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गुना में खाद संकट बना मौत का कारण, लंबी लाइन में ठिठुरती महिला ने तोड़ा दम

गुना  मध्य प्रदेश के गुना जिले में खाद संकट से किसान बेहद परेशान हैं. हालात ये है कि खाद वितरण केंद्रों के बाहर किसानों की लंबी कतारें रोजाना देखने को मिल रही हैं. कई किसान तो खाद लेने के लिए खुले आसमान के नीचे रात बिताने को मजबूर हैं. इसी अव्यवस्था ने एक आदिवासी महिला की जान ले ली. परिजन के अनुसार, बागरी डबल लॉक गोदाम पर लगातार 36 घंटे से ज्यादा लाइन में लगी सहारिया आदिवासी महिला भूरिया बाई की बुधवार देर रात तबीयत बिगड़ गई और मौत हो गई. परिजनों के अनुसार भूरिया बाई मंगलवार सुबह से ही खाद लेने लाइन में लगी हुई थी. केंद्र पर भारी भीड़ और लंबे इंतजार के कारण किसान रातभर खुले आसमान के नीचे ही लाइन में पड़े रहते हैं. भूरिया बाई भी ठंड में जमीन पर रात गुजारने को मजबूर हुई. इसी दौरान देर रात उसकी तबीयत बिगड़ी और उसे उल्टियां होने लगीं. परिजन उसे तुरंत जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. परिवार इस अचानक हुई मौत से सदमे में है और गांव में शोक का माहौल है. परिजनों ने शव को गांव ले जाकर अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी है. खाद के लिए लग रही लंबी कतारें बागरी खाद वितरण केंद्र की स्थिति पिछले कई दिनों से बदतर बनी हुई है. महिलाएं, बुजुर्ग, मजदूर सभी खुले आसमान के नीचे कई-कई घंटे खड़े रहते हैं. जब थक जाते हैं, तो वहीं बैठ जाते हैं. घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल और पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया मौके पर पहुंचे. कलेक्टर ने बताया कि महिला लाइन में ही थी और तबीयत बिगड़ने पर उसे निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई. प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए SDM को तत्काल जांच के निर्देश दिए हैं. शासन स्तर पर भी घटना को लेकर रिपोर्ट मांगी जा रही है. विधायक ऋषि अग्रवाल ने साधा निशाना बमौरी विधायक ऋषि अग्रवाल ने प्रशासन पर तीखे सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि किसान दो-दो दिन तक ठंड में खुले आसमान के नीचे लाइन में खड़े रहने को मजबूर हैं, जबकि सरकार दावा करती है कि खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है. अगर खाद है तो किसानों को क्यों नहीं मिल रही? एक महिला की मौत हुई. इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? उन्होंने पूछते हुए कहा कि वे खुद रात में वितरण केंद्र पहुंचे थे, जहां काफी किसान लाइन में खड़े मिले. स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना सरकार के दावों और जमीनी हकीकत के बीच के अंतर को उजागर करती है. सरकार खाद की पर्याप्त उपलब्धता और सुचारू वितरण के दावे करती है, लेकिन हकीकत यह है कि किसान भूख, ठंड और इंतजार में रातें गुजारने को मजबूर हैं.

आखिरी पलों का रोमांच! भारत ने मलेशिया को 4-3 से हराकर दिखाया दम

इपोह (मलेशिया) सुल्तान अजलान शाह कप 2025 में भारतीय हॉकी टीम ने मेजबान मलेशिया को 4-3 के रोमांचक मुकाबले में मात देकर टूर्नामेंट में अपनी दूसरी जीत दर्ज की। भारत के लिए सेल्वम कार्थी (7’), सुखजीत सिंह (21’), अमित रोहिदास (39’) और कप्तान संजय (53’) ने गोल किए। वहीं मलेशिया के लिए फैजल सारी (13’), फितरी सारी (36’) और कप्तान मरहान जलील (45’) ने गोल दागे। इस जीत के साथ भारत तीन मैचों में छह अंकों के साथ अंकतालिका में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। भारत ने पहला मुकाबला कोरिया के खिलाफ जीता था, जबकि दूसरे मैच में बेल्जियम से हार मिली थी। पहला हाफ: तेज शुरुआत, फिर मलेशिया की बराबरी भारत ने मुकाबले की शुरुआत आक्रामक अंदाज में की और शुरुआती मिनटों में ही पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया। लगातार दबाव का फायदा टीम को 7वें मिनट में मिला जब सुखजीत के बेहतरीन मूव पर सेल्वम कार्थी ने आसान टैप-इन से गोल किया। हालांकि, पहले क्वार्टर के अंत में यशदीप सिवाच की गलती से मलेशिया को पेनल्टी कॉर्नर मिला, जिसे फैजल सारी ने गोल में बदलकर स्कोर 1-1 कर दिया। दूसरा क्वार्टर: भारत ने फिर बनाई बढ़त 21वें मिनट में अभिषेक के शॉट को रिबाउंड पर नियंत्रित करते हुए सुखजीत सिंह ने भारत के लिए दूसरा गोल किया। भारत को बढ़त बढ़ाने के अवसर मिले, लेकिन मलेशिया की डिफेंस ने और गोल नहीं होने दिया। हाफ टाइम तक भारत 2-1 से आगे रहा। तीसरा क्वार्टर: दोनों टीमों का कड़ा संघर्ष तीसरे क्वार्टर में शुरुआत भारत के पेनल्टी कॉर्नर से हुई, लेकिन टीम मौके को भुना नहीं पाई। इसके बाद 34वें मिनट में जुगराज सिंह को ग्रीन कार्ड मिला, जिसका फायदा उठाते हुए मलेशिया ने फितरी सारी की मदद से 2-2 की बराबरी कर ली। कुछ देर बाद भारत की ओर से अमित रोहिदास ने पेनल्टी कॉर्नर पर जोरदार हिट लगाकर स्कोर 3-2 कर दिया। क्वार्टर के आखिरी मिनट में सेल्वम कार्थी येलो कार्ड से बाहर हुए और मलेशिया ने खिलाड़ियों की संख्या का फायदा उठाते हुए कप्तान मरहान जलील के जरिए मैच को फिर बराबरी पर ला दिया (3-3)। आखिरी क्वार्टर: कप्तान संजय बने हीरो अंतिम क्वार्टर में मैच बेहद रोमांचक मोड़ पर था। भारतीय गोलकीपर पवन ने एक कठिन शॉट रोककर स्कोर को बराबरी पर बनाए रखा। 53वें मिनट में भारत को पेनल्टी स्ट्रोक मिला, जिसे कप्तान संजय ने सफलतापूर्वक गोल में बदलकर भारत को चौथी बार बढ़त दिलाई (4-3)। आखिरी मिनटों में मलेशिया को पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन भारतीय डिफेंस और पवन के शानदार बचाव ने जीत सुनिश्चित कर दी। भारत ने मुकाबला 4-3 से अपने नाम किया। अगला मुकाबला भारत अपना अगला सुल्तान अजलान शाह कप 2025 मैच गुरुवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ खेलेगा।  

Realme C85 5G कल देगा दस्तक: मिलेगा फुल वॉटरप्रूफ डिज़ाइन और दमदार 7000mAh बैटरी

नई दिल्ली कंपनी ने कंफर्म कर दिया है कि Realme C85 5G भारत में 28 नवंबर को लॉन्च होगा। फोन की माइक्रोसाइट Flipkart पर लाइव हो चुकी है, जिससे यह कंफर्म हो गया है कि फोन इस प्लेटफॉर्म पर बिक्री के लिए उपलब्ध होगा। माइक्रोसाइट पर कंपनी ने इसके कुछ खास फीचर्स का भी खुलासा किया है। फोन की सेल भी कल 12PM बजे से शुरू हो जाएगी। बड़ी बैटरी और फास्ट चार्जिंग भी फोन में 7,000mAh की बैटरी मिलेगी। दावा है कि यह 22 घंटे तक का वीडियो प्लेबैक, 50 घंटे की कॉलिंग और 145 घंटे का म्यूजिक प्लेबैक टाइम प्रदान करेगी। कंपनी ने यह भी बताया कि 1 परसेंट बैटरी में फोन 9 घंटे का स्टैंडबाय और 40 मिनट की कॉलिंग देगा। इसमें 45W वायर्ड फास्ट चार्जिंग सपोर्ट होगा, जो 5 मिनट के चार्ज पर 1.5 घंटे की बैटरी लाइफ देगा। हैंडसेट में 6.5W रिवर्स चार्ज सपोर्ट भी मिलेगा। मजबूत और वॉटरप्रूफ फोन डस्ट और वॉटर रेजिस्टेंस के लिए IP69 प्रो लेवल रेटिंग के साथ आएगा। यह MIL-STD 810H ग्रेड शॉक रेजिस्टेंस बॉडी के साथ आएगा, यानी फोन अचानक गिरने पर टूटेगा नहीं। डिस्प्ले कंपनी ने डिस्प्ले का साइज कंफर्म नहीं किया है लेकिन यह बता दिया है कि फोन में 1200 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस वाला सुपर ब्राइट एमोलेड डिस्प्ले मिलेगा। कैमरा फोटोग्राफी के लिए, फोन में पीछे की तरफ 50-मेगापिक्सेल का 'Sony AI' कैमरा होगा। फोन में AI-पावर्ड इमेज एडिटर भी होगा, जिसे AI Edit Genie कहा जाएगा। वियतनाम में फोन के फीचर्स Realme C85 5G वियतनाम में लॉन्च हो चुका है। जहां इसमें 6.8 इंच एचडी प्लस (1570×720 पिक्सेल) एलसीडी पैनल है, जिसका रिफ्रेश रेट 144 हर्ट्ज तक है और इसकी पीक ब्राइटनेस 1200 निट्स है। फोन MediaTek Dimensity 6300 चिप से लैस है, जिसे 8GB रैम और 256GB स्टोरेज के साथ जोड़ा गया है। फोटो और वीडियो के लिए, Realme C85 5G में 50-मेगापिक्सेल का मेन शूटर है। इसमें 8 मेगापिक्सेल का सेल्फी कैमरा भी है।

शनि की मार्गी स्थिति 28 नवंबर से शुरू, 2026 तक सकारात्मक प्रभाव जारी

इस समय शनि मीन राशि में वक्री हैं और 28 नवंबर 2025 को शनि मार्गी होने जा रहे हैं. शनि की सीधी चाल सभी 12 राशि वालों पर असर डालेगी. इनमें से कुछ राशियों के लिए यह बेहद शुभ रहेगी. शनि जुलाई 2026 तक मीन राशि में मार्गी रहेंगे और इन जातकों को बहुत लाभ देंगे. जानिए 24 घंटे बाद यानी कि 28 नवंबर से किन राशि वाले लोगों की जिंदगी में सकारात्‍मक बदलाव आने वाले हैं. नवग्रहों में शनि ग्रह 28 नवंबर की मध्यरात्रि से मार्गी हो रहे हैं। यह स्थिति 26 जुलाई 2026 तक बनी रहेगी। शनि के मार्गी होते ही विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलेंगे। ग्रहों का वक्री और मार्गी होना देता है अलग परिणाम ज्योतिषाचार्य के अनुसार भारतीय ज्योतिष में ग्रहों का वक्री या मार्गी होना अलग-अलग प्रभाव देता है। ग्रह किस राशि में यह परिवर्तन कर रहा है, यह भी परिणामों को प्रभावित करता है।उन्होंने कहा कि सौम्य और पाप ग्रहों का वक्रत्व काल और मार्गी स्थिति दोनों ही प्रकृति और जनमानस पर भिन्न प्रभाव डालते हैं। शनि वर्तमान में मार्गी हो रहे हैं और जुलाई 2026 तक इसी स्थिति में रहेंगे, जिसके बाद उनका वक्री काल पुनः शुरू होगा। मीन राशि में शनि- टेक्नोलॉजी और संचार में बड़े बदलाव शनि का मीन राशि में संचरण तकनीकी और संचार क्षेत्र में महत्वपूर्ण परिवर्तन लाएगा।     नई तकनीकों का विकास तेज होगा     तकनीकी संचार में त्रुटियों में कमी आएगी     सूचना के नए सेगमेंट तक पहुंच आसान होगी ज्योतिषाचार्य के अनुसार, भारतीय वायु सेना, रॉकेट तकनीक, इसरो और इनसेट से जुड़े सिस्टम थ्योरी में भी बड़े बदलाव होने की संभावना है। ये परिवर्तन आने वाले समय में भारत की अंतरिक्ष और सुरक्षा क्षमताओं को और मजबूत करेंगे। धर्म और आध्यात्म की ओर बढ़ेगी रुचि शनि का मीन राशि में मार्गी होना धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अनुकूल माना जाता है।मीन राशि के स्वामी बृहस्पति हैं, और बृहस्पति और शनि के बीच नैसर्गिक दृष्टि संबंध होने से जनमानस में धर्म और आध्यात्म की ओर विशेष आकर्षण बढ़ेगा।लोग आंतरिक शांति के लिए प्रकृति, योग, ध्यान और देवालयों की ओर अधिक झुकाव महसूस करेंगे। शनि के लोहे का पाया कैसे निर्धारित होता है? ज्योतिष गणना के अनुसार, शनि के तांबे का पाया गोचर के समय चंद्रमा की स्थिति के आधार पर पाया तय होता है. शनि के राशि परिवर्तन के समय आपकी चंद्र राशि से शनि के 4, 8 और 12वें भाव में होने पर लोहे का पाया बनता है. ज्योतिष में शनि के लोहे के पाए को एक अशुभ स्थिति माना जाता है.

डीपफेक विवाद: अजय देवगन मामले में दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा हस्तक्षेप, पूछे अहम सवाल

नई दिल्ली बॉलीवुड अभिनेता अजय देवगन को निशाना बनाते हुए बनाई गई अश्लील और आपत्तिजनक डीपफेक सामग्री के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट ने बड़ा कदम उठाया है। अदालत ने गुरुवार को इन डीपफेक वीडियो और अश्लील एआई-जनरेटेड कंटेंट को तुरंत हटाने का आदेश दिया। अदालत ने अभिनेता से भी सवाल किया कि क्या उन्होंने अदालत आने से पहले यूट्यूब से सीधे संपर्क कर पहले शिकायत दर्ज कराई थी। सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति मनीत प्रीतम सिंह अरोड़ा ने स्पष्ट किया कि कोर्ट केवल अश्लील और डीपफेक सामग्री पर ही कठोर रुख अपनाएगी। उन्होंने कहा कि साधारण तस्वीरों या फैन पेजों पर लगाए गए सामान्य पोस्टों को हटाने का आदेश नहीं दिया जा सकता। बार एंड बेंच में छपि रिपोर्ट के अनुसार, जज अरोड़ा ने टिप्पणी की कि फैंस को इतनी आजादी देनी होगी। वरना सभी फैन पेज हटाने पड़ेंगे और अभिनेता को अपने सारे निशान मिटाने होंगे। कोर्ट का कहना था कि साधारण फोटो रिप्रोडक्शन पर एक्स-पार्टी आधार पर कार्रवाई संभव नहीं है, लेकिन डीपफेक, पोर्नोग्राफिक और आपत्तिजनक सामग्री हटाने का आदेश दिया जा सकता है। यूट्यूबर पर गंभीर आरोप अजय देवगन की ओर से पेश वकील प्रवीन आनंद ने अदालत को बताया कि एक यूट्यूबर अभिनेता के नाम, तस्वीर और चेहरे का उपयोग कर अश्लील, अपमानजनक और एआई-जनरेटेड डीपफेक कंटेंट फैला रहा है। अमेजन सहित कई ऑनलाइन मार्केटप्लेस पर अजय देवगन के नाम और फोटो वाले पोस्टर, टी-शर्ट और कैप बिना अनुमति के बेचे जा रहे हैं। वकील आनंद ने कहा कि डीपफेक का मुद्दा आज पूरी दुनिया में चिंता का विषय है और कई देश इस पर भारतीय अदालतों के फैसलों को ध्यान से देख रहे हैं। कोर्ट का सवाल सुनवाई के दौरान न्यायालय ने पूछा कि क्या अभिनेता ने यूट्यूब से सीधे संपर्क कर पहले शिकायत दर्ज कराई थी। कोर्ट ने कहा कि यदि पहले से औपचारिक विरोध दर्ज कराया गया होता, तो मामला और भी मजबूत होता। जज अरोड़ा ने कहा, “मैं अभी राहत दे रही हूं, पर आगे से ऐसे मामलों में पहले शिकायत करना अनिवार्य होगा। अन्यथा, अगली सुनवाई तक दो महीने का इंतज़ार करना पड़ेगा।” अदालत ने यह भी कहा कि याचिका में कॉपीराइट उल्लंघन, ट्रेडमार्क अधिकार, डीपफेक, ऑनलाइन सेलिंग, अश्लील सामग्री सभी मुद्दों को एक साथ मिला देने से मामला जटिल हो गया। कोर्ट ने टिप्पणी की कि अगर इतने अलग-अलग कारण एक साथ मिलाए जाएंगे तो यह अदालत और वकीलों दोनों के लिए मुश्किल पैदा करेगा। सुनवाई के अंत में अदालत ने उन सभी डीपफेक और अश्लील सामग्री को तत्काल हटाने का आदेश दिया जिनमें अभिनेता को आपत्तिजनक तरीके से दिखाया गया था। इसके साथ ही सभी प्रतिवादियों को समन जारी किए गए। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स को दो हफ्ते में नोटिस का जवाब देने का निर्देश दिया गया है। अजय देवगन का दावा अभिनेता ने अपनी याचिका में कहा है कि उनकी फिल्मों के क्लिप्स लेकर बनाए जा रहे डीपफेक वीडियो उनके मोरल राइट्स का उल्लंघन करते हैं। 'Ajay Devgan' उनके नाम का रजिस्टर्ड ट्रेडमार्क है और इसका अनधिकृत उपयोग गैरकानूनी है। अश्लील और असत्यापित डीपफेक वीडियो उनके सम्मान को ठेस पहुंचाते हैं और उन्हें अफवाहों एवं मजाक का सामना करना पड़ता है।

PACS की मांग पर सरकार गंभीर: लेशी सिंह ने दिए सख्त निर्देश, ब्याज-मुक्त समय बढ़ाने की तैयारी

पटना खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के मंत्री कक्ष में धान अधिप्राप्ति से जुड़ी चुनौतियों और उनके समाधान पर विस्तृत विचार-विमर्श के लिए एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की मंत्री लेशी सिंह ने की। बैठक में सहकारिता विभाग के मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक की शुरुआत में बिहार राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम लिमिटेड के महाप्रबंधक (अधिप्राप्ति) रमेंद्र कुमार ने धान अधिप्राप्ति की वर्तमान स्थिति, चावल की गुणवत्ता, और साधारण चावल को फोर्टिफाइड चावल में परिवर्तित करने की संपूर्ण प्रक्रिया पर विस्तृत प्रस्तुति दी। प्रस्तुति में अधिप्राप्ति के दौरान PACS स्तर पर आने वाली व्यवहारिक चुनौतियों के साथ-साथ लॉजिस्टिक और प्रोसेसिंग से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं को भी रेखांकित किया गया। मंत्री लेशी सिंह ने PACS प्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए मुद्दों को गंभीरता से सुनते हुए अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक में PACS की दो प्रमुख मांगों—राइस मिलों की वास्तविक क्षमता की जांच और लंबित भुगतानों के शीघ्र निष्पादन के लिए तुरंत कदम उठाने का निर्णय लिया गया। मंत्री ने स्पष्ट कहा कि PACS को भुगतान में किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार्य नहीं है और सभी लंबित भुगतान निर्धारित अवधि में पूरा किया जाएगा। समीक्षा बैठक के दौरान PACS की एक और महत्वपूर्ण मांग पर भी विचार किया गया, जिसमें उन्होंने दो महीने की अवधि के स्थान पर अधिप्राप्ति से संबंधित कुल छह महीने तक की ब्याज-मुक्त अवधि की सुविधा की मांग की। इस पर मंत्री ने PACS को आश्वासन दिया कि विभाग इस प्रस्ताव पर सकारात्मक विचार करते हुए आवश्यक निर्णय शीघ्र लेगा, जिससे PACS इकाइयों पर आर्थिक दबाव कम हो सके। बैठक में यह सहमति बनी कि धान अधिप्राप्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और PACS तथा सरकार के बीच समन्वय को मजबूत करने के लिए जल्द ही राज्यभर के सभी जिला सहकारी बैंकों के अध्यक्षों के साथ एक विस्तृत बैठक आयोजित की जाएगी। इस प्रस्ताव पर खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग और सहकारिता विभाग के दोनों मंत्रियों ने सहमति जताई और PACS प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया कि अधिप्राप्ति से संबंधित सभी चुनौतियों के समाधान के लिए विभाग प्रतिबद्ध है। अंत में मंत्री लेशी सिंह ने कहा कि सरकार किसानों के हितों की रक्षा, PACS की मजबूती और अधिप्राप्ति प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि धान अधिप्राप्ति सुचारू और समयबद्ध ढंग से हो और सभी संबंधित पक्षों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। बैठक में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार, सचिव नैय्यर इकबाल, सहकारिता विभाग के सचिव धर्मेंद्र सिंह, दोनों विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, बिहार राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम लिमिटेड के वरिष्ठ पदाधिकारी और PACS के प्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

बिहार चुनाव हार: उदय नारायण चौधरी साधारण ऑटो से पहुंचे RJD दफ्तर

पटना बिहार चुनाव में मिली करारी हार के बाद अब राष्ट्रीय जनता दल इस बड़ी हार की वजहों को लेकर समीक्षा में जुटी है। पार्टी में हार पर मंथन का आज दूसरा दिन है और पटना स्थित राजद कार्यालय में दिग्गज नेता जुट रहे हैं। राजद नेता और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी भी इसी कड़ी में राजद कार्यालय पहुंचे। उदय नारायाण चौधरी खास अंदाज में राजद कार्यालय आए। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ऑटो रिक्शा में बैठकर राजद कार्यालय में पहुंचे थे। कुछ तस्वीरें सामने आई हैं जिसमें नजर आ रहा है कि उदय नारायण चौधरी ऑटो रिक्शा से उतर रहे हैं। आपको बता दें कि राजद बिहार चुनाव में मिली हार की दो चरणों में समीक्षा कर रही है। आज इस बैठक के पहण चरण का दूसरा दिन है। चार दिसम्बर तक प्रमंडलवार बैठक के बाद दूसरे चरण में पांच से नौ दिसम्बर के बीच पार्टी के जिलाध्यक्षों, प्रधान महासचिव और प्रदेश पदाधिकारियों के साथ बैठक होगी। प्रत्याशियों की ओर से दिये गए नामों के बारे में पार्टी के पदधारकों से राय ली जाएगी। साथ ही जिनका नाम भीतरघात करने वालों की सूची में होगा, उनसे भी इस बाबत पूछा जाएगा। संतोषप्रद जवाब नहीं मिलने पर ऐसे लोगों की पहचान कर दल से बाहर किया जाएगा। गुरुवार को सारण तो शुक्रवार को पूर्णिया प्रमंडल के प्रत्याशियों के साथ बैठक तय है। इन बैठकों में पार्टी नेताओं से भविष्य में अपनाई जाने वाली रणनीतियों, जनहित के मुद्दों को लेकर भी राय मांगी जा रही है।

राजधानी में 53KM लंबा नदी किनारा साइकिल ट्रैक तैयार, पूरी प्लानिंग एक नजर में

नई दिल्ली  दिल्ली में यमुना किनारे 53 किलोमीटर लंबे साइकिल कॉरिडोर के निर्माण की तैयारियां तेज हो गई हैं. वजीराबाद बैराज से लेकर एनएच-24 और आगे कालिंदी कुंज यमुना बायोडायवर्सिटी पार्क तक प्रस्तावित यह कॉरिडोर राजधानी में ग्रीन मोबिलिटी को नई दिशा देगा. तीन चरणों में बनने वाली इस परियोजना को अगले तीन वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. साइकिल ट्रैक निर्माण के लिए सभी विभागों से लगभग स्वीकृतियां मिल चुकी हैं, लेकिन रेलवे से NOC अभी भी लंबित है. पुराने यमुना रेल पुल के पास ट्रैक बनाने के लिए रेल मंत्रालय की अनुमति अनिवार्य है. बुधवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली सचिवालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों से इस परियोजना की प्रगति की जानकारी ली. अधिकारियों ने बैठक में सीएम को बताया कि रेलवे से संबंधित स्वीकृति अंतिम चरण में है और जल्द ही इस पर सकारात्मक निर्णय मिलने की उम्मीद है. बाकी विभाग पीडब्ल्यूडी, डीडीए, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग, दिल्ली जल बोर्ड, ऊर्जा विभाग और एनएचएआई पहले ही अपनी मंजूरी दे चुके हैं. यमुना के दोनों किनारों पर बनेगा ट्रैक परियोजना के तहत यमुना नदी के दोनों तरफ अलग-अलग हिस्सों में साइकिल कॉरिडोर बनाया जाएगा. अधिकारियों ने विस्तृत प्रस्तुति देते हुए बताया कि इस ट्रैक को कई जगह नदी पार करते हुए जोड़ा जाएगा, जिससे यह 53 किलोमीटर का पूरा नेटवर्क एक-दूसरे से सुचारू रूप से जुड़ सके. यह दिल्ली में साइक्लिंग को एक बड़े स्तर पर प्रोत्साहित करने वाली पहली संगठित परियोजना मानी जा रही है. तीन चरणों में होगा विकास साइकिल कॉरिडोर का विकास तीन चरणों में होगा. पहले चरण में पुराने यमुना रेल पुल से एनएच-24 तक ट्रैक बनाया जाएगा, दूसरे चरण में एनएच-24 से कालिंदी कुंज यमुना बायोडायवर्सिटी पार्क तक मार्ग तैयार किया जाएगा और तीसरे चरण में वजीराबाद यमुना बैराज से पुराने यमुना रेल पुल तक ट्रैक का निर्माण किया जाएगा. अधिकारियों ने बताया कि परियोजना से जुड़ा टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारियां अंतिम दौर में हैं और रेलवे से NOC मिलते ही पहला चरण शुरू कर दिया जाएगा, जिसे एक वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. पर्यावरण संरक्षण में बड़ी पहल मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि परियोजना की गुणवत्ता, सुरक्षा और पर्यावरणीय मानकों से किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए. उन्होंने कहा कि इसके विकसित होने के बाद यमुना किनारे ईको-टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा और लोगों को नेचर फ्रेंडली स्पेस में घूमने, साइकिल चलाने और समय बिताने का नया विकल्प मिलेगा.  

शिवराज सिंह चौहान ने देखा पंजाब का पराली समाधान, जानें कैसे काम कर रहा है ये गांव

चंडीगढ़  केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान पंजाब दौरे पर हैं. यहां वे किसानों, मनरेगा लाभार्थियों और ग्रामीण विकास से जुड़े कार्यक्रमों में संवाद करने वाले हैं. इसी कड़ी में वे आज शिवराज चौहान मोगा के रणसिंह कलांपहुंचे. यहां उन्होंने किसानों के साथ बैठकर खाना खाया और मनरेगा में काम करने वाले लोगों से बातचीत की. इसके साथ ही उन्होंने यहां के पराली मैनेजमेंट को समझा. सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा “मैं पराली मैनेजमेंट पर हुए काम को देखना चाहता हूं, जहां पराली को जलाने के बजाय खेतों में मिलाया गया है. मैं इसे पूरे देश को दिखाना चाहता हूं. मैं अभी रणसिह कलां आया हूं, और यहां के लोगों का प्यार और स्नेह अद्भुत है.”   रणसिंह कलांमें पराली जलाना है बंद पंजाब के मोगा जिले का रणसिंह कलां गांव देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है. ऐसा इसलिए क्योंकि यहां के किसान एक तरह से मिसाल बन गए हैं. इस गांव के किसानों ने पिछले सालों से पराली नहीं जलाई गई है. यहां किसानों ने पराली को जलाना पूरी तरह से बंद कर दिया है. 2019 में पंचायत द्वारा पराली जलाने पर बैन लगाने के बाद से 150 किसानों ने 1301 एकड़ में खड़ी पराली को जलाए बिना खेतों की मिट्टी में मिला दिया. इससे मिट्टी उपजाऊ भी हुई है. इसके साथ ही खाद की मांग घट गई है. कैसे नष्ट हो रही पराली रणसिंह कलांगांव में किसानों ने पराली जलाने के बजाय इसे खेतों में ही खत्म करना शुरू कर दिया है. किसानों सुपर सीडर जैसी मशीनों का यूज करके पराली को मिट्टी में मिला रहे हैं. इसके अलावा किसान सोसायटी भी चला रहे हैं. इसके जरिए पराली को खेतों में मिलाने के लिए जरूरी उपकरण खरीदे गए हैं. जिनसे काम किया जा रहा है. रणसिंह कलां की इस पहल के बाद आसपास के गांव भी इसे अपना रहे हैं. यही वजह है कि खुद केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी प्रणाली को देखने पहुंचे हैं. यहां उन्होंने किसानों से पूरी प्रक्रिया को समझा है. यहां किसानों को पराली न जलाने पर मुआवजा भी दिया जाता है. इसके साथ ही लकी ड्रा भी कराया जाता है.  

खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में जूडो कमाल, हरियाणा और यूपी की शानदार जीत

उदयपुर लेक सिटी उदयपुर में चल रहे खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स के दूसरे दिन जूडो मुकाबलों में खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। एमबी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में स्थित अटल बिहारी वाजपेयी इंडोर स्टेडियम में आयोजित प्रतियोगिताओं में विभिन्न विश्वविद्यालयों के पुरुष और महिला खिलाड़ियों ने अपने-अपने भार वर्गों में दमदार खेल दिखाया। जूडो मैट पर खिलाड़ियों की त्वरित मूवमेंट, काउंटर अटैक और टैकल की बारीक रणनीतियाँ देखने को मिलीं। कई मैच अंतिम सेकंड तक रोमांचक रहे और केवल एक अंक के अंतर से नतीजे तय हुए। दर्शकों को खिलाड़ियों की चुस्ती और आत्मविश्वास ने मंत्रमुग्ध कर दिया। स्पोर्ट्स ऑथोरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों ने बताया कि देशभर के विश्वविद्यालयों से सैकड़ों प्रतिभागी जूडो स्पर्धाओं में हिस्सा ले रहे हैं, जिससे मुकाबलों का स्तर बेहद उच्च रहा। अधिकारियों ने खिलाड़ियों की फिटनेस और अनुशासन की भी सराहना की। आयोजन प्रभारी अधिकारी एवं यूडीए आयुक्त राहुल जैन ने बताया कि जूडो की प्रतिस्पर्धाएं गुरुवार और शुक्रवार को भी जारी रहेंगी। इसके अलावा 28 नवंबर से बीच वॉलीबॉल की स्पर्धाएं शुरू होंगी। बुधवार को रेती बिछाने का कार्य पूरा कर पोल और नेट लगाए गए तथा मैदान पूरी तरह तैयार कर लिया गया है। दूसरे दिन कोटा ओपन यूनिवर्सिटी सहित हरियाणा और उत्तर प्रदेश के खिलाड़ियों ने स्वर्ण पदक जीतकर अपनी श्रेष्ठता साबित की। आयोजकों को उम्मीद है कि आगामी दिनों में भी रोमांचक मुकाबले देखने को मिलेंगे।