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भोपाल एक जीवित विरासत वाला नगर, यहां अतीत और वर्तमान संवाद के साथी : पर्यटन मंत्री लोधी

हिस्टोरिक सिटी सीरीज की भोपाल कार्यशाला-सह-संवाद कार्यक्रम भोपाल  भोपाल की ऐतिहासिक विरासत, स्थापत्य, साहित्यिक धरोहर, सांस्कृतिक बहुलता तथा यूनेस्को क्रिएटिव सिटीज़ नेटवर्क में “सिटी ऑफ लिट्रेचर” के रूप में अंतर्राष्ट्रीय मानचित्र पर पहचान दिलाने के उद्देश्य से पर्यटन विभाग द्वारा स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्ट सहयोग से कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में मंगलवार को कार्यशाला-सह-संवाद कार्यक्रम का आयोजन हुआ। पर्यटन, संस्कृति एवं धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने कार्यशाला का शुभारंभ किया। राज्य मंत्री श्री लोधी ने कहा कि भारत के चयनित ऐतिहासिक नगरों की परंपरा, सांस्कृतिक विरासत, स्थापत्य और वैचारिक दर्शन से देश की युवा पीढ़ी को परिचित कराने के उद्देश्य से नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन अफेयर्स द्वारा यह श्रृंखला आयोजित की जा रही है। यह गर्व का विषय है कि इस प्रतिष्ठित आयोजन में मध्यप्रदेश के ऐतिहासिक नगरों ग्वालियर, ओरछा एवं भोपाल तीनों को शामिल किया गया है। राज्य मंत्री श्री लोधी ने कहा कि भोपाल केवल एक शहर नहीं, बल्कि समय, स्मृति, साहित्य, कला और मानव अन्वेषण की अनेक परतों से निर्मित एक जीवंत विरासत है। उन्होंने कहा कि भोपाल की झीलों, पहाड़ियों, बस्तियों और सांस्कृतिक धरोहरों में वह गहराई और दर्शन छिपा है, जो किसी नगर को सिर्फ भौतिक संरचना नहीं, बल्कि एक सामूहिक चेतना बनाता है। भोपाल यूनेस्को क्रिएटिव सिटीज़ नेटवर्क में “सिटी ऑफ लिट्रेचर” के रूप में अपनी पहचान बनाने का प्रयास कर रहा है, जो शहर की साहित्यिक परंपरा और सांस्कृतिक समृद्धि का वैश्विक सम्मान है। अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति, गृह और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड श्री शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि मध्यप्रदेश अपनी अद्वितीय सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक धरोहरों के कारण देश के सबसे समृद्ध राज्यों में से एक है। ओरछा, ग्वालियर और भोपाल के साथ–साथ प्रदेश के अन्य ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक नगरों को भी संस्थाओं और जनभागीदारी के माध्यम से पर्यटकों के अनुकूल विकसित करने के लिए निरंतर प्रयास आवश्यक हैं। व्यापक सहयोग और योजनाबद्ध पहल से प्रदेश के पर्यटन परिदृश्य को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाई जा सकती है। पैलन डिस्कशन में डॉ. अभय अरविंद बेड़ेकर, अपर प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड ने कहा कि सिटी ऑफ लिटरेचर के रूप में भोपाल का नामांकन उसकी अद्वितीय विरासत को सम्मानित करता है। यहां हिंदी और उर्दू समान रूप से पल्लवित होती हैं, जहां अकादमियां और विश्वविद्यालय समृद्ध सांस्कृतिक संवाद के वाहक हैं और जहां विरासत की पहचान केवल स्मारकों से नहीं, बल्कि यहां के लोगों से भी तय होती है। यहां साहित्य केवल संरक्षित नहीं किया जाता, बल्कि उसे जिया जाता है और समुदाय द्वारा निरंतर आकार दिया जाता है।   श्री प्रशांत बघेल, संयुक्त संचालक (प्लानिंग), मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड ने कहा कि भोपाल में सिटी ऑफ लिटरेचर के रूप में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने की अत्यंत मजबूत संभावनाएं हैं। शहर की सांस्कृतिक बनावट, उसकी समृद्ध भाषाई विरासत और सक्रिय साहित्यिक समुदाय इसे इस श्रेणी के लिए विशिष्ट बनाते हैं। मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा किए जा रहे सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप वर्ष 2026 तक हम यूनेस्को क्रिएटिव सिटीज़ नेटवर्क के लिए एक और अधिक सशक्त, सुविचारित और प्रमाणित नामांकन प्रस्तुत करने के लिए पूर्णतः तैयार होंगे।   इस अवसर पर डॉ. अभय अरविंद बेड़ेकर, अपर प्रबंध संचालक, मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड, स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर, भोपाल के डायरेक्टर प्रोफेसर कैलासा राव, मैनिट की एसोसिएट प्रोफेसर श्रीमती सविता राजे, एनएमए के रीजनल डायरेक्टर डॉ. टी. अरुण राज,  द्रोणा फाउंडेशन से सुश्री तपस्या एवं सुश्री मल्लिका, प्रोफेसर रचना खरे उपस्थित थे।  हेरिटेज वॉक में जाना भोपाल का सांस्कृतिक महत्व भोपाल में एक विशेष हेरिटेज वॉक का आयोजन किया गया, जिसने शहर की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को प्रत्यक्ष रूप से अनुभव कराने का अवसर प्रदान किया। यह वॉक गौहर महल से प्रारंभ होकर इक़बाल मैदान होते हुए भव्य मोती महल तक आयोजित की गई। प्रतिभागियों ने इन स्थलों की वास्तुकला, इतिहास और सांस्कृतिक महत्व के बारे में विस्तार से जाना। इसमें प्रतिभागियों को भोपाल के ऐतिहासिक विकास, सामाजिक विरासत और स्थापत्य विशेषताओं से अवगत कराया गया। हिस्टोरिक सिटी सीरीज नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन अफेयर्स (NIUA) द्वारा देश के चयनित ऐतिहासिक एवं जीवित नगरों की विरासत, पारम्परिक शहरी योजना और सांस्कृतिक विशेषताओं से आमजन को परिचित कराने के लिये हिस्टोरिक सिटी सीरीज (Historic City Series–2025) का आयोजन किया जा रहा है। इस राष्ट्रीय पहल में मध्यप्रदेश के तीन ऐतिहासिक नगरों ग्वालियर, ओरछा और भोपाल को चुना गया है। श्रृंखला के अंतर्गत 11 नवंबर को ग्वालियर और 13 नवंबर को ओरछा में कार्यक्रम आयोजित किए गए।  

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 21वीं किश्त का होगा वितरण

प्रधानमंत्री श्री मोदी करेंगे वर्चुअली संबोधित कृषि उपज मण्डी समिति करोंद भोपाल में होगा राज्य स्तरीय कार्यक्रम भोपाल प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 21वीं किश्त का वितरण देश के किसानों को बुधवार 19 नवम्बर को किया जा रहा है। कार्यक्रम को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी वर्चुअली संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 21वीं किश्त का वितरण राज्य स्तरीय कार्यक्रम होगा। कार्यक्रम कृषि उपज मण्डी समिति, करोंद, भोपाल में दोपहर 12:25 से आयोजित किया गया है। कार्यक्रम में राजस्व मंत्री श्री करण सिंह वर्मा सहित जन-प्रतिनिधि और कृषक बंधु शामिल होंगे।  

मेला संस्कृति ही भोपाल की पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री ने किया भोपाल उत्सव मेले का शुभारंभ भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल और मेले एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हैं। शहर में जिधर भी नजर जाए, मेलों की जीवंतता दिखाई देती है। इसी वजह से भोपाल को मेला संस्कृति की दृष्टि से देश के बेहतर शहरों में शामिल किया जाता है। उन्होंने कहा कि ये मेले शहर की पहचान को मजबूत करने के साथ ही स्थानीय समाज, परंपराओं और सामुदायिक संबंधों को भी जीवित रखते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मेला संस्कृति को प्रदेश की अर्थव्यवस्था और सामाजिक समरसता बढ़ाने में सहायक है। ऐसे आयोजन स्थानीय कलाकारों, कारीगरों और उद्यमियों के हुनर को मंच प्रदान करते हैं। मुख्यमंत्री ने मंगलवार शाम टी.टी. नगर के दशहरा मैदान में 33वें भोपाल उत्सव मेले का दीप प्रज्ज्वलन, गणेश पूजा एवं फीता काटकर विधिवत शुभारंभ किया। उन्होंने आयोजन समिति को बधाई देते हुए आशा व्यक्त की कि यह मेला इस वर्ष भी व्यापार, मनोरंजन और सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि झीलों की नगरी और देश के ह्रदय प्रदेश की राजधानी में शुरू हो रहे भोपाल उत्सव मेला आज 32 वर्ष की लंबी यात्रा को सफलतापूर्ण पार करते हुए 33 वे वर्ष में प्रवेश कर रहा है। वर्ष 1991–92 में स्व. श्री रमेशचन्द्र अग्रवाल द्वारा लगाया गया ‘भोपाल उत्सव मेला’ का बीज आज विशाल वट वृक्ष हो चुका है, जिसका लाभ भोपालवासियों के साथ ही दूर-दराज से आने वाले सैलानियों को हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मेले प्राचीन समय से ही हमारी सनातन संस्कृति का अभिन्न हिस्सा रहे हैं, ये व्यापार को विस्तार देने का साधन थे, साथ ही हमारे धर्म, परंपरा, और संस्कृति के भी वाहक थे। उन्होंने कहा कि जो समाज अपनी परंपरा और संस्कृति को भूल जाता है, वह राह से भटक जाता है या नष्ट हो जाता है। इसलिए जरूरी है कि हम अपनी मेला संस्कृति को जीवित रखें। संस्कृति, परंपरा, विरासत किसी भी समुदाय की पहचान और स्मृति के प्रमुख घटक हैं। सांस्कृतिक प्रथाएं, परंपराएं समुदायों को एक साथ लाती हैं। सामाजिक एकता के लिए ये आवश्यक हैं, इसलिए मेलों को जीवित बनाये रखें। भोपाल उत्सव मेला समिति के अध्यक्ष श्री मनमोहन अग्रवाल ने कहा कि वर्ष 1991-92 में मात्र 70 स्टाल-दुकानों से प्रारंभ हुआ यह मेला, पिछले 3 दशकों से लगातार अपने ध्येय वाक्य ‘उत्सव, व्यापार, मनोरजंन एवं सेवा’ को सार्थक कर रहा है। भोपाल उत्सव मेला अब एक ‘ब्रांड’ बन गया है। मेले का उद्देश्य राजधानी के उपभोक्ताओं एवं व्यापारियों को एक मंच पर लाना था। धीरे-धीरे भोपाल के अतिरिक्त आसपास के कस्बों-शहरों के लोग भी मेले से जुड़ते चले गये। आज ‘भोपाल उत्सव मेला’ इतना लोकप्रिय हो चुका है कि निकटवर्ती राज्यों के व्यापारी भी इस मेले में शामिल होने लगे हैं। मेले में फर्नीचर, ब्रान्डेड इलेक्ट्रॉनिक्स शॉप, मीना बाजार, फूड, आधुनिक झूले, आटोमोबाइल, कपड़े, हैण्डलूम, होम एप्लाइंसेस आदि के स्टॉल लगते हैं। भोपाल उत्सव मेला लोगों को रोजगार और व्यापार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ ही कलाकारों को मंच उपलब्ध कराने में एक सेतु की भूमिका निभा रहा है। इस मेले में कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाता है। भोपाल मेला उत्सव समिति समाज कल्याण की दिशा में भी प्रभावी काम कर रही है। मेला समिति द्वारा प्रतिवर्ष शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सामाजिक सद्भाव से जुड़े कई कार्य किए जा रहे हैं। मेले के शुभारंभ कार्यक्रम में विधायक श्री भगवानदास सबनानी, भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय, श्री आशीष ऊषा अग्रवाल, श्री चंद्रशेखर सोनी, श्री सुनील जैन, श्री अजय सोमानी सहित नागरिक उपस्थित थे।  

मरीजों को मिलेगा बेहतर इलाज: हरियाणा सरकार करने जा रही 550 डॉक्टरों की नियुक्ति

चंडीगढ़ हरियाणा स्वास्थ्य विभाग जल्द ही प्रदेश में 550 डॉक्टरों की भर्ती करेगा। यह डॉक्टर सिविल अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में तैनात होंगे। मुख्यमंत्री की सैद्धांतिक स्वीकृति के बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से इसकी फाइल तैयार की जा रही है। यह भर्ती अगले साल मार्च तक पूरी होने की संभावना है। इन डॉक्टरों के आने से मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। मालूम हो कि हरियाणा सरकार ने 2024 में 777 डॉक्टरों की भर्तियां निकालीं थीं। इनमें से 747 डॉक्टरों की नियुक्ति कर दी गई थी। बाकी सीटों पर उम्मीदवार नहीं आए थे। इन डॉक्टरों की सिविल अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में तैनाती भी कर दी गई थी। कुछ सीटों पर ज्वाइनिंग के बाद भी डॉक्टर स्टेशन पर नहीं पहुंचे थे।   हरियाणा के स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों की कमी नहीं रहने दी जाएगी। जिन जगहों पर डॉक्टरों के खाली पद पड़े हैं वहां जल्द ही डॉक्टरों की नियुक्ति करने के निर्देश दिए हैं। सरकार इस बात को लेकर प्रतिबद्ध है कि मरीजों को सरकारी अस्पतालों में ही सारी सुविधाएं दी जाएं। आरती सिंह राव, स्वास्थ्य मंत्री से गैरहाजिर चल रहे 68 डॉक्टरों की सेवाएं भी समाप्त कर दी थीं। इन सभी खाली पदों को भरने के लिए अब सरकार फिर से 550 डॉक्टरों की भर्ती करने जा रही है। यह पद मेडिकल ऑफिसर के होंगे। हरियाणा में मेडिकल ऑफिसर के 3969 पद हैं जिनमें से करीब 550 पद खाली हैं। सीनियर मेडिकल ऑफिसर के 644 पद हैं जिनमें से 219 पद खाली हैं।

मुख्यमंत्री ने हनुमानगढ़ी में प्रभु हनुमान के समक्ष टेका माथा, पूजा-अर्चना के साथ की अयोध्या दौरे की शुरुआत

रामकथा पार्क हेलीपैड पर मुख्यमंत्री का हुआ भव्य स्वागत अयोध्या मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या में मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे। उन्होंने अपने कार्यक्रम की शुरुआत संकट मोचन हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन से की, जहां उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। हनुमानगढ़ी में किया पूजन, प्रदेश के लिए मांगा कल्याण हनुमानगढ़ी में प्रभु हनुमान के समक्ष शीश नवाने तथा पूजन-दर्शन के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सीधे श्रीरामलला विराजमान के दरबार पहुंचे। यहां आरती के बाद उन्होंने प्रभु श्रीराम के चरणों में शीश झुकाया और परिक्रमा करते हुए मंदिर निर्माण की प्रगति का बारीकी से निरीक्षण किया। मंदिर निर्माण कार्यों की प्रगति पर ट्रस्ट ने दी विस्तृत जानकारी दर्शन-पूजन के उपरांत राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने उन्हें मंदिर निर्माण की वर्तमान स्थिति और आगामी चरणों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने सभी बिंदुओं पर गंभीरता से जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। श्रद्धालुओं ने किया स्वागत, सीएम ने भी स्वीकारा अभिवादन श्रीरामलला के दर्शन के बाद जब मुख्यमंत्री बाहर निकले तो बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। मुख्यमंत्री योगी ने भी हाथ जोड़कर जनता का अभिवादन स्वीकार किया। इस दौरान जय श्रीराम के नारे से पूरा परिसर गुंजायमान हो उठा। हेलीपैड पर हुआ भव्य स्वागत, जनप्रतिनिधियों ने किया अभिनंदन अयोध्या आगमन पर रामकथा पार्क स्थित हेलीपैड पर मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया गया। प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही, महापौर गिरीशपति त्रिपाठी, जिला पंचायत अध्यक्ष रोली सिंह, विधायकगण वेद प्रकाश गुप्ता, अमित सिंह चौहान, रामचंद्र यादव, अभय सिंह, चंद्रभानु पासवान, बीजेपी जिलाध्यक्ष संजीव सिंह, महानगर अध्यक्ष कमलेश श्रीवास्तव सहित अनेक जनप्रतिनिधियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी का यह नवंबर माह का पहला अयोध्या दौरा है।

गरियाबंद जिला को जोन-1, केटेगरी-2 में मिला जल संचय, जन भागीदारी के कार्य के लिए मिला देश में तीसरा स्थान

राष्ट्रीय सम्मान से देश में बढ़ा गरियाबंद का गौरव जिले को मिला एक करोड़ रूपये का पुरस्कार महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के हाथों गरियाबंद जिले के कलेक्टर श्री बी एस उइके ने ग्रहण किया पुरस्कार  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दी बधाई और शुभकामनाएं रायपुर  जल संचय और जन भागीदारी के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिला को जोन-1, केटगरी-2 में देश में तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है। दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के कर कमलों से यह सम्मान प्रदान किया गया। इस पुरस्कार के तहत गरियाबंद जिले को विभिन्न विकास कार्यों के लिए एक करोड़ रूपए की राशि मिली है। इससे न सिर्फ गरियाबंद जिला, बल्कि पूरा छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जिले को इस उपलब्धि के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी है। इस दौरान केंद्रिय जल शक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल, जल शक्ति एवं रेल मंत्रालय के राज्यमंत्री श्री वी. सोमन्ना एवं जल शक्ति मंत्रालय के राज्यमंत्री श्री राज भूषण चौधरी उपस्थित थे। यह पुरस्कार जिले के कलेक्टर श्री बी एस उइके, जलसंसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री एस के बर्मन एवं सहायक अभियंता श्री मनोज ताण्डिल्य ने प्राप्त किया। राष्ट्रीय जल संचय एवं जलभागीदारी कार्य के लिए तीसरा पुरस्कार के रूप में गरियाबंद जिले को एक करोड़ रूपये का पुरस्कार प्राप्त हुआ। गौरतलब है कि गरियाबंद जिला, जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित राष्ट्रीय जल पुरस्कार प्रतियोगिता में विभिन्न चरणों के निरीक्षण, पर्यवेक्षण एवं मूल्यांकन के बाद ईस्ट जोन का तृतीय बेस्ट जिला चुना गया।  उल्लेखनीय है कि जिले में संबंधित विभागों के माध्यम से 26,025 सतही जल के बेहतर रख-रखाव एवं जनभागीदारी के क्षेत्र में किए गए सराहनीय प्रयासों के लिए गरियाबंद को छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों के साथ एक करोड़ रूपए का पुरस्कार भी प्रदान किया गया। यह उपलब्धि जिले के विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों के क्रियान्वयन का परिणाम रहा है, जिसमें जिले के नागरिकों, महिलाओं, स्वयंसेवी संस्थाओं और जनप्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। जिले में तेजी से गिरते जल स्तर को देखते हुए जिले ने व्यापक रणनीति के साथ जल शक्ति अभियान – कैच द रेन मोर गांव मोर पानी के अंतर्गत मिशन जल रक्षा – नारी शक्ति से जल शक्ति की शुरूआत की गई है। भू-जल रिचार्ज के लिए तकनीकी नवाचार  जिले में किए गए प्रमुख नवाचार-रिचार्ज सॉफ्ट बोरवेल एवं सेंड फिल्टर तकनीक द्वारा असफल बोरों मे रिचार्ज का प्रयास, परकुलेशन टैंक में इंजेक्शन वेल तैयार कर वर्षाजल को सीधे वाटर टेबल से जोडऩा, नए बोरवेल के साथ इंजेक्शन वेल का निर्माण, पहाड़ी क्षेत्रों में रिचार्ज संरचनाएं और लो-लाइन क्षेत्रों में जल संरक्षण संरचनाएं, संरचनाओं की मरम्मत, संधारण एवं जीआईएस-आधारित योजना निर्माण, कार्य किए गए है।

खाया-पिया और फिर कर गया कांड! मेहमान की हरकत से उड़ गए सबके होश

ग्वालियर  दोस्ती में विश्वास और भरोसा बेहद मायने रखते हैं लेकिन मध्य प्रदेश के ग्वालियर में मेहमान बनकर आए एक दोस्त ने इसी भरोसे का कत्ल कर दिया। जहां दोस्त ने दोस्त की गैरहाजिरी में बड़ा कांड कर दिया। हालांकि वह रंगे हाथों पकड़ा गया और पिटाई के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। घटना जिले के मोतीझील इलाके की है। जानकारी के मुताबिक, मुरैना निवासी 30 वर्षीय महिला अपने पति, दो बेटों और देवर के साथ मोतीझील क्षेत्र में रहती है। महिला के पति का दोस्त सुनील कुमार पिछले काफी समय से घर पर आता-जाता रहा है।  महिला का पति किसी काम से गांव गया हुआ था, जिससे घर पर महिला और उसके बच्चे ही मौजूद थे। सुनील घर आया। खाना खाने के बाद उसने कमरे में ही सोने की बात कही। पुराने परिचय और भरोसे के चलते महिला ने उसे रात वहीं रुकने की अनुमति दे दी। सुबह महिला के दोनों बेटे सैर पर निकल गए। इसी दौरान सुनील उसके कमरे में पहुंचा और उससे जबरदस्ती करने लगा। विरोध करने पर उसने महिला को लात घूंसों और थप्पड़ों से पीटकर काबू किया और उसके साथ रेप किया। वारदात के बाद उसने धमकी दी कि यदि किसी को बताया तो वह उसे और बच्चों को जान से मार देगा। मारपीट के बीच महिला ने शोर मचाया। आवाज सुनकर देवर और बेटा कमरे में पहुंचे। उन्होंने आरोपी को पकड़ लिया और उसकी पिटाई करने के बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया। पुरानी छावनी थाना पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर आरोपी सुनील कुशवाह के खिलाफ रेप, मारपीट और धमकी देने की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया। मेडिकल और अन्य आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

जल संचय, जन भागीदारी अभियान के तहत उत्कृष्ट कार्यों के लिए महासमुंद जिले को मिला प्रथम स्थान

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के हाथों कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने पुरस्कार ग्रहण किया  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दी बधाई और शुभकामनाएं रायपुर जल संचय एवं जन भागीदारी अभियान के तहत उत्कृष्ट कार्यों के लिए पूर्वी जोन में शामिल कैटेगरी 2 अंतर्गत महासमुंद जिले को मिला प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है।  राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने जिले को उत्कृष्ट कार्य के लिए एक करोड़ रूपए की राशि से सम्मानित किया है। महासमुंद कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने इस पुरस्कार को ग्रहण किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महासमुंद जिले के इस उपलब्धि के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी है।  गौरतलब है कि जल संचय, जन भागीदारी (जेएसजेबी 1.0) के तहत पूर्वी जोन में शामिल कैटेगरी 2 अंतर्गत महासमुंद जिला को बेस्ट परफॉर्मिंग जिले के रूप में प्रथम स्थान प्राप्त होने पर सम्मानित किया है। विज्ञान भवन नई दिल्ली में आज आयोजित 6वाँ राष्ट्रीय जल पुरस्कार एवं जल संचय, जन भागीदारी अवार्ड समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने महासमुंद जिले में जल संचय, जन भागीदारी में हुए उल्लेखनीय कार्यों के लिए पुरस्कार दिया। जिससे जिले को एक करोड़ रूपये का प्रोत्साहन राशि प्राप्त हुआ। इस अवसर पर केन्द्रीय जल संसाधन मंत्री श्री सीआर पाटिल, केन्द्रीय जल संसाधन राज्य मंत्री श्री वी सोमन्ना एवं अन्य अतिथियों के अलावा वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे। जिले की ओर से कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के साथ जल संसाधन विभाग के मुख्य कार्यपालन अभियंता श्री अजय खरे भी मौजूद थे। उल्लेखनीय है कि जिले में कुल 35,182 जल संरचनाओं का निर्माण के लिए यह उपलब्धि मिली है। कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने जिले को प्राप्त इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इस महत्वपूर्ण उपलब्धि का श्रेय संपूर्ण महासमुंद जिले वासियों को दिया है। कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने कहा कि जिला प्रशासन के सभी अधिकारी-कर्मचारियों के अलावा सम्मानीय जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों एवं संपूर्ण जिले वासियों के अथक प्रयासों एवं सक्रिय सहभागिता के फलस्वरूप जल संचयन एवं जन भागीदारी अभियान में जिले को यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हो सका है। इसके लिए उन्होंने जिले के सभी अधिकारी-कर्मचारियों के अलावा जिले के सभी जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों सहित पूरे जिले वासियों के प्रति आभार प्रकट किया है। श्री लंगेह ने जल संचय एवं जन भागीदारी अभियान में बेस्ट परफॉर्मिंग जिले के रूप में प्रथम स्थान प्राप्त होने पर महासमुंद जिले को भारत के राष्ट्रपति के कर कमलों से सम्मानित होने का गौरव प्राप्त होने पर संपूर्ण जिले वासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी है।

NPCI ने बदली UPI की तस्वीर: क्रेडिट कार्ड जैसी सुविधा से आसान होंगे छोटे पेमेंट

नई दिल्ली  देश में डिजिटल भुगतान को नई दिशा देने के लिए अब बड़े बैंक UPI के जरिए क्रेडिट पेमेंट्स को तेजी से बढ़ाने की तैयारी में हैं। HDFC Bank, Axis Bank और Kotak Mahindra Bank जल्द ही ‘UPI पर क्रेडिट लाइन’ सुविधा लॉन्च कर सकते हैं। अभी तक बैंक UPI पर क्रेडिट बढ़ाने के लिए RuPay क्रेडिट कार्ड जारी कर रहे थे, लेकिन नई व्यवस्था के तहत ग्राहक बिना किसी कार्ड के भी छोटे-बड़े भुगतान क्रेडिट पर कर सकेंगे। बड़े बैंकों की एंट्री नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने यह सुविधा वर्ष 2023 में शुरू की थी। हालांकि, दो साल तक किसी बड़े बैंक ने इसे अपनाने में दिलचस्पी नहीं दिखाई। शुरुआत सिर्फ कर्नाटक बैंक और सुर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक ने की, जिन्होंने Navi और Paytm के साथ मिलकर क्रेडिट लाइन को सक्रिय किया।अब पहली बार प्रमुख प्राइवेट बैंक HDFC और Axis Bank इस प्रोडक्ट को लॉन्च करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। ET की रिपोर्ट के मुताबिक, ये बैंक Navi, Super.Money और SalarySe जैसे फिनटेक स्टार्टअप्स के साथ साझेदारी कर रहे हैं ताकि ग्राहकों को आसानी से ऑनबोर्ड किया जा सके और प्रारंभिक जांच ऐप के माध्यम से की जा सके। नियमों पर स्पष्टता के बाद मिली हरी झंडी बैंकों की सबसे बड़ी चिंताओं में क्रेडिट लाइन का ब्याज निर्धारण, इंटरेस्ट-फ्री अवधि और अन्य नियम शामिल थे। स्पष्ट गाइडलाइंस न होने के कारण बड़े बैंक अब तक इस मॉडल से दूर थे। लेकिन हाल ही में NPCI और RBI दोनों ने जरूरी नीतिगत स्पष्टता दे दी है, जिसके बाद इनके लॉन्च का रास्ता साफ हो गया है। इंडस्ट्री अनुमानों के अनुसार अब तक लगभग 3-4 लाख ग्राहक UPI-बेस्ड क्रेडिट लाइन का उपयोग कर चुके हैं। भले ही ट्रांजैक्शन वॉल्यूम अभी नियमित UPI भुगतान की तुलना में कम है, लेकिन सुविधा की गति तेजी से बढ़ रही है क्योंकि यह छोटे खर्चों के लिए त्वरित क्रेडिट उपलब्ध कराती है। बैंकों के लिए नए ग्राहकों का बड़ा अवसर बैंक इस सुविधा के जरिए छोटे लोन प्रदान कर नए ग्राहकों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने का अवसर देख रहे हैं। फिनटेक कंपनियों के अनुसार, छोटे क्रेडिट समय पर चुकाने वाले ग्राहक आगे चलकर बैंक के विश्वसनीय और मजबूत कस्टमर बन जाते हैं। UPI पर क्रेडिट विकल्प मिलने से बैंक उन लाखों यूजर्स तक पहुंचना चाहते हैं जो रोजाना UPI से भुगतान करते हैं और भविष्य में बैंकिंग सेवाओं के महत्वपूर्ण ग्राहक बन सकते हैं।   रिस्क भी कम नहीं हालांकि, कुछ बैंक इस मॉडल को अपनाने में सावधानी बरत रहे हैं। उनका कहना है कि बहुत बड़ी संख्या में छोटे-छोटे लोन देने से क्रेडिट बबल बनने का खतरा है। यदि ग्राहक समय पर भुगतान न कर पाए, तो इतनी छोटी रकम में रिकवरी मुश्किल हो सकती है। इसलिए बैंक इस प्रोडक्ट में पूरी तरह प्रवेश करने से पहले जोखिम का व्यापक विश्लेषण कर रहे हैं।  

अचानक दुनिया की कई बड़ी ऑनलाइन सेवाएं एक साथ ठप, लाखों यूजर्स हुए परेशान, नहीं कर रहा काम

नई दिल्ली  मंगलवार दोपहर अचानक दुनिया की कई बड़ी ऑनलाइन सेवाएं एक साथ ठप हो गईं, जिससे यूजर्स को सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म तक पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह समस्या इंटरनेट इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराने वाली दिग्गज कंपनी Cloudflare के बड़े पैमाने पर हुए आउटेज के कारण उत्पन्न हुई। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म एक साथ ठप क्लाउडफ्लेयर की टेक्निकल समस्या के चलते सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर), एआई प्लेटफॉर्म ChatGPT, ऑनलाइन डिजाइन टूल Canva और कई अन्य वेबसाइट्स कुछ समय के लिए काम नहीं कर सकीं। हजारों यूजर्स ने इंटरनेट पर शिकायत दर्ज कराई कि वे इन सेवाओं पर लॉग इन या कंटेंट लोड नहीं कर पा रहे हैं। स्थिति इतनी गंभीर रही कि वेबसाइट डाउन होने की जानकारी देने वाला Downdetector भी सही से एक्सेस नहीं हो पा रहा था।   कैसे बढ़ी दिक्कतें? ब्रिटिश अखबार The Independent के अनुसार, आउटेज की शुरुआत तब हुई जब क्लाउडफ्लेयर के सर्वर अचानक धीमे पड़ने लगे। कई वेबसाइट्स को लोड होने में सामान्य से कई गुना अधिक समय लग रहा था। बाद में कंपनी ने पुष्टि की कि उनके नेटवर्क में एक "टेक्निकल गड़बड़ी" आई है, जिस पर उनकी टीम काम कर रही है। स्थिति धीरे-धीरे सामान्य कुछ समय की मुश्किलों के बाद हालात सुधरने लगे। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X फिर से सामान्य रूप से चलने लगा है और कई अन्य साइटें भी धीरे-धीरे वापस ऑनलाइन हो रही हैं। हालांकि, क्लाउडफ्लेयर ने अभी तक आउटेज की पूरी वजह या उसके समाधान पर आधिकारिक अपडेट जारी नहीं किया है।   एक महीने पहले AWS में भी आई थी दिक्कत यह पहला बड़ा आउटेज नहीं है। पिछले महीने Amazon Web Services (AWS) के डाउन होने से भी दुनिया की कई प्रमुख वेबसाइट्स और ऐप्स ठप हो गए थे। उस वक्त भी यूजर्स को लॉगिन से लेकर फाइल अपलोड तक में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा था। मौजूदा क्लाउडफ्लेयर आउटेज भी उसी तरह की व्यापक तकनीकी गड़बड़ी का संकेत देता है।