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फिल्म ‘अकेला’ के 34 साल पूरे, जैकी श्रॉफ ने शेयर किया अमिताभ बच्चन संग फिल्म से जुड़ा एक सीन

मुंबई,  एक्शन थ्रिलर फिल्म ‘अकेला’ को रिलीज हुए शनिवार को 34 साल पूरे हो गए। इस मौके पर अभिनेता जैकी श्रॉफ ने फिल्म से जुड़ी पुरानी यादों को ताजा किया। जैकी श्रॉफ ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अमिताभ बच्चन संग फिल्म से जुड़ा एक क्लिप शेयर किया, जिसके साथ उन्होंने कैप्शन में लिखा, “फिल्म ‘अकेला’ के 34 साल पूरे।” जैकी श्रॉफ अभिनीत ‘अकेला’ साल 1991 की एक एक्शन थ्रिलर फिल्म थी। इस फिल्म में जैकी श्रॉफ के साथ-साथ अमिताभ बच्चन, अमृता सिंह, मीनाक्षी शेषाद्रि, शशि कपूर, आदित्य पंचोली, और हेलेन जैसे कलाकार अहम रोल में थे। फिल्म का निर्देशन रमेश सिप्पी ने किया था और जिसे सलीम खान ने लिखा था। फिल्म में जैकी श्रॉफ ने शेखर नाम के एक किरदार का रोल किया है, जबकि अमिताभ बच्चन ने इंस्पेक्टर विजय वर्मा का किरदार निभाया है, लेकिन फिल्म उन दिनों बॉक्स ऑफिस में कोई खास प्रदर्शन न कर सकी थी। यह फिल्म अमिताभ और रमेश सिप्पी की साथ में चौथी फिल्म थी। इससे पहले शोले, शान व शक्ति में अमिताभ रमेश सिप्पी के डायरेक्शन में काम कर चुके थे। अमिताभ के साथ शशि कपूर की यह आखिरी फिल्म थी। कहा जाता है कि इस फिल्म में हेलन पूरे छह साल के ब्रेक के बाद लौटी थीं। अभिनेता जैकी श्रॉफ की कुछ फिल्में और सीरीज रिलीज हो चुकी हैं और कुछ रिलीज के लिए लाइन पर हैं। इससे पहले वे उनकी सीरीज ‘हंटर-2’ और अनुपम खेर की फिल्म ‘तन्वी-द-ग्रेट’ में नजर आए थे और वे जल्द ही समीर विद्वांस की अपकमिंग फिल्म ‘तू मेरी मैं तेरा’ में नजर आएंगे। फिल्म में जैकी के अलावा, नीना गुप्ता, कार्तिक आर्यन और अनन्या पांडे भी नजर आएंगी। इसका निर्माण धर्मा प्रोडक्शंस के बैनर तले किया गया है। करण जौहर, अदार पूनावाला, अपूर्व मेहता, शरीन मंट्री केडिया और किशोर अरोड़ा द्वारा निर्मित फिल्म 25 दिसंबर को रिलीज होगी।  

बैडमिंटन की महान खिलाड़ी ताई जु यिंग का संन्यास, पीवी सिंधू ने कहा– आपसे बहुत सीखा

बीजिंग तोक्यो ओलंपिक की रजत पदक विजेता और चीनी ताइपे की महिला बैडमिंटन की दिग्गज खिलाड़ी ताई जु यिंग ने खेल से संन्यास ले लिया है जिसके साथ उनके शानदार करियर का अंत हो गया है, जिसमें उन्होंने 17 बीडब्ल्यूएफ विश्व टूर खिताब जीते और 12 टूर्नामेंट में उपविजेता रहीं। अपनी कलात्मकता और कलाई के जादू के लिए मशहूर 31 वर्षीय शटलर ने कहा कि लगातार चोटिल होने के कारण उन्हें संन्यास का फैसला करना पड़ा। उन्होंने अपना आखिरी बीडब्ल्यूएफ खिताब 2024 में इंडिया ओपन में जीता था। ताई जु ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर लिखा, ‘‘एक खूबसूरत अध्याय समाप्त हो गया है। बैडमिंटन, आपने मुझे जो कुछ भी दिया है, उसके लिए आभार।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आखिरकार मेरी चोटों ने मुझे कोर्ट छोड़ने पर मजबूर कर दिया। मैं अपने करियर का अंत उस तरह नहीं कर पाई जैसा मैंने सोचा था और मुझे यह बात स्वीकार करने में थोड़ा समय लगा।’’ दक्षिणी ताइवान के शहर काऊशुंग में जन्मी ताई जु पिछले साल से चोटों से जूझ रही थी और अंतरराष्ट्रीय सर्किट पर वापसी नहीं कर पाई। विश्व चैंपियनशिप दो बार की पदक विजेता ने कहा कि फिलहाल उनका ध्यान कुछ समय शांति के साथ बिताने पर है। उन्होंने लिखा, ‘‘मैंने अभी तक यह तय नहीं किया है कि मैं आगे क्या करूंगी, लेकिन फिलहाल मैं अलार्म घड़ियों के बिना जीवन का आनंद लेने जा रही हूं।’’ भारत की दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू ने ताई जु को भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए एक्स पर एक मार्मिक संदेश लिखा। सिंधू ने कहा, ‘‘पंद्रह वर्षों से अधिक समय तक आप मेरी ऐसी प्रतिद्वंद्वी रही जिन्होंने मुझे हर बार मेरी सीमा तक धकेला। मेरे जीवन के दो सबसे महत्वपूर्ण पदक रियो 2016 ओलंपिक में रजत और 2019 विश्व चैम्पियनशिप में स्वर्ण मैंने आपके साथ उन मैराथन और सांस थाम देने वाले मुकाबलों के बाद हासिल किए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘रियो में हमारे बीच प्री-क्वार्टर फाइनल में मुकाबला हुआ था और बासेल में क्वार्टर फाइनल में। इन दोनों अवसरों पर मुझे हमेशा की तरह कड़ी मेहनत करनी पड़ी। और हां, आपने 2021 में मुझे सेमीफाइनल में हरा दिया था और यही नहीं मुझे एशियाई खेलों में मुझे स्वर्ण पदक जीतने से रोक दिया था। इन पलों को याद करके मैं आज भी मुस्कुरा जाती हूं।’’ सिंधू ने लिखा, ‘‘मैं इस बात नहीं छिपाऊंगी, मुझे आपके साथ खेलना बिल्कुल पसंद नहीं था। आपकी कलाई की कला, आपका चालाकी भरा खेल, आपकी शांत प्रतिभा ने मुझे उससे भी ज़्यादा गहराई तक जाने के लिए प्रेरित किया, जितना मैंने कभी सोचा भी नहीं था। आपका सामना करने से एक खिलाड़ी के रूप में मैं बदल गई।’’ भारतीय खिलाड़ी ने कहा, ‘‘लेकिन प्रतिद्वंद्विता से परे हमारे बीच अच्छी दोस्ती और एक दूसरे के प्रति सम्मान था। आपके संन्यास लेने से ऐसा लग रहा है जैसे मैंने अपने सफ़र का एक हिस्सा को दिया हो। खेल को और मुझे आपके जादू की कमी खलेगी। मुझे अब यह एहसास होने लगा है कि मेरी पीढ़ी के खिलाड़ी धीरे-धीरे खेल को अलविदा कहने लगे हैं और कोई भी चीज़ आपको इसके लिए तैयार नहीं करती।’’  

सवारी बनकर बैठी महिला, रास्ते में कैप्टन ने की गंदी हरकत; पुलिस ने किया गिरफ्तार

बेंगलुरु  बेंगलुरु में रैपिडो बाइक राइडर पर महिला यात्री ने छेड़छाड़ के आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने इस घटना का वीडियो रिकॉर्ड किया और बाद में पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, यह घटना गुरुवार को दोपहर करीब 4 बजे हुई। विल्सन गार्डन पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रैपिडो की ओर से इस मामले में अभी तक प्रतिक्रिया का इंतजार है। महिला ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट में अपनी आपबीती साझा की। उन्होंने लिखा, 'चर्च स्ट्रीट से अपने पीजी लौटने के लिए रैपिडो बुक किया। रास्ते में कैप्टन ने मेरे पैर टच करने की कोशिश की। यह इतना अचानक हुआ कि मैं इसे समझ भी नहीं पाई। मैंने बस घटना को अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया। जब उसने दोबारा ऐसा किया तो मैंने कहा कि भैया, क्या कर रहे हो, मत करो। लेकिन वह नहीं रुका।' महिला ने बताया कि वह राइडर से बाइक रोकने के लिए नहीं कह सकी, क्योंकि वह शहर में नई आई है। उसे पता नहीं था कि बाइक कहां से गुजर रही है। जाते समय दिखाई उंगली पीड़िता ने बताया कि पीजी पहुंचने के बाद पास में खड़े एक व्यक्ति ने यह नोटिस किया। उसने मुझसे पूछा कि क्या हुआ। मैंने उन्हें घटना के बारे में बताया तो उन्होंने कैप्टन से सवाल-जवाब किया। कैप्टन ने माफी मांगी और कहा कि वह दोबारा ऐसा नहीं करेगा। लेकिन, वहां जाते समय उसने मेरी ओर उंगली दिखाई, जिससे मुझे और असुरक्षित महसूस हुआ। महिला ने कहा, 'मैं यह साझा कर रही हूं ताकि किसी महिला को ऐसा अनुभव न करना पड़े – न कैब में, न बाइक पर, न कहीं और। मेरे साथ ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। लेकिन आज मैं चुप नहीं रह सकी क्योंकि मुझे बहुत असुरक्षा महसूस हुई।

जम्मू-कश्मीर में ‘पिंपल ऑपरेशन’ से दहशतगर्दों की कमर टूटी, एक-एक को ढूंढकर मार गिराया जा रहा

नई दिल्ली  भारतीय सेना के चिनार कोर ने शनिवार को जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में 2 आतंकवादियों को मार गिराया। इस अभियान को ऑपरेशन पिंपल नाम दिया गया। इस तरह क्षेत्र में सुरक्षा सुनिश्चित करने के निरंतर प्रयासों में अहम उपलब्धि दर्ज की गई। चिनार कोर ने कहा कि कुपवाड़ा के केरन सेक्टर में घुसपैठ के प्रयास के बारे में एजेंसियों से इनपुट मिला था। इस खुफिया जानकारी के आधार पर शुक्रवार को अभियान शुरू किया गया। सेना ने एक्स पर लिखा, ‘सैनिकों ने संदिग्ध गतिविधि नजर आने पर आतंकियों को रुकने को कहा, लेकिन उन्होंने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। इसके जवाब में सुरक्षा बलों ने दो आतंकवादियों को मार गिराया।’ ऑपरेशन पिंपल भारतीय सशस्त्र बलों की ओर से कुपवाड़ा के केरन सेक्टर में शुरू किया गया सुरक्षा अभियान है। यह संयुक्त अभियान 7 नवंबर को इलाके में संदिग्ध गतिविधि देखे जाने के बाद शुरू किया गया। जब सतर्क सैनिकों ने चुनौती दी तो आतंकवादियों ने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। ऐसे में मुठभेड़ शुरू हुई और 2 आतंकवादी मारे गए। इलाके की तलाशी अभी भी जारी है। यह अभियान चिनार कोर की ओर से सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चलाया जा रहा है। किश्तवाड़ में भी आतंकियों से मुठभेड़ इससे पहले, जम्मू-कश्मीर में किश्तवाड़ जिले के वन क्षेत्र में आतंकवादियों के छिपे होने की सूचना मिली थी। दहशतगर्दों को पकड़ने के लिए घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया गया। यह ऑपरेशन बुधवार को घने वन क्षेत्र चतरू में आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ के बाद शुरू हुआ। इस मुठभेड़ में एक जवान घायल हो गया था। सुरक्षा अधिकारी ने कहा, ‘आतंकवादियों की तलाश में अभियान जारी है। हालांकि, दोबारा गोलीबारी नहीं हुई है। अभियान में ड्रोन और खोजी कुत्तों की भी मदद ली जा रही है। घेराबंदी को और मजबूत करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।'  

नेतृत्व बदलाव की आहट: राजनाथ सिंह ने बताया, कब मिलेगा बीजेपी को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष

पटना  बिहार चुनाव के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बड़ी बात कही है। उन्होंने इससे जुड़े एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि बिहार चुनाव के बाद इसकी घोषणा हो जाएगी। साथ ही उन्होंने इस बात से भी साफ इनकार कर दिया कि भाजपा अध्यक्ष के पद को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के साथ कोई मतभेद नहीं है। राजनाथ सिंह ने न्यूज-18 को दिए एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि आरएसएस भाजपा के राजनीतिक मामलों में कभी कोई हस्तक्षप नहीं करता है।   वहीं, इसी इंटरव्यू के दौरान राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को विश्वास जताया कि बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) 160 से अधिक सीट जीतेगा और नीतीश कुमार स्वाभाविक रूप से मुख्यमंत्री बनेंगे क्योंकि राजग उनके नेतृत्व में चुनाव लड़ रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारी जनसभाओं में मतदाताओं के उत्साह को देखते हुए, मैं कह सकता हूं कि हमारी सरकार निश्चित रूप से बनेगी और हम दो-तिहाई बहुमत भी हासिल कर सकते हैं।’’ उन्होंने दावा किया कि राजग बिहार में 160 से अधिक सीट जीतेगा। भाजपा नेता ने इन खबरों को खारिज कर दिया कि चुनावी रणनीतिकार से राजनीतिक नेता बने प्रशांत किशोर का चुनाव परिणामों पर प्रभाव पड़ेगा और कहा कि ‘‘प्रशांत किशोर कारक इतना महत्वपूर्ण नहीं है कि उस पर विचार भी किया जाए’’ क्योंकि मतदाता अच्छी तरह से समझते हैं कि चुनाव कौन लड़ रहा है, वे जानते हैं कि जन सुराज पार्टी के प्रमुख एक भी सीट नहीं जीत पाएंगे। भाजपा तथा चिराग पासवान की पार्टी लोजपा (रामविलास) से एक-एक उपमुख्यमंत्री होने की खबरों पर राजनाथ सिंह ने कहा कि भविष्य में जो कुछ भी होगा वह आम सहमति से तय किया जाएगा, जब सभी लोग एक साथ बैठेंगे और तय करेंगे कि क्या किया जाना है।  

फॉर्म में लौट रहे थे पंत, लेकिन लगी चोट! जानें मैच के दौरान क्या हुआ

नई दिल्ली टीम इंडिया के स्टार विकेट कीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत ने उस समय टीम मैनेजमेंट और फैंस की टेंशन बढ़ा दी जब वह साउथ अफ्रीका ए के खिलाफ जारी दूसरे अनौपचारिक टेस्ट के दौरान रिटायर हर्ट हो गए। इंग्लैंड दौरे पर चोटिल होने के बाद ऋषभ पंत पहली बार इस टेस्ट सीरीज में खेलते हुए नजर आ रहे हैं। पहले मैच उन्होंने शानदार बल्लेबाजी कर अपनी वापसी का पैगाम भेजा, दूसरी इनिंग में उन्होंने 90 रनों की पारी खेली थी। मगर दूसरे टेस्ट के दौरान कई बार शरीर पर गेंद लगने के बाद वह रिटायर हर्ट हो गए। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।   वीडियो में साफ देखने को मिल रहा है कि पहली बार रिवर्स स्कूप शॉट खेलने के प्रयास में गेंद उनके हेलमेट पर लगी। इसके बाद एक गेंद उनकी कलाई पर तो दूसरी पसली पर जाकर लगी। लगातार शरीर पर गेंद लगने के बाद फिजियो समेत कई लोग मैदान पर पहुंचे और ऋषभ पंत रिटायर हर्ट होकर वापस पवेलियन लौटे। ऋषभ पंत का चयन 14 नवंबर से साउथ अफ्रीका के खिलाफ शुरू हो रही दो मैच की टेस्ट सीरीज के लिए हुआ है, वह इस टीम के उप-कप्तान है। सीरीज से कुछ दिन पहले पंत को चोटिल होते देखना चिंता का विषय है। ऋषभ पंत की चोट पर अभी तक बीसीसीआई की ओर से कोई अधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। बात मैच की करें तो, टॉस हारकर पहले बैटिंग करने उतरी टीम इंडिया पहली पारी में 255 रन ही बना सकी। ध्रुव जुरेल ने शानदार शतक जड़ते हुए 132 रनों की पारी खेली, उनके अलावा कोई बल्लेबाज 25 रन का आंकड़ा तक नहीं छू पाया। केएल राहुल, ऋषभ पंत, साई सुदर्शन और देवदत्त पडिक्कल जैसे बल्लेबाज फेल हुए, जो आगामी साउथ अफ्रीका टेस्ट सीरीज का हिस्सा हैं। हालांकि भारतीय गेंदबाजों ने टीम को लीड दिलाने में अहम भूमिका निभाई। प्रसिद्ध कृष्णा ने 3 तो आकाशदीप और मोहम्मद सिराज ने 2-2 विकेट लेकर साउथ अफ्रीका ए को 221 रनों पर समेट दिया। अफ्रीकी टीम के लिए कप्तान मार्क्स एकरमैन ने 134 रनों की शानदार पारी खेली। पहली पारी के बाद 34 रनों की बढ़त हासिल कर भारत ने खबर लिखे जाने तक दूसरी पारी में 5 विकेट के नुकसान पर 200 रन बना लिए हैं।  

नई सियासी पारी की शुरुआत: 9 नए प्रत्याशी आजमाएंगे अपनी किस्मत

घाटशिला घाटशिला विधानसभा सीट पर 11 नवंबर को मतदान है। सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान होगा। मतगणना 14 नवंबर को की जाएगी। वहीं, कुल 13 प्रत्याशी घाटशिला विधानसभा उपचुनाव लड़ रहे हैं। 13 में से 9 प्रत्याशी पहली बार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, जिनमें एक महिला उम्मीदवार भी शामिल हैं। 2 प्रत्याशियों के बीच बड़ा मुकाबला ये नए उम्मीदवार स्थानीय स्तर पर सक्रिय रहे हैं, विकास-विकल्प, सामाजिक कार्य या जनसंपर्क के माध्यम से पहचान बना रहे हैं और अब राजनीतिक पारी में भाग ले रहे हैं, लेकिन मुख्य मुकाबला फिलहाल सत्तारूढ़ झामुमो के सोमेश चंद्र सोरेन और भाजपा के बाबूलाल सोरेन के बीच बताया जा रहा है। एक तरफ झामुमो प्रत्याशी सोमेश सोरेन अपने दिवंगत पिता रामदास सोरेन की विरासत पर भरोसा जता रहे है तो दूसरी ओर, भाजपा नेता चंपई सोरेन के बेटे बाबूलाल सोरेन मोदी सरकार की योजनाओं के दम पर मैदान में उतरे हैं, लेकिन झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के प्रत्याशी रामदास मुर्मू ने मैदान में उतरकर इस बार मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में नए उम्मीदवारों के शामिल होने से मत का विभाजन अधिक होगा और पुरानी राजनीतिक तस्वीर बदलने की संभावना बढ़ रही है। इस बार चुनावी परिणाम तय होंगे इस बात पर कि जनता पुरानी पार्टियों एवं नेताओं पर भरोसा बनाए रखेगी या नए विकल्प के पक्ष में जाए। बता दें कि झारखंड के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के आकस्मिक निधन से खाली हुई इस सीट पर अब उनके बेटे सोमेश चंद्र सोरेन मैदान में हैं और भाजपा की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन के पुत्र बाबूलाल सोरेन ताल ठोक रहे हैं। दोनों ही संताल समाज से आते हैं। इसलिए संभावना है कि आदिवासी मत दोनों तरफ जाएगा। भाजपा के अपने सहयोगी लोजपा के सहारे चार प्रतिशत दलित मतों को साथ लाने की कोशिश में हैं। झामुमो गठबंधन के मुस्लिम मंत्री भी अल्पसंख्यक मतों को अपने पाले में लाने के लिए लगे हैं, लेकिन भाजपा आदिवासी मतों के अलावा कुड़मी, पिछड़ी और अन्य दलित मतों पर नजर रख रही है। चंपाई के गहरे मित्र विद्युतवरण महतो की भी इस क्षेत्र में काफी पकड़ है। वे तीन बार से जमशेदपुर लोकसभा के सांसद भी हैं। ज्ञात हो कि रामदास सोरेन एक साल से ज्यादा समय से किडनी संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे। उनका 15 अगस्त को एक अस्पताल में निधन हो गया था। इसी के कारण घाटशिला सीट पर उपचुनाव कराने की आवश्यकता पड़ी।  

सुलक्षणा पंडित को पहचान कम मिली… — पूनम ढिल्लों ने कही दिल छू लेने वाली बात

मुंबई  बॉलीवुड की सत्तर और अस्सी के दशक में अपनी खूबसूरती, मधुर आवाज और बेहतरीन अदाकारी से दर्शकों के दिलों में जगह बनाने वाली दिग्गज अभिनेत्री और गायिका सुलक्षणा पंडित का निधन हो गया। उन्होंने गुरुवार को मुंबई के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली। अभिनेत्री का अंतिम संस्कार मुंबई में किया गया, जहां फिल्म जगत के कई जाने-माने कलाकार उपस्थित रहे। सभी ने नम आंखों से विदाई दी। इस मौके पर बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री पूनम ढिल्लों भी पहुंची। उन्होंने आईएएनएस से बात करते हुए अपनी भावनाएं साझा की और कहा, ''सुलक्षणा एक बेहतरीन अभिनेत्री और अद्भुत गायिका थीं। उन्होंने अपने जीवन में बहुत मुश्किलों का सामना किया। शुरुआती दिनों में सब कुछ बहुत अच्छा चल रहा था, लेकिन धीरे-धीरे उनकी हालत बदतर होती चली गई।'' पूनम ढिल्लों ने कहा कि सुलक्षणा को जितनी शोहरत और पहचान मिलनी चाहिए थी, उतनी नहीं मिल पाई, जबकि उनके अंदर असाधारण प्रतिभा थी।पूनम ने आगे कहा, ''सुलक्षणा के परिवार ने, खासकर उनकी बहन विजयता पंडित और भाइयों जतिन-ललित ने, उनके आखिरी दिनों तक उनकी अच्छे से देखभाल की।''पूनम ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, ''मैं हमेशा विजयता से कहती रही हूं कि भगवान हर किसी को तुम्हारे जैसी बहन दे। मैं बस यही प्रार्थना करती हूं कि सुलक्षणा जहां भी हों, उन्हें शांति मिले।'' सुलक्षणा की बात करें तो उनका जन्म संगीत से जुड़े परिवार में हुआ था। वे मशहूर शास्त्रीय गायक पंडित जसराज की भतीजी थीं। उनके परिवार में कला और संगीत का माहौल शुरू से था। उनकी बहन विजयता पंडित ने भी फिल्मों में अभिनय किया, और उनके भाई जतिन-ललित हिंदी सिनेमा की मशहूर संगीतकार जोड़ी बने। सुलक्षणा ने अपने करियर की शुरुआत गायिका के रूप में की थी। उनका पहला लोकप्रिय गाना 1967 में आई फिल्म तकदीर का 'सात समंदर पार से' था, जिसे उन्होंने लता मंगेशकर के साथ गाया था। इस गाने ने उन्हें पहचान दिलाई और संगीत जगत में उनकी जगह मजबूत की। गायन के बाद उन्होंने अभिनय की ओर रुख किया और 1975 में फिल्म 'उलझन' में अहम किरदार निभाया। इसके बाद वह 'हेरा फेरी', 'वक्त की दीवार', 'अपनापन', और 'खानदान' जैसी फिल्मों में नजर आईं। उन्होंने अपने समय के दिग्गज कलाकारों राजेश खन्ना, जितेंद्र, विनोद खन्ना, शशि कपूर और शत्रुघ्न सिन्हा के साथ काम किया। अपने अभिनय के साथ-साथ उन्होंने गायकी में भी योगदान जारी रखा और 1976 में फिल्म 'संकल्प' के गीत 'तू ही सागर तू ही किनारा' के लिए उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। सुलक्षणा का आखिरी प्लेबैक सॉन्ग 1996 में आई फिल्म 'खामोशी: द म्यूजिकल' के लिए था, जिसका संगीत उनके भाइयों जतिन-ललित ने तैयार किया था। इसके बाद वह धीरे-धीरे फिल्मी दुनिया से दूर होती चली गईं।

घुसपैठ बयान पर ओवैसी नाराज़: मुसलमानों को क्यों बनाया जा रहा निशाना?

पटना  ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने विपक्ष के इस आरोप को सिरे से खारिज कर दिया है कि विपक्षी दल घुसपैठियों को वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) पर आरोप लगाया कि वह मुसलमानों की प्रगति को नजरअंदाज करने के बाद अब उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहा है। एनडीटीवी को दिए एक इंटरव्यू के दौरान ओवैसी ने तर्क दिया कि घुसपैठ के आरोपों को तब स्वीकार किया जा सकता है जब बिहार में सोने की खदान जैसा कोई कोई बड़ा आकर्षण होता। हैदराबाद के सांसद ने कहा, "क्या यहां सोने की खान मिल गई है? अगर तेल के भंडार खोजे जाते तो मैं समझता कि लोग इस राज्य की ओर भाग रहे हैं। युवा भारतीय पूरे देश में प्रवास करते हैं, लेकिन आप उन्हें रोकने के बजाय घुसपैठिया कहकर उन्हें बदनाम करते हैं। सीमांचल के मुसलमानों ने विभाजन के दौरान बांग्लादेश जाना पसंद नहीं किया और भारत को अपना देश चुना।" ओवैसी ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अगर घुसपैठिए मौजूद भी हैं तो इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को दोषी ठहराया जाना चाहिए, क्योंकि वे कई सालों से केंद्र और बिहार की सत्ता में हैं। ओवैसी ने कहा, "मुख्यमंत्री आपके हैं, नीतीश कुमार, केंद्रीय गृह मंत्री आपके हैं अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं। आपकी निगरानी में घुसपैठिए कैसे आ रहे हैं? अगर घुसपैठिए हैं तो इसका मतलब है कि आप विफल रहे हैं। आपके पास BSF और सीमा सुरक्षा बल है। आप राज्य सरकार की आलोचना करते हैं, लेकिन वह भी आपकी ही है।" 2020 के विधानसभा चुनावों में ओवैसी की पार्टी ने सीमांचल क्षेत्र में पांच सीटें जीतकर सभी को चौंका दिया था, जहां राज्य की 17% मुस्लिम आबादी का एक बड़ा हिस्सा रहता है। हालांकि, बाद में इनमें से चार विधायक राष्ट्रीय जनता दल में शामिल हो गए थे।  

बारात की जगह उठीं अर्थियां: एक ही परिवार के चार बेटों ने तोड़ा साथ

शामली  उत्तर प्रदेश के शामली में भीषण एक्सीडेंट में चार युवाओं की सांसे रोक दी। तेज रफ्तार में दौड़ रही स्विफ्ट बेकाबू होकर सड़क किनारे खड़े कैंटर में ऐसी घुसी कि चार चचेरे भाइयों की मौके पर ही मौत हो गई। दुखद बात यह है कि एक भाई कल दूल्हा बनने वाला था, लेकिन खुशियों के बीच आई मातम की इस खबर ने कोहराम मचा दिया है। शामली में आधी रात के बाद कार बन गई जब काल दरअसल, यह दर्दनाक हादसा शुक्रवार रात 1 बजे पानीपत-खटीमा हाईवे पर बुटराडा फ्लाईओवर के बुटराड़ा गांव के पास ​​​​​हुआ। जिसमें हरियाणा के सोनीपत के बरोदा गांव रहने वाले चार चचेरे भाइयों की जिंदगी खत्म हो गई। मृतकों की पहचान विवेक, प्रदीप, आशीष और साहिल के रूप में हुई है। चारों के शव पुलिस ने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज जांच शुरू कर दी है। एक साथ चारों परिवार के चिराग हमेशा के लिए बुझ गए चारों चचेरे भाई अपने अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे। जिसमें से परमजीत की रविवार को शादी होनी थी, घर में मेहमान आ चुके थे, सारी तैयारियां हो चुकी थीं, बारात निकलने की तैयारियां चल रही थीं। लेकिन चारों ने शादी से पहले गंगा नहाने का प्लान बनाया। वह दूल्हे समेत एक कार से हरिद्वार के लिए निकल चुके थे। लेकिन, रास्ते में हादसा हो गया। इस एक्सीडेंट इतना बड़ा जख्म दिया है कि पीड़ित परिवार का दर्द जिंदगी भर नहीं भरेगा। एक झटके में चारों परिवार के चिराग हमेशा के लिए बुझ गए।   दिल दहला देने वाला था शामली का एक्सीडेंट पुलिस की शुरूआती जांच में सामने आया है कि चारों भाईयों ने शराब पी रखी थी, क्योंकि गाड़ी से शराब की बोतलें मिली हैं। यह एक्सीडेंट इतना भयानक था कि मृतकों की मौत के बाद उनकी शरीर के टुकड़े सड़क पर दूर-दूर तक बिखर गए। वहीं कार चकनाचूर हो गई और चारों भाई कार में बुरी तरह से फंस गए। पुलिस ने कार को काटकर शवों को निकाला।