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देवास में भीषण दुर्घटना: कार को तेज रफ्तार वाहन ने मारी टक्कर, एक की मौत

देवास इंदौर-भोपाल राजमार्ग पर अगेरा फाटा में अज्ञात वाहन की टक्कर के बाद एक कार कई पलटी खा गई। हादसे में एक महिला की मौत हो गई जबकि तीन अन्य लोग घायल हो गए। कार सवार परिवार चौबाराधीरा से शादी समारोह में शामिल होने के बाद बागली लौट रहा था। सीएनजी डलवाने के लिए कार को बागली की तरफ न लाते हुए भोपाल की ओर ले गए थे, वहां हादसा हो गया। हादसे में एक की मौत, 3 घायल जानकारी के अनुसार हादसा शनिवार रात को हुआ। कार एमपी09सीडब्ल्यू7344 को किसी वाहन ने टक्कर मारी। हादसे की सूचना डायल-112 के माध्यम से मिलने के बाद प्रधान आरक्षक सुशील भटूरकर व पायलेट नवीन मालवीय मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की मदद से घायलों को सोनकच्छ सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। यहां डाक्टर रामराज ने जांच करने के बाद बागली निवासी मीना पति सुरेश राठौर को मृत घोषित कर दिया। वहीं ललिताबाई पति सुरेश राठौर को प्राथमिक उपचार के बाद देवास रेफर कर दिया गया। अन्य घायल सुरेश पिता रामचंद्र राठौर निवासी बागली, श्यामलाल पिता हजारीलाल निवासी बड़ी चुरलाय का प्राथमिक उपचार किया।   परिवार में पसरा मातम हादसे की जानकारी मिलने के बाद मृतक व घायलों के स्वजन एवं क्षेत्र के रिश्तेदार भी सिविल अस्पताल पहुंचे। मीना की मौत की खबर सुनने के बाद माहौल गमगीन हो गया, देर रात तक रिश्तेदारों का आना जाना लगा रहा। मामले में सोनकच्छ पुलिस ने मर्ग कायम कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। रविवार सुबह पोस्टमॉर्टम कर मीना का शव स्वजनों को सौंपा गया। शार्ट पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सिर के पिछले हिस्से में चोट होने से मौत होना सामने आया है।

मुख्यमंत्री गोंड युवक-युवती परिचय सम्मेलन में हुए शामिल

आदिवासी ऐतिहासिक निरंतरता से वर्तमान चुनौतियों तक तथा विरासत का सम्मान : वैश्विक दृष्टिकोण पर सवाल” पुस्तकों का विमोचन रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के टिकरापारा स्थित गोंडवाना भवन में छत्तीसगढ़ गोंड समाज कल्याण समिति द्वारा आयोजित गोंड युवक-युवती परिचय सम्मेलन में शामिल हुए। मुख्यमंत्री का पारंपरिक जनजातीय रीति-रिवाजों के अनुसार स्वागत किया गया तथा उन्होंने भगवान बूढ़ादेव का पूजन कर विधि-विधान से कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने गोंड समाज को सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए 05 लाख रुपये की सहयोग राशि प्रदान करने की घोषणा की। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधीय पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम द्वारा लिखित दो महत्वपूर्ण पुस्तकों—“आदिवासी ऐतिहासिक निरंतरता से वर्तमान चुनौतियों तक” तथा “विरासत का सम्मान : वैश्विक दृष्टिकोण पर सवाल” का विमोचन किया।मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि गोंड समाज का इतिहास अत्यंत समृद्ध और गौरवशाली रहा है। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जनजातीय समाज के हितों के प्रति बेहद संवेदनशील हैं। देश के सर्वोच्च पद पर जनजातीय समाज की गौरवपूर्ण उपस्थिति इस सम्मान का प्रत्यक्ष प्रतीक है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पीएम जनमन और प्रधानमंत्री धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना के माध्यम से जनजातीय समुदाय के सर्वांगीण विकास के लिए व्यापक कार्य किए जा रहे हैं। विशेष पिछड़ी जनजातियों के उत्थान हेतु भी सरकार ने कई विशेष पहल प्रारंभ की हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय नायकों के गौरवशाली इतिहास को सम्मान देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने उपस्थित लोगों से नया रायपुर में स्थापित जनजातीय संग्रहालय का भ्रमण करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जनजातीय वीरों ने सदैव अपनी माटी और संस्कृति की रक्षा की है, और इस गौरवमयी परंपरा की सुंदर झलक आपको संग्रहालय में देखने को मिलेगी। श्री साय ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर मनाया जाने वाला जनजातीय गौरव दिवस आदिवासी समाज की विरासत को सम्मान देने का एक सशक्त माध्यम है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को आपस में जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इससे भावी पीढ़ी अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक जड़ों से परिचित होती है। युवक-युवती परिचय सम्मेलन समुदाय के लोगों को एक-दूसरे को समझने, जानने और रिश्तों के निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए आयोजकों को शुभकामनाएँ भी दीं। इस अवसर पर आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधीय पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम ने गोंड समाज के गौरवशाली इतिहास पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि गोंड समाज का इतिहास समृद्ध परंपराओं और वीरता की गाथाओं से भरा हुआ है। उन्होंने बताया कि ऐतिहासिक कालखंडों में गोंड राजाओं ने शासन, प्रबंधन और सामाजिक संरचना को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जिनका उल्लेख विभिन्न ऐतिहासिक दस्तावेजों में मिलता है। श्री मरकाम ने कहा कि डबल-इंजन की सरकार में जनजातीय समुदाय के हितों, विकास और उत्थान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ आज बड़े पैमाने पर जनजातीय समाज तक पहुँच रहा है। उन्होंने समाज को एकजुट होकर प्रगति की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया तथा गोंड समाज द्वारा संचालित विभिन्न गतिविधियों, सामुदायिक प्रयासों एवं नवाचारों की जानकारी देते हुए कहा कि सामूहिक प्रयास ही समाज को सशक्त बनाते हैं। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ गोंड समाज कल्याण समिति के अध्यक्ष श्री जग्गू सिंह, उपाध्यक्ष श्री किशोर ध्रुव, श्री सेवाराम ध्रुव, श्री हरि सिंह ठाकुर सहित समाज के अनेक सदस्य उपस्थित थे।

बदलता यूपी: महिला सशक्तीकरण की नई मिसाल, शिक्षा से रोजगार तक बड़ी छलांग

लखनऊ उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार के शासनकाल में महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तीकरण को लेकर किए गए व्यापक प्रयास अब ठोस परिणामों के रूप में सामने आ रहे हैं। प्रदेश में महिला सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, वित्तीय स्वतंत्रता और रोजगार सृजन जैसे क्षेत्रों में तेजी से सुधार हुआ है। इसी परिवर्तन को आधार बनाकर उत्तर प्रदेश आज महिला सशक्तीकरण के जरिए सामाजिक और आर्थिक बदलाव की नई मिसाल पेश कर रहा है। प्रदेश सरकार ने सबसे पहले महिला सुरक्षा को प्राथमिकता दी। एंटी रोमियो स्क्वाड की सक्रियता, 1090 वुमेन पावर लाइन का विस्तार और पिंक पेट्रोलिंग जैसे कदमों ने महिलाओं के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार किया है। शहरों और गांवों दोनों में बदलते सामाजिक वातावरण का असर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। परिवारों में लड़कियों की शिक्षा को लेकर सकारात्मकता बढ़ी है और माता-पिता अब बिना किसी संकोच के बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। सामाजिक सशक्तीकरण के क्षेत्र में मिशन शक्ति ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके माध्यम से महिला समूहों को नेतृत्व, आत्मनिर्भरता, सुरक्षा और जागरूकता से जोड़ा गया। बालिकाओं के लिए कायाकल्प, स्कूलों में जेंडर सेफ्टी प्रोग्राम और किशोरी स्वास्थ्य अभियान जैसे प्रयासों ने सामाजिक बदलाव की सुदृढ़ नींव रखी। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों को जन्म से लेकर स्नातक तक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई, जिससे पढ़ाई में निरंतरता बनी। महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण की बात करें तो यूपी आज देश में सबसे बड़े महिला स्वयं सहायता समूह नेटवर्क के रूप में उभर रहा है। प्रदेश में लाखों महिलाएं आज स्वयं सहायता समूहों के जरिए उद्यमिता की ओर बढ़ रही हैं। बैंक सखी, बीसी सखी और कृषि सखी जैसे मॉडल ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की वित्तीय स्वतंत्रता को गति दे रहे हैं। बैंकिंग सेवाओं में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी ग्रामीण बैंकिंग को नए स्तर पर पहुंचा रही है। ओडीओपी (वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट) योजना ने महिलाओं को स्थानीय उत्पादों पर आधारित रोजगार से जोड़ने का मजबूत अवसर दिया है। हथकरघा, हस्तशिल्प, फूड प्रोसेसिंग और स्थानीय उद्योगों में महिलाओं की भागीदारी तेजी से बढ़ी है। शासन की ओर से आसान ऋण, प्रशिक्षण, मार्केट लिंक और डिजिटल प्लेटफॉर्म का सहयोग मिलने से महिलाएं आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं। स्टार्टअप नीति के अंतर्गत महिला उद्यमियों को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। महिला-आधारित स्टार्टअप को अनुदान और मार्गदर्शन मिलने से टेक्नोलॉजी-आधारित उद्यमों में भी उनकी भागीदारी बढ़ी है। प्रदेश में स्वयं सहायता समूहों के जरिए पोषण उपक्रम, यूनिफॉर्म निर्माण, समुदाय-आधारित स्वच्छता सेवाएं और स्थानीय उत्पादन यूनिट्स चलाने वाली महिलाओं ने साबित किया है कि आर्थिक सशक्तीकरण ग्रामीण विकास को भी गति देता है। सरकारी योजनाओं के प्रभाव से आज गांवों से लेकर शहरों तक महिलाओं की भूमिका केवल पारिवारिक सीमाओं तक ही केंद्रित नहीं है, बल्कि आर्थिक गतिविधियों में उनकी जिम्मेदारी, भूमिका और सक्रियता निरंतर बढ़ रही है। योगी आदित्यनाथ सरकार के प्रयासों ने महिलाओं को सुरक्षा, सम्मान और अवसर प्रदान कर समाज में उनकी स्थिति को पहले से अधिक सशक्त बनाया है। उत्तर प्रदेश का यह परिवर्तन प्रदेश सरकार की नीतियों और प्रयासों का परिणाम है, जिसने महिलाओं को नई ऊर्जा और नई दिशा दी है। प्रदेश अब वास्तविक अर्थों में महिला सशक्तीकरण को सामाजिक और आर्थिक विकास की धुरी बनाने की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण से संबंधित आंकड़े पर नजर डाले तो, उत्तर प्रदेश में महिला स्वयं सहायता समूहों की संख्या 2025 तक लगभग 83 लाख सदस्यों तक पहुंच गई है। बीसी सखी योजना के अंतर्गत 2024 तक 4,000 से अधिक बीसी सखी सक्रिय हैं, जिन्होंने गांवों में 20 करोड़ से अधिक बैंकिंग ट्रांजेक्शन कराए हैं। इसके अलावा बैंक सखी मॉडल के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं के बैंक खातों में प्रतिमाह औसतन 1.2 करोड़ ट्रांजेक्शन की वृद्धि दर्ज हुई है। वहीं, ओडीओपी योजना में महिलाओं की भागीदारी 2018 की तुलना में 2024 तक लगभग 35 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। विशेष रूप से यह वृद्धि हस्तशिल्प, हथकरघा, फूड प्रोसेसिंग और वुडक्राफ्ट क्षेत्रों में दर्ज हुई है। महिला उद्यमिता मिशन और स्टार्टअप नीति के अंतर्गत 2025 तक लगभग 3,200 से अधिक महिला संचालित स्टार्टअप रजिस्टर्ड हुए हैं। यूपी में संचालित स्वयं सहायता समूहों की वार्षिक आय 2017 में लगभग 4,000 करोड़ रुपए थी, जो 2025 तक बढ़कर 18 हजार करोड़ रुपए से अधिक हो गई है।

गैस सिलेंडर नहीं मिल रहा! जबलपुर में 20 दिन से चली आ रही किल्लत से हजारों परिवार प्रभावित

जबलपुर जिले में घरेलू गैस सिलेंडर (एलपीजी) की आपूर्ति इन दिनों चरमरा गई है। खासतौर से हिंदुस्तान पेट्रोलियम कंपनी के सिलेंडरों की किल्लत से उपभोक्ता परेशान हैं। एक सिलेंडर लेने के लिए उपभोक्ता एजेंसियों के सामने घंटों कतार में लगने को मजबूर हैं। 10 हजार सिलेंडरों की वेटिंग होने से घरों तक सप्लाई बीते 20 दिनों से प्रभावित है। दरअसल, मनेरी स्थित एचपीसीएल के बाटलिंग प्लांट की क्षमता करीब 24 से 25 हजार सिलेंडर प्रतिदिन की है। पाइपलाइन में खराबी और जबलपुर के प्लांट से एलपीजी की खेप भोपाल भेजे जाने से सप्लाई प्रभावित है। यही कारण है घरेलू गैस सिलेंडर उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारियों का दावा है कि दो-चार दिन में रसोई गैस की किल्लत दूर हो जाएगी और वेटिंग में कमी आएगी।   20 दिन से है संकट जबलपुर में एचपी कंपनी के गैस सिलेंडर 20 दिनों से उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंच रहे हैं। जो उपभोक्ता सिलेंडर लेने के लिए एजेंसी पहुंच रहे हैं, उन्हें भी घंटों कतारबद्ध होना पड़ रहा है। इनमें से अधिकांश को फिर भी गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। जिले में करीब साढ़े तीन लाख गैस उपभोक्ता हैं, जिसमें एचपी, भारत और इंडेन एलपीजी गैस कनेक्शन धारक हैं। खाद्य विभाग के मुताबिक एचपी कंपनी के बाटलिंग प्लांट की पाइपलाइन में खराबी आने से मांग और आपूर्ति बाधित हो रही है। गैस पहुंचाने का टेंडर खत्म हो गया है सूत्रों के अनुसार जबलपुर और भोपाल समेत प्रमुख शहरों में बने एलपीजी रिफिल प्लांट तक वाहनों की मदद से एलपीजी आती है। कैप्शूलनुमा वाहनों के संचालक का काम निजी कंपनी के पास है। इस कंपनी का भोपाल में गैस पहुंचाने का टेंडर खत्म हो गया है। इस वजह से एचपीसीएल के माध्यम से रिफिल से भरे ट्रक को भोपाल भेजा जा रहा है।

अभेद्य हुई अयोध्या: हाई-लेवल सिक्योरिटी चेक में सेना ने परखी हर परत

अयोध्या  पीएम नरेंद्र मोदी के आगमन को ध्यान में रखते हुए सभी सुरक्षा एजेंसियां हाई-अलर्ट पर हैं। अयोध्या में 25 नवंबर को होने वाले ऐतिहासिक ध्वजारोहण समारोह से पहले अयोध्या पूरी तरह अभेद्य हो चुकी है। आज भारतीय सेना का हेलिकॉप्टर करीब 20 मिनट तक आसमान पर मंडराता रहा। इस दौरान हेलिकॉप्टर ने राम जन्मभूमि परिसर तथा आसपास के इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। इस एयर-सर्विलांस को सुरक्षा इंतजामों का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है, ताकि कार्यक्रम के दौरान कोई चूक न हो। ध्वजारोहण कार्यक्रम के मद्देनजर अयोध्या की सुरक्षा हुई अभेद्य रविवार दोपहर सेना का हेलिकॉप्टर करीब 20 मिनट तक अयोध्या के आसमान में उड़ता रहा और राम जन्मभूमि परिसर व आसपास के क्षेत्रों की निगरानी करता रहा। रामलला मंदिर क्षेत्र में भीड़ बढ़ने की संभावना को देखते हुए हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है। राम जन्मभूमि चौक और हनुमानगढ़ी मार्ग पर अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। ड्रोन कैमरों से भी लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। सुबह से लेकर रात तक सुरक्षा बलों की कई चरणों में चेकिंग चल रही है।  मंदिर परिसर, श्रद्धालुओं की व्यवस्था और VVIP मूवमेंट के लिए स्पेशल रूट तैयार किए गए हैं। शहर के प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। फायर ब्रिगेड और मेडिकल टीमें भी अलर्ट मोड में तैनात हैं। साइबर टीम सोशल मीडिया पर 24 घंटे लगातार निगरानी रखी जा रही है। SSP डॉक्टर गौरव ग्रोवर ने बताया कि किसी 25 नवंबर को होने वाले ध्वजारोहण कार्यक्रम के मद्देनज़र सुरक्षा में किसी तरह की ढिलाई नहीं दी जा सकती। विवाह पंचमी के पावन अवसर पर बड़ी संख्या में भक्तों के आने की उम्मीद है, इसलिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।

ISIS की भारत पर 10 साल में कब्जे की प्लानिंग का खुलासा, पाकिस्तानी मॉड्यूल बच्चों को बना रहा था निशाना

रायपुर प्रदेश में पाकिस्तान आधारित आईएसआईएस माड्यूल के राजफाश होने के बाद जांच एजेंसियां पूरी तरह सक्रिय हो गई हैं। एटीएस की टीम शनिवार को माना बाल संप्रेक्षण गृह पहुंची, जहां गिरफ्तार दोनों नाबालिगों से लगातार गहन पूछताछ की। दोनों किशोरों को संप्रेक्षण गृह के एक अलग सुरक्षित कक्ष में रखा गया है, जिसकी निगरानी उच्च स्तरीय सुरक्षा में की जा रही है। आस-पास किसी भी बाहरी व्यक्ति की आवाजाही पर सख्त प्रतिबंध है। केवल संप्रेक्षण गृह प्रभारी और चिह्नित प्रहरी ही उस कमरे तक पहुंच सकते हैं। जांच में सामने आया है कि पाकिस्तानी आतंकी समूह बच्चों के दिमाग में झूठी कहानियां भर रहा था। उन्हें विश्वास दिलाया गया कि 5-10 वर्षों में भारत पर कब्जा कर लिया जाएगा और उसके बाद चीन पर नियंत्रण करने का ‘मिशन’ चलेगा। इस तरह के भ्रम फैलाकर हैंडलरों ने बच्चों को पूरी तरह अपने प्रभाव में ले लिया था। एटीएस को मिले सुराग एनआईए से साझा पूछताछ के दौरान एटीएस को कई तथ्य मिले हैं, जिन्हें एनआईए के साथ साझा किया जा रहा है। एनआईए इन तथ्यों का अलग एंगल से विश्लेषण कर रही है। अगर नेटवर्क के बड़े तार सामने आते हैं, तो राष्ट्रीय जांच एजेंसी आगे स्वतंत्र जांच प्रारंभ कर सकती है। फिलहाल एटीएस यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों किशोरों के संपर्क में प्रदेश के कितने अन्य युवा थे और किस तरह पाक हैंडलरों के निर्देश पर नाबालिग अन्य बच्चों को प्रभावित कर रहे थे। राज्य में हिंसा फैलाने की साजिश, बड़े रोल की तैयारी सूत्रों के अनुसार पाक हैंडलरों ने दोनों किशोरों को बेहद योजनाबद्ध तरीके से अपनी विचारधारा में ढाल लिया था। उन्हें धर्म के नाम पर भड़काकर सामाजिक तंत्र से पूरी तरह अलग कर दिया गया। हैंडलर उन्हें लगातार ऐसे युवाओं का नेटवर्क बढ़ाने कहते थे जो उनके कट्टर विचारों से प्रभावित हो सकते थे। राजफाश हुआ है कि बच्चों को राज्य में किसी बड़ी आतंकी गतिविधि की जिम्मेदारी सौंपने की तैयारी थी, लेकिन उससे पहले ही एटीएस ने उन्हें पकड़कर इस साजिश को नाकाम कर दिया। कई और स्लीपर सेल की आशंका एटीएस को संदेह है कि जिस तरह रायपुर और भिलाई के दो किशोरों को टारगेट किया गया, उसी प्रकार प्रदेश में और भी नाबालिगों को प्रभावित करने की कोशिश की गई हो सकती है। इसी वजह से एजेंसी ने 10 हजार से अधिक इंटरनेट मीडिया अकाउंट्स की निगरानी शुरू कर दी है। जिन अकाउंट्स पर अधिक संदेह है उनकी मैन्युअल मानिटरिंग भी की जा रही है। इंस्टाग्राम पर नजर, साइबर सेल भी सक्रिय किशोरों के आतंकी नेटवर्क से जुड़े होने के बाद साइबर सेल ने इंटरनेट मीडिया की सर्विलांस और कड़ी कर दी है। संदिग्ध अकाउंट्स के आइपी एड्रेस ट्रैक किए जा रहे हैं और उनके विदेशी कनेक्शन की जांच की जा रही है। जांच में इंस्टाग्राम सबसे अधिक संदिग्ध प्लेटफार्म के रूप में सामने आया है, इसलिए इस पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। एटीएम ने परिजन को दिखाए बातचीत के सबूत एटीएस ने दोनों बच्चों की चैट, ग्रुप स्क्रीनशाट, फर्जी आईडी, हिंसक कंटेंट और हैंडलर्स के साथ हुई बातचीत के सबूत परिवारों को दिखाए हैं। परिजन ने अधिकारियों से कहा कि उन्हें अंदाजा तक नहीं था कि उनके बच्चे फोन में किस तरह की दुनिया में फंस चुके हैं।  

350वां शहीदी दिवस: पंजाब मुख्यमंत्री ने आनंदपुर साहिब में नमन कर किया महान बलिदान को स्मरण

चंडीगढ़ सिख गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के पावन अवसर पर रविवार को श्री आनंदपुर साहिब में धार्मिक समारोह का आयोजन हुआ। इस मौके पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बाबा बुढ़ा दल छावनी में श्री अखंड पाठ साहिब के समक्ष मत्था टेका। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर समारोह की तस्वीर पोस्ट की। मुख्यमंत्री मान के साथ पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल भी मौजूद रहे। भगवंत मान ने कहा, "नौवें पातशाह साहिब श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित श्री आनंदपुर साहिब स्थित बाबा बुढ़ा दल छावनी में श्री अखंड पाठ साहिब के आरंभ के अवसर पर राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया और राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के साथ शामिल होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।" उन्होंने कहा कि गुरु के चरणों में पंजाबियों के कल्याण, भाईचारे और एकता के लिए प्रार्थना की। शहीदी दिवस को समर्पित सभी कार्यक्रमों में गुरु साहिब जी सदा अंग-संग सहाई बने रहे और सभी कार्य मर्यादा अनुसार संपन्न हों। राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने भी गुरु तेग बहादुर जी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि हिंद दी चादर गुरु साहिब ने मानवता, धर्म और इंसानियत की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उनकी शिक्षाएं आज भी पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। अरविंद केजरीवाल ने 'एक्स' पर तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा, "श्री आनंदपुर साहिब में नौवें पातशाह श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की 350वीं शहीदी शताब्दी को समर्पित श्री अखंड पाठ साहिब का आरंभ हुआ। इस दिव्य समागम में उपस्थित होकर गुरु साहिब जी के चरणों में नतमस्तक होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।" इस खास मौके पर श्री आनंदपुर साहिब को खूबसूरत फूलों और लाइटों से सजाया गया था। हजारों की संख्या में संगत दूर-दूराज से पहुंची और गुरु महाराज के सामने नतमस्तक हुई। बाबा बुढ़ा दल के मुखी और प्रमुख संत-महापुरखों ने भी अखंड पाठ साहिब का भोग डाला।

डॉ. तोगड़‍िया का जनसंख्या फॉर्मूला: ‘तीन बच्चे हों हिंदुओं के, तीसरे की पढ़ाई का खर्च मेरा’

मंडला अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के अध्यक्ष डॉ. प्रवीण तोगड़िया आज मध्य प्रदेश के मंडला दौरे पर हैं। वे दोपहर 2 बजे मंडला कृषि मंडी में सभा को संबोधित करेंगे। इससे पूर्व वे जंतीपुर पहुंचे, जहां कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। कार्यकर्ताओं से चर्चा के दौरान डॉ. तोगड़िया ने कहा कि हिंदू राष्ट्र निर्माण के लिए मोहन भागवत ही पर्याप्त और सक्षम हैं, हम उनके पीछे हैं। वह सब कुछ करा लेंगे। साथ ही उन्होंने जनसंख्या को लेकर कहा कि हिंदुओं को तीन बच्चे पैदा करने चाहिए, तीसरे बच्चे कि स्कूल फीस मैं भरवा दूंगा। उन्होंने यह भी कहा कि हिंदुओं के लिए काम करने वाले व्यक्ति या कोई संस्था, आरएसएस के मोहन भागवत का सम्मान करना चाहिए।

2035 War Policy पर मध्यप्रदेश में बड़ा बैठक: सेना के शीर्ष दिग्गज होंगे शामिल

महू  डॉ. आंबेडकर नगर (महू) के आर्मी वॉर कॉलेज में 24-25 नवंबर को सेना का दो दिनी सेमिनार होगा। इसमें सीनियर मिलिट्री कमांडर, स्ट्रैटेजिक थिंकर्स, एकेडेमियर और इंडस्ट्री के सब्जेक्ट मैटर एक्सपर्ट, टेक्नोलॉजिस्ट और वेटरन्स एक साथ विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे। महू में सेना द्वारा रणसंवाद के बाद तीन माह में दूसरा बड़ा सेमिनार आयोजित किया जा रहा है। ऑर्मी वॉर कॉलेज (Army War College) द्वारा होने वाले इस सेमिनार का विषय ' फ्यूचर रेडी' है। इसमें कल के युद्ध के लिए भारतीय सेना की दक्षता को मजबूत करना है। यह 27वां डाक्ट्रिन और स्ट्रेटेजी सेमिनार है। यह सेमिनार डिसरप्टिव टेक्नोलाजी, बदलते जियो पालिटिकल इक्वेशन और मुश्किल थ्रेट मैट्रिक्स से पैदा होने वाली जरूरी चुनौतियों और मौकों पर फोकस करेगा।  एआइए रोबोटिक्स सहित अन्य तकनीक पर चर्चा सेमिनार में चर्चा का मुख्य उद्देश्य अनमैन्ड सिस्टम, काउंटर ड्रोन कैपेबिलिटीए एआई बेस्ड डिसीजन सपोर्ट, रोबोटिक्स,क्वांटम टेक्नोलाजी, इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम ऑपरेशन और नियर स्पेस प्लेटफॉर्म में भारत की टेक्नोलाजिकल तैयारी का आकलन करना होगा। बातचीत में आत्मनिर्भरता और लंबे समय की कैपेबिलिटी आटोनामी को आगे बढ़ाने में डिफेंसइकोसिस्टम की ताकत की भी जांच होगी। जिसमें डीआरडीओए डीपीएसयूए प्राइवेट फर्म, स्टार्ट-अप और एकेडेमिया शामिल हैं। सेमिनार भविष्य की लड़ाइयों के लिए जरूरी सैद्धांतिक, स्ट्रक्चर और लीडरशिप सुधारों को बताने पर फोकस करेगा।   ऑर्मी चीफ भी हो सकते हैं शामिल सेमिनार में ऑर्मी चीफ जनरल उपेंद्र ‌द्विवेदी भी शामिल हो सकते हैं। हालांकि इसको लेकर अभी अधिकृत पुष्टी नहीं हो सकीं। तीन माह पहले रणसंवाद में रक्षामंत्री राजनाथसिंह, सीडीएस जनरल अनिल चौहान सहित एयर चीफ मार्शल और नेवी चीफ भी शामिल हुए थे।   तीन थीम पर होगी चर्च भविष्य के लिए एक तय दिशा देने के लिए मुय तीन थीम पर चर्चा होगी। जिसमें यूचर बैटलफील्ड मिलियू 2035- इंडियन कांटेक्स्ट, आपरेशंस को असरदार तरीके से चलाने के लिए टेक्नोलाजिकल तैयारी और यूचर कोर्स को क्रिस्टल गेजिंग शामिल हैं। थीम में वर्तमान से 2035 तक की सुरक्षा परिस्थितियों को देखा जाएगा। जिसमें मिलिट्री माडनॉईजेशन, इंटेलिजेंट वारफेयर, एसिमेट्रिक स्ट्रैटेजी, ग्रे जोन आपरेशन और दुश्मनों द्वारा पैदा किए गए कोआर्डिनेटेड मल्टी डोमेन मिश्रित वाली स्थितियों की संभावना शामिल है। एक्सपर्ट स्पेस, साइबर, इंफॉर्मेशन और काग्निटिव वारफेयर के पहलुओं व रोकथाम और एस्केलेशन कंट्रोल के लिए उनके असर का एनालिसिस करेंगे।

सुकून की राह: नीम करौली बाबा की सीखें जो बदल देंगी आपकी जिंदगी

नीम करोली बाबा का नाम ज्यादातर लोग जानते हैं। कलियुग में हनुमान का अंश बोले जाने वाले ये बाबा इस धरती पर नही हैं। लेकिन उनकी शिक्षाएं और उपदेश लोगों को रास्ता जरूर दिखा रही हैं। जीवन में आगे बढ़ने, निराशा और असफलता को छोड़ कर आगे बढ़ने की सीख देने वाले उपदेशों को आप भी एक बार जरूर पढ़ लें। इन्हीं उपदेशों की बदौलत स्टीव जॉब्स से लेकर मार्क जुकरबर्क तक उनके आश्रम तक चले जाए और उपदेशों से प्रभावित हुए। अगर मन की शांति और सुकून छिन गया है तो पढ़ लें नीम करोली बाबा के ये उपदेश। नीम करोली बाबा के उपदेश 1) सबकी सेवा करो, सबको भोजन दो और सबसे प्यार करो। इन तीन कामों को करते हुए बस भगवान को याद करो। 2) चाहे किसी ने तुम्हें तकलीफ दी हो लेकिन सबको भगवान समझकर ही प्यार करो। 3) जब आप दुखी, बीमार या परेशान होते हैं तो उस समय आप जीवन की सच्चाईयों को सीख रहे होते हैं। इसलिए दुख-तकलीफ से घबराना नहीं चाहिए। ये आपके लिए किसी लेसन की तरह होते हैं। 4) कर्म की सबसे बड़ी पूजा है। इसलिए भागवद् गीता के इस उपदेश को मानना चाहिए। 5) बाहर की दुनिया देखने की बजाय अपने अंदर देखों, झांको और खुद को समझने की कोशिश करो। 6) किसी को माफ कर देना सबसे बड़ा हथियार होता है। क्योंकि संत अपने गुस्से को तुरंत ही छोड़ देते हैं। 7) हमेशा ऐसे लोगों की संगत में रहो जो पॉजिटिव सोचते हैं। ऐसे लोगों का साथ आपको आगे बढ़ने में मदद करेगा। 8) हर इंसान में ईश्वर को देखो। धर्म और कर्म के आधार पर शिक्षा देना पूरी तरह से गलत है। 9) खुद को साधारण मानों और अपने भगवान से पूछो क्या मैं कुछ नहीं कर सकता। इसके साथ ही ये मान कर चलो कि जो कुछ भी आप करते हैं वो सब भगवान कर रहा है।