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पोस्टरों पर कालिख पोतने का मामला तूल पकड़ा, नूंह पुलिस ने पांच आरोपियों को दबोचा

नूंह  नूंह के नए बस स्टैंड पर कांग्रेस के कुछ युवा कार्यकर्ताओं द्वारा सरकारी बसों पर लगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सैनी के पोस्टरों पर कालिख पोतने का मामला तूल पकड़ गया है। घटना के तुरंत बाद शहर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पाँच युवकों को गिरफ़्तार किया है। पुलिस के अनुसार हिरासत में लिए गए युवकों की पहचान हारिस पुत्र जाकिर निवासी बिसरू, आमिर पुत्र नूर मोहम्मद निवासी आकेड़ा, वासिद पुत्र शमसुद्दीन निवासी चंदेनी, अफाक पुत्र इलियास निवासी सालाहेडी और यूथ कांग्रेस के जिला अध्यक्ष मुबीन पुत्र पलटू निवासी तेड के रूप में हुई है। सभी पर आरोप है कि उन्होंने बस स्टैंड पर खड़ी सरकारी बसों पर लगे पीएम और सीएम के पोस्टरों पर कालिख पोती। हरियाणा रोडवेज़ के ड्राइवर कासम की शिकायत पर पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा डालने समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। गिरफ्तार युवकों ने पुलिस को बताया कि 19 नवंबर की रात उन्हें जिला अध्यक्ष मुबीन तेडीया का फोन आया था। उन्होंने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष यूथ कांग्रेस निशित कटारिया और अन्य पदाधिकारी 20 नवंबर को नूंह आने वाले हैं और बस स्टैंड पर कार्यक्रम रखा गया है। युवकों के अनुसार जब वे बस स्टैंड पहुँचे तो वहाँ प्रदेश अध्यक्ष निशित कटारिया, सह प्रभारी प्रियंका चंडाल और कई यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता पहले से मौजूद थे। बताया गया कि कटारिया अपने साथ काली स्प्रे लेकर आए थे और उसी से सरकारी बसों पर लगे पोस्टरों पर कालिख पोती गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची, बसों की जांच की और आरोपियों को मौके से हिरासत में ले लिया। इस घटना के बाद स्थानीय राजनीतिक माहौल भी गर्म हो गया है। भाजपा समर्थक इसे सरकारी संपत्ति का अपमान बता रहे हैं, जबकि कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि युवाओं पर की गई कार्रवाई पक्षपातपूर्ण और मनमानी है।

25 साल का गौरव: झारखंड विधानसभा की रजत जयंती पर सम्मान समारोह का आयोजन

रांची झारखंड विधानसभा आज अपनी स्थापना का रजत जयंती समारोह (25 वर्ष) मना रही है। राज्य गठन के बाद से विधानसभा ने 25 वर्षों की एक बड़ी यात्रा पूरी की है। इस विशेष अवसर पर रांची स्थित विधानसभा परिसर में एक भव्य समारोह का आयोजन किया जा रहा है। शहीदों के परिजन और खिलाड़ी होंगे सम्मानित राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार, स्पीकर रबीन्द्र नाथ महतो, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी सहित तमाम मंत्रियों और विधायकों की उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रम में नक्सल अभियान में शहीद पुलिस कर्मियों और सैनिकों की पत्नी या अन्य आश्रितों तथा सामाजिक क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया जाएगा। शाम में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन होगा। प्रसिद्ध गायक रूप कुमार राठौर अपनी प्रस्तुति देंगे। हास्य कवि डॉ. दिनेश बावरा तथा हास्य कलाकार रवींद्र जानी भी उपस्थित लोगों को गुदगुदाएंगे। पूर्व विधायकों को भी दिया जाएगा विशेष सम्मान इस समारोह में राज्य के पदक विजेता खिलाड़ियों, पूर्व विधानसभा अध्यक्षों और पूर्व विधायकों को भी समारोह में विशेष सम्मान दिया जाएगा। साथ ही उत्कृष्ट विधायक के रूप में राज सिन्हा तथा विधानसभा के छह उत्कृष्ट कर्मियों को भी सम्मानित किया जाएगा।  

सांसों पर संकट! दिल्ली-NCR में प्रदूषण रोकने को GRAP में बड़ा बदलाव

नई दिल्ली  दिल्ली एनसीआर और आसपास के इलाकों के लिए कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) में बड़े बदलाव किए हैं। CAQM ने प्रदूषण नियंत्रण के उपायों को एक स्टेज पहले कर दिया है। यानी, जो पाबंदियां पहले सबसे खराब हवा होने पर लगती थीं, अब वे उससे थोड़ी बेहतर हवा होते ही लागू हो जाएंगी। इस आदेश के मुताबित ग्रैप IV के तहत 'गंभीर' एक्यूआई के लिए लागू किए जाने वाले उपाय ग्रैप 3 के तहत लागू किए जाएंगे।  सीएक्यूएम की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक GRAP IV के तहत उपाय अब GRAP III के तहत लागू होंगे, इसलिए एनसीआर राज्य सरकारें यह तय करेंगी कि क्या सरकारी, नगर निगम और प्राइवेट ऑफिसों में 50 फीसदी कर्मचारियों को घर से काम (Work From Home) करने को कहा जा सकता है। वहीं केंद्र सरकार, केंद्र सरकार के ऑफिसों में कर्मचारियों को घर से काम करने की अनुमति देने पर निर्णय ले सकती है। इस बीच, GRAP की समय-सारिणी में बदलाव का निर्देश देते हुए, वर्तमान में GRAP चरण II के तहत उपाय GRAP चरण I के अंतर्गत किए जाएंगे। अब GRAP I के तहत, बिजली की सप्लाई बिना रुकावट के सुनिश्चित की जाएगी ताकि लोग जनरेटर न चलाएं। ट्रैफिक जाम कम करने के लिए सिग्नल पर ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात होंगे और पब्लिक ट्रांसपोर्ट (बस/मेट्रो) बढ़ाए जाएंगे। इसी तरह GRAP III के उपाय GRAP II के तहत लागू किए जाएंगे। नए GRAP II में, दिल्ली सरकार और एनसीआर राज्य सरकारें दिल्ली और गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर जिलों में सरकारी ऑफिसों और नगर निकायों के समय में बदलाव करेंगी। राज्य सरकारें एनसीआर के अन्य क्षेत्रों में सराकरी कार्यालयों और नगर निकायों के समय में बदलाव करने का निर्णय ले सकती हैं।  

नजर उतारने का आसान तरीका: कपूर करेगा तुरंत असर

भारतीय संस्कृति और ज्योतिष में बुरी नजर को एक वास्तविक समस्या माना जाता है। जब कोई व्यक्ति ईर्ष्या या अत्यधिक प्रशंसा के भाव से किसी बच्चे को देखता है, तो उसकी नकारात्मक ऊर्जा बच्चे पर असर डाल सकती है। इससे बच्चा अचानक रोने लगता है, चिड़चिड़ा हो जाता है, बीमार हो जाता है या खाना-पीना छोड़ देता है। ऐसे में, कपूर को सबसे शक्तिशाली और तुरंत असर करने वाले उपायों में से एक माना जाता है। कपूर की शुद्ध और तीव्र गंध तथा उसकी जलने पर निकलने वाली ऊर्जा नकारात्मक शक्तियों को तुरंत निष्क्रिय करने की क्षमता रखती है। कपूर और लौंग से नजर उतारना कपूर के टुकड़े को मिट्टी के दीपक या आरती की थाली में रखें। उस पर दो साबुत लौंग रखें। बच्चे को गोदी में लें या उसे सीधे खड़ा करें। जलते हुए कपूर को बच्चे के सिर से लेकर पैर तक घड़ी की सुई की दिशा में 7 बार घुमाएं। हर बार घुमाते समय मन ही मन भगवान से बच्चे की नजर उतारने और उसे बुरी शक्तियों से बचाने की प्रार्थना करें। नजर उतारने के बाद, जलते हुए कपूर को बच्चे से दूर, घर के मुख्य द्वार के बाहर या बालकनी में खुली हवा में रख दें, जहां वह पूरी तरह जल जाए। कपूर पूरी तरह से जलकर खत्म हो जाता है। यह प्रतीकात्मक रूप से यह दर्शाता है कि बच्चे पर लगा नजर दोष या नकारात्मक ऊर्जा पूरी तरह से जलकर समाप्त हो गई है। कपूर का शुद्धिकरण स्नान बच्चे के नहाने के पानी में कपूर का एक छोटा टुकड़ा डाल दें और उसे घुलने दें। यदि चाहें, तो नारियल तेल की कुछ बूंदें भी मिला सकती हैं। इस पानी से बच्चे को स्नान कराएं। कपूर की ऊर्जा पानी के माध्यम से बच्चे के आभा मंडल को शुद्ध करती है और शरीर पर जमी नकारात्मकता को धो देती है। कमरे में कपूर का निरंतर प्रयोग बच्चे के कमरे में किसी कोने में कपूर का एक छोटा टुकड़ा किसी मिट्टी के पात्र में रखें। प्रतिदिन सुबह और शाम पूजा के दौरान कपूर और दो लौंग जलाकर उसकी धूप पूरे घर में, खासकर बच्चे के कमरे में दिखाएं। कपूर की सुगंध घर की नेगेटिविटी को खत्म करती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है, जिससे बच्चा खुश और स्वस्थ रहता है।

‘धान बेचने में कोई समस्या नहीं’-किसान सेत राम

किसानों की सुविधा के लिए केंद्रों में माइक्रो एटीएम सहित सभी व्यवस्थाएँ उपलब्ध रायपुर, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार राज्य के सभी 33  जिले के धान खरीदी केंद्रों में धान खरीदी का कार्य सुचारू, व्यवस्थित और तेज़ी से जारी है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी पंजीकृत किसानों का धान प्राथमिकता से खरीदा जाए, ताकि किसी किसान को असुविधा न हो।         जशपुर के किसान सेत राम आज कुनकुरी विकासखंड के ग्राम नारायणपुर धान खरीदी केंद्र पहुँचे और अपना टोकन कटवाकर 42 क्विंटल धान की बिक्री की। उन्होंने खरीदी केंद्र की व्यवस्थाओं पर संतुष्टि व्यक्त करते हुए कहा कि “धान बेचने में किसी भी प्रकार की कोई समस्या नहीं आई। इस वर्ष पूरी व्यवस्था पहले से अधिक सुव्यवस्थित है।” टोकन जारी करने की ऑनलाइन व्यवस्था         किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए केंद्रों में टोकन जारी करने की ऑनलाइन व्यवस्था, माइक्रो एटीएम सुविधा, पर्याप्त बारदाना, शुद्ध पेयजल, बैठने की व्यवस्था और अन्य सभी आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। माइक्रो एटीएम सुविधा—किसानों के लिए बड़ी राहत          छत्तीसगढ़ सरकार ने धान उपार्जन केंद्रों में माइक्रो एटीएम की सुविधा उपलब्ध कराई है, जिसके माध्यम से किसान 2,000 रुपये से 10,000 रुपये तक की राशि तुरंत निकाल सकते हैं। इस सुविधा से किसानों को बैंक जाकर कतार में लगने की आवश्यकता नहीं पड़ती और धान बेचने के तुरंत बाद आवश्यक नकद उपलब्ध हो जाता है।

चुनाव आयोग पर CM मान का हमला, SIR विवाद को लेकर उठाई त्वरित समाधान की मांग

चंडीगढ़  मुख्यमंत्री मान ने संवाददाताओं से कहा, “देश भर में आपत्तियां उठाई गई हैं… चुनाव आयोग को इन मुद्दों पर जवाब देना चाहिए.” उन्होंने सवाल उठाया, “भारत का चुनाव आयोग सबूत क्यों मांग रहा है? अगर आपत्तियां उठाई गई हैं, तो उनका जवाब देना आयोग की जिम्मेदारी है.” क्या है SIR प्रक्रिया? SIR एक प्रक्रिया होती है जिसमें मतदाता सूची को सही और साफ रखने के लिए लोगों की जानकारी की दोबारा जांच की जाती है. इसमें नाम, पता, उम्र आदि को लेकर लोग आपत्ति कर सकते हैं. कई राजनीतिक दल और नागरिक अभी इस प्रक्रिया में हुई गड़बड़ियों की शिकायत कर रहे हैं. मुख्यमंत्री मान ने कहा कि चुनाव आयोग को चाहिए कि वह इन आपत्तियों को जल्दी से निपटाए, ताकि मतदाता सूची को अंतिम रूप देने में किसी प्रकार की देरी न हो. उन्होंने कहा कि आपत्तियों का समाधान करना आयोग की प्राथमिक जिम्मेदारी है, न कि सबूतों की मांग करना. देश के कई हिस्सों में SIR को लेकर विवाद बढ़ रहे हैं, इसी वजह से मान ने चुनाव आयोग से सार्वजनिक हित में तुरंत कार्रवाई करने की अपील की.

CJI के आदेश की अनदेखी?—तुच्छ चूक पर 28 दिन जेल की सजा, SC ने अधिकारियों को लताड़ा

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि अदालत के आदेश में किसी तुच्छ चूक का हवाला देकर उसकी अवहेलना करना पूरी तरह अनुचित है। यह टिप्पणी उस मामले की सुनवाई के दौरान की गई जिसमें उत्तर प्रदेश की जेल प्रशासन ने एक अंडरट्रायल कैदी की रिहाई 28 दिनों तक रोके रखी, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के जमानत आदेश में एक उपधारा (i) का जिक्र छूट गया था, हालांकि बाकी सभी विवरण पूरी तरह स्पष्ट थे। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, आफताब नामक आरोपी को उत्तर प्रदेश अवैध धर्मांतरण निषेध अधिनियम के तहत बुक किया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने 29 अप्रैल 2025 को उसे जमानत दी थी। आदेश में धारा 5(i) के स्थान पर केवल धारा 5 लिखा गया था। इस मामूली चूक के आधार पर जेल अधिकारियों ने उसकी रिहाई रोक दी और वह 27 मई तक जेल में बंद रहा। जून 2025 में, सुप्रीम कोर्ट ने इस देरी पर कड़ी नाराजगी जताते हुए यूपी सरकार को आफताब को 5 लाख रुपये की अंतरिम क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया था। साथ ही, कोर्ट ने गाजियाबाद के प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज को मामले की विस्तृत जांच करने का निर्देश दिया। जांच रिपोर्ट पर सुप्रीम कोर्ट की नाराजगी 17 नवंबर को जब यह मामला जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस के.वी. विश्वनाथन की बेंच के सामने आया, तो उन्होंने जांच रिपोर्ट का वह हिस्सा देखकर आश्चर्य व्यक्त किया जिसमें देरी के लिए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (ADJ) जुनैद मुजफ्फर को पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया गया था। जस्टिस पारदीवाला ने अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी से तीखा सवाल पूछा- जब आदेश सुप्रीम कोर्ट का था, तो देरी के लिए ADJ को कैसे जिम्मेदार ठहराया जा सकता है? वह तो केवल हमारे आदेश का अनुपालन कर रहे थे। सिर्फ इसलिए कि धारा 5 की उपधारा (i) नहीं लिखी थी, व्यक्ति को 28 दिन तक जेल में क्यों रखा गया? ASG भाटी ने कहा कि मुद्दा तब सुलझा जब आरोपी ने आदेश संशोधन के लिए आवेदन दिया। इस पर बेंच ने असहमति जताई। ‘कार्यपालिका न्यायालय के आदेशों पर बैठ गई’ : जस्टिस विश्वनाथन जस्टिस के.वी. विश्वनाथन ने कड़े शब्दों में कहा- यह तो कार्यपालिका का न्यायिक आदेशों पर बैठ जाना है। बिल्कुल बेहूदा बहाना- यह कैसे स्वीकार्य हो सकता है कि यदि CJI जमानत दे दें और कोई उपधारा छूट जाए, तो सरकार उसे लागू न करे? जब अपराध संख्या, आरोपी का नाम, पुलिस स्टेशन और सब कुछ स्पष्ट था, तो ऐसी देरी क्यों? कोर्ट ने ADJ की राय मांगी बेंच ने कहा कि किसी अधिकारी को दोषी ठहराने से पहले उसकी बात सुनना जरूरी है। इसलिए कोर्ट ने आदेश दिया कि ADJ जुनैद मुजफ्फर अपनी लिखित टिप्पणियां दाखिल करें, खासकर जांच रिपोर्ट के पैरा 8 पर, जिसमें उन्हें पूरी तरह दोषी बताया गया है। कोर्ट ने कहा- जब सर्वोच्च न्यायालय, वह भी मुख्य न्यायाधीश की पीठ, कोई आदेश पारित करती है, तो अधिकारियों का तुच्छ त्रुटियों के आधार पर आदेश को नजरअंदाज करना बिल्कुल उचित नहीं है। यह अदालत इस चूक को गंभीरता से देख रही है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने रजिस्ट्री को आदेश दिया कि अधिकारी से टिप्पणी जल्द से जल्द मंगाई जाए और मामला अगली सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाए। अब यह मामला 8 दिसंबर को फिर से सुप्रीम कोर्ट में सुना जाएगा, जहां यह स्पष्ट होगा कि देरी के वास्तविक कारण क्या थे, और दोष किसका है- जेल प्रशासन का, पुलिस का, या किसी अन्य स्तर पर लापरवाही हुई।

कृषि मंत्री विश्व मात्स्यिकी दिवस पर आयोजित कृषक संगोष्ठी में हुए शामिल

रायपुर, कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा मछलीपालन मंत्री रामविचान नेताम आज विश्व मात्स्यिकी दिवस पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर स्थित कृषि मंडपम सभागार में आयोजित एक दिवसीय मत्स्य कृषक संगोष्ठी में शामिल हुए। उन्होंने संगोष्ठी को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रति वर्ष 21 नवंबर को विश्व मात्स्किी दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य मत्स्य पालन के महत्व, मछुआ समुदाय के अधिकारों, आर्थिक आजिविका, खाद्य सुरक्षा, सांस्कृतिक विरासत एवं समुदाय सशक्तिकरण हेतु जागरूकता लाना है। श्री नेताम ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण कर रजत जयंती मना रहा है। राज्य में प्राकृतिक रूप से मछली पालन के स्त्रोत प्रचूर मात्रा में उपलब्ध है। मत्स्य किसानों के विकास के लिए आवश्यकता है केवल नवीन तकनीक, मानव कौशल विकास, आर्थिक प्रोत्साहन एवं सहायता की। मत्स्य बीज उत्पादन में राज्य देश में 6 वें स्थान पर कृषि मंत्री नेताम ने बताया कि शासन ने राज्य निर्माण के पश्चात राज्य एवं केन्द्र की विभिन्न योजनाओं जैसे कि राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, नील काति, प्रधान मंत्री मत्स्य संपदा योजना आदि के माध्यम से मछली पालन विकास के सतत् प्रयास किया जा रहा है। वर्तमान में राज्य में कुल 1,30,001 जल स्त्रोत (2.039 लाख हेक्टेयर) उपलब्ध है जिनमें 98 प्रतिशत् में किसी न किसी रूप में मत्स्य पालन हो रहा है। 3571 किलोमीटर का नदीय जलक्षेत्र भी उपलब्ध है। सघन मत्स्य पालन हेतु अतिरिक्त जलक्षेत्र निर्मित किया जा रहा है, अब तक कुल 7580 हेक्टर जलक्षेत्र निजी क्षेत्र में अतिरिक्त निर्मित हो चुका है। मछली पालन हेतु गुणतत्ता युक्त मत्स्य बीज एक आधारभूत आवश्यकता है। राज्य को मत्स्य बीज के क्षेत्र में अग्रणी बनाने हेतु निरंतर प्रयास जारी है। अब तक कुल 82 नवीन हैचरी निर्मित कर 120 हैचरियों के माध्यम से 583 करोड़ मत्स्य बीज प्रति वर्ष उत्पादित हो रहा है, एवं राज्य देश में 6 वें स्थान पर है। हमारा राज्य मत्स्य बीज उत्पादन में न सिर्फ आत्मनिर्भर हुआ अपितु अन्य राज्यों को निर्यात भी हो रहा है। मंत्री नेताम ने कहा कि विपणन व्यवस्था को सुदृढ बनाने एवं उपभोक्ता तक ताजी मछली पहुंचाने के लिए 1008 मोटर साइकल, आईस बॉक्स, 10 थी व्हीलर एवं 05 इन्सुलेटेड ट्रक, 114 वाहन (लाइव फिश वेडिंग सेन्टर) वितरित किए गए। रायपुर दुर्ग बिलासपुर एवं जांजगीर में थोक मत्स्य बाजार की स्थापना की गई। मंत्री श्री नेताम ने इस मौके पर मछुआ संघ की ओर से हितग्राहियों को लाभांश राशि का चेक प्रदान किया। मत्स्य पालन बेरोजगारी दूर करने का सशक्त साधन कार्यक्रम को छत्तीसगढ़ राज्य मछुआ बोर्ड के अध्यक्ष भरत मटियारा और रायपुर ग्रामीण विधायक मोतीलाल साहू ने भी सम्बोधित किया। मछलीपालन पालन विभाग के संचालक एमएस नाग ने अपने स्वागत भाषण में बताया कि भारत के मध्यस्थल पर स्थित प्राकृतिक संसाधनों से परिपूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य में मत्स्य पालन विकास काफी प्रगति पर है। राज्य में उपलब्ध जल संसाधन की दृष्टि से मछली पालन एक विशिष्ट स्थान रखता है, राज्य की भौगोलिक एवं कृषि जलवायु स्थितियां भी मछलीपालन हेतु उपयुक्त है। यह ग्रामीण क्षेत्रों की बेरोजगारी दूर करने का सशक्त साधन है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी वर्ग के प्रगतिशील मछुआरों को मछलीपालन की आधुनिक तकनीकी पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 1840 प्राथमिक मत्स्य सहकारी समितियों के माध्यम से 63 हजार 280 सदस्य मत्स्य पालन कर रहे हैं। संगोष्ठी में मछुआ कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष डॉ. लखन लाल धीवर, छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष नेहरू निषाद, मछुआ कल्याण बोर्ड के भूतपूर्व अध्यक्ष बसंत तारख और रामकृष्ण धीवर सहित बड़ी संख्या में मत्स्य किसान शामिल थे।

थरूर का इशारा किस ओर? ट्रंप–मामदानी मुलाकात के बाद कांग्रेस में नई हलचल

नई दिल्ली कांग्रेस सांसद शशि थरूर (Shashi Tharoor) ने शनिवार को संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और न्यूयॉर्क शहर के मेयर ज़ोहरान मामदानी के बीच हुई मुलाकात पर प्रतिक्रिया व्यक्त की। न्यूयॉर्क मेयर चुनाव से पहले ट्रंप और मामदानी दोनों ने एक-दूसरे पर खूब निशाना साधा था, लेकिन वाइट हाउस में शुक्रवार को हुई उनकी मुलाकात सौहार्दपूर्ण रही। मुलाकात के एक वीडियो क्लिप पर प्रतिक्रिया देते हुए थरूर ने कहा कि लोकतंत्र को ऐसे ही काम करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वह भारत में इस तरह का माहौल देखना पसंद करेंगे।   थरूर ने एक्स पर लिखा, "चुनावों में अपने दृष्टिकोण के लिए जोश के साथ लड़ें। बिना किसी अलंकारिक रोक के विरोध किया। लेकिन एक बार जब चुनाव खत्म हो जाए और जनता अपना फैसला सुना चुकी हो तो उस राष्ट्र के सामान्य हित में एक-दूसरे के साथ सहयोग करना सीखें। जनता की सेवा करने के लिए आप दोनों प्रतिबद्ध हैं।" उन्होंने आगे कहा कि वह भारत में भी यही समीकरण तैयार करने के लिए अपनी तरफ से प्रयास कर रहे हैं। ट्रंप ने की मेयर मामदानी की तारीफ ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के बाद ट्रंप ने कहा कि मुलाकात बहुत ही उत्पादक रही और उम्मीद जताई कि न्यूयॉर्क को एक महान मेयर मिलेगा। ट्रंप ने मामदानी की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि डेमोक्रेट नेता अच्छा काम करेंगे और कुछ रूढ़िवादी लोगों को आश्चर्यचकित करेंगे। जब एक रिपोर्टर ने मामदानी से पूछा कि क्या वह इस बात की पुष्टि करेंगे कि ट्रंप फासीवादी हैं तो अमेरिकी राष्ट्रपति ने मजाकिया लहजे में कहा कि मेयर हां में जवाब दे सकते हैं। ट्रंप ने कहा, "यह ठीक है। आप कह सकते हैं। यह समझाने से आसान है। मुझे कोई आपत्ति नहीं है।" आपको बता दें कि थरूर की कुछ टिप्पणियों ने अतीत में कांग्रेस पार्टी के भीतर हलचल पैदा कर दी थी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा करना था। एक्स पर एक पोस्ट में थरूर ने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रामनाथ गोयनका व्याख्यान एक आर्थिक दृष्टिकोण और सांस्कृतिक आह्वान दोनों के रूप में कार्य करता है। उन्होंने कहा कि बुखार और खांसी से जूझने के बावजूद उन्हें भाषण के दौरान दर्शकों में शामिल होकर खुशी हुई। उनके इस बयान से उनकी अपनी पार्टी के भीतर तीखी आलोचना हुई। कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने उन्हें पाखंडी कहा, जबकि सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि उन्हें पीएम के भाषण में प्रशंसा के योग्य कुछ भी नहीं मिला।  

यमुनानगर में सीजन की पहली घनी धुंध, हाईवे पर वाहनों की रफ्तार थमी

यमुनानगर  यमुनानगर में सर्दी ने दस्तक दे दी है और इस सीजन की पहली घनी धुंध ने पूरे जिले को अपनी सफेद चादर में समेट लिया। गुरुवार सुबह लोगों ने जैसे ही घरों से बाहर कदम रखा, हवा में ठंडक और नमी ने साफ संकेत दे दिया कि मौसम अब पूरी तरह बदल चुका है। धुंध के कारण हाईवे सहित कई स्थानों पर विजिबिलिटी काफी कम रही, जिसके चलते वाहन चालकों को धीमी गति से सफर करना पड़ा। मौसम में बदलाव का अहसास सुबह के समय ठंडी हवा और गाढ़ी नमी ने लोगों को सर्दियों के आगमन का एहसास कराया। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है। धुंध के कारण सड़क हादसों की आशंका बढ़ने की वजह से प्रशासन ने भी वाहन चालकों से सावधानी बरतने की अपील की है। किसानों के लिए वरदान साबित हो रही धुंध  किसानों के लिए यह धुंध किसी वरदान से कम नहीं है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि धुंध से बनने वाली नमी रबी की फसलों—विशेषकर गेहूं और सरसों—के लिए काफी फायदेमंद है। इससे जमीन की नमी बरकरार रहती है और फसलों को प्राकृतिक सुरक्षा मिलती है, जिससे उपज में सुधार की संभावना बढ़ जाती है। प्रदूषण स्तर में भी गिरावट धुंध और ठंडक के कारण प्रदूषण स्तर में भी हल्की गिरावट देखी गई है। नमी और ठंड हवा में मौजूद प्रदूषक कणों को नीचे बैठने में मदद करती है, जिससे वातावरण कुछ हद तक साफ महसूस होता है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि यह अस्थायी सुधार है। शांत और सुकूनभरी शुरुआत कुल मिलाकर, यमुनानगर में पड़ी इस पहली घनी धुंध ने सर्दी के मौसम की शांत और सुकूनभरी शुरुआत कर दी है। जहां एक ओर यह लोगों को सावधानी बरतने का संदेश दे रही है, वहीं किसानों के लिए उम्मीद की किरण बनकर आई है।