samacharsecretary.com

कोनी को मिला नया संभागायुक्त कार्यालय, मुख्यमंत्री ने किया उद्घाटन

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज बिलासपुर के कोनी क्षेत्र में नवीन संभागायुक्त कार्यालय भवन का लोकार्पण किया। लगभग 12 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस सर्वसुविधायुक्त भवन का निर्माण अरपा नदी के तट पर लगभग ढाई एकड़ क्षेत्र में किया गया है। उल्लेखनीय है कि संभागायुक्त कार्यालय भवन में बेसमेंट सहित भूतल तथा प्रथम तल का निर्माण किया गया है। प्रत्येक तल का निर्माण क्षेत्र 1620 वर्गमीटर है। भूतल में 10 कक्ष और एक विशाल हॉल निर्मित किए गए हैं। इसी प्रकार प्रथम तल में 12 कक्ष, एक हॉल और अलग से प्रसाधन की व्यवस्था की गई है। भवन में संभागायुक्त एवं अपर आयुक्त के कक्ष, न्यायालय कक्ष, बैठक कक्ष तथा उपायुक्त (राजस्व), विकास, लेखा अधिकारी के कार्यालय कक्षों के साथ पृथक स्टाफ रूम भी शामिल हैं। नए भवन में अधिवक्ताओं और पक्षकारों की सुविधाओं का भी समुचित ध्यान रखा गया है। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्रीअरुण साव, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, विधायक धरमलाल कौशिक, अमर अग्रवाल, धर्मजीत सिंह, सुशांत शुक्ला, अटल श्रीवास्तव, दिलीप लहरिया, महापौर पूजा विधानी, संभागायुक्त सुनील जैन, आईजी संजीव शुक्ला, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

राजा रघुराज सिंह की प्रतिमा का भव्य अनावरण, मुख्यमंत्री बोले—हमारी गौरवशाली विरासत

बिलासपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज बिलासपुर प्रवास के दौरान शहर के मध्य स्थित रघुराज स्टेडियम में दानदाता गोंड राजा रघुराज सिंह जगत की आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया। पंडरिया जमींदारी के राजा रघुराज सिंह जगत द्वारा शहर के बीचोबीच दान की गई लगभग 5 एकड़  भूमि पर इस ऐतिहासिक स्टेडियम का निर्माण किया गया है। क्रिकेट सहित कई इनडोर खेल प्रतियोगिताएं इसमें आयोजित होती हैं। मालूम हो कि अविभाजित बिलासपुर जिले की पश्चिम सीमा में पंडरिया जमींदारी शामिल थी।  वर्ष 1958 में यहां के राजा रघुराज सिंह जगत ने बिलासपुर शहर के बीचोबीच स्थित अपनी बेशकीमती जमीन खेलों के विकास के लिए दान कर दी थी। खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए उनके द्वारा दान में दी गई भूमि पर स्टेडियम बना है। फिजिकल कल्चरल सोसाइटी फिलहाल इसकी देखरेख करती है। राजा रघुराज सिंह क्रिकेट स्टेडियम कई रणजी मैचों का गवाह रह चुका है । स्टेडियम में 1978, 1979 और 1981 में विदर्भ क्रिकेट टीम के खिलाफ मध्य प्रदेश क्रिकेट टीम और रेलवे क्रिकेट टीम के खिलाफ तीन रणजी मैचों की मेजबानी भी कर चुका है। इसके अलावा यहां कई राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय मैच खेल चुके खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्टेडियम में खिलाड़ियों से मिलकर उनका उत्साह बढ़ाया।     इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव,  विधायक श्री धरमलाल कौशिक, श्री अमर अग्रवाल, श्री धर्मजीत सिंह,श्री सुशांत शुक्ला,  महापौर श्रीमती पूजा विधानी, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

AI Mode के साथ Google हुआ और स्मार्ट, आपकी जरूरत समझकर खुद करेगा शॉपिंग आसान

नई दिल्ली Google ने लोगों के लिए ऑनलाइन शॉपिंग को और भी आसान और मजेदार बनाने के लिए अपने एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) मोड में एक नया अपडेट जारी किया है। जल्द ही Black Friday जैसी बड़ी सेल और छुट्टियां आने वाली हैं। शादियों का सीजन भी शुरू हो गया है। ऐसे में यह बड़ा अपग्रेड लोगों को उनकी पसंद की चीजें खरीदने में मदद करेगा। अब आप एआई मोड से शॉपिंग के लिए सजेशन मांग सकते हैं। आपको बस बताना होगा कि आप कहां के लिए, किस तरह का प्रोडक्ट खरीदना चाहते हैं। आपको अपनी पसंद और जरूरत बतानी है और एआई मोड आपकी शॉपिंग को आसान बना देगा। इसके लिए आपको बार-बार फिल्टर लगाने या फिर सही कीवर्ड सोचने की जरूरत नहीं पड़ेगी। Google के ब्लॉग पोस्ट के अनुसार यह सब गूगल के नए AI और एजेंटिक टेक्नोलॉजी की मदद से हो जाएगा। पूरी खबर जानने के लिए नीचे पढ़ें। अब एआई मोड इन सर्च से शॉपिंग करना हुआ आसा ​Google के AI Mode in Search में अब शॉपिंग से जुड़े सवालों के जवाब 'इंटेलिजेंट' तरीके से मिलेंगे। इन जवाबों में प्रोडक्ट की तस्वीरें, कीमत, रिव्यू और स्टॉक की जानकारी भी दी जाएगी। यह सब जानकारी गूगल के शॉपिंग ग्राफ से ली जाएगी, जिसमें 50 अरब से ज्यादा प्रोडक्ट की लिस्टिंग हैं। बस देना होगा एक प्रॉम्प्ट और हो जाएगा काम आप बिना फिल्टर या फिर कीबोर्ड डाले ही बस एक प्रॉम्प्ट देकर गूगल को अपनी पसंद और जरूरत बता सकते हैं। उदाहरण के लिए गूगल के एआई सर्च मोड में जाकर आपको लिखना है कि मुझे अटलांटा की अपनी यात्रा के लिए एक हल्का स्वेटर चाहिए, जो सदाबहार हो और जींस व ड्रेस के साथ पहनने लायक हो। इसके बाद आपके द्वारा दी गई डिटेल के अनुसार प्रोडक्ट और उनकी डिटेल आपके सामने आ जाएगी। प्रोडक्ट्स की कर पाएंगे तुलना इतना ही नहीं, गूगल ने यह भी बताया है कि AI प्रोडक्ट्स की तुलना करने के लिए टेबल भी बना सकता है। इन टेबलों में रिव्यू से मिली जानकारी भी होगी। उदाहरण के लिए आपको पता चल जाएगा कि मॉइस्चराइजर का त्वचा पर कैसा है। इससे खरीदारों को कई ऑप्शन में से चुनने में आसानी होगी। Gemini ऐप में मिल रही सुविधा आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह नई सुविधा अब US के यूजर्स के लिए Gemini ऐप में भी उपलब्ध है। इससे वे गिफ्ट आइडिया सोचने से लेकर सीधे ऐप में प्रोडक्ट ब्राउज कर सकेंगे। एजेंटिक AI करेगा ये काम एजेंटिक AI का इस्तेमाल करके लोकल स्टॉक चेक कर सकते हैं। अपने आस-पास के प्रोडक्ट के बारे में सर्च करने पर Let Google Call का ऑप्शन दिखेगा। यह जानकारी आपको ईमेल या टेक्स्ट मैसेज के जरिए भेजी जाएगी। एजेंटिक चेकआउट फीचर भी आ रहा इतना ही नहीं, खरीदारी को और आसान बनाने के लिए गूगल एक एजेंटिक चेकआउट फीचर भी ला रहा है। खरीदार किसी खास प्रोडक्ट को ट्रैक कर सकते हैं, जिसमें साइज और कलर भी शामिल होगा। वे एक बजट भी सेट कर सकते हैं। प्रोडक्ट की कीमत तय रेंज में आएगी तो गूगल आपके फाइनल कन्फर्मेशन के बाद Google Pay का इस्तेमाल करके ऑटोमेटिकली खरीदारी पूरी करने का ऑफर दे सकता है। फायदे अब लोग बिना किसी झंझट के अपनी पसंद की चीजें ढूंढ पाएंगे और खरीद पाएंगे। ये छुट्टियों के मौसम में और जल्द शॉपिंग करने के लिए काफी आसान और अच्छा तरीका है।

अग्निवीर सेना रैली में पूर्वांचल का दम, 651 युवाओं ने पार की पहली बाधा

रैली में सैन्य अफसर दौड़ के दौरान अभ्यर्थियों को प्रोत्साहित करते भी दिखाई दिए वाराणसी उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित छावनी क्षेत्र के रणबांकुरा स्टेडियम में कड़ी सुरक्षा के बीच चल रही सेना की (अग्निवीर) भर्ती रैली के तहत शनिवार को देवरिया और गाज़ीपुर जिलों के अभ्यर्थियों की भर्ती प्रक्रिया सम्पन्न हुई। सुबह से ही स्टेडियम परिसर में अभ्यर्थियों की लंबी कतारें और जोश देखने को मिला। सैन्य अधिकारियों के अनुसार, कुल 1233 अभ्यर्थियों को बुलाया गया था। उनमें देवरिया के 430 और गाज़ीपुर के 803 अभ्यर्थी शामिल थे। इनमें से 996 अभ्यर्थी उपस्थित हुए। निर्धारित दौड़ पूरी करने के बाद कुल 651 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया। भर्ती प्रक्रिया का नेतृत्व बरेली एआरओ (आर्मी रिक्रूटिंग आफिस) के भर्ती निदेशक कर्नल मानस महापात्रा ने किया। उनके निर्देशन में पूरी प्रक्रिया पूरी तरह अनुशासित, पारदर्शी और निष्पक्ष वातावरण में सम्पन्न हुई। मैदान में मौजूद भर्ती दल, सुरक्षा टीम और प्रशासनिक अधिकारियों ने सुचारु व्यवस्था सुनिश्चित की। अभ्यर्थियों में चयन को लेकर उत्साह और प्रतिस्पर्धा पूरे दिन नजर आई। सैन्य अफसर दौड़ के दौरान अभ्यर्थियों को प्रोत्साहित करते भी दिखाई दिए।  वाराणसी स्थित सेना भर्ती निदेशक कर्नल शैलेष कुमार ने बताया कि अब चयनित अभ्यर्थियों को अगले चरण की प्रक्रिया के लिए बुलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि शनिवार 16 नवंबर को गाज़ीपुर जिले की जखनियां, सैदपुर और मोहम्मदाबाद तहसीलों के कुल 1260 अभ्यर्थियों की भर्ती प्रक्रिया आयोजित की जाएगी। भर्ती निदेशालय ने सभी अभ्यर्थियों से समय से उपस्थित होने और निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। उल्लेखनीय है कि छावनी क्षेत्र स्थित 39 जीटीसी परिसर स्थित रणबांकुरा स्टेडियम में 08 नवंबर से अग्निवीर सेना भर्ती रैली चल रही है।  

मंत्रियों, जनप्रतिनिधियों और कलेक्टरों ने तराजू-बॉट की पूजा-अर्चना कर खरीदी का किया शुभारंभ

पहले दिन किसानों से 188 केंद्रों में 18639 क्विंटल धान की हुई खरीदी उपमुख्यमंत्री द्वय श्री अरूण साव एवं श्री विजय शर्मा की मौजूदगी में हुआ श्रीगणेश खाद्य मंत्री श्री बघेल ने चंदरपुर और कृषि मंत्री श्री नेताम ने डौरा-कोचली में की खरीदी की शुरुआत रायपुर छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का महाअभियान आज से औपचारिक रूप से शुरू हो गया है। यह अभियान राज्य के सभी जिलों में 31 जनवरी तक चलेगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में धान खरीदी के लिए सम्पूर्ण चाक-चौबंद और पारदर्शी व्यवस्था की गई है। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए इस साल राज्य में 2739 धान खरीदी केंद्र बनाए गए हैं, जहां किसानों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। वहीं, भुगतान की सुविधा सुगम बनाने हेतु माइक्रो एटीएम भी स्थापित किए गए हैं। खरीदी के पहले दिन प्रदेश में 18639 क्विंटल धान की खरीदी की गई। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के सभी किसानों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि किसानों की मेहनत से ही प्रदेश में समृद्धि और खुशहाली का वातावरण निर्मित हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेती-किसानी को बढ़ावा देने के लिए निष्ठा, संवेदनशीलता और सजगता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि धान खरीदी को पूरी तरह व्यवस्थित, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से संचालित किया जाएगा। किसानों की किसी भी प्रकार की असुविधा को रोकने के लिए सभी जिलों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। इस वर्ष धान खरीदी को तकनीक-सक्षम बनाते हुए तुँहर टोकन ऐप, जीपीएस आधारित परिवहन, सतर्क ऐप और कमांड-एंड-कंट्रोल सेंटर जैसी व्यवस्थाएँ मजबूत की गई हैं। धान खरीदी के पहले दिन राज्यभर के खरीदी केंद्रों में किसानों का स्वागत फूल-मालाओं के साथ किया गया। विभिन्न जिलों में मंत्रिगणों, सांसदों, विधायकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने धान खरीदी का विधिवत् शुभारंभ किया। उपमुख्यमंत्री श्री अरूण साव ने बिलासपुर जिले के सेंदरी धान खरीदी केंद्र में खरीदी की शुरुआत की, वहीं उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कबीरधाम जिले के महाराजपुर धान खरीदी केंद्र में धान खरीदी का शुभारंभ किया। इसी प्रकार, खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल ने सूरजपुर जिले के चंद्रपुर धान खरीदी केंद्र में विधि-विधान के साथ खरीदी प्रारंभ की और किसानों का फूल-मालाओं से अभिनंदन किया। कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम ने बलरामपुर जिले के डौरा-कोचली धान खरीदी केंद्र में पहुँचकर किसानों का आत्मीय स्वागत करते हुए खरीदी प्रक्रिया की शुरुआत की। सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप ने बस्तर जिले के पल्ली धान खरीदी केंद्र में पूजा-अर्चना कर खरीदी अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया। इसी क्रम में राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कांकेर जिले के मालगांव धान खरीदी केंद्र में इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन और किसानों द्वारा लाए गए धान की पारंपरिक रीति से पूजा-अर्चना कर खरीदी का आरंभ किया। कौशल विकास मंत्री श्री गुरू खुशवंत साहेब ने महासमुंद जिले के झालखमरिया धान खरीदी केंद्र में धान खरीदी की औपचारिक शुरुआत की। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि हर किसान बिना किसी परेशानी के अपना धान बेच सके, समय पर भुगतान पाए और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी एवं सम्मानजनक हो। आज प्रदेशभर में जिस उत्साह और विश्वास के साथ किसानों ने खरीदी केंद्रों का रुख किया, वह छत्तीसगढ़ की कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था की मजबूती का प्रतीक है। आगामी दिनों में खरीदी प्रक्रिया और अधिक सुगमता के साथ चले, इसके लिए सभी जिला प्रशासन सतर्क और प्रतिबद्ध हैं।  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि सरकार का ध्येय केवल धान खरीदना नहीं, बल्कि किसान के श्रम का सम्मान सुनिश्चित करना है और यही भावना इस पूरे अभियान की सबसे बड़ी शक्ति है।

राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कांकेर जिला के मालगांव खरीदी केन्द्र में पूजा अर्चना कर धान खरीदी का किया शुभारंभ

रायपुर, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने आज कांकेर जिले के धान खरीदी केंद्र मालगांव पहुंचकर समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का विधिवत शुभारंभ किया। उन्होंने धान खरीदी केन्द्र में इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन एवं विक्रय के लिए किसान द्वारा लाए गए धान की पारंपरिक रीति-रिवाज व परंपरानुसार पूजा अर्चना कर धान खरीदी की शुरूआत की। इस अवसर पर कांकेर विधायक आशाराम नेताम, छत्तीसगढ़ राज्य मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष भरत मटियारा, जिला पंचायत के उपाध्यक्ष श्रीमती तारा ठाकुर, पूर्व विधायक श्रीमती सुमित्रा मारकोले, जिले के कलेक्टर निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर, सीईओ हरेश मण्डावी, एसडीएम कांकेर अरूण वर्मा सहित महेश जैन, सतीश लाटिया, बृजेश चौहान भी उपस्थित थे। धान खरीदी केन्द्र मालगांव में कृषक तीजूराम उसेण्डी के धान की तौल कराकर खरीदी कार्य की शुरूआत की गई। उल्लेखनीय है कि कांकेर जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए 149 उपार्जन केन्द्र बनाए गए हैं तथा धान खरीदी केन्द्रो में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए खरीदी केन्द्र प्रभारी तथा पर्यवेक्षण व निगरानी के लिए नोडल अधिकारी की नियुक्ति की गई है। जिले के सभी खरीदी केंद्रों में कम्प्यूटर ऑपरेटर की नियुक्ति कर ली गई है तथा बारदाना भी उपलब्ध करा दिए गए हैं।  

मार्गशीर्ष पूर्णिमा 2025: तिथि, मुहूर्त और लक्ष्मी पूजा का समय

सनातन धर्म में पूर्णिमा और अमावस्या की तिथि बहुत महत्वपूर्ण होती है. इसमें भी मार्गशीर्ष पूर्णिमा अत्यधिक विशेष मानी जाती है. मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन व्रत, स्नान, दान, लक्ष्मी पूजा और चंद्र को अर्घ्य दिया जाता है. हर साल मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि मार्गशीर्ष पूर्णिमा के रूप में मनाई जाती है. पूर्णिमा पर प्रदोष काल में माता लक्ष्मी का पूजन करने से कभी भी धन की कमी नहीं होती. मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन स्नान, दान और चंद्र को अर्घ्य देने से जीवन में शुभ फल प्राप्त होते हैं और खुशहाली बनी रहती है. आइए जानते हैं कि मार्गशीर्ष पूर्णिमा कब है? साथ ही जानते हैं मार्गशीर्ष पूर्णिमा का मुहूर्त और लक्ष्मी पूजा का समय. मार्गशीर्ष पूर्णिमा कब है? द्रिक पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष पूर्णिमा की तिथि की शुरूआत इस साल 04 दिसंबर, गुरुवार को सुबह 8 बजकर 37 मिनट पर होगी. वहीं इस तिथि का समापन अगले दिन 05 दिसंबर शुक्रवार को प्रात: 4 बजकर 43 मिनट पर हो जाएगा. ऐस में मार्गशीर्ष पूर्णिमा 04 दिसंबर को मनाई जाएगी. इसी दिन इसका का व्रत, स्नान और दान किया जाएगा. मार्गशीर्ष पूर्णिमा मुहूर्त मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन स्नान का मुहूर्त सुबह 8 बजकर 38 मिनट से है. मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर शुभ-उत्तम मुहूर्त 08 बजकर 04 मिनट से 09 बजकर 25 मिनट तक है. मार्गशीर्ष पूर्णिमा का दान स्नान के बाद होगा. इस दिन का ब्रह्म मुहूर्त सुबह 05:10 से 06:04 बजे तक है. अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:50 से दोपहर 12:32 बजे तक है. निशिता मुहूर्त देर रात 11:45 से 12:39 बजे तक है. मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर लक्ष्मी पूजा का समय मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन सूर्यास्त शाम को 05 बजकर 24 मिनट पर होगा. उसके बाद से प्रदोष काल शुरू होगा. इसमें माता लक्ष्मी का पूजन किया जा सकता है. मार्गशीर्ष पूर्णिमा का महत्व हिंदू मान्यताओं के अनुसार, मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन स्नान और दान करने से पुण्य प्राप्त होता है. व्रत रखकर लक्ष्मी पूजा और चंद्रमा को अर्घ्य देने से घर में शांति और खुशियों का आगमन होता है. मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर सत्यनारायण भगवान की कथा पढ़ना बहुत पुण्यदायी होता है.

मप्र कांग्रेस एससी विभाग की रणनीतिक बैठक, एआईसीसी प्रभारी भगवती प्रसाद चौधरी ने दिए निर्देश

भोपाल  अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा नियुक्त मध्य प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के प्रभारी भगवती प्रसाद चौधरी के मुख्य आतिथ्य में आज प्रदेश कांग्रेस कार्यालय, भोपाल में अनुसूचित जाति विभाग की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में पार्टी संगठन में अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग की भूमिका, महत्व तथा उनकी सक्रिय भागीदारी पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। प्रथम आगमन पर श्री चौधरी का कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के पदाधिकारी ने किया स्वागत मुख्य अतिथि भगवती प्रसाद चौधरी ने संगठन की मजबूती और अनुसूचित जाति वर्ग पर हो रहे अन्याय एवं उपेक्षा पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि— “पार्टी आज चुनौतियों और संघर्ष के दौर से गुजर रही है। ऐसे समय में हम सभी को एकजुट होकर संगठन को मजबूत करना होगा और अपने हक–अधिकार की लड़ाई पूरी शक्ति से लड़नी होगी।” मध्य प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार ने पार्टी की गतिविधियों की समीक्षा करते हुए सभी पदाधिकारियों से संगठन को मजबूत करने के लिए एकजुट होकर कार्य करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि— “आने वाले विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए अभी से संगठित और सक्रिय होने की आवश्यकता है। अनुसूचित जाति वर्ग प्रदेश में संगठन और सत्ता को मजबूती देने की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। कठिन परिस्थितियों के बावजूद हमें जनता के अधिकारों की लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभानी है।” श्री चौधरी के प्रथम आगमन पर अजा विभाग के कांग्रेस पदाधिकारियो ने उनका प्रदेश कांग्रेस कमेटी में स्वागत किया। बैठक में वरिष्ठ कांग्रेस नेता समस्त विभाग एवं प्रकोष्ठों के प्रभारी डॉक्टर महेंद्र सिंह चौहान, पूर्व महापौर दीपचंद यादव, हेमंत नरवरिया, विक्रम चौधरी, रवि वर्मा, हिरदेश किरार सहित सभी पदाधिकारियों ने अपने सुझाव प्रभारी के समक्ष रखे और संगठन की मजबूती हेतु एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प लिया। अंत में प्रभारी भगवती प्रसाद चौधरी ने उपस्थित पदाधिकारियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि— “कांग्रेस पार्टी सदैव अनुसूचित जाति वर्ग के अधिकार, सम्मान और भागीदारी के लिए प्रतिबद्ध है, और संगठन में प्रत्येक कार्यकर्ता को उसका हक और सम्मान अवश्य मिलेगा।” इस अवसर पर पूर्व मंत्री सुरेंद्र चौधरी,  विभाग के पदाधिकारी मुकेश बंसल, सुनील बोरासी, रमेश बकोरिया दीपू बलुआ, अनिल… नीरज चांडाले, आदि उपस्थित थे।

नक्सलियों का बड़ा सरेंडर: संगठन को झटका, 8 उग्रवादी हथियार डालकर मुख्यधारा में लौटे

मुलुगु नक्सल संगठन को एक और बड़ा झटका लगा है. जहां तेलंगाना स्टेट कमेटी में सक्रीय दो शीर्ष माओवादी नेताओं सहित कुल 8 नक्सलियों के वारंगल पुलिस के सामने सरेंडर किया है. मिली जानकारी के अनुसार, ये सभी नक्सली दो दिन पहले ही गुपचुप तरीके से सरेंडर हो चुके हैं और सोमवार को इसकी आधिकारिक घोषणा होने की संभावना है. आत्मसमर्पण करने वालों में सबसे बड़ा नाम कोय्यादी संबय्या उर्फ आज़ाद, बीकेएसआर डिवीजन कमेटी सचिव का है. आजाद कई दशकों से माओवादी संगठन में प्रमुख रणनीतिक भूमिका निभा रहे थे. इसके अलावा अब्बास नारायण उर्फ़ रमेश, जो तकनिकी टीम के प्रभारी ने भी सरेंडर किया है. रमेश रामागुंडम इलाके में लंबे समय से सक्रीय था। इसके अलावा भी जय लाल (SZCM) 25 लाख और माडवी भीमे( DVCM) 08 लाख ने ये दंपती ने विजयवाडा में आत्मसमर्पण किया.  

अयोध्या योगी सरकार में विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है

अयोध्या के विकास में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और सीएम योगी की दूरदर्शी सोच का योगदान 2031 तक अयोध्या को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस आध्यात्मिक शहर बनाने का प्लान  लखनऊ अयोध्या आज विश्व के मानचित्र पर धार्मिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और विकसित शहर के रूप में समृद्धि और विकास के नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। अयोध्या के विकास का श्रेय उत्तर प्रदेश के दूरदर्शी और दृढ़संकल्पित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जाता है। श्रीराम मंदिर के निर्माण के पहले से ही सीएम योगी अयोध्या को उसके गौरवशाली इतिहास को पुन: वापस दिलाने के लिए योजना पर काम कर रहे हैं। अयोध्या में आज देशी विदेशी पर्यटक बड़ी तादाद में आ रहे हैं और अर्थव्यवस्था के विकास में अपना योगदान दे रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा निर्देश में रामनगरी के विकास के लिए अनेकों प्लान बनाए गए हैं और उसको विभिन्न विभागों के साथ मिलकर धरातल पर उतारा जा रहा है।     अयोध्या मास्टर प्लान 2031 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए एक व्यापक मास्टर प्लान तैयार किया और उसके क्रियान्वयन के लिए संबंधित विभागों को कड़े निर्देश दिए। शहर के नगर नियोजन के लिए 1000 करोड़ से ज्यादा धनराशि उपलब्ध कराकर एक व्यापक शहरी खाका खींचा। ये मास्टर प्लान 133.67 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में विकास की योजनाओं को मूर्त रूप दे रहा है।  इसके जरिए अयोध्या को एक आधुनिक, सतत, और आध्यात्मिक नगर के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस बात का भी ध्यान रखा जा रहा है कि रामनगरी में बढ़ती पर्यटकों की संख्या के अनुसार इंफ्रास्ट्रक्चर को तैयार किया जाए। अयोध्या में जनवरी-जून, 2025 के बीच करीब 24 करोड़ पर्यटक आए। अनुमान लगाया जा रहा है कि साल के अंत तक पर्यटकों की संख्या का आंकड़ा 50 करोड़ पार कर जाएगा। यही वजह है कि अयोध्या में पर्यटकों की हर सुख सुविधा का ध्यान रखा जा रहा है। इसमें इस बात का खास ध्यान रखा गया है कि सड़कों, जल निकासी, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, आवास और हरित क्षेत्रों के उन्नयन पर विशेष फोकस रहे।  अयोध्या ग्रीनफील्ड टाउनशिप अयोध्या ग्रीनफील्ड टाउनशिप के तहत 1407 एकड़ में 2180 करोड़ रुपये की ज्यादा लागत से स्मार्ट और पर्यावरण-अनुकूल टाउनशिप विकसित हो रही है। इस टाउनशिप योजना का विकास वैदिक प्रस्तार योजना के तहत हो रहा है। इसका उद्देश्य भविष्य में बढ़ने वाले पर्यटकों की संख्या और जनसंख्या दबाव को संतुलित ढ़ंग से प्रबंधित करना है।  महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा अयोध्या में हर साल पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है। रामलला के दर्शन के लिए न केवल देश बल्कि विदेशी श्रद्धालु भी बड़ी संख्या में आ रहे हैं। ऐसे में अयोध्या में एक अत्याधुनिक हवाई अड्डे की भी आवश्यकता थी। इसी को ध्यान में रखते हुए डबल इंजन सरकार ने 1450 करोड़ की लागत से आधुनिक एयरपोर्ट का विकास किया। महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा 2023 से सफलतापूर्वक संचालित है। इस एयरपोर्ट में 6000 वर्ग मीटर का टर्मिनल और बड़े विमानों के लिए रनवे है। यह एयरपोर्ट अयोध्या को भारत के प्रमुख शहरों और अंतरराष्ट्रीय शहरों से जोड़ता है।   अयोध्या धाम जंक्शन रेलवे स्टेशन अयोध्या में आने वाले पर्यटकों की सुविधा का ध्यान रखने के लिए रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास और आधुनिकीकरण किया गया है। रेलवे स्टेशन को तीन मंजिला बनाया गया है। इस रेलवे स्टेशन में लिफ्ट, एस्केलेटर, फूड प्लाजा और प्रतीक्षालय जैसी आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं। ये रेलवे स्टेशन लाखों की संख्या में आने वाले पर्यटकों को सुविधाएं प्रदान कर रहा है।  आउटर रिंग रोड अयोध्या शहर में ट्रैफिक के दबाव को कम करने के लिए 67.17 किलोमीटर लंबी, 4/6 लेन की अयोध्या आउटर रिंग रोड परियोजना पर काम हो रहा है। यह परियोजना लगभग 3,935 करोड़ की लागत से बनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य शहर में बढ़ते ट्रैफिक के दबाव को कम करना और पड़ोसी जिलों लखनऊ, रायबरेली, सुल्तानपुर, बाराबंकी, बस्ती और गोंडा से आने वालों को सुविधाजनक यातायात व्यवस्था देना है। इसके जरिए राष्ट्रीय राजमार्गों सुविधाजनक संपर्क स्थापित करना है।   राम की पैड़ी का आधुनिकीकरण पर्यटकों को अयोध्या आकर दिव्यता और भव्यता का अनुभव हो इसके लिए करीब 24 करोड़ की लागत से राम की पैड़ी का कायाकल्प किया गया है। इसमें 350 मीटर लंबी सीढ़ी, 20000 दर्शकों के लिए विशाल दर्शक दीर्घा और मिनी एम्पीथिएटर को बनाया गया है। इसमें दर्शकों के लिए एक सेल्फी प्वाइंट का निर्माण किया गया है जिसमें भगवान राम की भव्य मूर्तियां स्थापित की गई हैं।  गुप्तार घाट पुनर्विकास मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन का ही परिणाम है कि जो गुप्तार घाट पहले उपेक्षित था आज वही घाट सुंदरता का प्रतिमान बन गया है। लगभग 77 करोड़ की लागत से गुप्तार घाट को पुनर्विकसित किया गया है। इसमें लगभग 1 किमी लंबा तटबंध, खुला रंगमंच, पार्क और आधुनिक जलक्रीड़ा और नौकायन सुविधाएं उपलब्ध हैं।  होटल और आवास सुविधाएं करोड़ों की संख्या में आने वाले पर्यटकों को सुख सुविधा प्रदान करने के लिए प्रमुख होटल कंपनियां 350 करोड़ से अधिक का निवेश कर रही हैं। इससे अयोध्या में न केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी बल्कि स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा अयोध्या की प्राचीनता को अक्षुण्ण रखने के लिए योगी सरकार का विशेष निर्देश है। इसी वजह से राम कथा संग्रहालय, तुलसी स्मारक भवन, परिक्रमा मार्ग विकास को संरक्षित और संवर्धित किया गया है। इसी तरह पर्यटकों को वाहन पार्किंग में असुविधा न हो उसके लिए मल्टी लेवल कार पार्किंग का भीड़भाड़ वाली जगहों पर निर्माण किया जा रहा है।