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अब नहीं चलेगा ORS नाम वाला जूस! फ्रूट ड्रिंक्स पर FSSAI की बड़ी कार्रवाई

नई दिल्ली  खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने उन सभी फ्रूट-बेस्ड ड्रिंक्स, रेडी-टू-सर्व बेवरेज, एनर्जी ड्रिंक्स और इलेक्ट्रोलाइट पेयों पर शिकंजा कस दिया है, जिनके नाम में ‘ORS’ शब्द का इस्तेमाल हो रहा है। अथॉरिटी ने जारी आदेश में ऐसे सभी उत्पादों को तुरंत बाजार से हटाने का निर्देश दिया है। पहले ही रोक थी, फिर भी चल रही थी बिक्री FSSAI ने कहा कि कई कंपनियां रिटेल स्टोर और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर ऐसे ड्रिंक्स बेच रही थीं, जबकि 14 अक्टूबर के आदेश और 15 अक्टूबर की स्पष्टीकरण में ‘ORS’ शब्द के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जा चुका है। किसी भी फूड प्रोडक्ट—चाहे वह जूस हो, नॉन-कार्बोनेटेड ड्रिंक हो या रेडी-टू-ड्रिंक—को अपने नाम में ‘ORS’ रखने की अनुमति नहीं है। FSSAI ने स्पष्ट किया कि ऐसा करना फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 का सीधा उल्लंघन है।   तुरंत निरीक्षण के आदेश अथॉरिटी ने अपने अधिकारियों को देशभर में ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और रिटेल दुकानों पर तत्काल जांच अभियान चलाने का निर्देश दिया है। लक्ष्य उन सभी गैर-अनुपालन उत्पादों की पहचान करना जो ‘ORS’ शब्द का गलत उपयोग कर रहे हैं। उल्लंघन मिलने पर: ऐसे उत्पादों को तुरंत बिक्री से हटाया जाए संबंधित कंपनियों पर नियामकीय कार्रवाई की जाए पूरी कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट FSSAI को भेजी जाए साथ ही FSSAI ने यह भी स्पष्ट किया कि WHO द्वारा अनुशंसित असली ORS दवा उत्पादों के वितरण या बिक्री में किसी भी तरह की बाधा न आए। गलत लेबलिंग पर सख्त कार्रवाई अथॉरिटी ने कहा कि यह कार्रवाई केवल उन फूड प्रोडक्ट्स पर केंद्रित होगी जो ORS नाम का दुरुपयोग कर उपभोक्ताओं को भ्रमित कर रहे हैं। दिल्ली हाई कोर्ट का भी समर्थन बीते 31 अक्टूबर को दिल्ली हाई कोर्ट ने भी FSSAI के इस प्रतिबंध में हस्तक्षेप से इनकार कर दिया था। अदालत ने कहा कि नकली या भ्रामक ORS लेबल वाले उत्पाद सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा हैं, इसलिए व्यापारिक हितों से पहले जनता की सेहत को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। मामला Dr. Reddy's Laboratories की उस याचिका से जुड़ा था, जिसमें कंपनी ने ORS नाम वाले अपने पेयों पर लगी रोक को चुनौती दी थी।   सिर्फ WHO-स्टैंडर्ड वाले ORS को मंजूरी FSSAI का कहना है कि ‘ORS’ शब्द सिर्फ उन्हीं फॉर्मूलेशन के लिए मान्य है जो WHO द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप हों और चिकित्सकीय उपयोग के लिए स्वीकृत हों—बेवरेज मार्केटिंग के लिए नहीं।

लखनऊ में 10 दिवसीय खादी महोत्सव, 160 से अधिक उद्यमियों के स्टॉल, हस्तशिल्प और स्वदेशी उद्योगों को मिलेगी नई उड़ान

लखनऊ, उत्तर प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा एवं वस्त्रोंद्योग मंत्री राकेश सचान ने शुक्रवार को  केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, गोमतीनगर, लखनऊ में 10 दिवसीय ‘खादी महोत्सव-2025’ का भव्य उद्घाटन किया। मंत्री सचान ने फीता काटकर तथा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। महोत्सव में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए 160 से अधिक उद्यमियों एवं इकाइयों द्वारा स्थापित स्टॉल में खादी एवं ग्रामोद्योग से निर्मित उत्कृष्ट उत्पादों का प्रदर्शन किया गया है। खादी को गांधीजी ने स्वतंत्रता संग्राम की आत्मा कहा था। विदेशी वस्त्रों के बहिष्कार और स्वदेशी वस्त्र के रूप में खादी ने आजादी के आंदोलन में पूरे देश को एकजुट किया था। आज वही खादी केवल एक वस्त्र नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता, रोजगार सृजन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बन चुकी है। अपने उद्बोधन में मंत्री श्री राकेश सचान ने कहा कि खादी महात्मा गांधी के स्वावलंबन के विचार से जुड़ी हुई है और आज प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नेतृत्व में स्वच्छता, स्वदेशी, स्वरोजगार तथा आत्मनिर्भर भारत के अभियान के अंतर्गत खादी पुनः राष्ट्रीय पहचान की शान बन रही है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश के सभी 18 मंडलों में खादी एवं ग्रामोद्योगी प्रदर्शनियों का आयोजन कर ग्रामीण उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है। पिछले वर्ष आयोजित कुल 20 प्रदर्शनियों में 2000 से अधिक इकाइयों की भागीदारी रही और 44.38 करोड़ रुपये की बिक्री दर्ज की गयी, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। मंत्री सचान ने बताया कि खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा वर्तमान में 3,90,000 से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 21 प्रतिशत अधिक है। वर्ष 2025 में 66,640 युवाओं को टूलकिट प्रदान कर स्वरोजगार से जोड़ा गया है। दोना मेकिंग मशीन, पॉपकॉर्न मशीन, हनी बॉक्स और विद्युत चालित चाक जैसे उपकरण ग्रामीण महिलाओं और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में प्रभावी भूमिका निभा रहे हैं। समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाले उद्यमियों को राज्य स्तरीय पुरस्कार एवं चयनित लाभार्थियों को विभिन्न टूलकिट वितरित कर सम्मानित किया गया। इस दौरान प्रमुख सचिव अनिल कुमार सागर ने कहा कि खादी अब आधुनिक डिजाइनों और तकनीकों के माध्यम से युवाओं की पहली पसंद बन रही है। फैशन शो एवं निफ्ट जैसी संस्थाओं की सहभागिता से खादी को नया स्वरूप मिल रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म जैसे अमेज़न और फ्लिपकार्ट के माध्यम से खादी उत्पादों को राष्ट्रीय और वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है, जिससे कारीगरों को अधिक आय और पहचान मिल रही है। उनका कहना था कि बेहतर गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिकता है, ताकि उपभोक्ताओं का विश्वास लगातार मजबूत रहे। कार्यक्रम में विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर मंत्री राकेश सचान ने चयनित लाभार्थियों एवं उद्यमियों को पुरस्कार तथा प्रशस्ति पत्र प्रदान किए। राज्य स्तरीय उत्कृष्ट इकाइयों के रूप में मेरठ के दीपक कुमार को प्रथम पुरस्कार स्वरूप 40,000 रुपये, गोण्डा की ममता को द्वितीय पुरस्कार स्वरूप 30,000 रुपये तथा हाथरस के संजय सिंह को तृतीय पुरस्कार स्वरूप 20,000 रुपये प्रदान कर सम्मानित किया गया।

रायपुर में लगेगा भव्य आवास मेला: सपनों का घर पाने वालों के लिए सुनहरा अवसर

रायपुर आवासीय योजनाओं की पूरी जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के लिए छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल राज्य स्तरीय आवास मेला आयोजित कर रहा है। यह मेला 23, 24 और 25 नवंबर को राजधानी रायपुर के शंकर नगर स्थित बीटीआई ग्राउंड में होगा। मेले को लेकर आज वित्त मंत्री ओपी चौधरी और हाउसिंग बोर्ड अध्यक्ष अनुराग सिंहदेव ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस कॉन्फ्रेंस में हाउसिंग बोर्ड के कमिश्नर अवनीश शरण भी मौजूद रहे। आवास मेला में हाउसिंग लोन के लिए सभी प्रमुख बैंकों के स्टॉल होंगे। लोग साइट विजिट का लाभ ले सकेंगे। वास्तु शास्त्र से जुड़े स्टॉल भी लगाए जाएंगे। प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना की जानकारी भी दी जाएगी। साथ ही नई आधुनिक तकनीक को शामिल किया गया है। मेले में कई गिफ्ट वाउचर और गिफ्ट हैम्पर भी रखे गए हैं। हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष अनुराग सिंहदेव ने कहा कि हमारी सरकार ने हाउसिंग बोर्ड को कर्जमुक्त किया है। पहले लोन और ब्याज को लेकर लगातार चिंताएं थीं, लेकिन अब नई पॉलिसी के माध्यम से व्यवस्थित तरीके से काम किया जा रहा है। आवास परियोजनाएं कितनी जरूरी हैं और सरकार इस विषय को लेकर कितनी संजीदा है, यह इसी से समझा जा सकता है। मंत्री ओपी चौधरी के नेतृत्व में तेजी से काम हो रहा है। पहले आवास योजनाओं के क्राइटेरिया पूरे नहीं हो पाते थे, लेकिन अब हाउसिंग बोर्ड की योजनाओं और कार्यों की गति में स्पष्ट तेजी आई है। उन्होंने बताया कि आवास मेले का आयोजन 23, 24 और 25 नवंबर को बीटीआई ग्राउंड, शंकर नगर में आवास मेला आयोजित किया जा रहा है, जिसका शुभारंभ मुख्यमंत्री साय करेंगे। अनुराग सिंहदेव ने बताया कि 2 हजार 60 करोड़ रुपये की लागत से परियोजना शुरू की जा रही है, जो 22 जिलों में चलेगी। हाउसिंग बोर्ड के इतिहास में पहली बार इतनी बड़ी परियोजना एक साथ शुरू होगी। वर्ष 2024 तक पिछले पांच सालों में हाउसिंग बोर्ड ने केवल 250 करोड़ का बिजनेस किया था, जबकि एक वर्ष हमने 600 करोड़ का बिजनेस किया है। यह सफलता इसलिए मिली है क्योंकि सरकार ने पूरे सिस्टम की मॉनिटरिंग की है। पहले भी मेला आयोजित होता था, लेकिन इस बार 2 हजार करोड़ की वैकेंसी के लिए भी रहेगा। लोग राशि जमा कर अपना मकान वहीं चुन सकेंगे। हाउसिंग बोर्ड के जितने भी ब्रांड पार्टनर्स हैं, उनके सभी मटेरियल और तकनीकी स्टॉल भी मेले में शामिल होंगे। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि हाउसिंग बोर्ड मृतप्राय स्थिति पर था, जिसे बीजेपी सरकार ने ठीक किया। हाउसिंग बोर्ड पर 700 करोड़ रुपये का लोन पटाने का काम किया गया। जनवरी 2025 में OTS-2 लॉन्च किया गया, जिसे अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। हमारी सरकार में अब परियोजना के लिए पहले 30 फ़ीसदी बुकिंग होना अनिवार्य किया गया है, जिसके बाद ही अब टेंडर प्रक्रिया और निर्माण का काम किया जाएगा। जहां डिमांड होगी, वहीं पर काम किया जाएगा।

खादी महोत्सव का शुभारम्भ: उद्यमिता, रोजगार और स्वदेशी उद्योग को बढ़ावा देने का बड़ा मंच

खादी महोत्सव के जरिये पारंपरिक और हस्तशिल्प को प्रोस्ताहित करने का प्रयास   स्वदेशी उत्पादों की मांग बढ़ने से प्रदेश के स्थानीय उद्योगों को मिलेगा मजबूत आधार लखनऊ,  उत्तर प्रदेश सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने स्थानीय उद्यमिता को सुदृढ़ करने और परंपरागत कला तथा खादी आधारित उद्योगों को नए बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए 21 से 30 नवंबर तक लखनऊ स्थित केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय गोमती नगर में 10 दिवसीय खादी महोत्सव 2025 का आयोजन किया जा रहा है। शुक्रवार को महोत्सव का उद्घाटन प्रदेश के सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम तथा खादी ग्रामोद्योग रेशम उद्योग और हथकरघा विभाग के मंत्री राकेश सचान ने किया। यह महोत्सव प्रदेश में रोजगार और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के साथ साथ स्वदेशी उत्पादों को एक बड़े मंच पर प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान कर रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में खादी ग्रामोद्योग, हस्तशिल्प और पारंपरिक कला को प्रोत्साहित करने के लिए कई योजनाएं लागू की गई हैं। वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट योजना पीएम एफएमई योजना और राज्य की सूक्ष्म उद्योग नीतियों के माध्यम से हजारों युवाओं को रोजगार मिला है। खादी महोत्सव इन्हीं प्रयासों का विस्तृत प्रदर्शन है, जो उद्यमियों को बाजार विस्तार, तकनीकी विकास और व्यापार के नए अवसर प्रदान करेगा। यह आयोजन न केवल कारीगरों और बुनकरों का मनोबल बढ़ाता है बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा का भी संचार करता है। स्वदेशी उत्पादों की मांग बढ़ने से प्रदेश के स्थानीय उद्योगों को मजबूत आधार मिलेगा और उद्यमियों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। खादी महोत्सव 2025 इस बात का प्रमाण है कि उत्तर प्रदेश सरकार स्थानीय उद्योग, परंपरागत कला और ग्रामीण रोजगार को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है और इसे प्रदेश की आर्थिक प्रगति का आधार बना रही है।  इस आयोजन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए 160 से अधिक उद्यमी और इकाइयां अपने उत्पादों का प्रदर्शन और बिक्री करेंगी। प्रदर्शनी में सहारनपुर का नक्काशीदार फर्नीचर, भदोही की कालीन, अमरोहा के गमछे और सदरी, सीतापुर की दरी और तौलिये वाराणसी की रेशमी साड़ियां, प्रतापगढ़ के आंवला उत्पाद, लखनऊ की रॉयल हनी मिट्टी कला, बीकानेरी पापड़, लेदर वस्त्र और कई स्वदेशी उत्पाद शामिल होंगे। यह विविधता प्रदेश की समृद्ध कला और कारीगरी की पहचान को उजागर करेगी। रोजगार और स्वरोजगार को नई दिशा महोत्सव के दौरान चयनित उद्यमियों और लाभार्थियों को सम्मानित किया जाएगा। साथ ही राज्य स्तरीय उत्कृष्ट इकाइयों को पुरस्कार दिए जाएंगे। सरकार द्वारा पांच पांच चयनित लाभार्थियों को दोना मेकिंग मशीन पॉपकॉर्न मशीन और हनी बॉक्स दिए जाएंगे। इसके अतिरिक्त चार लाभार्थियों को विद्युत चालित चाक और एक लाभार्थी को पग मिल मशीन प्रदान की जाएगी। इन मशीनों और उपकरणों से ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और नए स्वरोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह पहल स्थानीय युवाओं को स्वयं का व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करेगी जिससे क्षेत्रीय रोजगार में वृद्धि होगी।

बांकेबिहारी मंदिर में बदलाव: नई व्यवस्था के साथ भक्तों को मिलेगा सुगम दर्शन

 मथुरा वृंदावन आने वाले श्रद्धालुओं के लिए खुशी की खबर है। अब जल्द ही वे अपने घर बैठकर भी श्री बांकेबिहारी जी के दर्शन कर सकेंगे। वहीं मंदिर के आसपास खड़े भक्तों के लिए भी बड़ी स्क्रीन के माध्यम से ठाकुरजी के लाइव दर्शन की व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ ही मंदिर में आने वाले भक्तों को मोहनभोग का प्रसाद भी वितरित किया जाएगा। हाईपावर्ड प्रबंध कमेटी ने इन व्यवस्थाओं को लागू करने की अनुमति दे दी है। कमेटी की बैठक में यह निर्णय लिया बृहस्पतिवार को आयोजित कमेटी की बैठक में यह निर्णय लिया गया। कमेटी के अध्यक्ष अशोक कुमार ने लाइव स्ट्रीमिंग की मंजूरी देते हुए निर्देश दिए कि मंदिर के पास स्थित तिराहों और चौराहों पर बड़ी स्क्रीन लगाई जाएंगी, ताकि अधिक संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं को ठगौरजी के दर्शन हो सकें। इसके लिए सुयोग्य मीडिया के पदाधिकारियों ने स्क्रीन पर लाइव प्रस्तुति का प्रदर्शन भी किया। सेवायतों से विचार-विमर्श किया जाएगा कमेटी अध्यक्ष ने बताया कि मोहनभोग प्रसाद की व्यवस्था को लेकर अभी मंदिर के अन्य सेवायतों से विचार-विमर्श किया जाएगा। इसमें यह तय किया जाएगा कि हलवाई किस प्रकार प्रसाद तैयार करेंगे, खर्च का निर्धारण कैसे होगा और वितरण की प्रक्रिया क्या होगी। इसके संबंध में अंतिम निर्णय आगामी बैठक में लिया जाएगा।

खुदाई में मिली राम प्रतिमा से हड़कंप, सागर में पुलिस ने संभाला मोर्चा

सागर जिले की बंडा तहसील के पापेड़ गांव में मस्जिद की बाउंड्री वॉल की खुदाई के दौरान भगवान राम की प्रतिमा निकली है। मूर्ति निकलने के बाद वहां पर हिंदू संगठनों के लोग पहुंचे कुछ देर बाद मुस्लिम समाज के लोग भी वहां पहुंच गए। दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। हिंदू संगठन ने की मंदिर बनाने की मांग हिंदू संगठनों ने भगवान राम का अभिषेक किया चबूतरा बनाकर उनकी स्थापना की है हिंदू संगठन की मांग है कि यहां पर मंदिर बनाया जाए उनका कहना है कि यहां पर पूर्व में पहले मंदिर था जिसे तोड़कर मस्जिद बनाई गई थी। फिलहाल मौके पर तनाव के स्थिति बनी हुई है पुलिस और प्रशासन की भी मौजूद है।  

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑफ चीफ जस्टिसेस ऑफ वर्ल्ड (आईसीसीजेडब्ल्यू) के उद्घाटन समारोह में दिया बड़ा संदेश

अपना वर्चस्व स्थापित करने के लिए अराजकता का वातावरण पैदा करने वालों के खिलाफ संवाद महत्वपूर्ण: मुख्यमंत्री स्वयं के वर्चस्व को स्थापित करने के लिए संवाद को बाधित किया जाता रहा हैः मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री बोले: बस्ते के बोझ से बच्चे डिप्रेस्ड न हों, इसके बारे में भी हमें करना होगा विचार लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वसुधैव कुटुम्बकम् यानी 'होल वर्ल्ड इज वन फैमिली, हैज बीन बेसिक फिलॉसफी ऑफ इंडिया फॉर थाउजैंड्स ऑफ ईयर्स' की भावना से विश्व को अवगत कराते हुए इसे भारत की हजारों वर्षों की परंपरा करार दिया। उन्होंने कहा कि संकट के समय शरण देने और आगे बढ़ाने में भारत ने हमेशा योगदान दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को सिटी मॉन्टेसरी स्कूल द्वारा आयोजित 26वें इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑफ चीफ जस्टिसेस ऑफ वर्ल्ड (आईसीसीजेडब्ल्यू) के उद्घाटन समारोह में अपनी बातें रखीं।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमें यूएन की उस घोषणा को भी स्मरण करना होगा, जिसमें सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स के बारे में दुनिया के देशों से आह्वान किया गया था। सस्टेनेबल गोल्स शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, जल संसाधन, रोजगार-कौशल विकास, पर्यावरण और वन संपदा की रक्षा के विषयों पर आधारित हैं। इन 16 गोल्स में शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। कभी न भूलें क्या है वास्तविक समस्या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमें ये कभी विस्मृत नहीं करना चाहिए कि विश्व की वास्तविक समस्या क्या है। उन्होंने कहा कि जब हम इसकी तह में जाते हैं तो लगता है कि डायलॉग एक-दूसरे के बीच में नहीं है। स्वयं के वर्चस्व को स्थापित करने के लिए डायलॉग को बाधित किया गया। ये कॉन्फ्रेंस अपने आप में डायलॉग का एक माध्यम है। दुनिया के न्यायाधीशों के माध्यम से यह मानवता और उन लोगों के लिए भी एक उद्घोषणा है कि जिन्होंने अपना वर्चस्व स्थापित करने के लिए अराजकता का वातावरण पैदा करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि जब हम दुनिया के अंदर शिक्षा की बात करते हैं तो 250 करोड़ से अधिक बच्चों के लिए क्वॉलिटी एजुकेशन पर फोकस करते हैं। हमें विचार करना होगा कि बस्ते के बोझ से बच्चे डिप्रेस्ड न हों। यह महत्वपूर्ण भाव है, क्योंकि शिक्षा किसी भी व्यवस्था का, फिर चाहे व्यक्ति हो, समाज हो या राष्ट्र हो, डायलॉग की स्थापना, मैन टू मैन, सोसाइटी टू सोसाइटी या फिर कंट्री टू कंट्री, यह स्थापित तभी हो सकती है जब हम उसके बेसिक भाव पर विचार करें। यह बेसिक भाव एजुकेशन के माध्यम से हम प्रत्येक छात्र-छात्राओं के मन में पैदा कर सकते हैं, लेकिन आज भी यह चुनौती बनी हुई है। समस्याओं के समाधान के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जाने की आवश्यकता मुख्यमंत्री ने कहा दुनिया में जहां अशांति व अराजकता है, वर्चस्व को लेकर एक-दूसरे की संप्रभुता को हड़पने की होड़ हो, वहां पर एजुकेशन, हेल्थ तथा सस्टेनेबल डेवलपमेंट की बात बेमानी सी दिखती है। उन स्थितियों में हम सभी को इस बारे में विचार करना चाहिए कि कैसे इन समस्याओं के समाधान के लिए हर एक स्तर पर प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अगर एक संस्था अपने स्तर पर पिछले 25 वर्षों से इस प्रयास को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है, तो क्यों नहीं अन्य स्तर पर यह प्रयास आगे बढ़ाया जा सकता है?  सीएम योगी ने प्रदेश की राजधानी में अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि आज जब हम दुनियाभर से जुड़े न्यायविदों के इस सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में उपस्थित हुए हैं, ऐसे में सीएमएस लखनऊ के संस्थापक डॉ. जगदीश गांधी की स्मृतियों को नमन करते हुए विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं, जिन्होंने विश्व की एकता, अखंडता व न्याय के लिए इंटरनेशनल कॉन्फ्रेस ऑफ चीफ जस्टिसेस के कार्यक्रम का लंबे समय से आयोजन किया तथा इसके माध्यम से एक-दूसरे को समझने व नया संदेश देने का काम किया था। बड़ी लकीर खींचने में महत्वपूर्ण भूमिका का करना होगा निर्वहन सीएम योगी ने कहा कि एक ओर हमारे सामने दुनिया के अंदर की प्रतिस्पर्धा चुनौती के रूप में है, तो वहीं हमारे सामने जलवायु परिवर्तन और उससे उत्पन्न होने वाला संकट भी नई चुनौती के रूप में हैं। उन्होंने कहा कि हमारे सामने इमर्जिंग टेक्नोलॉजी जीवन को सहज और सरल करने में जहां उपयोगी भूमिका का निर्वहन कर रही है, वहीं इसके द्वारा उत्पन्न अभूतपूर्व कानूनी चुनौतियां भी हम सभी के सामने खड़ी हुई हैं, जिसमें साइबर क्राइम, डेटा चोरी और अन्य समस्याएं प्रमुख हैं। ऐसे अस्थिर समय में न्याय, नैतिकता और अंतरराष्ट्रीय कानून विश्व शांति और मानव सभ्यता के लिए बड़ी लकीर खींचने में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन कर सकते हैं। यूएन के द्वारा 80 वर्ष पहले जिन बातों की घोषणा की गई थी, हम सभी को उस पर फिर से विचार करना चाहिए, उन्होंने उस समय कहा था कि दुनिया को अब एक अधिक न्यायपूर्ण, समावेशी और जवाबदेही वैश्विक प्रणाली की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस घोषणा की सार्थकता आज भी उसी रूप में बनी हुई है। भारत की सोच निकाल सकती है वैश्विक चुनौतियों का रास्ता मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि हम केवल उन पुरानी बातों तक सीमित न रहें, बल्कि आज की उन ज्वलंत समस्याओं के बारे में भी हमें विचार करते हुए जलवायु परिवर्तन, साइबर सुरक्षा, स्वास्थ्य के संकट, वैश्विक आतंकवाद जैसे मुद्दों पर भी मुखर होकर यूएन जैसे प्लेटफॉर्म का बेहतर उपयोग करना चाहिए। एक ऐसे व्यावहारिक और उद्देश्यपरक गठबंधन को जो और भी प्रभावी हो सके, इसे आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस बारे में हमें भारत की उस प्राचीन व्यवस्था पर विचार जरूर करना चाहिए, जहां पर हमने इस पूरी व्यवस्था को पांच अव्यवों पर आधारित माना, जिसमें पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश, इन सभी की उपासना को इसका आधार मानकर भारत की परंपरा ने सदैव इसे अपने जीवन का अंग माना। न केवल इनकी पवित्रता, बल्कि सुरक्षा और संरक्षण को सदैव प्राथमिकता दी गई। उन्होंने कहा कि दुनिया के लिए वर्तमान में जलवायु परिवर्तन की चुनौती हो या फिर इसके माध्यम से उत्पन्न उन वैश्विक संकट के समाधान का रास्ता, भारत की सोच के माध्यम से समाधान का रास्ता निकाल सकती है। आंख बंद करने से नहीं मिलेगा हल, मिलकर निकालना होगा समाधान मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि दुनिया ने इस युग की … Read more

पंजाब रोडवेज बस को महिलाओं ने रोका, यात्रियों सहित पुलिस स्टेशन पहुंची बस—जानिए पूरा विवाद

जलालाबाद  जलालाबाद बस स्टैंड पर आज उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया जब कुछ महिलाओं ने फाजिल्का से चंडीगढ़ जा रही पंजाब रोडवेज की बस को घेर लिया। महिलाओं का आरोप है कि बस ड्राइवर और कंडक्टर ने उनके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया, जिससे हाईवे पर ट्रैफिक जाम हो गया। जानकारी के मुताबिक, जब बस जलालाबाद पहुंची तो कुछ महिलाएं बस में चढ़ रही थीं। कंडक्टर ने उन्हें आगे बढ़ने को कहा, इसी दौरान दोनों पक्षों में बहस हो गई। महिलाओं का आरोप है कि कंडक्टर ने उनके साथ अभद्र शब्दों का इस्तेमाल किया। इस मौके पर जब बस ड्राइवर ने कहा, “कौन बदतमीजी कर रहा है?” जिसके बाद मामले ने दूसरा मोड़ ले लिया और महिलाओं ने बस को घेर लिया। कंडक्टर ने क्या कहा कंडक्टर का कहना है कि बस की कैपेसिटी 50 थी लेकिन उसमें 100 से ज़्यादा यात्री थे। भीड़ और टिकट कटने की वजह से महिलाओं से उसकी बहस हुई थी, लेकिन उसने अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने से इनकार किया। जब झगड़ा बढ़ा तो पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने ट्रैफिक जाम खुलवाया और बस को यात्रियों समेत थाने ले जाया गया, जहां दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद अगला फैसला लिया जाएगा। रोडवेज यूनियन का बयान पंजाब रोडवेज यूनियन के प्रेसिडेंट प्रितपाल सिंह गिल भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने सरकार पर नई बसें न देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “50 की कैपेसिटी वाली बस में 100 से ज़्यादा लोग सवार होते हैं। बसें कम हैं, यात्री ज्यादा हैं और सारा इल्जाम ड्राइवर-कंडक्टर पर आता है।” 

फिर से जोड़े जाएंगे नए लाभुक: मंईयां योजना कैंप में इन जरूरी कागज़ों के साथ पहुँचे

पलामू आज से झारखंड में 'आपकी सरकार-आपके द्वार' कार्यक्रम की शुरुआत हो रही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पलामू से ‘आपकी सरकार-आपके द्वार’ कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे। इस दौरान आम जनता की समस्याओं को सुना और निपटाया जाएगा। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ‘आपकी सरकार-आपके द्वार’ कार्यक्रम में ही नए लाभुकों को मंईयां योजना से जोड़ने वाले हैं। आज मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पलामू के लेस्लीगंज में इस अभियान की शुरुआत कर सकते हैं। लाभुक अपने जरूरी दस्तावेज के साथ आपकी सरकार, आपकी योजना, आपके द्वार कार्यक्रम के कैंप में पहुंचेंगे और वहीं दस्तावेजों की जांच के बाद आवेदन स्वीकृत कर दिया जाएगा। कैंप लगाकर पात्र महिलाओं से लिया जाएगा आवेदन मंईयां सम्मान योजना में आवेदन के लिए आवेदकों को आधार कार्ड, राशन कार्ड, वोटर आईडी, बैंक पासबुक, स्व-सत्यापन फॉर्म, दो पासपोर्ट साइज फोटो देनी होगी। 18 से 50 वर्ष तक की महिलाओं को ही योजना का लाभ मिलेगा। सभी जिलों में कैंप लगाकर पात्र महिलाओं से आवेदन लिया जाएगा। कैंप में ही दस्तावेज की जांच और स्वीकृति दोनों की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। अगर आप के परिवार का कोई सदस्य सरकारी नौकरी में है, टैक्स जमा करता हो तो आप इस योजना में नहीं जुड़ सकती है। इन सब के बावजूद अगर आप योजना से जुड़ती है तो आप पर कार्रवाई भी की जा सकती है और फिर पैसे की वसूली भी की जाती है।

करोड़ों का धान घोटाला! यमुनानगर में मिलर परिवार की संपत्ति जब्ती की तैयारी तेज

यमुनानगर  यमुनानगर जगाधरी के पौंटी स्थित किसान राइस मिल में धान-चावल की करोड़ों रुपए की हेराफेरी मामले में कार्रवाई लगातार तेज हो रही है। हैफेड की जांच में 4.57 करोड़ रुपए मूल्य का सरकारी चावल गायब मिलने के बाद मिलर के खिलाफ बड़ा कदम उठाया गया है। विभाग ने मिलर जावेद खान की करीब आठ करोड़ रुपए कीमत की 32 कनाल प्रॉपर्टी तो पहले ही अटैच कर ली है, अब इसके अलावा हैफेड मिलर के परिवार व ब्लड रिलेशन वालों के रिकॉर्ड को भी खंगाल कर उनकी प्रॉपर्टी की जांच कर रही है। हैफेड के अनुसार वर्ष 2024-25 में किसान राइस मिल को68.823 क्विंटल धान कस्टम मिलिंग के लिए आवंटित किया गया था। 9,994.665 क्विंटल चावल जिसकी कीमत 4.57 करोड़ रुपए है न तो जमा कराया गया और न ही उसकी राशि जमा की गई। नोटिस देने के बावजूद मिलर राशि जमा नहीं करा सका, जिसके बाद उसकी संपत्ति अटैच कर दी गई। जिला हैफेड अधिकारी उधम सिंह ने बताया कि मिलर जावेद खान के नाम दर्ज संपत्ति को अटैच कर दिया गया है। अब उनके परिवार के सदस्यों और ब्लड रिलेशन वालों की प्रॉपर्टी का रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कहीं हेराफेरी का धन अन्य संपत्तियों में तो नहीं लगाया गया।