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दूसरा विवाह अब बना बड़ा अपराध: असम सरकार का कड़ा कानून, भारी सज़ा और नौकरी पर खतरा

असम  असम विधानसभा में गुरुवार को बहुविवाह पर प्रतिबंध लगाने को लेकर प्रोहिबिशन ऑफ पॉलीगैमी बिल 2025 पारित कर दिया गया है। अब असम में दूसरी शादी करना दंडनीय अपराध बन गया है। इस बिल के तहत यदि कोई व्यक्ति दूसरी शादी रचाता है तो उसके लिए 7 साल की कैद की सजा के साथ पीड़ित महिला को मुआवजा देने का भी प्रावधान है। अगर सरकारी नौकरी करने वाला व्यक्ति दूसरी शादी करता है तो उसे नौकरी से हाथ धोना पड़ेगा। प्रदेश के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस बिल के बारे में जानकारी दी। विधानसभा में विधेयक पेश करते हुए सरमा ने दोहराया कि राज्य में महिलाओं के अधिकारों से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। अगले साल बीजेपी की सरकार बनी तो पारित होगा यूसीसी विधेयक सीएम हिमंत ने कहा कि असम बहुविवाह निषेध विधेयक 2025 उत्तराखंड विधानसभा द्वारा पारित समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक के अनुरूप राज्य में नया कानून लाने की दिशा में पहला कदम है। उन्होंने कहा कि यदि अगले वर्ष होने वाले असम विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सत्ता में आती है, तो यूसीसी विधेयक पहले विधानसभा सत्र में ही पूरी तरह पारित कर दिया जाएगा। असम बहुविवाह निषेध विधेयक क्या है? विधेयक के प्रावधानों के तहत पहली शादी के रहते हुए अवैध रूप से दूसरी शादी करने का दोषी पाए जाने पर 7 साल तक की कैद हो सकती है। हालांकि, इसमें अनुसूचित जनजातियों और संविधान की छठी अनुसूची के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों को शामिल नहीं किया गया है, जो पूर्वोत्तर राज्यों के जनजातीय क्षेत्रों को स्वायत्तता प्रदान करता है। पीड़ित महिलाओं को मिलेगा मुआवजा विधेयक में पीड़ित महिलाओं को मुआवजा देने का प्रावधान है, क्योंकि बहुविवाह के कारण उन्हें अत्यधिक पीड़ा और कष्ट सहना पड़ता है। विधेयक में प्रस्तावित किया गया है कि प्रस्तावित अधिनियम के तहत दोबारा अपराध करने वाले को प्रत्येक अपराध के लिए निर्धारित सजा से दोगुनी सजा दी जाएगी। बहुविवाह में शामिल होने पर 2 साल की जेल, एक लाख का जुर्माना यदि कोई ग्राम प्रधान, काजी, माता-पिता या कानूनी अभिभावक बेईमानी से तथ्यों को छुपाता है या जानबूझकर बहुविवाह में भाग लेता है, तो उसे दो साल तक की जेल और एक लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। कोई भी व्यक्ति जो प्रस्तावित कानून का उल्लंघन करते हुए जानबूझकर विवाह करता है, उसे दो वर्ष तक की कैद या 1.50 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।

रायपुर में तीन दिवसीय DG-IG सम्मेलन कल से, गृह मंत्री अमित शाह करेंगे शिरकत

रायपुर छत्तीसगढ़ में डीजी- आईजी कॉन्फ्रेंस होने जा रहा है। यह कॉन्फ्रेंस 28 से 30 नवंबर तक चलेगी, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह समेत देशभर से DG – IG शामिल होंगे। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह अब 27 नवंबर की रात्रि 11 बजे विशेष विमान से रायपुर पहुंचेंगे और कल सुबह डीजी-आईजी कॉन्फ्रेंस में शामिल होंगे। कार्केट समेत सभी अधिकारियों को अलर्ट किया गया है। बता दें कि अमित शाह 28 नवंबर को रायपुर आने वाले थे, लेकिन अब उनके दौरे में बदलाव किया गया है। 60वीं DGP-IG सम्मेलन में शामिल होने के लिए देशभर से DG – IG अधिकारियों के आने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। देशभर के 236 डीजी रायपुर पहुंच चुके हैं। DGP, COP, IG, ADG, IB सहित कई सुरक्षा प्रमुख भी रायपुर पहुंचे हैं। एयरपोर्ट में अधिकारियों के लिए राज्य पुलिस सेवा के अफसरों की तैनाती की गई है। वहीं ट्रैफिक AIG संजय शर्मा एयरपोर्ट पर ट्रैफिक व्यवस्था संभाल रहे हैं। अधिकारियों के रुकने के लिए 6 अलग-अलग स्पॉट्स बनाए गए हैं। नया रायपुर, न्यू सर्किट हाउस से सिविल लाइन सर्किट हाउस तक रुकने के स्पॉट बनाए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रायपुर में पुलिस महानिदेशकों-महानिरीक्षकों के अखिल भारतीय सम्मेलन के 60वें संस्करण में भाग लेंगे। 29 से 30 नवंबर तक भारतीय प्रबंधन संस्थान, रायपुर में आयोजित सम्मेलन का उद्देश्य अब तक प्रमुख पुलिस चुनौतियों से निपटने में हुई प्रगति की समीक्षा करना और ‘विकसित भारत’ के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप ‘सुरक्षित भारत’ के निर्माण के लिए एक दूरदर्शी रोडमैप की रूपरेखा तैयार करना है। ‘विकसित भारत: सुरक्षा आयाम’ विषय पर आयोजित इस सम्मेलन में वामपंथी उग्रवाद, आतंकवाद निरोध, आपदा प्रबंधन, महिला सुरक्षा और पुलिस व्यवस्था में फोरेंसिक विज्ञान एवं एआई के उपयोग जैसे प्रमुख सुरक्षा मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होगी। प्रधानमंत्री विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक भी प्रदान करेंगे। यह सम्मेलन देशभर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और सुरक्षा प्रशासकों को राष्ट्रीय सुरक्षा के विविध मुद्दों पर खुले और सार्थक विचार-विमर्श के लिए एक महत्वपूर्ण संवादात्मक मंच प्रदान करता है। यह पुलिस बलों के सामने आने वाली परिचालन, अवसंरचनात्मक और कल्याण संबंधी चुनौतियों पर चर्चा के साथ-साथ अपराध से निपटने, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आंतरिक सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए पेशेवर प्रथाओं के निर्माण और साझाकरण को भी सुगम बनाता है। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने इस वार्षिक सम्मेलन में निरंतर गहरी रुचि दिखाई है और स्पष्ट चर्चाओं को प्रोत्साहित किया है। उन्‍होंने एक ऐसा माहौल तैयार किया है, जहां पुलिस व्यवस्था पर नए विचार उभर सकें। व्यावसायिक सत्र, विस्तृत बातचीत और विषयगत चर्चाएं प्रतिभागियों को महत्वपूर्ण आंतरिक सुरक्षा और नीतिगत मामलों पर सीधे प्रधानमंत्री के साथ अपने विचार साझा करने का अवसर प्रदान करती हैं। वर्ष 2014 से प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में इस सम्मेलन के स्वरूप में निरंतर सुधार हुआ है, जिसमें देश भर के विभिन्न स्थानों पर इसका आयोजन भी शामिल है। यह सम्मेलन गुवाहाटी-असम, कच्छ के रण-गुजरात, हैदराबाद-तेलंगाना, टेकनपुर-ग्वालियर-मध्य प्रदेश, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी (केवड़िया-गुजरात), पुणे-महाराष्ट्र, लखनऊ-उत्तर प्रदेश, नई दिल्ली, जयपुर-राजस्थान और भुवनेश्वर-ओडिशा में आयोजित किया जा चुका है। इस सम्मेलन में केंद्रीय गृह मंत्री, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, गृह राज्य मंत्री, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस महानिदेशक और केंद्रीय पुलिस संगठनों के प्रमुख भाग लेंगे। नए और अभिनव विचारों को सामने लाने के लिए, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के गृह विभाग के प्रमुख और डीआईजी व एसपी स्तर के कुछ चुनिंदा पुलिस अधिकारी भी इस वर्ष सम्मेलन में भाग लेंगे।

दिल्लीवालों सावधान! बढ़ते स्मॉग पर विशेषज्ञों ने जारी किया रेड अलर्ट

नई दिल्ली  एक हेल्दी बॉडी के लिए कई तरह विटामिन, पोषक तत्वों, प्रोटीन, फाइबर की जरुरत होती है। इसी के साथ विटामिन डी भी हमारे शरीर की हड्डियों के लिए बहुत जरुरी है। हड्डियों के अलावा इससे  हमारा इम्यून सिस्टम भी बेहतर बनाता है। इस विटामिन को प्राप्त करने का सबसे आसान और बेहतरीन तरीका धूप है, जिसके लिए आपको पैसे खर्च करने की जरुरत भी नहीं। दिल्ली- एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण के बीच डॉक्टरों ने वहां के लोगों के लिए बड़ी चेतावनी जारी कर दी है। डॉक्टर्स का कहना है कि प्रदूषण के चलते लोग धूप नहीं सेंक सकते, लेकिन ऐसे में हड्डियों के लिए विटामिन डी लेना बहुत जरुरी है। इस कमी को नजरअंदाज़ न करें। आइए यहां जानते हैं कि क्या हैं विटामिन डी के लक्षण और इसे कैसे पूरा किया जा सकता है।   विटामिन डी की कमी के लक्षण      बार-बार बीमार पड़ना (इम्यूनिटी कमज़ोर होना)     थकान और कमज़ोरी महसूस होना     डिप्रेशन     हड्डियों और पीठ में दर्द     इन तरीकों से पूरी कर सकते हैं विटामिन डी की कमी अगर आपकी लाइफस्टाइल बिज़ी है या प्रदूषण के कारण धूप कम मिल रही है, तो इन 6 आसान बिना खर्च वाले तरीकों को अपना सकते हैं:     खिड़कियाँ खोलें: ऑफिस, घर और कार की खिड़कियाँ खुली रखें ताकि धूप अंदर आ सके। (सीधी धूप में सनस्क्रीन ज़रूर लगाएँ)।     धूप में पिएं मॉर्निंग कॉफी/चाय: सुबह की चाय या कॉफी को धूप में बैठकर एन्जॉय करने की आदत डालें। सुबह की धूप लेना सबसे अच्छा है।     मछली खाएं: ट्यूना, सैल्मन और मैकेरल जैसी फैट वाली मछलियाँ विटामिन डी के बेहतरीन प्राकृतिक स्रोत हैं।     पूरा अंडा खाएं: अंडे की जर्दी में विटामिन डी प्राकृतिक रूप से पाया जाता है, इसलिए पूरा अंडा खाना फ़ायदेमंद है।     लंच टाइम पर वॉक: लंच के समय थोड़ा समय निकालकर धूप में टहलें। (धूप में निकलने से पहले सनस्क्रीन ज़रूर लगाएँ)।     कम समय की धूप पर्याप्त: एक अध्ययन के अनुसार स्वस्थ वयस्कों के लिए दोपहर में 15 मिनट से भी कम समय तक धूप में रहना भी विटामिन डी का पर्याप्त स्तर बनाए रखने के लिए काफी है।  

सीएम योगी का बड़ा बयान—राम मंदिर ने भारत की गौरवशाली पहचान को विश्व तक पहुँचाया

गाजियाबाद  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की परंपरा संतों, ऋषि-मुनियों व महापुरुषों के त्याग-बलिदान की महागाथा है। युगों-युगों से यह महागाथा विश्व मानवता के लिए प्रेरणा रही है। विश्व मानवता ने इस महागाथा का श्रवण व प्रेरणा प्राप्त कर भविष्य को तय किया है। भारत के अंदर आज भी पवित्र उपासना विधियां श्रद्धाभाव के साथ कार्य करते हुए इस व्यवस्था को बढ़ा रही हैं। उन्होंने कहा कि तीन दिन पूर्व अयोध्या में प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर के निर्माण कार्य को पूर्ण करने के महायज्ञ के पूर्णाहुति कार्यक्रम के साथ ही पीएम मोदी के करकमलों से भव्य भगवा ध्वज का आरोहण संपन्न हुआ। पूरी दुनिया व देश ने भारत के इस सनातन वैभव को देखा और अनुभव किया। सीएम योगी गुरुवार को तरुण सागरम् तीर्थ, मुरादनगर पहुंचे। उन्होंने यहां पंचकल्याणक महामहोत्सव के अंतर्गत 100 दिन में निर्मित गुफा मंदिर का उद्घाटन किया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने भगवान पार्श्वनाथ जी व संत तरुण सागर जी महाराज का स्मरण किया। सीएम ने मेरी बिटिया व अंतर्मना दिव्य मंगल पाठ पुस्तक का विमोचन भी किया। सीएम योगी ने कहा कि यूपी का सौभाग्य है कि अयोध्या में प्रथम जैन तीर्थंकर भगवान ऋषभ देव व चार जैन तीर्थंकर पैदा हुए। दुनिया ने काशी में चार जैन तीर्थंकरों को अवतरित होते हुए देखा है। श्रावस्ती में जैन तीर्थंकर भगवान संभवनाथ का जन्म हुआ। भगवान महावीर का महापरिनिर्वाण कुशीनगर के पावागढ़ में हुआ था। हमारी सरकार ने फाजिलनगर का नाम (जहां भगवान महावीर ने महापरिनिर्वाण हुआ था), उसके नामकरण की कार्रवाई को पावा नगरी के रूप में बढ़ाया है। सीएम योगी ने कहा कि 24 जैन तीर्थंकरों ने समाज को नई दिशा और विश्व मानवता को करुणा, मैत्री, अहिंसा व ‘जियो-जीने दो’ की प्रेरणा दी। उन्होंने सिर्फ मनुष्य ही नहीं, बल्कि प्रत्येक जीव-जंतु के लिए नई प्रेरणा प्रदान की, जिसकी प्रासंगिकता आज भी उसी रूप में बनी हुई है। मानव सभ्यता को विकास की नित नई ऊंचाइयों तक पहुंचना है तो उन्हें भारत के अध्यात्म की शरण में जाना होगा। अध्यात्म के साथ ही भौतिक विकास, सांस्कृतिक व आध्यात्मिक उन्नयन के लिए सुरक्षित, सुसभ्य, साफ-सुथरा वातावरण चाहिए, जिसे भारत ने पहले भी दुनिया को दिया है और भारत, ऋषि-मुनियों, परंपरा व भारतीय संस्कृति का संदेश आज भी विश्व मानवता के लिए यही है। सीएम योगी ने कहा कि ऋषि-मुनि परंपरा ने जो संदेश दिया है, हम उसे आत्मसात करते हैं तो यह विश्व मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है। गत वर्ष अप्रैल में पीएम मोदी ने विश्व नवकार महामंत्र दिवस पर वन वर्ल्ड-वन चैन कार्यक्रम का उद्घाटन किया था और हम सभी को नौ संकल्प (पानी की बचत, एक पेड़ मां के नाम, स्वच्छता का मिशन, वोकल फॉर लोकल, देश-दर्शन, नेचुरल फॉर्मिंग, हेल्दी लाइफ स्टाइल, योग व खेल को जीवन में लाना, गरीब कल्याण के लिए समर्पित भाव से कार्य करना) प्रदान किया था। जैन मुनियों की परंपरा उसी को बढ़ाने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आचार्य प्रसन्न सागर जी महाराज व उपाध्याय मुनि पीयूष सागर जी महाराज की दिनचर्या को देखा। 557 दिन की कठोर साधना, 496 दिन का निर्जल उपवास, तप, अनुशासन व आत्मसंयम का अद्भुत उदाहरण देखने को मिला है। ये चीजें दिखाती हैं कि यदि हम संकल्प ले लें तो जो कुछ हमें बाहर दिखाई दे रहा है, वह सब कुछ इस शरीर में अनुभव होते हुए भी दिखाई देगा। प्रसन्न सागर जी महाराज की साधना के माध्यम से यह देखने व अनुभव करने का अवसर प्राप्त हुआ है।

स्कूल प्रिंसिपल का चेक ड्रॉप बॉक्स से गायब, बैंक की लापरवाही पर उठे सवाल

ग्वालियर सरस्वती शिशु मंदिर की प्राचार्य कल्पना सिकरवार के एक लाख रुपए के चेक के चोरी होने का मामला सामने आया है। प्राचार्य ने यह चेक 18 नवंबर को स्कूल के चपरासी को बैंक में जमा करने के लिए दिया था। चेक, जो पंजाब नेशनल बैंक, इंदरगंज शाखा के ड्राप बॉक्स में डाला गया था, किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा चुरा लिया गया। चोर ने यह चेक बैंक की जिंसी नाला स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा में जमा करवा कर नकद एक लाख रुपए निकाल लिए। बैंक ने यह भुगतान अकाउंट पे की बजाय कैश क्लियरेंस के रूप में किया। बैंक कर्मचारियों की लापरवाही भी उजागर हुई क्योंकि सामान्यतः किसी भी ओवरराइटिंग वाले चेक को रद्द कर दिया जाता है, लेकिन इस मामले में भुगतान हो गया। मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज से चोर की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।

नायब सिंह सैनी बोले— हरियाणा अब उद्योगों की महाशक्ति, निवेशकों की पहली पसंद

गुड़गांव हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सिर्फ एक बाज़ार नहीं है, यह विनिर्माण की महाशक्ति है। यह ऑटो मोबाइल, आई.टी. और अन्य उद्योगों का बड़ा केन्द्र है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें पूर्ण विश्वास है कि टेस्ला भारत में अपना पहला इलेक्ट्रिक वाहन विनिर्माण संयंत्र हरियाणा में ही स्थापित करेगा और टेस्ला की अन्य संबंधित इकाईयां भी यहां लगेंगी। मुख्यमंत्री वीरवार को गुरुग्राम में टेस्ला इंडिया मोटर्स के देश के पहले ऑल इन वन केंद्र का उद्घाटन करने उपरांत उपस्थितजन को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, पटौदी की विधायक बिमला चौधरी, सोहना के विधायक तेजपाल तंवर, गुरुग्राम के विधायक मुकेश शर्मा भी मौजूद रहे।  मुख्यमंत्री ने टेस्ला इंडिया मोटर्स के केंद्र का उद्घाटन करने उपरांत अपने संबोधन में कहा कि हरियाणा में उद्योगों की 'कॉस्ट ऑफ डुइंग बिजनेस' को कम करने के लिए हरियाणा सरकार निरन्तर प्रयासरत है। इन्हीं प्रयासों के तहत औद्योगिक प्लाटों के लिए विशेष 'लीजिंग पॉलिसी' बनाई गई है। इसी क्रम में यहां स्थापित उद्योगों के साथ मिलकर लोकल सप्लाई चेन को बढावा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विदेशी कंपनियों और विदेशों से प्रभावशाली वार्तालाप के लिए हरियाणा सरकार ने विदेश सहयोग विभाग की स्थापना की है जो सहयोग के लिए फोन काल और मैसेज पर भी उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के औद्योगिक विकास को गति देने के लिए 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' का एक 'इको-सिस्टम' तैयार किया है। जिसके चलते हरियाणा ईज आफॅ डुईंग बिजनेस की टॉप अचीवर्य केटेगरी में अग्रणी स्थान बना चुका है। उन्होंने कहा कि हरियाणा को अपने आटोमोबाइल सेक्टर पर गर्व है, जो भारत में सबसे अधिक यात्री कारों का निर्माण करता है।   मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा प्रदेश आज अपनी निवेश व उद्योग हितैषी नीतियों की आधार पर आशाओं और अवसरों की धरा बन गया है। आज प्रदेश की गिनती देश के सम्पन्न राज्यों में होती है। देश की जी.डी.पी. में हरियाणा का योगदान 3.6 प्रतिशत है। वर्ष 2014 से पहले प्रदेश का निर्यात लगभग 70 हजार करोड़ रुपए तक था। जो अब बढ़कर 2 लाख 75 हजार करोड़ रुपये को पार कर गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा उद्योगों को लॉजिस्टिक सुविधा देने में देश में दूसरे तथा उत्तर भारत में पहले स्थान पर है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार ने कारोबारियों को लाल फीताशाही से मुक्ति दिलाने की दिशा में कार्य करते हुए उन पुराने कानूनों में बदलाव किया है, जो आज के समय में प्रासंगिक नहीं रह गये थे। उन्होंने कहा कि सरकार ने जन विश्वास अध्यादेश, 2025 को गत 11 अक्तूबर को अधिसूचित किया है, ताकि 42 राज्य अधिनियमों में 164 प्रावधानों का अपराधीकरण समाप्त किया जा सके। उन्होंने कहा कि यह हरियाणा सरकार की नीतियों का ही प्रभाव है कि पिछले 11 वर्षों में प्रदेश में 12 लाख 20 हजार 872 सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्योग लगे हैं तथा इनमें 49 लाख 15 हजार लोगों को रोजगार मिला है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा गीता की धरती हैं। यहां केवल बी-टू-बी अथवा जी-टू-जी मॉडल में काम नहीं करते बल्कि एच-टू-एच अर्थात हर्ट टू हर्ट मॉडल के साथ काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हरियाणा देश की अर्थव्यवस्था में अपना योगदान बढ़ाने के लिए वर्ष 2047 तक एक ट्रिलियन डालर के लक्ष्य को रखकर चल रहा है। नए स्टार्ट अप्स, इनोवेशन और टेक बेस्ड इंडस्ट्री को हरियाणा प्रदेश टेस्ला जैसे बड़े ब्रांड के माध्यम से बढ़ावा दे रहा है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा भारत में स्टार्टअप की संख्या में 7वें बड़े राज्य के रूप में उभरा है। वर्तमान में, हरियाणा में 9,100 से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स हैं। इसी प्रकार प्रदेश में ए.आई. आधारित स्टार्टअप्स और अनुसंधान को प्रोत्साहित करने के लिए गुरुग्राम और पंचकुला में ए.आई. हब स्थापित किया जा रहा है। साथ की भविष्य की तकनीकों जैसे कि ए.आई., रोबोटिक्स, बायो टेक्नोलॉजी व डीप-टेक को अपनाने के लिए डिपार्टमेंट ऑफ फ्यूचर की स्थापना की है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में अलग से 'एम.एस.एम.ई.' विभाग का गठन किया है। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए उद्यमकर्ता ज्ञापन फाइल करने की ऑनलाइन सुविधा शुरू की है।  

सर्द हवाओं का कहर: जमशेदपुर में न्यूनतम तापमान 11.6 डिग्री तक

रांची झारखंड में ठंड का कहर जारी है। दिन-प्रतिदिन ठंड में इजाफा देखा जा रहा है। सुबह-शाम कोहरा और कनकनी से लोगों का हाल बेहाल हो गया है। वहीं, जमशेदपुर का तापमान गिरकर 11.6 डिग्री पहुंच गया है। हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक के मामलों में वृद्धि की चेतावनी मौसम विभाग के मुताबिक जमशेदपुर का न्यूनतम तापमान 11.6 डिग्री और अधिकतम तापमान 28.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, आने वाले समय में और भी कड़ाके की ठंड पड़ेगी। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में जमशेदपुर में सुबह घना कोहरा रहने के साथ दिन में आंशिक बादल छा सकते हैं। इससे अधिकतम और न्यूनतम तापमान में एक से दो डिग्री तक उतार-चढ़ाव संभव है, लेकिन रात का तापमान और तेजी से गिर सकता है। वहीं, स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक के मामलों में वृद्धि की चेतावनी दी है क्योंकि ठंड में हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में ठंड से बचाव करना ही सही है। बात करें रांची की तो यहां न्यूनतम तापमान दो डिग्री की गिरावट के साथ 11.1 डिग्री से घटकर 9.2 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है। डालटनगंज में 10.2 से घटकर 8.2 डिग्री, बोकारो में 13.8 से घटकर 9.1 डिग्री और चाईबासा में 13.8 से कम होकर 11.6 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।

79 आत्मसमर्पित व नक्सल पीड़ित युवाओं को मिली नई दिशा, सरकार ने खोले पुनर्वास के द्वार

कौशल प्रशिक्षण पूर्ण करने पर 10.33 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि वितरित रायपुर,  जिला प्रशासन द्वारा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति, पुनर्वास और आत्मनिर्भरता की दिशा में उठाए गए प्रयासों के अंतर्गत आज एक महत्वपूर्ण पहल को मूर्त रूप दिया गया। नक्सलवादी आत्मसमर्पित, पीड़ित राहत एवं पुनर्वास नीति 2025 के तहत जिला कौशल विकास प्राधिकरण एवं लाइवलीहुड कॉलेज नारायणपुर द्वारा प्रशिक्षित 79 प्रशिक्षणार्थियों को कौशल प्रशिक्षण पूर्ण करने पर कुल 10 लाख 33 हजार 965 रुपये की प्रोत्साहन राशि चेक के रूप में वितरित की गई। जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित कार्यक्रम में कलेक्टर ने आत्मसमर्पित युवाओं को ड्राइविंग, प्लंबिंग, सिलाई एवं अन्य आजीविका उन्मुख trades में प्रशिक्षण पूरा करने पर शुभकामनाएँ दीं। ये सभी प्रशिक्षणार्थी जिले के अत्यंत सुदूर एवं दुर्गम क्षेत्रों—सोनपुर, अबूझमाड़ एवं कोंडागांव—से संबंधित है। प्रोत्साहन राशि का सदुपयोग सुनिश्चित करने पर विशेष बल देते हुए कलेक्टर ने कहा कि धनराशि को परिवार की आवश्यक जरूरतों, बच्चों की शिक्षा तथा कृषि व आजीविका संबंधी कार्यों में लगाया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण पूरा करने के बाद अब सभी को अपने गांवों में रहकर खेती-किसानी, मकान निर्माण तथा अपने कौशल के अनुरूप रोजगार गतिविधियों को आगे बढ़ाना चाहिए। महिला प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कलेक्टर ने स्व-सहायता समूहों से जुड़कर सिलाई कार्य को संगठित रूप से बढ़ाने, उत्पादन क्षमता विकसित करने और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। वहीं प्लंबिंग प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को ग्रामीण क्षेत्रों में नलकूप स्थापना, मरम्मत और जलसुविधा से जुड़े कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने का सुझाव दिया, ताकि गांवों को बेहतर सेवाएँ प्राप्त हो सकें। आधुनिक समय में बढ़ते ऑनलाइन धोखाधड़ी मामलों पर सतर्क रहने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि किसी भी अज्ञात कॉल, लिंक या संदेश पर भरोसा न करें तथा ओटीपी, एटीएम पिन या बैंक संबंधी जानकारी किसी से साझा न करें। किसी संदिग्ध स्थिति में तत्काल बैंक या प्रशासनिक अधिकारियों को सूचित करने की सलाह दी। कार्यक्रम के अंत में सभी 79 प्रशिक्षणार्थियों को चेक वितरित किए गए और उन्हें मुख्यधारा में सक्रिय भागीदारी तथा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया। यह पहल आत्मसमर्पित नक्सलियों को सम्मानजनक जीवन देने और आर्थिक मजबूती प्रदान करने की दिशा में जिला प्रशासन का सराहनीय प्रयास है, जो समाज में सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त कर रहा है। इस अवसर पर जिला प्रशासन के संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

बड़ा खुलासा! CMHO कार्यालय का बाबू 60,000 रुपये लेते पकड़ा गया, पैथोलॉजी मालिक से वसूली का आरोप

जबलपुर अपराध अन्वेषण प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) कार्यालय के एक लिपिक को 60 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपित सीएमएचओ कार्यालय की विधि शाखा का प्रभारी और रिकार्ड कीपर है। वह मूलत: ग्वालियर के लश्कर का रहने वाला है। आरोपित को एक निजी पैथोलाजी संचालक के विरुद्ध शिकायत प्राप्त हुई थी। इस मामले की जांच खत्म करने के लिए आरोपित लगातार रिश्वत का दबाव बना रहा था। तब परेशान होकर पैथोलाजी संचालक मनोज श्रीवास्तव ने ईओडब्ल्यू पुलिस अधीक्षक को शिकायत की। जांच और दोनों के फोन ट्रेप पर लेने के बाद गुरुवार को कार्रवाई की गई। जैसे ही पैथोलाजी संचालक ने लिपिक को रिश्वत के रुपये दिए, उसे पकड़ लिया गया।   आपराधिक मामला बोलकर धमकाया     सिहोरा के ज्वालामुखी वार्ड निवासी मनोज श्रीवास्तव का वहां पर पैथोलाजी कलेक्शन सेंटर है। उनसे कुछ समय पूर्व लिपिक आकाश गुप्ता ने संपर्क किया।     उसे बताया कि उनकी पैथोलाजी की स्वास्थ्य विभाग काे शिकायत प्राप्त हुई है। मामले में बातचीत करते हुए लिपिक ने धमकाया कि उसके विरुद्ध आपराधिक प्रकरण बनाया जा रहा है।     मनोज ने शिकायत को झूठी बताया। इस पर लिपिक ने कहा कि वह कार्यवाही से बचा सकता है, लेकिन इसके एवज में उसे 80 हजार रुपये रिश्वत देना होगा।     इतनी रिश्वत देने से मनोज ने मना कर दिया। उसके बाद आरोपित लिपिक उस पर लगातार दबाव बनाने लगे। फिर बाद में लिपिक 60 हजार रुपये लेकर शिकायत बंद करने तैयार हो गया। कार्यालय से होटल ले गया, फिर वहां लिए रुपये     लिपिक आकाश ने पैथोलाजी संचालक को फोन कर गुरुवार को रिश्वत के रुपये लेकर आने बोला।     यह पता चलते ही ईओडब्ल्यू का दल उसे रंगे हाथ पकड़ने के लिए विक्टोरिया अस्पताल पहुंचा, लेकिन लिपिक ने चालाकी दिखाते हुए पैथोलाजी संचालक से कार्यालय में रुपये लेने से मना कर दिया।     लिपिक अपने मोटरसाइकिल पर पैथोलाजी संचालक को कार्यालय से दूर तीन पत्ती चौक के पास एक होटल में लेकर गया।     जहां, तक ईओडब्ल्यू भी पीछे-पीछे पहुंच गई। जहां, लिपिक होटल में बैठकर रिश्वत के नोट गिन रहा था। तभी उसे दबोच लिया गया। एक सप्ताह पहले धरा जाता, लेकिन संदेह हो गया था आरोपित लिपिक शातिर है। उसे पकड़ने के लिए एक सप्ताह पूर्व ईओडब्ल्यू ने जाल बिछाया था। तब आरोपित लिपिक ने पैथोलाजी संचालक को रुपये लेकर हाईकोर्ट चौक के पास मिलने बुलाया था। तब वह रिश्वत की पहली किस्त के रुप में 20 हजार रुपये लेकर पहुंचा था। उसे देखते ही लिपिक ने एक बैग खोला और उसमें रुपये रखने के लिए संचालक से बोला। लेकिन संचालक उसे हाथ में रुपये पकड़ाने का प्रयास करने लगा। इस पर लिपिक को संदेह हुआ और वह रुपये लिए बिना ही तुरंत वहां से चला गया था। झूठी शिकायत और अवैध वसूली का खेल पुराना जिला स्वास्थ्य विभाग में पैथोलाजी एवं निजी अस्पतालों की झूठी शिकायत और फिर उनसे अवैध वसूली का खेल लंबे समय से चल रहा है। इस बात के संकेत ईओडब्ल्यू को शुरुआती जांच में मिले है। रिश्वत लेते धरा गया लिपिक आकाश पैथोलाजी संचालकाें को इंटरनेट मीडिया काल पर संपर्क करता था। उनकी संस्था के विरुद्ध शिकायत मिलने का बोलकर दबाव बनाता था। फिर निराकरण करने का कहकर रुपये ऐंठता था। ईओडब्ल्यू आरोपित लिपिक के आय एवं संपत्ति की जानकारी भी खंगाल रही है।

रजिस्ट्री करानी है? सरकार ने जारी किया नया हेल्पलाइन नंबर, एक कॉल में मिलेगी सुविधा

पंजाब ​​ पंजाब के सी.एम. भगवंत मान द्वारा  फतेहगढ़ साहिब के तहसील ऑफिस से राज्य स्तरीय ईजी रजिस्ट्री प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई है। इस दौरान संबोधन करते हुए सी.एम. मान कहा कि अब लोगों को रजिस्ट्री करवाने के लिए दफ्तरों में चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि लोग अब हेल्पलाइन 1076 पर कॉल करके अधिकारी को घर बुलाकर रजिस्ट्री करवा सकते हैं। उन्होंने कहा कि ईजी रजिस्ट्री प्रोजेक्ट की शुरुआत सबसे पहले मोहाली से की गई थी। पहले मोहाली में इसे ड्राई रन किया गया और फिर इसका उद्घाटन किया गया। उन्होंने कहा कि लोगों को सुविधा देने के लिए पंजाब सरकार लगातार फैसले ले रही है।  सी.एम. मान ने कहा कि फतेहगढ़ साहिब पवित्र धरती है और हम चाहते हैं कि जैसे हमारे शहीदों की कुर्बानी पवित्र है, वैसे ही इस पवित्र भूमि पर सभी काम भी पवित्र हों। उन्होंने कहा कि हमें गुरु साहिब के दिखाए रास्ते पर चलना चाहिए।