samacharsecretary.com

किरण बेदी बोलीं—दिल्ली की हवा खतरनाक! PM मोदी को भेजी चिट्ठी में उठाए बड़े मुद्दे

नई दिल्ली  दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर हर ओर चिंता जताई जा रही है. विपक्षी दल भी प्रदूषण को लेकर सरकार पर हमला कर रहे हैं. अब राजधानी की दूषित हवा को लेकर पूर्व लेफ्टिनेंट गवर्नर और आईपीएस अधिकारी डॉक्टर किरण बेदी ने चिंता जताई है. उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर कहा है कि देश की हवा लगातार जहरीली होती जा रही है, लेकिन प्रशासनिक समन्वय और दीर्घकालिक योजना की कमी इस संकट को हर साल और भयावह बना रही है. किरण बेदी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे एक विस्तृत पत्र में कहा है कि दिल्लीएनसीआर की हवा अब एक सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिहाज से आपातकाल बन चुकी है और इसे केवल अस्थायी उपायों से नहीं रोका जा सकता. उन्होंने अपने X पोस्ट में कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान कई राष्ट्रीय चुनौतियों में समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित की थी, और उसी तरह की उच्च-स्तरीय, नियमित मॉनिटरिंग आज दिल्ली के प्रदूषण संकट को रोकने के लिए जरूरी है. पीएम मोदी को दिए 4 सुझाव पीएम मोदी को लिखे पत्र में किरण बेदी ने अपने 4 सुझाव भी दिए हैं. उनका कहना है कि 3 पड़ोसी राज्यों के मुख्यमंत्रियों और मुख्य सचिवों के साथ प्रधानमंत्री की हर महीने ऑनलाइन बैठकें होनी चाहिए, साथ ही शीर्ष स्तर पर नियमित समीक्षा किए जाने से राज्यों में जवाबदेही बढ़ेगी और स्थिति बिगड़ने से रोकी जा सकेगी. इसके अलावा उन्होंने पीएम मोदी से मन की बात कार्यक्रम के जरिए जन-भागीदारी का संदेश देने का सुझाव दिया है. विभागीय समन्वय की कमी को दूर करने के सुझाव के साथ ही प्रशासन के सक्रिय किए जाने की बात भी कही है. उन्होंने कहा कि शासन केवल बैठकों से नहीं चलता, अधिकारियों को मैदान में उतरकर स्थिति का वास्तविक आकलन करना चाहिए. स्थायी समाधान के विकल्प पूर्व पुलिस अफसर ने कहा कि हर साल का प्रदूषण संकट इसलिए होता क्योंकि सरकारें तात्कालिक उपायों पर निर्भर रहती हैं, जैसे स्मॉग टॉवर और ऑडईवन. इसी तरह कई एजेंसियों के बीच जिम्मेदारी बंटी हुई होती है. इसके अलावा वाहन, उद्योग, निर्माण धूल और पराली जैसे बड़े स्रोतों को प्रभावी ढंग से नियंत्रित नहीं किया जाता. साथ ही लंबे समय वाली नीतियों की तुलना में अल्पकालिक राजनीतिक फायदे प्राथमिकता बन जाते हैं. जबकि वास्तविक सुधार के लिए मजबूत प्रवर्तन, स्वच्छ ऊर्जा और ट्रांसपोर्ट में लंबे निवेश की जरूरत है. राजधानी में वायु प्रदूषण को लेकर किरण बेदी ने कहा कि दिल्ली को भी इस संकट से निपटने में केंद्र और राज्य सरकार के साथ समन्वय की उतनी ही जरुरत थी जितनी अन्य विकास कार्यों में डबल इंजन की बात कही जाती है. हवा की गुणवत्ता में सुधार तभी होगा जब शीर्ष नेतृत्व, सभी राज्य, और हर विभाग मिलकर ईमानदार और सतत स्तर प्रयास करेंगे.  

जब रोहित-कोहली आसपास हों तो अलग ऊर्जा का हिस्सा बनना रोमांचक: बावुमा

रांची भारत और साउथ अफ्रीका के बीच रविवार से तीन वनडे मुकाबलों की सीरीज शुरू होगी। पहला मैच जेएससीए इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा। साउथ अफ्रीकी कप्तान टेंबा बावुमा का मानना है कि रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दिग्गजों की मौजूदगी में मैदान पर एक अलग तरह की ऊर्जा होगी, जिसका हिस्सा बनना रोमांचक होगा। स्टार स्पोर्ट्स के इंस्टाग्राम अकाउंट पर शनिवार को पोस्ट किए गए एक वीडियो में बावुमा ने कहा, “मुझे लगता है कि यह रोमांचक है। यह भारतीय फैंस के लिए रोमांचक है। दो दिग्गज वापस आ रहे हैं। वे कुछ समय के लिए भारत की धरती पर खेल रहे हैं। जब ये दो बड़े खिलाड़ी आसपास हों, तो एक अलग तरह की ऊर्जा का हिस्सा बनना हमारे लिए रोमांचक है। यह कुछ ऐसा है जिसका हम इंतजार कर रहे हैं।” टेंबा बावुमा ने भारत की इस अनुभवी जोड़ी को लेकर कहा, “मुझे लगता है कि किसी भी दूसरे खिलाड़ी की तरह, हम भी उनके आस-पास अपनी तैयारी करेंगे। जो भी रणनीति हमारे पास होगी, हम उन्हें फॉलो करेंगे। हम जानते हैं कि ऊर्जा थोड़ी अलग होगी, लेकिन यह रोमांचक होगा।” उन्होंने आगे कहा, “एक कप्तान के नजरिए से, मुझे नहीं लगता कि मेरी टीम के लिए ज्यादा कुछ बदलेगा। मुझे लगता है कि आप जाहिर तौर पर बल्ले से प्रदर्शन करना चाहते हैं। आप मैदान पर रणनीति के मुताबिक खिलाड़ियों को लीड करना चाहते हैं। इसलिए मुझे नहीं लगता कि ज्यादा कुछ बदलेगा।” रोहित शर्मा और विराट कोहली ने अक्टूबर में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर वनडे सीरीज खेली थी। इसके बाद चर्चा थी कि शायद यह जोड़ी वनडे वर्ल्ड कप में न खेले, लेकिन कुछ फैंस को विश्वास है कि ‘रो-को’ आगामी विश्व कप में टीम इंडिया का हिस्सा होंगे। भारत और साउथ अफ्रीका के बीच 30 नवंबर को रांची में पहला वनडे मैच खेला जाएगा, जिसके बाद दोनों देश रायपुर में 3 दिसंबर को अगला मैच खेलेंगे। सीरीज का तीसरा मुकाबला 6 दिसंबर को विशाखापत्तनम में आयोजित होगा।  

फोन के एक बटन पर पाएं तीन फीचर, जानें कैसे

नई दिल्ली अगर आपने फीचर फोन चलाया होगा तो आपको मालूम होगा कि फीचर फोन की ‘हार्ड की’ यानी बटन पर ढेरों शॉर्टकट दिए जाते थे। लेकिन वर्तमान समय में आने वाले स्मार्टफोन में शॉर्टकट काफी कम होते हैं। अगर आप चाहें तो गूगल प्लेस्टोर पर मिलने वाले कुछ खास एप की मदद से खुद के शॉर्टकट तैयार कर सकते हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में। बटन रीमैपर गूगल प्लेस्टोर पर मौजूद इस एप की मदद से आप जितना चाहें उतने शॉर्टकट तैयार कर सकते हैं। साथ ही इसके दो वर्जन उपलब्ध हैं जिसमें से प्रीमियम वर्जन है। प्रीमियम वर्जन के लिए शुल्क अदा करना होता है। मुफ्त में मिलने वाले बटन रीमैपर (नो रूट) एप को डाउनलोड करें। इसे ओपन करने के बाद जब सबसे पहले एप खुलेगा तो स्क्रीन पर ऊपर की तरफ एक खास तरह का विकल्प आएगा। इसे एक्टिवेट करना होगा। इसके बाद शॉर्टकट तैयार करने के लिए सबसे पहले एप को खोलें, उसके बाद नीचे दाईं ओर दिए गए प्लस के निशान पर क्लिक करें। इसके बाद दो विकल्प मिलेंगे। इसमें से ऊपर वाले विकल्प का चुनाव करें। फिर ‘न्यू एक्शन’ नाम का पॉपअप खुलेगा। इसके अंदर की लिखा मिलेगा, उस पर क्लिक करते ही आपके सामने उन सभी विकल्पों की सूची आ जाएगी, जहां पर आप शॉर्टकट सेट कर सकते हैं। किसी एक का चुनाव करने के बाद नीचे लॉन्ग एक्शन का विकल्प दिखेगा। उसे एक्टिवेट करने के लिए, उस पर क्लिक कर दें। यहां तक कि लॉन्ग एक्शन का समय भी बदला जा सकता है। फिर ओके पर क्लिक कर दें। इस प्रक्रिया को अपनाकर आप जितने चाहें उतने शॉर्टकट तैयार कर सकते हैं। इसकी मदद से आप होम बैक, रिसेंट एप, कैमरा और वॉल्यूम की पर अपने मनमुताबिक शॉर्टकट तैयार कर सकते हैं। यहां तक कि इस पर एक बटन पर दो शॉर्टकट सेट हो सकते हैं। एक साधारण क्लिक पर और दूसरा लॉन्ग क्लिक कर। मेन्यू की रीमैपर बटन रीमैपर से ज्यादा मेन्यू की रीमैपर (नो रूट) एप पर शॉर्टकट सेट किए जा सकते हैं। इस एप में बटन के चार क्लिक विकल्प दिए गए हैं। उदाहरण के तौर पर एक क्लिक पर एक एप खुलेगा। दो क्लिक पर दूसरा एप खुलेगा। साथ ही तीन बार बटन को क्लिक करने पर तीसरा एप सामने आ जाएगा। वहीं जरूरत पड़ने जल्दी-जल्दी चार क्लिक करने पर चौथा विकल्प खुलकर सामने आएगा। इन विकल्प में आप फोन सेटिंग या एप को शामिल कर सकते हैं। यह एप गूगल प्लेस्टोर पर मुफ्त में उपलब्ध है।  

ठंड में कांपते स्कूली बच्चे: सरकारी व्यवस्था की पोल खोलता झारखंड का हाल

बोकारो झारखंड में भीषण ठंड ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। राज्य के कई हिस्सों में तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। आलम ये है कि बोकारो के स्कूली बच्चों को भीषण ठंड में बिना स्वेटर के स्कूल जाना पड़ रहा है क्योंकि यहां अभी तक छात्र-छात्राओं को स्वेटर नहीं मिला है। बताया जा रहा है कि जिले के 9 प्रखंड में स्थित 1553 सरकारी स्कूलों में पढ़ाई कर रहे पहली कक्षा से लेकर आठवीं कक्षा तक के लगभग 1 लाख 42 हजार छात्र-छात्राओं को अभी तक स्वेटर नहीं मिला है जबकि नवंबर महीना बीतने को है। मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले दिनों में जिले का तापमान 10 डिग्री तक लुढ़कने की संभावना है। इस बढ़ती ठंड में जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा एक से आठवीं तक के बच्चों को स्वेटर नहीं मिला है जिससे बिना स्वेटर के ही बच्चे स्कूल जाने को मजबूर हैं। मामले में विभाग का कहना है कि राज्य सरकार से ही राशि का आवंटन प्राप्त नहीं हुआ है। इसके कारण राशि का वितरण नहीं किया गया है, लेकिन विभाग से राशि का आवंटन नहीं होने और बच्चों को देरी से राशि मिलने से ठंड में बच्चों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। बता दें कि ठंड के मौसम में हर साल जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को पोशाक के साथ स्वेटर खरीदने के लिए राशि दी जाती है। इसमें स्वेटर के लिए कक्षा 1 से 5वीं तक के बच्चों को 600 रुपए और कक्षा 6 से 12वीं तक के बच्चों को 860 रुपए दिए जाते हैं। इसमें कक्षा 1 से 2 के बच्चों को एसएमसी के खाता में और कक्षा-3 से 12वीं तक के बच्चों के बैंक खाता में राशि भेजी जाती है।  

फिल्म इंडस्ट्री में 50 साल पूरे, रजनीकांत ने साझा किए अपने दिल के जज्बात

चेन्नई, 'थलाइवा' रजनीकांत ने फिल्म इंडस्ट्री में 50 साल पूरे कर लिए हैं। इस मौके पर उन्हें गोवा में चल रहे 56वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI) में सम्मानित किया गया। फेस्टिवल की क्लोजिंग सेरिमनी पर रजनीकांत को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया है और वह भावुक हो गए। यहां 74 वर्षीय स्टार को सभी ने स्टैंडिंग ओवेशन दिया। रजनीकांत ने स्टेज पर जाकर सम्मान लिया तो कुछ बातें बोलकर भावुक हो गए। रजनीकांत ने कहा कि अगर उन्हें 100 जन्म भी मिले तो भी वह हर बार एक्टर बनकर ही पैदा होना चाहेंगे। रजनीकांत ने कहा कि भारतीय सिनेमा में पांच दशक… लग रहा है जैसे कुछ ही सालों में बीत गए। रजनीकांत को गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने एक शॉल और एक मेमेंटो देकर सम्मानित किया। रजनीकांत बोले- 100 जन्म भी मिले, तो एक्टर रजनीकांत बनकर जन्म लेना चाहूंगा यहां रजनीकांत बोले, 'अगर मैं पीछे मुड़कर देखूं, तो मुझे लगता है कि मैं बस 10-15 साल पहले ही आया हूं। ऐसा इसलिए है क्योंकि मुझे सिनेमा और एक्टिंग से प्यार है। अगर मुझे 100 जन्म भी मिले, तो मैं एक एक्टर रजनीकांत के रूप में जन्म लेना चाहूंगा। आपके प्यार और स्नेह के लिए शुक्रिया।' लोगों को दिखाई गई 'लाल सलाम' इससे पहले फिल्म फेस्टिवल के दौरान वहां मौजूद लोगों के लिए रजनीकांत की हाल ही रिलीज फिल्म 'लाल सलाम' स्क्रीन की गई थी। उनकी बेटी ऐश्वर्या रजनीकांत के निर्देशन में बनी ये फिल्म 2024 में रिलीज हुई थी और यह एक स्पोर्ट्स एक्शन ड्रामा है। फिल्म की स्क्रीनिंग के दौरान ऐश्वर्या रजनीकांत भी मौजूद थीं। रजनीकांत का करियर और फिल्में रजनीकांत ने साल 1975 में फिल्म 'अपूर्व रागंगल' से अपने करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने 'थलपथ', 'बाशा', 'मुल्लुम मलारुम', 'एंथिरन', 'कबाली', 'जेलर' और 'जेलर' जैसी फिल्में कीं। फिल्मों में आने से पहले रजनीकांत बस कंडक्टर थे। जब फिल्मों में आए, तो खूब स्ट्रगल करना पड़ा था। एक प्रोड्यूसर ने उन्हें फीस न देने के कारण अपनी फिल्म से निकाल दिया था। आज वह देश के हाइएस्ट पेड एक्टर हैं, जो एक फिल्म के लिए 210 करोड़ रुपये फीस लेते हैं। साथ ही वह साउथ के एकमात्र ऐसे एक्टर हैं, जिनकी दो फिल्में 500 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई कर चुकी हैं।

खेलते बच्चे पर भेड़ियों का हमला, परिजनों के पहुंचने तक हो चुकी थी त्रासदी

बहराइच उत्तर प्रदेश के बहराइच में उस वक्त हड़कंप मच गया जब घर के बाहर खेल रहे मासूम बच्चे को भेड़िए उठाकर गन्ने के खेत में ले गए। इसके बाद भेड़िओं ने मासूम को बुरी तरह चबाया। मामला जिले के कैसरगंज थाना क्षेत्र इलाके का है। बताया जा रहा है कि 5 वर्षीय मासूम बच्चा घर के बाहर अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। इस दौरान अचानक दो भेड़िए आए और मासूम को उठा कर गन्ने के खेत में ले गए। सूचना मिलते ही परिजन दौड़े -दौड़े गन्ने के खेत पहुंचे, लेकिन जब तक भेड़ियों ने मासूम के दोनों हाथों को चबा डाला था। परिजनों को देखकर भेड़िए बच्चे को वहीं छोड़ कर भाग गए। आनन-फानन में मासूम को अस्पताल ले जाया गया जहां उसे लखनऊ रेफर किया गया है। डॉक्टर का कहना है कि बच्चों के दोनों हाथों को भेड़ियों ने खा लिया है। वहीं शरीर पर भी गहरे जख्म के निशान हैं जिसके बाद स्थिति गंभीर देखते हुए मासूम को लखनऊ रेफर किया गया है।  

रोजगार के नए अवसर: दिया कुमारी ने घुमंतु समुदाय को सौंपे आर्थिक संसाधन

जयपुर उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने जयपुर के जयसिंहपुर खोर क्षेत्र में घुमंतु जाति उत्थान न्यास द्वारा आयोजित “घुमंतु जाति रोजगार मेले ” में शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने घुमंतु समाज के लोगों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आवश्यक रोजगार संसाधनों का वितरण किया और सभी को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दिया कुमारी ने कहा कि घुमंतु समाज को रोजगार के माध्यम से अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर मिलना बेहद खुशी की बात है।  उन्होंने कहा, “मैं आपके परिवार की सदस्य हूँ और आपके लिए जो भी संभव होगा, हमेशा पूरा प्रयास करूंगी। आने वाले बजट में भी ऐसी अनेक योजनाएँ लाने का प्रयास रहेगा जिससे समाज के लोगों को अधिक लाभ मिल सके।” उपमुख्यमंत्री ने भामाशाहों और विदेशों में रहने वाले भारतीयों से भी आह्वान किया कि वे घुमंतु परिवारों के सहयोग के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा कि सभी मिलकर संकल्प लें कि एक-दूसरे का सहयोग करके समाज को विकसित और सशक्त बनाएं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से गरीब और वंचित परिवारों को मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए समाज के हर व्यक्ति को अपना दायित्व निभाना चाहिए। उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने इस मेले को समाज के प्रत्येक परिवार को आत्मनिर्भर, सशक्त और मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने आशा व्यक्त की कि आज प्रदान किए गए संसाधन घुमंतू समाज के लोगों के जीवन में नए अवसरों के द्वार खोलेंगे।

30 नवंबर को BSF प्रमुख दलजीत सिंह चौधरी का कार्यकाल पूरा, IPS प्रवीण कुमार संभालेंगे अतिरिक्त जिम्मेदारी

नई दिल्ली  केंद्र सरकार की ओर से सीमा सुरक्षा बल (BSF) के नेतृत्व में बदलाव किया गया है। इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस (ITBP) के महानिदेशक प्रवीण कुमार (ITBP chief IPS Praveen Kumar) को BSF DG का अतिरिक्त भार सौंपा गया है। प्रवीण कुमार 30 नवंबर से यह अतिरिक्त पदभार संभालेंगे। बता दें कि बीएसएफ के वर्तमान डीजी दलजीत सिंह चौधरी (BSF DG Daljit Singh Chaudhary) के 30 नवंबर 2025 को रिटायर हो रहे हैं। जिसे देखते हुए केंद्र सरकार की ओर से यह फैसला लिया गया है। सरकार की ओर से जारी आदेश के अनुसार, स्थायी नियुक्ति होने तक या अगले निर्देश जारी होने तक प्रवीण कुमार BSF की कमान भी संभालेंगे। सरकार की ओर से प्रवीण कुमार की नेतृत्व क्षमता और प्रशासनिक अनुभव पर भरोसा जताया गया है।   1993 बैच के IPS अधिकारी हैं प्रवीण कुमार बता दें कि ITBP के वर्तमान डीजी प्रवीण कुमार पश्चिम बंगाल कैडर के 1993 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। प्रशासन के कार्य में उन्हें लंबा अनुभव है, जिसे देखते हुए सरकार की ओर से उन्हें यह अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। गृह मंत्रालय की ओर से जारी ऑफिस मेमोरेंडम में कहा गया है कि दलजीत सिंह चौधरी के रिटायरमेंट के बाद BSF DG का अतिरिक्त प्रभार प्रवीण कुमार को सौंपा जा रहा है। यह व्यवस्था 30 नवंबर से प्रभाव में आ जाएगी। इंटेलिजेंस ब्यूरो में लंबे समय तक दी सेवाएं प्रवीण कुमार ने 1 अक्टूबर 2025 को ITBP के DG का पदभार संभाला था। इससे पहले वे दो दशक से अधिक समय तक इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) में विभिन्न अहम जिम्मेदारियों में जुड़े रहे। खुफिया संचालन और फील्ड ऑपरेशन के अनुभव के कारण उन्हें BSF जैसे बड़े सीमा सुरक्षा बल की कमान संभालने के लिए उपयुक्त माना जा रहा है। BSF सबसे बड़ा बॉर्डर-गार्डिंग फोर्स पाकिस्तान और बांग्लादेश से लगी अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा संभालने की जिम्मेदारी बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स या बीएसएफ की है। यह देश का सबसे बड़ा बॉर्डर-गार्डिंग फोर्स है। ऐसे में करीब 2.70 लाख से अधिक जवानों वाली इस फोर्स के DG का पद देश की सुरक्षा व्यवस्था में अत्यंत रणनीतिक और महत्वपूर्ण माना जाता है। ITBP और अब BSF दोनों की जिम्मेदारी मिलने के बाद प्रवीण कुमार पर देश की दो अहम सीमाई एजेंसियों का नेतृत्व एक साथ संभालने की बड़ी जिम्मेदारी होगी। विशेषज्ञों के अनुसार, इससे दोनों बलों के बीच बेहतर समन्वय और सुरक्षा प्रबंधन को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

मारुति की इलेक्ट्रिक एंट्री: 2 दिसंबर को भारत में e-Vitara होगी उपलब्ध

मुंबई  मारुति सुज़ुकी भारतीय इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में अपने अब तक के सबसे बड़े कदम की तैयारी कर रही है। कंपनी 2 दिसंबर 2025 को अपनी पहली पूरी तरह इलेक्ट्रिक SUV—e-Vitara—को लॉन्च करने जा रही है, जिससे ब्रांड एक नए दौर की ओर बढ़ेगा। इसे सबसे पहले भारत मोबिलिटी ऑटो एक्सपो 2025 में पेश किया गया था और तभी से यह मॉडल देश की सबसे बड़ी ऑटो कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। खास बात यह है कि e-Vitara का विकास और उत्पादन दोनों भारत में ही किए जा रहे हैं, जो घरेलू EV निर्माण को नई दिशा देता है। वैश्विक मंच पर पहले ही बना चुकी है अपनी पहचान e-Vitara भले ही अभी भारतीय सड़कों पर दिखाई नहीं दी हो, लेकिन वैश्विक स्तर पर इसकी मौजूदगी पहले ही मजबूत हो चुकी है। गुजरात के हंसलपुर प्लांट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अगस्त में हाइब्रिड बैटरी इलेक्ट्रोड उत्पादन सुविधा का उद्घाटन किया गया, जिसके साथ ही e-Vitara का पहला निर्यात बैच भी फ्लैग ऑफ किया गया। सितंबर से इसके आधिकारिक एक्सपोर्ट शुरू हुए और केवल अगस्त में ही 12 यूरोपीय देशों—जैसे यूके, जर्मनी, फ्रांस, नॉर्वे और स्वीडन—में लगभग 2,900 यूनिट भेजी जा चुकी थीं। कंपनी का लक्ष्य e-Vitara को 100 से अधिक देशों में निर्यात करना है, जिससे यह मारुति की पहली सच्ची ‘ग्लोबल इलेक्ट्रिक SUV’ बन सकती है। डिजाइन और डायमेंशन: आधुनिक लुक के साथ दमदार प्रेज़ेंस e-Vitara का डिजाइन बेहद साफ-सुथरी और आधुनिक लाइनों पर आधारित है। इसकी लंबाई 4,275 मिमी, चौड़ाई 1,800 मिमी और ऊंचाई 1,640 मिमी है, जबकि 2,700 मिमी का व्हीलबेस इसे पारंपरिक कॉम्पैक्ट SUVs जैसी मजबूत सड़क उपस्थिति देता है। यह एक नए लाइटवेट 3-in-1 इलेक्ट्रिक ड्राइव सिस्टम पर आधारित है, जिसमें मोटर, इन्वर्टर और ट्रांसमिशन को एक ही यूनिट में इंटीग्रेट किया गया है। इससे गाड़ी का वजन कम होता है और प्रदर्शन तथा कार्यक्षमता दोनों में सुधार मिलता है। बैटरी पैक और परफॉर्मेंस: लंबी रेंज और कई विकल्प मारुति सुज़ुकी e-Vitara को दो बैटरी विकल्पों के साथ बाजार में उतारेगी, जिनका उद्देश्य अलग-अलग जरूरतों वाले ग्राहकों को ध्यान में रखना है। 49 kWh बैटरी पैक वाला मॉडल फ्रंट-माउंटेड मोटर के साथ आता है, जो 144 hp की पावर और 189 Nm का टॉर्क पैदा करता है। यह रोजमर्रा की ड्राइविंग—चाहे शहरी हो या हाईवे—के लिए उपयुक्त है। बड़ा 61 kWh पैक 174 hp की अधिक शक्तिशाली आउटपुट प्रदान करता है। वैश्विक बाजारों में इसका एक ऑल-व्हील ड्राइव विकल्प भी उपलब्ध है, जिसमें पीछे एक अतिरिक्त 65 hp मोटर जोड़ी गई है। इससे कुल आउटपुट 184 hp और 300 Nm तक पहुंच जाता है। भारत में AWD वर्जन आएगा या नहीं, यह स्पष्ट नहीं है, लेकिन टॉप-स्पेक वेरिएंट्स के 500 km से अधिक की रेंज देने की उम्मीद है, जो इसे अपनी श्रेणी की सबसे लंबी दूरी तय करने वाली इलेक्ट्रिक SUVs में शामिल करता है। इंटीरियर: अब तक का सबसे प्रीमियम मारुति केबिन e-Vitara का इंटीरियर मारुति सुज़ुकी के अन्य मॉडलों की तुलना में कहीं अधिक प्रीमियम फील देता है। केबिन में 10.25-इंच का डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर और 10.1-इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम एक ट्विन-डेक फ्लोटिंग सेंटर कंसोल पर लगाया गया है, जो इसे मॉडर्न और हाई-टेक अपीयरेंस देता है। सॉफ्ट-टच मटीरियल, डुअल-टोन थीम और मल्टी-कलर एंबियंट लाइटिंग के साथ गाड़ी का माहौल और भी शानदार बनता है। आराम की बात करें तो वेंटिलेटेड फ्रंट सीटें, 10-वे पावर-एडजस्टेबल ड्राइवर सीट और स्लाइड-रिक्लाइन-फोल्ड होने वाली 40:20:40 रियर सीट जैसे फीचर्स इसे बेहद व्यावहारिक बनाते हैं। फिक्स्ड-ग्लास सनरूफ और हार्मन ऑडियो सिस्टम के साथ केबिन का प्रीमियम अनुभव और बढ़ जाता है। सुरक्षा फीचर्स: मजबूत बॉडी और एडवांस ADAS सुरक्षा को e-Vitara के विकास में उच्च प्राथमिकता दी गई है। इसका बॉडी स्ट्रक्चर 50% से अधिक हाई-टेंसाइल स्टील से बनाया गया है और इसमें बैटरी सुरक्षा के लिए विशेष संरचना शामिल है। स्टैंडर्ड फीचर्स में सात एयरबैग, ऑल-डिस्क ब्रेक्स, इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग ब्रेक, टायर प्रेशर मॉनिटर और e-Call इमरजेंसी अलर्ट शामिल हैं। इसके अलावा SUV लेवल-2 ADAS तकनीक से लैस है, जिसमें एडाप्टिव क्रूज़ कंट्रोल, लेन-कीपिंग असिस्ट और ऑटोनॉमस इमरजेंसी ब्रेकिंग जैसी सिस्टम शामिल हैं। इन फीचर्स के साथ e-Vitara मारुति सुज़ुकी की सबसे सुरक्षित गाड़ियों में शामिल हो जाएगी। चार्जिंग नेटवर्क और ओनरशिप इकोसिस्टम मारुति सुज़ुकी e-Vitara के साथ एक संपूर्ण EV इकोसिस्टम प्रदान करने की तैयारी में है। हर ग्राहक को स्मार्ट होम चार्जर और इंस्टॉलेशन सहायता दी जाएगी। इसके अलावा कंपनी देश के 100 बड़े शहरों में पब्लिक फास्ट-चार्जिंग नेटवर्क तैयार कर रही है, जहां हर 5–10 किलोमीटर पर चार्जिंग पॉइंट उपलब्ध होंगे। लंबे समय तक परेशानी-मुक्त ओनरशिप सुनिश्चित करने के लिए मारुति 1,500 से अधिक EV-रेडी वर्कशॉप भी स्थापित कर रही है, जो 1,000 से अधिक शहरों को कवरेज देंगी। मारुति सुज़ुकी के लिए ऐतिहासिक लॉन्च आधुनिक डिजाइन, दमदार रेंज, प्रीमियम इंटीरियर, वैश्विक एक्सपोर्ट रणनीति और मजबूत सुरक्षा फीचर्स के साथ e-Vitara कंपनी के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण लॉन्च साबित होने जा रही है। यह न केवल मारुति सुज़ुकी के EV सफर की शुरुआत है, बल्कि इसे भारतीय इलेक्ट्रिक SUV सेगमेंट में एक बड़ी प्रतिस्पर्धा पैदा करने की क्षमता भी प्रदान करती है।

स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा सुधार: पंजाब सरकार ने 300 विशेषज्ञ डॉक्टरों के पैनल को दी मंजूरी

चंडीगढ़  पंजाब के लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में मंत्रिमंडल ने 12 प्रमुख श्रेणियों के 300 स्पेशलिस्ट डाक्टरों को सूचीबद्ध करने की मंजूरी दे दी है. मुख्यमंत्री दफ्तर के प्रवक्ता ने बताया कि कैबिनेट ने 12 महत्वपूर्ण श्रेणियों अर्थात मैडीसिन, पीडियाट्रिक्स (बाल रोग विशेषज्ञ), साइकियाट्री (मनोरोग विशेषज्ञ), डर्मेटोलॉजी (त्वचा रोग विशेषज्ञ), चेस्ट एवं टी.बी. (छाती रोग विशेषज्ञ), सर्जरी, गायनेकोलॉजी (स्त्री रोग विशेषज्ञ), ऑर्थोपेडिक्स (हड्डी रोग विशेषज्ञ), ऑप्थल्मोलॉजी (नेत्र रोग विशेषज्ञ), ई.एन.टी. (कान, नाक, गला विशेषज्ञ) तथा एनेस्थीसियोलॉजी में 300 विशेषज्ञ डाक्टरों को एम्पैनल करने का भी निर्णय लिया है. इस कदम से विशेषज्ञ डाक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी और पंजाब के लोगों को सकैंडरी स्तर की स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा. यह फैसला आज यहां मुख्यमंत्री मान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया. इन विशेषज्ञ डाक्टरों को सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया जिला स्तर पर सिविल सर्जनों के माध्यम से की जाएगी तथा एम्पैनल हुए डाक्टर ओ.पी.डी., आई.पी.डी., इमरजेंसी, बड़े-छोटे ऑपरेशन तथा अन्य विभिन्न सेवाओं के लिए प्रति मरीज एम्पैनलमेंट फीस लेने के हकदार होंगे. केन्द्रीय सहकारी बैंकों में एकरूपता आएगी कैबिनेट ने पंजाब को-ऑपरेटिव सोसायटीज नियम, 1963 के तहत नियम 28ए यानी एकसमान अनुशासनात्मक एवं अपीलीय ढांचे को भी मंजूरी दे दी है. इससे अपील चैनलों की दोहरी प्रक्रिया रोकी जा सकेगी, एक ही बोर्ड या उसकी समितियों में परस्पर विरोधी निर्णयों से बचा जा सकेगा तथा अनुशासनात्मक कार्रवाइयों में कमांड की स्पष्ट लड़ी बनेगी. साथ ही यह सुनिश्चित होगा कि अपीलों की सुनवाई संस्था के भीतर केवल एक बार ही हो. इससे पंजाब में सहकारी क्षेत्र के अंतर्गत कार्यरत सभी शीर्ष संस्थाओं एवं केन्द्रीय सहकारी बैंकों में एकरूपता आएगी. पंजाब माइनर मिनरल रूल्स 2013 में संशोधन मंत्रिमंडल ने खनन सेवाओं को और अधिक कुशल, नागरिक-हितैषी तथा पारदर्शी बनाने के लिए पंजाब स्टेट माइनर मिनरल्स (संशोधन) पॉलिसी 2025 के अनुसार पंजाब माइनर मिनरल रूल्स, 2013 में संशोधन करने की भी अनुमति दे दी है. प्रदेश में आवंटित की जाने वाली क्रशर माइनिंग साइटों तथा भूमि मालिकों की माइनिंग साइटों के माइनिंग लीज धारकों को माइनिंग अधिकारों के आवंटन के लिए मौजूदा पंजाब माइनर मिनरल रूल्स 2013 में इन नए नियमों/संशोधनों को जोड़ने/बदलने की आवश्यकता थी.