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पॉवर मैनेजमेंट कंपनी के पेंशनर और परिवार पेंशनर के लिए 24 नवम्बर को समस्या निवारण शिविर का आयोजन

भोपाल  एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी के मानव संसाधन व प्रशासन कार्यालय के द्वारा यूनियन बैंक ऑफ इंडिया मदनमहल शाखा के सहयोग से कंपनी के पेंशनर व परिवार पेंशनर के लिए जीवन प्रमाण पत्र व पेंशनरों की समस्याओं के निराकरण के लिए एक शिविर का आयोजन 24 नवम्बर को किया गया है। यह शिविर शक्तिभवन स्थि‍त पावर मैनेजमेंट कंपनी के लेखाधि‍कारी वेतन व पेंशन के ब्लॉक नंबर 14 भूतल स्थि‍त कार्यालय में आयोजित किया गया है। मध्यप्रदेश विद्युत मण्डल एवं उसकी उत्तरवर्ती कंपनियों से सेवा से सेवानिवृत्ति‍उपरांत एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी से पेंशन प्राप्त कर रहे पेंशनर व परिवार पेंशनर प्रात: 11.30 बजे से शाम 4.00 बजे तक शिविर में उपस्थि‍त होकर जीवन प्रमाण पत्र और पेंशन संबंधी समस्याओं का निराकरण करवा सकते हैं। मुख्य महाप्रबंधक मानव संसाधन व प्रशासन ने सभी पेंशनर व परिवार पेंशनरों से इस शिविर का लाभ उठाने का अनुरोध किया है।  

श्रीलंका में म.प्र. पर्यटन प्रतिनिधिमंडल ने बौद्ध सर्किट को दिया नया आयाम

प्रदेश के बौद्ध स्थलों को प्रचारित करने का किया आग्रह स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित विशेष सभा में लिया भाग श्रीलंका के विदेश मामले, विदेशी रोज़गार और पर्यटन मंत्री श्री विजित हेराथ और श्रीलंका में भारत के उच्चायुक्त श्री संतोष झा से की महत्वपूर्ण चर्चा भोपाल भारत और श्रीलंका के मध्य अनादि काल से चली आ रही सांस्कृतिक और आध्यात्मिक साझेदारी को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पर्यटन का एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल इन दिनों श्रीलंका की सद्भावना यात्रा पर है। यह यात्रा, कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग के आमंत्रण पर आयोजित की गई है। म.प्र. राज्य पर्यटन विकास निगम के प्रबंध निदेशक, डॉ. इलैयाराजा टी. के नेतृत्व में उप सचिव पर्यटन श्री राजेश गुप्ता और ज्वाइंट डायरेक्टर टूरिज्म बोर्ड डॉ. एस. के. श्रीवास्तव ने श्रीलंका में मध्यप्रदेश के बौद्ध सर्किट का प्रचार किया और साथ ही रामायण की कथाओं को जीवंत करने वाले कलाकारों व कहानीकारों के साथ प्रदेश के बौद्ध स्थलों को प्रचारित करने का आग्रह भी किया। कोलंबो में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों के दौरान, प्रतिनिधिमंडल ने वहाँ की अग्रणी हॉस्पिटैलिटी कंपनियों से भेंट की। इन सार्थक वार्ताओं में, मध्यप्रदेश के विशाल पर्यटन सामर्थ्य—जिसमें समृद्ध संस्कृति, प्राचीन धरोहर, वन्यजीवों की अनुपम छटा, रोमांचक गतिविधियाँ, और आध्यात्मिक व कल्याणकारी पर्यटन के अवसर समाहित हैं—को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। इस यात्रा का एक महत्त्वपूर्ण पड़ाव श्रीलंका के विदेश मामले, विदेशी रोज़गार और पर्यटन मंत्री श्री विजित हेराथ के साथ हुई बैठक थी। डॉ. इलैयाराजा टी. ने अपने सारगर्भित प्रस्तुतीकरण में दोनों राष्ट्रों के गहरे सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों की नींव को रेखांकित किया। मंत्री श्री हेराथ ने द्विपक्षीय पर्यटन को बढ़ाने के लिए विस्तृत संभावनाओं पर बल दिया और सहयोग को और मज़बूत करने की अपनी उत्कट इच्छा व्यक्त की। इस अवसर पर, श्रीलंका में भारत के उच्चायुक्त महामहिम श्री संतोष झा ने पर्यटन और आतिथ्य सत्कार के क्षेत्र में सहयोग के नवीन मार्गों पर प्रकाश डाला, जबकि भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री हरिकिशोर एस. ने कनेक्टिविटी और पर्यटक अनुभव को उत्कृष्ट बनाने की दिशा में चल रही पहलों का विवरण दिया।  प्रतिनिधिमंडल ने स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित एक विशेष सभा में भाग लिया, जिसकी अध्यक्षता श्री लंका महाबोधि सोसाइटी के अध्यक्ष श्री बनागला उपतिस्स नायक थेरो ने की थी। उन्होंने अपने उद्बोधन में भारत और श्रीलंका के मध्य विद्यमान अविभाज्य सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और पारंपरिक बंधनों को बड़े स्नेह से समझाया। इस गरिमामय आयोजन में कई वयोवृद्ध बौद्ध भिक्षुओं की उपस्थिति रही। आगामी दो दिनों में, मध्यप्रदेश पर्यटन का यह दल कैंडी और नुवारा एलिया के लिए प्रस्थान करेगा, जहाँ वे बुद्ध सर्किट और रामायण संस्कृति ट्रेल से जुड़े ऐतिहासिक स्थलों का दर्शन कर दोनों राष्ट्रों के बीच सांस्कृतिक व पर्यटन कड़ियों को और अधिक दृढ़ बनाएँगे।  

भारत में जन्मी मादा चीता मुखी ने पांच शावकों को जन्म दिया

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी बधाई यह उपलब्धि भारतीय आवासों में चीता प्रजाति के अनुकूलन का महत्वपूर्ण संकेतक भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के कुनो राष्ट्रीय उद्यान में भारत में जन्मी मादा चीता मुखी द्वारा पाँच शावकों को जन्म देने पर प्रसन्नता व्यक्त कर बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि माँ और शावक स्वस्थ हैं। उन्होंने कहा कि भारत में चीता पुनरुत्पादन पहल के लिए यह एक अभूतपूर्व उपलब्धि है। तैतीस माह की उम्र में मादा चीता 'मुखी' अब शावकों को जन्म देने वाली भारत में जन्मी पहली मादा चीता बन गई है, जो प्रोजेक्ट चीता के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह भारतीय आवासों में चीता प्रजाति के अनुकूलन, स्वास्थ्य और दीर्घकालिक संभावनाओं का एक मजबूत संकेतक है। यह उपलब्धि भारत में आत्मनिर्भर और आनुवंशिक रूप से विविध चीता आबादी स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे देश में जैव विविधता के संरक्षण लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए हो रहे प्रयासों को प्रोत्साहन मिलेगा।  

बैतूल में रूपए 9 करोड़ 84 लाख की साइबर लूट का पर्दाफाश

मृत व्यक्ति के बैंक खाते का भी किया गया दुरुपयोग — 3 आरोपी गिरफ्तार भोपाल  बैतूल जिले में पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने एक संगठित साइबर ठगी का पर्दाफाश किया है। इस ठगी में करीब 9 करोड़ 84 लाख रुपये की हेराफेरी की गई थी। पुलिस और साइबर टीम द्वारा किए गए सूक्ष्म तकनीकी विश्लेषण, खातों की ट्रैकिंग, डिजिटल फॉरेंसिक तथा सतत मॉनिटरिंग ने इस ठगी नेटवर्क को उजागर करने में निर्णायक भूमिका निभाई। खेड़ी सावलीगढ़ निवासी मजदूर बिसराम इवने जब अपने जन-धन खाते का KYC अपडेट कराने बैंक पहुँचे तो उन्हें खाते में करोड़ों के संदिग्ध लेन-देन का पता चला। बिसराम इवने ने अपने जन-धन खाते में करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेन-देन की शिकायत पुलिस अधीक्षक कार्यालय में दर्ज कराई थी। शिकायत मिलते ही पुलिस अधीक्षक श्री वीरेंद्र जैन और अतिरिक्‍त पुलिस अधीक्षक श्रीमती कमला जोशी के निर्देशन में साइबर सेल और कोतवाली पुलिस की टीम को जांच में लगाया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि जून 2025 से अब तक उसके खाते से लगभग 1 करोड़ 50 लाख रुपये का अवैध ट्रांज़ैक्शन किया गया था। जांच में संगठित साइबर लूट का पर्दाफाश हुआ जिसमें पुलिस ने पाया कि एक ही बैंक के 7 अलग-अलग व्यक्तियों के बैंक खातों को निशाना बनाते हुए गिरोह द्वारा 9 करोड़ 84 लाख 95 हजार 212 रुपये की हेराफेरी की गई। सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह रहा कि गिरोह ने मृत व्यक्ति राजेश बर्डे के बैंक खाते खाते का भी इस्तेमाल किया। उसका मोबाइल नंबर बदला, ATM कार्ड जारी कराया, इंटरनेट बैंकिंग सक्रिय की और OTP पर पूरा नियंत्रण हासिल किया। जांच के दौरान यह भी स्पष्ट हुआ कि यह पूरा नेटवर्क बैंक के एक अस्थायी कर्मचारी की मिलीभगत से संचालित हो रहा था, जिसने खातों की गोपनीय जानकारी, दस्तावेजों में फेरबदल और ATM/पासबुक जारी कराने में गिरोह की मदद की। इसी सहयोग की वजह से अपराधियों को खातों तक आसानी से पहुँच मिली और करोड़ों की हेराफेरी अंजाम दी गई। सूचनाओं और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर बैतूल पुलिस ने इंदौर शहर के दो स्थानों पर दबिश देकर राजा उर्फ आयुष चौहान, अंकित राजपूत और नरेंद्र सिंह राजपूत को गिरफ्तार कर आरोपियों से 15 मोबाइल फोन (25 सिम सहित), 21 ATM कार्ड, 28 हजार रूपए नकद (काले बैग में), 11 बैंक पासबुक, 7 चेकबुक, 2 POS मशीन, 69 ATM जमा रसीदें (21 लाख जमा), 48 हजार रूपए की जमा पर्ची, 2 लैपटॉप, 1 Extreme Fiber राउटर, 4 रजिस्टर व डायरी (रिकॉर्ड) और अन्य सामग्री जप्त की। इस कार्रवाई में संबंधित थाना प्रभारी, साइबर सेल तथा पुलिस टीमों ने सतर्कता, तकनीकी दक्षता और त्वरित कार्रवाई का परिचय दिया है। मध्यप्रदेश पुलिस ने पुनः स्पष्ट किया है कि “जन सुरक्षा और साइबर सुरक्षा” प्रदेश की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा साइबर अपराधों के विरुद्ध व्यापक और कठोर कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।  

18 लोगों को खोने का दर्द: सैयद राशिद बोले—सब लोग साथ नहीं जाते तो कुछ बच जाते

हैदराबाद  9 नवंबर 2025 को सऊदी अरब के लिए रवाना करते समय सैयद राशिद ने अपने परिवार को हवाई अड्डे पर अलविदा कहा था। उन्हें कहां पता था कि यह आखिरी मुलाकात होगी और वे उन्हें दोबारा कभी नहीं देख पाएंगे। दरअसल, सऊदी अरब में उमराह यात्रियों से भरी एक बस मक्का से मदीना जाते समय डीजल टैंकर से टकरा गई थी। हादसा इतना भयावह था कि बस में सवार एक को छोड़ सभी जलकर राख हो गए। इस हादसे में कुल 45 भारतीय नागरिकों की मौत हुई, जिनमें एक ही परिवार के 18 सदस्य शामिल थे। परिवार के सैयद राशिद के लिए यह जीवन का सबसे बड़ा सदमा था। मदीना के पास हुए भयानक हादसे में उन्होंने अपने परिवार के कुल 18 सदस्यों को एक साथ खो दिया। मृतकों में उनके 65 वर्षीय पिता शेख नसीरुद्दीन (सेवानिवृत्त रेलवे कर्मचारी), 60 वर्षीय मां अख्तर बेगम, 38 वर्षीय बड़ा भाई, 35 वर्षीय भाभी और उनके तीन छोटे-छोटे बच्चे शामिल थे। इसके अलावा अमेरिका में रहने वाले चचेरे भाई सिराजुद्दीन, उनकी पत्नी सना और उनके तीन बच्चे, रिश्तेदार अमीना बेगम और उनकी बेटी, शमीना बेगम और उनका बेटा, और रिजवाना बेगम और उनके दो बच्चे भी इस हादसे में चल बसे। काश मेरी बात मान ली होती हैदराबाद के विद्यानगर में सीपीआई(एम) मार्क्स भवन के पास रहने वाले राशिद ने बताया कि 9 नवंबर को उमराह के लिए जा रहे परिवार को उन्होंने खुद हैदराबाद एयरपोर्ट पर विदा किया था। उस वक्त उन्होंने सबको समझाया था कि इतने सारे लोग और खासकर छोटे बच्चे एक साथ न जाएं। हिन्दुस्तान टाइम्स से बातचीत करते हुए राशिद ने रोते हुए कहा कि मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि मैं उन्हें जिंदगी में आखिरी बार देख रहा हूं। काश उन्होंने मेरी बात मान ली होती, तो शायद उनमें से कुछ तो बच जाते। इसी परिवार के एक अन्य रिश्तेदार ने बताया कि उन्होंने भी अपने पांच परिजनों को खो दिया है। मृतकों में दो बहनोई, सास और एक भतीजी। वे बोले कि जब सऊदी अधिकारियों ने फोन पर कहा कि बस में सवार सभी लोग मर चुके हैं, तो मैं सदमे में आ गया। मैं भारत सरकार से गुजारिश करता हूं कि हमारे अपनों के शव जल्द से जल्द भारत लाए जाएं। 9 नवंबर को सऊदी गए थे बाजारघाट की अल मक्का ट्रैवल्स की सहयोगी कंपनी अल मीना ट्रैवल्स के प्रतिनिधि ने बताया कि उनके ग्रुप के 20 यात्री 9 नवंबर को सऊदी अरब गए थे। मक्का में जियारत के बाद 16 लोग मदीना वापस लौट रहे थे। पहले एजेंसी को उनके ठिकाने की कोई खबर नहीं थी, लेकिन बाद में सऊदी अधिकारियों ने पुष्टि की कि बस में मौजूद सभी यात्री मारे गए।

पेंशनधारकों की मुश्किलें बढ़ीं: 36 हजार लाभार्थियों को दो महीने से नहीं मिले पैसे, सरकार तैयारी में

चंडीगढ़  हरियाणा प्रदेश में 36 हजार से ज्यादा अपात्रों की पेंशन रोकी है, सरकार ने पीपीपी में मानक से अधिक मिली आय निर्धारित सीमा से अधिक आय और दो-दो योजनाओं का लाभ ले रहे 36,250 लोगों की सरकार ने पेंशन रोक दी है। इन लोगों को सितंबर और अक्तूबर माह की पेंशन नहीं मिली है। अब इन लोगों से 12 फीसदी ब्याज के साथ पेंशन की धनराशि वसूली जाएगी। समाज कल्याण विभाग लगातार पेंशन लाभार्थियों के दस्तावेजों का डिजिटल सत्यापन कर रहा है। परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) में आय और सरकारी लाभ का डेटा अपडेट होने पर पता चला कि प्रदेश में 36 हजार से अधिक लोगों की आय पेंशन पात्रता सीमा से अधिक पाई गई है। इसके बावजूद ये लोग वृद्धावस्था, विधवा, विकलांग या अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभले रहे हैं। जिन लाभार्थियों ने गलत आय दिखाकर पेंशन हासिल की है। उनसे पहले आय संबंधी दस्तावेज मांगे जाएंगे। अगर कोई लाभार्थी यह साबित करने में असमर्थ रहता है कि उसकी पेंशन पात्रता सही थी तो उससे पूर्ण राशि ब्याज सहित वसूली जाएगी। 

रीवा: अवैध गतिविधि रोकने गई टीम पर हमला, वनकर्मी को बनाया बंधक

रीवा रीवा जिले के पनवार थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत कल्याणपुर स्थित हरिजनपुरवा में वन विभाग की टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। वनरक्षक अंशुमान साकेत को कमरे में बंद कर बंधक बनाया गया और उनके मोबाइल में दर्ज वीडियो और फोटो जबरन डिलीट कराए गए। वन विभाग की टीम जंगली सूअर के अवैध शिकार को रोकने गई थी। वनरक्षक अभिभावन चौबे के अनुसार, जंगली सूअर के अवैध शिकार के आरोपी रमाकांत कोल को पकड़कर पूछताछ की जा रही थी। तभी पांच से अधिक ग्रामीण मौके पर पहुंचे और वनकर्मियों से भिड़ गए। देखते ही देखते भीड़ आक्रामक हो गई और धक्का-मुक्की, मारपीट शुरू हो गई।   ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वन विभाग की टीम घरों में घुसकर महिलाओं से बहसबाज़ी कर रही थी और गाली-गलौज कर रही थी। वे यह भी कह रहे हैं कि “असल शिकारी तो बच निकले, लेकिन आदिवासी परिवारों पर झूठे मामले दर्ज किए जा रहे हैं और गांव के दबंग हमें फंसाने की कोशिश कर रहे हैं।” वनरक्षक अंशुमान साकेत ने कुछ वीडियो बनाएं थे, जिसके कारण ही उन्हें बंधक बनाया गया। स्थिति बिगड़ने पर पनवार पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस के आने के बाद भीड़ भाग गई और कमरे में बंद वनरक्षक को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस घटना में वनरक्षक हरीशंकर पाल भी घायल हुए हैं। वन विभाग ने आरोपी रमाकांत कोल के खिलाफ वन अधिनियम के तहत कार्रवाई की और उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेजा। थाना प्रभारी पनवार, प्रवीण उपाध्याय ने बताया कि मामले में वन अमले पर हमला, बंधक बनाने और मारपीट का अपराध पंजीबद्ध किया गया है। मुख्य आरोपी अभी फरार है और उसकी तलाश जारी है।

SUV 400 फीट नीचे समाई, 6 की जान गई; ड्रोन से घंटों चलती रही तलाश

रायगढ़  महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के तम्हिनी घाट क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां एक थार SUV करीब 400 फीट गहरी खाई में गिर गई, जिसमें छह युवाओं की मौत हो गई। यह दुर्घटना मंगलवार सुबह हुई, लेकिन पुलिस को इसकी जानकारी गुरुवार सुबह प्राप्त हुई। अधिकारियों ने बताया कि ड्रोन कैमरे की मदद से ही गाड़ी की सटीक लोकेशन का पता लगाया जा सका। मृतकों की उम्र 18 से 22 वर्ष के बीच बताई गई है। सभी युवक सोमवार देर रात पुणे से थार SUV में निकले थे। तम्हिनी घाट, जो रायगढ़ और पुणे जिलों को जोड़ने वाली एक खूबसूरत पहाड़ी सड़क है, अक्सर लोगों के लिए लोकप्रिय पिकनिक स्थल रहा है।   ड्रोन से खोजी गई दुर्घटनाग्रस्त SUV अधिकारियों के अनुसार, मंगलवार सुबह से ही इन लड़कों का परिजनों से संपर्क टूट गया था। चिंता बढ़ने पर परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने युवकों के मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की, जो तम्हिनी घाट के आसपास पाई गई। इसके बाद मानगांव पुलिस स्टेशन की टीम ने गुरुवार सुबह खोज अभियान शुरू किया। तलाशी के दौरान सड़क के एक मोड़ पर टूटी सुरक्षा रेलिंग दिखाई दी, जिससे आशंका हुई कि वाहन खाई में गिरा हो सकता है। इसके बाद पुलिस ने ड्रोन की सहायता ली और SUV घाटी में नीचे एक पेड़ में अटकी हुई मिली। चालक के नियंत्रण खोने की आशंका हालांकि घटना का कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं था, लेकिन अधिकारियों का मानना है कि सड़क के मोड़ पर वाहन चालक का नियंत्रण गाड़ी से हट गया होगा, जिसके कारण यह हादसा हुआ। रायगढ़ पुलिस और स्थानीय स्वयंसेवकों की एक संयुक्त टीम ने गुरुवार दोपहर सभी छह शवों को खाई से बाहर निकाला। मृतकों की पहचान पूरी कर ली गई है। पुलिस ने बताया कि शवों को सरकारी अस्पताल में भेजा गया है, जहां पोस्टमार्टम के बाद उन्हें परिजनों को सौंप दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नीतीश कुमार द्वारा बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर बधाई दी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव पटना में शपथ ग्रहण समारोह में हुए शामिल भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरूवार को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की गरिमामयी उपस्थिति में पटना में आयोजित बिहार सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्री नीतीश कुमार द्वारा बिहार के मुख्यमंत्री, श्री सम्राट चौधरी एवं श्री विजय कुमार सिन्हा द्वारा उप मुख्यमंत्री और अन्य सदस्यों द्वारा मंत्री के रूप में शपथ लेने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन और नेतृत्व में एनडीए सरकार समाज के हर वर्ग के समग्र उत्थान और 'विकसित बिहार' बनाने के संकल्प को नई गति व ऊर्जा देने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ समर्पित रहेगी।  

AI का बढ़ता खतरा? Google CEO ने खुद बताया— क्यों वे अपनी नौकरी को लेकर चिंतित हैं

नई दिल्ली  Google के CEO सुंदर पिचाई ने हाल ही में एक बड़ी दिलचस्प बात कही। उन्होंने कहा कि AI इतना तेज हो रहा है कि एक दिन CEO की नौकरी भी मशीन कर सकती है। यह सुनकर हर कोई चौंक गया, क्योंकि कंपनी चलाना आसान काम नहीं होता। पिचाई का कहना है कि AI सिर्फ छोटे-मोटे काम नहीं करेगा, बल्कि आने वाले समय में कंपनियों के लिए बड़े फैसले भी ले सकता है। उन्होंने कहा कि कुछ काम ऐसे होते हैं जो नियमों पर चलते हैं जैसे रिपोर्ट पढ़ना, डेटा समझना, प्लान बनाना और फैसले लेना। और यह सब काम AI पहले से ही बहुत अच्छी तरह कर सकता है। उन्होंने कहा कि अगले 12 महीनों में AI इतना तेज हो जाएगा कि वह इंसानों की तरफ से कई “जटिल काम” खुद कर देगा। यानी आपको सिर्फ बोलना होगा और AI आपके लिए पूरा टास्क कर देगा। अब सवाल उठता है कि क्या ये अच्छी बात है या खराब? पिचाई का कहना है कि AI नई नौकरियां भी बनाएगा, लेकिन कुछ नौकरियां खत्म भी होंगी। इसीलिए लोग जितनी जल्दी AI को समझेंगे और सीखेंगे, उतनी ही जल्दी वे इस नए दौर में आगे बढ़ पाएंगे। AI इतना आगे बढ़ गया है कि CEO का काम भी कर सकता है: पिचाई Google के CEO सुंदर पिचाई ने हाल ही में कहा कि AI एक दिन CEOs की नौकरी भी ले सकता है। यह सुनकर बहुत लोग हैरान रह गए। क्योंकि CEO कंपनी का सबसे बड़ा बॉस होता है। लेकिन पिचाई का कहना है कि AI में अब इतना दिमाग आ गया है कि वह बड़े से बड़ा फैसला भी सोच-समझकर कर सकता है। क्यों कहा “CEO का काम AI के लिए आसान”? पिचाई ने बहुत सिंपल भाषा में समझाया कि कंपनी का CEO जो काम करता है, उसमें से कई काम AI बहुत आसानी से कर सकता है। जैसे डेटा का विश्लेषण, रिपोर्ट पढ़ना, नंबर समझना, किस चीज से कंपनी को फायदा होगा, इसका अंदाजा लगाना, कौन सा प्रोजेक्ट अच्छा है, कौन सा नहीं, ये सब काम AI पहले ही कर रहा है। इसलिए उन्होंने कहा कि हो सकता है भविष्य में AI “CEO की कुर्सी” तक पहुंच जाए। अगले 12 महीनों में AI और भी तेज हो जाएगा सुंदर पिचाई ने कहा कि आने वाले एक साल में AI “एजेंट” बन जाएगा। मतलब ऐसे सिस्टम जो सिर्फ जवाब नहीं देंगे, बल्कि आपके लिए पूरा काम खुद कर देंगे। जैसे ईमेल खुद लिखना, मीटिंग शेड्यूल करना, कंपनी के लिए पूरा प्लान बनाना, बड़े फैसले लेना, ये सब काम एक CEO करता है। इसलिए पिचाई का कहना है कि AI इस दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। क्या इंसानों की नौकरी जाएगी? यह डर हर किसी के मन में है। पिचाई ने साफ कहा AI कुछ नौकरियां खत्म करेगा, पर उतनी ही नई नौकरियां भी बनाएगा। उन्होंने कहा कि लोग अगर AI को ठीक से समझ लें, इसे सीख लें और इसे अपना साथी बना लें, तो उन्हें डरने की जरूरत नहीं। बल्कि AI उनके काम को आसान कर देगा। AI इंसानों की तरह गलतियां भी कर सकता है पिचाई ने ये भी माना कि AI पर पूरी तरह भरोसा नहीं किया जा सकता। AI से गलतियां भी हो सकती हैं जैसे गलत डेटा देना या गलत सलाह देना। इसलिए उन्होंने कहा कि असली ताकत तब है जब इंसान + AI साथ-साथ काम करें। यही भविष्य है।