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YouTube में जल्द आने वाला नया फीचर: डायरेक्ट चैट और वीडियो शेयर करना हुआ आसान

नई दिल्ली YouTube फिर से प्राइवेट इन-ऐप मैसेजिंग की वापसी की ओर बढ़ रहा है। छह साल पहले बंद किया गया यह फीचर अब दोबारा टेस्टिंग में है। प्लेटफॉर्म ने आयरलैंड और पोलैंड में 18+ यूजर्स के लिए एक नया वीडियो-शेयरिंग और चैट सिस्टम रोल आउट करना शुरू कर दिया है, जो ऐप के भीतर ही कंटेंट शेयरिंग को आसान और इंटरऐक्टिव बनाने का प्रयास है। कैसे काम करेगा नया फीचर? YouTube के अनुसार, टेस्ट में शामिल यूजर्स ऐप में मौजूद शेयर बटन पर टैप करके एक फुल-स्क्रीन चैट विंडो खोल सकेंगे। यहां से वे: लंबे वीडियो, शॉर्ट्स और लाइवस्ट्रीम सीधे शेयर कर सकेंगे वन-ऑन-वन और ग्रुप चैट शुरू कर पाएंगे टेक्स्ट, इमोजी और दूसरे वीडियो के साथ रिप्लाई कर पाएंगे कंपनी का कहना है कि यह फीचर यूजर्स की सबसे लोकप्रिय मांगों में से एक रहा है, इसलिए इसे दोबारा आजमाया जा रहा है। इससे यूजर्स को अब वीडियो शेयर करने के लिए WhatsApp या Instagram जैसे अन्य ऐप पर स्विच नहीं करना पड़ेगा। नया चैट फीचर केवल वयस्क यूजर्स के लिए उपलब्ध है। YouTube मैसेजेस पर कम्युनिटी गाइडलाइंस लागू करेगा और किसी भी संदिग्ध कंटेंट को रिव्यू कर सकेगा। चैट शुरू होने से पहले इनवाइट एक्सेप्ट करना जरूरी होगा और यूजर्स: चैनलों को ब्लॉक कर सकेंगे चैट्स रिपोर्ट कर सकेंगे भेजा गया मैसेज अनसेंड कर सकेंगे मैसेज अलर्ट्स सामान्य YouTube नोटिफिकेशन्स के साथ दिखेंगे। पुराना सिस्टम क्यों बंद हुआ था? YouTube ने 2019 में अपना निजी मैसेजिंग सिस्टम बंद कर दिया था। हालांकि कंपनी ने आधिकारिक कारण नहीं बताया था, लेकिन माना जाता है कि चाइल्ड सेफ्टी चिंताओं के चलते यह कदम उठाया गया था। इसीलिए नए टेस्ट को केवल एडल्ट यूजर्स तक सीमित रखा गया है। देशों में लॉन्च हो सता है ये फीचर टेस्ट के नतीजों के आधार पर YouTube इस फीचर को अन्य देशों में भी लॉन्च कर सकता है। चुनिंदा क्षेत्रों में टेस्ट करने से कंपनी को डिजिटल सेफ्टी नियमों के बीच फीचर को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलती है। इससे पहले Spotify भी इसी साल अपने ऐप में प्राइवेट मैसेजिंग फीचर जोड़ चुका है। बड़े प्लेटफॉर्म अब यूजर्स को ऐप के अंदर ही कंटेंट शेयर करने और बातचीत करने की सुविधा देकर उन्हें अपने इकोसिस्टम में बनाए रखने की रणनीति अपनाते दिख रहे हैं।

टी20 टीम में बड़ा बदलाव: शार्दुल ठाकुर को कमान, सूर्यकुमार यादव की मौजूदगी में नीतीश को नई जिम्मेदारी

मुंबई शार्दुल ठाकुर सैयद मुश्ताक अली टी-20 ट्रॉफी में मुंबई की कप्तानी करेंगे। 17 सदस्यीय टीम में भारत के टी-20 कप्तान सूर्यकुमार यादव, सरफराज खान, शिवम दुबे और अजिंक्य रहाणे भी शामिल हैं। मुंबई इस प्रतियोगिता की गत विजेता है। उसने पिछले वर्ष श्रेयस अय्यर के नेतृत्व में यह खिताब जीता था, जो वर्तमान टीम का हिस्सा नहीं हैं। इस सत्र में रणजी ट्रॉफी में तीन शतक लगा चुके सिद्धेश लाड को भी मुंबई की टीम में शामिल किया गया है। सैयद मुश्ताक अली टी-20 ट्रॉफी का एलीट डिवीजन 26 नवंबर से 18 दिसंबर तक आयोजित किया जाएगा। प्रतियोगिता का पहला दौर लखनऊ, हैदराबाद, अहमदाबाद और कोलकाता में खेला जाएगा, जबकि नॉकआउट दौर इंदौर में होगा। मुंबई की टीम टूर्नामेंट के अपने पहले मैच में 26 नवंबर को लखनऊ में रेलवे के विरुद्ध खेलेगी।   दिल्ली की अगुआई करेंगे नीतीश नीतीश राणा को इस टूर्नामेंट के लिए दिल्ली की टीम का कप्तान नियुक्त किया गया। राणा का उत्तर प्रदेश से आने के बाद मौजूदा घरेलू सत्र में दिल्ली के लिए यह पहला टूर्नामेंट होगा। हालांकि, लेग स्पिनर दिग्वेश राठी को 23 खिलाड़ियों की इस टीम में जगह नहीं मिली है। डीडीसीए ने कहा कि तेज गेंदबाज ईशांत शर्मा, हर्षित राणा और नवदीप सैनी अगर उपलब्ध होंगे तो टीम में शामिल होंगे। दिल्ली को ग्रुप डी में झारखंड, कर्नाटक, उत्तराखंड आदि के साथ रखा गया है। टीम के सभी मैच अहमदाबाद में होंगे। वहीं बंगाल की टीम में तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी और आकाशदीप को जगह मिली है। अभिमन्यु ईश्वरन टीम की कप्तानी करेंगे। बंगाल अपना पहला मैच 26 नवंबर को हैदराबाद में बड़ौदा से खेलेगा। दोनों टीमें इस प्रकार हैं-: मुंबई- शार्दुल ठाकुर (कप्तान), हार्दिक तमोर (विकेट कीपर), अंगकृष रघुवंशी (विकेट कीपर), अजिंक्य रहाणे, आयुष म्हात्रे, सूर्यकुमार यादव, सरफराज खान, सिद्धेश लाड, शिवम दुबे, साईराज पाटिल, मुशीर खान, सूर्यांश शेडगे, अथर्व अंकोलेकर, तनुश कोटियन, शम्स मुलानी, तुषार देशपांडे, इरफान उमैर। दिल्ली- नीतीश राणा (कप्तान), प्रियांश आर्य, सार्थक रंजन, आयुष बडोनी, अर्पित राणा, आयुष दोसेजा, मयंक रावत, तेजस्वी (विकेट कीपर), अनुज रावत (विकेट कीपर), हिम्मत सिंह, यश ढुल, सिमरजीत सिंह, राहुल डागर, यश भाटिया, अंकित राजेश कुमार, हर्ष त्यागी, सुयश शर्मा, प्रिंस यादव, मनी ग्रेवाल, रोहन राणा, ध्रुव कौशिक, आर्यन राणा, वैभव कांडपाल।  

योगी सरकार का बड़ा निर्देश: गरीबों और बुजुर्गों के आयुष्मान कार्ड पर मिलेगी प्राथमिकता

मऊ उत्तर प्रदेश सरकार एंव क्रेद्र सरकार की योजनाओं लाभार्थियों तक पहुचाने का जिलाधिकारी ने सख्त निर्देश दिए है। जिला अधिकारी ने कहा कि अंत्योदयकार्ड धारक और 70 वर्ष के ऊपर बुजुर्गों का प्रमुखता से आयुष्मान कार्ड बनाए जाने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा के अनुसार जरुरत मंदों को सरकारी योजनओं का लाभ शतप्रतिसत मिले। कार्य में लापवाही पर करने वाले कर्मचारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। जिलाधिकारी कैंप कार्यालय में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में स्वास्थ्य विभाग की कई महत्वपूर्ण योजनाओं और कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र ने कहा कि जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने के लिए हर स्तर पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जिले में स्वास्थ्य सूचकांकों में सुधार होगा  मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संजय गुप्ता ने बताया कि जिले में आरबीएसके कार्यक्रम के तहत डीईआईसी (डिस्ट्रिक्ट अर्ली इंटरवेंशन सेंटर) स्थापित करने के लिए भूमि की तत्काल आवश्यकता है। इस सेंटर के बनने से जन्म से लेकर 19 वर्ष तक के बच्चों में पाई जाने वाली 4D श्रेणी (जन्मजात दोष, बीमारी, कमी और विकास विलंब/विकलांगता) से संबंधित उपचार जनपद में ही उपलब्ध कराया जा सकेगा। इससे जिले के स्वास्थ्य सूचकांकों में सुधार होगा। आशा कार्यकर्ताओं के भुगतान में किसी प्रकार की देरी न हो  जिलाधिकारी ने डीईआईसी के लिए उपयुक्त स्थान की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। संस्थागत प्रसवों की समीक्षा में दोहलीघाट और फतेहपुर मंडाव के एमओआईसी को लक्ष्य सुधारने के निर्देश दिए गए। साथ ही जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत आशा कार्यकर्ताओं के भुगतान में किसी भी प्रकार की देरी न होने की हिदायत दी गई। उन्होंने कहा कि आशाओं को उनके बढ़ते कार्यों के अनुरूप मानदेय में वृद्धि संबंधित जानकारी देना भी आवश्यक है। अभियान चलाकर 70 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों का बनाया जाय आयुष्मान कार्ड  अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. बी.के. यादव ने बताया कि ई-कवच पोर्टल पर गर्भवती महिलाओं की फीडिंग अनिवार्य है। लापरवाही से जनपद की रैंकिंग प्रभावित हो सकती है। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने अंत्योदय कार्ड धारकों और 70 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों का आयुष्मान कार्ड अभियान चलाकर प्राथमिकता के आधार पर बनाने के निर्देश दिए।   जरूरतमंद परिवारों को जागरूक कर उनका टीकाकरण किया जाय टीकाकरण के संबंध में उन्होंने कहा कि जिले में कोई भी बच्चा टीके से वंचित न रह जाए। जरूरतमंद परिवारों को जागरूक कर उनका टीकाकरण अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए।कुष्ठ रोग उन्मूलन कार्यक्रम और रोगी खोजी अभियान की समीक्षा करते हुए बेहतर रणनीति बनाने पर जोर दिया गया। अपने दायित्वों का ईमानदारी निर्वहन करें अधिकारी  बैठक के दौरान ओपीडी, आईपीडी, आरबीएसके, एम्बुलेंस सेवा, वेक्टर जनित रोग नियंत्रण, जन्म-मृत्यु पंजीकरण, आभा आईडी, परिवार कल्याण कार्यक्रम, आयुष्मान कार्ड, क्षय रोग और कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम सहित कई योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गई। अंत में जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे समय से कार्यालय में उपस्थित रहें और अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करें।  

झारखंड में 48 घंटे की छुट्टी का ऐलान, सभी शिक्षण संस्थान व दफ्तर बंद

रांची  झारखंड में 27 और 28 नवंबर को दो दिन की छुट्टी का ऐलान किया गया है। इस घोषणा के बाद स्कूल, कॉलेज और सरकारी-निजी दफ्तर बंद रहेंगे। प्रशासन ने यह फैसला मुख्य रूप से मौसम की बदलती स्थिति और त्योहारों की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए लिया है। इन दो दिनों में सभी शिक्षण संस्थान और कई कार्यालय बंद रहेंगे ताकि त्योहारों के दौरान भीड़ और ट्रैफिक जाम को कम किया जा सके। यह छुट्टी सामान्य अवकाशों से अलग होती है क्योंकि इसे विशेष परिस्थितियों जैसे मौसम या त्योहार के कारण जल्दी घोषित किया जाता है। स्कूल–कॉलेज बंद का मतलब यह है कि शिक्षण संस्थान इन दो दिनों में पढ़ाई नहीं करेंगे और सभी शैक्षणिक गतिविधियां रोक दी जाएंगी। हालांकि कई जगहों पर ऑनलाइन कक्षाओं और वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था भी जारी रहेगी ताकि कामकाज प्रभावित न हो। प्रशासन ने सभी से अपील की है कि वे शांतिपूर्वक और जिम्मेदारी से इस छुट्टी का लाभ उठाएं। जरूरत न होने पर बाहर न निकलें और सामाजिक दूरी का पालन करें ताकि यह अवकाश सभी के लिए सुरक्षित रहे।  

ठंड का मौसम और प्रेग्नेंसी: मां-बच्चे की सेहत पर भारी पड़ सकती हैं ये 5 लापरवाहियां

जैसे ही सर्दी का मौसम शुरू होता है शहर के अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं से जुड़ी एक नई स्वास्थ्य चुनौती बढ़ने लगती है। डॉक्टरों का दावा है कि पिछले कुछ दिनों में गर्भवती महिलाओं में सर्दी, खांसी, कमजोरी और ब्लड (खून) की कमी के मामले तेज़ी से सामने आ रहे हैं। यह स्थिति उन महिलाओं के लिए ज़्यादा चिंताजनक है जो पहली बार मां बनने जा रही हैं और जिन्हें इस मौसम में ज़रूरी सावधानियों की सही जानकारी नहीं है। डॉक्टर के अनुसार सर्दियों में गर्भवती महिलाओं का शरीर सामान्य महिलाओं से बिल्कुल अलग तरह से काम करता है। उनके शरीर को अतिरिक्त गर्माहट, ज़्यादा पोषण और संक्रमण से सुरक्षा की अधिक ज़रूरत होती है। ठंड में तापमान गिरते ही शरीर का ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होने लगता है। गर्भावस्था में शरीर पहले ही दोहरी जिम्मेदारी निभा रहा होता है। हार्मोनल बदलाव तेज़ी से होने के कारण उनका इम्यून सिस्टम सामान्य महिलाओं के मुकाबले कमजोर हो जाता है। ऐसे में हल्की सर्दी, गले में खराश या किसी भी तरह का संक्रमण मां और गर्भ में पल रहे बच्चे दोनों पर सीधा प्रभाव डालता है। डॉ. यादव का कहना है कि दिक्कत तब बढ़ती है जब महिलाएं समय पर जांच नहीं करवातीं या इंटरनेट पर मिलने वाली अधूरी सलाह का पालन करने लगती हैं। कौन सी 2 गलतियां बढ़ाती हैं रातों-रात परेशानी? डॉक्टरों ने दो बड़ी गलतियों की पहचान की है जो सर्दियों में गर्भवती महिलाओं की मुश्किलें रातों-रात बढ़ा सकती हैं: 1. सबसे बड़ी गलती: ठंड में कम पानी पीना सर्दियों में प्यास कम लगना आम है और यही वजह है कि अधिकतर गर्भवती महिलाएं पानी पीने को लेकर लापरवाह हो जाती हैं। डॉ. यादव बताते हैं कि यही एक गलती शरीर में कमजोरी, कब्ज (Constipation), सिरदर्द, चक्कर और यूरीन इंफेक्शन (UTI) तक का कारण बन सकती है। शरीर को हाइड्रेटेड और गर्म रखने के लिए गुनगुना पानी, हर्बल चाय, सूप और नारियल पानी बेहद फायदेमंद माने जाते हैं। 2. ठंडी चीजें खाना गर्भावस्था में यह सोचना कि आइसक्रीम या ठंडा पानी पीने से कुछ नहीं होगा बेहद खतरनाक हो सकता है। ठंडी चीजें गले में खराश, सर्दी, खांसी और फेफड़ों में संक्रमण की वजह बन सकती हैं। यदि ठंडे मौसम में मां के शरीर का तापमान गिरता है तो गर्भ में पल रहे शिशु तक ब्लड सप्लाई भी प्रभावित होती है। खून की कमी (एनीमिया) के मामले क्यों बढ़ रहे हैं? डॉ. यादव के अनुसार जिले में गर्भवती महिलाओं में खून की कमी के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है। इसके मुख्य कारण हैं: गलत खान-पान और नियमित चेकअप न करवाना। आयरन और कैल्शियम की दवाओं को बीच में छोड़ देना। ठंड में बाहर न निकलने और शारीरिक गतिविधि कम करने की आदत। वे कहते हैं कि जो महिलाएं पहले से कमजोर होती हैं सर्दियों में उनकी कमजोरी दोगुनी हो जाती है इसलिए उन्हें अतिरिक्त पोषण और नियमित डॉक्टरी सलाह लेना बेहद ज़रूरी है।  

UIDAI का नया नियम: होटल में आधार की फोटोकॉपी मांगना होगा बंद

नई दिल्ली UIDAI जल्द ही नया आधार ऐप लॉन्च करने वाला है, जो डिजिटल पहचान और आईडी वेरिफिकेशन को और सरल बनाने वाला है। UIDAI के सीईओ भुवनेश कुमार ने हाल ही में एक वेबिनार में बताया कि नया ऐप खासकर ऑफलाइन वेरिफिकेशन के लिए तैयार किया गया है, जिससे लोगों को सुरक्षित और भरोसेमंद डिजिटल पहचान मिलेगी। उनका कहना है कि यह सिस्टम सिक्योरिटी और प्राइवेसी दोनों को मजबूत करेगा।  पेपरलेस पहचान, धोखाधड़ी पर रोक नए ऐप की सबसे बड़ी खासियत ऑफलाइन वेरिफिकेशन है। इसका मतलब यह है कि अब होटल चेक-इन, सोसाइटी में प्रवेश या किसी इवेंट/फंक्शन में जाने के लिए फिजिकल आधार कार्ड की कॉपी देने की जरूरत नहीं होगी। UIDAI के अनुसार फोटोकॉपी शेयर करने से डेटा के गलत इस्तेमाल या फ्रॉड का खतरा बढ़ जाता है। नया ऐप इस जोखिम को खत्म करता है, क्योंकि यूजर डिजिटल रूप में पूरा या चुनिंदा आधार डेटा साझा कर सकेंगे। ऑफलाइन वेरिफिकेशन कहां-कहां काम आएगा नए ऐप से रोजमर्रा की कई स्थितियां आसान हो जाएंगी, जैसे: -होटल में चेक-इन -रेजिडेंशियल सोसाइटी में प्रवेश -इवेंट/फंक्शन में एंट्री इसके लिए ऐप में QR-बेस्ड वेरिफिकेशन और अन्य ऑफलाइन मोड होंगे, जिन्हें छोटे व्यवसाय से लेकर बड़ी संस्थाएं भी इस्तेमाल कर सकेंगी।  नए ऐप की खास सुविधाएं UIDAI ने बताया कि नया आधार ऐप सुरक्षा, कंट्रोल और सुविधा के लिहाज से पहले से बेहतर है। कुछ प्रमुख फीचर्स: मल्टी प्रोफाइल: एक यूजर अपने परिवार के 5 तक आधार प्रोफाइल एक ही ऐप में रख सकेगा। बायोमेट्रिक लॉक/अनलॉक: बायोमेट्रिक्स लॉक करने पर कोई भी फिंगरप्रिंट या आईरिस का दुरुपयोग नहीं कर सकेगा। प्रोफाइल अपडेट: मोबाइल नंबर या पता बदलते ही ऐप अपने आप नई जानकारी दिखाएगा। QR कोड और वेरिफाएबल क्रेडेंशियल शेयरिंग: ऐप से सीधे एक टैप में डिजिटल पहचान साझा की जा सकेगी। ऐप डाउनलोड और सेटअप ऐप UIDAI के ऑफिशियल सोर्स से डाउनलोड करें (गूगल प्ले स्टोर/एप स्टोर)। रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से SMS वेरिफिकेशन करें। फेस ऑथेंटिकेशन पूरा करें और 6-डिजिट पासवर्ड सेट करें। एक समय में केवल एक डिवाइस पर एक ही प्रोफाइल एक्टिव होगी। दूसरे डिवाइस पर लॉगिन करने पर पुरानी प्रोफाइल डिलीट हो जाएगी।  

राजस्थान में कड़ाके की ठंड और घनी धुंध, फतेहपुर रहा न्यूनतम पारे पर

जयपुर राजस्थान में तेज सर्दी के साथ उत्तर-पश्चिमी हवाओं के कारण धुंध (स्मॉग) छाने लगी है। श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, अलवर, झुंझुनूं, सीकर और जयपुर समेत कई शहरों में सुबह धुंध का हल्का असर दिखा, जिससे दिन में धूप सामान्य दिनों की तुलना में कमजोर रही। इसी प्रभाव के कारण रात का तापमान 1 डिग्री तक बढ़ा और कई शहरों में सिंगल डिजिट से डबल डिजिट में पहुंच गया। माउंट आबू को छोड़कर शुक्रवार को प्रदेश का सबसे ठंडा शहर फतेहपुर रहा, जहां न्यूनतम तापमान 6.6°C दर्ज हुआ। नागौर 7.4°C, जालोर 7.8°C, सिरोही 8.3°C और चूरू-दौसा 9.5°C रहे, जबकि ज्यादातर शहरों में न्यूनतम तापमान 10°C से ऊपर रहा। करौली, बारां, उदयपुर, पिलानी, अलवर और भीलवाड़ा में तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। अधिकतम तापमान में भी हल्की गिरावट देखी गई। धुंध के चलते पश्चिमी, उत्तरी और पूर्वी राजस्थान में धूप कमजोर रही। शुक्रवार को बाड़मेर सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 33.4°C दर्ज हुआ। बीकानेर 31.6°C, चूरू 30.6°C, जैसलमेर 30°C, पिलानी 30.5°C, अजमेर 28.7°C, जयपुर 27.5°C और कोटा 27.2°C रहा। मौसम केंद्र जयपुर ने राज्य में अगले कुछ दिनों तक मौसम शुष्क और साफ रहने का अनुमान जताया है। शहर — अधिकतम — न्यूनतम     अजमेर – 28.7 – 11.9     भीलवाड़ा – 28 – 10     वनस्थली (टोंक) – 27.6 – 10.1     अलवर – 28.6 – 10.5     जयपुर – 27.5 – 13.5     पिलानी – 30.5 – 10.2     सीकर – 28 – 9     कोटा – 27.2 – 12.7     चित्तौड़गढ़ – 28.8 – 10.2     उदयपुर – 28 – 10.2     बाड़मेर – 34.4 – 13.9     जैसलमेर – 30 – 13.9     जोधपुर – 30.6 – 12     बीकानेर – 31.6 – 14.4     चूरू – 30.6 – 9.5     गंगानगर – 28.3 – 12     नागौर – 30.2 – 7.4     बारां – 27.9 – 10.5     जालोर – 30.1 – 7.8     सिरोही – 24.2 – 8.3     फतेहपुर – 30.5 – 6.6     करौली – 25.9 – 11     दौसा – 28 – 9.5     प्रतापगढ़ – 28.3 – 12.9     झुंझुनूं – 29 – 10.6

विनायक चतुर्थी 24 नवंबर: किस विधि से करें पूजन और क्या करें विशेष उपाय?

मार्गशीर्ष मास की विनायक चतुर्थी को कृच्छ्र चतुर्थी कहा जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन गणेश जी के निमित व्रत करने से सफलता व सिद्धि की प्राप्ति होती है. इस बार यह विनायक चतुर्थी 24 नवंबर को मनाई जाएगी. अगर आप इस दिन भगवान गणेश को प्रसन्न कर उनकी कृपा पाना चाहते हैं, तो आपको कुछ आसान उपाय जरूर अपनाने चाहिए. आइए हम आपको बताताते हैं कि आप इस दिन पर किस तरह गणेश जी की कृपा प्राप्त कर सकते हैं. गणेश जी को कैसे प्रसन्न करें? मोदक और लड्डू गणेश जी को सबसे प्रिय हैं. ऐसे में विनायक चतुर्थी पर उन्हें मोदक और लड्डू जरूर चढ़ाएं. इसके अलावा, आप उन्हें मौसमी फल, पान, सुपारी और इलायची भी अर्पित कर सकते हैं. गणेश जी को लाल रंग के फूल, जैसे गुड़हल, विशेष रूप से प्रिय हैं. विनायक चतुर्थी पर बप्पा की आराधना करने के लिए उन्हें ये फूल जरूर अर्पित करें. विनायक चतुर्थी के दिन गणेश जी की पूजा में उन्हें दूर्वा (दूब) अर्पित करें. इसके साथ ही, आप केसरिया चंदन, सिंदूर और चावल (टूटे हुए नहीं) भी चढ़ाएं. विनायक चतुर्थी पर गणेश जी की पूजा के दौरान ‘ॐ गं गणपतये नमः’ जैसे मंत्रों का जाप करें. साथ ही, गणेश चालीसा या गणेश स्तोत्र का पाठ करना भी फलदायी माना गया है. गणेश जी के मंत्र श्री गणेशाय नम: क्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ । निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा ॥ ऊं गं गणपतये सर्व कार्य सिद्धि कुरु कुरु स्वाहा ॐ वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभः। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा ॥ ऊ गं गणपतये नमः

डीएल बनवाने में बढ़ी परेशानी: पंजाब सरकार ने सभी शॉर्टकट किए बंद

पंजाब  पंजाब में सड़क सुरक्षा को लेकर सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब राज्य में ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करना पहले जैसा आसान नहीं होगा। सड़क दुर्घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी और पुराने परीक्षण प्रणाली की कमजोरियों को देखते हुए, पंजाब सरकार ने नए और उन्नत ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक मॉडल को लागू करने का निर्णय लिया है। यह कदम ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और चुनौतीपूर्ण बनाने के लिए उठाया गया है। अब तक लाइसेंस प्राप्त करने के लिए जो भी पारंपरिक तरीका अपनाया जाता था, जिसमें इंस्पेक्टर के निर्णय पर निर्भरता होती थी, उसे पूरी तरह से बदल दिया गया है। अब, उम्मीदवारों को डिजिटल और ऑटोमेटेड प्रक्रिया से गुजरना होगा, जो न केवल अधिक पारदर्शी होगी, बल्कि सड़क पर सुरक्षित ड्राइविंग सुनिश्चित करेगी। राज्य सरकार ने इस उद्देश्य के लिए 'हेमा' नामक एक नया सॉफ्टवेयर लागू किया है, जिसे माइक्रोसॉफ्ट द्वारा विकसित किया गया है। इस सॉफ्टवेयर के तहत अब लाइसेंस के लिए कंप्यूटर आधारित परीक्षण होंगे, जिसमें इंस्पेक्टर की कोई भूमिका नहीं रहेगी। नई प्रक्रिया के अनुसार, टेस्ट ट्रैक पर लगाए गए सेंसर, कैमरे, आरएफआईडी और एआई-आधारित स्कोरिंग सिस्टम से ड्राइविंग की हर गलती पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। अगर ड्राइवर किसी नियम का उल्लंघन करता है, जैसे लेन बदलना, गति सीमा पार करना या रिवर्स करना, तो वह तुरंत फेल कर दिया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि अब जुगाड़ के जरिए लाइसेंस प्राप्त करना लगभग नामुमकिन हो जाएगा। पंजाब में सड़क दुर्घटनाओं का विश्लेषण करने पर पता चला कि ज्यादातर हादसे ड्राइवरों की बुनियादी ड्राइविंग गलतियों के कारण होते हैं, जैसे रिवर्स कंट्रोल, ओवरटेकिंग में गलती, अचानक ब्रेक लगाना, और लेन बदलने में लापरवाही।   इस नए टेस्ट सिस्टम को सबसे पहले मोहाली में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया गया है। ट्रांसपोर्ट विभाग के प्रशासनिक सचिव, वरुण रूजम ने बताया कि यह प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी होगी और सिस्टम की सख्ती से ड्राइविंग कौशल पर जोर दिया जाएगा। अगले तीन से चार महीने में इसे राज्य के सभी जिलों में लागू कर दिया जाएगा। अब, अगर ड्राइवर एक भी गलती करता है, तो उसे ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त नहीं हो सकेगा।

वंदे भारत अपग्रेड: इंदौर–नागपुर रूट पर 16 कोच की नई ट्रेन, सीट क्षमता दोगुनी

इंदौर रेलवे बोर्ड ने इंदौर-नागपुर वंदे भारत एक्सप्रेस में कोचों की संख्या बढ़ाकर 16 कर दी है। 24 नवंबर से यह ट्रेन दोगुनी सीटों के साथ चलेगी, जिससे लगभग 1200 यात्री यात्रा कर सकेंगे। व्यस्त मार्ग पर यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए यह फैसला लिया गया है, जिससे यात्रियों को आरामदायक सफर मिलेगा।     इंदौर-नागपुर वंदे भारत में कोच बढ़े।     सीट क्षमता हुई दोगुनी, 1200 यात्री।     24 नवंबर से नया बदलाव होगा लागू।  इससे प्रतिदिन 600 अतिरिक्त यात्रियों को आरामदायक और तेज यात्रा का अवसर मिलेगा—जो त्योहारों और भीड़भाड़ के समय राहत का बड़ा कारण बनेगा। व्यस्ततम रूट, मांग लगातार बढ़ रही थी इंदौर–भोपाल–नागपुर रेल मार्ग मध्य भारत के सबसे व्यस्त और रणनीतिक रूटों में शामिल है। विद्यार्थी, नौकरीपेशा लोग, कारोबारी और ट्रैवलर्स की भारी आवाजाही के कारण वंदे भारत में सीटें अक्सर फुल रहती थीं। वेटिंग लिस्ट भी लगातार बढ़ रही थी। इंदौर और भोपाल शिक्षा व व्यापार केंद्र हैं, वहीं नागपुर एक बड़ा औद्योगिक और लॉजिस्टिक हब है। ऐसे में 16 कोच का स्थायी विस्तार यात्रियों की जरूरतों को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस दिन से मिलेगा नई सुविधा का लाभ ट्रेन नंबर 20911 इंदौर-नागपुर व ट्रेन नंबर 20912 नागपुर-इंदौर में 24 नवंबर से इस सुविधा का लाभ यात्रियों को मिलेगा। वंदे भारत ट्रेन की एग्जीक्यूटिव क्लास के कोच में 52 तो चेयरकार कोच में 78 सीटें होती हैं। कोच बढ़ने से सीटों की संख्या भी बढ़ेगी। वंदे भारत (Indore Nagpur Vande Bharat Train) का 16 कोच वाला अपग्रेडेड रैक बुधवार को दिल्ली से इंदौर पहुंचा है। त्योहारी सीजन में फुल थी ट्रेन कोचिंग डिपो में इसका (Indore Nagpur Vande Bharat Train) मेंटेनेंस किया जा रहा है। मालूम हो, पहले यह ट्रेन इंदौर से भोपाल चल रही थी। यात्रियों की संख्या कम होने से इसे नागपुर तक कर दिया गया। त्योहारी सीजन में यह ट्रेन फुल रही। यात्रियों को वेटिंग मिली। कोच दोगुना होने से यात्रियों को आसानी से सीट मिल जाएगी। वंदे भारत ट्रेन में बीते चार माह से सीटें फुल जा रही थी। इस कारण रेलवे ने वंदे भारत के कोच बढ़ा दिए है। इंदौर से नागपुर तक ट्रेन चलाने की मांग हमेशा से उठती रहती है। दो साल पहले इंदौर से भोपाल के बीच वंदे भारत ट्रेन का संचालन शुरू किया था। यह ट्रेन सुबह सवा छह बजे जाती है। इंदौर से भोपाल तक के लिए इस ट्रेन को कम यात्री मिलते थे। बाद में वंदेभारत ट्रेन का विस्तार इंदौर से नागपुर तक किया गया। इसके बाद ट्रेन को अच्छे यात्री मिलने लगे। त्यौहार के समय इस ट्रेन में सीट नहीं मिलती है। पहले दिल्ली भेज दिए थे रैक वंदे भारत के लिए सितंबर माह में रैक आए थे, लेकिन उसका उपयोग रेलवे ने दिल्ली पटना ट्रेन के लिए कर दिया था। अब वे रैक वापस इंदौर भेजे है। दो दिन पहले रैक इंदौर लाए गए। अब 24 नवंबर से 16 कोच के साथ ट्रेन इंदौर से नागपुर के लिए रवाना होगी। उधर इंदौर नगर निगम ने भी इंदौर से नागपुर के लिए बस सेवा शुरू की है। पिछले दिनों हरी झंडी देकर मेयर पुष्य मित्र भार्गव ने बस को रवाना किया था।