samacharsecretary.com

जमीन गाइडलाइन बढ़ाने के फैसले पर कांग्रेस बरसी, धनेंद्र साहू ने कहा—सरकार कर रही है उपभोक्ताओं की लूट

रायपुर जमीन की नई गाइडलाइन दर जारी होते ही सियासी बयान सामने आने लगे हैं. पूर्व छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष धनेंद्र साहू ने इसे आम उपभोक्ताओं और किसानों को लूटने जैसा कृत्य करार दिया है. वहीं पूर्व कांग्रेस विधायक विकास उपाध्याय ने इसे भू-माफिया के अनुसार बनाया कानून बताया है. पूर्व छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष धनेंद्र साहू ने कहा कि यह आम उपभोक्ताओं और किसानों को लूटने जैसा कृत्य है. हमारी सरकार ने सरकारी कीमतों में 30% की कमी की थी, लेकिन वर्तमान सरकार ने वह छूट समाप्त कर दी है. इससे जमीन और मकान दोनों महंगे हो गए हैं. उन्होंने अव्यावहारिक तरीके से गाइडलाइन दर बढ़ाए जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे जमीन के दाम कई गुना बढ़ जाएंगे. इससे किसान के साय़थ आम लोग नुकसान में रहेंगे. यह फैसला सिर्फ सरकार के राजस्व बढ़ाने के लिए है, इसमें आम उपभोक्ता और किसान लाभान्वित नहीं होंगे, इससे भूमाफिया को फायदा मिलेगा. वहीं जमीन की नई दरों को लेकर कांग्रेस के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने कहा कि बीजेपी लोगों को बेरोजगार करना चाहती है. कभी छोटे-छोटे जमीन लेने वाले लोगों की रजिस्ट्री को रोकने का प्रयास करती है, तो कभी खरीदी-बिक्री में अलग-अलग प्रयोग से शुल्क बढ़ाकर नुकसान पहुंचाने का काम करती है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार में भूपेश बघेल ने रियायत देने का काम किया था. इस सरकार में तो जमीन का व्यापार करने वाले लोग जुड़े हुए है. अब भू-माफियाओं के अनुसार नियम-कानून को बनाया जा रहा है, आम लोगों को आने वाले समय में बहुत परेशानी होने वाली है, यह गाइडलाइन लोगों का काम छीनने वाला है.

नीतीश कुमार के शपथ ग्रहण पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जताई शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने  नीतीश कुमार द्वारा बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर बधाई दी मुख्यमंत्री डॉ. यादव पटना में शपथ ग्रहण समारोह में हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरूवार को प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की गरिमामयी उपस्थिति में पटना में आयोजित बिहार सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने  नीतीश कुमार द्वारा बिहार के मुख्यमंत्री,  सम्राट चौधरी एवं  विजय कुमार सिन्हा द्वारा उप मुख्यमंत्री और अन्य सदस्यों द्वारा मंत्री के रूप में शपथ लेने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री  मोदी के मार्गदर्शन और नेतृत्व में एनडीए सरकार समाज के हर वर्ग के समग्र उत्थान और 'विकसित बिहार' बनाने के संकल्प को नई गति व ऊर्जा देने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ समर्पित रहेगी।  

हरियाणा की हवा में जहर: इस जिसे का AQI पहुंचा 500 पार, हेल्थ एक्सपर्ट ने दे डाली चेतावनी

फरीदाबाद  हरियाणा में हवा की गुणवत्ता लगातार बिगड़ रही है। फरीदाबाद का AQI 508 और गुरुग्राम का 498 खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। सोनीपत, रोहतक, कैथल व कुरुक्षेत्र की हवा भी खराब श्रेणी में दर्ज हुई।  हवा में धुंध ऐसी मिल गई है कि आसमान तक धुंधला पड़ गया है. आज सुबह अलग-अलग शहरों के एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) की रिपोर्ट ने हालात की गंभीरता को और साफ कर दिया। कई शहरों में हवा बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच चुकी है।   सबसे बुरा हाल फरीदाबाद का है जहां AQI 508 दर्ज हुआ। यह स्तर खतरनाक श्रेणी में आता है। इतनी ज़हरीली हवा में ज्यादा देर रहना सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है. सांस की समस्या आंखों में जलन, सिरदर्द और कमजोरी जैसे लक्षण आम हो जाते हैं। फरीदाबाद में रहने वालों के लिए मास्क पहनना और बाहर कम निकलना ही समझदारी है। गुरुग्राम भी फरीदाबाद से बहुत पीछे नहीं है। यहां AQI 498 दर्ज किया गया जो खतरनाक श्रेणी में ही आता है।बड़े-बड़े ऑफिस, ट्रैफिक की भीड़ और निर्माण कार्य इन सबने हवा को और खराब कर दिया है. सुबह-शाम सड़कों पर चलना मुश्किल होता जा रहा है। सोनीपत में AQI 220 रहा जो गंभीर श्रेणी में आता है। भले फरीदाबाद और गुरुग्राम जितना खराब नहीं लेकिन सेहत पर इसका भी साफ असर पडरहा है। अस्थमा और दिल की बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए यह स्तर काफी खतरनाक है।  

सतत भविष्य के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी पर आधारित प्रदर्शनी में बच्चों के मॉडल ने खींचा ध्यान

राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी में बच्चों द्वारा तैयार किये गये मॉडल बने आकर्षण का केन्द्र प्रदर्शनी का विषय सतत् भविष्य के लिये विज्ञान और प्रौद्योगिकी भोपाल भोपाल में 52वीं राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी इन दिनों राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) के क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान श्यामला हिल्स भोपाल में चल रही है। प्रदर्शनी में 31 राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के लगभग 900 विद्यार्थी एवं शिक्षकों ने संयुक्त रूप से मिलकर विज्ञान पर केन्द्रित प्रोजेक्ट और मॉडल प्रस्तुत किये हैं। यह मॉडल प्रदर्शनी में आने वाले बच्चों के बीच आकर्षण का केन्द्र बने हुए हैं। इस वर्ष आयोजित राष्ट्रीय प्रदर्शनी का विषय सतत् भविष्य के लिये विज्ञान और प्रौद्योगिकी रखा गया है। बच्चों के लिये प्रदर्शनी अवलोकन प्रात: 9:30 से शाम 6:30 बजे तक रहता है। प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ के कुसुमकसा, बालोद के स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय के छात्रों ने अभिनव प्रोटोटाइप प्रदर्शित किया है। यह प्रोटोटाइप नारियल के रेशे और परलाइट को उगाने के माध्यम के रूप में उपयोग करते हुए एक आधुनिक मृदा-रहित कृषि तकनीक को प्रदर्शित करता है। इसके बारे में छात्रा खुशी विश्वकर्मा और उनकी शिक्षक सु सोनल गुप्ता बताती हैं कि पारंपरिक मृदा की आवश्यकता को इस तकनीक में पौधों को केवल पानी और आवश्यक पोषक तत्वों की सहायता से उगाया जाता है, जिसमें मृदा जनित रोगों को जोखिम काफी हद तक कम हो जाता है। यह विधि स्वच्छ, अधिक कुशल खेती और स्वास्थ्य वर्धक फसलों के लिये उपर्युक्त है। इस प्रणाली का प्रमुख लाभ यह है कि इसमें पौधों को ऊर्ध्वाधर परतों पर उगाया जा सकता है, जिसमें कम भूमि में अधिक खाद उत्पादन संभव होता है, जो सीमित साधन या शहरी क्षेत्रों के लिये आदर्श समाधान है। इस प्रोटोटाइप में कृषि के साथ मछली पालन जैसी गतिविधियों का विस्तार भी किया जा सकता है। राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी में हिमाचल प्रदेश के राजकीय उत्कृष्ट माध्यमिक विद्यालय लालपानी छात्रों ने भोजन की गुणवत्ता की जांच के लिये भोजन प्रबंधन प्रणाली युक्त स्मार्ट चम्मच का प्रदर्शन किया है। इस साइंस मॉडल के बारे में विद्यार्थी दिव्यांशु सोनी गौरव और उनकी शिक्षक सु नेहा शर्मा ने बताया कि इस मॉडल के माध्यम से भोजन की ताजगी का परीक्षण किया जा सकता है। तैयार किये गये प्रोटोटाइप में रियल टाइम में डिजिटल स्क्रीन पर परिणाम देखा जा सकता है। खाद्यान्न असुरक्षित पाये जाने पर उपकरण अलर्ट देता है। इस तरह के उपकरण से समाज में स्वस्थ खान-पान की आदतों को बढ़ावा मिलेगा। महाराष्ट्र राज्य के प्रगट विद्यामंदिर, रामगढ़ मालवन, सिंधु दुर्ग के छात्रों ने दर्भा घास से बनाया स्ट्रा पाइप को प्रस्तुत किया है। उनके द्वारा तैयार किये गये उपकरण से प्लास्टिक स्ट्रा के विकल्प के रूप में घास से तैयार स्ट्रा का उपयोग को बढ़ावा दिया जा सकता है। पर्यावरण को सबसे ज्यादा खतरा प्लास्टिक से निर्मित वस्तुओं से पहुंच रहा है। प्रदर्शनी में आये बच्चों ने इस उपकरण के संबंध में जिज्ञासापूर्वक जानकारी प्राप्त की। राष्ट्रीय प्रदर्शनी में सौरमंडल के मॉडल को आकर्षक तरीके से प्रस्तुत किया गया है। इस सौरमंडल में ग्रहों की स्थिति और उनकी विशेषताओं की जानकारी दी गई है। प्रदर्शनी में यह मॉडल भी बच्चों के बीच आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है। प्रदर्शनी में प्रतिदिन विभिन्न स्कूलों के करीब 2 हजार बच्चे भ्रमण कर रहे  हैं।  

शराब प्रेमियों को बड़ा झटका: प्रशासन ने सभी ठेकों को बंद करने का आदेश दिया!

फिरोजपुर  पंजाब सरकार द्वारा 20 से 22 नवंबर, 2025 तक विभिन्न जिलों में श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित चार नगर कीर्तन/यात्राऐं आयोजित की जा रही हैं। इस स्मारक समारोह की पवित्रता और श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए, यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि नगर कीर्तन/यात्रा के मार्ग पर ऐसी कोई गतिविधि न हो जिससे मर्यादा भंग हो। इस संबंध में जिला मजिस्ट्रेट फिरोजपुर दीपशिखा शर्मा भारतीय नागरिक सुरक्षा अधिनियम 2023 की धारा 163 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए आदेश जारी किए है कि 20 नवंबर 2025 को श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले नगर कीर्तन/यात्रा के दौरान, जिला फिरोजपुर की सीमा के भीतर अंडे, मांस व शराब बेचने वाली दुकानें और अहातें पूरी तरह से बंद रहेंगे।  जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि नगर कीर्तन/यात्रा के दिन इन दुकानों को खुला रखने से धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचने की संभावना है और कुछ शरारती तत्व इसका अनुचित लाभ उठाकर शांति और सद्भाव को भंग कर सकते हैं। इसलिए, कानून-व्यवस्था और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने के लिए यह निर्णय आवश्यक है। यह आदेश वर्तमान स्थिति को ध्यान में रखते हुए जारी किए गया है और आम जनता की सुराक्षा को समर्पित है। 

क्या है इरुमुदिकट्टू? सबरीमाला यात्रा की सबसे पवित्र परंपरा को जानें

केरल के सबरीमाला में वार्षिक मकरविलक्कु तीर्थयात्रा चल रही है. इस दौरान सबरीमाला मंदिर में यात्रियों का सैलाब उमड़ रहा है. मंदिर में 18 पवित्र सीढ़ियां चढ़कर भगवान अयप्पा के भक्त इरुमुदिकट्टू लेकर दर्शन कर रहे हैं. ये एक प्रकार का एक विशेष प्रकार का थैला होता है, जो भक्त सिर पर रखकर ले जाते हैं. दरअसल, भक्त 41 दिनों तक कठोर उपवास रखते हैं, मालाएं पहनते हैं, काले कपड़े पहनते हैं. ऐसा माना जाता है कि अगर 41 दिनों का यह व्रत पूरी श्रद्धा और निष्ठा से रखा जाए, तो जीवन में बड़े बदलाव आ सकते हैं. आइए आपको बताते हैं कि इरुमुदिकट्टू क्या है और इसका क्या महत्व है? सबरीमाला में इरुमुदिकट्टू का क्या महत्व है? सबरीमाला में भगवान अयप्पा से जुड़े सबसे महत्वपूर्ण अनुष्ठानों में से एक इरुमुदिकट्टू है. सबरीमाला में 18 पवित्र सीढ़ियां चलकर भगवान अयप्पा के दर्शन करने वाला भक्त अपने सिर पर इरुमुदिकट्टू पहनता है. वास्तव में, इरुमुदिकट्टू सिर्फ एक थैला नहीं है. यह सबरीमाला में भगवान अयप्पा के लिए किए जाने वाले महत्वपूर्ण अनुष्ठानों में से एक है. इसे भक्त के 41 दिनों के व्रत, समर्पण और आध्यात्मिक यात्रा का प्रतीक माना जाता है. इरुमुदिकट्टू में क्या होता है? इरुमुदिकट्टू के एक भाग में भगवान को अर्पित किया जाने वाला प्रसाद होता है. इसमें मुख्यतः सूखे चावल आदि होते हैं जिन्हें भगवान को अर्पित किया जाता है. इसके अतिरिक्त, इसमें घी से भरा एक नारियल रखा जाता है. यह नारियल भक्त के पूर्ण समर्पण और मुक्ति का प्रतीक है. इसके अतिरिक्त, इस भाग में अन्य पूजा सामग्री जैसे कपूर, रेशम, अवल, फूल, पान आदि भी शामिल होते हैं. ये सभी भगवान को अर्पित की जाने वाली सामग्री है. पिनमुड़ी का उपयोग भक्त की यात्रा के दौरान की जाने वाली आवश्यकताओं के लिए किया जाता है. वहीं, कुछ जगहों पर नादुमुदी नाम की एक प्रथा भी है. इसमें चढ़ावे के रूप में दिए जाने वाले सिक्के, चढ़ावे की रसीदें आदि को बीच में एक छोटी सी पोटली में बांधकर कुछ जगहों पर रख दिया जाता है. यह प्रथा कुछ ही जगहों पर प्रचलित है.

नायब सैनी बोले—किसान मजबूत होगा, तभी विकसित भारत बनेगा

पलवल  मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वर्ष 2047 में जब भारत स्वतंत्रता की शताब्दी मनाएगा, तब हरियाणा का किसान आत्मनिर्भर, तकनीक से जुड़ा और वैश्विक बाजार के साथ प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसानों को राष्ट्रीय नीति के केंद्र में रखकर देश के कृषि भविष्य को मजबूत कर रहे हैं। मुख्यमंत्री बुधवार को पलवल के नेताजी सुभाष चंद बोस स्टेडियम में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त जारी कर रहे थे। इस दौरान हरियाणा के 15 लाख 82 हजार किसानों को 316 करोड़ 38 लाख रुपये सीधे उनके बैंक खातों में भेजे गए। मुख्यमंत्री ने तमिलनाडु के कोयंबटूर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का लाइव प्रसारण भी किसानों के साथ देखा और सुना। सैनी ने किसानों से कहा कि वे पारंपरागत खेती के साथ मूल्य संवर्धित फसलों, प्रोसेसिंग यूनिट्स, एग्री-टूरिज्म, ब्रांडिंग और ‘फार्म-टू-फोर्क’ मॉडल की ओर कदम बढ़ाएं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत के चार स्तम्भ गरीब, महिला, युवा और किसान तय किए हैं और इनमें किसान सबसे महत्वपूर्ण है। हरियाणा सरकार इसी सोच के अनुरूप खेती को लाभकारी बनाने पर लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती और बागवानी को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। पराली प्रोत्साहन राशि बढ़ाकर 1200 रुपये प्रति एकड़ कर दी गई है। भावांतर भरपाई योजना के तहत पिछले ग्यारह वर्षों में तीस हजार किसानों को 135 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा देश का पहला राज्य है जहाँ सभी फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर होती है और भुगतान 48 घंटे में किसानों को मिल जाता है। डिजिटल व्यवस्था ने योजनाओं का लाभ सरल और पारदर्शी बना दिया है। कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री रणबीर सिंह गंगवा, मुख्यमंत्री के पूर्व राजनैतिक सचिव और पलवल के पूर्व विधायक दीपक मंगला, पूर्व विधायक प्रवीण डागर, पूर्व विधायक जगदीश नायर, पूर्व सांसद लेफ्टिनेंट जनरल डीपी वत्स, भाजपा जिलाध्यक्ष विपिन बैंसला, पूर्व जिलाध्यक्ष चरण सिंह तेवतिया, डॉ. हरेन्द्रपाल राणा, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के प्रधान सचिव पंकज अग्रवाल, महानिदेशक राज नारायण कौशिक मौजूद रहे। कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ब्राह्मण धर्मशाला, पलवल में खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम के दादा स्वर्गीय जयपाल गौतम की स्मृति में आयोजित रस्म पगड़ी और प्रेरणा सभा में पहुंचे। उन्होंने तस्वीर पर पुष्प अर्पित करते हुए कहा कि स्वर्गीय जयपाल गौतम का जीवन समाज के लिए प्रेरणा है। सभा में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मोहनलाल कौशिक, हरियाणा भाजा प्रभारी सतीश पुनिया, वरिष्ठ भाजपा नेता अनिल जैन, खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री राजेश नागर, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार राजीव जेटली, जबलपुर से विधायक अभिलाष पांडे, पूर्व मंत्री सुभाष सुधा, लोनी से विधायक नंद किशोर नंदी, पूर्व राज्यसभा सांसद लेफ्टिनेंट जनरल डीपी वत्स, पूर्व विधायक दीपक मंगला, भाजपा जिलाध्यक्ष विपिन बैंसला, पूर्व जिलाध्यक्ष चरण सिंह तेवतिया और ग्रेट खली सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे।

विकास कार्यों में बाधाएं देख भड़के डिप्टी सीएम साव: कहा— ‘किंतु-परंतु छोड़ें, विकास को दें प्राथमिकता’

मुंगेली मुंगेली नगर पालिका क्षेत्र डिप्टी मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव के गृह जिले में आता है, इसलिए नगर विकास के लिए उन्होंने क्षेत्र में कई विकास परियोजनाओं की झड़ी लगा दी है। बीते 20 महीनों में इस नगर पालिका क्षेत्र को विभिन्न मदों और कार्यों के लिए कुल 92 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिल चुकी है। 19 नवंबर को आयोजित एक कार्यक्रम में डिप्टी सीएम ने लगभग 30 करोड़ रुपये के नए विकास कार्यों का शिलान्यास और भूमिपूजन भी किया। इसके बावजूद, नगरीय प्रशासन की धीमी कार्यशैली के कारण पुराने स्वीकृत परियोजनाओं में से कई कार्य अभी तक शुरू नहीं हो पाए हैं। मुंगेली नगर पालिका में कई परियोजनाओं के लिए जमीन का चयन या स्थान का निर्धारण भी नहीं हो पाया है। इस धीमी गति के लिए नगर पालिका के सीएमओ, अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और पार्षदों की टीम को जिम्मेदार माना जा रहा है। नाराज डिप्टी सीएम अरुण साव ने सार्वजनिक मंच से न सिर्फ अपनी नाराजगी व्यक्त की, बल्कि अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश भी दिए। नगर विकास में कौन बना रोड़ा? मुंगेली नगर पालिका में वर्तमान में कांग्रेस के रोहित शुक्ला अध्यक्ष हैं, जबकि उपाध्यक्ष भाजपा के जय प्रकाश मिश्रा हैं। डिप्टी सीएम ने क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए बड़े पैमाने पर धनराशि जारी की है, लेकिन अधोसंरचना विकास की गति कछुए की चाल जैसी धीमी बनी हुई है। इससे कई परियोजनाएं ठप पड़ी हैं और नागरिक अपेक्षित विकास का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। महत्वपूर्ण परियोजनाओं में देरी नवीन नगर पालिका कार्यालय भवन और नालंदा परिसर जैसी कई बड़ी परियोजनाओं को स्वीकृति मिलने के बावजूद अब तक कार्य शुरू नहीं हुए हैं। भूमि का चयन न होना और परियोजनाओं के लिए ठोस कार्ययोजना न बनना इस देरी का मुख्य कारण है। अब सवाल यह उठता है कि इस स्थिति के लिए दोषी कौन है—क्या नगर पालिका के अधिकारी सीएमओ होरी सिंह ठाकुर, या जनप्रतिनिधि? यदि अधिकारी दोषी हैं, तो उन पर तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं, यदि जिम्मेदारी जनप्रतिनिधियों की है, तो उन्हें डिप्टी सीएम की नसीहत मानकर आपसी सामंजस्य के साथ कार्य करना चाहिए। डिप्टी सीएम की नसीहत: “किंतु-परंतु छोड़ो, विकास पर ध्यान दो” डिप्टी सीएम अरुण साव ने सार्वजनिक मंच से कहा कि मुंगेली नगर पालिका के लिए धन की कोई कमी नहीं है, केवल कार्ययोजना बनाने में देरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पहले से स्वीकृत कार्यों को शीघ्र पूरा कराना अत्यंत आवश्यक है। चाहे वह नगरीय प्रशासन विभाग हो, खेल विभाग, पीडब्ल्यूडी या पीएचई—मुंगेली क्षेत्र के विकास में किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी। जानकारों का कहना है कि कांग्रेस अध्यक्ष और भाजपा उपाध्यक्ष के बीच आपसी खींचतान या दूरी भी विकास कार्यों को प्रभावित कर रही हो सकती है। डिप्टी सीएम ने इस पर जोर देते हुए कहा कि नगर विकास के लिए आपसी तालमेल और सहयोग सबसे जरूरी है। उन्होंने नगर पालिका अध्यक्ष को भी नसीहत दी कि उन्हें “किंतु–परंतु” की सोच छोड़कर केवल और केवल नगर के विकास पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। अधिकारियों के साथ तालमेल की कमी नगर पालिका अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के राजनीतिक भेदभाव के कारण अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ अपेक्षित तालमेल नहीं बन पा रहा है। समय-समय पर जनता ने इसकी झलक देखी और महसूस की है। इसके अलावा सवाल यह भी उठता है कि कहीं जनप्रतिनिधि अपने पसंदीदा ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने के चक्कर में विकास कार्यों को प्रभावित तो नहीं कर रहे। यह विषय मुंगेली की जनता के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है। डिप्टी सीएम अरुण साव ने स्पष्ट किया कि नगर पालिका में क्या चल रहा है, उनसे कुछ भी छिपा नहीं है। अब सभी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी बनती है कि वे आपसी तालमेल के साथ विकास कार्यों को समय पर पूरा करें और मुंगेली को एक आधुनिक और व्यवस्थित नगर बनाने में योगदान दें।

पंजाब में फिर असफल हुआ ड्रग माफिया, पुलिस ने की करोड़ों की नशीली दवाओं की जब्ती

फिरोजपुर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने जीरकपुर में एक बड़ी कार्रवाई की। नशे के लिए प्रयोग होने वाली लगभग 5 लाख ट्रामाडोल गोलियां बरामद की हैं। ये प्रतिबंधित दवाएं एक ट्रक से जब्त की गईं। ट्रक देहरादून से अमृतसर आ रहा था। दवाई का इस्तेमाल नशे के रूप में बड़े स्तर पर होता है। पुलिस और एनसीबी की टीमों ने मौके पर पहुंचकर सारी दवाएं जब्त की हैं। मामले की जांच चल रही है। पता चला है कि गिरोह का नेटवर्क कई राज्यों में है। वहीं, पता लगाया जा रहा है कि यह दवा कहां लेकर जा रही थी। एनसीबी अधिकारी परमजीत सिंह कुंडू इस ऑपरेशन का नेतृत्व कर रहे थे। उन्होंने बताया कि एजेंसी को प्रतिबंधित दवाओं की तस्करी के संबंध में लगातार गुप्त सूचनाएं मिल रही थीं। इसके बाद टीम ने करीब एक महीने तक इस नेटवर्क की गतिविधियों पर बारीकी से नजर रखी। जानकारी मिली थी कि देहरादून से अमृतसर आ रहा एक ट्रक भारी मात्रा में ट्रामाडोल गोलियां है। इस सूचना के आधार पर 200 फीट रोड स्थित पहलवान ढाबे के पास ज्वाइंट नाकाबंदी की गई। संदिग्ध ट्रक को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें लाखों ट्रामाडोल गोलियां बरामद हुईं। यह बरामद खेप देशभर में सक्रिय एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा है। यह नेटवर्क प्रतिबंधित दवाओं को गुप्त रूप से विभिन्न राज्यों में सप्लाई करता है। एनसीबी पिछले एक महीने से इस नेटवर्क की गतिविधियों पर नजर रख रही थी। इस कार्रवाई में जीरकपुर पुलिस ने भी सहयोग दिया।

झारखंड कैबिनेट विस्तार जल्द! सोमेश सोरेन के मंत्री बनने की अटकलें तेज

रांची झारखंड विधानसभा का शीतकालीन सत्र 5 दिसंबर से शुरू होगा और 11 दिसंबर तक चलेगा। सूत्रों के मुताबिक शीतकालीन सत्र से पूर्व हेमंत सोरेन मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक मंत्रिमंडल विस्तार में घाटशिला उप चुनाव जीतने वाले सोमेश सोरेन को मंत्री पद की शपथ दिलाई जा सकती है। इसको लेकर विचार विमर्श किया जा रहा है। बता दें कि घाटशिला में झामुमो प्रत्याशी सोमेश सोरेन ने बीजेपी प्रत्याशी बाबूलाल सोरेन को 38524 मतों से पराजित कर दिया। तीसरे स्थान पर जेएलकेएम प्रत्याशी रामदास मुर्मू रहे। सोमेश सोरेन को कुल 104794 वोट मिले। ज्ञात हो कि झारखंड के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के आकस्मिक निधन से यह सीट खाली हो गई थी। वैसे तो 13 प्रत्याशियों ने घाटशिला विधानसभा उपचुनाव लड़ा, लेकिन मुख्य मुकाबला फिलहाल सत्तारूढ़ झामुमो के सोमेश चंद्र सोरेन और भाजपा के बाबूलाल सोरेन के बीच था।