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आज का राशिफल 30 नवंबर 2025: कौन पाएगा सफलता, किसके लिए चुनौती भरा रहेगा दिन?

मेष: आज का दिन लव लाइफ के लिए सही जाएगा। आज के दिन इन्वेस्टमेंट सोच-समझकर ही करें। ऑफिस में आने वाली चुनौतियों का डटकर सामना करें, सफलता आपके हाथ लगेगी। आपकी आर्थिक स्थिति सही रहने वाली है। बस आपको अपने खर्चे पर थोड़ा कंट्रोल करना होगा। बात करें आपकी सेहत की तो आज सब सही होगा। वृषभ: रिश्ते में आने वाली हर मुश्किल को सुलझाने की कोशिश आपको ही करनी है। अगर आप सब ठीक से संभाल लेंगे तो चीजें फिर से ट्रैक पर आ जाएगी। ऑफिस में आज का दिन सही जाने वाला है। कुछ चुनौतियां आएंगी लेकिन आप उससे पार पा लेंगे। आज आपकी सेहत भी सही रहेगी। हालांकि खुद के खानपान पर ज्यादा ध्यान देने की जरूर है। आज पैसों के मामले में सावधान रहें। मिथुन: अगर रिश्ता बिखरता हुआ नजर आ रहा है तो उसे बचाने की पूरी कोशिश करे। बस थोड़े से एफर्ट्स लगा लीजिए, बाकी सब ठीक हो जाएगा। वर्कप्लेस पर कुछ चुनौतियां मिलेंगी लेकिन आप सूझबूझ के साथ सब संभाल लेंगे। अपने खर्चे पर नजर बनाए रखें। फालतू की खरीददारी से बचें। आज अपनी सेहत पर थोड़ा ध्यान दें। कर्क: आज लव लाइफ में थोड़ी बहुत दिक्कतें आएंगी लेकिन सब ठीक हो जाएगा और इससे आपका रिश्ता मजबूत ही बनेगा। ऑफिस में आज हर काम में सफलता मिलेगी। सेहत से जुड़ी कुछ दिक्कतें आज परेशान कर सकती हैं। ऐसे में खुद की रूटीन पर ध्यान देने की जरूरत है। आज आपकी आर्थिक स्थिति भी सही रहने वाली है। सिंह: रिश्ते में चली आ रही दिक्कतें आज खत्म होंगी। ऑफिस में थोड़ा सतर्क रहने की जरूरत है। अपने काम में फोकस बनाकर रखिए। कुछ मुश्किल भरे फैसले भी लेने पड़ सकते हैं। दिन को प्रोडक्टिव बनाकर रखिए। आज आपकी सेहत सही रहेगी। पैसों के मामले में दिन सही जाएगा लेकिन इससे जुड़े फैसले सही लीजिए। कन्या: आज पार्टनर के साथ रिश्ता और भी मजबूत होने वाला है। ऐसे में किसी भी तरह की गलतफहमी को मन में ना पालें। अगर कोई दिक्कत है तो पार्टनर के साथ खुलकर बात करें। ऑफिस में अपना बेस्ट देने की कोशिश करें। पैसों से जुड़े फैसले सोच-समझकर लें। आज सेहत ठीक रहेगी। तुला: आज क्रश से दिल की बात कहने का सही दिन है। पार्टनर के साथ प्यार से रहें। किसी भी तरह की बहसबाजी को आज अवॉइड करें। ऑफिस में भी दिन अच्छा जाने वाला है। आपकी मेहनत रंग लाएगी और आपकी तारीफ भी होगी। वहीं आज आपकी आर्थिक स्थिति भी सही रहेगी। आज बड़ी रकम उधार देने से बचें। आपकी सेहत सही रहेगी। वृश्चिक: अपनी लव लाइफ को किसी भी तरह की मुश्किल से दूर ही रखिए। ऑफिस में धैर्य बनाकर रखिए और ठंडे दिमाग से अपना काम करिए। खुद को साबित करने के लिए नई जिम्मेदारी को बेझिझक लें। आज पैसों के मामले में सावधान रहने की जरूरत है। अपने खर्चों पर थोड़ा ध्यान रखें। धनु: आज पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ बैलेंस्ड रहने वाली है। लव लाइफ से जुड़ी कोई दिक्कत तो ध्यान से संभालने की कोशिश करें। इस हफ्ते पैसों से जुड़ी दिक्कत आ सकती है। वहीं आज सेहत भी थोड़ा परेशान कर सकती है। ऐसे में अपने रूटीन को ठीक से फॉलो करना जरूरी है। किसी भी तरह के तनाव से दूर रहें। मकर: आज रिश्ते में दिक्कतें आ सकती हैं। पार्टनर और अपने बीच ईगो को ना आने दें। ऑफिस में प्रेशर रहेगा लेकिन आप डिस्प्लिन की वजह से सब कुछ सही से कर लेंगे। आर्थिक स्थिति सही रहेगी। आपकी सेहत भी दिन ब दिन सही होती जा रही है। कुंभ: आज आपको पार्टनर से कोई सरप्राइज मिल सकता है। प्रोफेशनल लाइफ आज ठीक रहेगी क्योंकि पूरे मन से आप काम कर सकेंगे। किसी भी तरह के बहस में ना पड़ें। ऑफिस में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। आज सेहत सही रहेगी और आपकी आर्थिक स्थिति भी ठीक रहने वाली है। मीन: आज पार्टनर पर प्यार लुटाने का दिन है। पार्टनर के साथ ज्यादा से ज्यादा वक्त बिताएं। ऑफिस में अपना सारा काम तयशुदा समय पर खत्म करें। इन्वेस्टमेंट के समय सही फैसला लें, इसके लिए सारी चीजों को जांच-परख लें। सेहत को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। आर्थिक स्थिति आज कंट्रोल में होगी।

कर्नाटक कांग्रेस में एकजुटता: सिद्धारमैया ने शिवकुमार संग मिलकर 2028 चुनाव की तैयारी का ऐलान

बेंगलुरु  कर्नाटक में सीएम पद को लेकर चल रही खींचतान के बीच शनिवार को मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने संयुक्त रूप से कहा कि हमारे बीच कोई मतभेद नहीं है। हम एक हैं और 2028 के विधानसभा चुनावों के लिए मिलकर काम करेंगे। दरअसल सीएम सिद्धारमैया ने डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार को बेंगलुरु स्थित अपने सरकारी आवास पर डीके शिवकुमार को नाश्ते पर बुलाया था। उप मुख्यमंत्री ने ब्रेकफास्ट की टेबल पर सीएम से कुछ देर चर्चा की। इसके बाद दोनों ने संयुक्त प्रेस वार्ता की। सीएम सिद्दारमैया ने कहा, "हम साथ हैं। हमारे बीच कोई मतभेद नहीं है। हाल के दिनों में कुछ कन्फ्यूजन पैदा हुआ है, इसलिए हम साथ बैठे और चर्चा की। हमारा मकसद 2028 के विधानसभा चुनाव और आगामी निकाय चुनाव जीतना है। हमने एक दूसरे से अपनी स्ट्रैटेजी पर चर्चा की। जैसे हमने 2023 के असेंबली इलेक्शन के दौरान साथ काम किया, वैसे ही हम भविष्य में भी साथ काम करते रहेंगे। हमारे बीच अभी कोई मारभेद नहीं है और भविष्य में भी नहीं होगा। हम साथ मिलकर आगे बढ़ेंगे।" जब उनसे दिया हुआ वचन निभाने के बारे में पूछा गया, तो सिद्धारमैया ने कहा, यह दिया हुआ वचन क्या है? मैंने हमेशा कहा है कि हाईकमान जो भी तय करेगा, हम उसे मानेंगे। पावर शेयरिंग पर सवालों का जवाब देते हुए सिद्धारमैया ने कहा, "हाईकमान जो भी कहेगा, हम मानेंगे। आप समझें या न समझें, हम आपके हर सवाल का जवाब नहीं दे सकते।" उन्होंने दोहराया कि हमारी एकता बनी रहेगी। हम साथ हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, असेंबली का विंटर सेशन पास आ रहा है, इसलिए हाईकमान ने हमसे कोई भी कन्फ्यूजन दूर करने को कहा है। अब कोई कन्फ्यूजन नहीं होगा और कल से भी नहीं होगा। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स ने कन्फ्यूजन पैदा किया है।" जब एमएलए के दिल्ली जाने के बारे में पूछा गया तो सिद्दारमैया ने कहा, "मैंने कैबिनेट में फेरबदल की बात की थी। इसका मतलब यह नहीं है कि वे लीडरशिप के खिलाफ हैं। कई एमएलए ने दिल्ली से लौटने के बाद मुझसे बात की है और दिल्ली जाने के अपने कारण बताए।" ब्रेकफास्ट मीटिंग की जानकारी देते हुए सिद्दारमैया ने कहा, "ब्रेकफास्ट अच्छा था। डिप्टी सीएम शिवकुमार, लीगल एडवाइजर एएस पोन्नन्ना और मैं मौजूद थे। हमने ब्रेकफास्ट के दौरान कुछ भी डिस्कस नहीं किया। हमने सिर्फ नाश्ता किया। एआईसीसी जनरल सेक्रेटरी केसी वेणुगोपाल ने दो दिन पहले पोन्नन्ना को फोन करके बताया था कि हमें ब्रेकफास्ट मीटिंग करनी चाहिए।" सिद्धारमैया ने कहा कि उन्होंने शिवकुमार को भी फोन किया। असल में शिवकुमार ने जोर दिया कि मैं डिनर के लिए उनके घर आऊं। मैंने उनसे कहा कि मुझे ब्रेकफास्ट मीटिंग होस्ट करने के लिए कहा गया है और मैं किसी और दिन उनके घर आऊंगा। असेंबली के आगामी विंटर सेशन के बारे में सीएम ने कहा, "हम विपक्ष का अच्छे से सामना करेंगे, चाहे वह भाजपा हो या जनता दल (सेक्युलर)। झूठा प्रोपेगेंडा फैलाना उनकी आदत है। डिप्टी सीएम शिवकुमार और मैं उनका अच्छे से सामना करेंगे और हमने इसके लिए एक स्ट्रैटेजी बनाई है।" विपक्ष के इस दावे पर कि वे नो-कॉन्फिडेंस मोशन लाएंगे, सिद्दारमैया ने कहा, "हमारे पास 142 की संख्या है। उनके पास सिर्फ 64 हैं। यह नामुमकिन है। जनता दल (सेक्युलर) के पास सिर्फ 18 एमएलए हैं। कुल मिलाकर वे 82 हैं। नो-कॉन्फिडेंस मूव एक बेकार की कोशिश होगी। जो भी हमारे रास्ते में आएगा, हम उसका सामना करेंगे।" सीएम सिद्दारमैया ने कहा कि कोई भी एमएलए और मंत्री सरकार के खिलाफ नहीं है। डिप्टी सीएम शिवकुमार ने भी सीएम सिद्धारमैया के साथ एकता का संदेश दोहराया। उन्होंने कहा, "जहां तक ​​लीडरशिप का सवाल है, हम पार्टी हाईकमान की बात मानेंगे। पार्टी हमसे जो भी कहेगी, हम उसे लागू करेंगे। हम पार्टी के वफादार सिपाही हैं।"

SIR सर्वेक्षण में बाधा: महिला BLO और लेखपाल पर हमला, आरोपी की त्वरित गिरफ्तारी

रायबरेली  उत्तर प्रदेश के रायबरेली के पाल्हीपुर गांव में मतदाता सूची के एसआईआर का कार्य कर रहे सरकारी कर्मचारियों पर जानलेवा हमले का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, ग्राम प्रधान और उसके साथी पर एक महिला बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) और एक लेखपाल को दौड़ा-दौड़ा कर पीटने का आरोप है। इसके बाद सरकारी प्रपत्र फाड़ने और तमंचा तानकर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है। पीड़ित महिला बीएलओ आरती यादव और लेखपाल अविनाश भारती पाल्हीपुर गांव में एसआईआर का कार्य कर रहे थे। ग्राम प्रधान दीपक यादव अपने साथी नोखई के साथ मौके पर पहुंचा और कार्य में बाधा डालने लगा। इसके बाद बीएलओ ने ग्राम प्रधान को समझाने का प्रयास किया तो प्रधान बीएलओ से अभद्रता करने लगे। मामले बढ़ने पर लेखपाल अविनाश भारती के बीच-बचाव करने पर प्रधान और भड़क उठा। इसके बाद उसने जनगणना प्रपत्र फाड़ दिया और गालियां देने लगा। इसके बाद ग्रामीणों के हस्तक्षेप के बाद दोनों कर्मी किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रहे। मामला बढ़ने पर पीड़ित सरकारी कर्मचारियों ने इसकी जानकारी उपजिलाधिकारी सलोन, चन्द्र प्रकाश को दी। मामले की सूचना मिलते ही उप जिलाधिकारी ने घटना की गंभीरता को देखते हुए कोतवाल राघवन कुमार सिंह को तुरंत मामले की जांच करने और आरोपियों के विरुद्ध विधिक कार्यवाही करने के लिए निर्देशित किया है। क्षेत्राधिकारी सलोन यादवेंद्र बहादुर ने बताया कि तहरीर मिली थी कि लेखपाल और बीएलओ की ओर से पाल्हीपुर गांव में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का काम किया जा रहा है, जहां पर ग्राम प्रधान और उसके साथी ने कर्मचारियों के साथ मारपीट की, जिसके बाद उन्हें गांव से बाहर निकाल दिया गया था। तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। ग्रामीणों से भी पूरे मामले की पूछताछ की जा रही है। इस घटना में जो भी लोग शामिल थे, उनको गिरफ्तार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ग्राम प्रधान पर महिला बीएलओ और लेखपाल को दौड़ा-दौड़ाकर पीटने का आरोप लगा है। इसकी जांच की जा रही है।

सदन में राष्ट्रभक्ति के नारों पर रोक? पप्पू यादव का केंद्र पर बड़ा आरोप

पटना  राज्यसभा बुलेटिन में सांसदों को शिष्टाचार और परंपरा का हवाला देते हुए जय हिंद और वंदे मातरम् जैसे नारे नहीं लगाने की सलाह दी है। कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने खुलकर इसकी आलोचना की है। पूर्णिया से निर्दलीय सांसद एवं कांग्रेस नेता पप्पू यादव ने शनिवार को इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हनन करार दिया। राज्यसभा में भाषणों में 'जय हिंद' और 'वंदे मातरम' के नारों पर बैन लगाने पर पप्पू यादव ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "यह हर किसी का बोलने का अधिकार है, चाहे कोई 'वंदे मातरम', 'जय हिंद', 'वाहेगुरु', 'सत श्री अकाल', या 'हर हर महादेव' कहे। हर किसी की अपनी आजादी है। लेकिन अगर सरकार किसी चीज को थोपे, तो वह गलत है। संविधान के तहत कार्य करने में किसी को कोई दिक्कत नहीं है।" उन्होंने एसआईआर को लेकर हो रहे विवाद पर कहा, "उत्तर प्रदेश में कई बीएलओ की मौत हो गई। इससे ही पता चलता है कि चुनाव आयोग का तरीका गलत है। सही समय दिया जाना चाहिए। एसआईआर की जांच होनी चाहिए और इसे साइंटिफिक और ट्रांसपेरेंट तरीके से लागू किया जाना चाहिए। बिहार में जिस तरह से गरीब और आम लोगों के वोट करने के अधिकार को छीन कर लोकतंत्र को खत्म किया गया, वैसा नहीं होना चाहिए।" राज्यसभा में जय हिंद और वंदे मातरम् जैसे नारे नहीं लगाने वाले विवाद पर जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा, "राष्ट्रीय प्रतीक का नारा लगाना और उसका इस्तेमाल करना राजनीतिक विमर्श का विषय क्यों बन जाता है? निश्चित रूप से इससे बचना चाहिए। तमाम राजनीतिक दलों ने इस देश के संविधान के प्रति अपनी समर्पण व्यक्त की है। संविधान जिन प्रतीकों के इस्तेमाल की इजाजत देता है, उन पर विमर्श किया जाना और आलोचना किया जाना कहीं से उचित नहीं है।" शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे के सदन में नारे लगाने और भाजपा को चुनौती देने के मामले पर नीरज कुमार ने कहा, "ऐसी कोई चुनौती नहीं है। जनता ने उन लोगों को पहले ही नकार दिया है।"

सरकार को सौंपी फीडबैक रिपोर्ट: इन 5 विभागों की लापरवाही पर उठे सवाल

चंडीगढ़  हरियाणा में सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली जांचने की लेकर सरकार और संगठन के बीच तय हुए फार्मूले पर काम शुरू हो गया है। सूत्रों की मानें तो प्रदेश के सभी जिलों की ग्रीवेंस कमेटी के मैंबरों की पहली फीडबैक रिपोर्ट सरकार के पास पहुंच गई है। इस रिपोर्ट में 5 विभागों की कार्यप्रणाली बेहद खराब चताई गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि इन विभागों के कुछ अफसर लोगों की समस्याओं को निपटाने के लिए गंभीर नहीं है। साथ ही फाइलों को बेवजह लटकाते रहते हैं। हालांकि इन अफसरों के नामों की सरकार की ओर से गोपनीय रखा गया है। लेकिन सरकार जल्द ही ऐसे अफसरों और सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ कोई बड़ी कार्रवाई कर सकती है। खुद मुख्यमंत्री नायब सैनी भी इसको लेकर अलर्ट हैं। उनकी ओर से मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों को ये निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे अफसरों और कर्मचारियों के बारे में फीडबैक लें और उनकी प्रॉपर्टी की भी जांच करवाएं। यदि ऐसा होता है तो सरकार इन अफसरों किसी दूसरी जगह पोस्टिंग दे सकती है। 5 विभागों पर खास फोकस सरकार के पास पहुंची ग्रीवैस कमेटी के मैबरी की रिपोर्ट में 5 विभागों पर खास फोकस किया गया है। बताया गया कि गृह विभाग यानी पुलिस, ऊर्जा विभाग, कृषि विभाग, स्वास्थ्य विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की और से बेवजह कामों की लटकाया जाता है। इनमें सबसे ज्यादा शिकायतें पुलिस विभाग की आई है।   रिपोर्ट में कहा गया है कि पुलिस विभाग में करीब 3 दर्जन ऐसे अफसर है जिनका नाम रिपोर्ट में दिया गया है। ये गृह विभाग के अंतर्गत आता है। तीसरे टर्म की सरकार में ये महकमा मुख्खामंत्री नायब सैनी खुद देख रहे है। इससे पहले मनोहर लाल की सरकार में अनिल विज के पास ये विभाग था। वहीं अच्छे मंत्रियों में शुमार विपुल गोयल के रेवेन्यू डिपार्टमेंट में इतने ही अफसरों की लापरवाही सामने आई है। इन विभागों के अलावा कृषि, स्वास्थ्य विभाग में भी दर्जने अफसर और कर्मचारियों के नाम है जो लोगों के काम करने में देरी कर रहे हैं और फाइलों को अटका रहे है।

Weather Alert: पंजाब में बदल सकता है मौसम, 2 दिसंबर तक क्या बोले विशेषज्ञ?

जालंधर पंजाब के मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। दिन-ब-दिन राज्य में ठंड ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। आने वाले दिनों को लेकर मौसम विभाग ने ताज़ा अपडेट जारी किया है। विभाग द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, पंजाब में शीतलहर का ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। राज्य के कई क्षेत्रों में सुबह धुंध देखने को मिल रही है। मौसम विभाग ने आज से 2 दिसंबर तक का पूर्वानुमान जारी किया है। फिलहाल बारिश को लेकर कोई अलर्ट नहीं है और 2 दिसंबर तक मौसम के शुष्क रहने की संभावना जताई गई है। हालांकि, विभाग के विशेषज्ञों के अनुसार अगले हफ़्ते राज्य में बारिश के आसार बन सकते हैं। तापमान की बात करें तो पिछले 24 घंटों में पंजाब का औसत तापमान 0.6 डिग्री सेल्सियस बढ़ा है। जिला मानसा में दिन का अधिकतम तापमान 27.7°, रोपड़ और मोहाली में 26.7°C, बठिंडा में 26.2°C, होशियारपुर और रूपनगर में 25.4°C , लुधियाना में 24.2°C दर्ज किया गया। रात का तापमान सबसे कम फरीदकोट में 3.5°C रिकॉर्ड किया गया। बठिंडा में 5.6°C, अमृतसर में 5.9°C, लुधियाना में 6.65°C दर्ज किया गया। मौसम केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार, आने वाले दिनों में कुछ इलाकों में शीतलहर चल सकती है, जिससे ठंड और बढ़ेगी। 

ब्रेकफास्ट मीटिंग में सिद्धारमैया से मिले शिवकुमार, कहा—संदेश स्पष्ट रूप से दिया गया

बेंगलुरु कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने शनिवार को प्रदेश कांग्रेस में दरार के विपक्ष के दावों को खारिज करने की कोशिश की. सीएम आवास पर डीके शिवकुमार के साथ नाश्ते पर हुई बैठक के बाद, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा, 'उपमुख्यमंत्री और मेरे बीच कोई मतभेद नहीं हैं. हम साथ-साथ हैं. वे (भाजपा और जेडीएस) कह रहे हैं कि अविश्वास प्रस्ताव लाएंगे. हम उसका सामना करेंगे.' सिद्धारमैया ने ये बातें मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुई कहीं, उनके बगल में शिवकुमार बैठे थे और मुस्कुरा रहे थे. डीके शिवकुमार ने मुख्यमंत्री संगठ ब्रेकफास्ट मीटिंग के बाद मीडियाकर्मियों से बातचीत में किसी भी बगावत की संभावना को खारिज किया. कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री ने कहा, 'हमें जो भी संदेश देना था, मुख्यमंत्री और मैंने सभी कांग्रेस सदस्यों को दे दिया है. हम कांग्रेस के साथ खड़े हैं और पार्टी के ​लिए प्रतिबद्ध हैं. बहुत सारे मुद्दे हैं, खासकर सिंचाई और शहरी विकास के. मुझे दिल्ली जाना है. मुझे केंद्रीय मंत्रियों से भी मुलाकात का समय लेना है. मैं अचानक दिल्ली नहीं जा सकता. मुख्यमंत्री और मैं एक सर्वदलीय बैठक चाहते थे. क्योंकि हम गन्ना, मक्का और राज्य में वर्तमान में मौजूद कुछ अन्य मुद्दों पर एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल दिल्ली ले जाना चाहते थे.' अब शिवकुमार के घर डिनर करेंगे सिद्धारमैया डीके शिवकुमार ने कहा कि सीएम आवास पर नाश्ते पर हुई बैठक के बाद, सिद्धारमैया दोपहर या रात के भोजन के लिए उनके घर आएंगे. उन्होंने कहा, 'पार्टी आलाकमान जो भी कहेगा, वही हमारा भी फैसला होगा. हम पार्टी के वफादार सिपाही रहे हैं. हम जानते हैं कि पार्टी देश में मुश्किल दौर से गुजर रही है. लेकिन हमें पूरा विश्वास है कि कर्नाटक एक बड़ी भूमिका निभाएगा; हम 2028 में दोबारा सरकार बनाएंगे और मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के नेतृत्व में 2029 में भी आगे बढ़ेंगे. आज हमने 2028 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए अपनी रणनीति और विपक्ष से निपटने के तरीकों पर चर्चा की. वे कई मुद्दे उठाने की कोशिश कर सकते हैं. हम जवाब देने के लिए तैयार हैं.' राज्य में कांग्रेस सरकार के ढाई साल पूरे होने पर 20 नवंबर को शिवकुमार द्वारा सीएम बदलने का मुद्दा उठाया गया था. यह मुद्दा एक सप्ताह से भी अधिक समय से चल रहा है और राज्य विधानमंडल का सत्र 8 दिसंबर को होना है. कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व ने दोनों नेताओं से आपस में ही इस मुद्दे को जल्द से जल्द सुलझाने को कहा है. अब शिवकुमार का कहना है कि उन्हें कर्नाटक का मुख्यमंत्री बनने की कोई जल्दी नहीं है. उन्होंने कहा, 'पार्टी कार्यकर्ता उत्सुक हो सकते हैं, लेकिन मुझे कोई जल्दी नहीं है. पार्टी ही सारे फैसले लेगी.' विपक्ष का कर्नाटक कांग्रेस में अंतर्कलह का दावा  सिद्धारमैया और शिवकुमार के 'ऑल इज वेल' के दावों के बावजूद विपक्षी दल भाजपा और जनता दल सेक्युलर का कहना है कि कर्नाटक कांग्रेस में दरार अब भी बनी हुई है. सिद्धारमैया-शिवकुमार की मुलाकात के बाद, जेडीयू विधायक निखिल कुमारस्वामी ने कहा, 'आज कांग्रेस इडली परोस रही है. वे सिर्फ नाश्ते के लिए एकजुट हैं, लेकिन कांग्रेस पार्टी बंटी हुई है. हमें इससे कोई उम्मीद नहीं है; कर्नाटक की जनता इसका खामियाजा भुगत रही है.'

प्रयागराज में बदलाव का संकेत: गंगा पर बन रहा 10 किलोमीटर लंबा सुपर पुल

प्रयागराज  संगम नगरी की सुबहें हमेशा से लोगों के लिए खास रही हैं- लेकिन आने वाले दिनों में शहर की पहचान में एक और नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। गंगा की विशाल धारा के ऊपर बीते तीन वर्षों से तैयार हो रहा सिक्स लेन पुल अब लगभग अपने आखिरी पड़ाव पर है। लंबे समय से इस परियोजना का इंतज़ार कर रहे शहरवासियों के लिए यह खबर बड़ी राहत की है, क्योंकि यह पुल प्रयागराज के ट्रैफिक सिस्टम में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाला है। 200 टन का सेगमेंट लगते ही निर्माण स्पीड में उछाल स्टेनली रोड से मलाक हरहर तक फैले करीब 9.9 किलोमीटर लंबे इस पुल का निर्माण अब तेज़ रफ़्तार पकड़ चुका है। हाल ही में 200 टन का भारी सेगमेंट स्थापित किया गया, जिसके बाद तकनीकी रूप से सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्से अब लगभग पूरे हो चुके हैं। पुल में कुल 288 सेगमेंट लगाए जाने हैं, जिनमें से 120 से अधिक पहले ही स्थापित किए जा चुके हैं। निर्माण कंपनी ने श्रमिकों और भारी मशीनरी की संख्या बढ़ाकर काम को और तेज़ कर दिया है। गंगा की तेज धारा के बीच अस्थायी रास्ता बनाकर सेगमेंट रखने की प्रक्रिया लगातार जारी है। 1947 करोड़ रुपये की लागत, 67 पिलरों पर खड़ी हो रही विशाल संरचना सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की निगरानी में बन रहे इस सिक्स लेन पुल की लागत 1947 करोड़ रुपये है। पुल की नींव 67 मजबूत पिलरोंपर तैयार की जा रही है, जो उच्च तकनीक और सटीकता का उदाहरण है। परियोजना की शुरुआत फरवरी 2021 में की गई थी। मूल समयसीमा 2024 थी, लेकिन तकनीकी व प्रशासनिक कारणों से इसे बढ़ाकर अब 2026 किया गया है। ट्रैफिक को मिलेगा बड़ा राहत कॉरिडोर इस पुल के तैयार होते ही प्रयागराज का यातायात तंत्र पूरी तरह बदल जाएगा। वर्तमान में पुराने पुल पर रोजाना लगने वाले भीषण जाम से लोगों को निजात मिलेगी। इसके अलावा:     लखनऊ     कानपुर     आगरा     दिल्ली जैसे बड़े शहरों की ओर जाने वाले यात्रियों को भी समय और ईंधन दोनों की बचत होगी। निर्माण एजेंसी को मिल रहे हैं तारीफ के संकेत हरियाणा की सिंगला कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड इस परियोजना को अंजाम दे रही है। अधिकारी बताते हैं कि सेगमेंट टेक्नोलॉजी हाई-कॉस्ट और हाई-प्रिसीजन होती है, इसलिए समय लगता है। लेकिन अब प्रोजेक्ट एक फाइनल रिदम में आ चुका है और आने वाले महीनों में इसका अंतिम रूप सामने आने की उम्मीद है। जल्द मिलेगी नई सौगात यदि सब कुछ निर्धारित गति से आगे बढ़ता रहा, तो आने वाले महीनों में प्रयागराज के लोगों को गंगा के ऊपर एक आधुनिक, मजबूत और हाई-टेक सिक्स लेन पुल की सौगात मिलेगी। यह न सिर्फ शहर की कनेक्टिविटी को नया आयाम देगा, बल्कि उत्तर प्रदेश की सड़क संरचना को भी और मजबूत करेगा।

भारत की GDP 8.2%—NDA नेताओं ने कहा, मोदी नेतृत्व ने दिखाया असर

नई दिल्ली वैश्विक अनिश्चितता और यूएस टैरिफ के बीच साल की दूसरी तिमाही में देश की जीडीपी 8.2 प्रतिशत रही। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के नेताओं ने इस उपलब्धि का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को दिया। बिहार सरकार में मंत्री रामकृपाल यादव ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "2014 के बाद से देश की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है। मैं पीएम को धन्यवाद देना चाहता हूं। जहां पूरे विश्व में मंदी की स्थिति है, वहीं भारत का विकास तेजी से हो रहा है। जब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनी है, तब से हर तरफ विकास हुआ है। भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है और आगे भी लगातार हो रही है। उसके लिए मैं पीएम मोदी के कुशल नेतृत्व का आभार व्यक्त करना चाहता हूं।  हमारी सुशासन की सरकार ने विकास से लेकर लॉ एंड ऑर्डर तक को संभाला है। पीएम मोदी और एनडीए सरकार की यही खूबी है।" भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने इस उपलब्धि को पीएम मोदी के करिश्माई नेतृत्व का नतीजा बताया। उन्होंने कहा, "जब अमेरिका ने भारत पर प्रतिबंध लगाए थे, तो कांग्रेस ने कहा था कि भारत की अर्थव्यवस्था डूब जाएगी। राहुल गांधी ने भी भारत की अर्थव्यवस्था को डूबती हुई अर्थव्यवस्था बताया था। लेकिन हमारे देश ने दिखा दिया कि हम तमाम विषम परिस्थिति और संघर्ष के बावजूद 8.2 प्रतिशत के लक्ष्य को प्राप्त कर रहे हैं, जो किसी भी दूसरे देश की तुलना में ज्यादा है। हमें पूरी उम्मीद है कि इस वर्ष का पूरा आंकड़ा 7 प्रतिशत से ऊपर का रहेगा। भारत ने दिखा दिया कि चाहे जितना प्रतिबंध लगाया जाए, हमारी अर्थव्यवस्था हिल नहीं सकती।" जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा, "यह भारत की शानदार उपलब्धि है। ट्रंप टैरिफ का जो खौफ था, जिसके कारण दुनिया की ज्यादातर एजेंसी भारत की अर्थव्यवस्था को स्थिर बता रही थी, लेकिन इतने अच्छे ग्रोथ रेट की अपेक्षा किसी को नहीं थी। पीएम मोदी के नेतृत्व में जो नीतिगत फैसले लिए गए और कई तरह के सुधारों को लेकर जो ढांचागत जो बदलाव हुए, उसके कारण अर्थव्यवस्था एक मुक्कमल ऊंचाई पर पहुंची है। अगर यह रफ्तार जारी रही तो हम चुनौतियों को अवसर में बदल सकते हैं और हम दुनिया की तीसरी अर्थव्यवस्था भी बनेंगे।"

मतदाता सूची में बड़ी गड़बड़ी: 20 हजार नाम हटे, सपा सांसद ने उठाए SIR पर सवाल

लखनऊ  समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय ने मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम गायब होने का आरोप लगाया है। न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में उन्होंने कहा कि मऊ सदर विधानसभा से 20 हजार नाम गायब हैं। राजीव राय ने मोबाइल फोन दिखाते हुए कहा, 'इसमें कहा गया है कि डिलीशन का एप्लिकेशन स्वीकार कर लिया गया है। आखिर यह डिलीशन कहां से आया, किस अज्ञात पते से आया? यह हमें नहीं बताया जा रहा है। मैंने सबूतों के साथ मुख्य चुनाव आयुक्त को कल पत्र लिखा। हम लोग पूरे दिन इंतजार करते रहे कि समय मिलेगा मगर ऐसा नहीं हुआ।'   घोसी से सपा सांसद राजीव राय ने कहा, 'मैंने जिलाधिकारी को चिट्ठी लिखी। अभी फोन आया तो बताया गया कि डीएम को जांच कराने के लिए कहा गया है। ऐसा हाल हो गया है। लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है।' उन्होंने कहा कि मऊ विधानसभा से 20 हजार नाम काटे गए हैं। मैं चुनाव आयोग से जानना चाहता हूं कि डिलीशन का एप्लिकेशन किसने दिया है? क्या बीजेपी के वार रूम से यह बैठे-बैठे हो रहा है? सपा नेता ने कहा, 'मैं गलत भी हो सकता हूं लेकिन मुझे इसका जवाब चाहिए। ऐसा हो सकता है कि 20 हजार लोगों के नाम चुन-चुनकर हटाए गए हों। आखिर आपको बताने में क्या परहेज है।' SIR पर अखिलेश यादव भी उठा रहे सवाल बता दें कि समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव भी SIR को लेकर भाजपा और चुनाव आयोग पर निशाना साध रहे हैं। अखिलेश ने शनिवार को कहा कि एसआईआर को लेकर इतनी जल्दबाजी में क्यों हैं। उन्होंने कहा, 'शादियों के मौसम में सभी लोग व्यस्त हैं। इसी समय आयोग एसआईआर करवा रहा है। आख़िर भाजपा और आयोग के बीच क्या सेटिंग है। एसआईआर को लेकर कोई बड़ी साजिश रची जा रही है।' अखिलेश ने कहा है कि प्रदेश में लगातार शादियां हो रही हैं और शादियों के समय पर लोगों का एक दूसरे के यहां आना-जाना, शादी की तैयारी करना सब व्यस्त हैं। इतने कम समय में SIR कराना पूरे प्रदेश का और किस-किस को आपने जिम्मेदारी दी हैं।' अखिलेश यादव ने कहा कि चुनाव आयोग और भाजपा दोनों मिले हुए हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि एसआईआर कराने की जल्दी क्यों है। नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों को सहायक बनाया गया है।