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PM मोदी ने G20 मंच से कहा—पुराने विकास मॉडल ने दुनिया को नुकसान पहुंचाया, अब सबके लिए विकास जरूरी

जोहान्सबर्ग  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग पहुंचे, जहां वे 21 से 23 नवंबर तक होने वाले जी-20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं. यह सम्मेलन ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है. शनिवार को उन्होंने सम्मेलन को संबोधित किया.  अफ्रीका की धरती पर पहली बार आयोजित हो रहे जी20 शिखर सम्मेलन ने एक ऐतिहासिक शुरुआत देखी, और उसके उद्घाटन सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक विकास की दिशा बदलने वाले तीन बड़े प्रस्ताव रखे. G20 शिखर सम्मेलन के पहले सत्र में प्रधानमंत्री मोदी ने क्या-क्या कहा? पीएम मोदी ने कहा कि कई दशकों से जी20 दुनिया की अर्थव्यवस्था को आकार देता रहा है, लेकिन वर्तमान विकास मॉडल ने बड़े समुदायों को संसाधनों से वंचित किया है. उन्होंने साफ कहा कि इन मॉडलों ने प्रकृति का अंधाधुंध दोहन बढ़ाया है और सबसे अधिक असर अफ्रीका और ग्लोबल साउथ पर पड़ा है. उन्होंने तीन बड़े प्रस्ताव रखे.  1. ग्लोबल ट्रेडिशनल नॉलेज रिपोजिटरी प्रधानमंत्री ने ऐसी ज्ञान-परंपराओं की बात उठाई जो सदियों से दुनिया के विभिन्न हिस्सों में प्रकृति-संतुलन, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक समरसता को बनाए रखती हैं. उन्होंने कहा कि भारत के “भारतीय ज्ञान प्रणालियां” मॉडल के आधार पर एक वैश्विक पारंपरिक ज्ञान भंडार बननी चाहिए, ताकि टिकाऊ जीवन के इन अनुभवों को संरक्षित कर अगली पीढ़ियों तक पहुंचाया जा सके. 2. जी20 अफ्रीका कौशल गुणक पहल प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अफ्रीका का विकास पूरी दुनिया के हित में है. इसी सोच के साथ उन्होंने “जी20–अफ्रीका कौशल गुणक” का ऐलान किया. यह पहल ट्रेन-द-ट्रेनर्स मॉडल पर आधारित होगी, जिसे सभी G20 देश मिलकर फंड और सपोर्ट करेंगे. लक्ष्य है अगले 10 साल में एक मिलियन प्रमाणित ट्रेनर तैयार करना, जो फिर लाखों युवाओं को कौशल दे सकेंगे. 3. ड्रग-आतंकवाद गठजोड़ का मुकाबला करने पर G20 पहल प्रधानमंत्री ने ड्रग–टेरर नेटवर्क पर भी गहरी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि फेंटानाइल जैसे सिंथेटिक ड्रग पूरी दुनिया में स्वास्थ्य, समाज और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन चुके हैं. इसलिए जी20 को एक संयुक्त अभियान – ड्रग-आतंकवाद गठजोड़ का मुकाबला करने पर G20 पहल शुरू करना चाहिए. यह तस्करी, अवैध वित्तीय नेटवर्क और आतंकी फंडिंग को रोकने में मदद करेगा. पीएम मोदी ने अफ्रीका और ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं को जी20 की मुख्यधारा में लाने की जरूरत दोहराई और कहा कि भारत “एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य” की सोच को आगे ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है. G20 बैठक में बोले पीएम मोदी – अब समय है विकास के नए मानक तय करने का सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा, G20 शिखर सम्मेलन के पहले सत्र में भाषण दिया. यह सत्र समावेशी और टिकाऊ विकास पर केंद्रित था.  उन्होंने कहा कि अफ्रीका पहली बार G20 समिट की मेजबानी कर रहा है, इसलिए अब सही समय है कि हम अपने विकास के पैमानों को फिर से देखें और ऐसा विकास मॉडल अपनाएं जो सबको साथ ले और लंबे समय तक टिक सके. पीएम मोदी ने कहा कि भारत के प्राचीन मूल्यों, खासकर समग्र मानववाद का सिद्धांत, दुनिया को आगे बढ़ने का बेहतर रास्ता दिखाता है. G20 समिट में पीएम मोदी और इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी की मुलाकात दक्षिण अफ्रीका में G20 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से मुलाकात की. यह बातचीत जोहान्सबर्ग में चल रही बहुपक्षीय बैठकों के बीच हुई, जहां दोनों नेताओं ने आपसी मुद्दों पर चर्चा की. पीएम मोदी की कई विश्व नेताओं से मुलाकात G-20 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई विश्व नेताओं से मुलाकात और बातचीत की. G20 में कौन-कौन से देश शामिल हैं? अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राज़ील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, दक्षिण कोरिया, मैक्सिको, रूस, तुर्किये, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका देश शामिल हैं. इसके अलावा दो क्षेत्रीय संगठन भी इस समूह में शामिल हैं – यूरोपीय संघ और अफ्रीकी संघ. 

चुनाव आयोग पर अखिलेश का हमला: बोले— BJP हर चाल चल ले, यूपी-बंगाल में हार तय

लखनऊ  समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शनिवार को चुनाव आयोग (EC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर जमकर हमला बोला। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि आगामी चुनाव को प्रभावित करने के लिए भाजपा और चुनाव आयोग मिलकर सपा के वोट कटवाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि साल 2024 के लोकसभा चुनाव में जहां-जहां इंडिया गठबंधन जीता है, वहां-वहां हर विधान सभा सीट से 50 हजार- 50 हजार वोट काटने की तैयारी है जिससे कि हम जीतने न पाए। इसके बावजूद ये चाहे जो भी कर लें, ये न यूपी जीतेंगे और न ही बंगाल जीत पाएंगे। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने इसके लिए अधिकारियों की टीम को लगा दिया है इसलिए हमें सावधान रहने की जरुरत है। इनके निशाने पर कन्नौज भी आ गया है। ये भाजपा वाले जीतने के लिए कुछ भी कर रहे हैं। प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने कन्नौज की एसडीएम से बातचीत भी सुनवाई। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग उत्तर प्रदेश बंगाल और तमिलनाडु में एसआरआई में सहयोग नहीं कर रहा है। सपा मुखिया ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत विपक्ष के वोटरों का लिस्ट से नाम हटाने की कोशिश नई नहीं है लेकिन अब इसे संगठित ढंग से अंजाम दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी बूथ स्तर पर समीक्षा कर रही है। कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया गया है कि हर वोटर का नाम मतदाता सूची में सही तरीके से दर्ज हो।   अखिलेश यादव ने कहा कि बीएलओ घर-घर नहीं जा रहे हैं। एक ही स्थान पर बैठ कर काम कर रहे हैं। ये शादी का सीजन है फिर भी एसआईआर कराया जा रहा है। सपा की मांग है एसआईआर का समय बढ़ाया जाए और एसओपी जारी की जाए। बीएलओ दलित पिछड़े मुस्लिम, पिछड़े और अति पिछडो के यहां नहीं जा रहे हैं। केवल भाजपा वालों, प्रधान और पार्षद के यहां जा रहे हैं। गणना प्रपत्र मांगने पर बीएलओ कहते हैं मैं आ नहीं पाऊंगा। आप यहां आकर ले लो या फिर कहते हैं कि कहो तो मैं आपको वाट्सअप पर भेज दूं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वर्ष 2003 की मतदाता सूची से काफी संख्या में नाम गायब हैं। चुनाव आयोग कह रहा है 98.4% प्रपत्र बंट चुका है। भाजपा सरकार को बताया फेल अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार को हर मोर्चे पर फेल बताया। तंज कसते हुए कहा कि भाजपा की सरकार में खांसी की दवा मत लेना। पहले 500 एमजी की दवा से बुखार ठीक हो जाता था अब 650 एमजी खाने के बाद भी ठीक नहीं होता। यमुना गंदी, गंगा गंदी। देश में हर नीति फेल है। विदेश नीति फेल है। ये झूठा प्रचार कर रहे हैं। सरकार के अधिकारी भाजपा के पदाधिकारी बनकर काम कर रहे हैं। भाजपा चाहती है कि जनता सीधे अधिकारियों से भीड़ जाए। अखिलेश यादव ने नए श्रम कानूनों पर केंद्र सरकार को घेरा। कहा कि ये उद्योगपतियों के इशारे पर बनाए गए हैं। कुछ कहो तो सरकार कह देगी देश द्रोही है। सपा 2147 का घोषणा पत्र जारी करेगी सपा मुखिया ने कहा कि भाजपा 2047 की बात कर रही है। अरे ये अपना घोषणा पत्र पढ़ लें और उसी पर ही काम कर लें। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा से सीख कर सपा 2147 का घोषणा पत्र जारी करेगी। हम लोगों ने जब सैफई में मंदिर बनवाना शुरू किया तो भाजपा ने इसका विरोध शुरू कर दिया। कोई पुजारी नहीं मिला तो भाजपा कार्यकर्त्ता को खड़ा कराकर उसका विरोध शुरू करा दिया। सपा के पूर्व विधायक पर उसके ही पूर्व कर्मी से 32 हजार रूपये का झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं और साथियों से निवेदन कर रहे हैं कि तैयारी बहुत सूझबूझ से करें और बहुत सूझबूझ से ही चुनाव लड़ना है। हमे कांटे से कांटा निकालने वाली भाजपा की बात को याद रखना है और उसी तरह चुनाव लड़ना होगा, तभी भाजपा को हरा पाएंगे।  

लगभग फाइनल हुआ T20 WC 2026 का ग्रुप—जानें भारत के सामने कौन से दिग्गज होंगे

नई दिल्ली T20 World Cup 2026 के लिए ग्रुप लगभग फाइनल हो गए हैं। 20 टीमें इस टूर्नामेंट में हिस्सा लेंगी, जिनको 5-5 टीमों के ग्रुप में बांटा जाएगा। यही ग्रुपिंग फाइनल हो चुकी है, जिस पर इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल यानी आईसीसी की आधिकारिक मुहर लगना बाकी है। मेजबान टीम इंडिया को आसान सा ग्रुप मिला है, जबकि सह-मेजबान श्रीलंका को थोड़ा सा कठिन ग्रुप मिलने की संभावना है। इंडिया के ग्रुप में पाकिस्तान भी शामिल है। इससे साफ है कि इंडिया और पाकिस्तान के बीच कम से कम एक मैच जरूर होगा।   इंडिया और पाकिस्तान के अलावा क्रिकबज के मुताबिक इस ग्रुप में यूएसए, नामीबिया और नीदरलैंड की टीम है। सिर्फ इंडिया और पाकिस्तान ही इस ग्रुप में टेस्ट प्लेइंग नेशन्स हैं। वहीं, टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सह-मेजबान श्रीलंका को ऑस्ट्रेलिया, जिम्बाब्वे और आयरलैंड के साथ रखा गया है, जबकि ओमान की टीम भी इसमें शामिल होगी। ये सभी टीमें टॉप 20 रैंकिंग की टीमें हैं। इसे ग्रुप ऑफ डेथ कहा जा सकता है। इसमें चार टेस्ट प्लेइंग नेशन हैं। एक अन्य ग्रुप में इंग्लैंड, वेस्टइंडीज, इटली, बांग्लादेश और नेपाल की टीम होगी। इस ग्रुप में तीन टेस्ट प्लेइंग नेशन्स हैं। इसके अलावा साउथ अफ्रीका के ग्रुप में न्यूजीलैंड, अफगानिस्तान, यूएई और कनाडा की टीम है। इस ग्रुप में भी तीन टेस्ट प्लेइंग नेशन्स शामिल हैं। हर ग्रुप की टॉप 2 टीमें सीधे सुपर 8 में पहुंचेंगी। इसके बाद भी दो ग्रुप बनाए जाएंगे, जिसमें जो टीमें टॉप 2 में रहेंगी। उनको फिर सेमीफाइनल खेलने का मौका मिलेगा। 15 फरवरी से दूसरे दौर के मुकाबले शुरू होने की संभावना है। इन शहरों में खेले जाएंगे मुकाबले भारत के मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, दिल्ली और अहमदाबाद में मुकाबले खेले जाएंगे, जबकि श्रीलंका में कोलंबो और कैंडी टी20 वर्ल्ड कप के मैचों की मेजबानी करेंगे। अगर पाकिस्तान की टीम फाइनल में नहीं पहुंची तो फिर फाइनल मुकाबला अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा। कोलंबो को भी एक सेमीफाइनल के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है, लेकिन उसके लिए पाकिस्तान को सेमीफाइनल में प्रवेश करना होगा या फिर कम से कम श्रीलंका को सेमीफाइनल तक का सफर तय करना होगा। T20 World Cup 2026 के लिए संभावित ग्रुप ग्रुप ए) इंडिया, पाकिस्तान, USA, नामीबिया, नीदरलैंड्स। ग्रुप बी) ऑस्ट्रेलिया, श्रीलंका, ज़िम्बाब्वे, आयरलैंड, ओमान। ग्रुप सी) इंग्लैंड, वेस्टइंडीज, इटली, बांग्लादेश, नेपाल। ग्रुप डी) साउथ अफ्रीका, न्यूज़ीलैंड, अफगानिस्तान, UAE, कनाडा।  

ड्रग माफिया पर बड़ी चोट: पंजाब पुलिस ने 250 करोड़ की हेरोइन के साथ तस्कर किया गिरफ्तार

फिरोजपुर  मुख्यमंत्री और डीजीपी पंजाब के दिशा निर्देशों अनुसार पंजाब में चलाए गए युद्ध नशे विरुद्ध अभियान के तहत एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स फिरोजपुर रेंज की पुलिस ने एक नशा तस्कर को पाकिस्तान से मंगवाई गई करीब 50 किलो 14 ग्राम हेरोइन की बड़ी खेप के साथ फिरोजपुर बॉर्डर के साथ लगते सीमावर्ती गांव राओ के हिठाड़ के नजदीक गिरफ्तार किया है।    बताया जाता है कि यह नशा तस्कर हेरोइन की डिलीवरी लेकर पंजाब नंबर की  कार पर जा रहा था तो एंटीनाकोटिक्स टास्क फोर्स फिरोजपुर रेंज को इस बात की गुप्त सूचना मिली थी, जिसके आधार पर कार्रवाई करते हुए एएनटीएफ की टीम ने उसे काबू कर लिया और उसकी कर में से 50 किलो 14 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। पकड़े गए नशा तस्कर की पहचान संदीप सिंह उर्फ सीपा पुत्र छिंदर सिंह वासी गांव चैनार शेर सिंह तलवंडी चौधरी जिला कपूरथला के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार पकड़ी गई हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 250 रुपए करोड रुपए बताई जाती है। इस रिकवरी को लेकर नशा तस्कर के खिलाफ थाना एएनटीएफ  एसएएस नगर मोहाली में एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज किया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है।  पुलिस द्वारा इस बात का भी पता लगाया जा रहा है कि इस हेरोइन को मंगवाने में और किन-किन भारतीय तस्करों का हाथ है और इस हेरोइन की डिलीवरी कहां पर दी जानी थी ?    

एनआईएफटीईएम ने दिया मोटे अनाज से बेकरी उत्पाद निर्माण का जशपुर में प्रशिक्षण

पोषण तत्वों  के साथ ही रोजगार के अवसरों की दी जानकारी रायपुर, एनआईएफ़टीईएम के छात्रों ने मोटे अनाज में पाए जाने वाले फ़ाइबर, मिनरल्स, एंटीऑक्सीडेंट्स के महत्व के साथ ही इनके नियमित उपयोग से होने वाले स्वास्थ्य लाभों पर विस्तार से जानकारी दी। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागी महिलाओं को मोटे अनाज आधारित उत्पादों से होने वाली आमदनी और बाज़ार संभावनाओं के बारे में भी बताया गया। प्रशिक्षण में स्व-सहायता समूह की 25 महिलाओं की रही सहभागिता        हरियाणा के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ फ़ूड टेक्नोलॉजी, एंटरप्रेन्योरशिप एंड मैनेजमेंट द्वारा महुआ पर स्थापित सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस में विगत दिवस मोटे अनाज के पोषण तत्वों और इनके उपयोग से बेकरी उत्पाद बनाने संबंधी हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग आयोजित की गई। इस प्रशिक्षण में स्व सहायता समूह की 25 महिलाओं ने सहभागिता की। मोटे अनाज का उपयोग बढ़ाकर  पोषण स्तर में करना है वृद्धि         कार्यक्रम का उद्देश्य नान खटाई, न्यूट्रीबार, कुकीज़ जैसे बेकरी आइटम्स में मोटे अनाज का उपयोग बढ़ाकर इनके पोषण स्तर में वृद्धि करना और ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करना है। यह प्रशिक्षण जिला प्रशासन के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। स्थानीय समुदायों को खाद्य प्रसंस्करण आधारित उद्यमिता से है जोड़ना           जशपुर में एनआईएफ़टीईएम टीम वैल्यू-एडेड फ़ूड प्रोडक्ट्स के उत्पादन के साथ-साथ पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग के लिए तकनीकी सहायता प्रदान कर रही है। यह पूरी पहल स्थानीय समुदायों को खाद्य प्रसंस्करण आधारित उद्यमिता से जोड़ने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ग्राम अंगीकरण कार्यक्रम के अंतर्गत की जा रही है। इस कार्यक्रम का नेतृत्व प्रो. प्रसन्ना कुमार जी.वी. और श्री अभिमन्यु गौर कर रहे हैं, जबकि यह कार्यक्रम एनआईएफ़टीईएम के डायरेक्टर डॉ. हरिंदर सिंह ओबेरॉय के निर्देशन में संचालित हो रहा है। कार्यक्रम के संचालन और विभिन्न गतिविधियों के समन्वय में मिशन मैनेजर श्री विजय शरण प्रसाद और जय जंगल एफपीसी जशपुर के डायरेक्टर श्री समर्थ जैन महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

घर की हवा होगी और भी साफ, AC-कूलर के लिए आया खास प्रोडक्ट; बजट कीमत ₹1399

नई दिल्ली सर्दी के आते ही दिल्ली-NCR और देश के कई दूसरे इलाकों में हवा का स्तर काफी खराब हो गया है. लोगों को इसकी वजह से स्वास्थ्य से जुड़ी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. घर के बाहर ही नहीं अंदर भी एयर पॉल्यूशन का लेवल काफी ज्यादा है. ऐसे में साफ हवा के लिए आपको एक एयर फ्यूरीफायर खरीदना होगा. क्या हो अगर आपका AC एक एयर प्यूरीफायर की तरह काम करने लगे. एक प्रोडक्ट की मदद से आपका AC एयर प्यूरीफायर में कन्वर्ट हो सकता है.        मार्केट में आपको एक खास कैटेगरी का एयर फिल्टर मिलता है, जो आपके एसी को एयर प्यूरीफायर में बदल सकता है. Airth नाम की कंपनी ऐसे प्रोडक्ट्स बनाती है. इन प्रोडक्ट्स को आप स्प्लिट AC, विंडो AC और यहां तक की कूलर के साथ भी इस्तेमाल कर सकते हैं.         इसके लिए आपको उस कैटेगरी का फिल्टर खरीदना होगा. इन फिल्टर्स को इंस्टॉल करना भी बहुत आसान है. कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर आपको गर्मियों के लिए, सर्दियों के लिए अलग-अलग एयर प्यूरीफायर का विकल्प मिलता है.         मान लीजिए आपके पास एक स्प्लिट एयर कंडीशनर है. ऐसे में आपको Airth का एयर प्यूरीफायर वर्जन खरीदना होगा. आपको इसे एसी के इंडोर यूनिट के ऊपर फिट करना होगा. कंपनी की मानें, तो ये प्रोडक्ट HEPA फिल्टर के साथ आता है, जो 99 परसेंट तक PM2.5 को रोकता है. इसे यूज करने के लिए आपको अपना एयर कंडीशनर फैन मोड में चलाना होगा. स्प्लिट AC के लिए Air Purifier की कीमत 3,199 रुपये है. ये डिवाइस एक इंडीकेटर के साथ आता है, जो बताता है कि आपको अपना फिल्टर कब बदलना चाहिए.         ये कम बजट में आपकी एयर प्यूरीफायर जरूरत को पूरा सकता है. विंडो AC के लिए एयर प्यूरीफायर सिर्फ 1399 रुपये में मिल जाएगा, जबकि कूलर के लिए आपको एयर प्यूरीफायर 2099 रुपये में मिल जाएगा. अगर आप एयर प्यूरीफायर नहीं खरीदना चाहते हैं, तो इसे खरीद सकते हैं.

नए वेज कोड का असर: हाथ में आएगी कम सैलरी, लेकिन PF-ग्रैच्युटी बढ़ेगी

नई दिल्ली  केंद्र सरकार ने नए लेबर लॉ नोटिफाई कर दिए हैं। लेबर लॉ के लागू होने के बाद अब कर्मचारियों के प्रोविडेंट फंड (PF) और ग्रैच्युटी में बड़ा बदलाव तय माना जा रहा है। हालांकि, इन हैंड सैलरी में कमी आ सकती है। नए लेबर लॉ के तहत कर्मचारियों की बेसिक सैलरी उनके कुल कॉस्ट-टू-कंपनी (CTC) का कम से कम 50% होनी चाहिए या उतनी प्रतिशतता जो सरकार आगे नोटिफाई करेगी। इसका सीधा असर PF और ग्रैच्युटी पर पड़ेगा। बता दें कि पीएफ और ग्रैच्युटी की गणना बेसिक सैलरी के आधार पर होती है। बेसिक सैलरी बढ़ने की स्थिति में स्वाभाविक रूप से PF और ग्रैच्युटी का योगदान भी बढ़ जाएगा, जिससे कर्मचारियों की रिटायरमेंट सेविंग्स मजबूत होंगी। हालांकि, एक पहलू यह भी है कि बढ़े हुए PF और ग्रेच्युटी योगदान के चलते कर्मचारियों के हाथ में आने वाली इन-हैंड सैलरी घट जाएगी। एक ही CTC में से बड़ी रकम PF और ग्रैच्युटी में चली जाने के कारण टेक-होम सैलरी पर दबाव बढ़ेगा। बता दें कि सरकार अगले 45 दिनों में वेज कोड के विस्तृत नियम अधिसूचित करेगी। इसके बाद कंपनियों को अपनी सैलरी संरचना में बड़े स्तर पर फेरबदल करना होगा। अभी कितना होता है PF का योगदान PF का योगदान बेसिक वेतन का 12% होता है और ग्रेच्युटी की गणना अंतिम बेसिक सैलरी और कंपनी में पूरे किए गए वर्षों के आधार पर होती है। बेसिक वेतन में बढ़ोतरी के साथ दोनों योगदान स्वाभाविक रूप से बढ़ेंगे। वहीं, यह बदलाव उन कंपनियों पर रोक लगाएगा जो कर्मचारी के रिटायरमेंट फंड में योगदान कम करने के लिए बेसिक सैलरी को बेहद कम रखती थीं। क्या कहते हैं एक्सपर्ट ईटी को इंडियन स्टाफिंग फेडरेशन की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सुचिता दत्ता ने बताया कि रिटायरमेंट सुरक्षा बेहतर होगी लेकिन खर्च संतुलित करने की कोशिश के कारण कर्मचारियों की हाथ में आने वाली सैलरी कम हो सकती है। EY इंडिया के पुनीत गुप्ता के अनुसार, श्रम संहिताओं के लागू होने से ग्रेच्युटी बढ़ना तय है, क्योंकि अब ग्रेच्युटी की गणना वेजेज पर होगी, जिसमें बेसिक के साथ अधिकांश भत्ते भी शामिल होंगे, HRA और कन्वेयंस अलाउंस को छोड़कर। हालांकि, कर्मचारियों के हाथ में आने वाली सैलरी घटने को लेकर चिंता बनी हुई है।  

दो दशक बाद मिला इंसाफ: छात्र सुनील मर्डर केस का मास्टरमाइंड आखिरकार पकड़ा

मैनपुरी  उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले की एक त्वरित अदालत ने 10 वीं कक्षा के एक छात्र की अपहरण कर हत्या किए जाने के करीब 20 साल पुराने मामले में 3 आरोपियों को दोषी करार देते हुए सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई और प्रत्येक दोषी पर 55 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। एक सरकारी वकील ने शनिवार को यह जानकारी दी। तीन दोषियों को आजीवन कारावास, 55 हजार रुपए का जुर्माना जिला शासकीय अधिवक्ता (डीजीसी) पुष्पेंद्र सिंह चौहान ने बीते शनिवार को एक न्यूज एजेंसी को बताया कि अपर सत्र न्यायाधीश (त्वरित अदालत) कुलदीप सिंह ने बचाव पक्ष और अभियोजन पक्ष के वकीलों की सुनवाई के बाद रवि मिश्रा, आक्रोश गुप्ता और योगेंद्र कश्यप को दोषी ठहराया और उन्हें आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई और प्रत्येक दोषी पर 55,000 रुपए का जुर्माना लगाया। उन्होंने बताया कि इस मामले में सह आरोपी शैलेन्द्र यादव और शैलेन्द्र कश्यप के फरार होने के कारण उनके मुकदमे की फाइल अलग कर दी गई। सुनील तोमर हत्याकांड का 20 साल पुराना मामला, आरोपी फरार डीजीसी चौहान ने बताया कि शहर कोतवाली क्षेत्र के पावर हाउस रोड निवासी 10वीं कक्षा का छात्र सुनील तोमर 31 दिसंबर, 2005 की शाम को लापता हो गया था। काफी खोजबीन के बाद भी उसका पता नहीं चल सका। एक जनवरी, 2006 को सुनील का शव जलालपुर गांव के पास मिला। उन्होंने बताया कि मृतक सुनील के भाई दीपू तोमर ने कोतवाली में रवि मिश्रा, आक्रोश गुप्ता, योगेंद्र कश्यप, शैलेंद्र यादव और पावर हाउस रोड निवासी शैलेंद्र कश्यप के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस ने जांच के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। अदालत ने सुनवाई पूरी कर आरोपितों को सजा सुनाई। 

पंजाबी गायक हरमन सिद्धू की माैत: शूटिंग से लाैटते समय ट्रक से टकराई गाड़ी

मानसा (पंजाब)  पंजाबी गायक हरमन सिद्धू की शुक्रवार रात एक सड़क हादसे में माैत हो गई। उनके माैत की खबर से म्यूजिक इंडस्ट्री में शोक की लहर दाैड़ गई है।  शुक्रवार की रात मानसा में ट्रक से उनकी गाड़ी टकराई। वह रात को अपनी शूटिंग से गांव ख्याला कलीं लौट रहे थे। रात करीब 12 बजे उनकी गाड़ी एक ट्रक से जा टकराई जिस दौरान उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हरमन सिद्धू ने पेपर में प्यार उठोजी तुहाड़ी जान गुड मॉर्निंग कैंदी है समेत कई  हिट गाने गए थे। पंजाबी गायिका मिस पूजा के साथ उनके गाने काफी प्रसिद्ध हुए थे। पुलिस द्वारा शव को परिजनों को साैंप दिया गया है। 

डॉक्टर की ‘ना-खड़े होने’ वाली घटना पर बवाल, हाई कोर्ट ने सुनाया कड़ा निर्णय

हरियाणा पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट ने कोविड ड्यूटी पर तैनात सरकारी डॉक्टर के खिलाफ केवल इसलिए कार्रवाई किए जाने पर निराशा जताई, क्योंकि वह इमरजेंसी वार्ड में विधायक के आने पर खड़ा नहीं हुआ था। अदालत ने कहा कि यह राज्य का असंवेदनशील और बेहद चिंताजनक रवैया दिखाता है। जज अश्विनी कुमार मिश्रा और जज रोहित कपूर की पीठ ने कहा कि समर्पित चिकित्सीय पेशेवरों के साथ होने वाली ऐसी अवांछित घटनाओं पर रोक लगनी चाहिए। अदालत ने हरियाणा के अधिकारियों को निर्देश दिया कि डॉक्टर को स्नातकोत्तर चिकित्सीय पाठ्यक्रम के लिए जरूरी अनापत्ति प्रमाणपत्र तुरंत जारी किया जाए। उसने राज्य पर 50,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया।   याचिकाकर्ता डॉ. मनोज हरियाणा सरकार के कैजुअल्टी मेडिकल ऑफिसर थे और कोविड-19 महामारी के दौरान सरकारी अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में ड्यूटी पर थे। डॉक्टर की याचिका के अनुसार, एक दिन अस्पताल का निरीक्षण करने आए विधायक इस बात पर नाराज हो गए कि डॉक्टर ने उनके आने पर उठकर उनका अभिवादन नहीं किया। इसके बाद राज्य सरकार ने 2016 के हरियाणा सिविल सर्विसेज नियमों के तहत चिकित्सक को मामूली सजा देने का प्रस्ताव रखा और उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया। डॉ. मनोज ने जून 2024 में अपना जवाब दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि वह विधायक को पहचान नहीं पाए थे। इसलिए वह खड़े नहीं हुए और उन्होंने ऐसा जानबूझकर नहीं किया था। कोर्ट ने अपने फैसले में क्या कहा डॉक्टर के अनुसार, आज तक इस मामले में कोई अंतिम आदेश पारित नहीं किया गया है। अदालत ने कहा, ‘हमें राज्य की ओर से उठाए गए इस कदम पर आश्चर्य और निराशा है कि कोविड काल के दौरान आपातकालीन ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर को केवल इसलिए नोटिस जारी किया गया, क्योंकि वह विधायक के आने पर खड़े नहीं हुए। किसी डॉक्टर से यह उम्मीद करना कि वह इमरजेंसी वार्ड में विधायक के आने पर खड़ा हो और ऐसा न करने पर उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करना बेहद व्यथित करने वाला है।’ पीठ ने कहा कि हमारी नजर में इस तरह के आरोप पर चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई करना राज्य की असंवेदनशीलता दिखाता है। उसने कहा कि चिकित्सक को एनओसी न देकर उसे उच्च शिक्षा के अधिकार से वंचित रखा पूरी तरह मनमाना रवैया है। 'ऐसी घटनाओं पर सख्ती से रोक लगे' अदालत ने कहा, ‘हमें दुख के साथ यह कहना पड़ रहा है कि अखबारों में अक्सर समाचार आते हैं कि मरीजों के परिजन या जनप्रतिनिधि चिकित्सकों के साथ बिना किसी ठोस कारण के दुर्व्यवहार करते हैं। अब समय आ गया है कि ऐसी अवांछित घटनाओं पर सख्ती से रोक लगाई जाए और ईमानदार डॉक्टरों को पर्याप्त सम्मान दिया जाए।’ अदालत ने कहा कि राज्य सरकार चिकित्सक को तुरंत एनओसी जारी करे। उसने कहा कि याचिका स्वीकार की जाती है और राज्य सरकार को 50 हजार रुपये का जुर्माना PGIMER, चंडीगढ़ के गरीब मरीज कल्याण कोष में जमा करना होगा।