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इस बार क्यों नहीं मिलेगा बाजरा? हरियाणा में राशन वितरण प्रणाली में बड़ा बदलाव

हरियाणा  हरियाणा में इस बार राशन डिपो पर लाभार्थियों को बाजरे का वितरण नहीं किया जाएगा। यह फैसला सरकारी एजेंसियों द्वारा बाजरे की खरीद न किए जाने के कारण खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा लिया गया है। अब लाभार्थियों को केवल गेहूं, चीनी और सरसों का तेल ही दिया जाएगा।  बता दें कि पिछले कुछ सालों से सर्दियों के मौसम में गेहूं के साथ बाजरा भी पीडीएस स्कीम में वितरित किया जाता था। मगर इस साल सितंबर और अक्टूबर में रुक-रुक कर हुई बारिश के कारण फसल प्रभावित हो गई जिससे बाजरा खराब हो गया। बाजरे के सैंपल सरकारी खरीद एजेंसियों (हेफेड, एचडब्ल्यूसी) ने लैब में भेजे, जो खराब कालिटी की होने की वजह से पास नहीं हो पाए।  

युवाओं का फूटा गुस्सा: जेन-जी के हिंसक प्रदर्शन, सुरक्षा बलों पर ताबड़तोड़ पत्थरबाज़ी

मेक्सिको सिटी  जेन-जी का गुस्सा मेक्सिको में भी फूट पड़ा है। मेक्सिको सिटी की गलियों में हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी उमड़ पड़े। उन्होंने अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। जेन जी के इस विरोध प्रदर्शन को अन्य उम्र के लोगों का भी खूब समर्थन मिला। कुछ सोशल मीडिया पोस्ट्स में दावा किया जा रहा है कि यह विरोध प्रदर्शन चीन समर्थक राष्ट्रपति के खिलाफ हुआ। युवा प्रदर्शनकारी पुलिसवालों से भी उलझ पड़े, जिसके चलते बड़ी संख्या में लोग घायल हो गए। पुलिस पर हमला प्रदर्शनकारियों ने पत्थरों, डंडे और चेन से पुलिस पर हमला बोला। मेक्सिको सिटी के सुरक्षा सचिव पाब्लो वैजेक ने बताया कि करीब 120 लोग घायल हुए हैं, जिसमें 100 पुलिस वाले हैं। इस मामले में 20 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। प्रदर्शन कर रहे एक 29 वर्षीय बिजनेसमैन ने कहा कि हमें और ज्यादा सुरक्षा चाहिए। एक 43 साल की महिला फिजिशियन भी इस प्रदर्शन में शामिल हुईं। उन्होंने कहा कि वह पब्लिक हेल्थ सिस्टम के लिए अधिक फंड की मांग के साथ मार्च में शामिल हुई है। इसके अलावा उन्होंने डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठाए। महिला डॉक्टर का कहना था कि आज हत्या हो जाती है और कुछ नहीं होता। कई हाई-प्रोफाइल हत्याएं मेक्सिको में हाल के दिनों में कई हाई प्रोफाइल हत्याएं हुई हैं। इनमें पश्चिमी राज्य मिचोआकैन के मशहूर मेयर की हत्या भी शामिल है। खास बात यह है शनिवार को हुए विरोध प्रदर्शन में विभिन्न उम्र के लोग शामिल हुए। इसमें मेयर कार्लोस मान्जो के समर्थक भी शामिल थे। इनमें से ही एक रोजा मारिया एविला ने कहा कि यह राज्य अब मर रहा है। उन्होंने मेयर को याद करते हुए कहा कि उसे सिर्फ इसलिए मारा गया क्योंकि वह पहाड़ी में भी अफसरों को भेज देता था जो युवा अपराधियों को मारते थे। उसके पास अपराधियों का मुकाबला करने की हिम्मत थी।  

अब सभी सरकारी सुविधाएं एक जगह! पंजाब में लॉन्च होगा नया सिंगल-विंडो सिस्टम

चंडीगढ़  भगवंत मान सरकार का दावा है कि ऐसा करने वाला पंजाब पहला राज्य भी है.राज्य सरकार के सुशासन और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अमन अरोड़ा ने इसका ऐलान किया है. बताया कि इस प्लेटफॉर्म के माध्यमस से सरकार विभागों की योजनाएं बिना किसी बाधा के जनता तक पहुंचेगी. इस सिंगल विंडो प्लेटफॉर्म के लिए सरकार ने 13 करोड़ रुपये का बजट जारी किया है. इसे डिजाइन करने से लेकर रखरखाव करने तक सरकार ने ई कनेक्ट सॉल्यूशंस के साथ समझौता किया है. भगवंत मान सरकार में मंत्री अमन अरोड़ा ने बताया कि सरकारी सेवाओं को जनता तक अधिक से अधिक पहुंचाने के लिए दक्षता और जवाबदेही तय करने के लिए पोर्टल 6 महीने के भीतर लॉन्च कर दिया जाएगा. बताया कि नागरिक पोर्टल वेब, मोबाइल ऐप, सेवा केंद्रों और व्हाट्सएप के माध्यम से आसान होगा ताकि सरकार नागरिकों की उंगलियों पर आ सके. पोर्टल के बारे में बात करते हुए आप नेता अमन अरोड़ा ने कहा कि नया नागरिक पोर्टल सभी सरकारी सेवाओं के लिए एक एकल, एकीकृत डिजिटल गेटवे होगा, जो नागरिकों की जीवन भर की जरूरतों को पूरा करेगा. कागजी झंझट से छुटकारा देते हुए कहा कि यह पोर्टल प्रमुख विशेषता दस्तावेजों का खुद मिलने जैसा होगा. इससे बार-बार दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी. पोर्टल की प्रक्रिया के बारे में बात करते हुए कहा कि एक बार जब कोई नागरिक किसी भी प्रकार की सेवा के लिए दस्तावेज अपलोड करता है, तो वे भविष्य के आवेदनों के लिए ऑटोमैचटिक प्राप्त हो जाएंगे. उन्होंने कहा कि इससे सेवाओं को सुव्यवस्थित किया जा सकेगा और नागरिक अनुभव को बेहतर बनाया जा सकेगा . 

बिहार कैबिनेट का संभावित फार्मूला: NDA में मंत्री पदों का बंटवारा कैसे होगा?

पटना  बिहार चुनाव में एनडीए ने भारी बहुमत हासिल किया है। एनडीए को 202 विधानसभा सीटों पर जीत मिली है तो विपक्षी महागठबंधन मात्र 35 सीटों पर सिमट गया है। अब सरकार गठन की कवायद तेज हो गई है। बिहार की नई एनडीए सरकार का स्वरूप कैसा होगा, किस दल से कितने मंत्री बनेंगे यह सवाल बिहार वासियों के मन में कौंध रहा है। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक किस दल से कितने मंत्री होंगे इस पर मोटा मोटी सहमति बन गई है। हालांकि अंतिम समय में इसमे फेरबदल की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।   सूत्रों के हवाले से बताया है कि सीएम नीतीश कुमार के अलावे जेडीयू से 14+1 विधायक मंत्री बन सकते हैं। इसी प्रकार विधायकों की संख्या को देखते हुए बीजेपी के 15 से 16 विधायक मंत्री बन सकते हैं। चिराग पासवान की लोजपा आर के 3 मंत्री बनाए जाने की संभावना है। वहीं जीतनराम मांझी की हम और उपेंद्र कुशवाहा की रालोमो के एक विधायक मंत्री बन सकते हैं। उपेंद्र कुशवाहा की पत्नी स्नेह लता देवी और जीतनराम मांझी के पुत्र संतोष कुमार सुमन के मंत्री बनने की चर्चा हो रही है। जानकारी के अनुसार नीतीश मुख्यमंत्री बनेंगे और भाजपा से दो डिप्टी सीएम हो सकते हैं। उनकेे अलावा लोजपा से एक डिप्टी सीएम हो सकता है। बीजेपी के सम्राट चौधरी डिप्टी सीएम फिर से बन सकते हैं। लोजपा के 19 विधायक जीतकर आए हैंं। पार्टी चीफ और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान न सिर्फ इलेक्शन में ऐक्टिव रहे बल्कि अभी भी पटना में जमे हुए हैं। शनिवार को उन्होंने सीएम आवास जाकर नीतीश कुमार से मुलाकात की। डिप्टी सीएम के तौर पर विजय सिन्हा का पत्ता कट सकता है। जदयू से सीएम तो बीजेपी से विधानसभा स्पीकर होंगे। विजय सिन्हा को फिर से इसका जिम्मा मिल सकता है। 2020 में भी उन्हें स्पीकर बनाया गया था। इस बार के चुनाव में जदयू को 85 तो बीजेपी को 89 सीटें मिलीं। चिराग की लोजपा को 19, मांझी की हम को पांच तो उपेंद्र कुशवाहा की रालोमो से 4 सीटों पर सफलता मिली। विपक्ष में राजद के 25 तो कांग्रेस के 6 उम्मीदवार जीतकर आए। माले के तीन सीपीएम के के एक विधायक हैं। असदुद्दीन औवैसी की पार्टी एआईएमआईएम ने फिर से पांच सीटों पर जीत दर्ज करने में कामयाबी हासिल किया है तो मायावती कि बहुजन समाज पार्टी(बसपा) का एक उम्मीदवार जीतकर आया। मुकेश सहनी की वीआईपी और प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी का खाता भी नहीं खुला।  

भारत का फूड-बास्केट बना MP: कृषि विकास में रचा नया कीर्तिमान

भोपाल  कभी 'बीमारू राज्य' और विकास की दौड़ में पिछड़ा माना जाने वाला मध्यप्रदेश आज आत्मनिर्भरता, कृषि समृद्धि और तीव्र आर्थिक विकास का प्रतीक बन चुका है। यह परिवर्तन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दूरदर्शी नेतृत्व, सरकार की योजनाबद्ध नीतियों और किसानों की अटूट मेहनत का परिणाम है। मध्यप्रदेश अब न केवल विकास दर में अग्रणी है, बल्कि खाद्यान्न उत्पादन में भी देश में नई पहचान बना चुका है। यही कारण है कि भारत का हृदय प्रदेश अब देश का नया 'फूड-बास्केट' कहलाने लगा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का कहना है कि मध्यप्रदेश ने कृषि और उससे सम्बद्ध क्षेत्रों में जो आशातीत प्रगति की है, उसमें हमारे अन्नदाताओं की महती भूमिका है। बीते वर्षों में मध्यप्रदेश ने कृषि उत्पादन, सिंचाई विस्तार और किसानों की आय वृद्धि के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर देश का नया 'फूड बास्केट' बनने का गौरव प्राप्त किया है। राज्य की विकास दर अब डबल डिजिट में पहुंच चुकी है, जिसमें कृषि एवं सम्बद्ध क्षेत्रों का सबसे बड़ा योगदान है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने खेती को लाभ का व्यवसाय बनाने का संकल्प लिया है। सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, पर्याप्त बिजली आपूर्ति, न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी, भावांतर भुगतान योजना और कृषि यंत्रीकरण ने किसानों से जीवन में खुशहाली आ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि आज मध्यप्रदेश गेहूं, चना, मसूर, सोयाबीन और तिलहन उत्पादन में देश में अग्रणी बन चुका है। पंजाब और हरियाणा जैसे परम्परागत कृषि सम्पन्न राज्यों को कई फसलों के उत्पादन में पीछे छोड़ना राज्य के किसानों की मेहनत और सरकार की संवेदनशील नीतियों का ही परिणाम है। हमने कृषि के साथ-साथ डेयरी, पशुपालन, मत्स्य पालन और खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्रों में भी राज्य ने नई ऊंचाइयां हासिल की हैं। वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP), एग्रो एंड फूड प्रोसेसिंग इकाइयां और कोल्ड स्टोरेज चेन जैसे अनेक कदम किसानों को उनके उत्पादों का बेहतर मूल्य दिलाने में मददगार सिद्ध हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य बिल्कुल स्पष्ट है – हर खेत तक पानी, हर किसान तक प्रगति और हर घर तक समृद्धि। मध्यप्रदेश का किसान अब सिर्फ़ अन्नदाता नहीं, बल्कि खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर भारत का निर्माणकर्ता बन चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों, कृषि वैज्ञानिकों और राज्य के पूरे कृषि अमले को इस राष्ट्रीय उपलब्धि की ओर बढ़ने के लिए बधाई दी है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में मध्यप्रदेश देश की खाद्य सुरक्षा को सशक्त करेगा, बल्कि वैश्विक कृषि मानचित्र पर भी अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करेगा। कृषि समृद्ध प्रदेश बनने की कहानी कभी सीमित सिंचाई साधनों, अस्थिर बिजली आपूर्ति और अपर्याप्त अवसंरचना के कारण मध्यप्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था घाटे में चल रही थी। किसानों की आमदनी सीमित थी और ग्रामीण जीवन में भी कुछ कठिनाइयां थीं। परंतु बीते दो दशकों में परिदृश्य पूरी तरह बदल गया है। सरकार ने कृषि और ग्रामीण विकास को अपनी नीतियों के केंद्र में रखकर जो कार्य किया, उसने राज्य की तस्वीर ही बदल दी। हाल ही में हुए आर्थिक सर्वेक्षण में मध्यप्रदेश ने 24 प्रतिशत की विकास दर दर्ज की है, जो राष्ट्रीय विकास औसत से कहीं अधिक है। यह प्रगति बताती है कि मध्यप्रदेश अब आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ रहा है। कृषि विकास में आई नई क्रांति मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा विकास कृषि क्षेत्र में देखा गया है। बीते वर्षों में राज्य सरकार ने कृषि को सिर्फ़ आजीविका का साधन नहीं, बल्कि समृद्धि का आधार बनाने का संकल्प लिया। किसानों को फसल उत्पादन की लागत में राहत देने, खेती को लाभकारी बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई योजनाएं लागू की गईं। कृषक कल्याण मिशन के जरिए किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए सभी जतन किए जा रहे हैं। भावांतर भुगतान योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर फ़सल खरीदी और इस खरीदी पर बोनस राशि भी देने जैसे प्रयासों ने किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान की है। इसके अलावा उन्नत कृषि उपकरणों पर सब्सिडी और प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने की कोशिशों ने भी खेती-किसानी को और अधिक रूचिकर, उत्पादक और टिकाऊ बनाया है। राज्य में सिंचाई सुविधाओं का खेत तक विस्तार भी एक मील का पत्थर साबित हुआ है। नर्मदा घाटी विकास परियोजना, पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदियों को आपस में जोड़ने और केन-बेतवा राष्ट्रीय नदी लिंक जैसी परियोजनाओं से लाखों हेक्टेयर कृषि क्षेत्र को सिंचाई सुविधा के दायरे में लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति के सुदृढ़ीकरण से रबी सीजन में फसलों की उत्पादन क्षमता कई गुना बढ़ गई है। खेती-किसानी की बदलती परिभाषा मध्यप्रदेश के किसान अब पारम्परिक खेती तक सीमित नहीं हैं। वे नई तकनीकों और आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाकर उत्पादन और गुणवत्ता दोनों में सुधार ला रहे हैं। ड्रिप इरिगेशन, ऑर्गेनिक फार्मिंग, मल्टीक्रॉपिंग और फसल विविधीकरण जैसे नवाचारों ने कृषि को एक व्यावसायिक रूप दिया है। प्रदेश में कृषि विश्वविद्यालयों, अनुसंधान केंद्रों और कृषि विज्ञान केंद्रों की सक्रिय भूमिका ने किसानों को नवीनतम जानकारी सहित प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया है। अब किसान बाजार की मांग के अनुसार फसलें पैदा कर रहे हैं और निर्यात की दिशा में भी कदम बढ़ा रहे हैं। कृषि से औद्योगिक विकास तक मध्यप्रदेश की तेज कृषि विकास दर देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि आने वाले वर्षों में मध्यप्रदेश कृषि आधारित उद्योगों और एग्रो प्रोसेसिंग का केंद्र बनने जा रहा है। राज्य में खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों, कोल्ड स्टोरेज और लॉजिस्टिक हब के निर्माण से कृषि उत्पादों के निर्यात की संभावना बढ़ेगी। सरकार की वन डिस्ट्रिक्ट 'वन प्रोडक्ट' (ODOP) योजना भी इस दिशा में मददगार सिद्ध हो रही है। यह किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में तो कारगर है ही, ग्रामीण रोजगार को भी यह योजना स्थायी बना रही है। नया मध्यप्रदेश, नया आत्मविश्वास मध्यप्रदेश आज बड़े आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। अब यह राज्य विकास के नए अध्याय लिख रहा है। गांव से शहर तक, खेत से बाजार तक, फ़ार्म टू लैब हर जगह परिवर्तन की एक नई लहर महसूस की जा रही है। प्रदेश के किसान अब सिर्फ अन्नदाता नहीं रहे, बल्कि “राष्ट्र निर्माता” और ऊर्जादाता भी बन रहे हैं। किसानों को उनके खेत में सोलर पम्प लगाने के … Read more

फिरोजपुर में RSS नेता के बेटे की हत्या, बाइक सवार हमलावरों ने मारी गोली

फिरोजपुर  पंजाब में बड़ी घटना घटी है। फिरोजपुर में अज्ञात हमलावरों ने RSS नेता के बेटे को गोली मार दी। घटना से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हमले के बाद से आरआरएस कार्यकर्ताओं में काफी रोष है। लोगों ने बवाल शुरू कर दिया है। मृतक की पहचान 32 साल के नवीन अरोड़ा के नाम से हुई है। जानकारी के अनुसार, नवीन अरोड़ा अपनी दुकान बंद करके घर लौट रहे थे। फिरोजपुर में डॉ. साधु चंद चौक के पास पहुंचने पर दो लोग बाइक पर आए और नवीन पर नजदीक से फायरिंग की। फायरिंग के बाद हमलावप मौके से फरार हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत अरोड़ा को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने नवीन को मृत घोषित कर दिया।   बताया जा रहा है कि नवीन के पिता बलदेव राज अरोड़ा पिछले कई सालों से आरएसएस से जुड़े हैं। इसी के चलते घटना ने राजनीतिक रूपर भी ले लिया। स्थानीय लोगों में हमला को लेकर काफी गुस्सा है। सभी लोग आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा, केरल में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों के लिए भाजपा द्वारा टिकट न दिए जाने के बाद एक आरएसएस कार्यकर्ता ने कथित तौर पर सुसाइड कर लिया। मृतक की पहचान तिरुवनंतपुरम निगम के अंतर्गत त्रिक्कनपुरम वार्ड निवासी आनंद के थम्पी के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि आगे की जांच जारी है। घटना पर पंजाब बीजेपी अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि पंजाब में गैंगस्टरों का डर बढ़ता जा रहा है। आप सरकार इन्हें रोकने में नाकाम साबित हो रही है। कहा कि गैंगस्टर प्रभावी रूप से सरकार चला रहे हैं, जबकि मुख्यमंत्री भगवंत मान अपनी जिम्मेदारियां निभाने में नाकाम रहे हैं। कहा कि लोगों में दहशत का माहौल है।  

पंजाब के इस पूर्व MLA का व्हाट्सएप नंबर हैक, पोस्ट शेयर कर की खास अपील

फिरोजपुर  जीरा के पूर्व विधायक और कांग्रेस नेता कुलबीर सिंह जीरा से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार उनका व्हाट्सएप नंबर हैक हो गया है। बताया जा रहा है कि 15 तारीख को शाम 5 बजे के करीब हैकिंग हुई है। इसे लेकर खुद उन्होंने फेसबुक पर जानकारी सांझा की है।  उन्होंने फेसबुक पोस्ट में कहा कि ''मैं आप सभी से फेसबुक के जरिए कर रहा हूं कि मेरे दोनों व्हाट्सएप नंबर शाम 5 बजे के करीब हैक हो गए। मैं सभी से विनती करता हूं कि अगर किसी को कोई मैसेज मिलता है तो कृप्या करके मेरे से संपर्क करें।  

देश में बनेगी दो नई फिल्म सिटी, इन शहरों में नौकरी और निवेश की भारी संभावनाएं

चंडीगढ़  हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी ने हाल ही में घोषणा की कि राज्य में दो आधुनिक फिल्म सिटी विकसित की जाएंगी। सीएम ने कहा कि इसका उद्देश्य हरियाणा को हॉलीवुड, बॉलीवुड और अंतर्राष्ट्रीय फिल्म निर्माताओं के लिए एक आकर्षक गंतव्य बनाना है। सीएम ने यह भी बताया कि हरियाणवी सिनेमा को अघीक दर्शकों तक पहुंचाने के लिए, सरकार प्रसार भारती के साथ दूरदर्शन पर हर हफ्ते हरियाणवी फिल्मों के प्रसारण की संभावना पर चर्चा करेगी। हरियाणा सरकार पंचकूला के पिंजौर में लगभग 100 एकड़ भूमि पर बनने वाली जमीन चिह्नित हो चूकी है, जिसमें 200 करोड़ रुपये खर्च होगा और फिल्म सिटी के पहले चरण के लिए सलाहकारों की नियुक्ति की प्रक्रिया में है। वहीं गुरुग्राम में दूसरी फिल्म सिटी के लिए भूमि की पहचान की जा रही है, जिसे दूसरे चरण में विकसित किया जाएगा।   सीएम ने बताया कि दादा लखमी चंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफॉर्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स (सुपवा) को राज्य की सभी विश्वविद्यालयों में फिल्म मेकिंग कोर्स शुरू करने की जिम्मेदारी दी जाएगी. इसके साथ ही सुपवा विद्यालय स्तर पर थिएटर शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए शिक्षा विभाग के साथ मिलकर कार्य करेगी। सीएम ने सिंगल स्क्रीन सिनेमा को पुनर्जीवित करने की मांग पर कहा कि सरकार क्षेत्रीय सिनेमा को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से पहले ही फिल्म प्रोमोशन बोर्ड का गठन कर चुकी है।

धान खरीदी सीज़न की शुरुआत: अरुण साव ने की व्यवस्था सुदृढ़ होने की बात, पहले दिन 20 हजार क्विंटल खरीदी

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में धान खरीदी की पुख्ता व्यवस्था की गई है. प्रदेश में 15 नवंबर से सुचारु रूप से धान खरीदी प्रारंभ हुई है. और पहले ही दिन अलग-अलग सहकारी सोसायटी में 20 हजार क्विंटल धान की खरीदी हुई है. यह बात उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने नवा रायपुर निवास कार्यालय में पत्रकारों से चर्चा के दौरान कही. उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि प्रदेश के किसान पूरी तरह से निश्चिंत रहे, सरकार ने धान खरीदी की पुख्ता व्यवस्था की है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि धान खरीदी में किसानों को किसी भी प्रकार से दिक्कत ना हो. मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अधिकारी पूरी तत्परता से व्यवस्था संचालन में जुटे है. साव ने कांग्रेस के खरीदी केंद्रों के निगरानी पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस ने किसानों के साथ धोखा किया है, वो क्या निगरानी करेंगे. दो साल का पुराना बोनस देने का वादा किया था, लेकिन पांच साल के सरकार में नहीं दिया. चार किस्त में देते थे, और चौथी किस्त में कटौती करते थे. छत्तीसगढ़ के किसान कांग्रेसियों की नियत अच्छी तरह से जानते है. बिहार में छत्तीसगढ़ के कांग्रेस नेताओं के प्रचार वाले विधानसभा सीटों में हार पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आज कांग्रेस की विश्वनीयता समाप्त हो गई है. छत्तीसगढ़ के कांग्रेसी विशेष रूप से जनता से बार-बार नकारे गए हैं. ऐसे में दूसरे राज्य की जनता इन पर कैसे भरोसा करेगी. जबकि छत्तीसगढ़ के हम भाजपा कार्यकर्ता और वरिष्ठ नेता वहां के संगठन के लोगों के साथ मिलकर उनके सहयोग से प्रचार में गए और ऐतिहासिक परिणाम बिहार में आया है. बिहार की जनता ने विकास और सुशासन को चुना है. उप मुख्यमंत्री साव ने सुकमा में तीन नक्सलियों के न्यूट्रलाइज होने पर सुरक्षाबलों की सराहना की है. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई चल रही है. हमारे सुरक्षा बल के जवान लगातार जंगलों में ऑपरेशन चला रहे है. और निश्चित रूप से मार्च 2026 में सशस्त्र नक्सलवाद समाप्त हो जाएगा. सुरक्षा बल के जवानों को बधाई देता हूं. वे दुर्गम इलाकों में जाकर नक्सल उन्मूलन का काम कर रहे हैं.

बिहार चुनाव परिणाम: डॉ. रमन सिंह ने कहा—नीतीश कुमार संभालेंगे नेतृत्व

रायपुर बिहार विधानसभा चुनाव में NDA को मिले जनादेश के बाद अब मुख्यमंत्री के शपथ और मंत्रिमंडल गठन की चर्चा तेज है. इस बीच छत्तीसगढ़ के विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्य योजना बनाकर काम किया है. बिहार में जंगल राज को खत्म कर लोगों के जीवन में परिवर्तन लाया है. बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में सरकार बनने जा रही है. बिहार चुनाव में भूपेश बघेल की भूमिका पर टिप्पणी बिहार चुनाव में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को सीनियर ऑब्ज़र्वर बनाया गया था. उनके चुनावी प्रभाव को लेकर पूछे गए सवाल पर विधानसभा स्पीकर डॉ. रमन सिंह ने कहा कि भूपेश बघेल को जब-जब जिम्मेदारी मिली है, तब सभी जानते हैं कि क्या होता है. नीतीश कुमार की ईमानदारी और उनके नीतियों की यह जीत है. 28 से 30 नवंबर तक डीजी कॉन्फ्रेंस डीजी कॉन्फ्रेंस को लेकर डॉ. रमन सिंह ने कहा कि डीजी कॉन्फ्रेंस में पीएम नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के साथ अन्य राज्य के डीजी शामिल होंगे. नक्सल समस्या को लेकर एक निर्णायक दौर आया है. नक्सलवाद से देश आगे बढ़ चुका है. 2026 मार्च तक नक्सलवाद खात्मे की डेडलाइन तय हो चुकी है. शत प्रतिशत नक्सल समाप्ति करने में सफलता मिलेगी. 18 नवंबर को विधानसभा का विशेष सत्र विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने छत्तीसगढ़ विधानसभा के 18 नवंबर को बुलाए गए विशेष सत्र को लेकर जानकारी दी कि पुराने विधानसभा में एक दिन का सत्र होगा. जहां 25 साल बिताए उसका यह सत्र है. पुराने विधानसभा में सभी की यादें है. पुराने विधानसभा में यह अंतिम सत्र रहेगा. उन्होंने यह भी बताया कि शीतकालीन सत्र नए विधानसभा में आयोजित होगा.