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मप्र में जनजाति वर्गों को मिल रही गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सुविधाएं

जेईई और नीट में हुआ चयन, मप्र देश में दूसरे स्थान पर भोपाल मध्यप्रदेश में संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय स्कूल के जनजातीय विद्यार्थियों ने जेईई और नीट जैसी कठिन परीक्षाएं उत्तीर्ण कर मध्यप्रदेश को देश की रैंकिंग में दूसरे स्थान पर ला दिया है। वर्ष 2024-25 में मध्यप्रदेश से जेईई मेंस में 51 विद्यार्थियों, जेईई एडवांस्ड में 10 और नीट में 115 विद्यार्थियों ने परीक्षा पास की। इससे देश में मध्यप्रदेश का स्थान दूसरे नंबर पर आ गया है। वर्ष 2022-23 तक इन परीक्षाओं में विद्यार्थियों के पास होने का आंकड़ा मात्र 2 था। स्पष्ट है कि शैक्षणिक सुविधाओं के विस्तार और गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई से अब इन शालाओं से ज्यादा से ज्यादा बच्चे कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में पास हो रहे हैं। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय आदिवासी कार्य मंत्रालय द्वारा मध्यप्रदेश में 63 एकलव्य आदर्श आवासीय स्कूल संचालित है। देश में ऐसे 485 स्कूल है। छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा 75 और तीसरे नंबर पर झारखंड में 51 स्कूल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जनजातीय बहुल क्षेत्रों में शैक्षणिक सुविधाओं के विस्तार के निर्देश दिए है। मध्यप्रदेश में शैक्षणिक सुविधाएं लगातार बढ़ रही हैं। जनजातीय वर्ग के विद्यार्थियों को ज्यादा से ज्यादा शैक्षणिक सुविधाएं मिल रही है। प्रदेश में 34,557 शैक्षणिक संस्थाएं हैं। इनमें प्राथमिक शालाओं की संख्या 12913, माध्यमिक शाला 6788, हाई स्कूल 788, 1109, उच्चतर माध्यमिक शाला 804, सांदीपनी विद्यालय 94, एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय 63, माता शबरी आवासीय कन्या शिक्षा परिषद 82, आदर्श आवासीय विद्यालय 8, छात्रावास 1593, आश्रम 1078 और क्रीड़ा परिषद 25 शामिल है। अनुसूचित जनजाति वर्ग के कल्याण के लिए 2025-26 में 47296 करोड़ का बजट प्रावधान रखा गया है जो पिछले बजट की तुलना में 15.91% ज्यादा है। शैक्षणिक और प्रशासनिक संवर्ग सहित 4600 पदों की पूर्ति की जा रही है। जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों को अध्ययन सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य 139422 विद्यार्थियों को छात्रावास और आश्रम शालाओं में प्रवेश देकर 94% सीट क्षमता का उपयोग किया गया है। जनजाति वर्ग में सिकल सेल एनीमिया की समस्या पर नियंत्रण के लिए विभाग की संस्थाओं और छात्रावास में पढ़ रहे विद्यार्थियों के सिकल सेल एनीमिया की स्क्रीनिंग निरंतर की जा रही है। अभी तक कुल 1,11,744 विद्यार्थियों की जांच की जा चुकी है। विद्यार्थियों को निरंतर शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत संचालित महाविद्यालय छात्रावास में मेस संचालन के लिए 10 माह के स्थान पर 12 माह की शिष्यवृत्ति स्वीकृत की गई है। इन समुदायों के युवाओं को रोजगारमूलक प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग देने के उद्देश्य में 10 परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्र की स्वीकृति भारत सरकार से मिल गई है। भारत दर्शन कार्यक्रम के अंतर्गत 125 छात्र एवं 126 छात्राओं को लाभान्वित किया गया है। इस साल 300 विद्यार्थियों को लाभान्वित किया जा रहा है। विभाग द्वारा अनुबंधित नॉलेज पार्टनर संस्थाओं से जनजातीय कार्य विभाग की शैक्षणिक संस्थानों सांदीपनि आवासीय विद्यालयों में जीवन कौशल प्रशिक्षण एवं फंडामेंटल लिटरेसी-न्यूमैरेसी के प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं। राष्ट्रीय आदिवासी छात्र शिक्षा समिति के माध्यम से एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में 1806 शैक्षणिक स्टॉफ और 40 प्राचार्य की नियुक्ति की गई है। आकांक्षा योजना के अंतर्गत 841 मेधावी विद्यार्थियों को जेईई और नीट कोचिंग दी जा रही है। सिविल सेवा परीक्षा में सफलता प्राप्त करने वाले जनजाति वर्ग के 1000 विद्यार्थियों को सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत 2 करोड़ के प्रावधान राशि वितरित की गई है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए 5 संभागों में परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्र निर्माण को भारत सरकार ने मंजूरी दे दी है।  

कड़ाके की सर्दी का प्रहार! कई राज्यों में शीतलहर का IMD अलर्ट, तापमान में भारी गिरावट

नई दिल्ली  देशभर में सर्दी का असर लगातार बढ़ रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि आने वाले दिनों में उत्तर और मध्य भारत में ठंड का प्रकोप (Weather Update) और तेज़ होगा। पश्चिमी मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में 16 नवंबर तक शीतलहर (Cold Waves) की स्थिति बनी रहेगी। वहीं, दक्षिण भारत के तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में अगले दो दिनों तक भारी बारिश की संभावना है।   उत्तर भारत में सर्दी और कोहरे की चपेट हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कई इलाकों में तापमान 0°C से नीचे चला गया है। लाहौल-स्पीति, मनाली, नैनीताल, चमोली और रुद्रप्रयाग जैसे क्षेत्रों में बर्फबारी का सिलसिला जारी है। शीतलहर के कारण जनजीवन प्रभावित है। वहीं, जम्मू-कश्मीर में 16 नवंबर को पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बादल छाने और हल्की बारिश व बर्फबारी की संभावना जताई गई है।   MP और CG में शीतलहर MP में वर्तमान में किसी प्रभावी मौसम प्रणाली के सक्रिय नहीं रहने और लगातार सर्द हवाएं चलने से ठिठुरन बरकरार है। भोपाल, इंदौर सहित कई शहरों में लगातार पांच दिन तक तीव्र शीतलहर की स्थिति बनी हुई है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, मौसम का इस तरह का मिजाज अभी तीन-चार दिन तक और बना रह सकता है। छत्तीसगढ़ में एक बार फिर ठंड ने दस्तक दे दी है। IMD ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि 16 नवंबर तक छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में शीत लहर चलने की संभावना है।   मौसम विभाग ने ओडिशा, हरियाणा, हिमाचल, असम, दिल्ली और चंडीगढ़ में हल्के से घने कोहरे की चेतावनी दी है। दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार में रात और सुबह के समय घना कोहरा छाने की संभावना है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में प्रदूषण की स्थिति गंभीर बनी हुई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, बुधवार को दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 418 दर्ज किया गया, जो “गंभीर श्रेणी” में आता है। प्रदूषण के साथ अब कोहरे की परत ने भी शहर को ढक लिया है, जिससे दृश्यता में भारी गिरावट आई है। दक्षिण भारत में भारी बारिश का अलर्ट दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण के कारण दक्षिण भारत में बारिश का दौर जारी है। 13 नवंबर 2025 को केरल, तमिलनाडु, अंडमान निकोबार द्वीप समूह और लक्ष्यद्वीप में आंधी-तूफान, गरज के साथ बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। UP में तापमान में गिरावट उत्तर प्रदेश में दिन का तापमान सामान्य है, लेकिन पछुआ हवाओं ने न्यूनतम तापमान में गिरावट ला दी है। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि लखनऊ और पूर्वी यूपी के अधिकांश जिलों में न्यूनतम तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस तक की कमी होगी। बिहार में ठंड और धुंध का असर बिहार में सुबह-शाम धुंध और ठंड का असर बना हुआ है, जबकि दिन में हल्की गर्मी महसूस की जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार, दिसंबर से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण राज्य में ठंड और बढ़ सकती है।  

कल बिहार के सभी स्कूल रहेंगे बंद, सरकार ने जारी किए निर्देश

पटना बिहार विधानसभा चुनाव के तहत पटना जिले के सभी 14 विधानसभा क्षेत्रों की मतगणना राजधानी पटना के एएन कॉलेज में शुक्रवार, 14 नवंबर को सुबह 8 बजे से शुरू होगी। मतगणना के दौरान यातायात प्रबंधन, जनसुविधा और जनहित को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं और इसी क्रम में पटना जिले के सभी विद्यालयों में 12वीं कक्षा तक के पठन-पाठन कार्य 14 नवंबर को स्थगित कर दिए गए हैं। इस संबंध में जानकारी देते हुए जिला निर्वाचन पदाधिकारी- सह- जिलाधिकारी डॉ त्यागराजन एसएम ने बताया कि मतगणना स्थल के आसपास सुरक्षा और व्यवस्था के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं। साथ ही जनता की सुविधा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है कि विद्यालय एक दिन के लिए बंद रहेंगे। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे मतगणना स्थल के आसपास अनावश्यक भीड़ न लगायें और यातायात नियमों का पालन करें।

रामपाल विवाद में फिर बवाल! झड़प के बाद अब 4 गांवों में पंचायतें सक्रिय

भिवानी  भिवानी जिले के गांव खरक राजान में रामपाल को भगवान कहने पर समर्थकों और गांव के युवाओं के बीच हाथापाई हो गई। इस विवाद का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। ग्रामीणों के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ, लेकिन गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए खरक राजान की धर्मशाला में चारों पंचायतों की बैठक बुलाई गई, जिसमें मामले पर चर्चा की जाएगी। जानकारी के अनुसार 10 नवंबर को गांव के सरपंच प्रदीप कुमार पानी निकासी की समस्या को लेकर कुछ ग्रामीणों के साथ इलाके में एकत्र हुए थे। इसी दौरान वहां मौजूद रामपाल समर्थकों ने रामपाल को भगवान कहा जिस पर कुछ युवाओं ने एतराज जताया। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों में हाथापाई शुरू हो गई। बाद में ग्रामीणों ने बीच-बचाव कर किसी तरह मामला शांत कराया।  युवाओं का कहना था कि कोई भी अपने मत या इष्ट के प्रति श्रद्धा रख सकता है, लेकिन उसे भगवान का दर्जा देना या अन्य धर्मों का अपमान करना स्वीकार नहीं किया जा सकता। इसी बात को लेकर रामपाल के समर्थक और ग्रामीणों में जमकर बवाल हुआ। अब गांव के शांति के लिए वीरवार शाम 4 बजे खरक राजान की धर्मशाला में पंचायत की बैठक बुलाई गई है।    इन 4 गांवों की बुलाई पंचायत सरपंच प्रदीप कुमार ने बताया कि इस बैठक में खरक राजान, खरक खांडयान, खरककलां और खरक खुर्द की पंचायतों को आमंत्रित किया गया है। बैठक में विवाद के निपटारे और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सामूहिक सहमति बनाई जाएगी। पुलिस को नहीं दी गई शिकायत वहीं इस मामले में गांव खरक कलां चौकी इंचार्ज वीरेंद्र ने बताया कि 10 नवंबर को 2 पक्षों के बीच झगड़ा होने की सूचना मिली थी, लेकिन अभी तक दोनों पक्षों की तरफ से कोई शिकायत नहीं दी गई है। लेकिन इस आपसी मतभेद मामलें में पुलिस नजर बनाए हुए हैं।  

क्वालीफायर्स पर भारतीय नजरें: बिली जीन किंग कप में दमखम दिखाने को तैयार महिला टीम

बेंगलुरू भारतीय महिला टेनिस टीम बिली जीन किंग कप (बीजेकेसी) क्वालीफायर्स में जगह बनाने के लिए शुक्रवार से यहां शुरू हो रहे प्ले ऑफ में नीदरलैंड और स्लोवेनिया जैसे मजबूत प्रतिद्वंद्वियों को घरेलू मैदान पर हराने की उम्मीद के साथ कोर्ट पर उतरेगी। पूरा देश अभी भी भारतीय महिला क्रिकेट टीम की हाल ही में पहली बार विश्व कप जीतने की खुशी में डूबा हुआ है और यदि टेनिस स्टार खिलाड़ी क्वालीफायर्स में जगह बनाने में सफल रहते तो यह भारत में महिला खेलों के लिए एक और अच्छी खबर होगी। भारत नीदरलैंड और स्लोवेनिया के साथ ग्रुप जी में है। भारतीय अभियान का नेतृत्व सहजा यमलापल्ली, श्रीवल्ली भामिदीपती, अंकिता रैना, रिया भाटिया और प्रार्थना थोम्बरे करेंगे। ⁠ शुक्रवार को नीदरलैंड और स्लोवेनिया के बीच मुक़ाबला होगा। भारत का पहला मुक़ाबला शनिवार को स्लोवेनिया से होगा और उसके बाद रविवार को वह सातवीं वरीयता प्राप्त नीदरलैंड से भिड़ेगा। यह पहला अवसर है जबकि भारत इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता की मेजबानी कर रहा है। तीनों टीमें राउंड-रॉबिन मैचों में एक-दूसरे का सामना करेंगी। ग्रुप में शीर्ष पर रहने वाली टीम 2026 में होने वाले क्वालीफायर में जगह बनाएंगी जबकि बाकी दो टीम क्षेत्रीय ग्रुप एक में लौट जाएंगी। भारत इससे पहले 2021 में केवल एक बार बिली जीन किंग कप प्ले-ऑफ में पहुंचा था लेकिन तब वह लाटविया से हार गया था। इस प्रतियोगिता को पहले फेडरेशन कप के नाम से जाना जाता था। भारत की उम्मीदें सहजा पर निर्भर हैं। भारत की नंबर एक और विश्व की 309वें नंबर की खिलाड़ी सहजा ने मैक्सिको में डब्ल्यूटीए 125 प्रतियोगिता में 2017 की अमेरिकी ओपन चैंपियन स्लोएन स्टीफंस को हराया था और वह नीदरलैंड की विश्व की 87वें नंबर की खिलाड़ी सुजान लामेंस के खिलाफ भी इसी तरह की सफलता की उम्मीद कर रही होंगी। सहजा ने पिछले महीने डब्ल्यूटीए 250 चेन्नई ओपन में भी अच्छा प्रदर्शन किया था, जहां वह एकल के क्वार्टर फाइनल और युगल वर्ग में खिताबी मुकाबले तक पहुंची थीं। लामेंस के अलावा नीदरलैंड की टीम में अरांताक्सा रुस और युगल विशेषज्ञ डेमी शूर्स जैसे अन्य सक्षम खिलाड़ी भी शामिल हैं। स्लोवेनिया की टीम में तमारा जिदानसेक भी हैं, जो फ्रेंच ओपन की पूर्व सेमीफाइनलिस्ट हैं, लेकिन भारतीय टीम यहां एसएम कृष्णा टेनिस स्टेडियम के हार्ड कोर्ट पर उनके खिलाफ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहेंगी। इस संदर्भ में विश्व में 381वें नंबर की खिलाड़ी श्रीवल्ली को उम्मीद होगी कि उनकी तेज सर्विस और सटीक ग्राउंड शॉट प्रतिद्वंद्वियों को दबाव में रखेंगे। भारतीय टीम चार नवंबर से शहर में डेरा डाले हुए है और गैर खिलाड़ी कप्तान विशाल उप्पल ने उम्मीद जताई कि 10 दिवसीय अभ्यास शिविर से उनके खिलाड़ियों को बेहतर प्रदर्शन करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा,‘‘हमने अपने से अधिक रैंकिंग वाली टीमों को हराकर प्लेऑफ में जगह बनाई। हमारे सभी खिलाड़ी अच्छी लय में हैं। अब हमारा लक्ष्य अपनी प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित करना और अपने से ऊंची रैंकिंग वाली प्रतिद्वंद्वियों के लिए मुश्किलें खड़ी करने के लिए मानसिक रूप से तैयार रहना है।‘‘  

ग्वालियर को स्मार्ट सिटी के रुप में पहचान मिलेगी : मंत्री तोमर

मंत्री श्री तोमर ने किया 1.04 करोड़ के विकास कार्यों का भूमि-पूजन भोपाल  ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर गुरुवार को उप नगर ग्वालियर में 1.04 करोड़ से अधिक राशि की लागत से निर्मित होने वाले विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया। मंत्री श्री तोमर ने आसमानी माता मंदिर होटल क्लार्क इन के पास वार्ड क्रमांक-33 स्थित विभिन्न गलियों में एक करोड़ रुपए की लागत से निर्मित होने वाले सीवर लाइन कार्य का भूमि-पूजन किया। आसमानी माता मंदिर होटल क्लार्क इन के पीछे 4 लाख रुपये लागत के नलकूप खनन कार्य का भी भूमि-पूजन किया। मंत्री श्री तोमर ने कहा कि विकास की दिशा में यह कदम स्वच्छता, सुरक्षित जल और बेहतर जीवन सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण साबित होगा।  उन्होंने कहा कि ग्वालियर सांस्कृतिक, औद्योगिक और पर्यटन केन्द्र के रुप में विकसित हो रहा है। बीते कुछ समय में शहरी बुनियादी ढांचे के उन्नयन के साथ पर्यावरण से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर ध्यान दिया गया है। शहर में चल रहीं विभिन्न विकास योजनाओं के पूरा होने से न केवल सुविधाएं बढ़ेंगी, बल्कि ग्वालियर को स्मार्ट सिटी के रूप में नई पहचान मिलेगी। इस अवसर पर लवी खंडेलवाल, पार्षद श्रीमती सुनीता अरुण कुशवाह, पार्षद श्रीमती भावना कन्नोजिया, श्री भीकम खटीक, पूर्व पार्षद श्री चन्द्रू सेन, गिरजा शंकर शर्मा, रामशरण भदौरिया, जिला एवं नगर निगम प्रशासन, विद्युत वितरण कम्पनी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा जन-प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

मतगणना की तैयारी पूरी: 44 केंद्रों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम, सुबह 8 बजे से गिनती शुरू

पटना दो चरणों में संपन्न हुये बिहार विधानसभा चुनाव के बाद अब सबकी निगाहें शुक्रवार, 14 नवंबर को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं। मतगणना का कार्य राज्य के सभी 38 जिलों में स्थित 44 मतगणना केंद्रों पर सुबह 8 बजे से शुरू होगा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने चुनाव आयोग के निर्देशानुसार मतगणना की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि पूरे प्रदेश में मतगणना की प्रक्रिया सुचारू, पारदर्शी और सुरक्षित माहौल में संपन्न हो। मतगणना के दौरान चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था की गई है। इसके लिये पर्याप्त संख्या में केंद्रीय बलों और राज्य पुलिस बलों की तैनाती की गई है, जिससे किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के वरीय अधिकारी ने बताया है कि मतगणना की प्रक्रिया पोस्टल बैलट की गिनती से शुरू होगी। इसके बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) से वोटों की गिनती की जायेगी।  CCTV से होगी हर चरण की निगरानी अधिकारी ने यह भी कहा है कि मतगणना के प्रत्येक चरण की निगरानी के लिये सीसीटीवी कैमरे और वीडियो रिकॉडिर्ंग की व्यवस्था की गई है। इस संबंध में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के अधिकारियों के अनुसार‘चुनाव परिणाम पारदर्शी तरीके से घोषित किये जाएंगे। सभी मतगणना केंद्रों पर पर्यवेक्षक और एजेंटों की उपस्थिति में पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की जायेगी।‘ प्रशासन ने सभी राजनीतिक दलों और समर्थकों से शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखने और मतगणना केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ से बचने की अपील की है।

प्रदूषण से लड़ाई तेज: सभी राज्यों में चेस्ट क्लीनिक खोलने और डॉक्टरों की मौजूदगी सुनिश्चित करने के निर्देश

नई दिल्ली  केंद्र सरकार ने देश भर के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एक महत्वपूर्ण परामर्श जारी किया है। इसका उद्देश्य वायु प्रदूषण से जुड़ी बीमारियों से प्रभावी ढंग से निपटना है। केंद्र ने निर्देश दिया है कि सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों और मेडिकल कॉलेजों में 'चेस्ट क्लीनिक' (Chest Clinics) का संचालन सुनिश्चित किया जाए।   'राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन एवं मानव स्वास्थ्य कार्यक्रम' के तहत पहल यह पहल राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन एवं मानव स्वास्थ्य कार्यक्रम (NPCC H H) के तहत की जा रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने तत्काल कार्रवाई का निर्देश देते हुए कहा है कि प्रदूषण बढ़ने के कारण श्वसन (Respiratory) और हृदय (Cardiovascular) संबंधी बीमारियों के मामलों में तेज़ी आती है इसलिए अस्पतालों को विशेष तैयारी रखनी होगी। क्लीनिकों के संचालन पर मुख्य निर्देश: सक्रियता की अवधि: आमतौर पर जिन महीनों में वायु प्रदूषण सबसे अधिक होता है (यानी सितंबर से मार्च) उन महीनों के दौरान इन क्लीनिकों से प्रतिदिन कम-से-कम दो घंटे तक काम करने की अपेक्षा की जाती है। स्थापना स्थल: ये चेस्ट क्लीनिक शहरी क्षेत्रों में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHCs) जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में स्थापित किए जा सकते हैं। कवरेज: राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के तहत ऐसे सभी क्लीनिकों को कवर किया जाएगा।   रोगियों की जांच, उपचार और रिकॉर्ड रखना अनिवार्य परामर्श में स्पष्ट किया गया है कि इन चेस्ट क्लीनिकों का मुख्य कार्य प्रदूषण के कारण बढ़े श्वसन और हृदय रोगों से पीड़ित रोगियों की जांच करना और उनका उपचार करना होगा। डिजिटल रिकॉर्ड: राज्य या राष्ट्रीय स्तर के डिजिटल उपकरणों जैसे कि एकीकृत स्वास्थ्य सूचना मंच (IHIP) के माध्यम से इन रोगियों का व्यवस्थित रिकॉर्ड बनाए रखा जाए। उच्च जोखिम वाले रोगियों की पहचान: प्रदूषण से सबसे ज़्यादा प्रभावित होने वाले उच्च जोखिम वाले रोगियों (High-risk patients) की पहचान की जाए और उनका एक रजिस्टर बनाया जाए। सामुदायिक समन्वय: ऐसे उच्च जोखिम वाले लोगों का विवरण संबंधित ब्लॉक की आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम (ANMs) और सीएचओ (CHOs) के साथ भी साझा किया जाए ताकि सामुदायिक स्तर पर भी देखभाल हो सके।   स्टाफ को प्रशिक्षण और तैयारियों पर ज़ोर केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को लिखे पत्र में कहा कि सर्दियों के दौरान देश के कई हिस्सों में हवा की गुणवत्ता अक्सर 'खराब' (Poor) से लेकर 'गंभीर' (Severe) स्तर तक पहुंच जाती है जो एक बड़ी स्वास्थ्य चुनौती पैदा करती है। परामर्श में डॉक्टरों और कर्मचारियों को श्वसन और हृदय संबंधी मामलों में बेहतर उपचार और देखभाल प्रदान करने के लिए प्रशिक्षण (Training) देने पर भी विशेष ज़ोर दिया गया है। स्वास्थ्य सचिव ने अपने पत्र का समापन इस बात पर ज़ोर देते हुए किया कि मिलकर काम करने से हम एक स्वस्थ, स्वच्छ और अधिक लचीले इकोसिस्टम की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।  

दिल्ली से सोनीपत अब इलेक्ट्रिक बस से सफर, जानें पूरा शेड्यूल व किराया

हरियाणा  देश की राजधानी दिल्ली से हरियाणा के सोनीपत तक इंटरस्टेट इलेक्ट्रिक बस सेवा की शुरुआत हो चुकी है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आईएसबीटी कश्मीरी गेट से नई ईवी बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह बस सेवा जहां दिल्ली और हरियाणा के बीच यात्रियों के लिए सुविधाजनक साबित होगी, वहीं पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक अहम कदम मानी जा रही है। सीएम रेखा गुप्ता ने एक्स (X) पर पोस्ट कर जानकारी दी कि, “ISBT कश्मीरी गेट से हरियाणा के सोनीपत तक अंतरराज्यीय बस सेवाओं का शुभारंभ हुआ है। आज नई ईवी बसों को हरी झंडी दिखाकर जनता की सेवा में समर्पित किया।” उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार लगातार डीटीसी बेड़े में ईवी बसों को शामिल कर रही है ताकि सार्वजनिक परिवहन को पर्यावरण अनुकूल और प्रदूषण-मुक्त बनाया जा सके। सीएम ने आगे कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि दिल्ली का पूरा सार्वजनिक परिवहन जल्द ही पूर्णतः "emission-free" हो, जिससे राजधानी में वायु प्रदूषण नियंत्रण को और मजबूती मिले। इस मौके पर दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह भी मौजूद रहे। बसों का टाइमिंग और रूट दिल्ली आईएसबीटी से सोनीपत के लिए:     सुबह – 4:45 बजे, 5:15 बजे, 5:45 बजे     शाम – 4:45 बजे, 5:15 बजे, 5:45 बजे सोनीपत से दिल्ली के लिए:     सुबह – 7:10 बजे, 7:35 बजे, 8:10 बजे     शाम – 7:30 बजे, 8:00 बजे, 8:30 बजे रूट आईएसबीटी कश्मीरी गेट, जीटीबी नगर, आजादपुर टर्मिनल, जहांगीरपुरी मेट्रो स्टेशन, मुकर्बा चौक, अलीपुर, दिल्ली सिंघु बॉर्डर, इंडस्ट्रियल एरिया कुंडली, टीडीआई सिटी, रसौई, नांगल रोड, बिस्वा मिल राय, बहालगढ़, जत लोशी, फाजिलपुर सोनीपत और सोनीपत बस स्टैंड। किराया और संचालन दिल्ली से सोनीपत के बीच लगभग 50 किलोमीटर की दूरी तय की जाएगी। एक तरफा किराया 67 रुपये रखा गया है। इस बस सेवा का संचालन दिल्ली परिवहन निगम (DTC) की ओर से किया जाएगा।  

पाकिस्तानी मंत्री के उकसाऊ बोल: कहा– भारत से दो तरफा जंग होगी, अल्लाह देगा मदद

इस्लामाबाद  अफगानिस्तान की तालिबान सरकार से टकराव के बाद पाकिस्तान अब दोनों दिशाओं से घिरता जा रहा है। अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए पाक हुकूमत और उसके मंत्री लगातार भड़काऊ बयान दे रहे हैं। इसी क्रम में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक बार फिर विवादित बयान देते हुए कहा है कि “पाकिस्तान दोनों मोर्चों पर युद्ध के लिए तैयार है।” एक मीडिया   रिपोर्ट के अनुसार, आसिफ ने पाकिस्तान में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में कहा-“हम दोनों मोर्चों पर युद्ध के लिए तैयार हैं। हम पूर्वी सीमा (भारत) और पश्चिमी सीमा (अफगानिस्तान) दोनों का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। अल्लाह ने पहले दौर में हमारी मदद की थी और वह दूसरे दौर में भी हमारी मदद करेगा।” पाकिस्तान सरकार पर जबरदस्त दबाव अफगानिस्तान में तालिबान के साथ बढ़ते तनाव और देश में आतंकी घटनाओं के चलते पाकिस्तान सरकार पर जबरदस्त दबाव है। ऐसे में ख्वाजा आसिफ और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ जैसे नेता अब भारत पर आरोप लगाकर अपनी जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं।हाल ही में इस्लामाबाद में हुए आत्मघाती विस्फोट के बाद भी पाकिस्तान ने बिना किसी सबूत के भारत को दोषी ठहराया था, जबकि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) ने उस हमले की जिम्मेदारी खुद ली थी। हम युद्ध की स्थिति में   इस्लामाबाद विस्फोट के बाद ख्वाजा आसिफ ने कहा था-“हम युद्ध की स्थिति में हैं। जो कोई सोचता है कि पाकिस्तानी सेना केवल सीमा पर लड़ रही है, उसे इस्लामाबाद अदालतों में हुए आत्मघाती हमले को चेतावनी समझनी चाहिए। यह पूरे पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध है।” भारत का करारा जवाब पाकिस्तान की झूठी बयानबाजी पर भारत ने सख्त प्रतिक्रिया दी थी। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान अपने आंतरिक अराजकता और संविधान की हत्या को छिपाने के लिए ऐसे आरोप लगा रहा है। भारत ने साफ कहा कि पाकिस्तान की आदत है कि वह हर असफलता का ठीकरा दूसरों पर फोड़ता है, जबकि आतंकवाद की जड़ें उसी की अपनी जमीन में हैं।