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यूक्रेन-रूस टकराव का नया मोर्चा: तेल टैंकरों पर हमले से तुर्की के हितों को खतरा

तुर्की  तुर्की सरकार ने काला सागर में रूसी शैडो फ्लीट के दो तेल टैंकरों पर यूक्रेनी ड्रोन हमलों की कड़ी निंदा की है। तुर्की विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ओंकू केसेली ने कहा कि केरोस (Koeros) और विराट (Virat) नामक जहाजों पर हुए हमले तुर्की के विशेष आर्थिक क्षेत्र (Exclusive Economic Zone) के अंदर हुए थे। इन हमलों से क्षेत्र में नौवहन सुरक्षा, मानव जीवन, संपत्ति और पर्यावरण को गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। शनिवार देर रात सोशल मीडिया पर पोस्ट में केसेली ने लिखा कि तुर्की यूक्रेन युद्ध को काला सागर के पार फैलने से रोकने और अपने आर्थिक हितों की रक्षा के लिए सभी संबंधित पक्षों से लगातार संपर्क और बातचीत कर रहा है।   ओपनसैंक्शंस डेटाबेस (जो प्रतिबंधों से बचने वाले व्यक्तियों और संगठनों पर नजर रखता है) के अनुसार, ये दोनों जहाज़ उस शैडो फ्लीट का हिस्सा हैं जिसका उपयोग 2022 में रूस के यूक्रेन पर पूर्ण आक्रमण के बाद लगाए गए पश्चिमी प्रतिबंधों को चकमा देने के लिए किया जा रहा है। तुर्की के समुद्री मामलों के महानिदेशालय ने बताया कि शुक्रवार रात तुर्की तट से लगभग 28 समुद्री मील दूर नोवोरोसिस्क (रूस) की ओर जा रहा खाली केरोस टैंकर अचानक बाहरी आघात के कारण जल उठा। जहाज पर सवार सभी 25 क्रू मेंबर्स सुरक्षित हैं और बचाव दल उन्हें वापस लाने की तैयारी कर रहे हैं। तुर्की के यातायात एवं आधारभूत संरचना मंत्रालय ने बाद में स्पष्ट किया कि जहाज पर सवार सभी नागरिकों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। यह जहाज मिस्र से रूस की ओर जा रहा था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यदि आग पर जल्द काबू नहीं पाया गया तो जहाज डूब सकता है। दूसरे जहाज विराट के बारे में महानिदेशालय ने कहा कि टैंकर विराट का चालक दल ने सूचना दी कि तुर्की तट से करीब 35 समुद्री मील दूर जहाज दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। इंजन रूम में भारी धुआं भर गया था। बचाव दल और एक व्यापारी जहाज को मौके पर रवाना कर दिया गया है। विराट के 20 क्रू मेंबर्स पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ हैं। गौरतलब है कि यूक्रेन ने स्वीकार किया है कि उसने शुक्रवार दोपहर तुर्की के काला सागर तट के निकट इन दोनों टैंकरों पर लगातार हमले के लिए अपने सर्फेस नौसैनिक ड्रोन का इस्तेमाल किया था। बता दें कि यूक्रेन ने युद्ध के दौरान रूसी नौसेना के जहाजों पर कई सफल ड्रोन हमले किए हैं, खासकर विस्फोटक से लदे समुद्री ड्रोनों के जरिए। हालांकि अब तक यूक्रेनी अभियान मुख्य रूप से उत्तरी काला सागर तक ही सीमित रहे थे।

चक्रवाती तूफान दितवाह का खतरा बढ़ा—भारत के बेहद करीब, श्रीलंका में तबाही से 200 जानें गईं

चेन्नई  श्रीलंका में भारी तबाही मचाने के बाद चक्रवाती तूफान दितवाह भारत पहुंचने वाला है। तमिलनाडु से अभी करीब 80 किलोमीटर की दूरी पर है। दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी तमिलनाडु-पुडुचेरी के ऊपर चक्रवाती तूफान दितवाह की वजह से 30 नवंबर को तमिलनाडु, तटीय आंध्र प्रदेश में कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश होने वाली है। 30 नवंबर और एक दिसंबर को तमिलनाडु, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, रायलसीमा, तेलंगाना में भी बहुत भारी बरसात की चेतावनी है। श्रीलंका में दितवाह की वजह से करीब 200 लोगों की जान गई है।   चक्रवाती तूफान दितवाह आज सुबह साढ़े आठ बजे पुडुचेरी से 110 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व, चेन्नई से 140 किलोमीटर की दूरी पर स्थित था और तेज गति से दक्षिण के तटों की ओर बढ़ रहा। अब यह चेन्नई से महज 80 किमी की दूरी पर है। यह आज दोपहर और शाम तक क्रमश: तमिलनाडु-पुडुचेरी तट से न्यूनतम 60 किलोमीटर और 30 किलोमीटर की दूरी पर बंगाल की खाड़ी पर केंद्रित होगा। मौसम विभाग के अनुसार, दितवाह की वजह से 30 नवंबर और एक दिसंबर को तमिलनाडु, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा, तेलंगाना में भारी बारिश हो सकती है। 30 नवंबर को केरल, माहे में, 30 नवंबर को उत्तरी तटीय तमिलनाडु, पुडुचेरी, तटी यआंध्र प्रदेश के दक्षिण जिलों में कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा, उत्तरी तमिलनाडु में कहीं-कहीं गरज, बिजली और तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का अलर्ट है। बता दें कि मौसम विभाग ने रविवार को उत्तरी तमिलनाडु, पुडुचेरी और आस-पास के दक्षिणी आंध्र प्रदेश के तटों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। IMD के रविवार सुबह 5:30 बजे के अपडेट के अनुसार, साइक्लोन दितवाह पिछले छह घंटों में 7 किलोमीटर की स्पीड से लगभग उत्तर की ओर बढ़ा और दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और आस-पास के उत्तरी तमिलनाडु-पुडुचेरी तटों पर केंद्रित था। श्रीलंका में करीब 200 लोगों की जान ले चुका है तूफान तूफान दितवाह की वजह से आई भयानक बाढ़, लैंडस्लाइड और तबाही के बाद श्रीलंका ने रविवार को भी भारत की मदद से राहत और बचाव का काम जारी रखा। दितवाह में करीब श्रीलंका में 200 से लोग मारे गए हैं। श्रीलंका के डिज़ास्टर मैनेजमेंट सेंटर (DMC) द्वारा रविवार दोपहर 12 बजे जारी किए गए नए आंकड़ों के मुताबिक, गुरुवार से अब तक 193 लोग मारे गए हैं और 228 लापता हैं। डीएमसी ने कहा कि खराब मौसम की वजह से 2,66,114 परिवारों के कुल 9,68,304 लोग प्रभावित हुए हैं। इस बीच, भारत की नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) के लोग, इंडियन एयर फोर्स के साथ मिलकर, युद्ध स्तर पर कीमती जानें बचाने के लिए श्रीलंकाई अधिकारियों की मदद कर रहे हैं।  

‘T-Dome’ की धमक: ताइवान का नया हथियार चीन की रणनीति में भूचाल लाने को तैयार

ताइवान  ताइवान की सरकार ने चीन के किसी भी संभावित आक्रमण से निपटने के लिए अतिरिक्त 40 बिलियन अमेरिकी डॉलर के रक्षा खर्च का प्रस्ताव रखा है। इस भारी-भरकम राशि का बड़ा हिस्सा टी-डोम (T-Dome) नामक एक बहु-स्तरीय (मल्टी-लेयर्ड) वायु रक्षा प्रणाली विकसित करने पर खर्च होगा। यह प्रणाली ताइवान द्वीप को चीनी लड़ाकू विमानों, बैलिस्टिक/क्रूज मिसाइलों तथा ड्रोनों के हमलों से बचाने के लिए तैयार की जा रही है।   यह कदम अमेरिका के उस दबाव के बीच उठाया जा रहा है जिसमें वह ताइवान से अपने रक्षा खर्च को लगातार बढ़ाने की मांग कर रहा है। यह विशेष बजट 2026 से 2033 तक आठ वर्षों में चरणबद्ध तरीके से खर्च किया जाएगा। यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब राष्ट्रपति लाई चिंग-ते पहले ही रक्षा खर्च को जीडीपी के 5% तक ले जाने का वादा कर चुके हैं। वर्तमान में ताइवान ने 2026 के लिए अपना नियमित रक्षा बजट बढ़ाकर 31.18 बिलियन अमेरिकी डॉलर कर दिया है, जिससे कुल रक्षा व्यय जीडीपी का 3.3% हो जाएगा। लाई ने बुधवार को ‘वाशिंगटन पोस्ट’ में प्रकाशित अपने लेख में इस विशेष बजट का पूर्वानुमान देते हुए कहा था कि इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से अमेरिका से हथियार खरीदने में होगा। रक्षा मंत्री वेलिंगटन कू ने बुधवार को स्पष्ट किया कि 40 बिलियन डॉलर इस विशेष बजट की ऊपरी सीमा है। इसका उपयोग सटीक मारक मिसाइलें खरीदने तथा ताइवान-अमेरिका के बीच संयुक्त रूप से हथियार प्रणालियों के विकास और खरीद के लिए होगा। टी-डोम है क्या? राष्ट्रपति लाई ने 10 अक्टूबर को टी-डोम की औपचारिक घोषणा की थी और इसकी तुलना इजरायल की मशहूर 'आयरन डोम' से की थी। हालांकि दोनों में काफी अंतर हैं। ताइपे स्थित रक्षा विश्लेषक जे माइकल कोल के अनुसार, आयरन डोम छोटी दूरी के रॉकेट्स के खिलाफ है, जबकि टी-डोम को खतरों की बहुत व्यापक श्रेणी से निपटना होगा। इसमें पीएलए (चीनी सेना) के लड़ाकू विमान, बैलिस्टिक मिसाइलें, क्रूज मिसाइलें और ड्रोन सभी शामिल हैं। बता दें कि ताइवान के पास पहले से ही अमेरिकी पैट्रियट पीएसी-3, स्वदेशी स्काई बो तथा तियान कुंग प्रणालियां मौजूद हैं। वह अमेरिका से NASAMS (नेशनल एडवांस्ड सरफेस-टू-एयर मिसाइल सिस्टम) की नई यूनिट्स की डिलीवरी का भी इंतजार कर रहा है। टी-डोम इन सभी मौजूदा प्रणालियों को आधुनिक रडार, सेंसर और कमांड सेंटर से जोड़कर एक एकीकृत नेटवर्क बनाएगा, ताकि 'तेज पता लगाने और प्रभावी अवरोधन' संभव हो सके।    ताइवान को इसकी जरूरत क्यों पड़ी? यूक्रेन युद्ध ने ताइवान को सिखाया है कि मजबूत वायु रक्षा प्रणाली ही लड़ाकू सेना, महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर और आम नागरिकों की जान बचा सकती है। पिछले दस साल में ताइवान ने अपनी सेना को आधुनिक बनाने और अमेरिकी हथियार खरीदने में अरबों डॉलर खर्च किए हैं, फिर भी चीन के साथ पूर्ण युद्ध में वह अभी भी हथियारों की संख्या और किस्म में काफी पीछे है। सु त्ज़ु-युन कहते हैं कि अगर अचानक चीनी मिसाइल हमले को 'निष्प्रभावी' करने की क्षमता होगी, तो बीजिंग को आक्रमण करने से पहले दस बार सोचना पड़ेगा। उनके अनुसार ताइवान के आसपास तैनात चीनी युद्धपोत और मुख्य भूमि पर मौजूद सैकड़ों मिसाइल लॉन्चर तीन मिनट के अंदर ही ताइवान के एयरफील्ड, रडार और सैन्य ठिकानों पर सैकड़ों मिसाइलें दाग सकते हैं। इसी खतरे से निपटने के लिए एक एकीकृत, तेज़ प्रतिक्रिया वाली वायु रक्षा प्रणाली जरूरी है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुनी ‘मन की बात’ की 128 वीं कड़ी

प्रधानमंत्री मोदी ने मन की बात में नेचर फॉर्मिंग को बढ़ावा देने, खाद्यान्न उत्पादन में रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी की प्रशंसा महिला खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन हमारे लिए गर्व का पल : प्रधानमंत्री मोदी नेचर फॉर्मिंग के लिए छत्तीसगढ़ में असीम संभावनाएं, खाद्यान्न उत्पादन बढ़ोत्तरी में हमारे राज्य का भी महत्वपूर्ण योगदान रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 128वीं कड़ी को सुना और इसे अत्यंत प्रेरणादायी बताया। उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’  देश की सामूहिक चेतना का उत्सव बन चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक अभिभावक की तरह देश की बातों को देशवासियों के सामने रखते हैं और हर माह राष्ट्र को प्रेरणादायक संदेश देते हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘मन की बात’ के माध्यम से देश के कोने-कोने में हो रहे नवाचारों, जनभागीदारी और उत्कृष्ट प्रयासों को पहचान दिलाते हैं, जिससे राष्ट्र निर्माण में लगे समर्पित लोगों को सम्मान प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि आज के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री द्वारा खाद्यान्न उत्पादन में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, विभिन्न राज्यों में शहद प्रसंस्करण की उन्नत विधियां, शहद उत्पादन में वृद्धि, नौसेना सशक्तिकरण, नेवल म्यूजियम, नेचर फॉर्मिंग के महत्व, तथा सऊदी अरब में पहली बार सार्वजनिक मंच पर गीता की प्रस्तुति और लातविया सहित कई देशों में आयोजित गीता महोत्सवों के भव्य आयोजनों की प्रशंसा हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नेचर फॉर्मिंग के लिए छत्तीसगढ़ में अपार संभावनाएं हैं और यहां के किसान व युवा उद्यमी इस दिशा में उल्लेखनीय कार्य कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि देश के खाद्यान्न उत्पादन में वृद्धि हुई है और इसमें छत्तीसगढ़ का योगदान महत्वपूर्ण रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज के ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री द्वारा साझा की गई उपयोगी जानकारियाँ अत्यंत प्रेरक हैं। प्रधानमंत्री ने स्पेस टेक्नोलॉजी में जेन-ज़ी युवाओं द्वारा मंगल ग्रह जैसी परिस्थितियों में ड्रोन परीक्षण, असफल चंद्रयान-2 से सफल चंद्रयान-3 की प्रेरणादायी कहानी, महिला खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन, कुरुक्षेत्र में आयोजित गीता महोत्सव, कुरुक्षेत्र में ही महाभारत आधारित 3D लाइट एवं साउंड म्यूज़ियम, राष्ट्र को समर्पित स्वदेशी डिज़ाइन वाले युद्धपोत ‘आईएनएस माहे’, भूटान यात्रा, बनारस में आयोजित होने वाले चौथे ‘काशी तमिल संगमम’, विंटर टूरिज्म एवं विंटर गेम्स, तथा ‘वोकल फॉर लोकल’ के तहत देशभर में चल रहे नवाचारों और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों का उल्लेख किया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विश्व के लोकप्रिय नेताओं में से एक हैं और ‘मन की बात’ के माध्यम से वे सांस्कृतिक, सामाजिक और राजनीतिक आयामों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ देशवासियों तक पहुँचाते हैं। उनके अनुभवों का खजाना हमें यह सीख देता है कि ‘लोकल को ग्लोबल’ कैसे बनाया जाए। उन्होंने कहा कि आज का दिन विशेष है क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी स्वयं रायपुर में मौजूद हैं और इसी दौरान हमें ‘मन की बात’ सुनने का अवसर मिला। प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मन की बात’ में 26 नवंबर ‘संविधान दिवस’ के अवसर पर सेंट्रल हॉल में आयोजित विशेष कार्यक्रम का उल्लेख किया। उन्होंने वंदेमातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर देशभर में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की शानदार शुरुआत, 25 नवंबर को अयोध्या में राम मंदिर पर धर्मध्वजा के आरोहण तथा उसी दिन कुरुक्षेत्र के ज्योतिसर में ‘पांचजन्य’ स्मारक के लोकार्पण की जानकारी साझा की। प्रधानमंत्री ने हैदराबाद में विश्व की सबसे बड़ी लीप इंजन MRO (Maintenance, Repair & Overhaul) सुविधा के उद्घाटन को भारत की एयरोस्पेस क्षमता में बड़ी छलांग बताया। उन्होंने पिछले सप्ताह मुंबई में भारतीय नौसेना को समर्पित INS ‘माहे’ के शामिल होने और भारत के स्पेस इकोसिस्टम में स्काईरूट के ‘इन्फिनिटी कैंपस’ द्वारा नई उड़ान दिए जाने का भी उल्लेख किया, जो भारत की नई सोच, नवाचार और युवा शक्ति का प्रतीक है। कृषि क्षेत्र में भारत ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। भारत ने 357 मिलियन टन खाद्यान्न उत्पादन का रिकॉर्ड बनाया है। दस वर्ष पहले की तुलना में यह उत्पादन 100 मिलियन टन अधिक है। प्रधानमंत्री ने कहा कि खेलों में भी भारत ने शानदार प्रदर्शन किया है और हाल ही में भारत को कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी मिलने की घोषणा देश के लिए गर्व का क्षण है। कुरुक्षेत्र में ब्रह्मसरोवर पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में सहभागिता भी अत्यंत विशेष रही। उन्होंने बताया कि यूरोप और सेंट्रल एशिया के कई देशों के लोग गीता से प्रेरित होकर बड़ी संख्या में इस महोत्सव में शामिल हुए। इस महीने की शुरुआत में सऊदी अरब में पहली बार सार्वजनिक मंच पर गीता का वाचन हुआ, जबकि लातविया में आयोजित महोत्सव में लातविया, एस्टोनिया, लिथुआनिया और अल्जीरिया के कलाकारों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप,  केबिनेट मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े, कैबिनेट मंत्री खुशवंत साहेब, जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव, रायपुर पश्चिम विधायक राजेश मूणत, रायपुर ग्रामीण विधायक मोतीलाल साहू, विधायक अनुज शर्मा, पूर्व विधायक आरंग नवीन मार्कण्डेय, विभिन्न निगम-मंडलों एवं आयोगों के अध्यक्ष तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।    

उज्जैन में मांगलिक विवाहोत्सव: मंत्री विश्वास सारंग संग शामिल होकर दी डॉ. अभिमन्यु को शुभकामनाएँ

उज्जैन  आज उज्जैन में विश्वास जी सारंग माननीय मंत्री के साथ में  मा. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी के सुपुत्र चिरंजीव डॉ. अभिमन्यु के मांगलिक विवाहोत्सव में सम्मिलित होकर शुभकामनाएं प्रेषित की। इस अवसर पर चिरंजीव अभिमन्यु एवं उनकी जीवन संगिनी इशिता को स्नेहिल आशीष प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

शादी में खूनखराबा: पुरानी रंजिश में गैंग युद्ध भड़का, गोलियों की बौछार से दहशत

लुधियाना  पंजाब के लुधियाना में एक शादी समारोह में हंगामा हो गया. ठेकेदार के घर पर शादी थी, जिसमें दो गैंगस्टर पहुंचे थे. बताया जा रहा है कि दोनों के गुटों के बीच विवाद हो गया, जिसमें गोली चली और इस घटना में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 5 लोग घायल हो गए. गुटों के बीच पहले बहस हुई और फिर बहस लड़ाई में बदल गई. देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि एक पक्ष ने दूसरे पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दीं. बताया जा रहा है कि शादी समारोह पखोवाल रोड स्थित बाथ कैसल पैलेस में चल रहा था. देर रात शादी में दो पक्षों में कहासुनी हुई और फिर इसने विवाद का रूप ले लिया, जिसमें गोलीबारी तक चलने लगी. गोलीबारी में घायल लोगों को डीएमसी और अन्य प्राइवेट अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. हालांकि, अभी तक घायलों की पहचान नहीं हुई है. दो गैंगस्टर के गुटों के बीच हुआ विवाद रात को पैलेस में गोली चलने की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक गोली चलाने वाले वहां से फरार हो चुके थे. बताया जा रहा है कि शादी समारोह में दो गैंगस्टर थे, जिनकी आपस में बहस हो गई थी और उन्होंने ही एक दूसरे के गुट पर गोलियां चलाईं. यह शादी एक झूला ठेकेदार के परिवार की थी. समारोह में स्थानीय विधायक भी शामिल हुए थे. 20 से 25 राउंड फायरिंग की जानकारी इस शादी में गैंगस्टर शुभम मोटा और अंकुर लुधियाना भी मौजूद थे. दोनों गैंगस्टरों के गुटों के बीच किसी पुराने विवाद को लेकर कहासुनी हुई. फिर मारपीट होने लगी और देखते ही देखते एक पक्ष की ओर से गोलियां चला दी गईं. बताया जा रहा है कि मौके पर 20 से 25 राउंड फायरिंग हुई. फायरिंग में ठेकेदार की रिश्तेदार नीरू छाबड़ा गंभीर रूप से घायल हो गईं. उन्हें देर रात फिरोजपुर रोड स्थित ग्लोबल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. वहीं एक अन्य मृतक की पहचान एक कारोबारी के रूप में हुई है. हालांकि, अभी मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.

प्रदूषण पर बड़ा बयान: किरण बेदी ने मांगा श्वेत पत्र, कहा— अब समय है जवाबदेही तय करने का

नई दिल्ली  सामाजिक कार्यकर्ता और रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी किरण बेदी ने दिल्ली के वायु प्रदूषण संकट पर स्पष्ट जवाबदेही की अपनी अपील दोहराई है। बेदी ने इस संकट पर सरकार से श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है। उन्होंने यह अपील एक्स पर इस मुद्दे को उठाने के कुछ दिनों बाद की है। किरण बेदी ने एक्स पर एक लंबे पोस्ट में दो-भागों वाला एक दस्तावेज पेश किया है। इसमें राजधानी की दीर्घकालिक वायु गुणवत्ता समस्याओं की जांच, संस्थागत विफलताओं की पहचान तथा विभागों और नागरिकों के बीच तत्काल, अल्पकालिक और दीर्घकालिक कार्रवाई के लिए एक रोडमैप तैयार किया गया है। शनिवार को बेदी ने दिल्ली की बिगड़ती वायु गुणवत्ता पर अपनी पीड़ा जाहिर की थी। कहा था कि वह शहर को पीड़ित होते नहीं देख सकतीं। उन्होंने याद दिलाया कि उन्होंने अपना पूरा जीवन राजधानी को दे दिया है, जिसे वह अब वर्षों की तीव्र गिरावट के बाद 'घुटते और हांफते' हुए देख रही हैं। किरण बेदी की दो पार्ट की योजना अपनी लेटेस्ट पोस्ट में किरण बेदी ने दो पार्ट में एक विस्तृत प्रस्ताव शेयर किया है। पार्ट-1 में उन्होंने श्वेत पत्र लाने की मांग की है पहले पार्ट में किरण बेदी ने लिखा है कि क्या वायु प्रदूषण की वर्तमान चुनौती पर एक श्वेत पत्र तैयार किया जा सकता है? पिछली जवाबदेही तय करें। वर्तमान संकट किस कारण से है? किसने और किस चीज ने हमें विफल किया? पार्ट-2 में कुछ सवाल पूछे हैं पार्ट-2 में बेदी ने पूछा है कि अब हम इस गिरावट को रोकने के लिए कहां जाएंगे? तात्कालिक, अल्पकालिक और दीर्घकालिक उपाय क्या हैं? किसके द्वारा और कैसे किए जाएंगे? क्या प्रस्तावित समय-सीमा के साथ होंगे? उन्होंने संबंधित विभागों और आम जनता के सहयोग की भी बात कही है। क्योंकि हर कोई योगदानकर्ता है और समाधान भी। इससे पहले किरण बेदी ने पोस्ट किया कि वह दिल्ली को 'घुटते और हांफते' हुए देख रही हैं। कहा कि हाल के वर्षों में शहर का पतन हुआ है। अपनी अपील के साथ बेदी ने संकट को कम करने के उपायों की रूपरेखा पेश की और अधिकारियों से कागजी कार्रवाई के बजाय जमीनी निरीक्षण को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। तमाम उपायों के बावजूद, दिल्ली में AQI पिछले दो हफ्तों 'बेहद खराब' और 'गंभीर' श्रेणियों के बीच बना हुआ है। दिल्ली के लिए वायु गुणवत्ता प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले हफ्ते में वायु गुणवत्ता 'बेहद खराब' रहने की संभावना है।  

कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू एक बार फिर एक्टिव, पंजाबी सिंगर के लिए मांगा इंसाफ

जालंधर  कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू एक बार फिर एक्टिव हो गए हैं। नवजोत सिंह सिद्धू ने पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला के नए गाने 'बरोटा' पर 36 सेकंड की रील तैयार की है। इस रील में नवजोत सिद्धू ने अपनी अलग-अलग तस्वीरें और वीडियो शामिल किए हैं।   शेयर की गई रील की खास बात यह है कि नवजोत सिद्धू ने इसे सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए हैशटैग #justiceforsidhumoosewala दिया है। सिद्धू मूसेवाला का गाना 'गीता बरोटा' हाल ही में रिलीज हुआ है, जिसने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। यहां आपको बता दें कि सिद्धू मूसेवाला की 29 मई, 2022 को मानसा में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्या की जिम्मेदारी लॉरेंस गैंग ने ली थी। हालांकि, इस मामले में अभी तक किसी को सजा नहीं मिली है।   नवजोत सिंह सिद्धू ने भले ही पंजाब की राजनीति से दूरी बना रखी हो, लेकिन 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले वह कभी-कभी पंजाब की राजनीति में नजर आते हैं। मूसेवाला के बहाने सिद्धू ने एक बार यह दिखाने की कोशिश की है कि टेलीविजन और क्रिकेट में व्यस्त रहने के बावजूद उनका पूरा ध्यान पंजाब के मुद्दों पर है।    इससे पहले उन्हें पटियाला में लोगों से मिलते हुए देखा गया था। उन्होंने दिल्ली में प्रियंका गांधी से मुलाकात की अपनी एक तस्वीर भी जारी की थी। यही वजह है कि जब भी कांग्रेस के सदस्यों को लगता है कि सिद्धू पंजाब की राजनीति से हट गए हैं, तो वह कोई न कोई कदम उठा लेते हैं, जिससे कांग्रेसी हैरान हो जाते हैं।

मुख्यमंत्री के छोटे बेटे का विवाह सामूहिक सम्मेलन में सम्पन्न, जानें कौन-कौन बने गवाह

उज्जैन मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के बेटे डॉक्टर अभिमन्यु यादव आज विवाह बंधन में बंध गए। उन्होंने अन्य जोड़ों के साथ एक सामूहिक विवाह समारोह में डॉक्टर इशिता पटेल के साथ सात फेरे लिए। कार्यक्रम में राज्यपाल मंगूभाई पटेल, योग गुरु बाबा रामदेव और बागेश्वर धाम सरकार के आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री भी शामिल हुए।   धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री और बाबा रामदेव ने दिया दूल्हा-दुल्हन को आशीर्वाद बागेश्वर धाम सरकार धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा, "हमने हमारी पदयात्रा में नारा दिया था कि जातपात की करो विदाई और आज यहां सब एक ही छत के नीचे हर जाति, धर्म के लोग फेरे ले रहे हैं। मुख्यमंत्री का यह बेहद ही प्रशंसनीय कदम है। जहां एक तरफ ड्राइवर की शादी हो रही है तो दूसरी तरफ प्रदेश को ड्राइव करने वाले के बेटे की भी शादी हो रही है।" बाबा बागेश्वर ने कहा कि पदयात्रा में हमने नारा दिया था 'भेदभाव की करो विदाई, हम सब हिन्दू भाई भाई' मुख्यमंत्री जी ने इसे प्रैक्टिकल करके दिखा दिया। योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा, "इस तरह की शादी एक नजीर बनेगी। मेरा तो मानना है कि बाकी मुख्यमंत्रियों, नेताओं, उद्योगपतियों को इससे प्रेरणा लेनी चाहिए कि महंगी शादी में होने वाले खर्च को कम करो। अब हमको डेस्टिनेशन वेडिंग से डिवाइन वेडिंग की ओर जाना है।"   दूल्हा-दुल्हन के लिए कितना शगुन? अखाड़ा परिषद की ओर से प्रत्येक दंपति को एक-एक लाख रुपए का शगुन घोषित किया गया है। पतंजलि योगपीठ की ओर से बाबा रामदेव ने भी प्रत्येक दंपति को एक-एक लाख रुपए देने की घोषणा की है। पहले 21 जोड़े थे, एक बाद में जुड़ा है, इसलिए अब 22 जोड़े हो गए हैं। सीएम मोहन ने सादगी से करवाई बेटे की शादी, दिया सामाजिक संदेश सीएम मोहन यादव ने अपने छोटे बेटे की शादी सामूहिक विवाह सम्मेलन में करवाकर समाज को ये संदेश देने की कोशिश की, कि विवाह समारोह को सादगी के साथ भी मनाया जा सकता है। इससे काफी लोगों को प्रेरणा मिलेगी। 

जिले के प्रमुख चौंक का नाम बदला—हरियाणा में मिला ऐसा नाम जिसे सुनकर आप भी कहेंगे वाह!

फरीदाबाद फरीदाबाद का नीलम चौक अब आधिकारिक रूप से गुरु तेग बहादुर चौक के नाम से जाना जाएगा। शनिवार को इसकी घोषणा कर दी गई। यह निर्णय गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत वर्षगांठ के उपलक्ष्य में लिया गया। केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने नीलम चौक का नाम गुरु तेग बहादुर चौक के नाम से घोषित किया। उन्होंने कहा कि गुरु तेग बहादुर की शहादत सदियों से मानवता, धर्म-रक्षा व अदम्य साहस का प्रतीक रही है। इसके अलावा गुर्जर सेंट्रल पार्क सेक्टर-28 में नगर निगम द्वारा आयोजित शीतकालीन फूल पौध वितरण समारोह में पहुंचे। इस दौरान करीब 30 लाख फूलों वाले पौधे शहरवासियों को निशुल्क बांटे गए। गुर्जर ने कहा कि यह पहल शहर को स्वच्छ, आकर्षक व पर्यावरणीय दृष्टि से बेहतर बनाने की दिशा में एक अच्छा कदम है।