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साफ पानी की भारी कमी: NGT ने पंजाब के इन शहरों को दिया कड़ा आदेश

पटियाला/चंडीगढ़ नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) की प्रिंसिपल बेंच ने ज़ीरकपुर, बनूड़ और राजपुरा क्षेत्र के निवासियों को साफ पीने का पानी उपलब्ध न कराने को लेकर पंजाब सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। ट्रिब्यूनल ने सरकार की कार्यशैली पर गंभीर नाराज़गी जताई। मुख्य सचिव को जिम्मेदारी तय करने के निर्देश NGT की बेंच ने पंजाब के मुख्य सचिव को आदेश दिया है कि वे इस मामले में देरी के लिए ज़िम्मेदारी तय करें और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख़्त कार्रवाई शुरू करें। एडवोकेट सुनेना ने 2022 में इस मामले में NGT में मूल याचिका दायर की थी। रिपोर्टों में सामने आया है कि इस क्षेत्र में दूषित पानी की सप्लाई के कारण लोग हैजा, पीलिया, टाइफॉइड, उल्टियां, पेट दर्द, डिहाइड्रेशन और त्वचा रोग जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं। कई इलाकों में पानी पीने योग्य मानकों पर खरा नहीं उतर रहा। जुलाई 2023 के आदेश के ढाई साल बाद भी हालात जस के तस हैं—लोग अभी भी अत्यधिक दूषित पानी का उपयोग करने को मजबूर हैं और महंगा बोतलबंद पानी खरीदकर पी रहे हैं। NGT का त्वरित राहत आदेश NGT ने तात्कालिक राहत देते हुए राजपुरा नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी और पंजाब जल आपूर्ति एवं सीवरेज बोर्ड के निदेशक को आदेश दिया है कि जब तक पानी की गुणवत्ता सुधर नहीं जाती, तब तक रोज़ाना टैंकरों के माध्यम से साफ पीने का पानी उपलब्ध कराया जाए। अधिकारियों को 2 फरवरी 2026 को अगली सुनवाई में वर्चुअली उपस्थित होकर अनुपालन रिपोर्ट पेश करनी होगी। AMRUT योजना का कार्य भी अधूरा राजपुरा नगर परिषद के अध्यक्ष नरिंदर शास्त्री ने NGT को बताया कि भाखड़ा ब्रांच से पानी की सप्लाई तो हो रही है, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। वहीं, AMRUT योजना के तहत चल रहा प्रोजेक्ट भी अभी अधूरा है।  

सरकार ने किया बड़ा ऐलान: जीविका दीदियों के खातों में सीधे ट्रांसफर होंगे ₹10,000, तारीख तय!

पटना  बिहार में महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में सरकार ने एक बार फिर ठोस कदम उठाया है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत राज्य की करीब 10 लाख जीविका दीदियों को 14 दिसंबर तक उनके बैंक खातों में 10-10 हजार रुपये की पहली किस्त दी जाएगी। अब तक इस योजना के लाभार्थियों की संख्या 1 करोड़ 40 लाख महिलाओं तक पहुंच चुकी है। इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और उन्हें स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना है। राज्य सरकार का मानना है कि महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता न केवल उनके जीवन स्तर को सुधारती है, बल्कि पूरे परिवार और समाज पर सकारात्मक प्रभाव डालती है। रोजगार के अवसर बढ़ाने का संकल्प मुख्यमंत्री ने कहा है कि योजना से महिलाओं को न केवल अपनी आर्थिक जरूरतें पूरी करने का मौका मिलेगा, बल्कि वे अपनी पसंद का व्यवसाय शुरू कर रोजगार के नए अवसर पैदा कर सकेंगी। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि निर्धारित तारीख तक सभी पात्र महिलाओं के खातों में राशि पहुंच जाए। योजना के तहत प्रत्येक परिवार की एक महिला को अपनी पसंद का रोजगार शुरू करने के लिए पहली किस्त के रूप में 10 हजार रुपये दिए जाएंगे। व्यवसाय शुरू होने के बाद, योजना के तहत महिलाओं को आवश्यकतानुसार 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त वित्तीय सहायता भी दी जा सकती है। इससे न केवल महिलाओं का सशक्तिकरण होगा, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।   पात्रता और शर्तें योजना में परिवार से आशय पति-पत्नी और उनके अविवाहित बच्चों से है। अगर कोई अविवाहित महिला अपने माता-पिता के बिना रहती है, तो उसे एकल परिवार माना जाएगा। शहरी क्षेत्रों के स्वयं सहायता समूहों की सभी महिला सदस्य इस योजना का लाभ ले सकती हैं। इसके अलावा योजना में आवेदन करने वाली महिला की उम्र 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए। महिला या उसके पति आयकर दाता नहीं होने चाहिए, और न ही दोनों में से कोई सरकारी नौकरी में कार्यरत होना चाहिए। जो महिलाएं शहरी स्वयं सहायता समूहों की सदस्य नहीं हैं, उन्हें सदस्य बनाकर योजना का लाभ दिलाया जा सकता है।  

विवादित बयान ने भड़काया गुस्सा: ब्राह्मण समाज की FIR मांग, MP में बड़े प्रदर्शन की तैयारी

ग्वालियर आईएएस संतोष वर्मा (IAS Santosh Vaerma) का विवादित बयान से लोगों में भारी आक्रोश है। आईएएस संतोष वर्मा की ओर से 23 को अजास्क के प्रांतीय सम्मेलन में ब्राह्मण समाज (Brahmin Community) की बेटियों के बारे में दिए गए आपत्तिजनक बयान के विरोध में मध्यप्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। महाराजपुर और चंदला में ब्राह्मण समाज के लोगों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की। समाजजनों ने कहा कि यह बयान न केवल अमर्यादित और असंवेदनशील है बल्कि समाज की बेटियों का अपमान भी है। महाराजपुर क्षेत्र में ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधियों ने लक्ष्मी प्रसाद अहिरवार, तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर संतोष वर्मा के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई की मांग की। इसके बाद उन्होंने थाना महाराजपुर में पुलिस अधीक्षक के नाम दूसरा ज्ञापन सौंपा। समाजजनों ने चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। ज्ञापन कार्यक्रम में सूर्यभान अवस्थी, विष्णुदत्त शर्मा (पूर्व सीएमओ), रविंद्र पुरोहित, भागीरथ द्विवेदी, बद्री अरजरिया, भुमानीदीन अरजरिया, राजेन्द्र दीक्षित, कृष्ण कुमार द्विवेदी, अविनीश चौबे, भास्कर तिवारी, जीतेन्द्र रिछारिया, मनीष बिलगाई और अन्य ग्रामीण एवं नगरवासी उपस्थित रहे। चंदला में भी ब्राह्मण समाज के सैकड़ों लोगों ने तहसील कार्यालय जाकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा और संतोष वर्मा को पद से हटाने तथा दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की। इसके बाद उन्होंने चंदला थाने में एफआईआर दर्ज करने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो मुख्य सड़क जाम कर प्रदर्शन किया जाएगा। ज्ञापन देने वाले ग्रामीणों में चंदला, छठीबम्होरी, बंजारी, बंसिया, बदौरा, हर्रई नेहरा, गहबरा, गुधौरा, भगौरा, सिजई और आसपास के दर्जनों गांव शामिल थे।

प्रधानमंत्री आवास योजना को गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए हितग्राही को किया जाता है प्रोत्साहित

जियोटैग नियमानुसार और वास्तविक स्थिति के अनुरूप ही  निरीक्षण में पाया आवास निर्माण पूर्ण रायपुर, प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना ग्रामीण गरीबों को आवास प्रदान करने आवास की समसया को दूर करने के उद्देश्य से शुरू की गई थी। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना में लाभार्थियों को स्थानीय सामग्री और प्रशिक्षित राजमिस्त्रियों का उपयोग करके गुणवत्तापूर्ण घर बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। आवासों को जियोटैग नियमानुसार और वास्तविक स्थिति के अनुरूप ही हितग्राही द्वारा बनाया जाता है, जिसका निरीक्षण में पाया आवास पूर्ण पाया गया। ग्रामीण बेघर नागरिकों को पक्का मकान प्रदान करना              केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई एक आवास योजना है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण बेघर नागरिकों को पक्का मकान प्रदान करना है। इस योजना के तहत कच्चे मकानों में रहने वाले या बिना छत वाले परिवारों को पक्के मकान बनाने के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है, जिसमें सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होती हैं। इस योजना के तहत निर्माण होने वाले मकानों को जियोटैग नियमानुसार और वास्तविक स्थिति के अनुरूप ही रिपोर्ट किया जाता है। जियोटैग नियमानुसार और वास्तविक स्थिति           प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत अपूर्ण आवासों को लेकर कलेक्टर गरियाबंद श्री उईके के निर्देश पर गठित जिला स्तरीय जांच समिति ने छह ग्राम पंचायतों में स्थल निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की। निरीक्षण के दौरान ग्राम पंचायत सरईपानी में हितग्राही गोर्वधन नागेश, कन्हल राम और गजिन के आवास पूर्ण अवस्था में पाए गए। ग्राम पंचायत उसरीजोर में हितग्राही दुर्गासिंह का आवास निर्माणाधीन मिला, जिसका जियोटैग प्लिंथ स्तर पर किया गया था। निर्माण कार्य जारी होने के कारण वहां गृह प्रवेश नहीं हो पाया है। निमाण कार्य का जियोटैग से नियमानुसार और वास्तविक स्थिति की जानाकरी ली जाती है। हितग्राही का आवास पूर्ण रूप से निर्मित         इस योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में सभी आवासहीन परिवारों को बुनियादी सुविधाओं के साथ एक पक्का घर प्रदान करना है। लाभार्थियों को गुणवत्तापूर्ण घर बनाने के लिए स्थानीय सामग्री और डिज़ाइन का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। राशि सीधे लाभार्थी के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में स्थानांतरित की जाती है। गरियागद जिले के ग्राम पंचायत गोढियारी में हितग्राही सुखचंद का आवास पूर्ण मिला। इसी प्रकार ग्राम पंचायत मुडगेलमाल में हितग्राही भंवर का आवास पूर्ण रूप से निर्मित मिला। अमलीपदर पंचायत में हितग्राही धनमती और निरोबाई के आवास भी पूरी तरह पूर्ण पाए गए। कलेक्टर श्री उईके ने स्पष्ट किया कि सभी स्थलों पर किए गए भौतिक निरीक्षण और आवास सॉफ्टवेयर में दर्ज जियोटैग के मिलान से यह सिद्ध हो गया है कि किसी भी अपूर्ण आवास में गृह प्रवेश नहीं कराया गया है। सभी जियोटैग नियमानुसार और वास्तविक स्थिति के अनुरूप ही किए गए हैं।

महिला कबड्डी विश्व कप विजेता संजू देवी को CM साय की बधाई

रायपुर, महिला कबड्डी विश्व कप की स्टार खिलाड़ी छत्तीसगढ़ निवासी संजू देवी ने विगत दिवस मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित उनके निवास कार्यालय में सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्व कप में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर छत्तीसगढ़ और देश का नाम रोशन करने पर संजू देवी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि “आपने महिला सशक्तिकरण की एक नई मिसाल पेश की है। आपको देखकर प्रदेश की बेटियाँ खेल जगत में और अधिक उत्साह के साथ आगे बढ़ेंगी। यह उपलब्धि निस्संदेह आने वाली पीढ़ियों की खेल प्रतिभा को निखारने में प्रेरक साबित होगी।”मुलाकात के दौरान संजू देवी ने भी अपनी जीवन यात्रा, संघर्ष, और खेल से जुड़े अनुभव मुख्यमंत्री श्री साय के साथ साझा किए। उल्लेखनीय है कि महिला कबड्डी विश्व कप की स्टार खिलाड़ी संजू देवी कोरबा जिले के ग्राम केराकछार की निवासी हैं। उन्हें महिला कबड्डी विश्व कप में मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर का खिताब भी प्राप्त हुआ है। यह प्रतिष्ठित टूर्नामेंट 17 नवंबर से 24 नवंबर के मध्य बांग्लादेश की राजधानी ढाका में आयोजित किया गया था। मुलाकात के दौरान छत्तीसगढ़ युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर, छत्तीसगढ़ कबड्डी संघ के प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत बघेल, कोषाध्यक्ष सेवा राम साहू, पूर्व कोच अनुज प्रताप सिंह, वर्तमान कोच दिल कुमार राठौर सहित अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित थे।

माओवाद प्रभावित क्षेत्र से निकलकर आत्मनिर्भरता की मिसाल बनीं सरोज पोडियाम

पीएम स्वनिधि योजना बनी आर्थिक सशक्तिकरण का आधार रायपुर,  सुकमा जिले की निवासी सरोज पोडियाम माओवाद हिंसा से प्रभावित परिवार से हैं। वर्ष 2009 में माओवादियों द्वारा उनके ससुर की हत्या किए जाने से परिवार गंभीर आर्थिक संकट में आ गया था। इस कठिन परिस्थिति में शासन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए नवा बिहान योजना के अंतर्गत उन्हें आवास प्रदान किया तथा उनके पति श्री राकेश पोडियाम को नगर सैनिक (सिपाही) के पद पर नियुक्त कर परिवार को सुरक्षा एवं आजीविका का सहारा दिया। सरोज पोडियाम पहले से ही घर पर सिलाई कार्य करती थीं, लेकिन पूंजी की कमी के कारण वे अपने व्यवसाय का विस्तार नहीं कर पा रही थीं। जब उन्हें प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की जानकारी मिली, तो उन्होंने स्व-रोजगार के अवसर को अपनाने हेतु आवेदन किया। दिनांक 24 नवम्बर को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, सुकमा द्वारा उन्हें 15,000 रुपये का ऋण स्वीकृत किया गया। चेक का वितरण मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री पी.आर. कोर्राम और नगर पालिका परिषद सुकमा के अध्यक्ष श्री हूँगा राम मरकाम के द्वारा किया गया। ऋण स्वीकृत होने के बाद सरोज पोडियाम ने अपने सिलाई व्यवसाय को नए उत्साह और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ाया। आज वे अपने परिश्रम और सरकारी योजनाओं के सहयोग से परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं तथा आत्मनिर्भर और सशक्त महिला के रूप में समाज के सामने उदाहरण प्रस्तुत कर रही हैं। सरोज का कहना है कि सरकार द्वारा दी गई सहायता और अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति के कारण ही हमारे जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। उनकी कहानी यह दर्शाती है कि सही मार्गदर्शन, शासन की योजनाओं का लाभ और व्यक्तिगत संकल्प किसी भी कठिन परिस्थिति से उबरकर सफलता की ओर ले जा सकते हैं।

चुनाव के 3 दिन बाद बड़ा upheaval: राष्ट्रपति भवन पर गोलियां, सेना ने संभाली सत्ता

नई दिल्ली  गिनी-बिसाऊ में राष्ट्रीय चुनावों के तीन दिन बाद सेना ने राष्ट्रपति को सत्ता से हटा दिया और उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। सैनिकों ने बुधवार को सरकारी टेलीविजन पर तख्तापलट की घोषणा की। बुधवार दोपहर राष्ट्रपति भवन के पास गोलियों की आवाजें भी सुनाई दी थीं। फ्रांस के समाचार आउटलेट 'जून अफ्रीका' ने राष्ट्रपति उमारो सिस्सोको एम्बालो के हवाले से बताया कि सेना प्रमुख ने तख्तापलट किया है और उन्हें (राष्ट्रपति) गिरफ्तार कर लिया गया है।   फ्रांसीसी टेलीविजन नेटवर्क ‘फ्रांस 24' से उन्होंने कहा, "मुझे पद से हटा दिया गया है।" राष्ट्रीय और सार्वजनिक व्यवस्था की बहाली के लिए गठित उच्च सैन्य कमान के प्रवक्ता दिनिस एन'चमा ने एक बयान में कहा, ‘‘ शीर्ष सैन्य कमान ने राष्ट्रीय और सार्वजनिक व्यवस्था की बहाली के लिए तुरंत राष्ट्रपति को पद से हटाने और गिनी-बिसाऊ गणराज्य की सभी संस्थाओं को अगले आदेश तक निलंबित करने का निर्णय लिया है।"   उन्होंने दावा किया कि चुनावी नतीजों में हेरफेर करके देश को अस्थिर करने की जारी गोपनीय योजना के जवाब में यह कदम उठाया गया है। एन'चमा ने आरोप लगाया कि इस "साजिश" में कुछ नेता, एक कुख्यात मादक पदार्थ कारोबारी और घरेलू तथा विदेशी नागरिक शामिल थे। राष्ट्रपति और संसदीय चुनाव रविवार को हुए थे। मौजूदा राष्ट्रपति एम्बालो और विपक्षी उम्मीदवार फर्नांडो डायस दा कोस्टा, दोनों ने मंगलवार को अपनी-अपनी जीत का दावा किया था जबकि आधिकारिक अनंतिम परिणाम बृहस्पतिवार को आने की उम्मीद है।    

नगर निकाय चुनाव में भाग लेने से पहले जानें ये महत्वपूर्ण नियम, चुनाव आयोग ने किया अपडेट

रांची झारखंड में जल्द ही नगर निकाय चुनाव कराए जाएंगे। नगर निकाय चुनाव से पहले राज्य निर्वाचन आयोग ने कई निर्देश जारी किये हैं। जारी निर्देश में कहा गया है कि दो से अधिक संतान और बकाया कर वाले नगर निकाय चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। निर्देश में कहा है कि झारखंड में होने वाले नगर निकाय चुनाव में दो से अधिक संतान वाले वैसे लोग उम्मीदवार नहीं बन पाएंगे, जिनके आखिरी संतान का जन्म 9 फरवरी 2013 के बाद हुआ हो। तीन से अधिक संतान की स्थिति में चुनाव लड़ने की अयोग्यता से संबंधित नियम को लेकर आयोग की ओर से जारी आदेश की प्रति उपायुक्त को भेजकर उन्हें इसका पालन सुनिश्चित कराने को कहा गया है। पत्र में कहा है कि दो से अधिक संतान वाला व्यक्ति भी नगरपालिका के किसी पदधारी का निर्वाचन लड़ने के लिए अयाेग्य होगा। परंतु यदि उसके दो से अधिक संतान 9 फरवरी 2013 तक या उसके पूर्व थे और बाद में उसमें कोई वृद्धि नहीं हुई है तो वह अयोग्य नहीं होगा। इस संबंध में भी यह स्पष्ट किया जाता है कि संतानों की संख्या में गोद लिए गए संतान एवं जुड़वा संतानों को भी सम्मिलित किया जायेगा।  

बदलते वैश्विक संकटों के बीच भारतीय सेना का संकल्प—2047 तक बनेगी शक्तिशाली बहु-क्षेत्रीय सेना

नई दिल्ली  नई दिल्ली में आयोजित चाणक्य डिफेंस डायलॉग में सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने भारतीय सेना की भावी रणनीति, सैन्य परिवर्तनों और राष्ट्रीय सुरक्षा दृष्टिकोण का व्यापक खाका पेश किया। सेना प्रमुख ने कहा कि विश्व अत्यधिक अस्थिर, बहुध्रुवीय और संघर्षग्रस्त होता जा रहा है। उन्होंने बताया कि फिलहाल दुनिया के 50 से अधिक क्षेत्रों में संघर्ष जारी हैं। इससे वैश्विक असुरक्षा लगातार बढ़ रही है। ऐसे में यह मूल प्रश्न उठता है कि तेजी से बदलती इन वैश्विक परिस्थितियों में भारतीय सेना को किस दिशा में रूपांतरित होना चाहिए। सेनाध्यक्ष ने यहां प्रधानमंत्री के 5-एस दृष्टिकोण का उल्लेख भी किया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के 5-एस दृष्टिकोण यानी सम्मान, संवाद, सहयोग, समृद्धि और सुरक्षा के आधार पर भारत अमृतकाल से विजन 2047 की ओर बढ़ रहा है। इसी विजन से इस वर्ष का विषय रखा गया है जिसका शीर्षक ‘रिफार्म टू ट्रांसफॉर्म – सशक्त, सुरक्षित और विकसित भारत’ है।  सेना प्रमुख ने बताया कि सेना ने आने वाले वर्षों के लिए तीन-चरणीय योजना तैयार की है। चरण-1 के अंतर्गत वर्ष 2032 तक परिवर्तन के दशक के अंतर्गत तीव्र बदलाव की रूपरेखा तय है। चरण-2 में 2037 तक पहले चरण में हासिल उपलब्धियों का विस्तार एवं स्थिरीकरण निश्चित किया गया है। चरण-3 में जंप यानी भविष्य के लिए 2047 तक पूर्णत एकीकृत, बहु-क्षेत्रीय, आधुनिक और तैयार सेना का निर्माण तय किया गया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 को रक्षा मंत्रालय ने सुधार वर्ष घोषित किया है, जिसका प्रभाव ऑपरेशन ‘सिंदूर’ जैसी उपलब्धियों में दिखा है। भारतीय सेना के परिवर्तन के चार प्रमुख आधार बताए गए। जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने चार प्रमुख स्प्रिंगबोर्ड या प्रेरक आधार बताए। इनमें आत्मनिर्भरता यानी स्वदेशीकरण से सशक्तिकरण शामिल है। वहीं रक्षा निर्माण, अंतरिक्ष तकनीक और आधुनिक सैन्य प्रणालियों में भारत तेजी से आगे बढ़ा है। हालांकि अभी भी व्यापक क्षमता निर्माण की आवश्यकता है ताकि भारत स्वयं की जरूरतें स्वयं पूरी कर सके। वहीं अनुसंधान यानी त्वरित नवोन्मेष को भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है। सेना प्रमुख ने बताया कि आइडेक्स और ‘अदिति’ जैसे कार्यक्रम विचार से प्रोटोटाइप तक तेजी ला रहे हैं। अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर, क्वांटम, अंतरिक्ष और अत्याधुनिक सामग्री के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर बदलाव की जरूरत है। तीसरा अनुकूलन और रक्षा ढांचे में सुधार है। राष्ट्रीय आत्मनिर्भरता लक्ष्यों के अनुरूप सैन्य ढांचे को तेजी से पुनर्गठित किया जा रहा है। इस संवाद से सेना को ठोस सुझाव मिलने की अपेक्षा है। चौथा आधार एकीकरण को बताया गया। इसमें सैन्य नागरिक समन्वय शामिल है। युद्धक क्षमता का विकास बहु-एजेंसी और बहु-क्षेत्रीय प्रयास भी इसका हिस्सा है। आर्मी चीफ ने बताया कि सेना अपने परीक्षण क्षेत्र खोल रही है, स्टार्ट-अप को सहयोग दे रही है और राष्ट्रीय तकनीकी मिशनों से जुड़ रही है। साथ ही वसुधैव कुटुम्बकम की भावना के साथ वैश्विक सहयोग को भी आगे बढ़ाया जा रहा है। सेना प्रमुख ने संबोधन के अंत में कहा कि चाणक्य डिफेंस डायलॉग में उपस्थित सैन्य विशेषज्ञ, विद्वान और नीति निर्माता भारतीय सेना के परिवर्तन को नई दिशा देंगे। इससे पहले सत्र की शुरुआत में सेना प्रमुख ने राष्ट्रपति, राजनयिक समुदाय, सेनाध्यक्षों, विशेषज्ञों, मीडिया प्रतिनिधियों और उपस्थित विद्यार्थियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि चाणक्य डिफेंस डायलॉग की स्थापना वर्ष 2023 में हुई थी, तब तत्कालीन सेना प्रमुख ने भारतीय सेना के लिए ‘परिवर्तन का दशक’ घोषित किया था। इसके बाद यह मंच लगातार विस्तृत, प्रभावी और वैश्विक रणनीतिक विमर्श का प्रमुख केंद्र बन चुका है।

एक महीने में दो कड़े फैसले: पहले फांसी, अब 21 साल कैद… हसीना की वापसी पर लगा ब्रेक?

ढाका  बांग्लादेश की अपदस्थ पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना पर न्यायिक शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। एक महीने में दूसरा बड़ा फैसला आते ही राजनीतिक हलकों में भूचाल मच गया है। इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल से मानवता के खिलाफ अपराधों में मौत की सजा मिलने के बाद, अब ढाका की स्पेशल जज कोर्ट ने भूमि घोटाले के तीन मामलों में कुल 21 साल की कैद सुनाई है। फैसला हसीना और उनके परिवार की अनुपस्थिति में सुनाया गया, क्योंकि वे पिछले साल हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद भारत में रह रही हैं। अदालत ने पाया कि RAJUK पुर्बांचल न्यू टाउन प्रोजेक्ट में हसीना और उनके रिश्तेदारों को बिना आवेदन और गैरकानूनी तरीके से प्लॉट आवंटित किए गए थे। इन मामलों में उनका बेटा सजीब वाजेद जॉय, बेटी साइमा पुतुल, बहन शेख रेहाना, और ब्रिटिश सांसद ट्यूलिप सिद्दीक सहित पूरा परिवार आरोपी है। विशेषज्ञ मानते हैं कि अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस, हसीना की राजनीतिक जड़ों को पूरी तरह उखाड़ने की रणनीति पर काम कर रहे हैं, जिसके संकेत लगातार आते फैसले दे रहे हैं।इस तरह फांसी + 21 साल की सजा ने हसीना की राजनीति पर सबसे बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है। बांग्लादेश की राजनीति अब नए मोड़ पर है, और आने वाले हफ्तों में घटनाएँ और भी नाटकीय हो सकती हैं। मौत की सजा का फैसला 17 नवंबर को बांग्लादेश इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल ने एक बड़ा फैसला सुनाते हुए शेख हसीना को मौत की सजा दी। ट्रिब्यूनल का आरोप है कि पिछले साल जुलाई-अगस्त 2024 के दौरान  सरकार विरोधी प्रदर्शनों में हुई हिंसा में कई छात्रों की मौत  “मानवता के खिलाफ अपराध”  है। इस मामले में हसीना के साथ पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल को भी फांसी की सजा सुनाई गई। इन प्रदर्शनों के बाद हसीना देश से भागकर भारत में रह रही हैं, इसलिए यह फैसला भी उनकी अनुपस्थिति में दिया गया।   21 साल की कैद  ढाका की स्पेशल जज कोर्ट-5 ने RAJUK के पुर्बांचल न्यू टाउन प्रोजेक्ट में प्लॉट आवंटन घोटाले के तीन मामलों में शेख हसीना को 7-7 साल (कुल 21 साल) की सजा सुनाई। कोर्ट के मुताबिक हसीना को बिना किसी आवेदन और गैरकानूनी तरीके से सरकारी भूमि आवंटित की गई।  इसलिए तीनों मामलों में अलग-अलग सजाएँ दी गईं । सजा क्रमशः भुगतनी होगी।  यह फैसला गुरुवार सुबह 11:45 बजे जज मोहम्मद अब्दुल्ला अल-मामून ने सुनाया। ट्रायल कैसे हुआ?     प्रॉसिक्यूशन और डिफेंस की दलीलें 23 नवंबर को पूरी हुईं     31 जुलाई को आरोप तय हुए     17 नवंबर को गवाही पूरी     आज फैसला सुनाया गया     हसीना कोर्ट में मौजूद नहीं थीं पूरा परिवार कानून के शिकंजे में  एंटी-करप्शन कमीशन (ACC) ने प्लॉट घोटाले में 6 अलग केस दर्ज किए थे। तीन मामलों में आज फैसला आया, बाकी तीन अभी लंबित हैं। आरोपी सूची में शेख हसीना, उनका बेटा सजीब वाजेद जॉय, उनकी बेटी साइमा वाजेद पुतुल,  बहन शेख रेहाना, रेहाना की बेटी और ब्रिटिश MP ट्यूलिप रिजवाना सिद्दीक, रेहाना का बेटा रादवान मुजीब सिद्दीक, रेहाना की पोती अज़मीना सिद्दीक शामिल हैं। कुल मिलाकर, घोटाले में पूरे वाजेद-सिद्दीक परिवार को आरोपी बनाया गया है।मामलों में कुल 20 आरोपी हैं, लेकिन केवल एक  मोहम्मद खुर्शीद आलम  गिरफ्तार है। विशेषज्ञों के अनुसार,इंटरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस और हसीना के बीच पुराने राजनीतिक मतभेद हैं। हसीना की सत्ता वापसी की किसी भी संभावना को खत्म करने के लिए  पहले ट्रिब्यूनल से मौत की सजा फिर ढाका कोर्ट से भ्रष्टाचार में 21 साल और बाकी मामलों की सुनवाई तेज की जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह कार्रवाई यूनुस बनाम हसीना की जंग का हिस्सा है।  हसीना  भारत में हैं। बांग्लादेश अरेस्ट वॉरंट जारी करने की तैयारी में है।