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सैलजा का आरोप: धान घोटाले बढ़ रहे, सरकार मौन क्यों?

चंडीगढ़  पूर्व केंद्रीय मंत्री और सिरसा सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि हरियाणा की भाजपा सरकार में नये-नये घोटाले सामने आ रहे हैं। अब धान खरीद में घोटाला सामने आ रहा है। हाल ही में एक और मामले में भौतिक सत्यापन के दौरान हजारों मीट्रिक टन धान रिकॉर्ड से गायब होने का मामला सामने आया है। यह कोई अकेली घटना नहीं, बल्कि प्रदेशभर में हो रहे लगातार धान घोटालों की एक कड़ी है।सांसद ने कहा कि यह स्पष्ट है कि हरियाणा में धान घोटाले हो रहे हैं और सरकार पूरी तरह से खामोश है। किसानों की मेहनत का अनाज भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहा है, मगर न कोई जवाबदेही तय होती है और न ही दोषियों पर कार्रवाई।  उन्होंने मौजूदा भाजपा सरकार से सवाल पूछा है कि इन धान घोटालों के पीछे जिम्मेदार लोग कौन हैं। अब तक कितने अधिकारियों व मिल मालिकों पर कार्रवाई हुई। किसानों के अनाज की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या ठोस कदम उठाए गए। क्या सरकार सीबीआई या न्यायिक जांच से डर रही है। उन्होंने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है। सैलजा ने कहा कि धान घोटाला कई दिनों से सुर्खियों में है। मीडिया में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। अब तक करोड़ों रुपयों के घोटाले का अंदेशा जताया जा रहा है, मगर हैरानी की बात है कि भाजपा सरकार इस पूरे मामले पर चुप है।

शाकाहारी महिला को सैंडविच में झींगा मिलने पर स्विगी और रेस्टोरेंट को ₹1 लाख का जुर्माना

बेंगलुरु बेंगलुरु की 37 वर्षीय निशा (पूरी तरह शाकाहारी ) ने 10 जुलाई 2024 को स्विगी से एक शाकाहारी सैंडविच ऑर्डर किया. लेकिन एक निवाला लेते ही उन्हें अजीब स्वाद आया और अंदर से झींगे के टुकड़े मिले. यह देखकर वे घबरा गईं और उन्हें आध्यात्मिक और भावनात्मक झटका लगा. अगले दिन वे रेस्टोरेंट पहुंचीं. मैनेजर ने गलती मानते हुए इसे भीड़ के समय की गड़बड़ी बताया और बदले में खाना देने की पेशकश की, जिसे निशा ने ठुकरा दिया. निशा ने भेजा कानूनी नोटिस 20 जुलाई को उन्होंने स्विगी और रेस्टोरेंट दोनों को कानूनी नोटिस भेजा, पर कोई जवाब नहीं मिला. इसके बाद 22 अगस्त 2024 को उन्होंने उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज की और 2 लाख रुपये का मुआवजा मांगा. स्विगी ने कहा कि वह सिर्फ ऑर्डर कराने का माध्यम है और असली जिम्मेदारी रेस्टोरेंट की है. वहीं, रेस्टोरेंट ने गलती स्वीकार की, लेकिन यह भी कहा कि उनका रेस्टोरेंट दोनों तरह का खाना परोसता है, इसलिए आमतौर पर शाकाहारी लोग वहां से खाना नहीं लेते. आयोग ने अपने फैसले में कहा कि शाकाहारी व्यक्ति को मांसाहारी भोजन देना गंभीर लापरवाही है और इससे व्यक्ति को मानसिक, धार्मिक और भावनात्मक नुकसान हो सकता है. फैसला क्या आया? उपभोक्ता आयोग ने स्विगी और रेस्टोरेंट दोनों को कुल 1,00,000 रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है. 50,000 रुपये लापरवाही के लिए और 50,000 रुपये मानसिक पीड़ा के लिए और 5,000 रुपये मुकदमेबाजी खर्च के लिए.  इसके बाद 146 रुपये की सैंडविच की कीमत 12% वार्षिक ब्याज के साथ वापस किया गया और कहा गया कि दोनों पक्षों को साझा रूप से यह राशि चुकानी होगी. यह मामला बताता है कि खाने-पीने की सेवाओं में जरा-सी लापरवाही भी उपभोक्ता के अधिकारों का उल्लंघन बन सकती है.

WTC Final Race: 3 मैच हारने के बाद टीम इंडिया को क्या चाहिए? जानिए पूरे समीकरण

नई दिल्ली  कोलकाता टेस्ट हारने के बाद टीम इंडिया ने अपने लिए मुश्किलों का पहाड़ खड़ा कर लिया है। इस एक मैच के हारने से टीम इंडिया के लिए साउथ अफ्रीका के खिलाफ सीरीज को जीतना तो नामुमकिन हो ही गया है। साथ ही साथ टीम इंडिया के लिए वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 के फाइनल में पहुंचने की उम्मीदों को भी झटका लगा है। तीन में से दो बार डब्ल्यूटीसी का फाइनल खेलने वाली टीम इंडिया इस बार के साइकिल में पहले 8 मैचों में से तीन मैच हार चुकी है, जबकि एक मैच ड्रॉ रहा है और चार मैच जीते हैं। इन आंकड़ों के बाद क्या टीम इंडिया डब्ल्यूटीसी फाइनल 2027 के लिए क्वालीफाई कर पाएगी? इसका सिनेरियो जान लीजिए। दरअसल, टीम इंडिया को अब बाकी बचे टेस्ट मैचों में बेहतरीन प्रदर्शन करना होगा। अभी भी 10 मुकाबले भारतीय टीम के इस डब्ल्यूटीसी साइकिल में बाकी हैं, लेकिन एक दौरा बहुत मुश्किल भरा रहेगा। अभी शुभमन गिल की कप्तानी वाली टीम डब्ल्यूटीसी पॉइंट्स टेबल में 54 फीसदी के करीब मैच जीतकर चौथे स्थान पर है। अगर इतिहास को देखें तो आपको डब्ल्यूटीसी के फाइनल में पहुंचने के लिए 64 से 68 फीसदी जीत प्रतिशत रखना होगा। इससे साफ है कि अब बाकी बचे मैचों में भारत को फूंक-फूंककर कदम रखना होगा। डब्ल्यूटीसी पॉइंट्स टेबल 2025-27 में टॉप 2 में जगह बनाने के लिए ज्यादा से ज्यादा मैच भारत को जीतने होंगे। गलती करनी की गुंजाइश बहुत कम हो गई है। अब हर एक हार के बाद टीम इंडिया के लिए फाइनल के लिए क्वालीफाई करने के लिए मुश्किल होती जाएगी। भारतीय टीम के बाकी बचे मैचों की बात करें तो अभी एक मुकाबला साउथ अफ्रीका के खिलाफ बाकी है, जबकि इसके बाद श्रीलंका में भारत को दो टेस्ट खेलने हैं और इतने ही टेस्ट मैचों की सीरीज न्यूजीलैंड में खेलनी है, जो बहुत मुश्किल वाली होगी। 10 मैच भारत के बाकी हैं इसके अलावा भारतीय टीम को घर पर ऑस्ट्रेलिया से पांच मैचों की टेस्ट सीरीज खेलनी होगी। इस तरह आगे की राह बहुत ज्यादा मुश्किल लग रही है। अगर भारत बाकी बचे 10 मैचों में से 8 मैच भी जीतता है तो फाइनल के लिए आसानी से क्वालीफाई कर जाएगा, लेकिन 7 मैच जीतने पर मुश्किलें होंगी। हालांकि, यहां देखने वाली बात ये होगी कि अगर भारत बाकी बचे 10 मैचों में से दो से ज्यादा मैच हारता है तो फिर भारत अपने दम पर फाइनल में नहीं पहुंच पाएगा।  

अपराध करने वालों को चुकानी ही होगी कीमत : सीएम योगी

अपराध कतई स्वीकार नहीं करता नया यूपी : मुख्यमंत्री अपराध करने वालों को चुकानी ही होगी कीमत : सीएम योगी बी से ए क्लास में उच्चीकृत हुई गोरखपुर स्थित क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला 72.78 करोड़ रुपये की परियोजना का मुख्यमंत्री ने किया लोकार्पण मॉडर्न पुलिस के लिए गेम चेंजर बनेगी फॉरेंसिक साइंस लैब – मुख्यमंत्री आठ वर्षों में की 2.19 लाख पुलिस कार्मिकों की भर्ती- मुख्यमंत्री 2017 से पहले महज 4 फॉरेंसिक लैब थे अब 12 हैं और 6 छह लैब निर्माणाधीन – सीएम गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 के बाद का नया उत्तर प्रदेश अपराध को कतई स्वीकार नहीं करता है। यदि किसी ने यहां अपराध करने की जुर्रत की तो उसे हर हाल में उसकी कीमत भी चुकानी होगी। वह दौर खत्म हो गया जब पीड़ित तड़पता, भटकता था और अपराधी मौज-मस्ती करते थे। अब प्रदेश सरकार ने जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत साक्ष्य संकलन और फॉरेंसिक साइंस लैब्स (विधि विज्ञान प्रयोगशाला) के जरिए इसके प्रमाणन की ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित कर दी है कि कोई भी अपराधी बच नहीं पाएगा। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति, वैज्ञानिक साक्ष्यों पर आधारित जांच और आधुनिक फॉरेंसिक साइंस लैब्स के जरिए ऐसी व्यवस्था विकसित हुई है कि अपराधी अब बच नहीं सकते। सटीक, त्वरित और पारदर्शी जांच के कारण पीड़ित को सहज, सुगम और समयबद्ध न्याय उपलब्ध हो रहा है। सीएम योगी मंगलवार को बी से ए क्लास में उच्चीकृत क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला (आरएफएसएल) गोरखपुर के नवीन उच्चीकृत भवन के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। छह मंजिला हाईटेक नवीन भवन के निर्माण पर 72.78 करोड़ रुपये की लागत आई है। उच्चीकृत आरएफएसएल का फीता काटकर उद्घाटन करने और यहां की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया। उन्होंने फॉरेंसिक जांच की अत्याधुनिक सौगात के लिए पूर्वी उत्तर प्रदेश की जनता को बधाई देते हुए कहा कि आबादी के लिहाज से देश का सबसे बड़ा राज्य होने के बावजूद 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में सिर्फ चार फॉरेंसिक साइंस लैब थे। सरकार बनने के बाद यह तय किया गया कि कम से कम हर कमिश्नरी में एक फॉरेंसिक साइंस लैब होनी चाहिए। इससे आठ वर्षों में इनकी संख्या बढ़कर 12 हो गई है। छह लैब निर्माणाधीन हैं। जल्द ही सभी कमिश्नरी में फॉरेंसिक साइंस लैब होंगे। इन लैब्स में हर प्रकार की फॉरेंसिक जांच होगी जो साक्ष्य को प्रमाणित कर अपराधियों को कठोर दंड दिलाने का आधार बनेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि कमिश्नरी स्तर पर फॉरेंसिक साइंस लैब स्थापित करने के साथ सरकार ने हर जिले में फॉरेंसिक साक्ष्य संकलन के लिए दो-दो मोबाइल वैन उपलब्ध कराए हैं। इससे कुछ ही घंटों में पुख्ता साक्ष्य संकलन हो जा रहा है और लैब में उसकी जांच के बाद पीड़ित को सहज और सुगम न्याय मिल जाएगी। अब कोई भी अपराधी बच नहीं पाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के पहले साक्ष्य इकट्ठे होने पर भी अच्छी फॉरेंसिक साइंस लैब के अभाव में अपराधी बच जाते थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में गत वर्ष जुलाई से तीन नए कानून (भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 और भारतीय साक्ष्य संहिता 2023) लागू होने के बाद फॉरेंसिक साइंस लैब्स की उपयोगिता और बढ़ गई है। नए कानून में सात वर्ष से अधिक कारावास वाले अपराधों में फॉरेंसिक जांच को अनिवार्य कर दिया है। इन कानूनों के लागू होने से काफी पहले ही यूपी सरकार ने लैब्स स्थापित करने की तैयारी शुरू कर दी थी। फॉरेंसिक साइंस लैब्स से रोजगार का सृजन भी होगा सीएम योगी ने कहा कि फॉरेंसिक साइंस लैब्स से युवाओं के लिए नए रोजगार का सृजन भी होगा। इसके लिए सरकार ने लखनऊ में यूपी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस की स्थापना की है। यहां लैब टेक्नीशियन के लिए सर्टिफिकेट, लैब में साक्ष्य मिलान करने वालों के लिए डिप्लोमा और विशेषज्ञ के लिए डिग्री कोर्स शुरू किए गए हैं। फॉरेंसिक साइंस लैब्स नए समय में नए अपराधों को रोकने के लिए वैज्ञानिक साक्ष्य उपलब्ध कराने के प्रयासों का हिस्सा हैं। उन्होंने बताया कि अत्याधुनिक यूपी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस में एडवांस डीएनए डायग्नोस्टिक, एआई, ड्रोन, रोबोटिक लैब उपलब्ध है। यहां नैनो से लेकर 40 किलो वजनी ड्रोन संचालित किए जा सकते हैं। मॉडर्न पुलिस के लिए गेम चेंजर बनेगी फॉरेंसिक साइंस लैब सीएम योगी ने कहा कि गोरखपुर में अपग्रेडेड फॉरेंसिक साइंस लैब में सभी अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी जो सटीक जांच करेंगी। यह लैब मॉडर्न पुलिस के लिए गेम चेंजर साबित होगी। त्वरित और पुख्ता जांच होने से लोगों को समय से सुसंगत न्याय मिलेगा। उन्होंने कहा कि फॉरेंसिक साइंस लैब अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति का ही हिस्सा हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर की यह उच्चीकृत लैब उन चुनिंदा संस्थानों में शामिल होगी जहां बैलेस्टिक, नार्कोटिक्स, सेरोलॉजी, साइबर फॉरेंसिक, डीएनए प्रोफाइलिंग, डाक्यूमेंट विश्लेषण से लेकर सभी उन्नत फॉरेंसिक परीक्षण संभव होंगे। ऐसी क्षमता से पुलिस के कार्य में गति, पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य साइबर फॉरेंसिक को वैश्विक मानक तक पहुंचाना है ताकि भविष्य में होने वाले हाईटेक अपराधों पर भी प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। आठ वर्षों में की 2.19 लाख पुलिस कार्मिकों की भर्ती मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रूल ऑफ लॉ को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि इसे लागू करने प्रयासों के तहत आठ सालों में प्रदेश में 2 लाख 19 हजार पुलिस कार्मिकों की भर्ती की गई है। इसमें 60244 कार्मिकों की भर्ती हाल ही में संपन्न हुई है। उन्होंने कहा कि आठ वर्षों में यूपी में जितनी पुलिस भर्ती हुई है, उतनी कई राज्यों की कुल पुलिस फोर्स नहीं है। सीएम ने भर्ती के साथ ट्रेनिंग क्षमता विस्तार का भी उल्लेख किया। कहा कि 2017 में पुलिस ट्रेनिंग की कुल क्षमता 6000 की थी। तब 30000 भर्ती होने पर किराए पर ट्रेनिंग सेंटर लेने पड़े थे। आज प्रदेश में पुलिस ट्रेनिंग की क्षमता दस गुने से अधिक बढ़ चुकी है। अभी जितनी भर्ती हुई, सबको ट्रेनिंग राज्य के ही सेंटर्स से मिल रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस महकमे में सरकार कार्य के अनुरूप सुविधाओं का विस्तार कर रही … Read more

मुख्यमंत्री योगी ने भरा एसआईआर फॉर्म, नागरिकों को जागरूक रहने की दी प्रेरणा

मुख्यमंत्री योगी ने भरा एसआईआर प्रक्रिया का फॉर्म, जागरूक और जिम्मेदार नागरिक होने की दी प्रेरणा मतदाता सूची अद्यतन अभियान बना जागरूकता और सहभागिता का माध्यम  SIR 28 अक्टूबर 2025 से शुरू होकर 7 फरवरी 2026 तक गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नागरिक जिम्मेदारी और लोकतांत्रिक चेतना का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए मंगलवार सुबह गोरखनाथ मंदिर के बैठक कक्ष में मतदाता सूची के एसआईआर यानी विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया का फॉर्म भरकर इसे पूर्ण किया। मुख्यमंत्री गोरखपुर शहर विधानसभा क्षेत्र के झूलेलाल मंदिर के पास स्थित कन्या प्राथमिक विद्यालय मतदान केंद्र के बूथ संख्या 223 में पंजीकृत मतदाता हैं। बता दें कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची को अधिक सटीक, अद्यतन और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से, SIR 28 अक्टूबर 2025 से शुरू होकर 7 फरवरी 2026 तक चलाया जाएगा। उत्तर प्रदेश सहित देश के 12 राज्य और केंद्रशासित प्रदेश इस प्रक्रिया में शामिल हैं। इसी क्रम में मंगलवार को गोरखपुर में बीएलओ गोरखनाथ मंदिर पहुंचे और मुख्यमंत्री को एसआईआर फॉर्म उपलब्ध कराया, जिसे मुख्यमंत्री ने भरकर उन्हें सौंप दिया।  SIR मतदाता सूची को शुद्ध और सटीक बनाने और साथ ही संविधान के अनुच्छेद 326 के तहत मतदाता अधिकारों के सही से इस्तेमाल के लिए कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री द्वारा स्वयं इस प्रक्रिया में शामिल होना यह संदेश देता है कि मतदाता सूची को सही और अद्यतन रखना केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक का अधिकार और कर्तव्य है। ऐसी पहल मतदाता जागरूकता को मजबूती देती है और लोकतंत्र को और अधिक सहभागी बनाती है। इस अवसर पर जिलाधिकारी दीपक मीणा, तहसीलदार सदर ज्ञान प्रताप सिंह, भाजपा महानगर संयोजक राजेश गुप्ता, नगर निगम बोर्ड के उपसभापति एवं पार्षद पवन त्रिपाठी तथा जीडीए बोर्ड सदस्य दुर्गेश बजाज उपस्थित रहे।

पीड़ितों की सहायता में लापरवाही पर होगी कार्रवाई : मुख्यमंत्री

पुलिस से जुड़े मामलों में करें सख्त कार्रवाई : मुख्यमंत्री पीड़ितों की सहायता में लापरवाही पर होगी कार्रवाई : मुख्यमंत्री जनता दर्शन में सीएम योगी आदित्यनाथ ने सुनीं 300 लोगों की समस्याएं गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को दो टूक हिदायत दी है कि पुलिस से जुड़े मामलों में सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। पीड़ितों की मदद में विलंब और लापरवाही कतई नहीं होनी चाहिए। जनता की समस्याओं के समाधान में  किसी तरह की लापरवाही हुई तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई भी तय है। किसी पीड़ित की समस्या के समाधान में अगर कहीं भी कोई दिक्कत आ रही है तो उसका पता लगाकर निराकरण कराया जाए और किसी स्तर पर जानबूझकर कर प्रकरण को लंबित रखा गया है तो संबंधित की जवाबदेही तय की जाए।  मुख्यमंत्री ने यह निर्देश मंगलवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में जनता जनता दर्शन के दौरान लोगों की समस्याएं सुनने के दौरान दिए। मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार में आयोजित जनता दर्शन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 300 लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। सीएम योगी ने सभी को आश्वस्त किया कि किसी को भी घबराने की आवश्यकता नहीं है। हर समस्या का वह प्रभावी निस्तारण कराएंगे। इसे लेकर उन्होंने प्रशासन व पुलिस के अधिकारियों को मौके पर ही दो टूक समझाया कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करें। कुछ प्रकरणों पर उन्होंने अफसरों को निर्देशित किया कि यह भी पता लगाएं कि यदि किसी को प्रशासन का सहयोग नहीं मिला है तो ऐसा क्यों और किन कारणों से हुआ। हर पीड़ित की त्वरित मदद की जाए। उन्होंने जमीन कब्जाने की शिकायतों पर विधि सम्मत कठोर कदम उठाने का निर्देश दिया।  हर बार की तरह इस बार भी जनता दर्शन में कुछ लोग इलाज में आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे थे। इस पर सीएम योगी ने अधिकारियों से कहा कि जल्द से जल्द अस्पताल के इस्टीमेट की प्रक्रिया पूर्ण कराकर शासन को उपलब्ध करा दें। इलाज के लिए मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से पर्याप्त मदद की जाएगी। जनता दर्शन में परिजनों के साथ आए बच्चों को प्यार-दुलारकर सीएम योगी ने उन्हें चॉकलेट दिया।  सीएम ने की गोसेवा, मोर को भी दुलारा गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान मंगलवार सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दिनचर्या परंपरागत रही। गुरु गोरखनाथ का दर्शन पूजन करने तथा अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की प्रतिमा समक्ष शीश झुकाने के बाद वह मंदिर परिसर के भ्रमण पर निकले। मंदिर की गोशाला में पहुंचकर गोसेवा की। गायों और गोवंश को स्नेहिल भाव से गुड़-रोटी खिलाया। गोशाला में सीएम योगी के पहुंचने पर प्रायः एक मोर भी उनके पास आ जाता है। मुख्यमंत्री ने उसे भी दुलारा और अपने हाथों से रोटी खिलाया।

रायपुर: अवैध धान की तस्करी रोकने प्रशासन हुआ सख्त, सीमावर्ती चेकपोस्टों पर कड़ी निगरानी

रायपुर प्रदेश में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के साथ ही कुछ क्षेत्रों में अवैध धान परिवहन की संभावनाओं को रोकने राज्य भर में प्रशासन सख़्त हो गया है।  इसी क्रम में जशपुर जिला  कलेक्टर के निर्देश पर राजस्व विभाग की टीम ने जशपुर जिले का झारखंड सीमा से लगे चेकपोस्टों पर देर रात औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की। निरीक्षण दल में तहसीलदार जय राजनपथे, नायब तहसीलदार अरुण कुमार, फूड इंस्पेक्टर आलोक टोप्पो, मंडी निरीक्षक, राजस्व निरीक्षक तथा पटवारी शामिल थे। टीम ने भलमंडा, सकरडेगा और साईंटांगाटोली चेकपोस्टों का दौरा किया, जहाँ सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी तंत्र और वाहन चेकिंग प्रक्रिया को परखा गया। संभावित अवैध धान परिवहन पर रोक के लिए मौके पर ही अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। इसी दौरान संबंधित ग्रामों के सरपंच और सचिव भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने स्थानीय स्तर पर जागरूकता बढ़ाने तथा सीमा क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल उपलब्ध कराने आग्रह किया, ताकि अवैध आवागमन पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सीमावर्ती इलाकों में सतत निगरानी जारी रहेगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

नई सत्ता, नए मेहमान: बिहार शपथ समारोह में नायब सैनी को मिला खास न्योता

चंडीगढ़  बिहार में 20 नवंबर को बनने जा रही गठबंधन सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी विशेष अतिथि के रूप में शामिल होंगे। सैनी को फिर से बुलावा भेजा जाना इस बात का संकेत है कि बिहार में हालिया विधानसभा चुनावों में उनकी भूमिका सिर्फ प्रचार तक सीमित नहीं रही, बल्कि चुनावी गणित को प्रभावित करने में भी अहम रही। बिहार चुनावों में नायब सैनी ने जिन आठ विधानसभा क्षेत्रों में प्रचार किया, सभी पर गठबंधन प्रत्याशी विजयी रहे। इसे भाजपा की चुनावी रणनीति के एक ‘टर्निंग प्वाइंट’ के रूप में देखा जा रहा है। सैनी के नेतृत्व में लगभग एक महीने तक हरियाणा से नेताओं की बड़ी टीम बिहार में डटी रही और जमीनी स्तर पर मतदाताओं को साधने में जुटी रही। नायब सैनी ने 4 नवंबर को गया के वजीरगंज से प्रचार की शुरुआत की थी। यहां भाजपा के बीरेंद्र सिंह ने जीत दर्ज की। इसके बाद भोजपुर, चंपारण, रोहतास, औरंगाबाद और गुरुग्राम–पानीपत के बिहारी मतदाताओं वाले इलाकों तक उनका दौरा लगातार जारी रहा। हरियाणा भाजपा ने बिहार मूल के प्रवासी मतदाताओं को लुभाने के लिए अनूठी रणनीति अपनाई। छठ पर्व पर विशेष इंतजाम किए गए, प्रवासियों के लिए स्पेशल ट्रेन चलाई गई। उद्योगपतियों से बिहारी कर्मचारियों को वोटिंग के लिए वेतन सहित अवकाश देने का आग्रह भी किया गया। गुरुग्राम, सोनीपत, पानीपत आदि में कार्यक्रम कर प्रवासी वोटरों को यह भरोसा दिया गया कि वे चाहे जहां हों, पार्टी उनके साथ है।

नर्स गायत्री चौधरी को कलेक्टर सम्मानित, अस्पताल में मरीजों के बीच सर्जिकल वार्ड में शराब पार्टी का किया पर्दाफाश

अशोकनगर  मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले में कुछ दिन पूर्व अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में मरीज और उनके तीमारदार पलंग पर शराब पी रहे हैं। नर्सिंग ऑफिसर ने रंगेहाथ उन लोगों को पकड़ा था। इसका वीडियो वायरल हुआ था। इस काम के लिए नर्सिंग ऑफिसर गायत्री चौधरी को कलेक्टर ने सम्मानित किया। गायत्री चौधरी को कलेक्टर ने किया सम्मानित दरअसल, पलंग पर शराब पी रहे लोगों को नर्सिंग ऑफिसर गायत्री चौधरी ने रंगे हाथों पकड़ा था। साथ ही उनलोगों को डांट भी लगाई थी और वीडियो बनाकर उच्च अधिकारियों को दिया था। अशोकनगर कलेक्टर ने इसकी खूब प्रशंसा की है। इसे लिए उन्हें सम्मानित किया गया है।  दरअसल,  जिला अस्पताल में कार्यरत नर्सिंग ऑफिसर गायत्री चौधरी को समीक्षा बैठक के दौरान उनके दायित्वों का पूर्ण निष्ठा एवं कुशलतापूर्ण तरीके से निर्वहन करने पर प्रशंसा पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने 29 अक्टूबर 2025 को रात्रि 11 बजे अपनी ड्यूटी के दौरान जिला चिकित्सालय के सर्जिकल वार्ड में भर्ती मरीज और उनके परिजनों को शराब का सेवन करते हुए पाया था। साथ ही कार्यस्थल को मंदिर बताते हुए ऐसा नहीं करने की सलाह दी थी। इस प्रकार निडर होकर अपने दायित्वों का पूर्ण निष्ठा और कुशलतापूर्ण तरीके से निर्वहन किया। कलेक्टर ने इस कार्य की सराहना करते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की। साथ ही भविष्य में भी इसी प्रकार अपने पदीय दायित्वों का निर्वहन पूरी सूझबूझ, परिश्रम एवं समर्पित भाव के साथ करती रहें। सोशल मीडिया पर एक्टिव हजारों में फॉलोअर्स गायत्री चौधरी सोशल मीडिया पर खूब एक्टिव रहती हैं और इंस्टाग्राम पर उनके 22000 से अधिक फॉलोअर्स हैं, जिस पर वह अपने मॉडल लुक में फोटोज और वीडियो को अपलोड करती हैं, जिनके व्यूज भी हजारों और लाखों में हैं। साथ ही ड्यूटी का निर्वहन भी समय से करती हैं।  

सीमा पर BSF का कमाल: ड्रोन के साथ हेरोइन और कारतूस बरामद, तस्करों में हड़कंप

चंडीगढ़  पंजाब में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने ड्रोन, हेरोइन और गोला-बारूद की बड़ी खेप बरामद कर एक बार फिर तस्करी नेटवर्क पर सख्त प्रहार किया है। अमृतसर सेक्टर में तैनात जवानों ने डीजेआई मैविक 3 क्लासिक मॉडल का एक ड्रोन पकड़ा। प्राथमिक जांच में सामने आया कि ड्रोन का इस्तेमाल पाकिस्तान की ओर से प्रतिबंधित सामग्री भेजने के लिए किया जाता था। वहीं, तरनतारन जिले में गश्ती कर रही टुकड़ी ने खेतों की ओर संदिग्ध हलचल दिखने पर इलाके को घेरा और तलाशी के दौरान 548 ग्राम हेरोइन बरामद की। उधर, फिरोजपुर सेक्टर में बीएसएफ ने एक और बड़ी सफलता हासिल करते हुए बाड़ के पास से 5 पैकेटों में कुल 2.649 किलोग्राम हेरोइन रिकवर की। पैकेटों पर अक्सर इस्तेमाल होने वाले पाकिस्तान-आधारित ड्रग नेटवर्क के पहचान-चिह्न पाए गए। इसी कड़ी में बीएसएफ और पंजाब पुलिस के संयुक्त अभियान में मुक्तियावाला क्षेत्र के पास से 9एमएम के 50 राउंड कारतूस भी बरामद किए गए। यह आशंका जताई जा रही है कि यह कारतूस किसी तस्करी रूट के माध्यम से भारत के अंदर गैंगस्टरों या तस्करी गिरोहों तक पहुंचाए जाने थे। बीएसएफ ने बताया कि हाल के दिनों में सीमा पर ड्रोन गतिविधियों में वृद्धि हुई है, लेकिन जवानों की सतर्कता और आधुनिक तकनीक के प्रयोग से इन प्रयासों को लगातार नाकाम किया जा रहा है। बल ने स्पष्ट किया कि सीमा सुरक्षा के साथ समझौता नहीं किया जाएगा और किसी भी अवैध गतिविधि को तुरंत ध्वस्त कर दिया जाएगा।