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आज का राशिफल 23 नवंबर 2025: सभी 12 राशियों के लिए दिनभर का पूरा विश्लेषण

मेष राशि- आज आपका आत्मविश्वास सामान्य दिनों से अधिक रहेगा। जिस काम में बार-बार रुकावट आ रही थी, वह अब आसान लगने लगेगा। किसी पुरानी समस्या का समाधान मिल सकता है। धन से जुड़ी स्थिति में सुधार होगा और कोई रुका भुगतान भी मिलने की संभावना है। परिवार में किसी से दिल खोलकर बात करने से मन हल्का होगा। भावनाओं में बहकर किसी बात का जवाब न दें। संयम आपको आगे बढ़ाएगा। वृषभ राशि- आज का दिन शांत और संतुलित बना रहेगा। परिवार में प्यार और सहयोग मिलेगा, जिससे मन प्रसन्न रहेगा। खर्च बढ़ सकते हैं, लेकिन जरूरी कामों पर ही धन लगेगा। कार्यक्षेत्र में पुराने अधूरे काम पूरे करने का अवसर मिलेगा। किसी अनुभवी व्यक्ति की बात आज विशेष लाभकारी सिद्ध होगी। रिश्तों में सम्मान और समझ बढ़ेगी। दिन के अंत में आत्मसंतोष की भावना रहेगी। मिथुन राशि- आज आपकी बातों में प्रभाव रहेगा और लोग आपकी बात को ध्यान से सुनेंगे। छोटी-छोटी चर्चाएं भी काम आसान बना देंगी। दोस्तों और सहकर्मियों से सहयोग मिलेगा। मन में कोई नया विचार जन्म ले सकता है जो आगे चलकर सफलता देगा। किसी की राय से आपको प्रेरणा मिलेगी। सभी कामों में धैर्य रखें और ध्यान एक ही दिशा में लगाएं। रिश्तों में हल्की-फुल्की बातचीत मिठास बढ़ाएगी। कर्क राशि- आज मन थोड़ा संवेदनशील रहेगा, लेकिन आपकी सोच साफ रहेगी, जिससे निर्णय सही दिशा में जाएंगे। घर-परिवार में शांति और संतुलन बना रहेगा। स्वास्थ्य में हल्की थकान या आलस्य महसूस हो सकता है, इसलिए समय-समय पर आराम जरूर करें। किसी पुराने मित्र या परिचित से बात होने पर मन हल्का होगा। धन की स्थिति स्थिर रहेगी। दिन का उतार-चढ़ाव शाम तक शांत हो जाएगा। सिंह राशि- आज आप अपने प्रभाव और नेतृत्व क्षमता से लोगों का ध्यान आकर्षित करेंगे। कार्यक्षेत्र में आपकी राय का सम्मान होगा और किसी महत्वपूर्ण काम में आपकी भूमिका बढ़ सकती है। करियर में तरक्की के संकेत हैं। धन की स्थिति में सुधार होगा और घर-परिवार में खुशियां बढ़ेंगी। प्रेम जीवन में गर्मजोशी और समझ बढ़ेगी। बस अपनी बातों में कठोरता न आने दें। कन्या राशि- आज जिम्मेदारियों का बोझ बढ़ सकता है, लेकिन आप अपनी मेहनत और सूझ-बूझ से सब संभाल लेंगे। कार्यस्थल पर आपके काम की प्रशंसा होने की संभावना है। कुछ जरूरी खर्च सामने आ सकते हैं, पर स्थिति नियंत्रण में रहेगी। परिवार में सम्मान और समर्थन मिलेगा। दिन के अंत में आत्मविश्वास मजबूत रहेगा। तुला राशि- आज का दिन गतिविधियों से भरा रहेगा लेकिन काम आराम से निपटते जाएंगे। छोटी-छोटी परेशानियां आ सकती हैं, लेकिन आप उन्हें आसानी से संभाल लेंगे। दफ्तर में किसी कागजी काम या आधिकारिक प्रक्रिया में लाभ होने की संभावना है। घर का वातावरण शांत रहेगा। शाम का समय अपने लिए निकालें। दिन के अंत में मन संतुष्ट और शांत महसूस होगा। वृश्चिक राशि- आज भाग्य आपका साथ देगा। नए अवसर बनेंगे और करियर में दिशा बदलने के संकेत मिल सकते हैं। किसी महत्वपूर्ण बातचीत या समझौते से लाभ मिल सकता है। रिश्तों में ईमानदारी और भरोसा बढ़ेगा। मन हल्का और सकारात्मक महसूस होगा। जो काम अटका था, वह आगे बढ़ेगा। दिन समग्र रूप से सहज और लाभदायक रहेगा। धनु राशि- आज भाग्य आपका पूरा साथ देगा। धन वृद्धि के योग हैं और रुका हुआ पैसा मिल सकता है। किसी पुराने काम का समाधान मिलेगा और कोई शुभ समाचार भी मिल सकता है। रिश्तों में प्रेम बढ़ेगा और परिवार में शांति रहेगी। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत का असर साफ दिखाई देगा। दिन पूरे समय सकारात्मक ऊर्जा से भरा रहेगा। मकर राशि- आज भावनाएं गहरी रहेंगी, लेकिन उन्हें संभालकर रखने में ही भलाई है। किसी छोटी बात से मन दुखी हो सकता है, लेकिन स्थिति जल्दी सुधर जाएगी। धन की स्थिति स्थिर रहेगी। किसी पुराने मित्र से बातचीत होने से मानसिक राहत मिलेगी। काम अपनी गति से चलते रहेंगे। खुद पर अधिक दबाव न डालें। दिन शांतिपूर्ण ढंग से बिताएं। कुंभ राशि- आज ऊर्जा और उत्साह पूरे दिन बना रहेगा। नए काम शुरू करने या पुराने काम आगे बढ़ाने के अच्छे संकेत हैं। पढ़ाई, प्रतियोगिता या करियर से जुड़े लोगों के लिए दिन बहुत अच्छा है। बाहर घूमने या किसी छोटी यात्रा का विचार बन सकता है। प्रेम जीवन में निकटता बढ़ेगी। मन प्रसन्न और आत्मविश्वास से भरा रहेगा। मीन राशि- आज आपके काम समय पर पूरे होंगे। जीवन में दिशा स्पष्ट महसूस होगी। परिवार का साथ मिलेगा और घर में शांति बनी रहेगी। धन खर्च सोच-समझकर करें, नहीं तो बाद में दबाव महसूस हो सकता है। किसी अनुभवी व्यक्ति की सलाह बहुत काम आएगी। शाम का समय मन को राहत देगा।

लिव-इन में रहने वालों को संरक्षण देना राज्य का दायित्व: हाईकोर्ट का बड़ा बयान

चंडीगढ़ पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने एक फैसला देते हुए कहा कि लिव-इन में रहने वाले दो वयस्कों की सुरक्षा सुनिश्चित करना राज्य का दायित्व है, भले ही उनमें से एक साथी शादीशुदा ही क्यों न हो। अदालत ने यह साफ किया कि संविधान का अनुच्छेद-21 हर व्यक्ति को जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार देता है और यह अधिकार किसी भी रिश्ते की नैतिक या सामाजिक स्वीकार्यता पर निर्भर नहीं करता। निर्णय उस याचिका पर आया जिसमें एक महिला और एक पुरुष ने अपने परिवारों और परिचितों से खतरा महसूस होने का दावा करते हुए सुरक्षा की मांग की थी। महिला पहले से शादीशुदा थी और उसका एक बच्चा भी है, जबकि पुरुष अविवाहित है। दोनों ने बताया कि वे अपनी मर्जी से साथ रह रहे हैं लेकिन स्वजन से उन्हें खतरा है।   मेवात निवासी याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट से अनुरोध किया कि पुलिस उनकी शिकायत पर उचित कार्रवाई करे और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि राज्य को अपनी नैतिक राय थोपने का अधिकार नहीं है और न ही सामाजिक असहमति किसी व्यक्ति के बुनियादी अधिकारों को कमजोर कर सकती है। अदालत ने यह भी कहा कि दो वयस्कों के बीच संबंध यदि सहमति से है तो उसे केवल इसलिए असुरक्षित नहीं माना जा सकता कि उनमें से एक शादीशुदा है। अदालत ने जोर दिया कि जीवन और स्वतंत्रता के अधिकार की रक्षा अदालतों और प्रशासन दोनों का मूल दायित्व है। हाई कोर्ट ने संबंधित जिला पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे याचिकाकर्ताओं द्वारा दी गई शिकायत का मूल्यांकन करें और यदि खतरे की आशंका सही पाई जाए, तो तुरंत आवश्यक सुरक्षा प्रदान करें। साथ ही अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि सुरक्षा देने का यह आदेश किसी भी पक्ष को आपराधिक या सिविल कार्यवाही से छूट नहीं देता। यदि कानून के उल्लंघन का कोई मुद्दा सामने आता है, तो संबंधित पक्ष सामान्य कानूनी उपाय अपना सकते हैं।  

UP SIR में राहत: पुरानी मतदाता सूची में नाम गायब तो भी बनेगा वोटर कार्ड, जानें जरूरी कागज़ात

महराजगंज जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान की रफ्तार तेज हो गई है। प्रशासन की ओर से चलाए जा रहे इस महत्त्वपूर्ण अभियान के तहत जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों में बीएलओ घर-घर जाकर गणना प्रपत्र वितरित कर रहे हैं। लाखों मतदाताओं के घरों तक फार्म पहुंचाए जा चुके हैं, और बीएलओ द्वारा लगातार फॉर्म भरवाने व सिस्टम पर अपलोड करने की प्रक्रिया की निगरानी भी की जा रही है। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा अभियान की लगातार मॉनिटर कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि फॉर्म वितरण, संकलन और अपलोडिंग की प्रक्रिया में कहीं भी लापरवाही नहीं होनी चाहिए। जिले में कुल 19 लाख 92 हजार 459 मतदाताओं के लिए प्रत्येक बूथ पर बीएलओ की तैनाती के साथ सुपरवाइजरों की अलग टीम भी सक्रिय है। इनकी जिम्मेदारी है, कि बीएलओ से समय-समय पर अपडेट लेकर उसे नियंत्रण कक्ष तक पहुंचाएं, ताकि जिले की प्रगति नियमित रूप से दर्ज होती रहे।   इसके लिए अलग से कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, जो फॉर्म अपलोडिंग की स्थिति पर निरंतर नजर बनाए हुए हैं। अभियान के दौरान यह भी निर्देश दिए गए हैं कि यदि कोई व्यक्ति दो अलग-अलग स्थानों पर फार्म जमा करता है, तो उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। अपर जिलाधिकारी डा. प्रशांत कुमार ने बताया कि एसआइआर को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं, कि इसमें लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 2003 की मतदाता सूची में नाम नहीं है तो भी रहें बेफिक्र महराजगंज में एसआईआर अभियान को लेकर जिले में कई मतदाताओं के मन में संशय बना हुआ है, विशेष रूप से उन लोगों में जिनका नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची में नहीं है। लेकिन प्रशासन ने साफ कर दिया है कि 2003 की सूची में नाम न होने से किसी मतदाता का नाम स्वतः नहीं कटेगा। वर्तमान में सभी पात्र मतदाताओं से एसआईआर फार्म भरे जा रहे हैं। जिनका नाम 2003 की सूची में नहीं था, वे मात्र फॉर्म भरकर जमा करें। आगे सूची के अनंतिम प्रकाशन के बाद ऐसे मतदाताओं को नोटिस भेजा जाएगा, जिसके जवाब में उन्हें 13 निर्धारित दस्तावेजों में से कोई एक प्रस्तुत करना होगा। इन दस्तावेजों के आधार पर ही उनका नाम मतदाता सूची में सुरक्षित रखा जाएगा। जिले के सभी बीएलओ को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि नाम हटाने या संशोधन की प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी तरीके से की जाए। किसी पात्र मतदाता का नाम न कटे, इसका विशेष ध्यान रखा जा रहा है। प्रशासन ने मतदाताओं से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और सक्रिय होकर फार्म भरें ताकि अंतिम मतदाता सूची तैयार करते समय किसी भी पात्र नागरिक का नाम छूटने न पाए। एसआईआर प्रक्रिया में नाम बरकरार रखने के लिए नोटिस मिलने पर 13 में से कोई एक दस्तावेज देना होगा     आधार कार्ड     पासपोर्ट     पैन कार्ड     ड्राइविंग लाइसेंस     राशन कार्ड     बैंक/डाकघर की पासबुक     मनरेगा जाब कार्ड     किसान पासबुक /किसान क्रेडिट कार्ड     सरकारी पेंशन बुक /पेंशन आईडी     छात्र पहचान पत्र (मान्यता प्राप्त संस्थान)     बीमा पालिसी दस्तावेज     सरकारी विभाग /यूनियन द्वारा जारी आईडी कार्ड     जन्म प्रमाणपत्र /आयु प्रमाणपत्र  

यूरिया–डीएपी के बढ़ते दामों से मची हाहाकार, गया जिले में खाद की किल्लत बढ़ी

गयाजी जिले में रबी फसल की बोआई का सीजन जोर पर है और इसी के साथ किसानों की आवश्यकताएं भी बढ़ गई हैं। कृषि विभाग ने दावा किया है कि बीज और उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। किसानों को सरकारी दुकानों और अधिकृत केंद्रों पर बीज सरलता से उपलब्ध कराया जा रहा है। किसान भी विभाग की इस व्यवस्था से संतुष्ट दिख रहे हैं। उर्वरक को लेकर किसानों की परेशानी लेकिन दूसरी ओर उर्वरक को लेकर किसानों की परेशानी बढ़ती जा रही है। जिले में यूरिया और डीएपी का पर्याप्त भंडारण होने के बावजूद बाजार में इनकी कीमतें नियंत्रित स्तर से अधिक वसूली जा रही हैं। किसानों का आरोप है कि विक्रेता मनमाने दाम पर उर्वरक बेच रहे हैं। जिसके कारण बोआई लागत बढ़ गई है। शहर के किरानी घाट स्थित एक उर्वरक विक्रेता ने पुष्टि करते हुए बताया कि वर्तमान में यूरिया 360 रुपये प्रति बोरा और डीएपी 16 सौ रुपये प्रति बोरा बेचा जा रहा है। वहीं फतेहपुर एवं टनकुप्पा प्रखंड में कुल 73 निबंधित उर्वरक और बीज दुकानें हैं, लेकिन इनमें से कई दुकानों को एफएमएस आईडी नहीं मिलने के कारण संचालन अस्थायी रूप से बाधित है।  फतेहपुर में 47 में से 30 दुकानें सक्रिय फतेहपुर में 47 में से 30 दुकानें सक्रिय हैं, जबकि टनकुप्पा में 26 दुकानों से उर्वरक और प्रमाणित बीजों की बिक्री जारी है। रबी फसल के मौसम में किसानों को डीएपी के बाद यूरिया की सबसे अधिक आवश्यकता होती है। सरकारी दर के अनुसार डीएपी का मूल्य 1350 रुपये प्रति बोरी निर्धारित है, लेकिन किसानों का आरोप है कि बाजार में यह 15 सौ से 16 सौ रुपये तक में बेचा जा रहा है। दुकानदारों का कहना है कि कंपनियां उर्वरक के साथ फास्फेट, जिंक, पोटाश जैसी पौष्टिक किट देती हैं, जिसे जोड़कर मूल्य बढ़ जाता है। किसान विनय यादव और महेंद्र यादव ने बताया कि फतेहपुर प्रखंड में बिस्कोमान का गोदाम नहीं होने से उन्हें खुदरा दुकानों से ही उर्वरक खरीदना पड़ता है। जबकि टनकुप्पा में बिस्कोमान का एक गोदाम है।  जहां किसानों को सरकारी दर पर उर्वरक उपलब्ध कराया जाता है। किसानों का कहना है कि सरकारी गोदाम फतेहपुर में भी खोला जाए, ताकि किसानों का आर्थिक बोझ कम हो सके।  सरकार द्वारा यूरिया 266.50 रुपये प्रति बोरा  उधर, प्रखंड कृषि पदाधिकारी टनकुप्पा सोमेश्वर मेहता और फतेहपुर बीएओ दिलीप रजक ने बताया कि विभागीय आदेश के अनुसार दुकानों की समय-समय पर जांच की जाती है। यदि किसी दुकानदार द्वारा अधिक दर पर उर्वरक बेचने की शिकायत मिलती है तो जांच के बाद कड़ी कार्रवाई की जाएगी।  वहीं गुरुआ प्रखंड क्षेत्र के गुरुआ, सगाही और भरौधा बाजार में स्थित करीब दो दर्जन उर्वरक दुकानों पर किसानों से मनमाने दाम वसूलने का आरोप लगा है। सरकार द्वारा यूरिया 266.50 रुपये प्रति बोरा तथा डीएपी 1350 से 1550 रुपये प्रति बैग निर्धारित है। लेकिन दुकानदार किसानों को यूरिया 350 रुपये और डीएपी 17 सौ रुपये प्रति बोरा में बेच रहे हैं। इससे किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। किसान रामनरेश सिंह और ललन सिंह ने बताया कि गुरुआ क्षेत्र के लगभग सभी दुकानदार अधिक कीमत लेकर ही खाद बिक्री किया जा रहा है।  इस संबंध में प्रखंड कृषि पदाधिकारी अमित भारती ने कहा कि यदि जांच में कालाबाजारी की पुष्टि होती है तो संबंधित दुकानदारों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसानों से अपील की कि वे निर्धारित मूल्य से अधिक भुगतान की स्थिति में इसकी सूचना विभाग को दें।  

तूफान की आहट! बंगाल की खाड़ी में सिस्टम एक्टिव, ओडिशा के तटीय क्षेत्रों पर मंडराया संकट

भुवनेश्वर बंगाल की खाड़ी में 22 नवंबर को एक नया लो-प्रेशर क्षेत्र बना है। यह सिस्टम केंद्रीय बंगाल की खाड़ी में डिप्रेशन का रूप लेगा और 26 तारीख तक चक्रवात में बदल सकता है। इसके तेजी से मजबूत होकर उत्तर या उत्तर–पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए 28 नवंबर को भीषण चक्रवात बनने की आशंका है।दक्षिण अंडमान सागर में भी एक लो-प्रेशर एरिया बना है, जो आगे पश्चिम–उत्तर–पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए 24 नवंबर को और अधिक मजबूत होकर दक्षिण–पूर्वी बंगाल की खाड़ी में डिप्रेशन में तब्दील होगा। अगले 48 घंटों में यह सिस्टम और तीव्र होकर दक्षिण–पश्चिम बंगाल की खाड़ी में पहुंच सकता है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, अगले 48 घंटों में इसके डिप्रेशन का रूप लेने और बाद में चक्रवात में बदलने की संभावना है। इसके ओडिशा तट पर असर डालने की भी आशंका जताई गई है। विशेषज्ञों का अनुमान मौसम विशेषज्ञ प्रोफेसर सुरेन्द्रनाथ पशुपालक के मुताबिक, मलक्का में आज एक कमजोर लो-प्रेशर सिस्टम बना है। यह 24 नवंबर तक दक्षिण अंडमान सागर में डिप्रेशन बनेगा और पश्चिम–उत्तर–पश्चिम दिशा में बढ़ेगा। उसी दिन दक्षिण–केंद्रीय बंगाल की खाड़ी में डिप्रेशन और 26 तारीख तक चक्रवात बनने के संकेत हैं। यह सिस्टम तेजी से मजबूत होकर 28 नवंबर को भीषण चक्रवात का रूप ले सकता है। विभिन्न मौसम मॉडल बताते हैं कि 29 और 30 नवंबर को यह अत्यंत भीषण चक्रवात बनकर दक्षिण–पश्चिम और पश्चिम–केंद्रीय बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ सकता है। इसके आंध्र प्रदेश और ओडिशा तट की ओर बढ़ने की संभावना ज्यादा है। हालांकि, अभी लैंडफॉल की सही जगह और समय का अनुमान लगाना मुश्किल है, क्योंकि यह सिस्टम अभी शुरुआती अवस्था में है और लैंडफॉल में अभी लगभग एक सप्ताह का समय है। अगले 48 घंटे में और मजबूत होने की संभावना मौसम विभाग के अनुसार, 24 नवंबर तक यह लो-प्रेशर क्षेत्र डिप्रेशन में बदलेगा और अगले 48 घंटों में और अधिक तीव्र होकर मजबूत सिस्टम बन सकता है। ओडिशा में चार दिन भारी बारिश की संभावना इसके प्रभाव से ओडिशा में चार दिनों तक भारी बारिश होने की संभावना है। खासकर तटीय और दक्षिण ओडिशा में सबसे अधिक बारिश होने की उम्मीद है। हालांकि फिलहाल किसानों के लिए कृषि विभाग की ओर से कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है।  

उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने कहा- भारतीय परम्परा में खेल, सामाजिक प्रबंधन और जीवन पद्धति का अभिन्न अंग

भोपाल  भारतीय परम्परा में खेल, सामाजिक प्रबंधन और जीवन पद्धति का अभिन्न अंग था। हमारे पूर्वजों ने खेलों को हजारों वर्षों पूर्व स्थापित किया था और अतीत के उन कालखंडों में हम खेलों के क्षेत्र में अग्रणी थे। खेल के परिप्रेक्ष्य में भारतीय दृष्टि व्यापक थी। भारतीय दृष्टि में खेल, केवल मनोरंजन नहीं बल्कि शारीरिक और बौद्धिक विकास के माध्यम होते थे। मनुष्य के समग्र विकास की दृष्टि से भारत में खेल खेले जाते थे। यह बात उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार ने शनिवार को भोपाल के बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के ज्ञान-विज्ञान भवन में क्रीड़ा भारती प्रदेश समिति द्वारा आयोजित "खेल सृष्टि-भारतीय दृष्टि" विषय पर केंद्रित राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारम्भ कर कही। मंत्री श्री परमार ने संगोष्ठी में "भारतीय दर्शन में खेलों के पुरातन इतिहास एवं वर्तमान परिप्रेक्ष्य में खेलों में भारतीय दृष्टि के महत्व" के आलोक में अपने विचार व्यक्त किए। उच्च शिक्षा मंत्री श्री परमार ने कहा कि विश्व एक परिवार है। "वसुधैव कुटुंबकम्" का दृष्टिकोण विश्व को भारत की देन है। कोविड के संकटकाल में भारत ने आत्मानुशासन का पालन करते हुए, विश्व के विभिन्न देशों को निशुल्क वैक्सीन उपलब्ध करवाकर इसी दृष्टिकोण का सशक्त प्रमाण प्रस्तुत किया है। मंत्री श्री परमार ने कहा कि खेल के मैदानों से सेवा का संकल्प पूरा होगा। खेल से शरीर और मन स्वस्थ होता है और स्वस्थ मन से खिलाड़ी समाज में सेवा का संकल्प पूरा करेंगे और प्रेरणा का केंद्र बनेंगे। मंत्री श्री परमार ने संवेदना के साथ खेलों को आगे बढ़ाने और वैचारिक प्रवाह को सतत् जारी रखने का आह्वान भी किया। उच्च शिक्षा मंत्री श्री परमार ने कहा कि राज्य सरकार ने विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में, परंपरागत खेलों का समावेश किया है। मंत्री श्री परमार ने कहा कि हर खेल की अपनी अलग दृष्टि होती है। उन्होंने तीरंदाजी का उदाहरण देकर कहा कि इस खेल में एकाग्रता की आवश्यकता होती है। यह तीरंदाजी के खेल की अपनी विशिष्ट दृष्टि है। मंत्री श्री परमार ने कहा कि समय के सापेक्ष हमने विभिन्न विदेशी खेलों को भी हमने अपनाया है, जो भारतीयता के साथ आत्मसात करने की सीख देता है। मंत्री श्री परमार ने कहा कि क्रीड़ा भारती "क्रीड़ा से निर्माण चरित्र का, चरित्र से निर्माण राष्ट्र का" के विचार को चरितार्थ कर रही है। मंत्री श्री परमार ने राष्ट्रीय संगोष्ठी के सफल आयोजन के लिए समिति को बधाई भी दी। संगोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में क्रीड़ा भारती श्री अशोक अग्रवाल ने कहा कि खेल से राष्ट्रीय एकता एवं सामाजिक सद्भाव सुदृढ़ होता है। खेलों में भारतीय दृष्टि केंद्रित शुचिता एवं चरित्र निर्माण की आवश्यकता हैं। संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य स्वदेशी, पारम्परिक एवं ग्रामीण खेलों को मुख्यधारा में लाने का प्रयास करना, खिलाड़ियों में खेल भावना, नैतिक आचरण और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के साथ खेल संस्कृति का विकास करना एवं खेलों के माध्यम से खिलाड़ी रूपी नागरिकों में भारतीय दृष्टि केंद्रित राष्ट्रीय चरित्र का निर्माण करना था। क्रीड़ा भारती प्रदेश समिति के अध्यक्ष श्री दीपक सचेती, राष्ट्रीय नियामक मंडल सदस्य श्री भीष्म सिंह राजपूत, बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार जैन, कुलसचिव डॉ अनिल शर्मा एवं शारीरिक शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ आलोक मिश्रा सहित क्रीड़ा भारती के विभिन्न पदाधिकारीगण, खेल विधा से जुड़े विविध विषयविद, प्राध्यापकगण, क्रीड़ा अधिकारी एवं अन्य विद्वतजन उपस्थित थे।  

GST घोटाले का ताज़ा खुलासा: पंजाब में बड़ा फर्जीवाड़ा, जानिए पूरी कहानी

पंजाब  पंजाब में जीएसटी (GST) चोरी के मामलों पर लगातार शिकंजा कस रहा है, लेकिन टैक्स स्कैम रुकने का नाम नहीं ले रहे। इसी कड़ी में लुधियाना से एक नया मामला सामने आया है, जिसमें करोड़ों रुपए के फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) क्लेम की आशंका जताई गई है। मिली जानकारी के अनुसार, जीएसटी विभाग ने गांधी मार्केट स्थित नाइनटीन फैशन नाम की फर्म पर संदिग्ध आईटीसी दावे की वजह से निरीक्षण किया। यह कार्रवाई असिस्टेंट कमिश्नर निहारिका खरबंदा के निर्देश पर स्टेट टैक्स ऑफिसर खुशवंत सिंह और इंस्पेक्टर द्वारा की गई। जांच के दौरान चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि जिस जगह फर्म को रजिस्टर्ड दिखाया गया है, वहां पिछले एक साल से पूरी तरह कोई और दुकानदार व्यापार कर रहा है। वहीं वर्तमान दुकानदार का इस रजिस्टर्ड फर्म से कोई लेना-देना नहीं है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मार्केट एसोसिएशन के प्रतिनिधि भी मौके पर पहुंचे और अधिकारियों को भरोसा दिलाया कि फर्म का असली मालिक विभाग के सामने पेश होगा, क्योंकि जांच के दौरान वह मौके पर मौजूद नहीं था। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि फर्म के रिटर्न नियमित रूप से फाइल किए जा रहे हैं, जबकि वास्तविक व्यापार गतिविधि उस पते पर होती ही नहीं। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि पिछले 2 वर्षों के दौरान लगभग 1 करोड़ 40 लाख रुपए का आईटीसी क्लेम किया गया है, जो गंभीर संदेह पैदा करता है। फिलहाल विभाग अब इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। 

भावी वैद्यों में मानवीय दृष्टिकोण स्थापित करने का कार्य करें प्राध्यापक

भोपाल  उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने कहा है कि स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष 2047 तक भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने में आयुर्वेद का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण होगा। आने वाले समय में, प्रदेश में आयुर्वेद चिकित्सा अग्रणी स्थान पर होगी और इसमें हमारे प्राध्यापकों एवं चिकित्सकों के समर्पण की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी। मंत्री श्री परमार शनिवार को, भोपाल के मानसरोवर समूह के मानसरोवर आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के सभागृह में, फैकल्टी डेवलपमेंट को लेकर आयोजित एकदिवसीय "फैकल्टी डेवलपमेंट कार्यशाला" का शुभारम्भ कर, संबोधित कर रहे थे। आयुष मंत्री श्री परमार ने कहा कि राज्य सरकार ने, प्रदेश में विश्वस्तरीय आयुर्वेद महाविद्यालय खोले जाने का निर्णय लिया है और इसके लिए चिकित्सकों और प्राध्यापकों के पद भी सृजित होंगे। मंत्री श्री परमार ने समस्त आयुर्वेद प्राध्यापकों से आह्वान करते हुए कहा कि भारतीय दर्शन "वसुधैव कुटुंबकम्" के मंत्र को आयुर्वेद की पैथी के माध्यम से विश्वमंच तक पहुंचाएं। मंत्री श्री परमार ने कहा कि भावी आयुर्वेद चिकित्सकों एवं वैद्यों में मानवीय दृष्टिकोण विकसित करने का कार्य करें। विश्व आयुर्वेद परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. महेश कुमार व्यास ने कार्यशाला की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि सही चिकित्सा तभी संभव है जब चिकित्सकों और प्राध्यापकों को सही निर्देशन मिले। प्रमुख वक्ता के रूप में महाराष्ट्र यूनिवर्सिटी ऑफ हैल्थ साइंस के बोर्ड ऑफ रिसर्च के सदस्य डॉ. किरण टवलारे ने योग्यता एवं उत्कृष्टता के परिप्रेक्ष्य में, मुख्य मानचित्रण प्रस्तुत किया। आईजीपी आयुर्वेद कॉलेज, नागपुर की प्राध्यापक डॉ. कल्पना टवलारे ने खेती और उद्देश्यों की दक्षता पर प्रकाश डाला। मानसरोवर आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अनुराग सिंह राजपूत ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। मानसरोवर समूह के आयुर्वेद संचालक डॉ. बाबुल ताम्रकार ने सभी का आभार व्यक्त किया। यह एकदिवसीय कार्यशाला; श्री साईं ग्रामोत्थान समिति, मानसरोवर समूह के मानसरोवर आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज, हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर, श्री साईं इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेदिक रिसर्च एंड मेडिसिन और विश्व आयुर्वेद परिषद् के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई है। कार्यशाला में विश्व आयुर्वेद परिषद् के संरक्षक वैद्य गोपाल दास मेहता, मानसरोवर ग्लोबल यूनिवर्सिटी के कुलगुरु डॉ. ए एस यादव, श्री साईं इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेदिक रिसर्च एंड मेडिसिन की प्राचार्य डॉ. मनीषा राठी, फैकल्टी ऑफ आयुर्वेद के प्राचार्य डॉ. श्रीकांत पटेल, मानसरोवर समूह के चीफ एक्जीक्यूटिव ऑफिसर सचिन जैन सहित देश भर से पधारे 300 से अधिक प्राध्यापक उपस्थित थे।  

रामनगरी अयोध्या बनेगी आर्थिक शक्ति, सालाना 4 लाख करोड़ का योगदान तय

लखनऊ अयोध्या में ध्वजारोहण कार्यक्रम से रामनगरी का गौरव विश्व में अपने व्यापक स्वरूप में आलोकित होने लगेगा। श्रीराम मंदिर की ध्वजा पर भगवान सूर्यदेव विराजमान हैं। सूर्यवंशी प्रभु श्रीराम की नगरी में ध्वजारोहण कार्यक्रम के बाद पर्यटन में तेजी के संकेत मिल रहे हैं। आध्यात्मिकता, प्राचीनता और दैवीय गुणों को समेटे हुए ध्वज की छटा देखने के लिए विश्व से बड़ी संख्या में पर्यटक अयोध्या पहुंचेंगे। इससे अयोध्या के पर्यटन में पहले से ज्यादा उछाल आने वाला है। अयोध्या में जनवरी-जून 2025 के बीच करीब 23 करोड़ पर्यटक आए थे। दिसंबर 2025 तक करीब 50 करोड़ पर्यटकों के शहर पहुंचने की उम्मीद है। पर्यटकों की संख्या में वृद्धि से आने वाले कुछ वर्षों में अयोध्या का पर्यटन 4 लाख करोड़ तक पहुंच जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 2029 तक उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी बनाने को लेकर एक व्यापक कार्ययोजना पर काम कर रहे हैं। अयोध्या का पर्यटन सीएम योगी के इस मिशन को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहा है। अयोध्या उत्तर प्रदेश के जीएसडीपी में अभी 1.5 प्रतिशत योगदान कर रहा है। पर्यटकों की संख्या बढ़ने से अयोध्या की हिस्सेदारी और बढ़ जाएगी। श्रीराम मंदिर बनने के बाद अयोध्या में पर्यटकों का तांता लगा रहता है। राम मंदिर और उससे जुड़े निर्माण कार्य में अब तक लगभग 2150 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुकाे हैं।यहां के होटल, रेस्टोरेंट, दुकानें, टूर एंड ट्रैवेल्स, पूजा सामग्री और प्रसाद के कारोबार रिकॉर्ड तोड़ कमाई कर रहे हैं। अयोध्या में पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए 76 से ज्यादा होटल खुल चुके हैं। निजी क्षेत्र की होटल कंपनियां आईएचसीएल, मैरियट, रैडीशन, कामट, और लेमन ट्री बड़ी मात्रा में निवेश कर रही हैं। देश और दुनिया से आने वाले पर्यटकों की सुख-सुविधा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। 2028 तक उत्तर प्रदेश का पर्यटन सेक्टर 70,000 करोड़ का उद्योग बन जाएगा। इसमें अकेले अयोध्या का योगदान लगभग 25 प्रतिशत होगा। अगर इसी तरह की ग्रोथ पर्यटन क्षेत्र में आगे देखने को मिलती है तो 4 लाख करोड़ राजस्व का टारगेट आसानी से प्राप्त कर लिया जाएगा। अयोध्या में राम मंदिर बनने के बाद तीर्थयात्रा से जुड़े उ‌द्योगों का वार्षिक कारोबार दिनों दिन बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार में केवल आर्थिक विकास ही नहीं हुआ, बल्कि सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूती मिल रही है। उत्तर प्रदेश में मंदिर और उससे जुड़ी गतिविधियों ने उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में करीब 1.25 लाख करोड़ रुपए का योगदान किया है। अयोध्या सिर्फ धार्मिक केंद्र न रहकर आर्थिक क्रियाकलापों का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। रामनगरी की पर्यटन वृद्धि केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के एक बहुआयामी आर्थिक और सामाजिक परिवर्तन की कहानी है। इससे अयोध्या विकास के नए मापदंड स्थापित कर रहा है। अयोध्या में श्रीराम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा के पहले से ही सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में हो रहे दीपोत्सव ने साल दर साल नया कीर्तिमान स्थापित किया और देश-विदेश के श्रद्धालुओं को अयोध्या की तरफ आकर्षित किया। अब अयोध्या में होने वाले ध्वजारोहण कार्यक्रम के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद जताई जा रही है। इससे न केवल स्थानीय व्यापारियों के रोजगार में और वृद्धि होगी, बल्कि लघु उद्यमियों और हस्तशिल्पियों के व्यापार को भी गति मिलेगी।

अवैध घुसपैठ पर बड़ी कार्रवाई: यूपी सरकार बनाएगी खास डिटेंशन सेंटर

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को अवैध घुसपैठ पर त्वरित और सख्त कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की कानून व्यवस्था, राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक समरसता सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक जिला प्रशासन अपने क्षेत्र में रहने वाले अवैध घुसपैठियों की पहचान सुनिश्चित करें और नियमानुसार कार्रवाई शुरू करें। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया है कि घुसपैठियों को रखने के लिए प्रत्येक जनपद में अस्थायी डिटेंशन सेंटर बनाए जाएं। इन केंद्रों में विदेशी नागरिकता के अवैध व्यक्तियों को रखा जाएगा और आवश्यक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने तक वहीं आवास सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि डिटेंशन सेंटर में रखे गए अवैध घुसपैठियों को तय प्रक्रिया के तहत उनके मूल देश भेजा जाएगा। इन केंद्रों में विदेशी नागरिकता वाले अवैध प्रवासियों को रखा जाएगा और आवश्यक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने तक वहीं आवास सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि डिटेंशन सेंटर में रखे गए अवैध घुसपैठियों को तय प्रक्रिया के तहत उनके मूल देश वापस भेजा जाएगा। दरअसल, नेपाल से खुली सीमा साझा करता हैं। जहां दोनों देशों के नागरिक बिना रोक-टोक आ-जा सकते हैं, लेकिन अन्य देशों के लोगों पर जांच लागू होती है। योगी आदित्यनाथ ने तीन नवंबर को बिहार में चुनाव प्रचार के दौरान दावा किया था कि यदि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सत्ता में लौटता है, तो घुसपैठियों को राज्य से बाहर निकाला जाएगा और उनकी संपत्ति गरीबों में बांटी जाएगी। योगी माघ मेले की तैयारियों की समीक्षा के लिए प्रयागराज पहुंचे उधर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को आगामी माघ मेले की तैयारियों की समीक्षा करने और गंगा पूजन करने प्रयागराज पहुंचे। उन्होंने कहा कि सभी सहयोगियों के साथ माघ मेले की तैयारी करने,गंगा पूजन और हनुमान मंदिर में दर्शन पूजन करने का सौभाग्य मिला। उन्होंने कहा कि नौ महीने के बाद मुझे यह अवसर फिर से प्राप्त हुआ है कि मां गंगा का पूजन कर माघ मेले की तैयारी को हम आगे बढ़ा सकें।