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रूस-भारत रिश्तों में नई मजबूती: राष्ट्रपति पुतिन 4-5 दिसंबर को करेंगे भारत यात्रा

नई दिल्ली  रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 4 और 5 दिसंबर को भारत की यात्रा पर आएंगे। रूसी राष्ट्रपति के कार्यालय क्रेमलिन की ओर से शुक्रवार को यह जानकारी दी गई, जिसमें कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर पुतिन भारत की राजकीय यात्रा पर जाएंगे। दोनों नेता व्यापार समझौतों पर हस्ताक्षर करेंगे। इस दौरान रूस-भारत संबंधों के सभी पहलुओं पर चर्चा होगी और क्षेत्रीय व अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी बातचीत की जाएगी। क्रेमलिन की ओर से जारी बयान में यह बताया गया।   यह यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब फरवरी 2022 में यूक्रेन पर मॉस्को के हमले के बाद से रूस से रियायती कीमतों पर तेल खरीदने के कारण भारत और पश्चिमी देशों के संबंधों में तनाव है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अगस्त में भारत से आने वाले अधिकांश सामान पर 50 प्रतिशत शुल्क लगा दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत रूस के युद्ध प्रयासों को फंडिंग दे रहा है। रूसी सरकारी टीवी पर क्रेमलिन के विदेश नीति सलाहकार यूरी उशाकोव के हवाले से अहम जानकारी दी गई। इसमें कहा गया कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की आगामी भारत यात्रा बहुत भव्य और सार्थक होगी। पुतिन की यात्रा को लेकर मॉस्को ने क्या कहा यूरी उशाकोव ने कहा, ‘हम और भारतीय पक्ष इस यात्रा की सक्रियता से तैयारी कर रहे हैं। हमें उम्मीद है कि यह हर लिहाज से सार्थक होगी। यह एक बेहद भव्य यात्रा होगी क्योंकि इसे राजकीय यात्रा भी कहा जा रहा है। यह यात्रा भारत के प्रधानमंत्री और रूसी राष्ट्रपति के बीच हुए समझौते को अमल में लाने का मौका प्रदान करती है कि वे द्विपक्षीय मामलों और वर्तमान अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर गहन चर्चा के लिए प्रतिवर्ष मिलेंगे।’ पिछले सोमवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर का स्वागत करते हुए रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा था कि पुतिन की नई दिल्ली यात्रा तीन सप्ताह में होगी।

खेतों में अब सूरज की गर्मी के साथ मिलेगा सिंचाई का सहारा, रोशनी से निकलेगा पानी

बरेली के किसानों पर मेहरबान योगी सरकार, भारी छूट पर मिलेंगे 1002 सोलर पंप खेतों में अब सूरज की गर्मी के साथ मिलेगा सिंचाई का सहारा, रोशनी से निकलेगा पानी पीएम कुसुम योजना में बरेली में लगेंगे सोलर पंप-15 दिसंबर तक मौका, लाखों की मिलेगी सब्सिडी सिंचाई पर खत्म होगी बिजली-डीजल की मार, किसानों को मिलेंगे 2.5 लाख तक के सोलर पंप बरेली योगी सरकार ने बरेली के अन्नदाता किसानों को बड़ी सौगात दी है। किसानों की समृद्धि और सिंचाई संकट को दूर करने के लिए इस बार बरेली जिले को विशेष प्राथमिकता में रखा है। पीएम कुसुम योजना के तहत जहां पूरे प्रदेश में 40,521 सोलर पंप वितरित किए जाएंगे, वहीं बरेली जनपद के लिए 1002 सोलर पंप का लक्ष्य तय किया गया है। कृषि विभाग ने जिले के किसानों से 15 दिसंबर तक ऑनलाइन आवेदन करने की अपील की है। उपनिदेशक कृषि अमरपाल सिंह ने बताया कि यह योजना बरेली के किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी है। जिले में जिन किसानों ने पंजीकरण कराया है, उन्हें ई–लॉटरी के माध्यम से सोलर पंप आवंटित किए जाएंगे। आवेदन केवल कृषि विभाग की वेबसाइट पर किया जाएगा। बरेली के किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ-महज पांच हजार में शुरू होगी प्रक्रिया पीएम कुसुम योजना के अंतर्गत आवेदन के समय किसानों को सिर्फ 5,000 रुपये टोकन मनी जमा करनी होगी। इसके बाद मोबाइल पर बुकिंग कन्फर्मेशन आएगा। अनुदान घटाने के बाद बची राशि किसान ऑनलाइन जमा कर सकेंगे। जरूरत पड़ने पर किसान बैंक से ऋण लेकर भी किसान अंश जमा कर सकते हैं, जिस पर AIF योजना के तहत 6 प्रतिशत ब्याज में छूट मिलेगी। उपनिदेशक अमरपाल सिंह के ने बताया कि बरेली में पंप आवंटन पूरी तरह पारदर्शी प्रक्रिया से होगा। तय नियमों के अनुसार बोरिंग और जमीन सत्यापन पूरा होने पर किसानों को सोलर पंप उपलब्ध कराए जाएंगे। बरेली में कौन-कौन से पंप सबसे ज्यादा मांग में बरेली में 2 एचपी सबमर्सिबल, 3 एचपी डीसी सबमर्सिबल, 5 एचपी सबमर्सिबल की मांग सबसे ज्यादा है। बरेली के ब्लॉकों में भोजीपुरा, मीरगंज, फतेहगंज, सेंथल, बहेड़ी और फरीदपुर में इन पंपों की सबसे अधिक मांग देखी जा रही है। गंगापुर, बिशारतगंज और नवाबगंज क्षेत्र में भी किसान तेजी से आवेदन कर रहे हैं। सोलर पंप के लिए बोरिंग को लेकर विभाग ने नियम स्पष्ट किए हैं। इसमें 2 एचपी पंप के लिये 4 इंच बोरिंग, 3 व 5 एचपी पंप के लिये 6 इंच बोरिंग, 7.5 व 10 एचपी पंप के लिये 8 इंच बोरिंग होना चाहिये। सत्यापन के समय बोरिंग न मिलने पर टोकन मनी जब्त हो जाएगी और आवेदन निरस्त माना जाएगा। बरेली के किसानों को कितना अनुदान मिलेगा केंद्र और राज्य सरकार मिलकर किसानों को भारी छूट दे रही है कि 2 एचपी सरफेस पंप : 98,593 अनुदान, 2 एचपी डीसी सबमर्सिबल : 1,00,215 अनुदान, 3 एचपी डीसी सबमर्सिबल : 1,33,621 अनुदान,  5 एचपी एसी सबमर्सिबल : 1,88,038 अनुदान, 7.5-10 एचपी पंप : 2,54,983 तक का सर्वाधिक अनुदान मिलेगा। यह छूट सीधे किसानों की लागत को कम कर रही है और बिजली निर्भरता खत्म कर किसानों को आत्मनिर्भर बना रही है। उपनिदेशक कृषि अमरपाल सिंह ने बताया कि इस योजना से बरेली जिले में सिंचाई पर आने वाली लागत में भारी कमी आएगी। डीजल और बिजली दोनों से किसानों को राहत मिलेगी। हमारा लक्ष्य है कि जिले के अधिक से अधिक अन्नदाता सोलर पंप का लाभ लें और आत्मनिर्भर बनें।

ग्वालियर-चंबल में बढ़ी ठंडी हवाएं, मौसम विशेषज्ञों ने चेताया: 48 घंटे ठंड बढ़ेगी

भोपाल उत्तर भारत के साथ मध्य भारत का मौसम लगातार बदल रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार देश के अलग-अलग हिस्सों में बने चार सिस्टम ग्वालियर-चंबल के मौसम को प्रभावित कर रहे हैं। इनमें सबसे प्रभावी सिस्टम जम्मू-कश्मीर में सक्रिय हुआ नया पश्चिमी विक्षोभ है। इसके साथ राजस्थान में बने चक्रवातीय घेरे का असर भी ग्वालियर तक पहुंच रहा है।  अगले 48 घंटे में कोहरा देगा दस्तक, बढ़ेगी ठंड अगले 48 घंटे में शहर में हल्के से मध्यम कोहरे की दस्तक होने की संभावना जताई है। इसके चलते रात के तापमान में से 1.5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज (cold wave) की जा सकती है। गुरुवार को शहर में न्यूनतम तापमान 10.3 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 26.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लेकिन अगले दो दिनों में न्यूनतम तापमान और नीचे आ सकता है, जिससे सर्दी का असर और तेज महसूस होगा। चार मौसम सिस्टम एक साथ सक्रिय मौसम विभाग के अनुसार इस समय देश में चार प्रमुख सिस्टम सक्रिय हैं, जो ग्वालियर के मौसम को भी प्रभावित कर रहे हैं। इसमें पहला अंडमान-निकोबार के पास कम दबाव का क्षेत्र, इससे दक्षिण-पूर्वी दिशा में हवाओं का दबाव बढ़ा है। दूसरा श्रीलंका के पास कम दबाव क्षेत्र, इससे दक्षिणी हवाओं की विशा बदल दी है, जिससे ठंडक में इजाफा हो रहा है। तीसरा जम्मू-कश्मीर में नया पश्चिमी विक्षोभ, उत्तर भारत में सक्रिय हुआ यह विक्षोभ पहाड़ी क्षेत्रों में बादल और बारिश की स्थिति बना सकता है, जिससे कोहरे की संभावना बढ़ गई है। चौथा राजस्थान में चक्रवातीय घेरा ये अरब सागर से नमी खींच रहा है, इससे कोहरे की परत बनेगी। 

वैश्विक शक्ति रैंकिंग: भारत टॉप-3 में, पाकिस्तान बाहर—जानिए पूरी रिपोर्ट

नई दिल्ली ऑस्ट्रेलिया के जाने-माने लोवी इंस्टीट्यूट ने अपना सालाना एशिया पावर इंडेक्स 2025 जारी किया है, जो 27 एशियाई देशों के मिलिट्री, इकोनॉमिक, डिप्लोमैटिक और कल्चरल असर का डिटेल्ड असेसमेंट देता है। रिपोर्ट में रीजनल पावर में बड़े बदलावों पर रोशनी डाली गई है, जिसमें चीन एशिया की बड़ी पावर के तौर पर उभरा है। भारत लगातार आगे बढ़ रहा है, जबकि पिछले सालों के मुकाबले यूनाइटेड स्टेट्स का असर कम हुआ है। रिपोर्ट में देशों को आठ एरिया (मिलिट्री कैपेबिलिटी, डिफेंस नेटवर्क, इकोनॉमिक ताकत, डिप्लोमैटिक असर, कल्चरल पहुंच, रेजिलिएंस और फ्यूचर रिसोर्स पोटेंशियल) के आधार पर रैंक किया गया है। पाकिस्तान टॉप 10 से बाहर है, 16वें नंबर पर है। दुनिया के 10 सबसे ताकतवर देश 1. यूनाइटेड स्टेट्स (US) 80.5 सुपर पावर 2. चीन 73.7 सुपर पावर 3. इंडिया 40.0 मेजर पावर 4. जापान 38.8 मिडिल पावर 5. रूस 32.1 मिडिल पावर 6. ऑस्ट्रेलिया 31.8 मिडिल पावर 7. साउथ कोरिया 31.5 मिडिल पावर 8. सिंगापुर 26.8 मिडिल पावर 9. इंडोनेशिया 22.5 मिडिल पावर 10. मलेशिया 20.6 मिडिल पावर इंडिया की उभरती हुई पावर रिपोर्ट एशिया में इंडिया के बढ़ते असर को दिखाती है। उम्मीद है कि इंडिया 2025 में 40.0 स्कोर के साथ 'मेजर पावर' का दर्जा हासिल कर लेगा। रिपोर्ट के मुताबिक, इंडिया की बढ़त उसकी मजबूत इकोनॉमिक ग्रोथ और बढ़ती मिलिट्री कैपेबिलिटी की वजह से है। हालांकि इंडिया की मिलिट्री और रिसोर्स ग्रोथ काफी रही है, लेकिन उसका डिप्लोमैटिक और इकोनॉमिक असर अभी तक उसकी कैपेबिलिटी में बढ़ोतरी के बराबर नहीं हुआ है, जो आगे बढ़ने की बहुत ज़्यादा संभावना दिखाता है। सिर्फ़ यूनाइटेड स्टेट्स और चीन ही 'सुपरपावर' कैटेगरी में लिस्टेड हैं। यूनाइटेड स्टेट्स टॉप पर बना हुआ है, लेकिन 2018 में एशिया पावर इंडेक्स लॉन्च होने के बाद से यह अपना सबसे कम इन्फ्लुएंस स्कोर दिखा रहा है। एनालिस्ट इसका कारण ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन के दौरान लिए गए पॉलिसी डिसीजन को मानते हैं, जिन्हें एशिया में US के इन्फ्लुएंस के लिए नेट नेगेटिव बताया गया है। चीन लगातार यूनाइटेड स्टेट्स के साथ गैप कम कर रहा है, जिससे गैप का अंतर 2020 के बाद से अपने सबसे निचले पॉइंट पर आ गया है। रूस की पोजीशन मज़बूत हुई रूस ने 2019 के बाद पहली बार एशिया में अपनी पोजीशन मज़बूत की है। यूक्रेन वॉर के बाद लगाए गए बैन की वजह से खोए हुए इन्फ्लुएंस को उसने वापस पा लिया है। मॉस्को की बढ़ती रीजनल प्रेजेंस का क्रेडिट काफी हद तक चीन और नॉर्थ कोरिया के साथ उसकी स्ट्रेटेजिक डिफेंस और इकोनॉमिक पार्टनरशिप को जाता है। रूस 2024 में ऑस्ट्रेलिया से हारे अपने पांचवें स्थान पर वापस आ जाएगा। दूसरी मिडिल पावर्स के मुकाबले जापान का इन्फ्लुएंस बढ़ा है। यह मज़बूत इकोनॉमिक, टेक्नोलॉजिकल और डिप्लोमैटिक इनिशिएटिव को दिखाता है, जो टोक्यो को एशिया के बदलते पावर डायनामिक्स में एक ज़्यादा काबिल प्लेयर के तौर पर पोज़िशन करता है। साउथ कोरिया और ऑस्ट्रेलिया जैसे देश मिडिल पावर के तौर पर तेज़ी से ज़रूरी भूमिका निभा रहे हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा में किया मेदांता सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का उद्घाटन

अच्छा प्रयास नाम के साथ ब्रांड बन जाता हैः सीएम योगी  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा में किया मेदांता सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का उद्घाटन मुख्यमंत्री राहत कोष से एक वर्ष में इलाज के लिए दिए गए 1300 करोड़ः मुख्यमंत्री  पीएम मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार की गारंटी, गरीब से गरीब व्यक्ति भी अच्छी स्वास्थ्य सुविधा का हकदारः सीएम योगी  नोएडा  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को नोएडा में मेदांता सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का उद्घाटन किया। सीएम ने निरीक्षण कर यहां की व्यवस्थाओं के बारे में जाना और इसे क्वालिटी हेल्थ सर्विसेज का बेहतरीन सेंटर बताया। उन्होंने कहा कि यह केवल सुपर स्पेशियिलिटी हॉस्पिटल ही नहीं, बल्कि एक छत के नीचे ढेर सारा रोजगार व यूपी को बड़ा निवेश भी दे रहा है। सीएम ने मेदांता की तारीफ करते हुए कहा कि नाम ही काफी है। जब भी हम अपने परिश्रम, प्रयास से सही दिशा को चुनते हैं तो उसके परिणाम भी अच्छे आते हैं। अच्छा प्रयास नाम के साथ ब्रांड बन जाता है और बेहतरीन-क्वालिटी हेल्थ सर्विसेज में मेदांता देश में ब्रांड बना है।  बेहतरीन सेवा से मेदांता ने लखनऊ में भी बनाई पहचान सीएम योगी ने कहा कि गुड़गांव के बाद जब लखनऊ में मेदांता का शुभारंभ होना था तो लोग पूछते थे कि क्या यह चल पाएगा, हमें तब भी संदेह नहीं था। मेदांता ने लखनऊ में भी बेहतरीन सेवा से पहचान बनाई है। कोविड के दौरान वह हॉस्पिटल यूपी वासियों के लिए बहुत उपयोगी साबित हुआ। सीएम ने कहा कि पश्चिम यूपी में बहुत दिनों से और भी अच्छे हॉस्पिटल की मांग होती थी। सीएम ने यहां की सर्विसेज की तारीफ की।  8-10 वर्ष पहले गरीब के लिए उपचार कराना होता था कठिन सीएम योगी ने कहा कि दुनिया काफी आगे बढ़ चुकी है, इसलिए बेहतरीन हेल्थ सर्विसेज में भी पीछे नहीं रह सकते। 8-10 वर्ष पहले गरीब के लिए उपचार कराना कठिन होता था। किडनी, कैंसर, लीवर सिरोसिस, बाईपास सर्जरी आदि के लिए गरीब के पास सामर्थ्य नहीं होता था। वह जमीन बेचता या महिलाओं के जेवर गिरवी रखता था। फिर हमारे पास भी हॉस्पिटल को पत्र लिखने और डॉक्टर से बात करने की सिफारिश आती थी। सीएम ने बताया कि पिछले छह-सात वर्ष में प्रधानमंत्री जनआरोग्य योजना, आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत देश के अंदर 50 करोड़ लोगों को पांच लाख रुपये प्रतिवर्ष स्वास्थ्य की फ्री सेवा उपलब्ध कराने का कार्य किया जा रहा है। यूपी में हमने उसके दायरे को बढ़ाया है। यूपी में जो तबका इसके दायरे में नहीं आ पा रहा था, लेकिन जरूरतमंद था। उसे भी राज्य की ओर से इस सुविधा से जोड़ने का कार्य किया गया।  मुख्यमंत्री राहत कोष से एक वर्ष में दिए गए 1300 करोड़  सीएम योगी ने कहा कि मुख्यमंत्री राहत कोष से धनराशि देना शुरू किया। यह सुविधा हर वर्ष उपलब्ध करा रहे हैं। इस कोष से एक वर्ष में 1300 करोड़ रुपये स्वास्थ्य सेवा के लिए गरीबों को उपलब्ध कराए गए। प्रदेश के इन्पैन्ल्ड हॉस्पिटल, जहां उसका उपचार हो रहा है, वहां धनराशि उपलब्ध कराई गई। सीएम योगी ने कहा कि गरीब से गरीब व्यक्ति भी अच्छी स्वास्थ्य सुविधा प्राप्त करने का हकदार है। पीएम मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार ने यह गारंटी दी है।  उत्तर प्रदेश ने 8 वर्ष में स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में बेहतर कदम बढ़ाए हैं सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने 8 वर्ष में स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में बेहतर कदम बढ़ाए हैं। इससे पहले यूपी की पहचान वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया थी। हमने उस पहचान को हटाकर यूपी को वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज से जोड़ा है। हर जनपद में अच्छे हॉस्पिटल खुलें, इसके लिए पॉलिसी के दायरे में लाकर उन्हें सुविधा देना प्रारंभ किया। हाउसिंग के रूल में संशोधन किया। पहले हॉस्पिटल बनाने के लिए 18 मीटर की सड़क आवश्यक थी। हमने कहा कि 7 मीटर की सड़क में भी हॉस्पिटल बनाइए, हम नक्शा पास करेंगे और कनेक्टिविटी समेत सभी सुविधा देंगे। आज बड़े पैमाने पर लोग यूपी में आ रहे हैं।   तकनीक का उपयोग कर आमजन को उपलब्ध करा सकते अच्छी सर्विस  सीएम योगी ने कहा कि यूपी में आज 10 करोड़ लोगों को आयुष्मान भारत व मुख्यमंत्री जनआरोग्य योजना के जरिए सुविधाओं से जोड़ रहे हैं। आज यूपी सरकार द्वारा आईआईटी कानपुर के साथ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (मेडटेक) का कार्य हो रहा है। तकनीक का उपयोग करते हुए अच्छी सर्विस आमजन को उपलब्ध करा सकते हैं। एआई का बेहतर उपयोग करके कैथलेक को बेहतर बना सकते हैं। एक छत के नीचे सुविधाएं प्राप्त होना बड़ी बात है।  डॉक्टर पर मरीज का बहुत बड़ा विश्वास होता है सीएम योगी ने मेदांता गुड़गांव से जुड़ा संस्मरण सुनाते हुए कहाकि मरीज का डॉक्टर पर बहुत बड़ा विश्वास होता है। बताया कि मेरे गुरु की आयु लगभग 94 वर्ष थी। अस्वस्थ होने पर भी वे कहते थे कि हॉस्पिटल नहीं जाऊंगा, तब मैं डॉ. प्रवीण चंद्रा को फोन करता था कि आप फोन करके गुरु जी को बुलवा लीजिए। इस पर गुरु जी हॉस्पिटल जाने को तैयार हो जाते थे। वहां एडमिट थे पर जब डॉ. नरेश त्रेहन व उनकी टीम, फिर डॉ. चंद्रा कहते थे कि आप स्वस्थ हैं तो गुरु जी छड़ी उठाकर कहते थे कि चलो, अब चला जाए। डॉक्टर ने कह दिया, अब मैं स्वस्थ हूं। 96 वर्ष में उनका शरीर शांत हुआ था। चिकित्सक ने कह दिया कि आप स्वस्थ हैं तो उस आयु में भी बेड से खड़े होकर छड़ी लेकर चल देते थे।  दूरदराज के क्षेत्रों में तकनीक के उपयोग पर जोर  सीएम ने दूरदराज के क्षेत्रों में तकनीक के उपयोग पर जोर दिया। बताया कि कोविड के समय हब एंड स्पोक मॉडल पर वर्चुअल आईसीयू शुरू किया था। इस समय एसजीपीजीआई लखनऊ व मेदांता लखनऊ ने भी इस प्रक्रिया को दूरदराज के क्षेत्रों में अपनाया है। पहले चरण में वर्चुअल आईसीयू के माध्यम से टीम के प्रशिक्षण देने के साथ ही सर्विसेज दी जा रही है। उन्होंने बताया कि केजीएमयू में प्रतिदिन 10-12 हजार लोग ओपीडी में आते हैं। सीएम ने कहा कि सर्दी-जुकाम, सामान्य वायरल फीवर वाले को टेलीकन्सलटेशन की सुविधा देकर उसके खर्चे को भी रोक सकते हैं। उन्होंने कहा कि 11 … Read more

अनैतिक संबंधों का खौफनाक अंजाम: बेटे ने मां और पड़ोसी को मौत के घाट उतारा, खुद थाने में सरेंडर

चंडीगढ़  हरियाणा के सिरसा में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक युवक ने अपनी मां और उसके प्रेमी की हत्या कर दी और दोनों की लाशें गाड़ी में डाल कर खुद ही थाने ले आया। उसने पुलिस से कहा कि गाड़ी में लाशें पड़ी हैं, इन्हें निकाल लो। युवक की बात से पुलिस सन्न रह गई। जब गाड़ी खोली तो उस में एक महिला और एक शख़्स की लाशें पड़ी हुई थीं। पुलिस ने दोनों शवों को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल में रखवा दिया। आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया गया है।   युवक ने अपनी मां और पड़ोस में रहने वाले एक व्यक्ति को संबंध बनाते हुए वीरवार रात को रंगे हाथों पकड़ लिया था। युवक ने गुस्से में दोनों की चुन्नी से गला घोंटकर हत्या कर दी। मृतक महिला की पहचान 42 साल की अंगूरी देवी और उसके 45 साल के प्रेमी लेखराज के रूप में हुई है। मेरी मां के पड़ोसी के साथ थे अवैध संबंध जिला के सिकंदरपुर में एक युवक राजकुमार ने अपनी मां और पड़ोस में रहने वाले एक व्यक्ति को संबंध बनाते हुए गुरुवार रात को रंगे हाथों पकड़ लिया। युवक ने घर में घुसकर दोनों की चुन्नी से गला घोंटकर हत्या कर दी। हत्या करने के बाद शुक्रवार सुबह 9 बजे दोनों के शवों को गाड़ी में लेकर सीधा सदर थाने सिरसा पहुंच गया। थाने में सीधे गाड़ी लगाने पर पुलिस ने उसे रोका तो उसने कहा कि गाड़ी में उसकी मां और प्रेमी की लाश है। गाड़ी से दोनों की लाशें निकाल लो। पुलिस ने गाड़ी की जांच की तो गाड़ी में दो शव रखे हुए थे। इसके बाद थाने में हड़कंप मंच गया। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में ले लिया और युवक को हिरासत में ले लिया। पुलिस पूछताछ में युवक ने बताया कि मेरी मां के पड़ोसी के साथ अवैध संबंध थे। इसका मुझे कई दिनों से शक था। मैंने अपनी मां को पहले भी कई बार समझाया था, लेकिन वह नहीं मानी। वीरवार रात दोनों को रंगे हाथों पकड़ लिया जिसके बाद मैंने दोनों की हत्या कर दी। सिकंदरपुर में हुए इस दोहरे हत्याकांड के बाद सनसनी मची हुई है और लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। डीएसपी राजेश कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। दोनों शवों का पोस्टमार्टम किया जा रहा है।

वाराणसी में रात्रिकालीन पर्यटन और स्थानीय व्यापार, हस्तशिल्प को भी मिलेगा बढ़ावा

मोदी-योगी के 'एक्शन प्लान फॉर काशी एण्ड सारनाथ' के तहत, काशी के 10 प्रमुख स्थलों पर फसाड लाइटिंग का कार्य जल्द होगा शुरू वाराणसी में रात्रिकालीन पर्यटन और स्थानीय व्यापार, हस्तशिल्प को भी मिलेगा बढ़ावा परियोजना का मुख्य उद्देश्य वाराणसी के प्रमुख स्थलों को रात्रि में आकर्षक और सुरक्षित बनाना वाराणसी काशी के ऐतिहासिक घाट और सनातन धर्म के आस्था का केंद्र काशी में मंदिर अब रात में भी चमकते दिखाई देंगे। भारत के सांस्कृतिक, धार्मिक और आध्यात्मिक केंद्र वाराणसी में पर्यटन और धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण के लिए एक महत्वाकांक्षी परियोजना शुरू होने वाली है। मोदी-योगी के 'एक्शन प्लान फॉर काशी एण्ड सारनाथ' के तहत, वाराणसी के 10 प्रमुख स्थलों पर फसाड लाइटिंग का कार्य प्रस्तावित है। इस परियोजना की कुल लागत 2410.99 लाख रुपये प्रस्तावित है, जिसका उद्देश्य काशी के ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक वैभव को रात्रि के समय और अधिक आकर्षक बनाना है। वाराणसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने बताया कि इस परियोजना में अस्सी घाट, दशाश्वमेध घाट, पंचगंगा घाट, केदार घाट, संकट मोचन मंदिर, काल भैरव मंदिर, अन्नपूर्णा मंदिर, भारत माता मंदिर, दुर्गा कुंड मंदिर और तुलसी मानस मंदिर शामिल हैं।  इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य काशी के धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक वैभव को रात्रि में और अधिक आकर्षक एवं दर्शनीय बनाना है। फसाड लाइटिंग के माध्यम से इन स्थलों की भव्यता को रात में भी महसूस किया जा सकेगा, जिससे पर्यटकों और श्रद्धालुओं को एक नया अनुभव प्राप्त होगा। वीडीए उपाध्यक्ष ने बताया कि इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य वाराणसी के प्रमुख स्थलों को रात्रि में आकर्षक और सुरक्षित बनाना है, फसाड लाइटिंग के माध्यम से इन स्थलों की वास्तुकला और ऐतिहासिक महत्व को उभारा जाएगा, जिससे काशी की धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व को समझने में सहायता मिलेगी। यह परियोजना काशी के पर्यटन स्थलों को विश्व के पर्यटन के मानचित्र पर मजबूती से रेखांकित करेगी।  इस पहल से वाराणसी में रात्रिकालीन पर्यटन को बढ़ावा मिलने की संभावना है। स्थानीय व्यापार, हस्तशिल्प और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को भी अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलेगा। यह परियोजना काशी को वैश्विक सांस्कृतिक राजधानी के रूप में विकसित करने की परिकल्पना का भी एक अहम हिस्सा मानी जा रही है। यह परियोजना वाराणसी की वैश्विक पहचान को और मजबूत करेगी।

गोरखपुर के दक्षिणांचल में भी बसेगी उद्योग नगरी: CM योगी

पूर्वांचल गढ़ रहा प्रगति की नई मिसाल: CM योगी  गोरखपुर के दक्षिणांचल में भी बसेगी उद्योग नगरी: CM योगी  धुरियापार इंडस्ट्रियल टाउनशिप में उद्योग लगाने के लिए मिलने लगे निवेश प्रस्ताव एक्सप्रेसवे समीप होने से बड़े निवेशकों को भाने लगा गीडा का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट: CM योगी  एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी से लिखी जाएगी औद्योगिक प्रगति की नई इबारत गोरखपुर  दशकों तक पिछड़ेपन का दंश झेलने को मजबूर रहा पूर्वांचल योगी सरकार की संकल्पशक्ति से प्रगति की नई मिसाल कायम कर रहा है। और इस मिसाल की नई बानगी है गोरखपुर के दक्षिणांचल में बस रहा धुरियापार इंडस्ट्रियल टाउनशिप। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे की शानदार रोड कनेक्टिविटी से यहां औद्योगिक प्रगति की नई इबारत लिखी जाएगी। इस इंडस्ट्रियल टाउनशिप के जरिये गोरखपुर के दक्षिणांचल हिस्से में एक बड़े ऊसर भूभाग में अब उद्योगों की फसल लहलहाएगी। गोरखपुर का दक्षिणांचल उद्योग नगरी की पहचान हासिल करेगा। इसकी शुरुआत दो बड़े निवेशकों को औद्योगिक भूमि आवंटन और एक बड़े निवेशक की तरफ से पसंद की गई भूमि के साथ हो भी गई है।  गोरखपुर के जिस दक्षिणांचल को सबसे पिछड़ा क्षेत्र मान लिया गया था, अब वह आने वाले समय में विकास और नई औद्योगिक पहचान की आभा से चहक उठेगा। इसका आधार बनेगा गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे। लिंक एक्सप्रेसवे की शानदार रोड कनेक्टिविटी के चलते योगी सरकार दक्षिणांचल के धुरियापार में नए इंडस्ट्रियल टाउनशिप की परिकल्पना को साकार कर रही है। गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप धुरियापार इंडस्ट्रियल टाउनशिप को आकार देने की गति तेज कर दी है। मुख्यमंत्री इस टाउनशिप को ग्रेटर गीडा के रूप में देखना चाहते हैं।  धुरियापार इंडस्ट्रियल टाउनशिप को 6876 एकड़ में विकसित किया जा रहा है। यह औद्योगिक क्षेत्र 17 अधिसूचित ग्रामों में विस्तृत है। यह इंडस्ट्रियल टाउनशिप पूर्वांचल के सबसे बड़े इंडस्ट्रियल लैंड बैंक वाली होगी। इस इंडस्ट्रियल टाउनशिप के पहले फेज में गीडा द्वारा 800 एकड़ भूमि को अधिग्रहित कर उसे इंडस्ट्री की डिमांड के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। गीडा की मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अनुज मलिक के अनुसार इंडस्ट्रियल टाउनशिप के औद्योगिक सेक्टर एस-5 में दो बड़े निवेशकों को जमीन आवंटित कर दी गई है। टाउनशिप में एक अन्य बड़े निवेशक ने भी जमीन पसंद कर ली है। अडानी समूह ने अंबुजा सीमेंट की यूनिट के लिए 46.63 एकड़ जबकि श्रेयश डिस्टिलरी-एनर्जी लिमिटेड ने 60.48 एकड़ भूमि आवंटित कराई है। इन दोनों भूमि आवंटन के सापेक्ष 4200 करोड़ रुपये का निवेश आना और 6500 लोगों के लिए रोजगार सृजन प्रस्तावित है। इसके अलावा रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड ने 300 करोड़ रुपये के निवेश से कैम्पा कोला कोल्ड ड्रिंक ब्रांड की यूनिट लगाने के लिए इसी इंडस्ट्रियल टाउनशिप में करीब 50 एकड़ जमीन पसंद की है। जल्द ही इसके आवंटन की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इसके अलावा अन्य कई निवेशक यहां अपनी पसंद की जमीन देख रहे हैं।  गीडा की मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अनुज मलिक बताती हैं कि मूर्त रूप में आने के बाद धुरियापार इंडस्ट्रियल टाउनशिप धुरियापार समेत समूचे गोरखपुर दक्षिणांचल के लिए गेम चेंजर साबित होगी। धुरियापार की पहचान अति पिछड़े क्षेत्र के रूप में रही लेकिन आने वाले दिनों में इसकी ख्याति गोरखपुर के नए औद्योगिक क्षेत्र के गेटवे के रूप में होगी। औद्योगिक विकास के साथ ही यहां रोजगार की बहार भी बहेगी।

विश्व रंग’ उत्सव: 4 दिन, 90 सत्र, 35 देश और 1000 प्रतिभागियों के साथ संस्कृति की महफ़िल

संस्कृति की रंगो-महक से फिर गुलज़ार होगा ‘विश्व रंग’ म.प्र. के राज्यपाल और मॉरिशस के पूर्व राष्ट्रपति 27 नवंबर को करेंगे सातवें महोत्सव का शुभारंभ चार दिन, 90 सत्र, 35 देश, 1000 प्रतिभागी भोपाल  जाड़े की गुलाबी दस्तक के साथ एक बार फिर भोपाल की वादियाँ विश्व रंग से गुलज़ार हो रही हैं। टैगोर अन्तरराष्ट्रीय साहित्य तथा कला महोत्सव अपनी सातवीं पायदान तय करता चार दिनों तक विभिन्न गतिविधियों का अनूठा ताना-बाना लिए रवीन्द्र भवन के विशाल परिसर में आयोजित होगा। रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, विश्वरंग फाउण्डेशन और उसके सहयोगी केन्द्रों की पहल पर म.प्र. शासन संस्कृति विभाग सहित देश-विदेश की पचास से भी अधिक संस्थाओं की भागीदारी से यह विशाल समागम आकार ले रहा है। भारत के विभिन्न क्षेत्रों के मूर्धन्य चिंतकों, विचारकों और विशेषज्ञों के साथ ही विश्व के 35 से भी अधिक देशों के प्रतिनिधि यहाँ साझा संस्कृति की मिसाल पेश करेंगे। किसी भी अशासकीय संस्था के संयोजन में होने वाला यह एशिया का सबसे बड़ा सांस्कृतिक कुंभ है। 27 से 30 नवंबर के दरमियान इस महोत्सव में अस्सी से भी अधिक सत्र संवाद, विचार, विमर्श और कलात्मक अभिव्यक्ति का खुला मंच साबित होंगे। यह जानकारी विश्व रंग के महानिदेशक तथा रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति संतोष चौबे ने प्रेस वार्ता में दी। संवाददाताओं को संबोधित करते हुए श्री चौबे ने बताया कि 2019 में शुरू हुई विश्व रंग की यात्रा अपने सातवें चरण पर और भी व्यापक, विस्तृत और बहुरंगी हो गयी है। भोपाल से शुरू हुआ यह कारवाँ मॉरिशस, श्रीलंका, नई दिल्ली और मुंबई होता हुआ नई उर्जा और नए आत्मविश्वास से भरकर पुनः भोपाल लौटा है। 27 नवंबर को रंगारंग विश्व रंग शोभा यात्रा के बाद शाम 6 बजे म.प्र. के राज्यपाल माननीय मंगुभाई पटेल की गरिमामयी उपस्थिति में इस महोत्सव का शुभारंभ होगा। इस अवसर पर मॉरिशस के पूर्व राष्ट्रपति श्री पृथ्वीराज सिंह रूपन, म.प्र. के संस्कृति मंत्री श्री धर्मेन्द्र भावसिंह लोधी और रबीन्द्रनाथ टैगोर वि.वि. के कुलाधिपति श्री संतोष चौबे विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। पत्रकार वार्ता को विश्व रंग के सहनिदेशक तथा स्कोप स्किल ग्लोबल युनिव्हर्सिटी के चांसलर डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी, आईसेक्ट ग्रुप ऑफ़ युनिव्हर्सिटी की निदेशक डॉ. अदिति चतुर्वेदी वत्स, प्रवासी साहित्य एवं संस्कृति शोध केन्द्र के निदेशक डॉ. जवाहर कर्नावट तथा टैगोर विश्व कला एवं संस्कृति केन्द्र के निदेशक विनय उपाध्याय और उप संचालक संस्कृति संचालनालय डॉ पूजा शुक्ला ने भी संबोधित किया। श्री चौबे ने बताया कि देश-दुनिया के एक हज़ार से भी अधिक भाषाविद्, साहित्यकार, शिक्षा शास्त्री, विज्ञान-तकनीकी विशेषज्ञ, आलोचक, संस्कृतिकर्मी, पर्यावरणविद् सहित मीडिया, कला, सिनेमा और मनोरंजन जगत की जानी-मानी हस्तियाँ विश्व रंग का हिस्सा बनेंगी। विरासत और आधुनिकता के इस अद्वितीय संगम में ज्ञान-विज्ञान की नई दिशाओं की ओर बढ़ते विश्व की नई इबारतों को पढ़ना दिलचस्प होगा। विश्व रंग इस अर्थ में संवाद का एक विशाल मंच तैयार कर रहा है। विश्व रंग के सहनिदेशक डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने बताया कि इस महोत्सव की लोकप्रियता का ग्राफ उत्तरोत्तर बढ़ता गया है। सातवें संस्करण से जुड़ने के लिए विश्व रंग पोर्टल पर हज़ारों लोगों ने रजिस्ट्रेशन करवा लिया है। इस आकर्षण की वजह विश्व रंग की लोकतांत्रिक छवि है। यहाँ हर पीढ़ी की रूचि, जिज्ञासा और मनोरंजन के अनुकूल गतिविधियाँ हैं। डॉ. सिद्धार्थ ने बताया कि विश्व रंग जितना पारंपरिक है उतना ही अपने नवाचार में आधुनिक भी। नए विषय और नए विशेषज्ञों की भागीदारी इसे अपने समय में प्रासंगिक बना रही है। उन्होंने फैज़ल मलिक, दिव्या दत्ता, स्वानंद किरकिरे, राधाकृष्ण पिल्लै, प्रिया मलिक, नीलोत्पल मृणाल, सौरभ द्विवेदी, देवदत्त पटनायक, सुमित अवस्थी, पुष्पेष पंत आदि का जि़क्र करते हुए कहा कि इन शख़्सियतों ने विश्व रंग के आमंत्रण को आत्मीयता से स्वीकार किया है। ये आज के युवाओं के मोटीवेटर और मेंटर हैं। विश्व रंग के बहुरंगी विन्यास की महत्वपूर्ण गतिविधियाँ साझा करते हुए सहनिदेशक डॉ. अदिति चतुर्वेदी वत्स ने बताया कि शुभारंभ संध्या 27 नवंबर का प्रमुख आकर्षण श्रीकृष्ण लीला का भव्य मंचन है। इसे नई दिल्ली के श्रीराम कला केन्द्र के कलाकारों की बड़ी टीम लाईट एण्ड साउण्ट के स्पेशल इफेक्ट्स के साथ प्रस्तुत करेगी। समापन दिवस 30 नवंबर को राजमाता अहिल्याबाई की जीवन गाथा पर केन्द्रित महानाट्य ‘अहिल्या रूपेण संस्थिता’ का मंचन रवीन्द्र भवन के अंजनी सभागार में होगा। प्रयास रंग समूह नागपुर के पचास से भी अधिक कलाकारों ने इसे प्रसिद्ध रंगकर्मी प्रियंका शक्ति ठाकुर के निर्देशन में तैयार किया है। इसके अलावा जनजातीय प्रकोष्ठ ‘आदिरंग’ में पारंपरिक शिल्पों, नृत्य-संगीत तथा हेरीटेज फ़िल्मों- चंदेरी, गणगौर और संजा के प्रदर्शन होंगे। प्रवासी साहित्य तथा संस्कृति शोध केन्द्र के निदेशक डॉ. जवाहर कर्णावट ने ‘विश्व रंग’ में प्रतिभागी देशों और उनकी प्रस्तुतियों का विवरण दिया। उन्होंने बताया कि कनाडा, अमेरिका, बेल्जियम, नीदरलैंड, यूक्रेन, इटली, स्वीडन, यूके, कुवैत, म्यांमार, इंडोनेशिया, नेपाल, थाईलैंड, श्रीलंका, आर्मेनिया, रूस, जापान, बांग्लादेश, त्रिनिदाद, गयाना, इजिप्ट, ताजिकिस्तान, उज़्बेकिस्तान, वियतनाम, थाईलैंड, साउथ अफ्रीका, सूरीनाम स्लोवाक, रोमानिया, कतर आदि 35 से अधिक देशों के 60 प्रतिनिधि विश्व रंग में सम्मिलित होंगे। यूक्रेन का आठ विद्यार्थियों का दल हिंदी नाटक प्रस्तुत करेगा। वहीं गिरमिटिया देश में भारतीयों की विकास यात्रा पर आधारित प्रदर्शनी 'कुली से कुलीन' तक को देखना दुर्लभ अनुभव होगा। इसे शोधार्थी दीप्ति अग्रवाल ने संयोजित किया है। टैगोर विश्व कला एवं संस्कृति केन्द्र के निदेशक विनय उपाध्याय ने विश्व रंग के सांस्कृतिक प्रकल्प ‘मंगलाचरण’ और ‘पूर्वरंग’ की गतिविधियाँ साझा की। उन्होंने बताया कि ध्रुपद गुरूकुल संस्थान द्वारा ध्रुपद वृन्द, अनिरूद्ध जोशी द्वारा सितार पर लोक संगीत, उमेश तरकसवार के संयोजन में स्वाधीनता संग्राम के गीतों पर आधारित ‘देश राग‘ और राजीव सिंह द्वारा ‘सतवाणी’ अध्यात्मिक संगीत की प्रस्तुतियाँ भारतीय संस्कृति की सुरम्य विरासत का जीवंत साक्ष्य बनेंगी। गुरूदेव रबीन्द्रनाथ टैगोर की सरज़मीं के बांग्ला संगीत की अनुगूँजों को समेटे कोलकाता के शुभव्रत सेन उपस्थित रहेंगे, तो मध्यप्रदेश बुंदेलखंड और मालवा की मटियारी चहक-महक लिए लोक कलाकारों के दल भी विश्व रंग के आंगन को रौशन करेंगे। विश्व रंग मानद अलंकरण हिन्दी सहित अन्य भारतीय भाषाओं में श्रेष्ठ सृजन करने और विश्व स्तर पर अपनी रचनात्मक उपस्थिति दर्ज करने वाली छः विभूतियों को विश्व रंग मानद अलंकरण से विभूषित किया जाएगा। इस बार के चयनित साहित्यकारों में श्रीमती ममता कालिया (हिन्दी), श्री हरीश मीनाश्रु (गुजराती), श्री चन्द्रभान खयाल (उर्दू), श्री एच. एन. शिवप्रकाश (कन्नड़), श्री लक्ष्मण गायकवाड़ (मराठी) और … Read more

Meesho IPO 3 दिसंबर को लॉन्च, ₹5421 करोड़ का मौका निवेशकों के लिए

 नई दिल्ली अगर आप आईपीओ में निवेश (IPO Investment) का प्लान कर रहे हैं, तो फिर ये खबर आपके लिए खास है. ऑनलाइन कपड़े बेचने वाली दिग्गज कंपनी मीशो अपना आईपीओ (Meesho IPO) ओपन करने जा रही है. 5000 करोड़ रुपये से ज्यादा का ये आईपीओ अगले महीने की शुरुआत में 3 दिसंबर को खुलेगा. इसके लिए प्राइस बैंड से लेकर लॉट साइज तक का खुलासा कर दिया गया है. आइए जानते हैं आप कितनी रकम लगातार इस कंपनी के मुनाफे में हिस्सेदार बन सकते हैं?  3 से 5 दिसंबर तक लगा सकेंगे पैसा ऑनलाइन कपड़े बेचने वाली कंपनी मीशो का आईपीओ रिटेल निवेशकों के लिए 3 दिसंबर को ओपन होगा और इसमें 5 दिसंबर तक यानी तीन दिन तक बोलियां लगाई जा सकेंगी. सॉफ्टबैंक समर्थित इस ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Meesho ने अपने आईपीओ के लिए प्राइस बैंड का खुलासा भी कर दिया है, जो 105 रुपये से 111 रुपये प्रति शेयर तय किया या है. साइज की बात करें, तो मीशो ने अपने इश्यू के जरिए मार्केट से 5,421.20 करोड़ रुपये जुटाने का प्लान बनाया है.  4250 करोड़ के नए शेयर जारी  मीशो आईपीओ के तहत कंपनी 4,250 करोड़ रुपये के नए शेयर निवेशकों के लिए जारी करेगी, तो वहीं प्रमोटर्स द्वारा 10.55 करोड़ के शेयरों की बिक्री ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए की जाएगी. आईपीओ का मैनेजमेंट कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी, जेपी मॉर्गन इंडिया, मॉर्गन स्टेनली इंडिया कंपनी, एक्सिस कैपिटल और सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्स इंडिया द्वारा किया जाएगा, जबकि केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड को इसका रजिस्ट्रार बनाया गया है.  10 दिसंबर को होगा मार्केट डेब्यू  Meesho IPO में 75% हिस्सा क्यूआईबी के लिए, 15% एनआईआई के लिए और 10% खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित है. 5 दिसंबर को आईपीओ क्लोज होने के बाद शेयरों का अलॉटमेंट प्रोसेस 8 दिसंबर को किया जाएगा, तो वहीं रिफंड प्रोसेस इसके अगले दिन 9 दिसंबर को शुरू होगा. बोली लगाने वालों के डीमैट खातों में शेयर क्रेडिट भी इसी दिन किए जाएंगे. जबकि शेयर मार्केट में Meesho Share की लिस्टिंग के लिए 10 दिसंबर की तारीख निर्धारित की गई है. ये लिस्टिंग बीएसई और एनएसई पर होगी.  15000 रुपये से कम में बनें पार्टनर  इस बड़ी कंपनी के मुनाफे में हिस्सेदार बनने के लिए आपको महज 15,000 रुपये से भी कम खर्च करना होगा. दरअसल, कंपनी ने आईपीओ के तहत 135 शेयरों का लॉट साइज तय किया है. इसका मतलब है कि किसी भी निवेशक को कम से कम इतने शेयरों के लिए बोली लगानी होगी. अपर प्राइस बैंड के हिसाब से कैलकुलेट करें, तो कम से कम 14,985 रुपये का निवेश करना होगा. फिर अगर आपका आईपीओ निकलता है, तो फिर Stock Market में लिस्टिंग पर होने वाले फायदे में आपकी हिस्सेदारी भी पक्की रहेगी. कोई निवेशक अधिकतम 13 लॉट या 1755 शेयरों के लिए बोली लगा सकता है और इसके लिए उसे 1,94,805 रुपये का निवेश करना होगा.