राष्ट्र में उस देश का नागरिक रहता है। कोई दूसरे देश का नागरिक आता है तो उसे उस देश की नागरिकता लेनी पड़ती है। संगठित जनसमुदाय, निश्चित भूभाग, संस्कृति, परंपरा, एकता की भावना हमें एक सूत्र में बांधती है।  देश के नागरिकों में देश के मूल्यों, आदर्शों, मातृभूमि, समुदाय के प्रति निष्ठा और प्रेम होना चाहिए। उन्होंने कहा कि एकता की भावना सिर्फ बातों में नहीं व्यक्ति के कर्मों में भी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश जब बनता है तब एक देश से दूसरा देश बन जाता है। कारण अलग-अलग होते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे विघटन, हमारी गरीबी, हमारे एकसंघ नहीं होने का लाभ उठाकर अंग्रेजों ने देश कर अतिक्रमण कर लिया। वह हमने अंग्रेजों से वापस लिया। भारत से अनेक देश बने अफगानिस्तान, श्रीलंका, नेपाल, भूटान, पाकिस्तान और बांग्लादेश। एक राष्ट्र विकसित बनता है जब नागरिक एकजुट होकर देशप्रेम के साथ अपना सर्वस्व अर्पण करते हैं। नागरिक अपनी शक्ति, बुद्धि, त्याग, आर्थिक स्वावलंबन से देश को विकसित बनाते हैं। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से हैं। पहले गांव में कच्चे मकान होते थे जो अब पक्के बन गए हैं क्योंकि लोगों के पास पैसा आया है। देश की अर्थव्यवस्था का विकास हुआ है। उन्होंने कहा कि रामायण और महाभारत हमारी संस्कृति का मूल है। राम का नाम सभी भाषाओं में है। भजन – कीर्तन, व्याख्यान, भाषण, शिक्षण अलग-अलग भाषाओं में होता है मगर देवधर्म सबका एक ही है। एक ही गणेशजी की आरती अनेक भाषाओं में होती है मगर सबका भाव एक ही होता है। अनेक भाषा, खान-पान, वेशभूषा अलग-अलग होने के बावजूद हम सब एक हैं। हमारी संस्कृति ' भाषा अनेक – भाव एक', ' पथ अनेक – गंतव्य एक' की है।  

बिजली बिल पर बड़ी राहत: हरियाणा सरकार ने बढ़ाई सरचार्ज योजना की डेडलाइन, जानें नया फायदा

चंडीगढ़  हरियाणा ऊर्जा विभाग ने बिजली सरचार्ज योजना की डेट को बढ़ा दिया है। विभाग ने अब इस योजना को 11 नवंबर तक लागू रखने का फैसला लिया है। 12 मई से सरचार्ज माफी योजना प्रदेश में लागू हुई थी।  आपको बता दें कि जो भी उपभोक्ता एकमुश्त भुगतान का ऑप्शन चुनेगा, उसे मूल राशि पर 10 फीसदी तक छूट और सरचार्ज पर 100 फीसदी की छूट दी जाएगी।  सरचार्ज माफी योजना (Surcharge Waiver Scheme) बिजली उपभोक्ताओं के लिए होती है। इसके तहत लोग अपने बकाया बिलों पर लगे अतिरिक्त शुल्क (सरचार्ज) से राहत पा सकते हैं। इस योजना के तहत अगर बकाया बिलों का भुगतान किया जाता है, तो सरचार्ज में छूट या माफी मिल जाती है। जानकारी के मुताबिक, घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं को एकमुश्त भुगतान का ऑप्शन दिया जाएगा। इसमें मूल राशि पर 10 फीसदी तक का डिस्काउंट और सरचार्ज 100 फीसदी माफ कर दिया जाएगा। इसके अलावा, जो लोग 4 या 8 महीने में किश्तों में अपने बकाया पैसे जमा करेंगे, उन्हें 100 फीसदी सरचार्ज की छूट मिलेगी। वहीं, सरकारी बिल्डिंग्स के कनेक्शनों के बकाया बिलों पर भी एकमुश्त भुगतान करने पर 100 फीसदी सरचार्ज छूट मिलेगी। औद्योगिक और अन्य श्रेणियों की बात करें, तो उन्हें मूल राशि का भुगतान करने पर 50 फीसदी सरचार्ज डिस्काउंट मिलेगा। इस योजना के लागू होने को लेकर अनिल विज ने कहा कि इससे बिजली वितरण कंपनियों की वसूली बढ़ेगी। साथ ही उन्होंने विश्वास जताया कि इस योजना से बड़ी संख्या में बकाया बिलों का भुगतान किया जाएगा। इसके अलावा, जिन लोगों का बिजली कनेक्शन कट गया था, वो भी कुछ पैसे जमा करने के बाद फिर से अपना कनेक्शन करा सकते हैं।

UP में किसानों के लिए खुशखबरी: योगी सरकार ने दी 1% रिकवरी छूट, भारी फायदा राइस मिलों को भी

लखनऊ  उत्तर प्रदेश सरकार ने ‘नॉन-हाइब्रिड' (मोटे) धान पर एक प्रतिशत की ‘रिकवरी' छूट की मंगलवार को घोषणा की जो ‘हाइब्रिड' धान पर पहले से दी जा रही छूट के समान है। यह धान से चावल निकालने की प्रक्रिया में होने वाले अनाज की ‘रिकवरी' (उपज) पर सरकार द्वारा दी गई रियायत या छूट। इससे राज्य के करीब 15 लाख किसानों को फायदा होगा। वहीं राजकोष पर 166 करोड़ रुपये का भार बढ़ेगा।  प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने यहां पत्रकारों से कहा कि जब ‘हाइब्रिड' धान से चावल निकाला जाता है तो केंद्र सरकार के मानदंडों के अनुसार ‘रिकवरी' दर 67 प्रतिशत होती है। उत्तर प्रदेश सरकार हालांकि पहले से ही ‘हाइब्रिड' धान की ‘रिकवरी' पर तीन प्रतिशत की छूट दे रही है और इस छूट पर सालाना लगभग 100 करोड़ रुपये खर्च करती है। खन्ना ने कहा कि यही लाभ अब मोटे धान पर भी लागू किया जाएगा जिसमें एक प्रतिशत की ‘रिकवरी' छूट दी जाएगी।  खन्ना ने कहा, ‘‘ इस (छूट) पर 166 करोड़ रुपये खर्च होंगे और इससे राज्य के लगभग 15 लाख चावल उत्पादक किसानों को लाभ होगा।'' उन्होंने कहा कि इससे मंडियों में किसानों को धान का बढ़ा हुआ भाव मिलेगा। इससे किसानों को सीधा-सीधा फायदा होगा। यह निर्णय किसान व मजदूर हित के साथ-साथ धान मिल संचालकों के भी हित में है। कुल मिलाकर इससे पूरे उद्योग को बल मिलेगा। उत्तर प्रदेश में धान की सरकारी खरीद जारी है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एक अक्टूबर से जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में एक नवंबर से यह खरीद शुरू की गई थी।   

10 नवंबर से बदल जाएंगे पंजाब के स्कूलों के टाइम और सिस्टम, जानें क्या हुआ ऐलान

चंडीगढ़  श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित कार्यक्रम 4 नवंबर से राज्य भर में शुरू होंगे। पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामले विभाग के सलाहकार दीपक बाली के साथ पंजाब भवन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि इन कार्यक्रमों को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि हर आयु वर्ग, खासकर युवा और छात्र इनका हिस्सा बन सकें। उन्होंने कहा कि 10 नवंबर से पंजाब के सभी स्कूलों में नर्सरी से बारहवीं कक्षा तक 15 दिनों का अनिवार्य शैक्षणिक पाठ्यक्रम शुरू किया जाएगा। सुबह की सभा के दौरान 10-12 मिनट का पहले से रिकॉर्ड किया गया पाठ सुनाया जाएगा, जिसमें श्री गुरु तेग बहादुर जी के जीवन, शहादत और खालसा पंथ की रचना के बारे में बताया जाएगा। इसके अलावा, सभी विश्वविद्यालयों, कॉलेजों, आई.टी.आई. और पॉलिटेक्निक कॉलेजों को 350वें शहीदी दिवस को समर्पित सेमिनार और कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी की अद्वितीय शहादत किसी एक धर्म या संप्रदाय के लिए नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के मौलिक अधिकारों और सम्मान के लिए थी। पंजाब सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि गुरु जी की अद्वितीय शहादत की जानकारी पंजाब और देश के कोने-कोने तक पहुंचे और आने वाली पीढ़ियां इस महान बलिदान से प्रेरणा और मार्गदर्शन प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी के जीवन और अद्वितीय शहादत पर प्रकाश डालने वाला 45 मिनट का लाइट एंड साउंड शो सभी जिलों में आयोजित किया जाएगा। यह शो 4 नवंबर को पटियाला, जालंधर, फतेहगढ़ साहिब और पठानकोट से शुरू होगा, जिसके बाद राज्य के अन्य जिलों में भी यह शो आयोजित किया जाएगा। देश के विभिन्न हिस्सों से आयोजित होने वाले चार नगर कीर्तनों के बारे में उन्होंने बताया कि एक नगर कीर्तन 19 नवंबर को गुरुद्वारा छेवीं पातशाही श्रीनगर (जम्मू-कश्मीर) से आयोजित किया जाएगा। इस नगर कीर्तन में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, पंजाब के सभी कैबिनेट मंत्री और विधायक भाग लेंगे, जबकि बाकी तीन नगर कीर्तन फरीदकोट, बठिंडा और गुरदासपुर से आयोजित किए जाएंगे। चारों नगर कीर्तन 22 नवंबर की शाम को श्री आनंदपुर साहिब पहुंचेंगे। इन नगर कीर्तनों के दौरान सभी कैबिनेट मंत्री, विधायक और अधिकारी विनम्र सेवक के रूप में सेवा करेंगे। 350वें शहीदी पर्व को समर्पित कार्यक्रम 23 से 25 नवंबर तक श्री आनंदपुर साहिब में आयोजित किए जाएंगे। ये कार्यक्रम 23 नवंबर को अखंड पाठ साहिब के साथ शुरू होंगे, उसके बाद सर्ब धर्म सम्मेलन, विरासत-ए-खालसा में एक प्रदर्शनी, शाम 5 बजे श्री गुरु तेग बहादुर जी के जीवन और बलिदान को दर्शाने वाला अपनी तरह का पहला ड्रोन शो और शाम 6 बजे कीर्तन दरबार होगा। दिन का समापन 'शहादत दी लो' के साथ होगा, जिसके तहत पवित्र शहर को मशाल जलाकर रोशन किया जाएगा। 24 नवंबर को नगर कीर्तन 'सीस भेट' श्री कीरतपुर साहिब से शुरू होकर श्री आनंदपुर साहिब पहुंचेगा। इतिहास में पहली बार, पंजाब विधानसभा श्री आनंदपुर साहिब में भाई जैता जी के स्मारक पर एक विशेष सत्र आयोजित करेगी। 25 नवंबर को श्री अखंड पाठ साहिब के भोग के बाद, प्रसिद्ध कीर्तनी जत्थे 9वें गुरु के भजनों का विविध कीर्तन करेंगे विभिन्न धर्मों के आध्यात्मिक नेताओं की भागीदारी के साथ एक सर्व-धर्म सम्मेलन भी आयोजित किया जाएगा। इसलिए, गुरु तेग बहादुर जी के एकता और सद्भाव के सार्वभौमिक संदेश को उजागर करने के लिए पांचों तख्तों के जत्थेदारों, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति के अध्यक्ष, श्री दरबार साहिब के मुख्य ग्रंथी, श्री श्री रविशंकर और लोकेश मुनि और अन्य प्रतिष्ठित धार्मिक हस्तियों को निमंत्रण भेजे जा रहे हैं। श्री आनंदपुर साहिब में विरासत-ए-खालसा में श्री गुरु तेग बहादुर जी के जीवन और शहादत को दर्शाने वाले 500 ड्रोन के साथ तीन दिवसीय (23 से 25 नवंबर) ड्रोन शो का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने श्रद्धालुओं के लिए सुगम परिवहन प्रदान करने के सभी प्रबंध किए हैं। पवित्र शहर में 500 ई-रिक्शा और 100 मिनी बसें चलेंगी, जिनमें श्रद्धालुओं को मुफ्त यात्रा की सुविधा प्रदान की जाएगी। इसके अलावा, 23 से 25 नवंबर तक पंजाब की हर तहसील से श्री आनंदपुर साहिब के लिए एक विशेष मुफ्त बस सेवा भी शुरू की जाएगी, जिससे श्रद्धालुओं के लिए सुगम यात्रा सुनिश्चित होगी। 

तेज हो निर्माण कार्य, गुणवत्ता में लापरवाही होगी अक्षम्य : सीएम योगी

विरासत गलियारा का निरीक्षण करने के दौरान मुख्यमंत्री ने दिया भरोसा, तैयारी के लिए जीडीए-नगर निगम के अफसरों को निर्देश गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि धर्मशाला बाजार से पांडेयहाता तक बन रहे विरासत गलियारा से किसी भी दुकानदार का हित कतई प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। जिन दुकानदारों की पूरी दुकान इस गलियारा के दायरे में आ गई है या फिर जिनकी दुकानों का आकार बहुत अधिक छोटा हो गया है, उन्हें एक कामर्शियल कॉम्प्लेक्स बनाकर उसमें दुकानें दी जाएंगी। इस नई व्यवस्था के लिए सीएम योगी ने गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) और नगर निगम के अधिकारियों को जरूरी तैयारी करने के लिए निर्देशित किया है।  दुकानदारों को यह भरोसा और इसके अनुरूप कार्य करने के लिए जरूरी निर्देश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार शाम को विरासत गलियारा का निरीक्षण करने के दौरान दिए। टीपी नगर चौक से पैडलेगंज मार्ग पर बन रहे सिक्सलेन फ्लाईओवर का जायजा लेने के बाद सीएम योगी विरासत गलियारा के निर्माण कार्य को देखने-परखने पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने विरासत गलियारा का निर्माण कार्य तेज करने और गुणवत्ता पर खास जोर देने के निर्देश कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को दिए। चेतावनी भी दी कि गुणवत्ता में किसी भी तरह की लापरवाही अक्षम्य होगी।  विरासत गलियारा का निरीक्षण करने के लिए सीएम योगी पांडेयहाता चौराहा, घंटाघर, हजारीपुर और जटाशंकर चौराहा पर रुके। वह सबसे पांडेयहाता चौराहा पहुंचे। शिवम टॉवर के पास ड्राइंग मैप देखने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि इस गलियारा के निर्माण में जितने भी मकान और दुकान आए हैं, उनका मुआवजा हर हाल में दिया जाना सुनिश्चित होना चाहिए। कोई भी छूटना नहीं चाहिए। यदि किसी नागरिक की दुकान शत प्रतिशत प्रभावित हो गई हो या अत्यंत छोटी हो गई हो तो उनके कारोबारी समायोजन के लिए जीडीए या नगर निगम की तरफ से एक कामर्शियल कॉम्प्लेक्स बनाया जाए। यहां उन्होंने टूट रही दुकानों का मलबा निस्तारित करने, सड़क का स्लोप बेहतर करने और तारों को अंडरग्राउंड करने के निर्देश दिए।  पांडेयहाता चौराहा के बाद सीएम योगी ने घंटाघर में विरासत गलियारा के साथ ही घंटाघर के सुंदरीकरण प्रोजेक्ट की भी जानकारी ली। यहां उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि विरासत गलियारा के तहत सड़क का निर्माण बीच-बीच मे न करके एक तरफ से किया जाए ताकि दुकानदारों को अपने दुकान को पुनर्व्यवस्थित करने में किसी तरह की परेशानी न हो।  विरासत गलियारा के निरीक्षण के क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हजारीपुर में भी रुके। निर्माण का लेआउट देखने के बाद उन्होंने सख्त चेतावनी दी कि सड़क का निर्माण पूरी गुणवत्ता के साथ होनी चाहिए। गुणवत्ता में किसी तरह की खामी पाई गई तो जिम्मेदार लोग कड़ी कार्रवाई का सामना करने के तैयार रहेंगे। उन्होंने गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखते हुए कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। चेताया कि समय पर काम पूरा न होने को भी लापरवाही माना जाएगा। गुणवत्ता हो या समय सीमा, दोनों के मामले में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विरासत गलियारा का जायजा लेने के दौरान सीएम योगी का आखिरी पड़ाव जटाशंकर चौराहा था। यहां मुख्यमंत्री ने सड़क पर पर्याप्त पथ प्रकाश के लिए नाली के पार स्ट्रीट लाइट लगाने की हिदायत दी। साथ ही कहा कि सड़क का स्लोप अच्छा हो और नाले पर समतल स्लैब डालें जाएं ताकि इसका इस्तेमाल फुटपाथ के रूप में हो सके।

बलौदाबाजार : राज्योत्सव 2025 : दूसरी शाम रंग झरोखा की प्रस्तुति ने बांधा शमा, कठपुतली नृत्य ने खूब बटोरी तालियां

बलौदाबाजार छत्तीसगढ़ रजत जयंती अंतर्गत जिला स्तरीय तीन दिवसीय राज्योत्सव का आयोजन जिला प्रशासन द्वारा पंडित चक्रपाणी शुक्ल शासकीय हायर सेकेण्डरी स्कूल मैदान में किया जा रहा है।  आयोजन क़े दूसरे दिन सांस्कृतिक संध्या में भिलाई क़े "रंग सरोवर" छत्तीसगढ़ की पुरातन व पारंपरिक शैलियों की झलकियां  में  भूपेन्द्र साहू एवं साथी कलाकारों द्वारा प्रस्तुत गीत, संगीत एवं नृत्य ने शमा बांधा। दर्शक अंतिम प्रस्तुति तक डटे रहे। सांस्कृतिक कार्यक्रम में बिलासपुर की किरण मोईतरा द्वारा कठपुतली कार्यक्रम की प्रस्तुति दी गई जिसमें बड़े एवं  छोटे आकार क़े कठपुतलियों क़े  द्वारा नशामुक्ति का सन्देश एवं सुआ नृत्य  ने खूब तालियां बटोरी। इसके साथ ही झाँपी लोक सांस्कृतिक संस्था करमदा एवं सुर ओ चन्दम  बलौदाबाजार के कलाकारों ने भी दिलकश प्रस्तुति दी। कार्यक्रम क़े दौरान कलेक्टर दीपक सोनी, डी एफ ओ गणवीर धम्मशील एवं सी ई ओ जिला पंचायत सुश्री दिव्या अग्रवाल ने  स्वामित्व योजना अंतर्गत किसानों को स्वामित्व कार्ड, टीबी मुक्त एवं बाल विवाह मुक्त पंचायत को प्रशस्ति पत्र, हम होंगे कामयाब क़े तहत युवाओं क़ो प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। इसके साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम के कलाकारों को सम्मानित भी किया गया।

सीमा पर दुखद हादसा! LoC पर गोली चलने से भारतीय सैनिक ने गंवाई जान

पुंछ  जिले में ड्यूटी दौरान एक जवान के शहीद होने की खबर मिली है। जानकारी के मुताबिक, जिले में नियंत्रण रेखा पर दुर्घटनावश चली गोली से जवान शहीद हो गया। जानकारी के मुताबिकि, जिले में भारत पाकिस्तान नियंत्रण रेखा पर स्थित जलास क्षेत्र में सोमवार को दुर्घटनावश गोली चलने से भारतीय सेना का एक जवान नायक अमरजीत सिंह पुत्र रमेश कुमार निवासी गांव जंजनवाला तहसील नरवाना जिला जिंद हरियाणा शहीद हो गया।  शव को पुलिस एवं सेना द्वारा पुंछ के राजा सुखदेव सिंह जिला अस्पताल लाया गया जहां मैडिकल सुप्रिडेंट डॉ. मोहम्मद शफीक की देखरेख में शव का पोस्टमार्टम करवाया गया और उसके उपरांत कानूनी कार्रवाई करने के साथ ही शव को सैना को सोंप दिया। जहां से उसे आज अंतिम संस्कार के लिए उसके घर भेजा जाएगा।  

रेलवे का करिश्मा! इस जगह पर चार दिशाओं से गुजरती ट्रेनें, लेकिन हादसा ज़ीरो

नई दिल्ली   सोचिए, एक ऐसी जगह जहां उत्तर से दौड़ती ट्रेन दक्षिण की ओर जा रही ट्रेन को काटे, पश्चिम की रेल पूरब की ओर बढ़े — और फिर भी सब कुछ सुचारू रूप से चलता रहे! कोई रुकावट नहीं, कोई हादसा नहीं। सुनने में असंभव लगता है न? लेकिन यह अजूबा बिल्कुल हकीकत है — और यह जगह है महाराष्ट्र का नागपुर, जहां मौजूद है भारत का अनोखा “डायमंड क्रॉसिंग”। एक स्टेशन, चार दिशाएं, एक ही बिंदु नागपुर जंक्शन भारत के सबसे प्रमुख रेलवे नेटवर्कों में से एक है। यहां देश के चार बड़े रेल मार्ग — मुंबई-हावड़ा, दिल्ली-चेन्नई, काजीपेट-नागपुर, और नागपुर-इटारसी — एक दूसरे को इस तरह काटते हैं कि ऊपर से देखने पर पटरियों का आकार बिल्कुल हीरे (डायमंड) जैसा दिखता है। इसी कारण इस स्थान को ‘डायमंड क्रॉसिंग’ नाम मिला। यह संरचना केवल देखने में ही आकर्षक नहीं, बल्कि रेलवे इंजीनियरिंग की बारीकी और तकनीकी कौशल का अद्भुत उदाहरण भी है। यहां रोज़ाना सैकड़ों एक्सप्रेस, सुपरफास्ट और मालगाड़ियां गुजरती हैं — फिर भी किसी तरह का व्यवधान नहीं होता।  कैसे बचती हैं ट्रेनें टकराने से? यह सवाल अक्सर लोगों के मन में उठता है कि जब इतनी ट्रेनें एक साथ यहां से गुजरती हैं, तो फिर दुर्घटना कैसे नहीं होती। इसका जवाब है — अत्याधुनिक नियंत्रण प्रणाली और मानवीय सतर्कता का अद्भुत संगम।   इंटरलॉकिंग सिस्टम यहां इंटरलॉकिंग सिस्टम लागू है, जो एक समय में केवल एक ट्रेन को ही क्रॉसिंग पॉइंट पार करने की अनुमति देता है। इस प्रणाली से यह सुनिश्चित होता है कि किसी भी ट्रेन को गलत ट्रैक पर सिग्नल न मिले। स्वचालित सिग्नलिंग तकनीक नागपुर का डायमंड क्रॉसिंग ऑटोमैटिक सिग्नलिंग सिस्टम से जुड़ा है। जैसे ही एक ट्रेन क्रॉसिंग पार करती है, सिस्टम तुरंत अगले ट्रैक के सिग्नल को सक्रिय कर देता है। यह व्यवस्था ट्रेन की दिशा, गति और समय को ध्यान में रखकर सिग्नल बदलती है — जिससे हर सफर सुचारू और सुरक्षित बनता है। मानवीय सतर्कता तकनीक के साथ-साथ यहां रेलवे कर्मचारियों की निगरानी भी बराबर जारी रहती है। सिग्नल ऑपरेटर और स्टेशन मास्टर लगातार ट्रेनों की स्थिति पर नज़र रखते हैं। यह तालमेल तकनीक और मानव दक्षता के बीच संतुलन का उत्कृष्ट उदाहरण है। रेलवे इंजीनियरिंग का गौरव नागपुर का यह क्रॉसिंग केवल एक रेल संरचना नहीं, बल्कि यह दर्शाता है कि भारतीय रेलवे ने सुरक्षा, योजना और तकनीकी प्रबंधन में कितना शानदार विकास किया है। चार दिशाओं से आने वाली गाड़ियों को बिना किसी बाधा के पार करवाना, एक सटीक गणित और मशीनरी की बेहतरीन समझ का परिणाम है।