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रिलेशनशिप बिगाड़ देते हैं ये 5 पति-संकेत, चाणक्य नीति से जानें सच्चाई

व्यक्ति के जीवन में सुख-दुख मौसम की तरह आते-जाते रहते हैं। जिनसे निपटने के लिए कई बार जीवनशैली तो कभी व्यक्ति के स्वभाव में बदलाव जरूरी हो जाता है। जीवन से जुड़े ऐसे ही कई बदलाव और व्यक्ति के स्वभाव के बारे में चाणक्य नीति में कई बातें कही गईं हैं। जीवन पर आधारित चाणक्य के सूत्र आज भी उतने ही कारगर हैं जितने तब हुआ करते थे। खास बात यह है कि चाणक्य के ये सूत्र चाणक्य नीति के तौर पर हमारे पास मौजूद हैं। चाणक्य नीति में बहुत सी ऐसी बातें दर्ज हैं जिन्हें अपने जीवन में उतारकर व्यक्ति खुशहाल और सफल जीवन जी सकता है। आचार्य चाणक्य ने अपने प्रसिद्ध ग्रंथ 'चाणक्य नीति' में ऐसे पुरुषों के बारे में भी बताया है, जो विवाह के बाद अपनी पत्नी का जीवन खराब कर देते हैं। ऐसे खराब पतियों को पहचानने के लिए 'चाणक्य नीति' में 5 निशानियां बताई गईं हैं। आलसी पुरुष चाणक्य नीति के अनुसार शादी से पहले मर्दों के कंधों पर घर की कोई खास जिम्मेदारी नही होती है। लेकिन शादी के बाद उन्हें परिवार के साथ पत्नी और बच्चों के खर्च भी उठाने पड़ते हैं। लेकिन जो मर्द आलसी होता है और अपनी जिम्मेदारियों को ईमानदारी से नहीं उठाता है, शादी के बाद परिवार पर बोझ बन जाता है। ऐसे पुरुष काम करने से या तो हमेशा बचते रहते हैं या फिर उसे कल पर टालते रहते हैं। ऐसे मर्द शादी के बाद घर की जिम्मेदारियां नहीं निभाने की वजह से अपनी पत्नी के लिए मानसिक और आर्थिक परेशानी का कारण बनते हैं। कमजोर आर्थिक स्थिति आचार्य चाणक्य का कहना था कि जो पुरुष घर की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए कोशिश नहीं करते, वो शादी के बाद हमेशा अपने खर्च और घर की जरूरतों के लिए पत्नी पर ही निर्भर रहते हैं। जिसकी वजह से धीरे-धीरे उनके रिश्तों में तनाव और खटास पैदा होने लगती है। जो शादीशुदा जीवन की डोर को कमजोर बनाती है। नशे के आदी पुरुष चाणक्य नीति के अनुसार नशे की लत में डूबे पुरुष ना सिर्फ अपनी सेहत बल्कि परिवार की शांति, रिश्तों में बचे प्यार और परिवार की इज्जत, हर चीज को नुकसान पहुंचाते हैं। ऐसे पुरुषों की यह आदत शादी के बाद पत्नी के लिए बोझ औ दुख का कारण बन जाती हैं। गुस्सैल स्वभाव वाले पुरुष आचार्य चाणक्य के अनुसार अत्यधिक गुस्सा करने वाले पुरुष अपने स्वभाव की वजह से पत्नी के साथ अपने रिश्ते को कमजोर बना देते हैं। ऐसे पुरुष पत्नी को असुरक्षित महसूस करवाकर पूरे परिवार के लिए तनाव और डर का कारण बन जाते हैं। जिम्मेदारी से भागने वाले पुरुष शादी के बाद जो मर्द अपने परिवार की जिम्मेदारियों को निभाने से पीछे भागते हैं, पत्नी के लिए तनाव और चिंता का कारण बनने लगते हैं।

देश ने नम आँखों से दी विदाई: शहीद सूबेदार हितेश सहरावत का पूरे सैन्य सम्मान के साथ संस्कार

पलवल पलवल जिले के खंड हथीन के गांव गहलब निवासी सूबेदार हितेश सहरावत लेह लद्दाख में ड्यूटी के समय हृदय गति रुकने के कारण शहीद हो गए। शहीद सूबेदार हितेश सहरावत का पार्थिव शरीर रविवार को उनके पैतृक गांव गहलब पहुंचा जहां राजकीय सम्मान के साथ शहीद को अंतिम विदाई दी गई। इस अवसर लोगों ने शहीद सूबेदार हितेश सहरावत अमर रहे और भारत मां का जयघोष किया। गौरतलब है कि गांव गहलब निवासी सूबेदार हितेश सहरावत 15 फरवरी 2001 को सेना में आर्मी सप्लाई कोर रेजिमेंट में बतौर ड्राइवर ड्यूटी ज्वाइन की थी। वह वर्तमान में सूबेदार के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे थे। शनिवार सुबह उन्हें ड्यूटी के समय हृदयाघात हुआ और वह शहीद हो गए। सूचना मिलते ही गांव शोक की लहर में डूब गया। रविवार को शहीद सूबेदार का पार्थिक शरीर गांव गहलब पहुंचा जहां हजारों की संख्या में लोगों ने शहीद सूबेदार हितेश सहरावत अमर रहे और भारत माता की जय हो का जयघोष किया।  शहीद सूबेदार हितेश सहरावत को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। इस अवसर पर राजनीतिक एवं सामाजिक संगठनों के गणमान्य लोग भी मौजूद थे। कर्नल के.जी.शर्मा ने बताया कि सूबेदार हितेश सहरावत रसद सामग्री को लेकर ड्यूटी पर जा रहे थे। लद्दाख में तापमान में लगातार गिरावट आ रही थी। सूबेदार हितेश ने विषय परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्य का निर्वाह किया और देश के लिए शहादत दे दी। भारतीय सेना सूबेदार हितेश की शहादत को हमेशा याद रखेगी।   

किसानों के धान पर ‘कांटा घोटाला’, मामला खुलते ही खरीदी प्रक्रिया तत्काल बंद

पखांजूर धान खरीदी केंद्र के प्रभारी की मनमानी से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। आरोप है कि तौल में गड़बड़ी कर किसानों से अधिक धान लिया जा रहा है और खुलेआम लूट का खेल जारी है। बांदे लैम्प्स के अंतर्गत आने वाले PV-84 धान खरीदी केंद्र में प्रभारी किसानों के धान पर डाका डालने का काम कर रहे हैं। अधिकतर किसान धान को ट्रैक्टर-ट्राली में भरकर केंद्र में पहुंचते हैं। वहां एक जगह खाली कर बोरी में धान भरा जाता है और फिर लैम्प्स से मिले तौलाई काटे से वजन कर सीधे स्टैक में चढ़ा दिया जाता है। लेकिन केंद्र में रखा काटा खराब होने के कारण प्रति बोरी लगभग डेढ़ किलो अधिक धान ले लिया जा रहा है। इस हिसाब से एक क्विंटल पर किसानों को करीब 3 किलो से अधिक का नुकसान हो रहा है। इसके अलावा सूखती के नाम पर प्रति क्विंटल 1.5 से 2 किलो अतिरिक्त धान लिया जा रहा है। कुल मिलाकर किसानों को प्रति क्विंटल लगभग 5 किलो का नुकसान उठाना पड़ रहा है। ऐसे उजागर हुआ मामला मामला तब उजागर हुआ जब किसान प्रलभ बड़ाई ने अपने घर से धान तौलकर 40 किलो बोरी भरकर केंद्र में पहुंचा और केंद्र में रखे तौलिया कांटा से वजन किया तो 38.500 किलो निकला। किसान ने अपने घर से तौलिया कांटा मंगवाकर सबके सामने तौलकर घोटाला उजागर करते हुए कार्रवाई की मांग की। साथ ही किसान ने मौके पर जमकर हंगामा कर दिया। खुलासा हुआ तो तत्काल खरीदी बंद कर दी गई। धान खरीदी शुरू होते ही किस तरह किसानों को लूटने का काम एक पटवारी, जो केंद्र प्रभारी के रूप में काम कर रहे हैं, उनके द्वारा किया जा रहा है, समझा जा सकता है। केंद्र में 1152 क्विंटल धान की खरीदी इसी खराब तौलिया कांटा से की गई है। अगर इसका खुलासा नहीं होता तो किसानों को कितना बड़ा नुकसान होता। प्रभारी द्वारा बिना सत्यापन किए खराब तौलिया कांटा से खरीदी कैसे की जा सकती है या फिर जानबूझकर ऐसा लूटने का कार्य किया जा रहा है। किसान ने खरीदे गए सभी धान की जांच कर कार्रवाई की मांग की। किसान का बयान किसान सिलधारी किसान ने कहा कांटा खराब है। इससे हमें बहुत नुकसान हो रहा है। हम मेहनत करते हैं और यहां आकर हमारा धान कम तोल लिया जाता है। सूखती के नाम पर भी अलग से किलो काट लिया जाता है। सरकार को इसकी जांच कर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। लैम्प्स प्रबंधक का जवाब लैम्प्स प्रबंधक बांदे अधीर दास ने कहा कि जब से धान खरीदी चालू है, आज दिनांक तक किसी प्रकार हमें सूचना नहीं दी गई कि कांटा खराब है या कुछ गड़बड़ी है। उस तरह की कोई खबर दी गई होती, तो हम दूसरे कांटे की व्यवस्था करवा देते। अगर किसी प्रकार से किसान से गड़बड़ी करके धान लिया गया है, तो उसके लिए हम उच्च अधिकारियों को अवगत कराएंगे। उसके बाद वे जो कार्रवाई करना चाहेंगे, वह करेंगे।

अमरिंदर सिंह का बड़ा बयान—पंजाब में 2027 फतह के लिए BJP–अकाली गठबंधन अनिवार्य

चंडीगढ़  कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है। इंडिया टुडे को दिए साक्षात्कार में उन्होंने स्पष्ट कहा कि पंजाब में बीजेपी की जीत केवल शिरोमणि अकाली दल (SAD) के साथ गठबंधन से ही संभव है। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि बीजेपी को अभी पंजाब की सामाजिक और राजनीतिक संरचना की गहरी समझ नहीं है। उन्होंने कहा. “अगर आप 2027 का चुनाव जीतना चाहते हैं, तो अपना कैडर मजबूत करना होगा, लेकिन इसमें दो-तीन चुनाव लगेंगे। अकाली दल के साथ गठबंधन ही जीत का एकमात्र रास्ता है।” 2027 चुनाव लड़ने को पूरी तरह तैयार कैप्टन ने यह भी कहा कि वे पूरी तरह फिट हैं और 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए सक्रिय राजनीति में पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने बताया, “मैं पूरी तरह स्वस्थ हूं और 2027 के चुनावों के लिए तैयार हूं।” अकाली दल–बीजेपी गठबंधन पर फिर जोर पूर्व मुख्यमंत्री ने दोहराया कि पंजाब में बीजेपी को सत्ता में लाने का रास्ता केवल SAD के साथ मिलकर ही खुल सकता है। उन्होंने कहा, “सरकार बनाने का दूसरा कोई रास्ता ही नहीं है, अकाली दल के साथ ही जाना होगा।” बता दें, भाजपा व अकाली दल का लंबे समय तक गठबंधन रहा। इस दौरान दोनों दलों ने सत्ता का स्वाद चखा, लेकिन केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा लाए गए तीन कृषि कानूनों के कारण दोनों दलों के बीच दूरी हो गई। किसान बहुल पंजाब में किसान कृषि कानूनों को लेकर आंदोलन कर रहे थे। ऐसे में अकाली दल को भाजपा के साथ रहना मुश्किल हो रहा था। इसी कारण अकाली दल ने भाजपा से गठबंधन तोड़ दिया था। लेकिन, इस गठबंधन के टूटने के बाद राज्य में दोनों दल अकाली दल व भाजपा हाशिये पर आ गए।

पंजाब में भयानक सड़क हादसा, एक की मौ’त, 4 घायल

गढ़शंकर, कोटफतूही  आज सुबह करीब 5 बजे माहिलपुर-फगवाड़ा रोड पर बिस्त दोआब नहर के चोरस्ते वाले पुल पर एक टिप्पर और टोयोटा कार के बीच आमने-सामने की टक्कर में कार में सवार पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए और उनमें से एक की इलाज के दौरान मौत हो गई, जिसकी पहचान सुखविंदर सिंह के रूप में हुई है। मौके पर मिली जानकारी के अनुसार, आज सुबह करीब 5 बजे टिप्पर बहराम से माहिलपुर की तरफ जा रहा था और दूसरी तरफ बिस्त दोआब नहर रोड पर गांव भवानीपुर थाना गढ़शंकर से एक कार आ रही थी, जिसका ड्राइवर अपने चाचा को अमृतसर एयरपोर्ट छोड़ने जा रहा था। जब यह कार चोरस्ते वाले पुल के पास पहुंची तो इसकी टिप्पर से आमने-सामने की टक्कर हो गई।  इस घटना में कार ड्राइवर अजय खेपड़, उसके चाचा बिंदरपाल, उसके दोस्त सुखविंदर सिंह, 13 साल का कृष्णा चाचा का बेटा, सभी भवानीपुर के रहने वाले, परमिंदर सिंह मामा का बेटा हाजीपुर के रहने वाले बुरी तरह घायल हो गए, जिन्हें राहगीरों ने माहिलपुर सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से उनकी हालत गंभीर देखते हुए उन्हें आगे के लिए रेफर कर दिया गया। इस घटना में बुरी तरह घायल 13 साल के कृष्णा को DMC लुधियाना और बिंदरपाल को सिविल अस्पताल होशियारपुर रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान सुखविंदर सिंह की मौत हो गई, जबकि टिप्पर ड्राइवर मौके से भाग गया। 

‘बिग बॉस 19’ में धर्मेंद्र को याद कर भावुक हुए सलमान खान

मुंबई, बॉलीवुड स्टार सलमान खान रियलिटी शो बिग बॉस 19 में दिग्गज अभिनेता धर्मेन्द्र को याद कर भावुक हो गये। बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र का 24 नवंबर को निधन हो गया था। सलमान खान और धर्मेंद्र की बॉन्डिंग हर किसी को काफी पसंद आती थी। धर्मेंद्र हमेशा कहा करते थे उनके तीन बेटे हैं, जिसमें सनी और बॉबी देओल के अलावा सलमान खान भी हैं। उनका यह भी मानना था कि सलमान खान उनकी तरह है। सलमान खान, धर्मेंद्र को याद कर भावुक हो गये हैं। सलमान बिग बॉस 19 का आखिरी वीकेंड का वार भी नहीं होस्ट करना चाहते थे। सलमान खान एपिसोड की शुरुआत में ही काफी भावुक हो गये। उन्होंने कहा, ”यह हफ्ता वैसे ही जो गुजरा है, वो मन्नते मांगकर, दुआएं करके प्रार्थना करके… आंसुओं के साथ गुजरा है। देश को एक बहुत ही बड़ा झटका लगा है। फैन्स को एक बहुत बड़ा झटका लगा है। इंडस्ट्री को बड़ा नुकसान हुआ है. आप समझ रहे हैं कि मैं किनकी बात कर रहा हूं। काश इस हफ्ते का वीकेंड का वार मैं नहीं कर रहा होता. लेकिन जिंदगी चलती रहती है।”  

घर लौटते मजदूरों की किस्मत पलटी: सागर में बोलेरो-बाइक भिड़ंत में तीन की मौके पर जान गई

सागर रहली-ढाना रोड पर शनिवार रात मजदूरी कर लौट रहे बाइक सवार तीन लोगों को चार पहिया वाहन ने टक्कर मार दी। हादसा इतना जबरदस्त था कि बाइक के परखच्चे उड़ गए। मौके पर ही दो लोगों की मौत हो गई, जबकि तीसरे मजदूर को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी भी मौत हो गई। बाइक को टक्कर मारने के बाद आगे जाकर बोलेरो भी पलट गई। आरोपित कार चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। मामले में पुलिस ने मर्ग कायम कर आरोपित वाहन और उसके चालक की तलाश शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार शनिवार रात करीब पौने नौ बजे रहली के वार्ड क्रमांक पांच निवासी 50 वर्षीय किशन अहिरवार, हर्रा निवासी 45 वर्षीय दीना अहिरवार और पथरिया दमोह निवासी 56 वर्षीय मथुरा मोटर साइकिल से रहली की ओर जा रहे थे, तभी ढाना के पास सामने से आ रही बोलेरो क्रमांक एमपी 15 सीए 8033 ने बाइक को टक्कर मार दी। भीषण टक्कर के बाद बाइक में सवार तीनों लोग दूर जा गिरे। वहीं बाइक से टकराने के बाद बोलेरो भी आगे जाकर पलट गई।   बोलेरो से उतरकर आरोपित चालक मौके से भाग गया। वहां मौजूद स्थानीय लोगों ने घायलों को देख तुरंत एंबुलेंस और पुलिस को इसकी सूचना दी। सिर में ज्यादा चोट लगने के कारण खून अधिक बह गया। मौके पर ही किशन और मथुरा ने दम तोड़ दिया, जबकि दीना की हालत नाजुक थी, जिसे तुरंत एंबुलेंस की मदद से सागर पहुंचाया गया। बीएमसी में परीक्षण उपरांत डाक्टरों ने दीना को भी मृत घोषित कर दिया। सागर से लौट रहे थे मृतक तीनों मृतक सागर के साबूलाल मार्केट के पास भवन निर्माण का कार्य कर रहे थे। रोज की तरह वह मजदूरी कर एक ही बाइक से रहली लौट रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। रविवार सुबह पुलिस ने बीएमसी में तीनों मृतकों का पोस्टमार्टम करवाकर शव स्वजन को सौंप दिया है। मामले में मर्ग कायम कर विवेचना शुरू कर दी गई है। पुलिस ने बताया कि घटना स्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरों को तलाशा जा रहा है। वहीं बोलेरो की भी जानकारी निकलवाई जा रही है।

लालू का नया ठिकाना—क्या बदलने वाली है RJD की राजनीति की दिशा?

पटना  राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रमुख लालू प्रसाद यादव पटना में एक नए घर में शिफ्ट हो गए हैं, जहां आने-जाने वालों के लिए सख्त प्रोटोकॉल लागू किया गया है। यह उनके पिछले आवासों से बिल्कुल अलग है, जहां खुले राजनीतिक केंद्र की तरह काम होता था। बताया गया कि सेहत और रिकवरी की जरूरतों को देखते हुए बदलाव किया गया। यह फैसला आरजेडी की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत देता है। अब विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ही ज्यादातर काम संभाल रहे हैं।   लालू यादव का आवास उनके पहले मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान 1, अणे मार्ग पर था। बाद में राबड़ी देवी के नेतृत्व में यह 10, सर्कुलर रोड पर शिफ्ट हुआ। दोनों ही ठिकाने सुलभ राजनीतिक केंद्रों के रूप में कार्य करते थे। यहां पर समर्थकों, ग्रामीणों, पत्रकारों, पार्टी कार्यकर्ताओं और मंत्रियों को बिना किसी पाबंदी के आने-जाने की इजाजत थी। आवास में अक्सर भीड़ देखी जाती थी। 1, अणे मार्ग सार्वजनिक शिकायत केंद्र की तरह था, जहां बिहार भर से लोग रोजाना याचिकाएं लेकर आते थे। पत्रकार सुबह से ही इकट्ठा हो जाते थे और मंत्रियों को बिना अपॉइंटमेंट के पहुंच मिलती थी। इसके बाद 10, सर्कुलर रोड पर भी गेट 24 घंटे खुले रहते थे। RJD के भीतर कितना कुछ बदल रहा इसके विपरीत, नए घर में आने वालों की सख्त जांच की जाती है। पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए पहले से इजाजत लेना जरूरी है। साथ ही, अनियोजित बैठकों से बचा जाता है। फिलहाल लालू यादव के स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी जा रही है, जहां मेडिकल टीम के दौरे होते हैं और शांति व विश्राम पर फोकस रहता है। राजनीतिक चर्चाएं कम होती जा रही हैं। यह सब आरजेडी के भीतर पीढ़ीगत बदलाव को दर्शाता है। पार्टी के सीनियर कार्यकर्ताओं के लिए यह बदलाव भावुकता भी पैदा करता है, जो लालू यादव के खुले दरवाजे वाली राजनीति से जुड़े रहे हैं। साफ है कि बिहार की राजनीति का एक प्रमुख केंद्र परिवर्तन की राह पर है।

विक्रम मजीठिया का करीबी 6 दिन के विजिलेंस रिमांड पर

पंजाब  विक्रम मजीठिया से जुड़ी खबर सामने आई है। विक्रम मजीठिया के करीबी को आज मोहाली कोर्ट में पेश किया गया है। जानकारी के लिए बता दें कि शराब व्यापारी हरप्रीत सिंह गुलाटी को आज विक्रम मजीठिया से जुड़े मामले में मोहाली कोर्ट में पेश किया गया है। जहां कोर्ट ने हरप्रीत सिंह गुलाटी को 6 दिन के विजिलेंस रिमांड पर भेजा है।  वहीं कयास लगाए जा रहे हैं कि विक्रम मजीठिया और हरप्रीत गुलाटी को आमने-सामने बैठा कर गहराई से विजिलेंस पूछताछ कर सकती है। विक्रम मजीठिया मामले में गुलाटी गवाह है। बताया जा रहा है कि मामला 10 करोड़ रुपए के लेन-देन का है। मजीठिया ने इस पैसे से शिमला और दिल्ली में  प्रॉपर्टी खरीदी थी। बता दें कि हरप्रीत सिंह गुलाटी को मोहाली के सेक्टर 106 से गिरफ्तार किया गया था।  

दंतेवाड़ा एवं सुकमा जिले ने उल्लेखनीय प्रगति करते हुए कुल 11 स्वास्थ्य संस्थाओं का सफलतापूर्वक NQAS मूल्यांकन कराया गया

  जिला मुख्यालय से 200 किलोमीटर दूर स्थित किस्टाराम उपस्वास्थ्य केंद्र भी शामिल, सीमित संसाधनों के बावजूद सेवा गुणवत्ता कायम रायपुर, छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेशवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के अपने संकल्प को तेजी से जमीन पर उतार रही है। राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) के तहत हाल ही में राज्य के आकांक्षी जिले दंतेवाड़ा व सुकमा में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। पिछले पंद्रह दिनों में यहां कुल 11 स्वास्थ्य संस्थानों का सफलतापूर्वक मूल्यांकन पूरा हुआ है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के तकनीकी सहयोग  से इन जिलों में सफलतापूर्वक मूल्यांकन किया गया है. विदित हो कि सुकमा जिले के 4 और दंतेवाड़ा जिले के 7 संस्थान इस मूल्यांकन में शामिल रहे। सुकमा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बुरड़ी, उप स्वास्थ्य केंद्र कंजिपानी (छिंदगढ़), किस्टाराम व गगनपल्ली (कोंटा) तथा दंतेवाड़ा में उप स्वास्थ्य केंद्र बड़े बचेली, बड़े कमेली (दंतेवाड़ा), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र फरसपाल, उप स्वास्थ्य केंद्र मडसे (गीदम), मेलावाड़ा, अरनपुर व कोड़ेनार (कुआकोंडा) ने NQAS मूल्यांकन में भाग लिया। दुर्गम क्षेत्रों में भी गुणवत्तापूर्ण सेवाओं का विस्तार इनमें कोंटा ब्लॉक का किस्टाराम उपस्वास्थ्य केंद्र विशेष रूप से सुर्खियों में है। जिला मुख्यालय से करीब 200 किलोमीटर और ब्लॉक मुख्यालय से लगभग 120 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह क्षेत्र सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील माना जाता है। दो राज्यों की सीमाएं पार कर पहुंचने वाली इस कठिन भौगोलिक स्थितिकी चुनौतियों के बावजूद यहां कार्यरत स्वास्थ्य कर्मियों ने सेवा गुणवत्ता का स्तर बनाए रखा है। नक्सल प्रभावित व दूरस्थ क्षेत्रों में उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि स्वास्थ्य अधिकार सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इन 11 संस्थानों का NQAS मूल्यांकन इस तथ्य का प्रमाण है कि संसाधन सीमित हों या सुरक्षा चुनौतियां—जनस्वास्थ्य के प्रति प्रतिबद्धता यदि अडिग हो, तो उत्कृष्टता की राह अवश्य बनती है। सरकार का दावा है कि ऐसे प्रयासों से अब आदिवासी बहुल एवं दुर्गम इलाकों में रहने वाले लोगों को भी पहले से अधिक सुगम, भरोसेमंद व गुणवत्ता आधारित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं।