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मनेंद्रगढ़ को नई सौगात: बरदर जलाशय नहर जीर्णोद्धार के लिए 3.52 करोड़ की मंजूरी

स्थानीय विधायक और कैबिनेट मंत्रीश्याम बिहारी जायसवाल ने मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार रायपुर, मनेंद्रगढ़ के स्थानीय विधायक एवं स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की पहल पर क्षेत्र को एक और सौगात मिली है। एमसीबी जिले के विकासखंड खड़गंवा की बरदर जलाशय योजना के नहर का जीर्णोद्धार कार्य की प्रशासकीय स्वीकृति जल संसाधन विभाग की तरफ से दी गयी है। यह स्वीकृति 3 करोड़ 52 लाख रुपये की  है। इस परियोजना के पूर्ण हो जाने से क्षेत्र की सिंचाई क्षमता बढ़कर 586 हेक्टेयर क्षेत्र तक पहुंच जाएगी। इससे क्षेत्र के किसानों को बड़ी राहत मिलेगी और जल संसाधनों के बेहतर उपयोग को बढ़ावा मिलेगा। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त किया है। वहीं मनेंद्रगढ़ की स्थानीय जनता ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए विधायक तथा कैबिनेट मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के प्रति आभार जताया है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए प्रशासकीय स्वीकृति मिलने के बाद कहा है कि नहर जीर्णोद्धार के कार्य से सिंचाई की क्षमता बढ़ेगी और क्षेत्र के किसानों को बेहतर फसलों के लिए एक नई दिशा मिलेगी।

पराली जलाने से बढ़ा प्रदूषण, प्रशासन की सख्ती बेअसर – जिले के 5 गांव खतरे में

गोहाना  हरियाणा के सोनीपत जिले में एयर क्वालिटी बेहद ख़राब है। इसके बावजूद भी किसान अपने खेतों में पराली जलाने से बाज नहीं आ रहे हैं। गोहाना में कृषि विभाग के अधिकारियों ने पराली जलाने के मामले में गोहाना व आस पास के गांव के तीन किसानों पर एफआईआर दर्ज करवाने के साथ-साथ पर एकड़ के हिसाब से जुर्माना व दो फसलों पर एमएसपी पर रोक लगाई है।  कृषि विभाग के अधिकारी लगातार गांव गांव जाकर किसानों को पराली न जलाने को लेकर जागरूक भी कर रहे है। सरकार की सख्ती के बावजूद किसान अपने खेतों में पराली में आग लगा रहा है। हालांकि इस साल पिछले सालों की अपेक्षा गोहाना में कम मामले सामने आए हैं। गोहाना में पांच गांवों को येलो जोन में रखा गया है।   वहीं गोहाना कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के SDO राजेंद्र कुमार ने बताया कि गोहाना क्षेत्र में तकरीबन अस्सी प्रतिशत धान की कटाई हो चुकी है। किसान धान की कटाई के बाद तुरंत नवंबर माह में गेहूं की बिजाई करता है। हमारे क्षेत्र में पचास प्रतिशत गेहूं की बिजाई हो चुकी है। इस बार किसानों द्वारा पराली जलाने के मामले बहुत की कम आए है। हमने पांच गांवों को येलो जॉन पर रखा था। सेटेलाइट के जरिए अब तक पंद्रह लोकेशन मिली है जबकि मौके से तीन ही किसानों के पराली जलाने के केस मिले है। जिनके खिलाफ सरकार के आदेश अनुसार पांच हजार का जुर्माना करते हुए उनकी रेड इंट्री पोर्टल पर कर दी है। यह किसान आगामी दो फसलें सरकारी खरीद MSP पर नहीं बेच पाएंगे।  कृषि विभाग द्वारा किसानों को पराली नहीं जलाने को लेकर जागरूक किया जा रहा है जिस के चलते पिछले साल की अपेक्षा इस बार किसानों द्वारा अपने धान की कटाई के बाद बचे अवशेष यानी पराली में आग लगाने के बजाय उसका प्रबंधन सही तरीके से किया जा रहा है। सरकार से शख्स आदेश है जो भी किसान अपने खेतो में पराली जलाता मिला उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही के साथ उनकी दो फसलों को भी MSP पर नहीं नहीं खरीदा जाएगा। 

दिल्ली ब्लास्ट केस में नया मोड़ः डॉ. शाहीन की सोच और विदेशी सपनों का राज़ खोला पूर्व पति ने

कानपुर फरीदाबाद से गिरफ्तार डॉ शाहीन के कारनामे से उसके पूर्व पति डॉ जफर हयात भी सदमे में हैं। कानपुर के एक सरकारी अस्पताल में बतौर नेत्र रोग विशेषज्ञ काम कर रहे डॉ जफर कहते हैं कि हमारी शादी सिर्फ 10 साल ही चली। 2003 में शादी होने के बाद 2012 के लास्ट में तलाक हो गया। तलाक की ठोस वजह के बारे में डॉक्टर जफर को आज तक खुद कुछ नहीं मालूम है। वह कहते हैं कि मुझे इसका जवाब आज तक नहीं पता चला। दोनों के दो बेटे हैं जो कि डॉक्टर जफर के पास ही हैं। तलाक के बाद कभी शाहीन ने डॉ जफर से संपर्क भी नहीं किया। वह बताते हैं कि शाहीन को बुर्का पहनना बिल्कुल भी पसंद नहीं था। वह रिश्तेदार और दोस्त परिवार से भी ज्यादा तालुकात नहीं रखती थी। हालांकि वह अपने परिवार की देखभाल बेहतर पत्नी और मां की तरह करती थी। हालांकि इसका ज्यादातर वक्त लैपटॉप के साथ ही बीतता था। तलाक के बाद एक बार भी उसने बच्चों से संपर्क तक नहीं किया।   डॉ. शाहीन कभी कानपुर मेडिकल कॉलेज में पढ़ाती थी। इसे लेकर मंगलवार को एटीएस की एक टीम जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज पहुंची थी। टीम ने शाहीन के बारे में मेडिकल कालेज प्रबंधन से जानकारी जुटाई। एटीएस ने शाहीन के दस्तावेजों के बारे में पूछा इसके साथ ही मेडिकल कालेज में रहने के दौरान उसकी गतिविधियों और दोस्तों के बारे में भी जानकारी जुटाई। सूत्र बताते हैं कि एटीएस को इसमें कुछ खास जानकारी हासिल नहीं हो सकी। ऐसे में संभावना जतायी जा रही है कि एक दो दिनों में एनआईए की टीम भी कानपुर आ सकती है। कानपुर के पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि एटीएस के अधिकारी शाहीन से जुड़ी जानकारियों के सिलसिले में आए थे। उन्होंने बताया कि कमिश्नरेट पुलिस जांच एजेंसियों के संपर्क में है। सुरक्षा और आतंकी गतिविधियों से जुड़ी हर जानकारी जांच एजेंसियों से साझा की जा रही है। जैश-ए-मोहम्मद से कनेक्शन जांच एजेंसियों का दावा है कि डॉ. शाहीन प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद की महिला इकाई जमात-उल-मोमिनात का हिस्सा है। उसके जिम्मे भारत में आतंकी संगठन की महिला विंग बनाने का काम था। वह कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के फार्माकोलॉजी विभाग में सात साल तक प्रोफेसर रही। बताया जा रहा है कि डॉ.शाहीन पाकिस्तान में बैठे हैंडलर के संपर्क में थी। डॉ. शाहीन ने उसने डॉ.जफर हयात से शादी की थी मगर 2012 में तलाक हो गया। इसके बाद डॉ. शाहीन ने फरीदाबाद की अल फलाह विवि में काम शुरू किया। पिता सईद अहमद अंसारी ने बताया कि जब उन्हें पता चला कि शाहीन ऐसे काम में लिप्त है तो पैरों तले जमीन खिसक गई। पिता की शाहीन से एक महीने पहले बात हुई थी। पिता ने कभी डॉ. मुज्जमिल का नाम भी नहीं सुना था। खुफिया के अनुसार जैश अब आईएसआई की रणनीति के तहत महिलाओं को भी आतंकी संगठन में शामिल कर रहा है। जैश के सरगना मसूद अजहर के नाम से जारी पत्र के जरिए जमात-उल-मोमिनात की घोषणा की गई थी। इसका प्रमुख सादिया अजहर को बनाया गया था।  

हॉकी विश्वकप ट्रॉफी पहुंची उत्तर प्रदेश, सीएम योगी बोले- यह प्रदेशवासियों के लिए गौरव का पल

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तमिलनाडु में होने वाले एफआईएच हॉकी पुरुष जूनियर विश्व कप 2025 की प्रतिष्ठित ट्रॉफी का बुधवार को भव्य स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि लखनऊ में एफआईएच हॉकी पुरुष जूनियर विश्व कप 2025 की प्रतिष्ठित ट्रॉफी का स्वागत करना मेरे और प्रदेशवासियों के लिए आह्लादित करने वाला क्षण है। जूनियर पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप में भारत, चीन, बेल्जियम जापान, स्पेन, न्यूजीलैंड चिली, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया समेत 24 टीम हिस्सा ले रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में इस ट्रॉफी का आना यूपी के स्वर्णिम इतिहास का स्मरण कराने वाला क्षण है। हॉकी इंडिया में उत्तर प्रदेश का योगदान अविस्मरणीय है। सीएम योगी ने हॉकी के जादूगर के रूप में विख्यात मेजर ध्यानचंद को भी याद किया। उन्होंने कहा कि मेजर ध्यानचंद ने उत्तर प्रदेश की धरती में जन्म लिया था। उनके नेतृत्व में भारतीय हॉकी टीम ने तीन ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतने में सफलता प्राप्त की थी। हमारी सरकार मेरठ में मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का निर्माण कर रही है। इस वर्ष से पहला सत्र प्रारंभ हो चुका है। मुख्यमंत्री ने हॉकी के यशस्वी खिलाड़ी केडी सिंह बाबू का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वह भी उत्तर प्रदेश में जन्मे थे। उनकी स्मृति को जीवंत रखने के लिए बाराबंकी में उनके निवास को एक म्यूजियम के रूप में बनाया जा रहा है। सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश हॉकी खिलाड़ियों का भी जिक्र किया और कहा कि प्रदेश ने अनेक ऐसे खिलाड़ी दिए हैं, जिन्होंने हॉकी इंडिया को सम्मान दिलाया। सीएम योगी ने पद्म पुरस्कार से सम्मानित मोहम्मद शाहिद, अशोक कुमार, रवींद्र पाल, सैयद अली, डॉ. आरपी सिंह, सुजीत कुमार, अब्दुल अजीज, सुबोध खांडेकर, रजनीश मिश्र, मोहम्मद शकील, देवेश चौहान, एमपी सिंह, जगवीर सिंह, राहुल सिंह, विवेक सिंह, ललित उपाध्याय, दानिश मुतजबा, राजकुमार पाल, प्रेम माया, रंजना श्रीवास्तव, मंजू बिष्ट, पुष्पा श्रीवास्तव, और प्रीति दुबे जैसे हॉकी के खिलाड़ियों के योगदान को भी याद किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्तमान में भी उत्तर प्रदेश के राजकुमार पाल, उत्तम सिंह, विष्णुकांत सिंह, मुमताज, साक्षी, ज्योति, पूर्णिमा महिला व पुरुष वर्ग की सीनियर-जूनियर भारतीय टीम में चयनित होकर प्रदेश और देश को गौरवान्वित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप से जुड़े समस्त पदाधिकारियों का लखनऊ आगमन पर स्वागत करते हुए एफआईएच हॉकी पुरुष जूनियर विश्व कप 2025 के सफल आयोजन की भी शुभकामना दी। उन्होंने विश्वकप में भारतीय खिलाड़ियों के सफलता की मंगलकामना भी की। बता दें कि एफआईएच हॉकी पुरुष जूनियर विश्व कप 2025 का आयोजन 28 नवंबर से 10 दिसंबर तक चेन्नई और मदुरै में होगा। टूर्नामेंट में पहली बार 24 टीमें भाग लेंगी। मेजबान भारत, जिसने वर्ष 2001 और 2016 में यह खिताब जीता था, इस बार घरेलू धरती पर तीसरी बार खिताब जीतने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरेगा।

अब नहीं चलेगी मनमानी छुट्टी! पंजाब में अफसरों को मंजूरी लेना होगा अनिवार्य

खमाणों  डिप्टी कमिश्नर डॉ. सोना थिंद ने शहीदी सभा के अग्रिम प्रबंधों को लेकर बचत भवन में अधिकारियों के साथ बैठक की और दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे साहिबजादों बाबा जोरावर सिंह, बाबा फतेह सिंह और माता गुजरी जी की बेमिसाल शहादत को समर्पित शहीदी सभा के दौरान देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है, इसलिए विभाग द्वारा किए जाने वाले सभी प्रबंध समय पर पूरे कर लिए जाएं। उन्होंने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें शहीदी पर्व को समर्पित भव्य धार्मिक यात्रा 21 नवंबर को जिला फतेहगढ़ साहिब की सीमा में प्रवेश करेगी, जिसके मद्देनजर जरूरी प्रबंध जल्द पूरे कर लिए जाएं। बैठक के दौरान उन्होंने पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग, जल आपूर्ति एवं स्वच्छता, नगर परिषद, लोक निर्माण विभाग, मंडी बोर्ड, जन स्वास्थ्य, स्वास्थ्य विभाग समेत विभिन्न विभागों द्वारा निभाई जाने वाली जिम्मेदारियों के बारे में निर्देश दिए। डीसी ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मिनी बसें, ई-रिक्शा की सुविधा उपलब्ध करवाने, एंबुलेंस की तैनाती, मेडिकल टीमों का गठन, अस्थायी शौचालयों की व्यवस्था, साफ-सफाई, संपर्क सड़कों की मरम्मत प्रक्रिया में तेजी लाने सहित अन्य प्रबंधों के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि दिसंबर माह में कोई भी अधिकारी उनकी मंजूरी के बिना छुट्टी नहीं लेगा। उन्होंने ए.डी.सी. विकास को जिला प्रशासनिक परिसर में लगने वाली प्रदर्शनियों के लिए उचित प्रबंध करने और शहर में प्रवेश के लिए बनाए गए गेटों की आवश्यक सजावट करने के भी निर्देश दिए। बैठक के दौरान ए.डी.सी. (अतिरिक्त कार्यभार) अरविंद गुप्ता, ए.डी.सी. विकास सुरिंदर सिंह धालीवाल, एस.डी.एम. चेतन बांगड़, एस.डी.एम. हरवीर कौर, मुख्यमंत्री के फील्ड अधिकारी शंकर शर्मा, जिला राजस्व अधिकारी करुण गुप्ता, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी जसप्रीत कौर सहित अन्य विभागों के अधिकारी भी मौजूद थे। 

पीएम केयर्स और सीएम कोविड बाल सेवा योजना के बच्चों संग मंत्री सुश्री भूरिया ने किया भोजन, भेंट किए उपहार

भोपाल  स्नेहिल और भावनात्मक माहौल में महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने बुधवार को अपने निवास पर पी.एम. केयर्स फॉर चिल्ड्रेन योजना एवं सी.एम. कोविड-19 बाल सेवा योजना से लाभान्वित बच्चों के साथ एक विशेष “प्रेरणा एवं संवाद कार्यक्रम” का आयोजन किया। इस अवसर पर उन्होंने बच्चों से आत्मीय वार्तालाप करते हुए उनकी समस्याएँ सुनीं, उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रेरित कर हर बच्चे को स्नेहपूर्वक उपहार भेंट किए। मंत्री सुश्री भूरिया ने बच्चों को अपने घर पर स्वयं भोजन परोसा और उनके साथ बैठकर भोजन किया, जिससे माहौल परिवार जैसा स्नेहिल बन गया। उपस्थित सभी बच्चों ने प्रसन्नता और आत्मविश्वास से भरे पलों का आनंद लिया। मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि बच्चे हमारे अपने परिवार का हिस्सा हैं। कोविड ने भले ही इनके माता-पिता को छीन लिया हो, पर अब पूरा समाज, सरकार और मैं स्वयं इनकी अभिभावक हूँ। इनका भविष्य सुरक्षित करना मेरा कर्तव्य और मेरा सौभाग्य है। बच्चों की मुस्कान ही मेरी सबसे बड़ी पूँजी है। उन्होंने कहा की इन बच्चों की आँखों में चमक और उनके चेहरे की मुस्कान ही मेरी असली उपलब्धि है। सरकार का काम सिर्फ योजनाएँ बनाना नहीं, बल्कि इन बच्चों के भविष्य को संवारना भी है। संवेदनशील पहल — स्वेच्छानुदान से की मदद बच्चों के प्रति मातृत्व स्नेह और जिम्मेदारी का परिचय देते हुए मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने एक संवेदनशील पहल की और एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। सुश्री भूरिया ने इन बच्चों के लिए 5 लाख रुपये की विशेष सहायता राशि अपने स्वेच्छानुदान से प्रदान की है, जिन्हें अब तक योजना का लाभ नहीं मिल पाया था। पिछले वर्ष भी उन्होंने लगभग 13 लाख रुपये की सहायता राशि व्यक्तिगत रूप से इन बच्चों के हित में दी थी। प्रेरणा और संवाद कार्यक्रम — बच्चों में आत्मविश्वास का संचार मंत्री सुश्री भूरिया ने बच्चों से सामान्य बातचीत के माध्यम से उनकी शिक्षा, सपनों और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की। बालिका आरती, जिसका आज जन्मदिन था। सभी बच्चों और अधिकारियों के साथ मिलकर मनाया गया, जिससे वातावरण उल्लासपूर्ण और भावनात्मक बन गया। कार्यक्रम में उप सचिव श्रीमती माधवी नागेंद्र और जिला कार्यालय के अधिकारी भी उपस्थित रहे। योजनाएँ जो बन रही हैं आशा की किरण प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पी.एम. केयर्स फॉर चिल्ड्रेन योजना वर्ष 2021 में आरंभ की गई थी, जो कोविड-19 में अपने माता-पिता को खोने वाले बच्चों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करती है। भोपाल जिले में 22 बच्चे इस योजना से लाभान्वित हैं। इन्हें 18 वर्ष की आयु तक मासिक आर्थिक सहायता, ₹10 लाख का कोष, निःशुल्क शिक्षा और स्वास्थ्य बीमा (आयुष्मान कार्ड) जैसी सुविधाएँ दी जा रही हैं। इसी तरह प्रदेश में मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल सेवा योजना शुरू की गई थी, जिसके अंतर्गत बच्चों को 5 हजार रुपये मासिक सहायता, निःशुल्क शिक्षा और राशन की सुविधा दी जाती है।  

हाथियों की मौत पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार से शपथ पत्र में मांगा जवाब

 बिलासपुर  पानी भरे गड्‌ढे में गिरने के बाद कीचड़ में फंसकर हाथियों की मौत के मामले में मंगलवार को हाईकोर्ट सुनवाई हुई। शासन ने अपने प्रस्तुत जवाब में बताया कि प्रदेश के वन क्षेत्र में 20 हजार खुले गड्‌ढे और कुएं हैं। कोर्ट ने इनसे वन्य प्राणियों को बचाने के लिए किए जा रहे उपायों की जानकारी शपथपत्र में देने के निर्देश दिए हैं। सुनवाई के दौरान कोर्ट कमिश्नर ने डिवीजन बेंच को बताया कि हाल ही में बलौदाबाजार जिले के बार नवापारा अभयारण्य के ग्राम हरदी में भी तीन हाथी और उनका शावक सूखे कुएं में गिर गए थे, जिन्हें जेसीबी के मदद से निकाला गया था। हाईकोर्ट ने पूछा कि ऐसे सूखे कुओं और गड्ढों की कवरिंग के लिए क्या कर रहे हैं? 15 दिसम्बर की सुनवाई में शासन को नए शपथपत्र में जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं। रायगढ़ वन क्षेत्र के पानी भरे गड्‌ढे में हाथी शावक की डूबकर मौत हो गई थी। हाईकोर्ट ने पिछले माह संज्ञान लेकर कहा कि सरकार को इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए पर्याप्त कदम उठाने चाहिए। इसके लिए निरीक्षण, निगरानी और त्वरित उपचारात्मक कदम उठाने होंगे। कोर्ट के नोटिस के बाद राज्य सरकार की ओर से पिछली सुनवाई में कहा गया था कि भविष्य में ऐसी किसी भी दुर्भाग्यपूर्ण घटना की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए कदम उठाए जाएंगे। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने इस बात पर नाराजगी जताई कि वन विभाग के पास ऐसे जल निकायों की व्यवस्थित निगरानी और जोखिम-मानचित्रण तंत्र का अभाव है। क्षेत्रीय कर्मचारी, विशेष रूप से बीट और रेंज स्तर पर, अक्सर अपर्याप्त संसाधनों के साथ ऐसी आपात स्थितियों पर तुरंत प्रतिक्रिया देने में असमर्थ होते हैं। हाथियों के बच्चों की बार-बार होने वाली मौतें वन्यजीव संरक्षण प्रयासों में एक दुखद कमी को उजागर करती है।

सरकारी दफ्तर बना पार्टी स्पॉट, प्रमोशन पर अधिकारी ने उड़ाई नियमों की धज्जियां

बालोद जिले में फिर एक बार नौकशाही का नमूना देखने मिला है। यहां एक नौकरशाह का ठाठ देखने मिला है, जहां साहब सिविल सेवा आचरण नियम को ताक पर रखकर मुर्गा पार्टी की दावत दे रहे हैं, वो भी कार्यालय प्रांगण में और कार्यालयीन समय पर। ये साहेब हैं बालोद जिले के मंडी सचिव संजीव वाहिले, जिन्होंने प्रमोशन मिलने पर अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को मुर्गा पार्टी की दावत दे डाली। दरअसल बुधवार को जिला मुख्यालय बालोद के गंजपारा स्थित कृषि उपज मंडी के प्रांगण कार्यालय में मंडी के ही कर्मचारियों द्वारा भोजन बनाया जा रहा था और भोजन में मुर्गा की भी दावत रही। बताया गया है कि मंडी सचिव संजीव वाहिले ने सचिव बनने के उपलक्ष्य पर अपने कर्मचारियों को मुर्गा दावत की पार्टी दी थी। लेकिन बड़ी बात यह है कि मुर्गा पार्टी की दावत कार्यालय प्रांगण में रखी गई और मुर्गा सहित अन्य भोजन भी कार्यालय परिसर प्रांगण में ही बनाया गया, वो भी कार्यालयीन समय पर।   बता दें कि गुरेज इस बात का नहीं है कि मंडी सचिव ने प्रमोशन मिलने पर दावत दी। गुरेज इस बात से है कि कार्यालयीन समय पर कर्मचारियों से कार्यालय प्रांगण में ही मुर्गा सहित अन्य भोजन को बनवाया गया और फिर दावत उड़ाई गई। अगर उन्हें प्रमोशन मिलने पर पार्टी देनी ही थी, तो कार्यालयीन समय के पश्चात कही बाहर दे देते। उनका यह कृत्य सिविल सेवा आचरण अधिनियम का उल्लंघन दर्शाता है। मामले में जब मंडी सचिव संजीव वाहिले से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि उनका प्रमोशन हुआ है तो स्टाफ वाले बोले कि खाना खाएंगे, इसलिए पार्टी रखी गई थी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया रिलायंस कम्प्रेस्ड बायो गैस संयंत्रों का वर्चुअल उद्घाटन

कचरे को ऊर्जा में बदलने का उत्कृष्ट उदाहरण हैं कम्प्रेस्ड बायो गैस प्लांट्स इससे पराली जलाने जैसी घटनाएं भी होती हैं कम भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हरित ऊर्जा (ग्रीन एनर्जी) आज की जरूरत है। समेकित ऊर्जा उत्पादन पद्धति से हम देश और प्रदेश को स्वच्छ, हरित और उज्जवल भविष्य की ओर लेकर जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि निजी भागीदारी और सहयोग से हम मध्यप्रदेश को हरित ऊर्जा का हब बनाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए रिलायंस ग्रीन एनर्जी कंपनी द्वारा भोपाल, इंदौर एवं सतना में नवनिर्मित तीन कंप्रेस्ड बायो गैस (सीबीजी) प्लांट्स का वर्चुअल उद्घाटन कर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह अत्याधुनिक कम्प्रेस्ड बायो गैस प्लांट्स साझेदारी और प्रगति का प्रतीक हैं। यह कचरे को ऊर्जा में बदलते हैं। मध्यप्रदेश की धरती बेहद उपजाऊ है। कम्प्रेस्ड बायो गैस प्लांट्स के जरिए ऊर्जा उत्पादन से प्रदेश में पराली/नरवाई जलाने जैसी घटनाएं भी कम होंगी। उन्होंने कहा कि हम मध्यप्रदेश में भविष्य की ऊर्जा तैयार कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि इन तीनों सीबीजी प्लांट्स का वर्ष 2023-24 में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ही भूमिपूजन किया था और बुधवार को उनके द्वारा लोकार्पण भी किया गया। कम्पनी द्वारा प्रदेश में कुल 6 संयंत्र स्थापित किए गए हैं। इनमें से तीन का लोकार्पण बुधवार को सम्पन्न हुआ। जबलपुर, बालाघाट और सीहोर में एक-एक संयंत्र निर्माणाधीन होकर तेजी से प्रगति पर हैं। कम्पनी द्वारा इन 6 संयंत्रों में करीब 700 करोड़ रूपए का निवेश किया गया है। इनकी संयुक्त उत्पादन क्षमता 45 हजार टन प्रतिवर्ष है। इन संयंत्रों के शुरू होने से वार्षिक स्तर पर लगभग 17 हजार टन कार्बन डाइऑक्साइट उत्सर्जन में कमी आएगी, जो सरकार के पर्यावरण-संरक्षण के प्रयासों का सशक्त प्रमाण है। कंप्रेस्ड बायो गैस प्लांट का उद्घाटन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज स्वच्छ ऊर्जा, हरित विकास और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के नए युग का शुभारम्भ हो रहा है। भोपाल के आदमपुर छावनी क्षेत्र में रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड द्वारा स्थापित मध्यप्रदेश के सबसे बड़े और अत्याधुनिक कंप्रेस्ड बायो गैस प्लांट का उद्घाटन किया जा रहा है। यह प्लांट प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के “वेस्ट-टू-वेल्थ” और “एनर्जी फ्रॉम वेस्ट” के विज़न को साकार करने का प्रतीक है। इसका उद्देश्य स्वच्छ और सतत ऊर्जा उत्पादन के साथ भारत के 2070 तक “नेट जीरो कार्बन एमिशन” लक्ष्य प्राप्ति में भूमिका निभाना है। भोपाल का सीबीजी प्लांट केवल एक औद्योगिक परियोजना नहीं, बल्कि “हरित क्रांति 2.0” की शुरुआत भी है। झीलों की नगरी भोपाल में बन रहा वेस्ट से वेल्थ का सेंटर कार्यक्रम में रिलायंस कम्पनी के पदाधिकारियों ने बताया कि भोपाल के 130 करोड़ रुपये की लागत से 20 एकड़ भूमि में बने कंप्रेस्ड बायो गैस प्लांट से प्रतिदिन 22.5 टन बायो गैस का उत्पादन होगा, जिसके लिए 260 टन कृषि अवशेष जैसे पराली और नेपियर घास का उपयोग किया जाएगा। यही कचरा, जो पहले प्रदूषण का कारण बनता था, अब ऊर्जा का स्रोत बनेगा। यह अपने आप में "कचरे से कंचन" की साकार मिसाल है। इस प्लांट से निकलने वाली गैस का उपयोग बायो-CNG के रूप में वाहनों, घरेलू और औद्योगिक उपयोग में होगा, जो लगभग 2000 ऑटो रिक्शा और लघु वाहनों को ईंधन प्रदान कर सकेगी। इस प्लांट से 250 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे। अपशिष्ट से अवसर : वेस्ट मैनेजमेंट का नया मॉडल कम्पनी पदाधिकारियों ने बताया कि यह सीबीजी संयंत्र जीरो लिक्विड डिस्चार्ज तकनीक पर आधारित है और प्रदूषण नियंत्रण मानकों की व्हाइट कैटेगरी में आता है, जो पर्यावरण के लिए पूर्णतः सुरक्षित है। इस परियोजना की तकनीकी प्रक्रिया भी अत्याधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल है। इसमें Anaerobic Digestion Technology का उपयोग किया गया है, जिसे GPS Renewables (भारत) और Snow Leopard Projects (जर्मनी) ने विकसित किया है। यह संयंत्र केवल ऊर्जा उत्पादन का केंद्र नहीं है, बल्कि किसानों के जीवन में परिवर्तन लाने का माध्यम भी है। इससे न केवल पराली जलाने की समस्या का समाधान होगा, बल्कि किसानों को अपनी फसलों के अवशेष से अतिरिक्त आमदनी का भी स्रोत मिलेगा। इस प्लांट से प्रतिदिन 90 टन “Fermented Organic Manure” तैयार होगा, जो प्राकृतिक जैविक खाद के रूप में किसानों को मिलेगा। इससे मिट्टी की जैविक कार्बन की मात्रा बढ़ेगी, रासायनिक खादों पर निर्भरता घटेगी और फसलों की गुणवत्ता सुधरेगी। प्रदेश में बन रहे अन्य जगह कंप्रेस्ड बायो गैस के प्लांट रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के भोपाल के साथ इंदौर और सतना में कंप्रेस्ड गैस प्लांट कमीशनिंग स्टेज में है और जबलपुर में काम अंतिम चरण में है और बालाघाट, सीहोर में यह प्रक्रिया निर्माणधीन है। यह प्लांट सिर्फ नेपियर ग्रास के माध्यम से एग्री वेस्ट से ही नहीं, बल्कि बंजर भूमि और वेस्टलैंड को भी पुनर्जीवित करेगा। इस परियोजना के पहले चरण में 100 संयंत्रों का समूह स्थापित किया जाएगा। प्रत्येक संयंत्र में लगभग 120-120 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा, जिससे लगभग 500 से अधिक प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे। आने वाले वर्षों में रिलायंस कम्पनी प्रदेश में 500 कम्प्रेस्ड बायो गैस प्लांट्स लगाने की योजना है।  

400 के.वी. सबस्टेशन इंदौर में घुसे तेंदुए को बहादुरी से पकड़ा

ट्रांसको टीम की सतर्कता और साहस से टला बड़ा हादसा भोपाल  मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) के 400 के.वी. सबस्टेशन, इंदौर में गत दिवस अर्धरात्रि के समय अचानक एक तेंदुआ घुस आया। इस आकस्मिक और जोखिमपूर्ण स्थिति में ड्यूटी पर तैनात कर्मियों ने अदम्य साहस, सतर्कता और उत्कृष्ट टीम भावना का परिचय देते हुए संभावित दुर्घटना को टाल दिया। वन विभाग की सहायता से तेंदुए को सकुशल पकड़वाने में सफलता प्राप्त की। ड्यूटी पर तैनात आउटसोर्स सिक्योरिटी गार्ड कृष्णा बघेला, सूरज मोहनिया तथा मेंटेनेंस टीम के सदस्य श्रीराम अभिलाष ने यार्ड क्षेत्र में तेंदुए की मौजूदगी को देखकर तत्काल सबस्टेशन की ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस टीम को सूचित किया। इन कर्मियों ने अत्यंत धैर्य और सूझबूझ का परिचय देते हुए सभी कार्मिकों को सावधानीपूर्वक सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और किसी भी प्रकार की अफरा-तफरी या नुकसान से स्थिति को बचाया। वन विभाग को दी गई त्वरित सूचना कर्मियों को सुरक्षित करने के उपरांत परीक्षण परिचारक के.के. मिश्रा ने तुरंत वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और सबस्टेशन यार्ड में अस्थायी पिंजरा स्थापित कर रेस्क्यू अभियान आरंभ किया। अथक प्रयासों के बाद तेंदुए को सुरक्षित रूप से पिंजरे में कैद किया गया। वन विभाग की टीम ने उसे बिना किसी हानि के सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। रही इनकी सक्रिय भूमिका इस सराहनीय और अनुकरणीय कार्य में आउटसोर्स कर्मियों के साथ परीक्षण परिचारक के.के. मिश्रा, सहायक अभियंता अतुल पराड़कर, कार्यपालन अभियंता श्रीमती नूतन शर्मा एवं अधीक्षण अभियंता जयेश चोपड़ा की सक्रिय एवं समन्वित भूमिका रही। प्रबंध संचालक ने की सराहना एम.पी. ट्रांसको के प्रबंध संचालक ने इस घटना में कर्मियों द्वारा दिखाई गई सतर्कता, टीमवर्क और मानवीय संवेदनशीलता की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह घटना न केवल सबस्टेशन में कार्यरत कर्मियों की कार्यकुशलता और समर्पण का उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि आकस्मिक परिस्थितियों में ट्रांसको कर्मी सजगता और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने में पूर्णतः सक्षम हैं। आउटसोर्स कर्मियों को मिलेगा सम्मान प्रबंध संचालक ने कहा है कि इस साहसिक एवं प्रेरणादायी कार्य के लिए एम.पी. ट्रांसको प्रबंधन द्वारा संबंधित आउटसोर्स कर्मियों सहित सभी को सम्मानित कर पुरस्कृत किया जाएगा।